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चंद्रास्वामी के चेले हर्षवर्धन जैन की दोबारा गिरफ्तारी, फर्जी दूतावास चला रहा था गाजियाबाद में

गाजियाबाद  दिल्ली से महज 35 किमी दूर अपने किराए के मकान सें West Artica, Saborga, Poulvia, Londonia जैसे काल्पनिक देशों के फर्जी दूतावास चलाने वाले स्वयंभू राजनयिक हर्षवर्धन जैन को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आरोपी को गाजियाबाद के कविनगर इलाके से अरेस्ट किया था. आरोपी खुद को इन काल्पनिक देशों का कॉन्सुल या एम्बेसडर बताता था और विदेशों में नौकरी तथा बिजनेस डील कराने का वादा करके लोगों से पैसे ऐंठता था. उसका यह ठगी का नेटवर्क सात साल तक एक्टिव रहा. एसटीएफ ने हर्षवर्धन को उसके किराए के मकान से गिरफ्तार कर 44.7 लाख रुपये नकद, 34 रबर स्टैंप, विदेशी मुद्रा, 12 फर्जी राजनयिक पासपोर्ट, 18 नकली डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट और चार लग्जरी गाड़ियां जब्त कीं. चंद्रास्वामी और हथियार डीलर से भी जुड़े थे तार पुलिस के अनुसार, हर्षवर्धन जैन का विवादास्पद धर्मगुरु और तांत्रिक चंद्रास्वामी और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर अदनान खशोगी से भी पुराना संबंध रहा है. साल 2011 में भी काविनगर थाने में उस पर अवैध सैटेलाइट फोन रखने का मामला दर्ज हुआ था. पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के करीबी माने जाने वाले तांत्रिक चंद्रास्वामी का विवादों से गहरा नाता रहा है. नरसिम्हा राव सरकार के दौरान सामने आए कई घोटालों की परछाई चंद्रास्वामी तक भी पहुंची थी. हालात ऐसे बने कि उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भी जाना पड़ा. हर्षवर्धन ने पीएम, राष्ट्रपति और अन्य नामी हस्तियों के साथ एडिट की गई तस्वीरें भी इस्तेमाल कीं ताकि लोगों पर प्रभाव डाल सके और ठगी कर सके. उसके पास से फर्जी विदेश मंत्रालय की मुहर, प्रेस कार्ड, और विभिन्न देशों की सील भी बरामद की गई है. नौकरी और हवालाबाजी के नाम पर चलाता था ठगी रैकेट एसटीएफ एसएसपी सुशील घुले ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि जैन कई देशों के राजदूतों का रूप धारण कर रहा था और लोगों को विदेश में नौकरी और संपर्क का झूठा वादा करके उन्हें फंसा रहा था. उन्होंने आगे बताया, "उसका मुख्य उद्देश्य इन फर्जी पहचानों का इस्तेमाल दलाली करने, विदेशों में नौकरी दिलाने का दावा करने और फर्जी कंपनियों के जरिए हवाला रैकेट चलाने के लिए करना था." वह फर्जी दूतावास की आड़ में हवाला कारोबार और दलाली का रैकेट भी चला रहा था. 2011 में कविनगर थाने में दर्ज मामले के अलावा अब एक बार फिर उसके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की गई है. एसटीएफ इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने पीटीआई को बताया कि जैन के फर्जी दूतावास में "इन देशों के झंडे" भी लगे थे, जिन्हें असली वाणिज्य दूतावास का आभास देने के लिए परिसर में नियमित रूप से फहराया जाता था.

एग्रीकल्चर के छात्र की आत्महत्या से सनसनी, जांच जारी

भिलाई  सुपेला थाना क्षेत्र अंतर्गत साईं नगर में एक 26 वर्षीय एग्रीकल्चर के छात्र ने आत्महत्या कर ली. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. बुधवार शाम (23 जुलाई) को युवक घर पर अकेला था, इसी दौरान उसने खुदखुशी कर ली. घटना के बाद लोगों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम किया और पीएम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है. जानकारी के अनुसार, मृतक का नाम इंद्रप्रीत सिंह सैनी है और वह भिलाई में रहकर एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहा था. इंद्रप्रीत के पिता जनरल सिंह सैनी जगदलपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) में SDO हैं और मां एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं. बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजन जगदलपुर से तुरंत भिलाई के लिए रवाना हुए और शाम तक साईं नगर स्थित घर पहुंचे. परिजनों का कहना है कि इंद्रप्रीत दो भाइयों में बड़ा और स्वभाव से बेहद शांत था. उसने किसी तरह की परेशानी में होने की बात नहीं बताई थी और न ही ऐसे कोई संकेत पहले कभी मिले थे. उसने ये कदम क्यों उठाया यह उन्हें समझ नहीं आ रहा है. आत्महत्या का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस परिजनों और दोस्तों समेत आस-पास के लोगों से पूछताछ कर घटना का कारण जानने का प्रयास कर रही है.

