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बहन-बेटियों के लिए सम्मान का प्रतीक है लाड़ली बहना योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  लाड़ली बहना योजना की राशि में होगी चरणबद्ध वृद्धि परिवार परम्परा का आधार है मातृशक्ति महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और अधिकार सम्पन्नता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध सतना को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने के लिए दिलाया संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत महिला सम्मेलन को किया संबोधित सतना जिले के सिंहपुर में मना मातृशक्ति उत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और सभी की अधिकार सम्पन्नता के लिए सामाजिक रचना के ताने-बाने में सभी स्तर पर आवश्यक योगदान दे रही है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किसान, युवा, गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित हैं। हमारी संस्कृति में देश के लिए मातृत्व भाव विद्यमान है, हम सब भारत माता पर सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज का मातृशक्ति सम्मेलन- माताओं-बहनों के प्रति सनातन संस्कृति के अनुरूप अनन्य श्रद्धा-स्नेह-प्रेम और सम्मान का प्रकटीकरण है। भारत की कुटुम्ब या परिवार परम्परा हमारी संस्कृति को समृद्ध और सशक्त बनाती है। परिवार परम्परा का आधार मातृशक्ति ही है। बेटियां एक ही नहीं दो परिवारों का उद्धार करती हैं। बहन-बेटियों के प्रति इस सम्मान के परिणामस्वरूप ही प्रदेश में “लाड़ली बहना योजना’’ आरंभ की गई। सावन के महीने में लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रूपए के साथ 250 रूपए अतिरिक्त रूप से आने वाले हैं। यह बहन-बेटियों प्रति हमारी सरकार का आदर और स्नेह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना जिले के सिंहपुर में आयोजित मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से वृद्धि होगी और वर्ष 2028 तक बहनों को तीन हजार रूपए प्रतिमाह उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए 1500 करोड़ रूपए से अधिक प्रतिमाह अंतरित किए जा रहे हैं। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं। इनके मान-सम्मान और कल्याण के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज तक राज्य सरकार सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपए से बढ़ाकर हर माह 1500 रूपए सहायता राशि देगी। बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के‍लिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों और स्थानीय व नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी लोकसभा और विधानसभा में बहनों का 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। माताओं-बहनों के कल्याण के लिए ही सभी परिवारों को पक्के मकान, घर-घर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दीदीयां लखपति बनकर प्रगति कर रही हैं, बेटियों के लिए शिक्षा की उचित व्यवस्था है, उन्हें साइकिलें उपलब्ध कराने के साथ-साथ परीक्षा में अच्छा परिणाम लाने पर प्रोत्साहन स्वरूप लेपटॉप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए भी आवश्यक हरसंभव सहायता बेटियों को उपलब्ध है। उद्योगों में काम करने वाली बहनों के लिए भी राज्य सरकार विशेष सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की जिन्दगी बदलने के लिए उन्हें बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोलर पम्प पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अगले डेढ़ माह में बरगी नहर का कार्य पूर्ण हो रहा है, इससे रीवा-सतना क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हमारी सरकार ने हर खेत तक पानी पहुंचाने का संकल्प लिया है और हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2002-03 तक केवल 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविध उपलब्ध थी। वर्तमान में हम 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2028 तक 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया। अगले दो साल में संभवत: 2700 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के माध्यम से शीघ्र ही गरीबों के लिए 4 करोड़ आवास स्वीकृत होने वाले हैं, वर्ष 2028 तक 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन की व्यवस्था है, बच्चों की शिक्षा के लिए सांदिपनी विद्यालय जैसे स्कूल विद्यमान हैं, यह सब रामराज की संकल्पा को साकार करने के समान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार श्रीराम वन गमन पथ का निर्माण करा रही है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण ने जहां-जहां लीलाएं की हैं, वे स्थल तीर्थ के रूप में विकसित किए जाएंगे। किसानों की आय में वृद्धि के‍लिए गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से परिवार के सभी सदस्यों को पर्याप्त पोषण भी उपलब्ध हो सकेगा। अत: सरकार घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए 'जिसके घर गाय वह गोपाल' के भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में देश का 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन होता है, इसे 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। यदि कोई गौ-पालक 25 गायों का पालन करता है तो उन्हें लागत के 40 लाख रूपए में से 10 लाख रूपए अनुदान के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। गौशालाओं में भी प्रति गौमाता 20 रूपए के स्थान पर 40 रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। पांच हजार से अधिक गौमाताएं पालने पर 130 एकड़ जमीन और 40 रूपए प्रति गाय के मान से सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। गौमाताओं की उचित देखभाल के लिए नगर निगम, नगर परिषद और पंचायतों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा-सतना क्षेत्र में पर्याप्त औद्योगिक गतिविधियां संचालित हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होमस्टे विकसित करने में राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिला भगवान श्रीराम से जुड़ता है अत: क्षेत्र के विकास के लिए कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमुदाय को अपने गांव-मोहल्ले का उन्नयन करते हुए सतना जिले को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने में योगदान देने का … Read more

