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परमार ने लॉन्च की ‘वैद्य आपके द्वार’ योजना, अब ई-संजीवनी पोर्टल से मिलेगी आयुष सेवा

आयुष मंत्री परमार ने वैद्य आपके द्वार योजना ई-संजीवनी पोर्टल का किया शुभारंभ आयुष मंत्री परमार ने 'वैद्य आपके द्वार' योजना और ई-संजीवनी पोर्टल का किया उद्घाटन परमार ने लॉन्च की 'वैद्य आपके द्वार' योजना, अब ई-संजीवनी पोर्टल से मिलेगी आयुष सेवा पोर्टल से आमजन के लिए निःशुल्क चिकित्सा परामर्श की सुविधा भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय में आयुष विभाग की "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल (स्वस्थ भारत) का प्रदेश स्तरीय वर्चुअल शुभारम्भ किया। भारत सरकार के निर्देशानुसार यह सुविधा पूरे देश में एक साथ ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से संचालित हैं और अब सुविधा मध्यप्रदेश में भी प्रारंभ की गई है। आयुष मंत्री परमार ने ई-संजीवनी पोर्टल के शुभारम्भ अवसर पर पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध डॉक्टर से बात कर स्वास्थ्य परामर्श भी प्राप्त किया। उन्होंने आयुष विभाग को शुभकामनाएं एवं बधाई दीं। परमार ने कहा कि आमजन "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क आयुष चिकित्सा परामर्श लेकर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। ज्ञातव्य है कि "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत बेहतर जनस्वास्थ्य के लिए टेलीमेडिसिन ऐप द्वारा मोबाइल पर घर बैठे आयुर्वेद, होम्यापैथी और यूनानी चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) से जुड़ा है और बहुभाषी सहायता प्रदान करता है। डॉक्टर-टू-डॉक्टर मॉडल का उपयोग करते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को उच्च-स्तरीय या विशेषज्ञ डॉक्टरों से वास्तविक समय में परामर्श करने में सक्षम भी है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा एवं आयुक्त आयुष सुउमा आर माहेश्वरी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

अजमेर में प्रशासन का बड़ा कदम, 250 अवैध दुकानों पर चलेगा बुलडोजर, सुरक्षा के लिए भारी फोर्स मौजूद

अजमेर  अजमेर के तारागढ़ पहाड़ियों पर वन विभाग की जमीन पर बने अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. शनिवार को वन विभाग ने तारागढ़ क्षेत्र में लगभग 250 अवैध निर्माणों को चिन्हित किया है, जिनमें करीब 200 केबिननुमा दुकानें शामिल हैं. इन निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए वन विभाग की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई शुरू कर दी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन क्षेत्र में शांतिपूर्ण रूप से अतिक्रमण हटाया जा रहा है. ध्वस्तीकरण की ये कार्रवाई सेक्टर बनाकर की जा रही है. हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं. वहां वन विभाग के भी अधिकारी मौजूद है. बताया जा रहा है कि अब तक प्रशासन ने 40% के आसपास अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि तारागढ़ क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर सालों से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं. इन्हीं शिकायत के आधार पर प्रशासन ने पहले 300 से अधिक अवैध निर्माणों को चिन्हित किया था, जिनमें से कुछ अतिक्रमणकारियों ने हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया है. हालांकि, जिन निर्माणों पर कोई कानूनी स्थगन नहीं है, उन्हें ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. प्रशासन ने बताया कि हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त करने वाले अतिक्रमण को अलग से चिन्हित किया गया है. जारी है अभियान अजमेर की पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने बताया कि ये अभियान वन विभाग की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए चलाया जा रहा है. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विभिन्न थानों के थानाधिकारी और विशेष कार्य बल (STF) की टीमें शामिल हैं. प्रशासन ने इस दौरान मीडिया की एंट्री पर भी पाबंदी लगा दी है, ताकि कार्रवाई में किसी तरह की बाधा न आए.

