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मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में हुई बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 में हुए शामिल

टेक्सटाइल उद्योगों को प्रोत्साहित करने होंगे हरसंभव प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी सेक्टर के उद्योगपतियों को दिया मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में हुई बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक और गुणवत्तापूर्ण कपास उत्पादन करने वाला राज्य है। राज्य सरकार ने कपास से धागा, कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। न केवल देश बल्कि अन्य देशों की टेक्सटाइल इकाइयों से भी अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बायर-सेलर के साथ चर्चा को आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट में शामिल हुए जहां देश-दुनिया के कई इंडस्ट्री लीडर्स उपस्थित हुए। राज्य सरकार ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों के साथ निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर वन-टू-वन मीटिंग भी की हैं। इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में निवेश आएगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योग प्रोत्साहक राज्य की छवि बनाते हुए सभी सेक्टर्स के उद्यमियों को आमंत्रित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में उपस्थित सभी इंडस्ट्री लीडर्स का स्वागत करते हुए कहा कि देश ऐसे ही नहीं बदलता है इसके लिए दृढ़ संकल्पों की आवश्यकता होती है। इन संकल्पों में नवीनता होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी प्रकार के व्यवसायों को आगे बढ़ा रही है। औद्योगीकरण को गति प्रदान करने में बायर-सेलर वर्ग का विशेष स्थान होता है। प्रधानमंत्री मोदी के देश की बागडोर संभालने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और वर्ष 2014 के बाद आज 15वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गई है। "ईज ऑफ डूइंग" के अंतर्गत 42 कानूनों को किया खत्म मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने ईज ऑफ डूइंग के अंतर्गत 42 कानूनों को खत्म किया है, जो व्यापार में बाधा बनते थे। राज्य सरकार ने उद्योग शुरू करने के लिए जरूरी 29 अनुमतियों को भी कम करके 10 तक सीमित कर दिया है। प्रदेश में उद्योगपतियों को बिजली, पानी, जमीन सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। श्रमिकों के वेतन के लिए भी सहायता प्रदान की जा रही है। मेक इन इंडिया से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमें प्रतिकूलता से आगे बढ़कर अनुकूलता की ओर बढ़ने की जरूरत है। राज्य सरकार ने डेढ़ साल के कार्यकाल में औद्योगीकरण का वातावरण तैयार किया है। सरकार खनन, पर्यटन, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और गारमेंट्स सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं है। मध्यप्रदेश में हैंडीक्राफ्ट्स और हैंडलूम के आर्टिजंस और छोटे-छोटे उद्योग उपलब्ध है। राज्य की चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों ने देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी पहचान बनाई है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हम निरंतर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेशकों को वित्तीय एवं गैर वित्तीय सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही है। वित्तीय प्रोत्साहन निवेशकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर करने की सुविधा है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य में निवेश करने पर सरकार सभी नीतियों का पूर्ण लाभ प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 4000 से अधिक दिनों का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री मोदी के मेक इन इंडिया के लक्ष्य को मिलकर पूरा कर सकते हैं। राज्य सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश में विद्युत, ऊर्जा और जल की पर्याप्त उपलब्धता है। राज्य की नीतियां उद्योपतियों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रही है। भारत का दिल मध्यप्रदेश में बसता है और यह टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए नया केंद्र बन रहा है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। राज्य में 4 औद्योगिक कॉरिडोर, 5 लाख कि.मी. से ज्यादा सड़कें, पर्याप्त पानी, 1 लाख एकड़ से ज्यादा औद्योगिक जमीन और 31 जीडब्ल्यू बिजली की उपलब्धता है। भारत का सबसे बड़ा पी.एम. मित्रा टेक्सटाइल पार्क 2000 एकड़ से अधिक भूमि पर राज्य में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" में शीर्ष राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे बड़ा ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादक राज्य है और कपास उत्पादन में भी पाँचवें स्थान पर है। वस्त्र और फुटवियर उद्योग के लिए सरकार पूंजी सब्सिडी, इंडस्ट्री प्रोत्साहन, ब्याज सब्सिडी और स्टाम्प शुल्क की छूट देती है। उन्होंने कहा कि चंदेरी, महेश्वरी, बाघ और बटिक प्रिंट जैसे मशहूर हैंडलूम क्लस्टर राज्य में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वितरित किए पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट के दौरान करीब दो दर्जन देशों में काम करने वाली कंपनी वॉलमार्ट सोर्सिंग के वाइस प्रेसिडेंट नितिन प्रसाद को बेस्ट ग्लोबल सोर्सिंग अवॉर्ड और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक समाधान प्रदाता ली एंड फंग ग्रुप की सीईओ श्रीमती दीपिका राणा को क्वीव ऑफ एक्सिलेंस द बीएसएल प्लेटिनम अवॉर्ड प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीएसएल के दो वर्ष के उल्लेखनीय कार्यों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। टेक्सटाइल सेक्टर के उद्योगपतियों ने रखें विचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राउंड टेबल मीटिंग के दौरान उद्योगपतियों ने अपनी आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं से अवगत कराया। बीएसएल के फाउंडिंग मेंबर एवं नेशनल जनरल सेक्रेटरी रमन दत्ता ने कहा कि यह पहली बार है कि मुख्यमंत्री इस प्रकार उद्योगपतियों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को सुन रहे हैं, यह बहुत अनुकरणीय पहल है। नॉइस जींस से फाउंडर एवं सीईओ मनीष चौहान, वॉलमार्ट के वाइस प्रेसिडेंट नितिन प्रसाद, एच एंड एम कंपनी के ग्लोबल सोर्सिंग हेड अमित हेमराजानी, ली एंड फंग कंपनी की सीओओ श्रीमती दीपिका राणा और वाइल्डक्राफ्ट इंडिया के भूपिंदर सिंह ने अपनी बात रखी। उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बीएसएल ग्लोबल आउटरीच … Read more

