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छत्तीसगढ़ के 11 हजार दिव्यांगजनों को मिलेगा स्वरोजगार ऋण, कौशल प्रशिक्षण भी होगा अनिवार्य

रायपुर : 11 हजार दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए मिलेगा ऋण, कौशल प्रशिक्षण भी होगा अनिवार्य: लोकेश कवाडि़या राज्य सरकार की पहल से दिव्यांगजन बनेंगे आत्मनिर्भर उद्यमी, व्यवसाय संचालन और विपणन सहायता भी मिलेगी रायपुर प्रदेश के दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम ने बड़ी पहल करते हुए 11 हजार दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही हितग्राहियों को कौशल विकास प्रशिक्षण, उद्यमिता मार्गदर्शन और विपणन सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कवाडि़या ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (एनडीएफडीसी) से अधिकृत विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर स्वरोजगार ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक को संबोधित करते हुए कवाडि़या ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाकर प्रदेश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से दिव्यांगजन आत्मसम्मान के साथ आजीविका अर्जित कर सकेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार ऋण प्राप्त करने वाले प्रत्येक हितग्राही के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा। निगम द्वारा विकसित किए जा रहे प्रशिक्षण केंद्रों में तकनीकी दक्षता के साथ वित्तीय प्रबंधन, उद्यमिता विकास तथा व्यवसाय संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे लाभार्थी अपने उद्यम का सफलतापूर्वक संचालन कर सकें। कवाडि़या ने कहा कि दिव्यांग उद्यमियों को व्यवसायिक परामर्श, नियमित मार्गदर्शन और विपणन सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। निगम प्रतिष्ठित व्यावसायिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है, ताकि लाभार्थी लॉन्ड्री, किराना, रेडीमेड वस्त्र, जूते-चप्पल तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं से जुड़े व्यवहारिक और लाभकारी व्यवसाय स्थापित कर सकें। बैठक में राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (एनडीएफडीसी) के मुख्य महाप्रबंधक ने आश्वस्त किया कि सभी वित्तीय रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं को पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत और वितरित किए जाने के बाद एनडीएफडीसी द्वारा पुनर्वित्त (रिफाइनेंस) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी ऋण प्रकरण छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित किए जाएंगे, जिससे हितग्राहियों का समग्र डाटाबेस तैयार किया जा सके तथा योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, जम्मू एंड कश्मीर बैंक, आईडीबीआई बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, एपेक्स बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक तथा एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैंक प्रतिनिधियों ने निगम की पहल की सराहना करते हुए ऋण वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने का सुझाव दिया। बैठक में निगम के प्रबंध संचालक, महाप्रबंधक, सलाहकार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस पहल से प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ ही उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलने की उम्मीद है।

संदीप पाठक मामले में पंजाब सरकार फिर घिरी, FIR का विवरण न देने पर सुनवाई 17 अक्टूबर तक टली

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सांसद संदीप पाठक की दो माह से लंबित याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान भी पंजाब सरकार उनके खिलाफ दर्ज मामलों का पूरा ब्योरा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष पेश नहीं कर सकी। सरकार ने चौथी बार जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने संदीप पाठक को पहले से मिली अंतरिम राहत को बरकरार रखते हुए अगली सुनवाई 17 अक्तूबर तय कर दी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दर्ज सभी एफआईआर का पूरा विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकी। सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया गया। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए सरकार को और समय दे दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक संदीप पाठक को पूर्व में दी गई अंतरिम राहत जारी रहेगी। यानी उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या अन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी और अदालत के अगले आदेश तक यह संरक्षण प्रभावी रहेगा। याचिका में संदीप पाठक ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों और संभावित कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालत से संरक्षण की मांग की है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की थी, जिसे अब 17 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है। अगली सुनवाई तक पंजाब सरकार को अदालत के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि संदीप पाठक के खिलाफ राज्य में कुल कितनी एफआईआर दर्ज हैं और वे किन-किन स्थानों पर दर्ज हैं। इसके बाद ही मामले में आगे की सुनवाई और राहत पर विचार किया जाएगा। चार सुनवाई, चार बार मोहलत संदीप पाठक ने 6 मई को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर पहली सुनवाई 8 मई को हुई। उस दिन सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा तो अदालत ने 11 मई की तारीख देते हुए पाठक को अंतरिम राहत प्रदान कर दी। 11 मई को भी सरकार ने अतिरिक्त समय मांगा, जिसके बाद सुनवाई 15 मई तक स्थगित कर दी गई और राहत जारी रखी गई।  15 मई को भी सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए मोहलत मांगी। इसके बाद अदालत ने सुनवाई पहले 22 मई और फिर 29 मई के लिए तय की, लेकिन समयाभाव के कारण मामले पर सुनवाई नहीं हो सकी। शुक्रवार को मामला दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ, लेकिन चौथी बार भी सरकार ने अदालत से समय मांग लिया। हाईकोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 17 अक्तूबर निर्धारित कर दी। इस दौरान संदीप पाठक को मिली अंतरिम राहत भी यथावत रहेगी। 