ड्रग्स तस्करी के साथ यौन शोषण की पुष्टि, MP में गिरी कार्रवाई की गाज, 6 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल  भोपाल क्राइम ब्रांच ने तीन दिन पहले एमडी ड्रग्स के साथ दो तस्करों को पकड़ा था, लेकिन अब इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस गिरफ्तारी के बाद मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. यह लोग सिर्फ लड़कियों को नशे ही नहीं बेच रहे थे, बल्कि उन्हें नशे की लत लगाकर उनके साथ रेप भी कर रहे थे. मामले में गिरफ्तार एक आरोपी यासिन के मोबाइल में पुलिस को कई लड़कियों के साथ रेप करते, अश्लील वीडियो मिले हैं. पुलिस ने इनके पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की है.  क्लब, जिम और पार्टियों में बनाते थे निशाना दरअसल, इसकी शुरुआत हुई थी पिछले हफ्ते जब भोपाल क्राइम ब्रांच ने क्लबों, जिम और पार्टियों में युवाओं को निशाना बनाने वाले एक हाई-प्रोफाइल ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया था. तब क्राइम ब्रांच ने सैफुद्दीन और आशु उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उससे पूछताछ के आधार पर अब 2 और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम यासीन और शावर हैं. पुलिस ने इनके पास से ड्रग्स, पिस्टल और 2 महंगी कारें बरामद की हैं. मोबाइल में मिले लड़कियों के साथ दुष्कर्म के वीडियो क्राइम ब्रांच ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें से एक यासीन क्लब में डीजे का काम करता है. जिसके पास से पुलिस ने 1.05 ग्राम एमडी ड्रग्स, एक पिस्टल और एक महिंद्रा स्कॉर्पियो कार जब्त की है. पुलिस ने जब मोबाइल की गैलरी खंगाली तो उसमें कई लड़कियों के साथ अश्लील और धमकी भरी चैट के साथ लड़कियों के शारिरिक शोषण के कई वीडियो भी मिले हैं, जिसके बाद पुलिस के कान खड़े हो गए हैं, क्योंकि भोपाल के एक निजी कॉलेज की लड़कियों के साथ भी गिरोह बनाकर रेप और ब्लैकमेलिंग मामले की जांच अभी चल ही रही है और पुलिस अब वीडियो में दिख रही लड़कियों की पहचान कर और उनसे संपर्क कर मामले की जानकारी लेने में जुट गई है. वहीं एक अन्य आरोपी शावर जो प्रॉपर्टी का काम करता है, उसके पास से 2.052 ग्राम एमडी ड्रग्स समेत एक महिंद्रा बीई-6 कार बरामद की गई है.  नशे की आड़ में युवतियों का शोषण, ब्लैकमेलिंग के वीडियो मिले भोपाल के क्लबों और पबों में एमडी ड्रग्स की तस्करी करने वाले ड्रग माफिया चाचा-भतीजे शाहवर अहमद और यासीन अहमद की गिरफ्तारी के बाद शहर में ड्रग पार्टी कल्चर और उसकी आड़ में हो रहे युवाओं के शोषण का सनसनीखेज राजफाश हुआ है। आरोपित ड्रग माफिया चाचा-भतीजे शहर के पबों और क्लबों में ड्रग पार्टी का आयोजन करते थे। इसके साथ ही इनमें पार्टियों में शामिल होने वाले युवाओं को कभी जाने तो कभी अनजाने में एमडी जैसे ड्रग का नशा करवाते और फिर उन्हें अपने ठिकानों पर ले जाकर ब्लैकमेल करते। दोनों आरोपित पार्टी के बाद नशे में चूर युवतियों का शारीरिक शोषण करते हुए उनका वीडियो बनाते थे। इसके साथ ही मदहोश युवकों से बंदूक की नोंक पर अड़ीबाजी करते थे। इन ड्रग माफियाओं के मोबाइल से करीब 35 युवतियों से शोषण के वीडियो भी मिले हैं। बंदूक पर अड़ीबाजी भी कैमरे में कैद हुई है। 