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से अग्रसर: अब तक 4106 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त घोषित

टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और सुनियोजित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी व्यापक कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वित की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के दिशानिर्देशन में 7 दिसंबर 2024 को "निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़ – 100 दिवसीय अभियान" की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य था – टीबी के विरुद्ध जमीनी स्तर पर निर्णायक लड़ाई छेड़ना। अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करते हुए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जांच कराई गई। इस अभियान के तहत 36 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 4.5 लाख से अधिक एक्स-रे जांचें की गईं और 1.5 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच अत्याधुनिक ‘नॉट मशीन’ से की गई। यह व्यापक परीक्षण प्रक्रिया टीबी की शीघ्र पहचान और त्वरित उपचार के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई। इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। स्वयं राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पोषण आहार उपलब्ध कराने की पहल की। अब तक 15,000 से अधिक नए निक्षय मित्रों ने पंजीकरण कर 34,000 से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की है। राज्य के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा वर्ग, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक इस अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बने हैं। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर समाज के उन वर्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जो आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाते हैं – जैसे कि जेलों में बंद बंदी, वृद्धाश्रमों के बुजुर्ग, छात्रावासों में रह रहे छात्र तथा फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिक। इनके लिए विशेष शिविरों का आयोजन कर जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इन समर्पित प्रयासों और सामूहिक भागीदारी का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। अब तक राज्य की 4106 ग्राम पंचायतों को "टीबी मुक्त" घोषित किया जा चुका है — जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब शासन की प्रतिबद्धता और जनसहयोग एक साथ मिलते हैं, तब बदलाव सिर्फ लक्ष्य नहीं, उपलब्धि बन जाते हैं – और छत्तीसगढ़ इसका जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है।

सोमवार से शुरू हो रहा विधानसभा सत्र, सुरक्षा नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, लाल-पीली-नीली बत्ती वाले वाहन बैन

भोपाल  विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से 48 घंटे पहले ही विधानसभा परिसर को सुरक्षा घेरा बना दिया गया है। विधानसभा सचिवालय के फैसले के चलते शनिवार को यहां नियमित कामकाज बंद रहा। केवल सुरक्षा प्रबंधों से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी ही विधानसभा परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।  धरना-प्रदर्शन पर सख्ती, परिसर में सीमित एंट्री इस बार सत्र शुरू होने से पहले ही सुरक्षा प्रबंधों के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन को लेकर भी सियासी गर्माहट देखने को मिल रही है। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर प्रमुख सचिव ने विधायकों द्वारा परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन को प्रतिबंधित कर दिया है। अब एंट्री को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। शनिवार को गेट नंबर 3 पर दिनभर पुलिस वाहनों की आवाजाही और अधिकारियों की रिहर्सल चलती रही, जबकि गेट नंबर 1, 2, 4 और 5 को बंद रखा गया। मीडिया और अन्य कार्यालय भी रहे बंद इस बार सत्र से पहले मीडिया कार्यालय शनिवार को बंद रहा, जो आमतौर पर खुला रहता है। इसके कारण पास बनवाने पहुंचे पत्रकारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्हें बताया गया कि पास वितरण रविवार दोपहर से शुरू होगा। यही स्थिति अन्य समितियों से संबंधित कार्यालयों की भी रही। विधानसभा परिसर में प्रवेश के लिए नए नियम     किसी भी वाहन में लाल, पीली या नीली बत्ती (फ्लैश लाइट) नहीं लगी होनी चाहिए। हूटर लगे वाहन परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।     केवल उन्हीं एलपीजी और सीएनजी वाहनों को प्रवेश मिलेगा, जिन्हें आरटीओ से अनुमति प्राप्त है।     बिना नंबर या अनधिकृत गैस चालित वाहनों को परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।     प्राइवेट ऑटो रिक्शा को सत्र के दौरान परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।     विधायकों की ड्यूटी में लगे अंगरक्षकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।     भारी हथियारों से लैस अंगरक्षक भी परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।     वैध पास धारक अंगरक्षकों और सहायकों के बैठने की व्यवस्था नए शेड में की गई है।     विशेष आगंतुक और मंत्रियों को गेट नंबर 1 या 3 से प्रवेश मिलेगा।     विधानसभा अध्यक्ष गेट नंबर 1 से प्रवेश करेंगे और गेट नंबर 3 से बाहर निकलेंगे।     विधायक और अधिकारी भी गेट नंबर 1 से प्रवेश और गेट नंबर 3 से निकास करेंगे।     पत्रकारों और दोपहिया वाहन पासधारकों को गेट नंबर 5 से प्रवेश और निकास की अनुमति दी गई है।  

