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STF ने किया बड़ा खुलासा: गाजियाबाद में चल रहा था नकली दूतावास, एक आरोपी दबोचा

नोएडा  उत्तर प्रदेश की नोएडा एसटीएफ (STF) ने 22 जुलाई को गाजियाबाद में एक फर्जी दूतावास का पर्दाफाश किया। पुलिस ने हर्ष वर्धन जैन नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हर्ष वर्धन पर आरोप है कि वह खुद को कई देशों का एम्बेसडर बताकर लोगों को ठग रहा था। वह हवाला के जरिए पैसे का लेन-देन भी करता था। पुलिस के अनुसार, हर्ष वर्धन कविनगर में किराए के मकान में "वेस्ट आर्कटिक दूतावास" चला रहा था। वह खुद को West Arctica, Saborga, Poulvia, Lodonia जैसे देशों का कॉन्सुल या एम्बेसडर बताता था। लोगों को झांसा देने के लिए वह प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य महत्वपूर्ण लोगों के साथ अपनी फोटोशॉप की हुई तस्वीरें दिखाता था। पुलिस का कहना है कि हर्ष वर्धन का मुख्य काम कंपनियों और लोगों को विदेश में काम दिलाने के नाम पर दलाली करना था। वह शेल कंपनियों के माध्यम से हवाला रैकेट भी चला रहा था। जांच में पता चला है कि हर्ष वर्धन पहले चंद्रास्वामी और अदनान खगोशी (अंतर्राष्ट्रीय हथियार डीलर) के संपर्क में भी था। 2011 में उसके पास से एक अवैध सैटेलाइट फोन भी बरामद हुआ था, जिसके लिए कविनगर थाने में मामला दर्ज किया गया था। इतने दस्तावेज बरामद पुलिस ने हर्ष वर्धन के पास से कई चीजें बरामद की हैं। इनमें डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी चार गाड़ियां, माइक्रोनेशन देशों के 12 डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की मोहर लगे फर्जी दस्तावेज, दो फर्जी पैनकार्ड, विभिन्न देशों और कंपनियों की 34 मोहरें, 2 फर्जी प्रेस कार्ड, 44,70000 रुपए नकद और कई देशों की विदेशी मुद्रा शामिल हैं। इसके अलावा, कई कंपनियों के दस्तावेज और 18 डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं। जांच जारी पुलिस ने कविनगर थाने में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, उक्त के संबंध में थाना कविनगर गाजियाबाद में अभियोग पंजीकृत कराकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसका मतलब है कि इस मामले में कविनगर थाने में FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ (STF) अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हर्ष वर्धन के इस गोरखधंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ठगा है और हवाला के जरिए कितने पैसे का लेन-देन किया है।