आकाशवाणी स्टूडियो स्थापित होगा उज्जैन में, केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी

भारत सरकार ने उज्जैन में आकाशवाणी के लिए स्टूडियो सेटअप की दी मंजूरी उज्जैन को मिली नई सौगात: आकाशवाणी स्टूडियो सेटअप को भारत सरकार की मंजूरी आकाशवाणी स्टूडियो स्थापित होगा उज्जैन में, केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी उज्जैन में आकाशवाणी के लिए स्टूडियो निर्माण को केंद्र की मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सूचना प्रसारण सचिव संजय जाजू ने केंद्रीय सूचना प्रसारण राज्य मंत्री का स्वीकृति पत्र सौंपा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना भारत सरकार का आभार उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार की शाम केन्द्रीय सूचना प्रसारण सचिव संजय जाजू ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में भेंट कर उज्जैन में आकाशवाणी स्टूडियो सेटअप स्थापित करने का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस स्वीकृति के लिए भारत सरकार का आभार मानते हुए कहा कि मालवा क्षेत्र की समृद्ध कला और सांस्कृतिक परम्पराएं हैं। आज के सूचना युग में अन्य जन माध्यमों के साथ प्रसारण माध्यमों का विशेष महत्व है। आकाशवाणी की अपनी प्रामाणिकता है। इस नाते मालवा अंचल में इंदौर के साथ ही उज्जैन एक महत्वपूर्ण केंद्र है जहां आकाशवाणी के स्टूडियो सेटअप की आवश्यकता थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने गत 8 जुलाई को केन्द्रीय सूचना प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल मुरूगन से भेंट की थी। भारत सरकार से उज्जैन में आकाशवाणी केंद्र एवं स्टूडियो सेटअप का आग्रह किया गया था। भारत सरकार द्वारा इसे स्वीकृत किया गया है। इस प्रक्रिया के पूरा होने तक आकाशवाणी इंदौर से सप्ताह में छह दिन अल्पकालिक प्रसारण की व्यवस्था की गई है। सुदूर अंचलों तक पहुंचेंगी जनहितैषी निर्णयों की सूचनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत जहां अन्य प्रकार की व्यवस्थाएं की जा रही हैं, वहीं ऑफीशियल मीडिया के विस्तार की दिशा में उज्जैन में आकाशवाणी सेटअप स्वीकृत किए जाने की उपलब्धि महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन एवं मालवा क्षेत्र के स्थानीय कलाकारों के प्रोत्साहन की दृष्टि से भी सर्वसुविधायुक्त रेडिया स्टेशन की आवश्यकता थी। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ही ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लिए यह विशेष आउटरीच सपोर्ट होगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार ओर सामुदायिक रेडियो नेटवर्क का विस्तार उपयोगी सिद्ध होगा। जनहितैषी निर्णयों की सूचनाओं को सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने में विशेष सहायता मिलेगी। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत प्रसार भारती ने मध्यप्रदेश में उज्जैन को एक महत्वपूर्ण धार्मिक आध्यात्मिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रस्ताव को बिना विलंब के स्वीकृति प्रदान की है। उल्लेखनीय है कि प्रसार भारती ने पूरे भारत में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर प्रसारण सेवाएं बढ़ाने की पहल की है। आकाशवाणी के लोकप्रिय चैनल अब स्मार्टफोन, टैबलेट और पर्सनल कम्प्यूटर पर गुणवत्तापूर्ण आडियो के साथ सुने जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय सूचना प्रसारण सचिव की भेंट के अवसर पर जनसम्पर्क आयुक्त और सचिव डॉ. सुदाम खाड़े उपस्थित थे।  