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया भोपाल क्राइम ब्रांच ने इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इस कार्य में लिप्त छह आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया है। इनमें अलग-अलग कालेजों व पार्टियों में ड्रग खपाने वाले सैफुद्दीन, आशू उर्फ शाहरुख, समीरउद्दीन और सोहेल खान शामिल हैं। पुलिस को शंका है कि इस गिरोह से बड़ी संख्या में और भी तस्कर जुड़े हैं, जिनकी तलाश के लिए क्राइम ब्रांच की 10 टीमें जुटी हैं। क्राइम ब्रांच पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि आरोपित शाहवर अहमद दूसरे राज्यों से ड्रग मंगवाता था। उसका भतीजा यासीन शहर के क्लबों व पबों में आयोजित पार्टियों में एमडी ड्रग सप्लाई करता था। इसके साथ ही कालेज छात्रों व अन्य ग्राहकों तक भी पहुंचाता था। उसके साथ कई अन्य तस्कर भी जुड़े थे। फरवरी 2025 में क्राइम ब्रांच ने रुस्तम खां अहाता के पास से 20 वर्षीय समीरउद्दीन और 23 वर्षीय सोहेल खान को एमडी ड्रग के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपित तलैया क्षेत्र के रहने वाले थे। एमडी पाउडर की तस्करी करते हुए पकड़ा था उन्होंने पूछताछ में सैफुउद्दीन नामक तस्कर से एमडी ड्रग्स खरीदने की जानकारी दी थी। इस मामले में सैफुद्दीन पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। सैफुद्दीन 18 जुलाई को गोविंदपुरा क्षेत्र में अपने साथी शाहरुख हसन के साथ एमडी पाउडर की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था। दोनों के पास से एमडी ड्रग मिला था। पूछताछ में दोनों आरोपितों ने शाहवर अहमद और यासीन अहमद का नाम बताया था। इसके साथ ही उन्होंने पार्टियों और जिम में लोगों को नशे का आदी बनवाने की बात कबूली थी। शाहवर और यासीन के पास से एमडी ड्रग्स, कार और बंदूक जब्त की गई है। प्रापर्टी डीलिंग का काम भी करता है मास्टर माइंड आरोपित शाहवर अहमद मास्टर माइंड है। वह गांधीनगर क्षेत्र की एक पाश कालोनी में रहता है। वह प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है, वहीं उसका भतीजा यासीन अहमद बुधवारा क्षेत्र में परिवार के साथ रहता है। वह डीजे ऑपरेटर है और शहर की महंगी पार्टियों में डीजे प्ले करता है। यासीन शहर के कई क्लब और पबों के संचालकों के संपर्क में था। वह क्लबों में आयोजित पार्टियों में नशा परोसता था। पुलिस को आशंका है कि दोनों मुख्य आरोपित करीब आठ से दस साल से नशे के काले कारोबार से जुड़े हैं। मछली कारोबारी शरीफ और शारिक के परिवार से हैं आरोपित गिरोह के दोनों मुख्य आरोपित शहर के बड़े मछली कारोबारी शरीफ अहमद के बेटे और भतीजे हैं। शाहवर अहमद शरीफ का बेटा था, जबकि यासीन शरीफ के बेटे शफीक का बेटा है। शरीफ के एक अन्य पुत्र शारिक अहमद उर्फ शारिक मछली का नाम भोपाल के दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड के आरोपितों से जुड़ा था। ऐसे में, माना जा रहा है कि नशे के इन तस्करों का निशाना दूसरे धर्म से जुड़े युवक-युवतियां होती थीं। राजनेताओं से गहरा कनेक्शन, विधायक का दिवंगत पुत्र था दोस्त मछली कारोबार से जुड़े होने के कारण शरीफ मछली का लंबे समय से राजनेताओं से … Read more

