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नायब सिंह सैनी सरकार का बड़ा कदम: अफ्रीकी देश तंजानिया के साथ 1 लाख एकड़ कृषि भूमि को लेकर समझौता

चंडीगढ़ हरियाणा के किसान अब केवल अपने राज्य में नहीं बल्कि पूर्वी अफ्रीका के देश तंजानिया में भी जमीनी खरीदकर खेती कर सकते हैं। राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर तंजानिया के साथ व्यापारिक संबंधों में विस्तार करने पर चर्चा की है। इसके बाद राज्य के किसानों का यहां पर जाकर जमीन खरीदना और खेती करवाना आसान हो गया है। हरियाणा सरकार तंजानिया में निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिसके बाद यहां के किसानों और व्यापारियों ने भी इस पूर्वी अफ्रीकी देश के बाजारों में अवसरों की तलाश शुरू कर दी है हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इसे हरियाणा के किसानों और व्यापारियों के लिए एक बेहतर मौका करार दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि उद्यम करने में सक्षम बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने केंद्र के समर्थन से तंजानिया में एक लाख एकड़ कृषि भूमि के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार सैनी ने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार सहयोग का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिसमें खनन, प्लाईवुड, कृषि और आईटी जैसे क्षेत्र शामिल है। इस योजना के लाभार्थी भिवानी के पास दादरी में रहने वाले सोमवीर घासोला भी हैं। इन्होंने तंजानिया में जमीन खरीदी है। घासोला ने तंजानिया की राजधानी डोडोमा के पास खनन व्यवसाय भी स्थापित किया है। भाषा से बात करते हुए घासोला ने कहा कि अफ्रीकी देश में बहुत सस्ती दरों पर उपजाऊ भूमि मिलती है। उस जमीन पर सभी प्रकार की फसलों को उगाया जा सकता है। यहां से वैश्विक बाजारों तक पहुंच भी आसानी से मिल जाती है, इससे यहां पर व्यापार और भी ज्यादा आसान हो जाता है। घासोला ने जमीन के एक बड़े हिस्से के बारे में कहा कि यह चावल, गन्ना, काजू और अन्य फसलें उगाने के लिए उपयुक्त है। इस योजना के एक और लाभार्थी शिव कुमार कंबोज ने भी कुछ महीने पहले ही तंजानिया में एक चीनी नागरिक से फैक्ट्री खरीदी थी। वह लगातार इस फैक्ट्री से लाभ कमा रहे हैं। अपने अनुभव को साझा करते हुए कंबोज ने कहा, "'हम तंजानिया के कारखाने में कच्चा माल तैयार करते हैं। उसे यहां लाते हैं और अपने लिए उपयोग करते हैं तथा प्लाईवुड व्यवसाय के अन्य उद्यमियों को भी देते हैं। हरियाणा सरकार का विदेशी सहयोग विभाग हमारी सहायता कर रहा है। मैं लगभग तीन साल पहले तंजानिया गया था। पिछले साल मैंने वहां एक कारखाना खरीदा था… वहां के लोग और सरकार बाहें फैलाकर हमारा स्वागत करते हैं।'' तंजानिया के साथ जारी इस योजना पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि राज्य औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिख रहा है और एक मजबूत वैश्विक पहचान बना रहा है। सिंह ने कहा कि हरियाणा ने न केवल विकसित देशों के साथ बल्कि अफ्रीकी देशों के साथ भी व्यापार और निवेश के अवसरों की तलाश की है। इस संबंध में हरियाणा सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल इस साल के अंत में सात दिनों के लिए तंजानिया का दौरा करेगा और 50वें दारे-सलाम अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (तंजानिया का प्रमुख व्यापार कार्यक्रम) में भाग लेगा, जहां एक हरियाणा पवेलियन भी स्थापित किया जाएगा। सिंह ने कहा कि अफ्रीकी देशों में समृद्ध खनिज संसाधन और सस्ती खेती के अवसर हैं।

गर्मजोशी से हुआ वित्तमंत्री ओपी चौधरी का स्वागत, समर्थकों में दिखी खुशी

रायपुर  वित्तमंत्री  ओपी चौधरी का किया गया आत्मीय स्वागत माँ दंतेश्वरी एयरपोर्ट में वित्त मंत्री  ओपी चौधरी का एक दिवसीय जगदलपुर आगमन पर  महापौर  संजय पांडेय, सीजी ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष  निवास राव मद्दी, नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। स्वागत के दौरान कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वित्तमंत्री  चौधरी शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित इनोवेशन महानुभाव 1.0 कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं।

सरकार की तैयारी: हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम से ‘दो संतान’ की बाध्यता खत्म करने पर विचार

भोपाल. मध्य प्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए सरकार जल्द ही दो बड़े फैसले लेने जा रही है। स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने और सरकारी नौकरी में दो संतान की बाध्यता समाप्त करने के प्रस्ताव अंतिम चरण में हैं। सामान्य प्रशासन विभाग इन दोनों प्रस्तावों को जल्द ही कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश करेगा। कर्मचारी और पेंशनरों के लिए लंबे समय से स्वास्थ्य बीमा की मांग की जा रही थी। अब इस दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए योजना का प्रारूप तैयार कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार इस योजना को कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया जाएगा, जिससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिलेगी। दो संतान नियम खत्म करने की तैयारी सरकारी नौकरी में दो संतान की बाध्यता को समाप्त करने पर भी सरकार सहमत हो गई है। इस नियम को हटाने के लिए सभी स्तरों पर सहमति बन चुकी है और सामान्य प्रशासन विभाग जल्द ही इसे कैबिनेट में पेश करेगा। इससे कई कर्मचारियों और अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की संभावना है। कर्मचारी संगठनों की मांग पर कार्रवाई राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद दोनों मुद्दों पर तेजी से काम किया जा रहा है। 15 अप्रैल को हुई बैठक में कर्मचारियों के हित में कई अहम निर्णय लिए गए थे। कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष ने संभाला कार्यभार इधर, राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने मंत्रालय में पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा भी की।