आंगनबाड़ी व्यवस्था दुरुस्त करें, कुपोषण पर हो सटीक कार्यवाही: मंत्री का निर्देश

आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की आंगनबाड़ी व्यवस्था दुरुस्त करें, कुपोषण पर हो सटीक कार्यवाही: मंत्री का निर्देश रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों की आंगनबाड़ियों के संचालन, वहां की व्यवस्था के साथ-साथ कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए।    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बच्चों, महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगामी छह माह के भीतर पोषण स्तर में ठोस सुधार लाने हेतु विशेष अभियान संचालित करने, हितग्राहियों के घर-घर जाकर भेंट करने तथा पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित एवं सघन निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार तथा इसका लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जन-जागरूकता का कार्यक्रम लगातार संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने मरम्मत योग्य आंगनबाड़ी केन्द्रों की सूची तैयार जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि मरम्मत कार्य प्राथमिकता से कराए जा सकें। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आगामी छह माह पश्चात वह पुनः दंतेवाड़ा जिले का आकस्मिक दौरा कर विभागीय योजनाओं की जमीन हकीकत का मुआयना करेंगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक के दौरान विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक पदुम सिंह एल्मा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम मूलचंद चोपड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी वरुण नागेश सहित सभी परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