Agra-Mumbai Highway पर लंबा जाम, भैरूघाट के अजनार ब्रिज की मरम्मत बनी यात्रियों की परेशानी

धार   अगर आप राष्ट्रीय राजमार्ग आगरा-मुंबई हाईवे पर सफर कर रहे हैं और धामनौद इलाके से गुजरने की सोच रहे हैं तो जरा रुकिए. मानपुर के भेरूघाट के अजनार नदी पुल पर वाहनों का रेला लगा हुआ है. एक्सपेंशन जॉइंट की मरम्मत के दौरान एक वाहन के चढ़ जाने से एक हिस्सा दोबारा टूट गया. अब 4 जुलाई तक पुल की एक लेन बंद रहेगी. भीषण जाम से वाहन चालक परेशान हो रहे हैं।  मरम्मत के ठीक बाद हैवी वाहन ने काम बिगाड़ा NHAI ने प्री-मानसून चेकिंग में भेरू मंदिर की ओर वाले एक्सपेंशन जॉइंट में दरार पकड़ी थी. 4 दिन पहले माइक्रो कंक्रीट से रिपेयर कर बैरिकेडिंग की गई, लेकिन रात में एक भारी वाहन बैरिकेड तोड़कर उस पर चढ़ गया. इससे 1 जुलाई को मजबूरन दोबारा मरम्मत शुरू करनी पड़ी. NHAI इंजीनियरों का कहना है कि माइक्रो कंक्रीट को पूरी ताकत पाने में 3 से 6 दिन लगते हैं. समय से पहले हैवी ट्रैफिक चला तो पुल का स्लैब क्रैक हो सकता है. इसलिए रिस्क न लेते हुए एक लेन बंद है और वन-वे ट्रैफिक चल रहा है।  बड़ी संख्या में पुलिस व्यवस्था बनाने में जुटी मानपुर, धामनोद, किशनगंज पुलिस के साथ NHAI, क्रेन, एंबुलेंस, रेस्क्यू टीम 24 घंटे मौके पर तैनात है. NHAI ने साफ किया है कि ये यात्रियों की सुरक्षा का मामला है. जल्दबाजी में बड़ा हादसा हो सकता है. 4 जुलाई तक धैर्य रखें. प्रशासन ने रूट डायवर्जन भी किया हैं, जिससे इंदौर की ओर से आने वाले वाहन मानपुर से बगड़ी होते हुए निकल रहे हैं. कई वाहन इंदौर से जाम घाट होते हुए महेश्वर की ओर से निकाले जा रहे हैं. प्रशासन ने सभी से धैर्य और सहयोग की अपील की है।  इंदौर जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाएं धामनोद एसडीओपी मोनिका सिंह ने बताया "पुल की मरम्मत का काम NHAI द्वारा किया गया है. लगभग 1 किलोमीटर के पैच का ट्रैफिक डायवर्ट करते हुए दूसरी साइड से निकाल रहे हैं. धामनोद से इंदौर जाने के लिए पलाश होते हुए आप डाइवर्जन पॉइंट ले सकते हैं. आप धार फाटक होते हुए, बगड़ी होते हुए भी इंदौर जा सकते हैं।  "महेश्वर होते हुए भी इंदौर जा सकते हैं. ट्रैफिक स्लो गति से चल रहा है, थोड़ा सा लेट चल रहा है. आप लेट होंगे, लेकिन किसी प्रकार की वहां पर फंसने जैसी स्थिति नहीं है. हमने बहुत सारे पॉइंट्स पर पुलिस बल, ट्रैफिक बल लगाया है. मानपुर पुलिस द्वारा भी बल लगाया गया है ताकि किसी भी यात्री को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। 