घर खरीदना हुआ महंगा: कॉलोनियों की दरों में 44% तक इजाफा

जयपुर राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने राज्य की तमाम कॉलोनियों की आरक्षित दरों में 8 प्रतिशत से 44 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। इसमें सबसे ज्यादा इजाफा जयपुर में किया गया है। बोर्ड प्रशासन ने जोधपुर, अजमेर, अलवर, उदयपुर, कोटा समेत अन्य शहरों में भी आरक्षित दरों में 9 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। जोधपुर की बड़ली आवासीय योजना में आरक्षित दरें 4900 रुपए प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 5320 रुपए कर दी गई है। इसी तरह कुड़ी भगतासनी फेज-2, विवेक विहार में योजना की दरों को 26,255 रुपए से बढ़ाकर 28,490 रुपए कर दिया है। चौपासनी योजना में भी आरक्षित दरें 22,385 रुपए से बढ़ाकर 24,290 रुपए कर दी है। नई आरक्षित दर की सूची में सबसे ज्यादा कीमतें इस बार जयपुर की वाटिका स्कीम की बढ़ाई गई है। यहां पहले आवासीय आरक्षित दर 4,890 रुपए प्रति वर्गमीटर थी, जिसे 2,155 रुपए (करीब 44 फीसदी) बढ़ाकर अब 7,045 रुपए प्रतिवर्ग मीटर कर दिया। जयपुर में ही प्रताप नगर योजना में आरक्षित दर 19,465 रुपए से बढ़कर 23,870 रुपए (22.63 फीसदी बढ़ोतरी) कर दिया है। जयपुर में ही अजमेर रोड स्थित महला आवासीय योजना में आरक्षित दरों को 2,620 रुपए से बढ़ाकर 3,555 रुपए (35.68 फीसदी बढ़ोतरी) कर दिया है।  मानसरोवर योजना में 33, 315 से बढ़ाकर 41,095 रुपए और इंदिरा गांधी नगर जगतपुरा में 19,395 से 23,850 रुपए प्रति वर्गमीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। 8-9% तक की दरें बढ़ाईं जोधपुर, अजमेर, अलवर, कोटा और उदयपुर की योजनाओं में भी 8% से 9% तक की दरें बढ़ाई गई हैं। जोधपुर की बड़ली योजना में दरें 4900 से बढ़कर 5320 रुपए और विवेक विहार में 26,255 से 28,490 रुपए हो गई हैं। उदयपुर की गोवर्धन विलास योजना की दरें 21,370 से 23,190 रुपए प्रति वर्गमीटर कर दी गई हैं. अलवर में 7380 रुपए हुआ अलवर की बी-10 योजना में दरें 6800 से बढ़कर 7380 रुपए और भिवाड़ी की अरावली विहार योजना में 9250 से 10,040 रुपए कर दी गई हैं। अजमेर की किशनगढ़ योजना में दरें 11,025 से बढ़ाकर 11,965 रुपए प्रति वर्गमीटर की गई हैं।

सड़कें बनी मौत का रास्ता, हाईकोर्ट ने SECL-NTPC से मांगा जवाब

बिलासपुर SECL और NTPC के भारी भरकम वाहनों से NH 343 बलरामपुर-रामानुजगंज की सड़कों की हालत खस्ताहाल हो गई है. इसके चलते नेशनल हाईवे पर हो रही सड़क दुर्घटनाओं के मामले पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. जवाब से असंतुष्ट होने पर कोर्ट ने SECL और NTPC को जमकर फटकार लगाई है. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने NTPC और SECL से दुर्घटनाओं पर एक्शन लिए जाने को लेकर शपथ पत्र में जवाब मांगा था. आज SECL और NTPC ने जवाब पेश किया, जिससे कोर्ट असंतुष्ट हुआ और जमकर फटकार लगाई. हाईकोर्ट ने दोनों से दोबारा शपथ पत्र में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं.

बहराइच के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर को ध्वस्त करने की स्वीकृति, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट योजना की जमीन मिली

लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न कैबिनेट बैठक में उप्र राज्य जिला न्यायालय सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2025 के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। अब जिला न्यायालय के कर्मचारियों के लिए पदोन्नति मिलने पर फिर से परिवीक्षा अवधि पर रहने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब तक जिला न्यायालय के कर्मचारियों के लिए पदोन्नति मिलने के बाद भी परिवीक्षा पर रहने का नियम था। अन्य सरकारी विभागों में कर्मचारी को सेवा आरंभ करने पर केवल एक बार परिवीक्षा अवधि पर रहना होता है। इसके साथ ही दिव्यांगता के आधार पर किसी कर्मचारी को सेवा से हटाया व स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा। नियमावली में संसोधान के माध्यम से अन्य सेवाओं में पहले से लागू इस व्यवस्था को जिला न्यायालय के कर्मचारियों के लिए भी लागू कर दिया गया है। कैबिनेट ने मथुरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के उपयोग के लिए बोलेरो खरीदे जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की है। अयोध्या में आइबी का कार्यालय, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट योजना की जमीन मिली अयोध्या में सुरक्षा प्रबंधों को लगातार पुख्ता किया जा रहा है। एनएसजी हब की स्थापना के साथ ही अयोध्या में इंटेलीजेंस ब्यूरो (आइबी) का कार्यालय भी होगा। कैबिनेट ने अयोध्या में आइबी के ओसीआर काम्प्लेक्स (कार्यालय व आवासीय परिसर) के निर्माण के लिए एक हजार वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध कराए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा अयोध्या में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की मंडल इकाई/पुलिस थाना एंटी करप्शन की स्थापना के लिए मुगलपुरा, सदर तहसील क्षेत्र में कुल 4067.87 वर्गमीटर भूमि गृह विभाग को आवंटित किए जाने का प्रस्ताव मंजूर किया। नगर निगम अयोध्या में सरयू नदी जलापूर्ति श्रोत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट फेज-वन योजना के तहत चिन्हित नजूल भूमि को नगर विकास विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। कैबिनेट ने लखनऊ के गणेशगंज फायर स्टेशन के लिए 3404.11 वर्ग मीटर नजूल भूमि का नामांतरण/हस्तांतरण गृह विभाग के पक्ष में किए जाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया। बहराइच के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर को ध्वस्त करने की स्वीकृति कैबिनेट बैठक में बहराइच के निष्प्रयोज्य एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के ध्वस्तीकरण की अनुमति दे दी। सेंटर के पुराने जर्जर चार भवन काफी समय से इस्तेमाल में नहीं थे. इन पुराने भवनों दो तोड़ कर नया एएनएम ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। — हमीरपुर में बनेगा आशा ज्योति केंद्र हमीरपुर में आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र-वन स्टाप सेंटर की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने  इस केंद्र के लिए महिला कल्याण विभाग को निश्शुल्क भूमि आवंटन-हस्तांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी। आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र पर महिलाओं को विभिन्न विषयों पर परामर्श, चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता, पुलिस सहायता आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।  