तहसील मझौली में पौधरोपण एवं पर्यावरण जागरूकता शिविर

सीधी   म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी के अध्यक्ष श्री प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी श्री मुकेश कुमार शिवहरे, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मझौली सुश्री शिवांगी सिंह परिहार, सुश्री रूचि परते द्वारा बुधवार दिनांक 23.07.2025 को तहसील मझौली में पर्यावरण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के पौधे रोपित किए गए तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।   कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना एवं अधिकाधिक पौधरोपण को प्रोत्साहित करना था। सचिव श्री मुकेश कुमार शिवहरे ने अपने संबोधन में नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण की रक्षा हेतु सक्रिय भूमिका निभाएं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मझौली सुश्री शिवांगी सिंह परिहार ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पौधा लगाना चाहिए एवं उनकी देखभाल करनी चाहिए।   यह कार्यक्रम जन-जागरूकता और सामाजिक सहभागिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं अधिवक्तागण ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने मिलकर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

रीवा शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव

रीवा  रीवा जिले में शिक्षा विभाग लंबे समय से अनुकंपा नियुक्तियों में हुए विवादों और प्रशासनिक अस्थिरता से जूझ रहा था। इस असमंजस और अव्यवस्था के दौर में अब एक नई शुरुआत की उम्मीद के साथ, रामराज प्रसाद मिश्रा ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का पदभार संभाल लिया है। पूर्व अधिकारी के निलंबन के बाद आई बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई यह नियुक्ति उस समय हुई है जब पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी सुदामा लाल गुप्ता को अनुकंपा नियुक्तियों में अनियमितताओं और फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर नियुक्ति स्वीकृति देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। रीवा संभाग के आयुक्त बी. एस. जामोद द्वारा गठित विशेष जांच समिति ने 37 मामलों की समीक्षा के बाद 5 मामलों में गंभीर गड़बड़ियाँ उजागर की थीं। नतीजतन, तत्कालीन डीईओ सुदामा गुप्ता और योजना अधिकारी अखिलेश मिश्रा को सेवा से निलंबित किया गया। तब से, डीपीसी (जिला परियोजना समन्वयक) श्री विनय कुमार मिश्रा को अस्थायी रूप से प्रभारी डीईओ का कार्यभार सौंपा गया था। रामराज प्रसाद मिश्रा: अनुभव और ईमानदारी का प्रतीक श्री मिश्रा, जिन्होंने अब नए डीईओ का कार्यभार ग्रहण किया है, एक वरिष्ठ शिक्षक और प्रशासक हैं। वह पहले शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैकुंठपुर में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे, और साथ ही सिरमौर विकासखंड के BEO (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। श्री मिश्रा को शिक्षा क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का जमीनी अनुभव है। उनकी प्रशासनिक पकड़, शिक्षकों और छात्रों के साथ मजबूत संवाद, और नीतिगत अनुशासन उन्हें एक भरोसेमंद नेतृत्वकर्ता बनाता है। स्थानीय शिक्षक संघों और अधिकारियों ने उनकी नियुक्ति का स्वागत करते हुए इसे “स्थिरता और पारदर्शिता की दिशा में एक सकारात्मक कदम” बताया। नव-नियुक्त डीईओ की प्राथमिकताएं पदभार संभालते ही मीडिया से बातचीत में श्री मिश्रा ने कहा: "मेरी पहली प्राथमिकता शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना है। शासन की नीतियों का पूर्ण पालन, शिक्षकों की समय पर उपस्थिति, पाठ्यक्रम की समयबद्ध समाप्ति, बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार — ये सब प्राथमिक लक्ष्य होंगे।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा। स्कूलों में प्रशासनिक अनुशासन, शिक्षकों की जवाबदेही और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बड़ी चुनौतियाँ 1. अनुकंपा नियुक्तियों की बदनाम पृष्ठभूमि में भरोसे की पुनर्स्थापना 2. ग्रामीण एवं शहरी स्कूलों के बीच गुणवत्ता अंतर को पाटना 3. शिक्षकों की कमी और विद्यालयों की बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति 4. बोर्ड परिणामों और शैक्षणिक अनुशासन में सुधार लाना समाप्ति — एक नई शुरुआत की उम्मीद रीवा शिक्षा विभाग लंबे समय से एक योग्य, निष्पक्ष और अनुशासित नेतृत्व की प्रतीक्षा कर रहा था। श्री रामराज प्रसाद मिश्रा की नियुक्ति उसी दिशा में एक निर्णायक कदम है। शिक्षक समुदाय, अभिभावक और छात्र सभी आशावान हैं कि अब रीवा की शिक्षा व्यवस्था को एक नया, स्थिर और पारदर्शी नेतृत्व प्राप्त हुआ है — जो न केवल व्यवस्था को ठीक करेगा, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को भी नई ऊँचाई देगा।

