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शिक्षकों के तबादले के खिलाफ बारिश में भीगते छात्राओं ने रोका हाईवे

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में ‘छू लो आसमान स्कूल’ की करीब 350 छात्राओं ने आज भारी बारिश के बीच नेशनल हाईवे पर बैठकर ढाई घंटे तक सड़क जाम कर दिया. हाथों में तख्तियां लिए ये बच्चियां लगातार नारे लगाती रहीं और प्रशासन से सीधी मांग की – “हमें सिर्फ शिक्षक नहीं, भरोसा चाहिए.” छात्राओं ने कहा कि शिक्षा विभाग के वादों पर अब उन्हें यकीन नहीं रहा, इसलिए कलेक्टर खुद आकर यह गारंटी दें कि जिन शिक्षकों ने उन्हें पढ़ने और आगे बढ़ने का सपना दिखाया था, वे वापस आएंगे. छात्राओं का यह प्रदर्शन न किसी संगठन का था और न ही किसी राजनीतिक पार्टी का. यह उन बच्चियों का अपना फैसला था जो शिक्षा को लेकर गंभीर हैं और अब चुप नहीं रहना चाहतीं. प्रदर्शन के दौरान बारिश तेज थी, लेकिन छात्राएं डटी रहीं. प्रशासन ने हालांकि इस विरोध के पीछे किसी के उकसावे की संभावना की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि यदि किसी शिक्षक या अन्य व्यक्ति ने छात्राओं को उकसाया है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. यह प्रदर्शन सिर्फ शिक्षकों की वापसी की मांग नहीं था, बल्कि उस भरोसे की वापसी की गुहार थी जो इन बच्चियों को कभी दिखाया गया था. अब प्रशासन जांच और समाधान की बात कर रहा है, पर बच्चियों के मन में असमंजस बना हुआ है. सवाल यह है कि जब भविष्य की ये बेटियां अपने अधिकारों के लिए बारिश में भीगती सड़क पर बैठने को मजबूर हो जाएं, तो क्या इसे सिर्फ विरोध मानना चाहिए या सिस्टम के लिए एक आईना और चेतावनी के रूप में देखना चाहिए?

644 कार्टन अवैध शराब जब्त: 60 लाख की खेप के साथ ड्राइवर फरार

सिरोही आबूरोड रीको थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह चंपावत ने बताया कि पालनपुर फोरलेन पर स्थित मावल चौकी पर गुरुवार को कंटेनर में गुजरात ले जाई जा रही 60 लाख रुपये की पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब के 644 कार्टन जब्त की गई है। इस दौरान ड्राइवर मौके से भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा कर पकड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शराब एवं कंटेनर को जब्त कर फरार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी गई है। आबूरोड रीको थानाधिकारी चंपावत के अनुसार सिरोही जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देशन में शराब की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रभुदयाल धानिया एवं माउंटआबू वृताधिकारी गोमाराम चौधरी के सुपरविजन में मावल चौकी पर नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा आबूरोड की ओर से आ रहे एक कंटेनर को रुकवाया गया। इस दौरान कंटेनर ड्राइवर वहां से भाग खड़ा हुआ। लिसकर्मियों द्वारा उसका पीछा कर पकड़ने का प्रयास भी किया गया लेकिन, वे इसमें कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद कंटेनर की तलाशी ली गई तो उसमें पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब के विभिन्न ब्रांडों के 644 कार्टन पाए गए। आवश्यक कारवाई के बाद शराब एवं कंटेनर को जब्त कर लिया गया। जब्त की गई शराब की कीमत 60 लाख रुपए बताई गई है। थानाधिकारी चंपावत के अनुसार फरार ड्राइवर की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। पुलिस यह शराब कहां से लाई जा रही थी तथा इसे गुजरात में कहां सप्लाई किया जाना था इसकी भी जांच की जा रही है। कारवाई में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल इस कारवाई में आबूरोड रीको पुलिस थाना के उपनिरीक्षक पूराराम, हेड कांस्टेबल किशनलाल, कांस्टेबल  प्रकाश, जयंतिलाल, भवानीसिंह, दिलीपसिंह, मुकेश,  दिनेश, हिन्दूराम, प्रवीणसिहं, मालदेव एवं गोपाल शामिल रहे।  

धमकी देकर नाबालिग से किया दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया सलाखों के पीछे

बलरामपुर जिले में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी मनोज ने घर में घुसकर नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी और उसे अपने मामा के घर ले गया. जहां आरोपी ने नाबालिग के साथ गंदा काम किया. मामला थाना रघुनाथ नगर का है. पीड़िता ने रोते-बिलखते अपने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया. वरिष्ठ अधिकारियो के निर्देशानुसार आरोपी मनोज कुमार (21 वर्षीय) को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी के खिलाफ  धारा333 351(1), 137 (2) 64 बीएनएस, पाक्सो एक्ट 4,6 के तहत कार्रवाई की गई. पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल रामानुजगंज भेजा गया है.