ड़ॉ. सारस्वत पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त

रायपुर, राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका ने प्रोफेसर डॉ. विरेन्द्र कुमार सारस्वत को पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय बिलासपुर का कुलपति नियुक्त किया गया है। राज्यपाल द्वारा डॉ. सारस्वत की नियुक्ति पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (संशोधन अधिनियम, 2006, 2010 एवं 2019) की धारा 9(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। उनका कार्यकाल, परिलब्धियां तथा सेवा शर्ते विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम में निहित प्रावधान अनुसार होंगी। वर्तमान में डॉ. सारस्वत, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

चंद्रशेखर आज़ाद की शहादत, देशभक्ति की पराकाष्ठा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चंद्रशेखर आजाद ने शहादत दे दी, पर अंग्रेजों के हाथ न आये, यह देश प्रेम की है पराकाष्ठा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहादत का वह क्षण जब आज़ाद ने चुनी मृत्यु, पर न झुके अंग्रेजों के आगे: सीएम डॉ. यादव चंद्रशेखर आज़ाद की शहादत, देशभक्ति की पराकाष्ठा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव चंद्रशेखर आजाद नगर में हुआ स्मरण आजाद कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव वी.सी. के जरिए हुए कार्यक्रम में शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमें गर्व है कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद जैसे महानायक मध्यप्रदेश की धरती पर जन्मे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी समूची चेतना, जीवन और अस्तित्व भारतमाता के चरणों में समर्पित करने वाले अमर बलिदानी चंद्रशेखर आज़ाद के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित कर हम गौरवान्वित हैं। मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए समर्पित चंद्रशेखर आजाद का जीवन ऊर्जा, संकल्प और सेवा का अमिट अध्याय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने जब यह देखा कि अब गिरफ्तारी से बच पाना मुश्किल है तो अपने हाथों से ही खुद के प्राणोत्सर्ग कर शहादत दे दी, पर अंग्रेजों के हाथ नहीं आये, यह देश प्रेम की परकाष्ठा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती के अवसर पर अलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आज़ाद नगर (भाभरा) में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम "स्मरण-आजाद" को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। वीसी में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिवशेखर शुक्ला सहित अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद एक साधारण परिवार में जन्मे असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे। आज़ाद एक ऐसी आंधी थे, जिसने भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिलाकर रख दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद एक नाम नहीं, भारत की क्रांति का वह तेजस्वी स्वर था, जिसकी गूंज आज भी देशभक्ति की शपथ लेने वालों के हृदय में सुनाई देती है। बाल्यकाल से ही उनमें एक अलग तेज और एक अलग सोच थी। जब काशी में उन्होंने असहयोग आंदोलन में भाग लिया और गिरफ्तार हुए, तब न्यायाधीश के पूछने पर जो जवाब उन्होंने दिया, वह आज भी हर देशभक्त के हृदय में बसा है। जब उनसे, उनका नाम पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया- 'आजाद'। पिता का नाम पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया-स्वाधीनता। तीसरी बार जब उनके घर का पता पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया था- जेल। वे केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं, एक विचारधारा और आत्मबल के प्रतीक थे, जिन्होंने यह संकल्प लिया था कि-'मैं आज़ाद था, आज़ाद हूं और आज़ाद ही रहूंगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद ने केवल एक क्रांतिकारी की ही नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वाधीनता आंदोलन के सेनापति की भूमिका निभाई। वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के सेनापति बने और शहीद भगत सिंह जैसे नौजवानों को भी उन्होंने दिशा दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाला लाजपत राय की शहादत का बदला लेने के लिए जब सांडर्स को लाहौर में मार गिराया गया, तब इस योजना के केंद्र में चंद्रशेखर आज़ाद ही थे और जब देश की क्रांति को धन की आवश्यकता पड़ी, तब काकोरी कांड (1925) में ब्रिटिश खजाने को लूटकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया था कि अगर लक्ष्य पवित्र हो, तो क्रांति भी तपस्या बन जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि दुश्मनों से घिरे होने पर उन्होंने अंतिम गोली स्वयं पर चला दी, परंतु दुश्मन की पकड़ में नहीं आए। इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क (अब आज़ाद पार्क) में 27 फरवरी 1931 को पुलिस से घिरे होने पर अंतिम गोली खुद को मारकर प्राणोत्सर्ग कर दिया और अपने नाम के अनुरूप अंतिम सांस तक वे "आज़ाद" ही रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद की शहादत आज भी हमें यह याद दिलाती है कि स्वतंत्रता किसी एक दिन की घटना नहीं, बल्कि लाखों बलिदानों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती पर देश के युवाओं को उनके साहस, त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए। आजाद केवल एक क्रांतिकारी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के प्रखर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी को चाहिए कि वह आज़ाद जी के जीवन व चरित्र से सीखें कि कैसे कोई अकेला व्यक्ति इतिहास की धारा बदल सकता है। राष्ट्र के लिए जीना और राष्ट्र के लिए मरना क्या होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम जिस आज़ाद हवा में सांस ले रहे हैं, वह चंद्रशेखर आजाद जैसे रणबांकुरों के बलिदान की ही देन है। हम सबका यह परम कर्तव्य है कि हम एकजुट होकर उनके सपनों का भारत गढ़ें। उल्लेखनीय है कि चंद्रशेखर आज़ाद का जन्म मध्यप्रदेश के वर्तमान अलीराजपुर जिले के एक छोटे से गांव भाभरा (अब चंद्रशेखर आज़ाद नगर के रूप में प्रचलित) में 23 जुलाई 1906 को हुआ था। चंद्रशेखर आजाद नगर में हुए मुख्य कार्यक्रम स्थल पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, पूर्व विधायक एवं वर्तमान में म.प्र. लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष माधो सिंह डाबर, भाभरा नगर परिषद की अध्यक्षा श्रीमती निर्मला डाबर, नगर परिषद के अध्यक्ष नारायण अरोड़ा, भाभरा जनपद पंचायत के अध्यक्ष जगदीश गणावा और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष परमार सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