कारगिल विजय दिवस, देशवासियों के लिए है गौरव का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस की बधाई देते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों ने पराक्रम की पराकाष्ठा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पाकिस्तान को पराजित किया था। साठ दिन तक चलने वाले युद्ध की छवियां आज भी देशवासियों के मन मस्तिष्क पर बनी हुई है। भारतीय सैनिकों ने दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों में एक-एक चोटी को फतह कर अपने शौर्य का परचम फहराया, देश को गौरवान्वित किया और हमारा मनोबल बढ़ाया। हमें विश्वास है कि भारतीय सेना सभी चुनौतियों का सामना करने मैं सदैव समर्थ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और बलिदान की अमर गाथा, कारगिल विजय दिवस हम सभी के लिए गौरव का उत्सव है। मां भारती के वीर सपूतों ने सर्वस्व न्यौछावर कर कारगिल में शत्रु का संहार कर विजय प्राप्त की। यह अवसर राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रण का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के माध्यम से जारी अपने संदेश में, प्रदेशवासियों से मां भारती की सेवा में सर्वस्व समर्पित करने का संकल्प लेने का आहवान किया है।  

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनी विद्यालयों की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिये वचनबद्ध है। इसी उद्देश्य को लेकर स्कूल ‍शिक्षा विभाग लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनी विद्यालयों की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है। इन विद्यालयों ने न केवल प्रदेश में बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के साईखेड़ा ब्लॉक के ग्राम बम्होरीकला में नि:शुल्क साईकिल वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के भी प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की इस कमी को भर्ती अभियान से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम के मंदिर में चबूतरा निर्माण के लिये दो लाख 50 हजार रूपये देने की घोषणा की। मंत्री श्री सिंह ने सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती मुमताज खान को उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दी गई उल्लेखनीय सेवा के लिये सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री नरेश पाठक, श्रीमती साधना स्थापक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

नियुक्तियों में राहत: MP के हजारों कर्मचारियों को मिलेगा स्थायी पद और बढ़ा हुआ वेतन