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण की बड़ी सफलता, नर चीतल शिकार मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार; कोर्ट ने भेजा जेल

रायपुर : वन्यजीव संरक्षण में बड़ी सफलता : नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल सरकार की सख्ती से वन्यजीव अपराधों पर लग रहा अंकुश, वन्यजीव संरक्षण को मिल रही मजबूती रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन, वन्यजीव और जैव विविधता के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा अवैध शिकार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में कवर्धा परियोजना मंडल ने नर चीतल के अवैध शिकार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया। मुखबिर की सूचना पर योजनाबद्ध कार्रवाई वन विकास निगम के बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट स्थित जंगल में शिकारियों ने जाल बिछाकर लगभग तीन वर्ष के नर चीतल का शिकार किया। इसके बाद उसके मांस को पकाकर आपस में बांटने की तैयारी की जा रही थी। मुखबिर से मिली सूचना पर वन विकास निगम की टीम ने तत्काल योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर दबिश दी और सभी सात आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। शिकार में प्रयुक्त सामग्री और चीतल का मांस जब्त कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से लगभग 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन की रस्सी, तीन कुल्हाडि़यां, स्टील के तार एवं लकड़ी से बने फंदे तथा खून से सना थैला बरामद कर जब्त किया गया। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई। सघन निगरानी और गश्त से मिल रही सफलता वन विभाग और वन विकास निगम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा विशेष निगरानी अभियान चलाने के कारण वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से अवैध शिकार करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। वन्यजीव संरक्षण के लिए सरकार की स्पष्ट नीति मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग आधुनिक निगरानी व्यवस्था, नियमित गश्त और प्रभावी सूचना तंत्र के माध्यम से वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने का कार्य कर रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि वन्यजीवों का अवैध शिकार करने या प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।  वन मंत्री श्री कश्यप ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं। यदि कहीं भी अवैध शिकार या वन अपराध की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

मध्य प्रदेश में UCC पर बड़ा फैसला, मोहन सरकार ने समिति को दिया 26 जुलाई तक का समय

भोपाल मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून अब विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश होना मुश्किल दिखाई दे रहा है। सरकार ने UCC का मसौदा तैयार कर रही उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल 26 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है, जबकि विधानसभा का मानसून सत्र 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में इस सत्र में विधेयक पेश होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने 30 जून को जारी अधिसूचना में समिति के सदस्य सचिव के अनुरोध और ड्राफ्ट तैयार करने की प्रगति को देखते हुए कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय लिया। समिति के गठन से जुड़े अन्य सभी प्रावधान यथावत रहेंगे। गुजरात मॉडल पर तैयार हो रहा ड्राफ्ट सूत्रों के अनुसार, अब तक तैयार ड्राफ्ट का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा गुजरात UCC के प्रावधानों पर आधारित है। इसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे पारिवारिक मामलों के लिए सभी समुदायों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है। CM के बयान से बने हुए हैं कयास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले कह चुके हैं कि जुलाई में होने वाले मानसून सत्र के दौरान UCC कानून का रूप ले सकता है। 2 जुलाई को मुख्यमंत्री के समक्ष UCC ड्राफ्ट का प्रेजेंटेशन भी हो चुका है। ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि समिति का कार्यकाल बढ़ने के बावजूद सरकार ड्राफ्ट को अंतिम रूप देकर विधेयक लाने का प्रयास कर सकती है।