गंगा उफान पर, काशी में मणिकर्णिका घाट की गलियां बनीं श्मशान पंक्तियाँ

वाराणसी   उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी चेतावनी बिंदु को पार कर गई है। गंगा अब 70.36 मीटर के ऊपर बह रही है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अब धीरे-धीरे जलस्तर खतरे के निशान 71.26 मीटर की तरफ बढ़ता जा रहा है।     गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से मणिकर्णिका घाट की गलियों में नाव चलने लगी हैं। शवदाह करने के लिए लोगों को कतार लगानी पड़ रही है। गंगा में बाढ़ की वजह से 15 गांव और शहर के 10 मोहल्ले प्रभावित हो चुके हैं। अब तक 436 परिवारों ने अपना घर छोड़ दिया है। केंद्रीय जल आयोग की ओर जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 69.92 मीटर था और जलस्तर में हर घंटे चार सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही थी। शाम चार बजे गंगा ने चेतावनी बिंदु 70.26 को पार कर लिया और जलस्तर 70.28 मीटर था।   शाम को छह बजे गंगा का जलस्तर 70.36 मीटर पहुंच गया था जो कि चेतावनी बिंदु से 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा था। मणिकर्णिका घाट की गलियों में नाव चल रही है और छत पर शवदाह के कारण गलियों में शवयात्रियों को 30 से 40 मिनट का इंतजार करना पड़ रहा है।     बाबा मसाननाथ सेवा समिति के संजय गुप्ता ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण शवदाह में दिक्कत हो रही है और शवयात्रियों को 30 से 40 मिनट इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में भी अब जगह कम पड़ने लगी है। घाट के सारे मंदिर पानी में डूब चुके हैं। केंद्रीय जल आयोग का अनुमान है कि इस वर्ष बाढ़ का कहर भयावह हो सकता है। गंगा के उफान और वरुणा में पलट प्रवाह से दीनदयालपुर, पैगंबरपुर, पुलकोहना, पुराना पुल, रूप्पनपुर और सलारपुर सहित कई तटीय बस्तियों के हालात गंभीर हो गए हैं।   नगवा इलाके में पुष्कर तालाब जाने वाले रास्ते पर जलस्तर बढ़ने के बाद पानी सड़क पर आने से रास्ता बंद हो – फोटो : अमर उजाला किसान संजय चौधरी और अजय चौधरी ने बताया कि उनके खेतों में लगी भिंडी, लौकी, टमाटर, नेनुआ जैसी मौसमी सब्जियां पानी में डूब चुकी हैं और फसल बर्बादी के कगार पर है।  वरुणा का प्रचंड रूप देख बाढ़ में फंसे लोगों में भय का माहौल है। नक्खी घाट निवासी संजय गुप्ता, दीनदयालपुर के रमेश सोनकर, विजय सोनकर ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देख कर 2014 की स्थिति की याद आ रही है। 1978 का रिकॉर्ड टूटने की आशंका गंगा नदी का जलस्तर अब डराने लगा है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा और वरुणा नदियों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोग आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि आने वाले दो चार दिन तक अगर यही हालात रहे हो जलस्तर खतरे के निशान को भी पार कर सकता है। यह स्थिति 1978 के रिकॉर्ड जलस्तर 73.901 मीटर के करीब होगी।   ढाब क्षेत्र में खेती को खतरा, राहत शिविर में पहुंचे ग्रामीण चिरईगांव क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। बाढ़ का पानी अब उन क्षेत्रों को भी पार कर गया है, जो कुछ दिन पहले ही डूबे थे। यदि पानी का बढ़ाव इसी तरह जारी रहा तो किसानों की सब्जियों की नर्सरी नष्ट हो सकती है।  गलियों में घुसा पानी, रास्ता बंद गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद नगवां नाला से पानी घुसने के कारण नगवां नाला के किनारे से होकर अस्सी पुष्कर तालाब जाने वाले रास्ते पर पानी लग गया है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की मदद से चैनल गेट को बंद करवाया गया और पानी के निकासी करने के लिए मोटर पंप को चलवाया गया।   मंडलायुक्त ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण बाढ़ी की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जनजीवन की सुरक्षा और संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मंडलायुक्त एस राजलिंगम व उपमहानिरीक्षक 11वीं एनडीआरएफ मनोज शर्मा ने संयुक्त रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ से निपटने की तैयारियों, त्वरित बचाव कार्यों एवं राहत वित्तरण व्यवस्था को समीक्षा की।    उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि एनडीआरएफ की टीमें हर स्तर पर स्थानीय प्रशासन के साथ सतत समन्वय बनाए हुए हैं और किसी भी स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार है।   गंगा नदी का जलस्तर गंगा नदी का वर्तमान जलस्तर-70.36 गंगा नदी का चेतावनी बिंदु-70.26 गंगा नदी का खतरे का बिंदु-71.26 गंगा नदी का अधिकतम जलस्तर-73.90  

खाद्य मंत्री राजपूत ने नुकसान का आंकलन कर सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण करने और मुआवजा वितरण करने के दिए निर्देश