याचना नही अब रण होगा ,अपने अधिकार अब भागने से नही छीनने से मिलेगे – जीतू लोधी

ग्वालियर/भिंड – ओबीसी महासभा संगठन ने ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए बिगुल फूंक दिया है। संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य जीतू लोधी ने ऐलान किया है कि यदि सरकार ने जल्द ही ओबीसी आरक्षण बहाल नहीं किया और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी, तो 28 जुलाई को राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जातिगत जनगणना ही एकमात्र उपाय है, जिससे यह पता चलेगा कि किस वर्ग की संख्या कितनी है और उनका वास्तविक प्रतिनिधित्व क्या होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा जातिगत जनगणना की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। ओबीसी महासभा की प्रमुख —- ओबीसी महासभा पूर्व अध्यक्ष व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य जीतू लोधी ने बताया कि संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं: ओबीसी आरक्षण पर लगी 13% की रोक हटाकर पूर्ण 27% आरक्षण बहाल करना। चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति देना। ओबीसी वर्ग के लिए 52% आरक्षण लागू करना। वर्षों से लंबित बैकलॉग पदों को भरना। न्यायपालिका में भारतीय न्यायिक सेवा लागू करना व कॉलेजियम प्रणाली समाप्त करना। प्रदेश में 125 विधानसभा सीटों को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किया जाना। आउटसोर्स भर्ती बंद कर सीधी भर्ती शुरू करना। लहचूरा की 2 हजार बीघा कृषि भूमि पर कमेटी बनाकर ग्रामीणों को न्याय दिलाना। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना। 28 जुलाई को होगा ऐतिहासिक प्रदर्शन। महासभा ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो 28 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में पूरे प्रदेश से ओबीसी समाज के युवा, महिलाएं, व अन्य संघठन,सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और संगठन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

खनन मामले में लापरवाही नहीं चलेगी: हाईकोर्ट ने खनन सचिव से मांगा व्यक्तिगत स्पष्टीकरण

बिलासपुर हाईकोर्ट ने अवैध उत्खनन के एक मामले में खनन सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है. मामला सक्ती जिले के ग्राम नंदेली में शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध पत्थर उत्खनन के मामले को लेकर दायर जनहित याचिका का है. याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने खनन विभाग के सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. वहीं, महाधिवक्ता द्वारा जवाब दाखिल करने के लिए मांगे गए समय को न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है. याचिकाकर्ता खोलबाहरा द्वारा अधिवक्ता योगेश चंद्रा के जरिए जनहित याचिका दायर की गई है. जिसमें कहा गया है कि ग्राम नंदेली, तहसील जैजैपुर, जिला सक्ती स्थित खसरा नंबर 16/1, क्षेत्रफल 14.2 हेक्टेयर की शासकीय भूमि पर राजेश्वर साहू सहित अन्य निजी व्यक्तियों द्वारा लंबे समय से गौण खनिज पत्थर का अवैध उत्खनन किया जा रहा है. ग्रामीणों ने इसकी शिकायत तहसील और जिला प्रशासन से कई बार की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इससे पहले याचिकाकर्ता ने एक अलग रिट याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने 30 जून 2025 के आदेश में यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि याचिकाकर्ता व्यक्तिगत रूप से प्रभावित नहीं है. हालांकि अदालत ने उन्हें जनहित याचिका दायर करने की छूट दी थी. इसके बाद संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत वर्तमान जनहित याचिका दाखिल की गई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद से प्रतिवादी उस स्थान को धीरे-धीरे पाटने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे साक्ष्य मिटाए जा सकें. उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए खनन विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई से पहले व्यक्तिगत रूप से हलफनामा प्रस्तुत करें और इस विषय में स्थिति स्पष्ट करें.

शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा में एक पेड़ मां के नाम योजना के अंतर्गत पौधे वितरित किये

सिवनी मालवा  शासकीय कन्या  महाविद्यालय सिवनी मालवा में हरियाली अमावश्या के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ उमेश कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम  "एक पेड़ मां के नाम" कार्यक्रम योजना अंतर्गत  इको क्लब  द्वारा  छात्राओं को पौधे वितरित किये गये एवं महाविद्यालय परिसर मे पौधरोपण का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ उमेश कुमार धुर्वे ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल पर्यावरण की रक्षा करना है।  बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित करना भी है। इको क्लब प्रभारी डॉ सतीश बालापुरे ने कहा की हमारा उद्देश्य छात्राओं और समुदाय को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट होने का मौका भी मिलता है। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग, सोनी मालवा  के श्री नारायण बाबरिया भी उपस्तिथ रहे।   वृक्षा रोपण अभियान  के इको क्लब  सह प्रभारी  डॉ मनीष दीक्षित एवं  डॉ रजनीकांत वर्मा  ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व पर अपने विचार साझा किए और इसे एक वार्षिक परंपरा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर छात्रों के साथ-साथ महाविद्यालय स्टाफ के श्री रजनीश जाटव, श्री मनोज प्रजापरी, डॉ राकेश निरापुरे, डॉ गजेंद्र,  कु. आकांक्षा पांडे, डॉ पदम शर्मा प्रवीण साहू, कु सुदर्शना राज, डॉ दुर्गा मीना एवं महाविद्यालय इको क्लब इकाई की छात्राएं एवं समस्त स्टॉफ उपस्थित रहा।  

नई गाइडलाइन से बदलेगा सामाजिक ढांचा: धर्मांतरण और फिजूल खर्च पर कड़ा रुख

वाराणसी काशी विद्वत परिषद ने हिंदू परंपराओं और सामाजिक व्यवहार में सुधार के लिए एक नई हिंदू आचार संहिता जारी की है। 400 पन्नों के इस दस्तावेज को देश भर के विद्वानों, शंकराचार्यों, महामंडलेश्वरों और संतों के साथ लंबे विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। नई संहिता में दहेज पर पूर्ण प्रतिबंध, शादियों में फिजूलखर्ची पर रोक और दिन में वैदिक तरीके से विवाह करने की सलाह दी गई है। ब्रह्मभोज में शामिल होंगे केवल 13 लोग अंतिम संस्कार के बाद होने वाले भोज में केवल 13 लोगों को शामिल करने की सीमा तय की गई है। इसके साथ ही प्री-वेडिंग शूट और सगाई जैसी आधुनिक प्रथाओं को भी हतोत्साहित किया गया है। संहिता में हिंदू धर्म में वापसी की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। जिन लोगों ने किसी दबाव में धर्म परिवर्तन कर लिया था, वे लोग अपने गोत्र और नाम सहित हिंदू धर्म में वापस लौट सकेंगे। इसके साथ ही मंदिरों की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिरों के गर्भगृह में केवल पुजारियों और संतों के प्रवेश की अनुमति होगी। अक्तूबर 2025 में आधिकारिक तौर पर होगी लागू काशी विद्वत परिषद के महासचिव राम नारायण द्विवेदी ने बताया कि इस संहिता को 70 विद्वानों द्वारा विकसित किया गया है। ये विद्वान 11 टीमों और तीन उप-टीमों में विभाजित थे। प्रत्येक टीम में उत्तरी और दक्षिणी भारत के पांच विद्वान शामिल थे। संहिता को अंतिम रूप देने के लिए 40 से ज्यादा बैठकें आयोजित की गईं। उन्होंने बताया कि इस संहिता की 5 लाख प्रतियां पूरे देश में बांटी जाएंगी। इस संहिता को तैयार करने में मनुस्मृति, पराशर स्मृति, देवल स्मृति के साथ-साथ गीता, रामायण, महाभारत और पुराणों के अंशों को शामिल किया गया है। अक्टूबर 2025 में शंकराचार्यों, रामानुजाचार्यों और प्रमुख संतों की स्वीकृति के बाद इस संहिता को आधिकारिक तौर पर लागू किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में कृषि श्रमिकों को मिलेगा नियमित भत्ता, सरकार देगी ₹6552 प्रति माह