बम धमकी से मेरठ में सनसनी, 10 स्कूलों को बनाया गया निशाना

  मेरठ,  उत्तर प्रदेश के मेरठ में बुधवार सुबह कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ईमेल के माध्यम से स्कूलों को धमकी भेजी गई है। दावा किया गया है कि स्कूल परिसर में कई जगह विस्फोटक छिपाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, मेरठ के 10 स्कूलों को बुधवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल आया था, जिनमें सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल, केएल इंटरनेशनल स्कूल और मेरठ पब्लिक स्कूल सहित 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इस धमकी भरे मेल में दावा किया गया कि स्कूल परिसर में कई जगह विस्फोटक छिपाए गए हैं। साथ ही उन्होंने स्कूल को ‘खूनी मंजर’ में बदलने की धमकी दी। मेरठ स्कूल फेडरेशन के सचिव अनुज शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि एक धमकी भरा ईमेल आया था। इसके बाद हमने पुलिस को धमकी की जानकारी दी और उन्होंने मौके पर जांच की। हालांकि, पुलिस की जांच के बाद हमने राहत की सांस ली। मुझे लगता है कि ये शरारती तत्वों का काम है। उन्होंने कहा, “कुछ स्कूलों के पास बुधवार सुबह ईमेल आया था, लेकिन अभी कांवड़ यात्रा की वजह से स्कूल बंद हैं।” इससे पहले, बुधवार सुबह आगरा के भी दो स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। धमकी भरा ईमेल अंग्रेजी में था, जिसमें दावा किया गया कि कुछ ही देर में स्कूलों में विस्फोट कर दिया जाएगा। इस खबर से स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों में दहशत फैल गई। स्कूलों ने तुरंत छुट्टी घोषित कर बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया। दोनों स्कूलों के प्रबंधन ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने स्कूलों की तलाशी ली, लेकिन उन्हें स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। इससे पहले ताजमहल, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों को भी बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन जांच में ऐसी कोई वस्तु नहीं मिली। फिलहाल प्रशासन द्वारा स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजने वाले सोर्स के बारे में पता लगाया जा रहा है।  

अरुण साव बोले – रायपुर को नम्बर-1 बनाने स्वच्छता के कार्यों में बढ़ानी होगी जनसहभागिता

स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को सम्मानित करने आयोजित होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम रायपुर नगर निगम द्वारा 25 स्वच्छता निरीक्षकों, 144 स्वच्छता दीदियों और 52 सफाई मित्रों का सम्मान   रायपुर, रायपुर को देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बनाने के लिए स्वच्छता के कार्यों में जनसहभागिता बढ़ानी होगी। शहर के एक-एक व्यक्ति, एक-एक परिवार को इस मिशन से जोड़ना होगा, तभी हम रायपुर को देश का स्वच्छतम शहर बना सकेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सम्मान समारोह में ये बातें कहीं। भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में रायपुर को मिलियन प्लस (दस लाख से अधिक) आबादी वाले शहरों में देश का चौथा सबसे स्वच्छ शहर, गारबेज-फ्री सिटी में सेवन स्टार रैंकिंग और वाटर प्लस सर्टिफिकेशन की उपलब्धियों में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सक्रिय योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। रायपुर नगर निगम द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सभी जोनों के स्वच्छता अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही 25 स्वच्छता निरीक्षकों, 144 स्वच्छता दीदियों और 52 सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में रायपुर सहित प्रदेश के सात शहरों को स्वच्छता के लिए उत्कृष्ट कार्यों हेतु राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। स्वच्छ सर्वेक्षण में शामिल राज्य के 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग सुधारी है। छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का अमूल्य योगदान है, जिसके लिए वे अभिनंदन के पात्र हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इनके सम्मान के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। श्री साव ने कहा कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने राज्य शासन नगरीय निकायों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जनसहभागिता बढ़ाने गंभीरता से काम करना होगा। रायपुर नगर निगम की महापौर  मीनल चौबे ने समारोह में कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर को जो उपलब्धियां हासिल हुई हैं, उसकी नींव की पत्थर हमारी स्वच्छता दीदियां और सफाई मित्र ही हैं। स्वच्छता सेवा और समर्पण का काम है जिसे ये पूर्ण मनोयोग से कर रही हैं। आने वाले समय में रायपुर को देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बनाने के लिए हम सभी गंभीरता और सक्रियता से काम करेंगे। सभापति सूर्यकांत राठौर ने सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए धूप, बरसात और ठंड में भी अपने कार्यों को अंजाम देते हैं। आप लोगों की मेहनत से हमें नई दिल्ली में सम्मानित होने का मौका मिला है। कोरोना महामारी के कठिन समय में भी आप लोगों ने सराहनीय काम किया है। रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष गायत्री चन्द्राकर और आयुक्त विश्वदीप ने भी समारोह को संबोधित किया। निगम के अपर आयुक्त श्री यू.एस. अग्रवाल, श्री विनोद पाण्डेय और स्वास्थ्य अधिकारी सुश्री प्रीति सिंह सहित सभी जोनों के अध्यक्ष, एमआईसी सदस्य, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी और सफाई कर्मी बड़ी संख्या में सम्मान समारोह में मौजूद थे।

जनहित के कार्य समयसीमा में पूर्ण कराएं: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