भोपाल   नगर निगम में कार्यरत 7.50 हजार से अधिक कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। लंबे समय से पदोन्नति और नियमितीकरण का इंतजार कर रहे इन कर्मचारियों जल्द ही नियमित किया जाएगा।  नगर निगम परिषद की बैठक में महापौर मालती राय ने यह घोषणा की। आयुक्त बनाएंगे सूची भोपाल महापौर ने आयुक्त को विभिन्न स्तर के वरिष्ठ कर्मचारियों की सूची तैयार करने को कहा है। इससे दैनिक वेतन भोगी, अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल, उच्च कुशल, 89 दिवसीय और विनियमित कर्मचारियों को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर लाभ मिलेगा। इनमें से कुछ को नियमित भी किया जाएगा। इन कर्मचारियों को लाभ ● स्थायी नौकरी की सुरक्षा ● वेतन वृद्धि और पदोन्नति के अवसर ● चिकित्सा सुविधाएं ● कई तरह के भत्ते ● अवकाश सुविधा नियमितीकरण से कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि होगी। साथ ही निगम के कामकाज में अधिक दक्षता आएगी।कर्मचारियों को बेहतर अवसर मिलने से वे और अधिक समर्पण के साथ कार्य कर सकेंगे। जिसका सीधा लाभ शहर के नागरिकों को मिलेगा।-मालती राय, मेयर इन मुद्दों पर हंगामा बैठक में नगर निगम आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने को लेकर भाजपा पार्षद पप्पू विलास राव धरने पर बैठ गए। नाम परिवर्तन प्रस्ताव पर चर्चा पर भाजपा पार्षद ने नवाब हमीदुल्लाह को गद्दार कहा। इस पर हंगामा हुआ। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे। हंगामे पर अध्यक्ष ने कहा कि सत्य को स्वीकारना ही होगा। नाराज कांग्रेस पार्षद इस मुद्दे पर आसंदी का घेराव करने पहुंच गए। बाद में सदन को स्थगित कर दिया गया। ये प्रस्ताव बहुमत से पारित ● महाशिवरात्रि के दिन मांस दुकानें बंद रहेंगी ● ८० फीट रोड चौराहे का नाम विवेकानंद चौक ● हमीदिया अस्पताल-कॉलेज-स्कूल का नाम पूर्व विधायक रमेश शर्मा गुट्टू भैया के नाम पर ● बीयू, नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी, प्रेमपुरा में 25 करोड़ से विसर्जन कुंड ● वार्ड विकास कार्य की फाइल पर दो माह के अंदर टेंडर और वर्कऑर्डर जारी होगा ● शालीमार, मेरीगोल्ड मैरिज गार्डन और 24 दुकानों के निर्माण की जांच होगी ● अवैध पार्किंग स्थलों को दोबारा सर्वे कर चिन्हिंत किया जाएगा ● 8 हजार सफाई कर्मियों को यूनिफार्म, रेनकोट, हेल्थ चेकअप होगा जनता के मुद्दे एजेंडे से गायब शबिस्ता जकी ने कहा कि हमने एजेंडा आने से पहले शहर की सडक़, सीवेज, जल भराव, खराब सड़क जैसी जनता की समस्याओं पर चर्चा का प्रस्ताव दिया था। ये मुद्दे एजेंडे से नदारद हैं। वीआईपी रोड किनारे चौपाटी बनाने का मुद्दा कांग्रेस के पार्षद अजीज उद्दीन ने उठाया। पार्षद अजीजउद्दीन ने अफसरों द्वारा फोन नहीं उठाने पर भी आपत्ति ली। कांग्रेस पार्षद शिरीन ने कहा जन्म-मृत्यु अधिकारी सत्यप्रकाश बड़वैया प्रभारी अधिकारी हैं। उन पर गोविंदपुरा थाने में प्रकरण दर्ज है। योगेंद्र ने पूछा कि क्या एनजीटी की गाइडलाइन के हिसाब से ही कुंड बनाए जा रहे हैं। यति ने कहा सभी अनुमतियां हैं।