संकट की घड़ी में साथ खड़ी है सरकार, अतिवर्षा से प्रभावितों को मिलेगी हर संभव मदद : खाद्य मंत्री राजपूत बाढ़ प्रभावितों से मिलने गुना पहुंचे खाद्य मंत्री, प्रभावित इलाके के नागरिकों से की मुलाकात खाद्य मंत्री राजपूत ने नुकसान का आंकलन कर सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण करने और मुआवजा वितरण करने के दिए निर्देश भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को प्रभार के  जिले गुना के ग्राम फतेहगढ़ में अतिवर्षा एवं बाढ़ से प्रभावित लोगों से भेंट कर हालचाल जाना और भरोसा दिलाया कि प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर सभी प्रकार की क्षति का शत-प्रतिशत सर्वे कराकर मुआवजा राशि दिलाई जाएगी। खाद्य मंत्री ने शासकीय बालक आदिवासी आश्रम, फतेहगढ़ में स्थानीय जनों से चर्चा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्वयं स्थिति की सतत निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के आवास, फसल, घरेलू सामग्री और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उसका सर्वे कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। सर्वे उपरांत प्रत्येक प्रभावित परिवार को 50-50 किलो गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही खराब हुई सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराई जाएगी। राजपूत ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से बिजली, पानी और राशन वितरण की स्थिति की जानकारी ली तथा सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर मुआवजा वितरण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावितों के साथ है और कोई भी पीड़ित सहायता से वंचित नहीं रहेगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया,  जनप्रतिनिधि कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक दुबे सहित  अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में बन रहे हैं गीता भवन, श्रीकृष्ण की लीला स्थलों को तीर्थ बना रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सबके दिलों में हमेशा बनें रहेंगे गोस्वामी तुलसीदास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में समाई है पूरी भारतीय संस्कृति प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में बन रहे हैं गीता भवन श्रीकृष्ण की लीला स्थलों को तीर्थ बना रहे हैं गुरू गोविंद देव गिरि महाराज को मिला पं. रामकिंकर राष्ट्रीय सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीराम संग्रहालय निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की मानस भवन में हुआ तुलसी जयंती एवं अलंकरण समारोह भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गोस्वामी तुलसीदास का 528वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस देश का पुरातन महाकाव्य है। आज हम सब जिन समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक परम्पराओं में पोषित और पल्लवित हो रहे हैं, उसकी नीव सदियों पहले गोस्वामी तुलसीदास ने रख दी थी। रामचरित मानस के जरिए देश को एक ऐसी काव्यधारा मिली है, जो जन-जन को धर्म, नीति, जीवन मूल्य और मर्यादा का मार्ग दिखाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोस्वामी तुलसीदास की अमर कृति रामचरित मानस को भारतीय साहित्य और संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि हमारी संस्कृति को समृद्ध बनाने में उनका योगदान अमिट और चिर-स्मरणीय रहेगा। वे भारतीयों के हृदय में सदैव जीवित रहेंगे। उनकी वाणी आज भी हमारे जीवन को दिशा देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से तुलसी साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने विरासत से विकास की संस्कृति को अपनाया है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में पूरी भारतीय संस्कृति समाई हुई है, इसलिए हम भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के बताए जीवन मार्ग पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। सरकार प्रदेश में श्रीराम वनगमन पथ विकसित करने के अलावा मध्यप्रदेश में श्रीकृष्ण की लीला स्थलों को तीर्थ बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मानस भवन में तुलसी मानस प्रतिष्ठान के तत्वावधान में आयोजित तुलसी जयंती एवं अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु गोविंद देव गिरि महाराज को पंडित रामकिंकर उपाध्याय राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया। अलंकरण के रूप में गुरु गोविंद देव गिरि महाराज को अंगवस्त्र, सम्मान पट्टिका एवं दोलाख रुपए सम्मान राशि दी गई। गोविंद देव महाराज प्रख्यात चिंतक हैं और अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के न्यासी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में राम संग्रहालय बनाने के लिए तुलसी मानस प्रतिष्ठान को 5 करोड रुपए की विकास राशि देने की घोषणा की। कार्यक्रम में पंडित रामकिंकर उपाध्याय की शिष्या एवं मानस पुत्री सुमंदाकनी दीदी, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, समाजसेवी रविन्द्र यति सहित बड़ी संख्या में तुलसी साहित्यप्रेमी एवं सुधिजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण हमारा राष्ट्रग्रंथ है। गोस्वामी तुलसीदास के संकल्प से ही आज घर-घर में रामायण पहुंची है। प्रदेश सरकार रामराज्य स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। वर्ष 2024 में 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला विराजमान हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम मंदिर के लोकार्पण और भूमि-पूजन में शामिल हुए। पहलगाम में जब बहनों का सिंदूर उजाड़ा गया तो भारत सरकार की कार्रवाई में श्रीराम की दिव्य शक्ति दिखाई देती है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 2020 में नई शिक्षा नीति लागू की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि श्रीराम और श्रीकृष्ण के चरित्र में ही पूरी भारतीय संस्कृति समाई है इसलिए उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को रामायण और गीता से जोड़ा। सरकार ने प्रदेश के हर नगरीय निकाय में सर्वसुविधायुक्त गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई हैं, उन्हें हम तीर्थ के रूप में विकसित कर रहे हैं। प्रदेश सरकार राम वन गमन पथ के साथ श्रीकृष्ण पाथेय पर भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विरासत का संरक्षण करते हुए हम राजधानी भोपाल में राजाभोज और विक्रमादित्य द्वार के नाम से दो प्रवेश द्वारों का निर्माण करा रहे हैं। गुरु गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि भारत ने संपूर्ण विश्व को संस्कृति प्रदान की है। प्राचीन संस्कृति का पूरा दर्शन भगवान श्रीराम के जीवन में दिखाई देता है। हमारी परंपरा में 10 मूल्यों को धर्म कहा गया है। ये सभी मूल्य श्रीराम में नजर आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विरासत के साथ विकास का संकल्प लिया है। विदेशी आक्रांताओं ने देश में सदियों तक शासन किया, लेकिन फिर भी हम अपनी संस्कृति के साथ खड़े हुए हैं। उनके द्वारा तोड़े गए श्रीराम मंदिर का पुनर्निमाण हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण, शासकीय विद्यालयों और कारागारों में गीता पढ़ाने की अनुमति प्रदान की है। यह अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है। उन्होंने इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश सरकार का अभिनंदन कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया। पंडित राम किंकर उपाध्याय की शिष्या सुमंदाकिनी दीदी ने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार सनातन संस्कृति को समृद्ध करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। उज्जैन के महाकालेश्वर से लेकर ओरछा के रामराजा मंदिर को विकसित किया गया है। आज पाश्चात्य संस्कृति की आंधी में हमारा समाज वैदिक संस्कृति से कट गया है। आज संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता है। पंडित राम किंकर उपाध्याय ने राष्ट्र मंगल के लिए देशभर में रामकथाएं की। महाराज की विचारधारा से मानस भवन के मंच से लगभग 50 साल से श्रीराम कथा वाचन एवं प्रवचन चल रहा है। उन्होंने इस तरह के संस्कृति संरक्षण से जुड़े आयोजनों के लिए मध्यप्रदेश सरकार की मुक्तकंठ से सराहना की। प्रमुख सचिव, संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि पद्मभूषण से सम्मानित युगतुलसी रामकिंकर उपाध्याय राष्ट्रीय अलंकरण समारोह का यह दूसरा वर्ष है। उन्होंने राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किए गए गुरु गोविंद देव गिरि महाराज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन्होंने मात्र 8 वर्ष की छोटी उम्र से ही रामायण, श्रीमद् भगवत् गीता और महाभारत की कथाएं करना आरंभ कर दिया था। तुलसी साहित्य की बड़ी प्रखरता … Read more