रायपुर : आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े

 मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दंतेवाड़ा जिले में आंगनबाड़ी, सखी सेंटर, बाल सम्प्रेषण गृह और नारी निकेतन केन्द्रों का किया निरीक्षण  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दंतेवाड़ा में नशा मुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण रायपुर : आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े विभागीय योजनाओं से शत-प्रतिशत हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दो दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का मुआयना किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े  नियद नेल्ला नार योजना में शामिल ग्राम गमावाड़ा के आंगनबाड़ी केंद्र मुंद्रापारा का औचक निरीक्षण कर वहां की सुविधाओं का जायजा लिया।  इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सुपरवाईजर को मातृ वंदना योजना, नोनी सुरक्षा योजना सहित सभी शासन की योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत हितग्राहियों तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्रामीणों से आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में भी जानकारी ली। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिला मुख्यालय स्थित सखी सेंटर का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने सेंटर में टोल फ्री नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने सखी सेंटर की स्टाफ से बातचीत कर फील्ड में आने वाली समस्याओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।  इस दौरान श्रीमती राजवाड़े ने मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित बाल गृह और बाल सम्प्रेषण गृह का भी निरीक्षण कर बच्चों से बातचीत कर स्वास्थ्य, पोषण और समग्र देखरेख की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित स्टाफ को संस्थाओं के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। नारी निकेतन गृह के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने वहाँ निवासरत अंतःवासिनियों से एकांत में भेंट कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और उनके शीघ्र समाधान हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी वरुण नागेश को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।   मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दंतेवाड़ा में नशा मुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने दंतेवाड़ा के दो दिवसीय प्रवास के दौरान वहां नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र नशा मुक्ति हेतु रहवासी ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इन्ही में से एक ग्रामीणों से जानना चाहा कि नशे से मुक्त होने के पश्चात उसकी दिनचर्या कैसी बदली। इस पर ग्रामीण ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि यहाँ आकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पहले से काफी अच्छा महसूस हो रहा है।  मौके पर मंत्री ने उनके भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता के बारे में भी जानकारी ली, और उन्हें बताया गया कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएँ समय पर मिल रही हैं। इस पर मंत्री ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा, “सुबह उठकर नियमित रूप से योग करें, जिससे तन और मन दोनों स्वस्थ रहें।” इसके साथ ही मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सभी को नशा से पूर्णतः दूर रहने की समझाइश दी और भविष्य में पुनः नशा न करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से ग्रामीणों रोजगारपरक प्रशिक्षण से लाभान्वित हो सकते है। उन्होंने सभी लाभार्थियों से अपील किया कि वे वहां प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें। रायपुर : आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों की आंगनबाड़ियों के संचालन, वहां की व्यवस्था के साथ-साथ कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए।    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बच्चों, महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगामी छह माह के भीतर पोषण स्तर में ठोस सुधार लाने हेतु विशेष अभियान संचालित करने, हितग्राहियों के घर-घर जाकर भेंट करने तथा पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित एवं सघन निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार तथा इसका लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जन-जागरूकता का कार्यक्रम लगातार संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने मरम्मत योग्य आंगनबाड़ी केन्द्रों की सूची तैयार जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि मरम्मत कार्य प्राथमिकता से कराए जा सकें। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आगामी छह माह पश्चात वह पुनः दंतेवाड़ा जिले का आकस्मिक दौरा कर विभागीय योजनाओं की जमीन हकीकत का मुआयना करेंगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक के दौरान विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक श्री पदुम सिंह एल्मा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, एसडीएम श्री मूलचंद चोपड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री वरुण नागेश सहित सभी परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

त्रैजन्म की खुशी: भाटापारा स्वास्थ्य केंद्र में सफल डिलीवरी, जच्चा-बच्चा सुरक्षित

रायपुर बलौदाबाजार जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भाटापारा में ग्राम कोदवा निवासी 29 वर्षीय सरोजिनी वर्मा पति हेमलाल वर्मा ने सामान्य प्रसव के माध्यम से तीन बच्चों (ट्रिपलेट्स) को जन्म दिया। तीनों शिशु पूर्णतः स्वस्थ हैं और मां की भी स्थिति सामान्य है। हेमलाल वर्मा ने बताया कि पत्नी का यह प्रसव पूरी तरह से सामान्य रहा एवं निःशुल्क किया गया है। इस सफल प्रसव प्रक्रिया के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्वास्थ्य स्टाफ सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और उनका व्यवहार सहयोगात्मक था।  खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र माहेश्वरी के मार्गदर्शन में नवजात शिशुओं एवं प्रसूता का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के उपरांत सभी शिशु पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। यह उपलब्धि सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं टीम के समर्पण को दर्शाती है। चिकित्सा टीम ने इस जटिल प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कर, एक मिसाल कायम की है।  कलेक्टर दीपक सोनी एवं सी.एम.एच.ओ डॉ राजेश कुमार अवस्थी ने भाटापारा के सभी सम्बंधित स्टाफ को तारीफ करते हुए सतत रूप से जन स्वास्थ्य सुविधा को सुदृढ बनाए रखने को कहा है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त दो अगस्त को: प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को मिलेगी 553.34 करोड़ रूपए की राशि

किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने राज्य सरकार प्रतिबद्ध: कृषि मंत्री नेताम खाद-बीज की आपूर्ति में देरी नहीं होगी: कृषि मंत्री नेताम का आश्वासन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त दो अगस्त को: प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को मिलेगी 553.34 करोड़ रूपए की राशि रायपुर प्रदेश के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने आज जिला कार्यालय कांकेर में प्रेसवार्ता लेकर राज्य में खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त जारी होने के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 02 अगस्त को इस योजना की 20वीं किश्त जारी की जाएगी, जिसमें प्रदेश के 25.47 लाख किसानों को 553.34 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। फरवरी 2019 से प्रारंभ हुई इस योजना के तहत 20वीं किश्त को मिलाकर किसानों को भुगतान की राशि 9765.26 करोड़ रूपए हो जाएगी।  कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि आप सभी अच्छी तरह जानते हैं देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के अन्नदाता किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए अनेक अभिनव पहल की है और किसानों को राहत देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी जिलों में भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। किसानों को खाद-बीज का वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है।  कृषि मंत्री नेताम ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अद्यतन स्थिति और आगामी किश्त के अंतर्गत किसानों को मिलने वाले लाभ की जानकारी भी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस योजना से लाखों किसानों को सीधा लाभ पहुंच रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में न केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया, बल्कि सिंचाई कर माफ किया और धान के बकाया बोनस का भुगतान किया। उन्होंने बताया कि बीते दो खरीफ सत्रों में किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की गई और 13 लाख किसानों को 3716 करोड़ रूपए की धान की बकाया बोनस राशि दी गई। राज्य सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि योजना में दो लाख से अधिक वन पट्टाधारी और 32 हजार से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी योजना में शामिल कर लाभान्वित किया जा रहा है।    कृषि मंत्री ने प्रदेश के सभी किसानों से अपील की है कि वे 02 अगस्त को आयोजित पीएम किसान दिवस समारोह में सक्रिय रूप से सहभागी बनें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों को आधुनिक खेती के तकनीक से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कृषि में ड्रोन दीदी योजना लागू की गई है। किसानों को परंपरागत कृषि के अलावा दलहन-तिलहन, मिलेट्स, सब्जियों, फलों की खेती, डेयरी के व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में सात हजार करोड़ की सड़क परियोजनाओं को जल्द मिलेगी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री साय की पहल से खुला विकास का रास्ता,  चार नए पुलों का भूमि पूजन जल्द छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हुई मुलाकात छत्तीसगढ़ में सात हजार करोड़ की सड़क परियोजनाओं को जल्द मिलेगी वित्तीय स्वीकृति रायपुर  छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यों की वित्तीय स्वीकृति को शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ होगा। रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सड़क योजनाएं की प्लानिंग में अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। श्री गडकरी ने रायपुर-आरंग-बिलासपुर-दर्री के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर जल्दी बनाने के लिए आदेशित किया, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, समृद्धि एक्सप्रेसवे का विस्तार रायपुर तक भी किया जाएगा। इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है। इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।

खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा: बस्तर ओलंपिक को मिला नया दर्जा, दो नए मेडिकल कॉलेज घोषित

बस्तर ओलंपिक को मिला ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का दर्जा, रायपुर-बिलासपुर में खुलेंगे मेडिकल-नर्सिंग कॉलेज बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान: ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में शामिल, रायपुर-बिलासपुर को मेडिकल कॉलेज की सौगात खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा: बस्तर ओलंपिक को मिला नया दर्जा, दो नए मेडिकल कॉलेज घोषित  मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय मंत्री मांडविया से मुलाकात रायपुर छत्तीसगढ़ को खेल और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान बस्तर ओलंपिक को इस वर्ष से "खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स" के रूप में आयोजित करने की सहमति प्रदान की गई। यह निर्णय न केवल जनजातीय युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति को भी वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाएगा। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर और बिलासपुर में 220-बेड के मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा, जिससे राज्य को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा के साथ-साथ बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इस पर केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार शीघ्र ही इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी। साथ ही, मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) का क्षेत्रीय केंद्र छत्तीसगढ़ में स्थापित करने तथा राज्य में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए नए स्टेडियम एवं प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की माँग भी रखी। केंद्रीय मंत्री ने इन विषयों पर भी शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह एवं मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत भी उपस्थित थे।

शिक्षा को मिला प्रोत्साहन: मनोरा कॉलेज भवन हेतु 4.61 करोड़ की स्वीकृति

मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल : मनोरा कॉलेज भवन निर्माण के लिए 4.61 करोड़ रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री की घोषणा का त्वरित असर: मनोरा कॉलेज के लिए 4.61 करोड़ मंजूर शिक्षा को मिला प्रोत्साहन: मनोरा कॉलेज भवन हेतु 4.61 करोड़ की स्वीकृति जशपुर जिले में शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मनोरा विकासखंड के शासकीय कॉलेज भवन के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 61 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति मुख्यमंत्री द्वारा अपने जशपुर प्रवास के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप दी गई है, जिस पर राज्य सरकार द्वारा तत्परता से अमल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जशपुर जिले के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और सड़क-पुल निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए लगातार स्वीकृतियाँ दी जा रही हैं, ताकि विकास योजनाएं तेज़ी से धरातल पर उतर सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उनके निकट ही उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से मनोरा में कॉलेज भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। मनोरा में कॉलेज भवन निर्माण की स्वीकृति से क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री की इस पहल के लिए उनका आभार प्रकट किया है।