सीएम विष्णु देव साय ने हरेली पर दी प्रदेश को बधाई, कहा– प्रकृति से जुड़ने का पर्व है हरेली

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत लोकपर्व हरेली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो हमारी कृषि संस्कृति, लोक परंपरा और प्रकृति प्रेम का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली पर्व खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्योहार है, जिसमें किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा कर धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। यह पर्व न केवल अच्छी फसल की कामना का अवसर है, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य की भावना को भी प्रकट करता है। साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस वर्ष हरेली पर्व को हम और भी सार्थक बनाएं — धरती माता की पूजा के साथ वृक्षारोपण करें, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित हो सके। यह पर्व केवल परंपरा नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक बने। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हरेली पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और हरियाली लेकर आए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस लोकपर्व को आपसी सौहार्द, प्रकृति प्रेम और परंपरा के सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया।

मुंगेली बना डिजिटल इंडिया का भागीदार, अटल केन्द्रों से बदली तस्वीर

आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सुविधाओं का स्थानीय स्तर पर मिल रहा लाभ रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा की अनुरूप मुंगेली जिला डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुंगेली जिले के तीनों विकासखण्डों की 30 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना की गई है। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना होने से ग्रामीणों को काफी सुविधा मिल रही हैं। पहले आय, जाति, निवास आदि कार्यों के लिए च्वाईस सेंटर, लोक सेवा केन्द्र के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब ग्रामीणों को उनके घर के पास ही सभी सुविधाएं मिलने लगी है। इससे समय और धन दोनों की बचत हुई है। भटगॉव के युवा लेखराम साहू ने बताया कि पहले पैसे जमा या निकासी के लिए 20 किलोमीटर दूर मुंगेली जाना पड़ता था, लेकिन अब ये सुविधा केन्द्र खुलने से यह प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है। इससे ग्रामीणों को समय, मेहनत और यात्रा खर्च की बचत हो रही है। इसी तरह डिजिटल सेवा का लाभ लेने पहुंची गंगा साहू ने भी शासन की इस पहल की सराहना की। गंगा साहू ने कहा कि यह पहल ग्रामीण स्वावलंबन और पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में मददगार कदम है। इस पहल ने न सिर्फ आर्थिक रूप से गाँवों को मज़बूत किया, बल्कि युवाओं को स्वरोज़गार के अवसर भी दिए। डिजिटल सेवाओं के जरिये शासन की मुख्यधारा अब अंतिम छोर तक पहुँच रही है, जिससे स्थानीय जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर शुरू हुए थे एडीएसके इस वर्ष 24 अपै्रल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर शासन द्वारा जिले के तीनों विकासखण्डों में पहले चरण मे 10-10 ग्राम पंचायतों में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया गया है। इन केन्द्रों में आमजनों को बैंकिंग, बीमा, पेंशन, बिजली बिल भुगतान, रेलवे टिकट, छात्रवृत्ति, और जन्म-मृत्यु सहित जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज़ों सहित खाता खोलने की सुविधा दी जा रही है। इससे गाँव के लोग पंचायत स्तर पर ही ज़रूरी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

छांगुर गैंग का मददगार निकला क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर, कमिश्नर ने अब्दुल रहमान को किया सस्पेंड