8 जुलाई को वाराणसी से CM योगी करेंगे मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ

मुख्यमंत्री 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का करेंगे शुभारंभ  – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर की थी घोषणा, देशभर में मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा – 7.89 लाख से अधिक बेसिक शिक्षा विभाग के लाभार्थियों ने कराया पंजीकरण, 3 जुलाई से माध्यमिक शिक्षकों के लिए भी पोर्टल शुरू – डिजिटल पोर्टल के जरिए होगा पंजीकरण, सत्यापन और ई-केवाईसी, शिक्षकों और उनके परिवारों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई वाराणसी में शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। योजना के माध्यम से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अनुरूप कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की घोषणा की थी।  बेसिक विभाग के 7 लाख से अधिक लाभार्थियों ने पोर्टल पर दर्ज कराई डिटेल्स साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रभावी और पारदर्शी संचालन के लिए डिजिटल व्यवस्था को अपनाया गया है। इसके लिए विभाग की ओर से पात्र लाभार्थियों का विवरण संकलित करने के लिए ऑनलाइन डेटा संग्रह पोर्टल विकसित किया गया। पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों का पंजीकरण, सत्यापन और अनुमोदन डिजिटल प्रक्रिया के जरिये किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के लिए विकसित पोर्टल पर अब तक 7,89,032 लाभार्थी अपना विवरण दर्ज करा चुके हैं। लाभार्थियों द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण का सत्यापन संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) द्वारा किया जाएगा। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अंतिम अनुमोदन प्रदान करेंगे। बीएसए स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के बेनिफिशरी एडेंटिफिकेशन सिस्टम (बीआईएस) पोर्टल से एकीकृत किया जाएगा। इसके पश्चात लाभार्थी आधार आधारित ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर अपना डिजिटल कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे और योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए 3 जुलाई से पोर्टल शुरू माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों के लिए भी डेटा संग्रह पोर्टल 3 जुलाई से संचालित कर दिया गया है। पोर्टल पर शिक्षक अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे। उनके आवेदन का सत्यापन संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अंतिम अनुमोदन देंगे। अनुमोदन के बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजा जाएगा। आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी होने के बाद शिक्षक अपना कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे और कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। साचीज सीईओ ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना के तहत लाभार्थियों को वही सभी सुविधाएं और उपचार संबंधी लाभ प्राप्त होंगे, जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उपलब्ध हैं। इसके साथ ही वे देशभर में आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान शिक्षकों और उनके परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ में उल्लेखनीय कमी आएगी। उच्च शिक्षा विभाग के लिए भी जल्द संचालित होगा पोर्टल योगी सरकार ने योजना का दायरा और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में भी तैयारी शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों एवं कार्मिकों के लिए भी शीघ्र ही अलग डेटा संग्रह पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी भी अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज कर योजना से जुड़ सकेंगे और स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

धमतरी में माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त कार्रवाई

​रायपुर : धमतरी में माफियाओं पर प्रशासन का 'सख्त': राजस्व और खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई अवैध रेत परिवहन करते 8 ट्रैक्टर जब्त कोलियारी मार्ग पर रेत का अवैध खेल उजागर ​रायपुर धमतरी जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन करने वाले माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर के कड़े निर्देशानुसार आज राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे 8 ट्रैक्टरों को रंगे हाथों जब्त किया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।        ​मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन को लगातार कोलियारी-धमतरी मार्ग पर अवैध रेत परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर त्वरित एक्शन लेते हुए राजस्व और खनिज विभाग की एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने जब मार्ग पर घेराबंदी कर रेत ले जा रहे ट्रैक्टरों को रोका और उनसे खनिज परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज (रॉयल्टी पर्ची/अनुमति) की मांग की, तो वाहन चालक कोई भी संतोषजनक कागजात पेश नहीं कर सके। ​     वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 8 ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया। इन सभी वाहनों को सुरक्षित अभिरक्षा में रखवा दिया गया है और खनिज अधिनियम के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ​प्रशासन की चेतावनी: आगे भी जारी रहेगा अभियान      जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के बाद रेत और अन्य खनिज माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान आगे भी इसी तरह बिना रुके जारी रहेगा और पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने वाहन संचालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और केवल वैध अनुमति के साथ ही खनिजों का परिवहन करें।