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कृषि श्रमिकों को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया है. राज्य सरकार ने कृषि से जुड़े श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा. अब कृषि श्रमिकों को प्रतिदिन 252 रुपये या मासिक 6552 रुपये का वेतन मिलेगा. सरकार के इस फैसले की खास बात यह है कि अब पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन जैसे कार्यों को भी कृषि श्रम की कैटेगरी में रखा गया है. इससे ऐसे श्रमिकों को भी न्यूनतम मजदूरी के तहत सुरक्षा और लाभ मिल सकेगा, जो पहले असंगठित क्षेत्र में आते थे. मजदूरी का भुगतान अब सिर्फ कैश तक सीमित नहीं रहेगा. सरकार ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिजिटल माध्यम में भी मजदूरी भुगतान करने का फैसला लिया है. इससे लेनदेन पारदर्शी होगा और श्रमिकों को समय पर मजदूरी मिल सकेगी. अब श्रमिकों को प्रति घंटे के हिसाब से भी न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी. यह व्यवस्था खास तौर से उन लोगों के लिए लाभकारी है, जो पूरे दिन की बजाय कुछ घंटों के लिए काम करते हैं. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो श्रमिक पहले से इस नई दर से अधिक मजदूरी पा रहे हैं, उन्हें उनका पुराना लाभ मिलता रहेगा. ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल सरकार का मानना है कि इस ऐतिहासिक फैसले से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. सरकार ने इसे सिर्फ आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि श्रमिकों को सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने वाला कदम बताया है. प्रदेशभर में सभी प्रकार की खेती, बागवानी, सिंचाई, फसल कटाई और कृषि सहायक कार्यों पर ये नई मजदूरी दरें लागू होंगी. माना जा रहा है कि यह फैसला श्रमिकों के कल्याण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.

तालाब की ज़मीन पर करोड़ों की डील! 100 साल पुराने जलस्रोत को बनाया कृषि भूमि

  महासमुंद बिरकोनी के ग्रामीणों के सार्वजनिक निस्तारी और सिंचाई के लिए 100 साल पुराने 4 एकड़ से ज्यादा में फैला चुहरी तालाब को कृषि भूमि बताकर फर्जी तरीके से मनोरमा इंडस्ट्री को बेचने का मामला सामने आया है. मनोरमा इंडस्ट्री ने तालाब को कृषि भूमि दर्शाकर एक झूठ के सहारे शासन से करीब 58 लाख रुपये स्टांप ड्यूटी में छूट भी हासिल की है. मनोरमा इंडस्ट्री ने जिन 6 खसरे की जमीन को उद्योग के उपयोग के लिए रजिस्ट्री कराया है उनमें से एक खसरा नंबर तालाब का है. और इस पूरे फर्जीवाड़ा में तहसीलदार, पटवारी, जमीन दलाल और जमीन बेचने वालों पर अहम भूमिका निभाने का आरोप है. अब इस तालाब को इंडस्ट्री द्वारा पाटा जा रहा है. ग्राम पंचायत बिरकोनी के इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित मनोरमा इंडस्ट्री लिमिटेड के ओमनगर खमतराई रायपुर निवासी डायरेक्टर गौतम कुमार पाल ने प्लांट के ठीक पीछे पटवारी हल्का नंबर 33 में स्थित खसरा नंबर 2613, 2615, 2617, 2623 और 2626 रकबा 7. 86 हेक्टेयर, 19 एकड़ 65 डिसमिल जमीन 30 जून 2025 को बिरकोनी निवासी दिनबंधु पिता मनराखन चंद्राकर, तुकाराम पिता बाबूलाल चंद्राकर और अशोक पिता छबिराम चंद्राकर से 8 करोड़ 80 लाख 51 हजार 911 रुपये में कृषि भूमि बताकर खरीदा है. इस रजिस्ट्री में 100 साल पुरानी चुहरी तालाब का कही भी उल्लेख नही किया गया है. मनोरमा इंडस्ट्री के डायरेक्टर ने बिक्रय -विलेख के साथ 6 कृषि भूमि की तस्वीर को लगाकर उप पंजीयक के समक्ष पेश किया है लेकिन उन 6 तस्वीरों में से चुहरी तालाब की तस्वीर नही थी. इसके अलावा 1955-56 के अधिकार अभिलेख पंजी में दर्ज खसरा नंबर 1220 है, जो रि – नंबरिंग के बाद वर्तमान में खसरा नंबर 2613 है, जिसका रकबा 1.90 हेक्टेयर यानी 4 एकड़ 75 डिसमिल है. अधिकार अभिलेख पंजी में पानी के नीचे भूमि को निस्तारी के लिए चुहरी तालाब उल्लेख किया गया है. मनोरमा इंडस्ट्री ने इन जमीनों को खरीदने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग संचालनालय से 25 जून 2025 को बकायदा स्टांप शुल्क छूट प्रमाण पत्र भी लिया है. जिसके आधार पर मनोरमा इंडस्ट्री को स्टांप शुल्क में करीब 58 लाख 11 हजार 426 रुपये की छूट दिया गया है. एक झूठ के सहारे 58 लाख की ली छूट मनोरमा इंडस्ट्री लिमिटेड प्रबंधन ने झूठी जानकारी देकर बिरकोनी के खसरा नंबर 2013 रकबा 1.90 हेक्टेयर पर सौ साल पुरानी चुहरी तालाब की अस्तित्व को मिटाने के लिए शासन से ही स्टांप ड्यूटी में छूट लिया है. शासन द्वारा उद्योग के विकास के लिए रजिस्ट्री में छूट देने का प्रबंधन किया गया है. लेकिन सवाल है कि क्या अब शासन ही उद्योग को पुरानी सरोवर को पाटने के लिए छूट प्रदान कर रहे हैं? एक तरफ शासन -प्रशासन गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए लोगों के घरों, ऑफिस और भवनों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के लिए जागरूक कर रहा है. तो दूसरी ओर मनोरमा इंडस्ट्री जैसे उद्योग शासन से छूट का फायदा उठाकर 100 साल पुराने तालाब का नामोनिशान मिटा रहे हैं. तालाब की धार्मिक महत्व सदियों पुरानी बिरकोन के चुहरी तालाब से धार्मिक आस्था भी जुड़ी हुई है. बिरकोनी की चंडी माता मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान में चुहरी तालाब की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. यहां के बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि, नवरात्रि में दूर दराज से श्रद्धालु यहां आते हैं. उनके लिए तालाब निस्तारी में उपयोग किया जाता है और नवरात्रि पर्व के बाद जवारा विसर्जन इसी तालाब में किया जाता है. हालांकि, गांव के अंदरूनी हिस्से में तालाब बन चुका है लेकिन चुहरी तालाब की धार्मिक महत्व सदियों से चली आ रही है. इस संबंध में मनोरमा इंडस्ट्री के मनसूर अली अहमद से संपर्क किया गया. उन्होंने जमीन क्रेता और मनोरमा इंडस्ट्री के डायरेक्टर गौतम कुमार पाल का नंबर देने से इंकार करते हुए सभी दस्तावेज सही होना बताया.