बलरामपुर यूपी के बलरामपुर में ईडी, एटीएस और अन्य एजेंसियों की जांच में वहां तैनात कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की जमालुद्दीन उर्फ छांगुर से सांठगांठ के सबूत मिले हैं. तत्कालीन डीएम ने 2 साल पहले ही पुलिस और अपराधियों के गठजोड़ की 150 पन्ने की रिपोर्ट शासन को भेज दी थी.  इस रिपोर्ट में पुलिस वालों को संगठित रूप से छांगुर के करीबी रहे गैंगस्टर हाशमी और अन्य अपराधियों की मदद करने की बातें लिखी गई थी. रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया कि किस तरीके से तीन बार मुकदमा दर्ज करने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया.  नीतू की लाल डायरी में दर्ज कई राज पिछले दिनों ईडी की छापेमारी में छांगुर की करीबी नीतू उर्फ नसरीन के कमरे से एक लाल रंग की करीब 100 पन्नों की डायरी बरामद हुई. इस डायरी में कई अहम लोगों के साथ पैसों के लेनदेन का विवरण है. इसमें वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में छांगुर द्वारा उतरौला सीट से चुनाव लड़ने वाले एक प्रत्याशी को 90 लाख रुपये देने का पूरा ब्योरा दर्ज है. हालांकि, वह प्रत्याशी चुनाव हार गया और भाजपा के राम प्रताप वर्मा विजयी हुए. डायरी में उस मुस्लिम नेता का नाम भी दर्ज है, जिसने 2022 में उतरौला से चुनाव लड़ा था.  डीएम ने पहले ही दी थी चेतावनी तत्कालीन डीएम ने 2022 में इसी मुस्लिम प्रत्याशी पर गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए शासन को पत्र भेजा था. उन्होंने ईडी और आयकर जैसी एजेंसियों से जांच की सिफारिश की थी. साथ ही, पुलिस की अपराधियों के साथ मिलीभगत की भी शिकायत की थी. इसके बाद डीएम और एसपी के बीच विवाद होने पर दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया गया.  कार्रवाई होती तो पहले ही खुल जाता नेटवर्क गौर करने वाली बात यह है कि अगर पुलिस समय पर सिंडिकेट पर कार्रवाई करती तो बलरामपुर में चल रहा छांगुर का नेटवर्क शायद पहले ही उजागर हो जाता. बताया जा रहा है कि नीतू की डायरी में न केवल पूर्व विधायक को दिए गए पैसों का ज़िक्र है बल्कि कई पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. जैसे-जैसे एजेंसियों की जांच आगे बढ़ेगी और भी महत्वपूर्ण नाम सामने आने की संभावना है.  छांगुर गैंग का मददगार निकला क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर, कमिश्नर ने अब्दुल रहमान को किया सस्पेंड गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी को सस्पेंड कर दिया गया है. सिद्दीकी पर अवैध धर्मांतरण रैकेट चलाने वाले जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के गैंग से मिलीभगत का आरोप है. साथ ही धर्मांतरण मामले की एक पीड़िता को धमकाने का भी गंभीर आरोप लगा है.  दरअसल, मेरठ में पीड़ित लड़की के परिवार ने 2019 में एक मामला दर्ज कराया था. आरोप है कि तत्कालीन इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने इस परिवार को चुप रहने की धमकी दी थी, साथ ही मुंह खोलने पर अंजाम भुगतने की बात कही थी.  मालूम हो कि मेरठ की इस पीड़िता को लव जिहाद के जाल में फंसाकर उसका जबरन धर्मांतरण करा दिया था. इसको लेकर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के बाद इंस्पेक्टर सिद्दीकी की मामले में एंट्री हुई. सिद्दीकी पर जांच में लापरवाही और पीड़ित पक्ष को धमकाने का आरोप लगा.  आरोपों के मुताबिक, इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने पीड़िता को अपने पद का दुरुपयोग करते हुए न सिर्फ धमकाया बल्कि चुप रहने की चेतावनी भी दी. फिलहाल, गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है. इस एक्शन से महकमे में हड़कंप मच गया. हालांकि, पहले भी ऐसे आरोप लगे हैं कि छांगुर को कई स्तर पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से मदद मिलती रही है.  ये है मामला  जानकारी के मुताबिक, 2019 में मेरठ के सिविल लाइन थाना प्रभारी रहते हुए अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने एक लड़की के अपहरण मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया. उल्टे पीड़ित पक्ष को ही धमका कर भगा दिया. लड़की के परिजनों ने छांगुर गैंग के सदस्य बदर अख्तर सिद्दीकी पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था. वर्तमान में छांगुर एटीएस की गिरफ्त में है. छांगुर से पृछताछ के बाद हुई जांच में अब्दुल रहमान की 6 साल पहले की गई लापरवाही उजागर हई है.  