यातायात सुधार की मिसाल बने भोपाल: न्यायमूर्ति सप्रे की पहल

हेलमेट, सीट बेल्ट सहित यातायात नियमों के पालन को बनाएं आदत नियम उल्लंघन और नशे में वाहन चलाने पर हो सख्त कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति अध्यक्ष के साथ जिला सड़क सुरक्षा समिति की हुई बैठक भोपाल सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे ने कहा है कि भोपाल में सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार के क्षेत्र में संगठित प्रयासों के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों को गंभीरता, लगन और समर्पण भाव से कार्य करना होगा। उन्होंने समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर आगामी 3 माह में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा संबंधी समिति भोपाल को इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मृत्यु की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। न्यायमूर्ति श्री सप्रे की अध्यक्षता में शुक्रवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय भोपाल में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह, पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री पंकज श्रीवास्तव, नगर निगम आयुक्त श्री हरेन्द्र नारायण, सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती अंजू अरुण कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती ईला तिवारी एवं एडीएम श्री अंकुर मेश्राम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने कहा कि हेलमेट पहनने की आदत को बढ़ावा दिया जाए, सीट बेल्ट उपयोग के प्रति जागरूकता लाई जाए, शराब पीकर वाहन चलाने वालों एवं नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोक परिवहन को बढ़ावा दिया जाए ताकि सड़कों पर छोटे वाहनों का दबाव कम हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस विभाग सहित सभी शासकीय कर्मचारी वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट/हेलमेट का उपयोग करें। स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने मीडिया से जन-जागरूकता अभियान को गति देने में सहयोग का भी आग्रह किया। न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने भोपाल जिले के अंतर्गत विगत 5 वर्षों में हुई सड़क दुर्घटनाओं, ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन एवं उनके सुधार कार्यों, चालानी कार्रवाई, जन-जागरूकता अभियानों और अन्य नवाचारों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य है और किसी की गलती से निर्दोष की जान न जाए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने निर्देश दिए कि वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच की जाए, ड्राइविंग टेस्ट में सख्ती बरती जाए, बीमा और लाइसेंस की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए तथा ओवरलोडिंग पर रोक के लिए विशेष कार्रवाई की जाए। सड़कों पर मानक गति सीमा का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए राहवीर योजना और कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। श्री सप्र ने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस बड़ी संस्थाओं से अपील करे कि वे अपने कर्मचारियों के लिए परिवहन सुविधाएं, जैसे बसें आदि, उपलब्ध कराएं जिससे सड़कों से वाहनो का अत्यधिक दबाब कम हो। उन्होंने जिले के नागरिकों से भी आग्रह किया कि बच्चों को बचपन से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए। कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि भोपाल जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें नवाचार और जन-जागरूकता अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि पुलिस विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर और अधिक सक्रियता से कार्य करेगा तथा जागरूकता अभियान को गति देकर उसे प्रभावी बनाया जाएगा।  

सेवानिवृत्त हुए प्रकाश सिंह, कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ भावभीना विदाई समारोह

राजगढ़  जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में लंबे समय से कार्यरत एवं स्टे नंबर-2 और शस्त्र लाइसेंस शाखा के वरिष्ठ कर्मचारी प्रकाश सिंह की सेवानिवृत्ति के अवसर पर आज एक भावभीना विदाई समारोह कलेक्टर सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, उनके परिजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में श्री प्रकाश सिंह को उनके उत्कृष्ट सेवाभाव, विनम्र आचरण और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पुष्पमालाओं, साफा एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथी कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके साथ बिताए गए क्षणों को साझा किया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि श्री सिंह के परिजनों ने भी समारोह में भाग लेकर उनके सेवा-जीवन पर गर्व व्यक्त किया। समारोह के दौरान माहौल आत्मीयता और भावनाओं से भरा रहा। श्री प्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “यह सेवा मेरे लिए सम्मान का विषय रही। कार्यालय मेरे परिवार जैसा रहा है, और आप सभी मेरे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।” उन्होंने सभी सहकर्मियों का आभार जताते हुए उन्हें स्नेहपूर्वक अलविदा कहा। समारोह में मौजूद सभी लोगों ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।