  विकास कार्यों की समीक्षा की, सरयू सरोवर पार्क की मरम्मत और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने के निर्देश भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को मंत्रालय में विभिन्न विकासकार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों के कारण आमजन को असुविधा होती है, जिसे किसी भी स्थिति में नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। अधूरे कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने आईटीआई रहवासी परिसर, गौतम नगर बस्ती, गायत्री नगर समेत अनेक कॉलोनियों के विकास कार्यों का प्राक्कलन शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नालियों की सफाई, विद्युत पोलों की शिफ्टिंग और अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों की स्थापना कर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने पर बल दिया। सरयू सरोवर पार्क का सौंदर्यीकरण और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई होगी राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने सरयू सरोवर पार्क की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्क में खराब फव्वारे और झूलों की मरम्मत शीघ्र कराई जाए। पाथवे निर्माण, पार्क का समुचित रख-रखाव, हाईमास्ट लाइट की व्यवस्था एवं वाचनालय की बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही अयोध्या नगर क्षेत्र में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का सर्वे कर उन्हें पुनः चालू करने के निर्देश भी दिए। बैठक में श्री लव-कुश यादव, पार्षद श्रीमती शिरोमणि शर्मा, श्रीमती उर्मिला मौर्य समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी

पेसा अधिनियम बना जनजातीय समुदाय के लिए वरदान : चौपाल लगाकर सुलझा रहे हैं आपसी विवाद लगभग 8 हजार से अधिक प्रकरणों को जनजातीय समुदाय ने आपसी विमर्श में सुलझाया थाने में शिकायत किए बिना सुलझाए मामले भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय समुदाय के लिये राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। प्रदेश के 88 ट्राइबल ब्लॉक्स में लागू पेसा अधिनियम जनजातीय समुदाय के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस अधिनियम के अंतर्गत जनजातीय समुदाय आपसी विवादों का समाधान थानों में शिकायत दर्ज कराए बिना ही चौपालों के माध्यम से कर रहे हैं। पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में मध्यप्रदेश न केवल अग्रणी है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। जनजातीय समुदाय ने अब तक लगभग 8 हजार से अधिक विवाद प्रकरणों का चौपाल के माध्यम से निराकरण कर मिसाल पेश की है। इन मामलों में पारिवारिक जमीन संबंधी विवाद शामिल है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू किए गए पेसा एक्ट का उद्देश्य भी यही है कि जनजातीय समुदाय के लोगों को छोटे-छोटे विवाद में पुलिस थाना का चक्कर ना लगाना पड़े और आपस में बैठकर ही मामले की सुलह कर लें। साथ ही उनकी परंपरा, कला संस्कृति की भी रक्षा की जा सके। पेसा अधिनियम के अंतर्गत 3 प्रकार की समितियां कर रहीं हैं काम पेसा अधिनियम के तहत प्रदेश के 88 विकासखंडों में तीन प्रकार की समितियां काम रही है। इसमें शांति और विवाद निवारण समिति, सहयोगिनी मातृ समिति और वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति शामिल है। प्रदेश में शांति और विवाद निवारण समिति की संख्या 11 हजार 639 है। वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति की संख्या 11 हजार 331 है, जबकि सहयोगिनी मातृ निवारण समिति की संख्या 21 हजार 887 है। देश के 10 राज्य में हो रहा है पेसा एक्ट का क्रियान्वयन, मध्यप्रदेश है अग्रणी देश के 10 राज्यों में पेसा एक्ट का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सफलता की कहानियों को लेकर एक पुस्तिका भी निकाली गई है जिसमें मध्यप्रदेश की दो कहानियों को शामिल किया गया है। इस वजह से मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। 5133 ग्राम पंचायतों में लागू है पेसा अधिनियम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य वाले प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंड की 5133 ग्राम पंचायतों के 11 हजार 596 ग्रामों में पेसा एक्ट लागू किया गया है। वर्तमान में 4850 पेसा मोबलाइजर कार्य कर रहे हैं। पेसा कानून में सबसे महत्वपूर्ण विषय वित्तीय प्रबंधन है, जिसके तहत राज्य में अब तक 11 हजार 538 खाते खोले गये है।