समारोह : मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा बी डी महंत की स्मृति में समारोह

बिलासपुर  मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा  हरेली के अवसर पर चैतुरगढ़ के महिषासुरमर्दिनी माता के परिसर में मध्य प्रदेश और भारत सरकार  की राजनीति में दखल देने वाले पनिका समाज के प्रेरणास्रोत बाबू बिसाहू दास महंत को उनकी 47वीं पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि दी।साथ ही उनकी स्मृति में बेल,नीम,बड़गद,पीपल के पौधे लगाकर   समाज हित में उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।बहुप्रतीक्षित अनुसूचित जनजाति की मांग को   कोरबा जिला के पनिका समाज ने उठाते हुए  पुनः नया संगठन की अगुवानी में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।  भरतदास मानिकपुरी अध्यक्ष, नन्हीदास महंत  महासचिव, गोपालदास   पड़वार,कोषाध्यक्ष, गोरे   महंत सचिव, मनोज  मानिकपुरी,प्रदेश प्रवक्ता, निर्वाचन अधिकारी घनश्याम दास, पाली ब्लॉक के समाज अध्यक्ष कंवल दास रंगोले, लाफा सोसाइटी समाज प्रमुख  पीला दास महंत,बगदरा निवासी संतोष दास महंत, मानिकदास,सहित  भारतीय मानिकपुरी पनिका समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष,डॉक्टर देवधर महंत,साहित्यकार एवं अधिवक्ता उच्च न्यायालय बिलासपुर,डॉक्टर फूल दास महंत पनिका समाज महासमिति राष्ट्रीय संगठन नई दिल्ली अर्जुनदास , हरिहर दास, कोटा से भरतदास, शम्भुदास , पुरुषोत्तम दास, मयादास, मोहर दास ,  एवं महिला आमीन माता समिति, नवयुवकप्रदेश अध्यक्ष भावी रवि के साथ सैकड़ों लोग इस कार्यक्रम में स्वप्रेरित उपस्थित हुए।