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान सफल, 1.06 करोड़ से अधिक बच्चों को पिलाई गई पोलियो वैक्सीन

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफल आयोजन 1 करोड़ 6 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई गई पोलियो वैक्सीन की खुराक भोपाल प्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफल संचालन 28 से 30 जून तक किया गया। अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1 करोड़ 6 लाख 51 हजार 737 बच्चों को पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई गई। अभियान के सफल संचालन में प्रदेश के समस्त जिलों द्वारा उत्कृष्ट समन्वय, प्रभावी सूक्ष्म योजना, सुदृढ़ मॉनिटरिंग एवं व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से उल्लेखनीय योगदान दिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बूथ स्तर से लेकर घर-घर भ्रमण तक व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की सफलता पोलियो उन्मूलन के प्रति प्रदेश की दृढ़ प्रतिबद्धता, स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण तथा जनसहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश सरकार भविष्य में भी बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए सतत रूप से प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न पोलियो बूथों का उद्घाटन किया गया। स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा समुदाय की सक्रिय सहभागिता से अभियान के क्रियान्वयन में बेहतर परिणाम प्राप्त हुए। दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों सहित सभी पात्र बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए किसी भी बच्चे को पोलियो खुराक से वंचित न रहने देने के उद्देश्य से विशेष प्रयास किए गए। अभियान के दौरान छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें भी पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई गई।  

फिल्मों में अभिनय कर चुकीं IPS सिमाला प्रसाद को मिली बड़ी जिम्मेदारी, निमाड़ रेंज की नई DIG बनीं

खरगोन  मध्य प्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। एक ओर चर्चित आईपीएस अधिकारी सुश्री सिमाला प्रसाद को उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG), निमाड़ रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी और फिलहाल निमाड़ रेंज के डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा को कुछ दिन पूर्व केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में उप महानिरीक्षक (DIG) नियुक्त किया गया है। सिमाला प्रसाद अपनी सादगी, प्रशासनिक दक्षता और अभिनय प्रतिभा के कारण लंबे समय से सुर्खियों में रही हैं। कौन हैं IPS सिमाला प्रसाद? भोपाल के एक शिक्षित परिवार में जन्मीं सिमाला प्रसाद के पिता भगीरथ प्रसाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व सांसद रहे हैं, जबकि उनकी माता मेहरून्निसा परवेज हिंदी की प्रसिद्ध लेखिका हैं। साहित्य और शिक्षा से मिले संस्कारों के बीच पली-बढ़ीं सिमाला ने पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया। वे मध्य प्रदेश कैडर की 2011 बैच की अधिकारी हैं। कई पदों पर कर चुकीं काम अपने पुलिस करियर में उन्होंने बैतूल जिले की पुलिस अधीक्षक, रेल पुलिस जबलपुर की एसपी और 23वीं बटालियन, विशेष सशस्त्र बल (SAF), भोपाल में कमांडेंट सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। मई 2026 में उन्हें पदोन्नति के बाद DIG महिला सुरक्षा बनाया गया। इस पद पर वे महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, जनजागरूकता अभियान और राज्य स्तरीय सुरक्षा कार्यक्रमों की निगरानी की । उनकी कार्यशैली अनुशासित, संवेदनशील और जनसंपर्क आधारित मानी जाती है। आज जारी आदेश के मुताबिक अपने निमाड़ रेंज की डीआईजी होंगी। फिल्मों में भी काम कर चुकीं सिमाला प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सिमाला प्रसाद ने फिल्म जगत में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने 'अलीफ' (2017), 'नक्काश' (2019) और वर्ष 2026 में 'द नर्मदा स्टोरी' जैसी फिल्मों में अभिनय किया। अभिनय के बावजूद उन्होंने हमेशा पुलिस सेवा को अपनी पहली प्राथमिकता बताया है। साहित्य, योग और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता भी उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग पहचान दिलाती है। दिल्ली पहुंचे IPS सिद्धार्थ बहुगुणा वहीं, मध्य प्रदेश कैडर के 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्धार्थ बहुगुणा को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBI में DIG नियुक्त किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति पांच वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। सिद्धार्थ बहुगुणा मध्य प्रदेश पुलिस के तेज-तर्रार और संवेदनशील अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने निमाड़ रेंज के खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी जिलों में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) के रूप में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। CBI में बड़े मामलों की जांच करेंगे अपराध नियंत्रण, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने, संगठित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई तथा जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएं रही हैं। सख्त प्रशासनिक रवैये के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने वाले अधिकारी के रूप में उन्होंने आम जनता और पुलिस महकमे में अपनी अलग पहचान बनाई। CBI में DIG के रूप में अब सिद्धार्थ बहुगुणा देश के चर्चित आपराधिक, भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच एवं निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाएंगे।  