चोरी का सुनियोजित खेल: खरीदारी की आड़ में ज्वेलरी उड़ाने वाली तीन महिलाएं पकड़ी गईं

जोधपुर जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट की देवनगर थाना पुलिस ने मसूरिया इलाके में स्थित एक ज्वेलरी की दुकान से सोने के आभूषण चोरी के मामले में पुलिस ने मोगिया गैंग की तीन शातिर महिलाओं को कोटा से गिरफ्तार किया है। मामले में देवनगर थाना क्षेत्र के व्यापारी भावेश सोनी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसकी दुकान पर तीन महिलाएं खरीददारी के बहाने आई थीं। जब वह एक अन्य ग्राहक को ज्वेलरी दिखा रहा था, तब उन महिलाओं ने गुपचुप तरीके से ड्रावर से सोने के आभूषणों से भरा डिब्बा चोरी कर लिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और 25 किलोमीटर के दायरे में करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सहायता और डाटा एनालिसिस के आधार पर चोरी की वारदात का पर्दाफाश किया गया। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान मौसम बाई, कृष्णा और सीमा के रूप में हुई है। ये तीनों महिलाएं कोटा शहर की रहने वाली हैं और मोगिया गैंग से जुड़ी हुई हैं। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये महिलाएं साधारण वेशभूषा पहनकर तीन-चार के समूह में शहरों और कस्बों में ज्वेलरी की दुकानों की रेकी करती हैं। वे अकेले दुकानदार की दुकान में ग्राहक बनकर प्रवेश करती हैं और जैसे ही दुकानदार किसी अन्य ग्राहक में व्यस्त होता है, चुपचाप चोरी की वारदात को अंजाम देती हैं और अक्सर हजार- पांच सौ रुपये का कोई छोटा आभूषण खरीददकर संदेह से बचकर निकल जाती हैं। इसके बाद यह गैंग वेशभूषा बदलकर अगली दुकान की ओर रवाना हो जाती है। पूछताछ में सामने आया है कि इस गैंग ने इसी तरीके से प्रदेशभर में कई चोरियों को अंजाम दिया है।  

वाराणसी में सीएम योगी का दौरा: पीएम मोदी के कार्यक्रम में मौजूदगी और बाढ़ क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण

वाराणसी सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी दौरे पर है। आज उनके दौरे का दूसरा दिन है। योगी ने काल भैरव और काशी विश्वनाथ में दर्शन पूजन किया। आज सीएम PM मोदी के कार्यक्रम में शामिल होंगे। पीएम आज वाराणसी को 2,200 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। साथ ही योगी आज बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। 2,200 करोड़ को देंगे तोहफा सीएम योगी ने पीएम के दौरे को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘नई काशी’ बहुआयामी विकास की नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी में लगभग 2,200 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के साथ ही अन्नदाता किसानों के सम्मान और सशक्तिकरण हेतु ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की 20वीं किस्त भी जारी की जाएगी। विकसित उत्तर प्रदेश’ की भावना सशक्त होगी सीएम योगी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रदान किए जाने वाले इन उपहारों से बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, ऊर्जा, शहरी विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की भावना और सशक्त होगी। आपका हार्दिक अभिनंदन प्रधानमंत्री।