सशक्तिकरण की नई दिशा: बालिकाओं को मिला डिजिटल सुरक्षा का कवच

खेल और संवाद के माध्यम से बालिकाएं हुईं साइबर जागरूक, खोंगापानी के आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में हुआ सफल समापन एमसीबी जिले में ’बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत आयोजित अंतिम जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आदर्श विद्या मंदिर हायर सेकेंड्री स्कूल, खोंगापानी में ‘ऑनलाइन सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता’ विषय पर विशेष सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को साइबर अपराधों और डिजिटल खतरों से सचेत करते हुए उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त बनाना था। इस कार्यक्रम का संचालन जिला कलेक्टर एवं दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट के निर्देश तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी आर.के. खाती के मार्गदर्शन में किया गया। पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन सिंह का आयोजन में सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम की रूपरेखा मिशन शक्ति के अंतर्गत जिला मिशन समन्वयक श्रीमती तारा कुशवाहा के नेतृत्व में तैयार की गई, जिन्होंने बालिकाओं के लिए इस सत्र को संवादात्मक, सरल और ज्ञानवर्धक रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के मुख्य सत्र में पुलिस विभाग की श्रीमती उषा राजवाड़े ने बालिकाओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा चोरी, बैंकिंग फ्रॉड, रैनसमवेयर, सॉफ्टवेयर हैकिंग, डी-डॉस अटैक और साइबर जासूसी जैसे जटिल साइबर खतरों से अवगत कराया। उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, पहचान गोपनीयता, पासवर्ड सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यवहारिक उदाहरणों सहित मार्गदर्शन दिया। इसी क्रम में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रतिनिधि श्रीमती अंजनी यादव (पी.एल.वी.) ने बालिकाओं को कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा तकनीकों और साइबर शोषण से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की महत्ता समझाते हुए बालिकाओं को किसी भी आपात स्थिति में निःसंकोच मदद लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता समन्वयक श्रीमती अनीता कुमारी साह ने सरकार द्वारा चलाई जा रही महिला कल्याणकारी योजनाओं जैसे दृ नोनी सुरक्षा योजना, सक्षम योजना, सखी निवास, शक्ति सदन, नारी अदालत, महतारी वंदन योजना, मातृ वंदन योजना और नवा बिहान योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने योजनाओं के लाभों को बालिकाओं की भाषा में सरल रूप से समझाकर उनके आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा स्पष्ट की। वहीं आर.के. खाती ने बालिकाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों, डिजिटल साक्षरता, आत्मरक्षा कौशल और शिक्षा के महत्व पर विस्तार से संबोधित किया। उन्होंने कहा “आज की बेटियाँ तकनीकी जागरूकता, आत्मबल और शिक्षा के माध्यम से समाज की संरचना को बदलने की शक्ति रखती हैं। यह जिम्मेदारी हम सबकी है कि उन्हें सुरक्षित, सशक्त और जागरूक बनाया जाए।” इस आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षक टीवीवीरेंद्र बहादुर सिंह, ह्रदय नारायण सिंह, विश्व जीत आचार्य, अनिल कुमार त्रिपाठी सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। बालिकाओं ने पूरे सत्र में गहरी रुचि दिखाई, प्रश्न पूछे, अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। कार्यक्रम का समापन सभी विद्यार्थियों के साथ रोचक खेलों के आयोजन और बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल बालिकाओं को डिजिटल खतरों से सजग बनाने में सफल रहा, बल्कि उनके भीतर आत्मरक्षा और आत्मविश्वास का भाव भी सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ। इस अंतिम कार्यक्रम ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान की सफलता को एक नए शिखर पर पहुँचाया और जिले में बालिकाओं के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराई।

EOW का शिकंजा: विधायक संजय पाठक की कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू, मामला दर्ज