यूपी में EV चार्जिंग को मिलेगा बढ़ावा, सोलर आवर्स में 20% टैरिफ छूट लागू

प्रदेश में ईवी चार्जिंग को बढ़ावा देने के लिए सोलर आवर्स में 20% टैरिफ छूट लागू योगी सरकार सस्ती सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक देगी छूट     यूपी बना पावर सेक्टर का मॉडल स्टेट, सस्ती बिजली और रिकॉर्ड आपूर्ति से नई पहचान 32,673 मेगावाट बिजली मांग पूरी कर उत्तर प्रदेश ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड पुराने तापीय संयंत्रों की दक्षता 65% से बढ़कर 85% पहुंची, उत्पादन में बड़ा सुधार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बिजली उत्पादन, आपूर्ति और उपभोक्ता राहत के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में बिजली दरें देश की सबसे न्यूनतम दरों में हैं, जबकि बिजली आपूर्ति देश की सर्वाधिक एवं सबसे बेहतर श्रेणी में है। इसके साथ ही योगी सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को बढ़ावा देने और हरित ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने और दिन के समय उपलब्ध सस्ती सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक निर्धारित सोलर आवर्स में 20 प्रतिशत टैरिफ छूट की व्यवस्था लागू की है।  ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि इससे न केवल ईवी चार्जिंग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा जोकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।   योगी सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। लगातार सातवें वर्ष भी प्रदेश में बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। सभी उपभोक्ता श्रेणियों के लिए देय टैरिफ को यथावत रखा गया है। यह निर्णय सरकार की जनकल्याणकारी सोच तथा गरीबों, किसानों, घरेलू एवं अन्य उपभोक्ताओं के हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। वहीं उत्तर प्रदेश विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में प्रतिदिन अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। प्रदेश ने 32,673 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। पूर्ववर्ती सरकारों के समय तापीय विद्युत उत्पादन मात्र 5,180 मेगावाट तक सीमित था, जबकि आज प्रदेश सौर ऊर्जा से ही इससे अधिक उत्पादन कर रहा है। लगभग 4,000 मेगावाट क्षमता सोलर पार्कों से तथा लगभग 2,500 मेगावाट क्षमता प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से विकसित की जा रही है। इसके साथ ही मिर्जापुर एवं मेजा सहित विभिन्न क्षेत्रों में तापीय विद्युत परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही पुराने तापीय विद्युत संयंत्रों की दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार किया गया है। पहले जहां ये संयंत्र लगभग 65 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर संचालित होते थे, वहीं अब उनकी कार्यक्षमता बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गई है।  ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की ये उपलब्धियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व का परिणाम हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में और भी तेजी से आगे बढ़ेगा तथा देश के लिए आदर्श मॉडल के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।