आज काशी में पीएम मोदी का दौरा, विकास परियोजनाओं का होगा शुभारंभ

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार की सुबह 51वें दौरे पर काशी आएंगे। वह तीन घंटे तक काशी में रहेंगे। विशेष विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से सेवापुरी के गांव बनौली जाएंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले दिव्यांगों को उपकरण देंगे। 2183.45 करोड़ की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। लोकार्पण की सबसे बड़ी परियोजना 35 किलोमीटर लंबी वाराणसी-भदोही फोरलेन चौड़ीकरण (269.10 करोड़ रुपये) है। शिलान्यास की सबसे बड़ी परियोजना राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण (85.72 करोड़) है। प्रधानमंत्री दोपहर 1:25 बजे बाबतपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। प्रधानमंत्री के आगमन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करने ही मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ शुक्रवार शाम 7:40 बजे काशी आ गए। उन्होंने अफसरों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री की जनसभा की तैयारियों की समीक्षा भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी से ही देश के 9.70 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के रूप में 20,500 करोड़ रुपये की धनराशि भेजेंगे। इसमें काशी के 2.21 लाख किसान शामिल रहेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री जीवन ज्योति संस्थान की कक्षा आठ की छात्रा बबली कुमारी को लो विजन उपकरण, रामनगर के रग्बी खिलाड़ी संतोष पांडेय को स्पोर्ट व्हीलचेयर, चुप्पेपुर के राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी विकास कुमार पटेल को एक्टिव फोल्डिंग व्हीलचेयर, पितरकुंडा के राज्य स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी मनोज कुमार को स्पोर्ट व्हीलचेयर, सेवापुरी के मटुका ककरहा की सीता कुमारी पाल को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, सेवापुरी के कालिका बाजार के किशुन (61 वर्ष) को कान की मशीन देंगे, फिर जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का बाबतपुर एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य भाजपा नेता स्वागत करेंगे। 565.35 करोड़ की 14 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण पीएम नरेंद्र मोदी 565.35 करोड़ की 14 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से वाराणसी-भदोही मार्ग का 4 लेन चौड़ीकरण (269.10 करोड़ रुपये), 36वीं वाहिनी पीएसी रामनगर में 300 व्यक्तियों की क्षमता वाले बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण (2.54 करोड़ रुपये), वाराणसी में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर एवं डॉग केयर सेंटर का निर्माण (1.85 करोड़ रुपये), महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल, वाराणसी में 02 रेडिएशन मशीनों, रोबोटिक सर्जरी यूनिट और सीटी स्कैन मशीन की स्थापना (73.30 करोड़ रुपये), दुर्गाकुंड के जीर्णोद्धार और जल शोधन का कार्य (3.40 करोड़ रुपये) शामिल है। 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज एवं अस्पताल का निर्माण (85.72 करोड़), गंगा नदी के 24 घाटों का जीर्णोद्धार एवं साइनेज कार्य (4.66 करोड़), नक्सल क्यूआरटी हेतु बैरक का निर्माण (1.54 करोड़), स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में ग्राम करखियांव के सुंदरीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य (18.26 करोड़), संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के आवासीय भवनों का नवीनीकरण (8.23 करोड़), लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद के घर का संग्रहालय के रूप में विकास (11.82 करोड़), वाराणसी-गाजीपुर मार्ग से स्वर्वेद महामंदिर तक मार्ग के नव निर्माण का (11.46 करोड़ ), दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण (215.88 करोड़ और कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ता कक्ष का निर्माण (4.95 करोड़) शामिल है।

भोपाल में यासीन मछली के खिलाफ दूसरी बार दुष्कर्म का आरोप, पीड़िता ने दर्ज कराई FIR

भोपाल  राजधानी की क्राइम ब्रांच द्वारा ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए गए यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली के खिलाफ दुष्कर्म का एक और मामला सामने आया है। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित युवती ने एमपी नगर थाने पहुंचकर केस दर्ज करवाया है। आरोपी ने शादी का झांसा देकर थाने से चंद कदम दूरी पर स्थित एक बड़े एक होटल में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। जानकारी के अनुसार दूसरे जिले की रहने वाली 29 वर्षीय युवती की जान-पहचान करीब दो साल पहले यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली से एक क्लब में हुई थी। नंबर एक्सचेंज करने के बाद उनके बीच बातचीत होने लगी थी। उसके बाद यासीन ने युवती को मिलने के लिए एमपी नगर स्थित एक होटल में बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद से वह लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में पीड़िता गोवा चली गई और वहां नौकरी करने लगी। पिछले दिनों क्राइम ब्रांच ने यासीन को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस दौरान पता चला कि उसने कई युवतियों का शारीरिक शोषण किया। यह जानकारी युवती को मिली तो उसने एमपी नगर थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर यासीन के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का मामला दर्ज कर लिया है। रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस  आरोपी यासीन को 30 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से एक अगस्त तक के लिए ज्यूडीशियल रिमांड पर जेल भेजा गया था। उसे आज दोपहर बाद फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ तलैया, कोहेफिजा, अरेरा हिल्स, महिला थाना समेत अन्य थानों में कई केस दर्ज हुए हैं, इसलिए पुलिस उसे दोबारा रिमांड पर ले सकती है। कोहेफिजा पुलिस को आरोपी से पूछताछ कर कुछ सामान बरामद करना है, इसलिए पुलिस द्वारा रिमांड मांगी जा सकती है। अंशुल सिंह गिरफ्तार इधर, ड्रग तस्करी से जुड़े एक अन्य आरोपी अंशुल सिंह को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद चार अगस्त तक पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी और यासीन के बीच ड्रग तस्करी को लेकर चैट मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ा था।