भोपाल  सहारा समूह की 310 एकड़ बेशकीमती जमीनों की खरीद-फरोख्त में 72.82 करोड़ रुपए के गबन का खुलासा हुआ है। हैरानी यह है कि 310 एकड़ जमीन का बाजार मूल्य करीब 1000 करोड़ था। उसे पहले 90 करोड़ रुपए में बेचा। इसमें भी 72.82 करोड़ का गबन ही कर लिया गया। इस मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार को एफआइआर दर्ज की है।  जनवरी से अबतक 6 माह में जमीनों के खरीदार और विक्रेता पक्ष से सवाल-जवाब करने के बाद ईओडब्ल्यू ने सहारा के तीन प्रमुख अधिकारियों सहारा प्रमुख सुब्रता रॉय के भाई जेबी रॉय, बेटे सीमांतो रॉय और ओपी श्रीवास्तव समेत अन्य पर केस दर्ज किया है। बता दें, चे जमीनें बिजयराघवगढ़ के भाजपा विधायक संजय पाठक (bjp mla sanjay pathak) के परिवार की शेयर होल्डिंग कंपनियों के जरिए खरीदी गई है। बताते है, इस एफआइआर के बाद विधायक पाठक की मुश्किलें भी बढ़ सकती है। कौन है तीनों आरोपी     सीमांतो रॉय, कॉर्पोरेट कंट्रोल मैनेजमेंटसहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के बेटे हैं। जबलपुर और कटनी के जमीन सौदे के निर्णय में सीधे तौर पर शामिल थे।     जेबी रॉय डिप्टी मैनेजिंग वर्करसहारा प्रमुख के भाई हैं। भोपाल की जमीन सौदे में सक्रिय भूमिका थी। लंबे समय से विदेश में हैं।     ओपी श्रीवास्तव डिप्टी मैनेजिंग वर्करसहारा के लैंड डिविजन के प्रमुख हैं। इसलिए जमीनों की खरीद-फरोख्त के मसले में आरोपी बनाया गया। हैरान कर देने वाला विचित्र घोटाला सहारा समूह की भोपाल, सागर, जबलपुर, कटनी और ग्वालियर स्थित जमीनों में गबन किया गया है। ईओडब्ल्यू की जांच में खुलासा हुआ है कि भोपाल और सागर में सहारा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया। नियमानुसार, जमीन बेचने के बाद पूरी राशि सहारा और सेबी के संयुक्त खाते में जमा करना था। लेकिन 48 करोड़ में जमीन बेचने के बाद भी एक पैसा जमा नहीं किया। जबलपुर और कटनी में भूमि विकास व्यय और विविध शासकीय व्यय के नाम पर 9.6 करोड़ से अधिक राशि काट ली गई। ग्वालियर में भी 1.22 करोड़ की राशि काटकर गबन किया गया। विधायक संजय पाठक की पारिवारिक फर्मों ने किया सौदा सहारा की 310 एकड़ जमीन कौड़ी के भाव विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिकर की फर्मों से किया। भोपाल में 110 एकड़ जमीन पाठक की पारिवारिक कर्म सिनाप रियल एस्टेट प्रालि को बेची। फर्म में विधायक की मां निर्मला पाठक और बेटे यश पातक की 50-50% शेयर हैं। कटनी और जबलपुर में सहारा की करीब 200 एकड़ जमीन थी। इसका सौदा भी मेसर्स नामसा देवबिल्ड प्राप्ति से किया। इस फर्म में भी निर्मला पाठक और यश 50 50% के शेयर होल्डर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिया था ये आदेश सहारा को जमीनों की बिकी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 11 जुलाई 2016 को स्पष्ह निर्देश जामी इलाके अनुसार, सहामा की संपति की बिक्री की राशि सेबी-सहारा रिफंड अकाउंट में उमा करनी थी। ताकि सहारा के निवेशकों का लौटाया जा सके। इसी आदेश का उल्लघन किया गया।

आयुष्मान कार्ड, वय वंदन, एएनसी एवं सिकल सेल जांच पर दिया जोर

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज बिल्हा ब्लॉक  में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की गहन समीक्षा प्रार्थना सभा भवन में की। बैठक में आयुष्मान भारत योजना, वय वंदन योजना, गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच एवं सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग और उपचार संबंधी गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध और पारदर्शी रूप से पहुंचाया जाए। बैठक में नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, एसडीएम बजरंग वर्मा, सीएमएचओ डॉ. शुभा गढ़ेवाल, डीपीएम पीयूली मजूमदार सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और मैदानी अमले के लोग मौजूद थे।      कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत बचे हुए हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड जल्द बनाने के निर्देश दिए। बिल्हा में 3 लाख 57 हजार 31 आयुष्मान कार्ड बनना है जिसमें से 2 लाख 64 हजार 544 आयुष्मान कार्ड बन चुके है। 92 हजार 487 हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनना शेष है। कलेक्टर ने इसमें प्रगति लाने कहा। उन्होंने कार्ययोजना बनाकर एक माह के भीतर बचे हुए हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सामूहिक रूप से लोगों को जोड़ने से ही यह कार्य संभव होगा। उन्होंने वार्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय प्रचार-प्रसार और लाभार्थी जागरूकता अभियान चलाने कहा। हर पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचना चाहिए, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित वय वंदन योजना की भी समीक्षा की गई। उन्होंने इसमें भी प्रगति लाने के निर्देश दिए।  गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच अनिवार्य – कलेक्टर ने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण आवश्यक है। गर्भवती महिलाओं के लिए एएनसी जांच, टीकाकरण एवं पोषण सुविधा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी गर्भवती महिला जांच से वंचित न रहे।      बैठक में कलेक्टर ने सिकल सेल जांच एवं उपचार की भी सीएचसी एवं पीएचसी वार समीक्षा की। उन्होंने सिकल सेल जांच में प्रगति लाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया और जलजनित रोगों के प्रति भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित तौर पर निरीक्षण करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सभी जरूरतमंद व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचना चाहिए।  

कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड से इलाज के मामले में दगोरी अस्पताल की प्रशंसा, टीबी मरीजों की मदद के लिए निक्षय मित्र बनने की अपील

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की बैठक आज आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित तमाम हितग्राही मूलक योजनाओं की समीक्षा कर उनमें और तेज गति से काम करने के निर्देश दिए। व्यापक संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद कई स्वास्थ्य सूचकांकों में जिले के नीचले पायदान में रहने पर कलेक्टर ने अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अब बोलने का नहीं बल्कि तेजी काम करने का समय आ गया हैं। किसी तरह की कोताही अथवा हीला-हवाला बर्दाश्त नहीं की जायेगी। सभी लोग एक निश्चित कार्य-योजना बनाकर निरंतर काम पर अपेक्षित परिणाम दें।              कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड के लिए विभाग को प्रतिदिन 5 हजार कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया। अब तक कार्ड निर्माण में शिथिलता पाई गई। पिछले दो माह में केवल 32 हजार कार्ड बनाये गये। जिले में अब तक केवल 74 प्रतिशत लोगों के कार्ड बने हैं। जबकि राज्य का औसत 88.2 प्रतिशत हैं। रैकिंग में राज्य के सभी जिलों में से आखिरी 33 वें नम्बर पर है। आयुष्मान कार्ड से इलाज करने में भी सरकारी अस्पताल पीछे हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों को भर्ती कर उपचार करने के निर्देश दिए। पीएचसी दगौरी जैसे छोटे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा 42 लाख रूपये का भुगतान दावा किये जाने पर उसकी सराहना की गई। उनके द्वारा 615 लोगों का इलाज किया गया है। कलेक्टर ने हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनकी सतत् निगरानी करते रहने के निर्देश दिए ताकि किसी भी महिला का प्रसव के दौरान मृत्यु न हो। उन्होंने कहा कि हर गर्भवती माता का पंजीयन होना चाहिए ताकि सभी प्रकार के टीके उन्हें लग सके। एक भी महिला पंजीयन से छूटना नहीं चाहिए। प्रसव के उपरांत प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का लाभ भी दिलाया जाए।प्रथम प्रसव में दो किश्तों में 5 हजार और दूसरे प्रसव में लड़की होने पर 6 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। शिशु मृत्यु की रिपोर्टिग में त्रुटि होने पर इसे सुधारने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्रों में एक भी बेड रिक्त नहीं रहने चाहिए। स्वास्थ्य के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की भी जिम्मेदारी इसमें बनती है। पिछले 3 माह में 198 कुपोषित बच्चों को इसमें भर्ती कर लाभान्वित किया गया है।       कलेक्टर ने एनीमिया मुक्त अभियान के अंतर्गत हाई स्कूल की सभी बच्चियों की जांच करने और दवाईयां देने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षय रोग उपचार के लिए ज्यादा से ज्यादा निक्षय मित्र बनाने को कहा है। फिलहाल 1,624 क्षय रोगियों का इलाज चल रहा है। कलेक्टर ने मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि अब तक जिले में 38 प्रकरण आये हैं। कोटा क्षेत्र में इस बीमारी के केस मिलते हैं। उन्होंने कहा कि मलेरिया से एक भी मरीज की मृत्ये न हो इसके लिए सभी उपाय सुनिश्चित करें। उन्होंने मच्छरदानी एवं मास्क्विटो रिपेलेन्ट के लिए प्रस्ताव देने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि चिरायु योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी एवं स्कूलों में नियमित रूप से डॉक्टरों की टीम पहुंचे। एक भी बच्चा स्वास्थ्य जांच से वंचित नहीं होना चाहिए। गंभीर बीमारी की समय पूर्व सूचना मिल जाने पर आगे उनका मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जायेगा। बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, सीएमएचओ डॉ0 शुभा गढ़ेवाल, सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. यशवंत धु्रव, डीपीओ सुरेश सिंह, डीपीएम पियुली मजूमदार सहित सहित स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ और विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं के प्रभारी अधिकारी उपस्थित थे।