हरेली उत्सव में छत्तीसगढ़ी परंपराओं का रंग: मुख्यमंत्री निवास बना सांस्कृतिक केंद्र

रायपुर, छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की खुशबू लिए हरेली तिहार का पारंपरिक उत्सव आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निवास में विधिवत रूप से आरंभ हुआ। छत्तीसगढ़ एक ऐसा प्रदेश है, जहाँ प्रत्येक अवसर और कार्य के लिए विशेष प्रकार के पारंपरिक उपकरणों एवं वस्तुओं का उपयोग होता आया है। हरेली पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में ऐसे ही पारंपरिक कृषि यंत्रों एवं परिधानों की झलक देखने को मिली, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। काठा सबसे बाईं ओर दो गोलनुमा लकड़ी की संरचनाएँ रखी गई थीं, जिन्हें ‘काठा’ कहा जाता है। पुराने समय में जब गाँवों में धान तौलने के लिए काँटा-बाँट प्रचलन में नहीं था, तब काठा से ही धान मापा जाता था। सामान्यतः एक काठा में लगभग चार किलो धान आता है। काठा से ही धान नाप कर मजदूरी के रूप में भुगतान किया जाता था। खुमरी सिर को धूप और वर्षा से बचाने हेतु बांस की पतली खपच्चियों से बनी, गुलाबी रंग में रंगी और कौड़ियों से सजी एक घेरेदार संरचना ‘खुमरी’ कहलाती है। यह प्रायः गाय चराने वाले चरवाहों द्वारा सिर पर धारण की जाती है। पूर्वकाल में चरवाहे अपने साथ ‘कमरा’ (रेनकोट) और खुमरी लेकर पशु चराने निकलते थे। ‘कमरा’ जूट के रेशे से बना एक मोटा ब्लैंकेट जैसा वस्त्र होता था, जो वर्षा से बचाव के लिए प्रयुक्त होता था। कांसी की डोरी यह डोरी ‘कांसी’ नामक पौधे के तने से बनाई जाती है। पहले इसे चारपाई या खटिया बुनने के लिए ‘निवार’ के रूप में प्रयोग किया जाता था। डोरी बनाने की प्रक्रिया को ‘डोरी आंटना’ कहा जाता है। वर्षा ऋतु के प्रारंभ में खेतों की मेड़ों पर कांसी पौधे उग आते हैं, जिनके तनों को काटकर डोरी बनाई जाती है। यह डोरी वर्षों तक चलने वाली मजबूत बुनाई के लिए उपयोगी होती है। झांपी ढक्कन युक्त, लकड़ी की गोलनुमा बड़ी संरचना ‘झांपी’ कहलाती है। यह प्राचीन समय में छत्तीसगढ़ में बैग या पेटी के विकल्प के रूप में प्रयुक्त होती थी। विशेष रूप से विवाह समारोहों में बारात के दौरान दूल्हे के वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, पकवान आदि रखने के लिए इसका उपयोग किया जाता था। यह बांस की लकड़ी से निर्मित एक मजबूत संरचना होती है, जो कई वर्षों तक सुरक्षित बनी रहती है। कलारी बांस के डंडे के छोर पर लोहे का नुकीला हुक लगाकर ‘कलारी’ तैयार की जाती है। इसका उपयोग धान मिंजाई के समय धान को उलटने-पलटने के लिए किया जाता है।

गहलोत की टिप्पणी पर राठौड़ का तंज – “क्या आप धनखड़ के निजी चिकित्सक हैं?

जयपुर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने तीखा जवाब दिया है। राठौड़ ने कहा, “गहलोत साहब न तो डॉक्टर हैं और न ही धनखड़ जी के निजी डॉक्टर। जब कोई व्यक्ति स्वयं अपने स्वास्थ्य कारणों से पद से इस्तीफा देता है, तो उस पर अविश्वास जताना या राजनीति करना निंदनीय है। गहलोत जी को ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “पहला सुख निरोगी काया। जब व्यक्ति बीमार होता है तो राजनीति जरूरी नहीं होती। स्वस्थ होंगे तो फिर से राजनीति कर सकते हैं। खुद गहलोत कुछ समय पहले बीमार पड़े थे, अस्पताल में भर्ती रहे, भाषण के दौरान मंच पर बैठना पड़ा था। ऐसे में उन्हें दूसरों के स्वास्थ्य पर टिप्पणी से बचना चाहिए।” जातीय समीकरणों को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौड़ ने दो टूक कहा, “हम भाजपा में जातिवादी राजनीति नहीं करते। हम सर्वसमाज का विकास चाहते हैं। जो भी मेहनती और सेवाभावी व्यक्ति हैं, उसे सेवा का अवसर दिया जाना चाहिए।” उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों को भी नसीहत दी और कहा कि, “कोई भील प्रदेश या मरू प्रदेश की बात करता है, कोई जातीय भेद की राजनीति करता है। यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं। भाजपा सभी जातियों, धर्मों और संप्रदायों का सम्मान करती है।”