शिक्षा के मंदिर में शर्मनाक कृत्य, ASP नेता के स्कूल में शराब बिक्री का वीडियो वायरल

मुरैना मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जौरा रोड, सोलंकी पेट्रोल पंप के सामने आजाद समाज पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मनोज सेमिल का मकान है। स्कूल का नाम है सम्राट पब्लिक स्कूल इस मकान की पहली मंजिल पर मनोज सेमिल का निजी विद्यालय चलता है, जिसका नाम सम्राट पब्लिक स्कूल है। इस स्कूल में अवैध शराब का कारोबार जमकर हो रहा है। मंगलवार की सुबह एक वीडियो प्रसारित हुआ जिसमें स्कूल के अंदर देशी शराब की पेटियां रखी हुई दिख रही हैं हैं। शराब बेचने खरीदने और पीने वाले लोग कमरे में मौजूद है। शराब पीने के लिए टेबल कुर्सी डाली गयी है। वीडियो में दिख रहा है कि अवैध शराब का यह कारोबार सम्राट स्कूल में हो रहा है वीडियो बनाने वाला कह भी रहा है कि यह मनोज सेमिल का स्कूल है, वह दूसरे लोगों की शिकायत करता है और ख़ुद अवैध शराब का कारोबार करता है। हेडक्वार्टर डीएसपी विजय भदौरिया ने कहा कि मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।  

मौजमपुर (भोजपुर) में सबसे लंबा 1034 मीटर का पीपा पुल, निविदा प्रक्रिया शुरू

पटना बिहार के तीन जिलों में पीपा पुल बनाया जाएगा। इसकी तैयारी परिवहन विभाग के जल परिवहन द्वारा की जा रही है। स्थानीय स्तर पर छोटे व्यापार आदि को बढ़ावा देने के लिए पटना, भोजपुर, वैशाली जिला में गंगा नदी पर पीपा पुल बनाया जाएगा। इसके लिए जल परिवहन विभाग ने जगह चिह्नित कर ली है। इसमें पटना में चार, भोजपुर और वैशाली जिला में एक-एक पीपा पुल का निर्माण शामिल है। जल परिवहन विभाग ने मौजमपुर भोजपुर के लिए निविदा यानी टेंडर निकाल कर कार्य प्रारंभ कर दिया है। चकौशन वैशाली के साथ पटना में गंगा नदी पर बनने वाले तीन पीपा पुल के लिए निविदा का कार्य प्रगति पर है। कच्ची दरगाह पटना में 943.3 मीटर में बनने वाले पीपा पुल के लिए निविदा जल्द शुरू होगी। जिन जगहों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की गयी है, वहां निर्माण जल्द शुरू होगा। गंगा पर बनने वाले पीपा पुल के लंबाई का निर्धारण भी कर दिया गया है। मौजमपुर भोजपुर में सबसे लंबा 1034 मीटर में पीपा पुल बनाया जाएगा। इन जगहों पर गंगा नदी में पीपा पुल बनेगा जगह – कुल लंबाई मौजमपुर (भोजपुर) – 1034 मीटर चकौशन (वैशाली) – 935 मीटर दानापुर (पटना) – 972 मीटर ग्यासपुर (पटना) – 924 मीटर कच्ची दरगाह (पटना) – 943 मीटर कच्ची दरगाह (पटना) – 943.3 मीटर पीपा पुल बनाने का मकसद ● गंगा के दोनों ओर बसे लोगों को जोड़ता है, इससे नाव के सहारे निर्भरता कम होती है ● गंगा के बाढ़ क्षेत्र में किसान पुल से खाद, बीच और ट्रैक्टर लेकर खेतों तक जा सकते हैं ● बड़े पुल पर जाम की स्थिति में पीपा पुल छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ता होता है ● स्थानीय लोगों को व्यापाार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाता है

वाराणसी-कोलकाता सिक्स लेन और जल परियोजनाओं को नई रफ्तार, बिहार की कनेक्टिविटी और सिंचाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद

 पटना पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार बनने से इसका सीधा और सकारात्मक असर पड़ोसी राज्य बिहार पर देखने को मिलेगा। देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में बंगाल फतह को केवल एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि बिहार के दूरगामी हितों की जीत के रूप में भी देखा जा रहा है। बिहार में एनडीए की सरकार है और अब बंगाल में भी बीजेपी का मुख्यमंत्री होने से दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादित मुद्दों पर आसानी से सहमति बन सकेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा बिहार के सीमावर्ती जिलों को मिलेगा। घुसपैठ और तस्करी पर लगेगी रोक बंगाल की ममता सरकार के दौरान बिहार को घुसपैठ के मुद्दे पर सहयोग नहीं मिल पा रहा था। इसी के कारण सीमावर्ती इलाकों में यह समस्या लगातार गंभीर हो रही थी। लेकिन अब केंद्र, बिहार और बंगाल- तीनों जगह समान विचारधारा वाली सरकार होने से घुसपैठियों के खिलाफ ठोस और संयुक्त कार्रवाई की जा सकेगी। इससे न केवल अवैध रूप से आने वाले लोगों पर नकेल कसेगी, बल्कि सीमा पर होने वाली तस्करी पर भी पूर्ण रूप से रोक लगेगी। वाराणसी-कोलकाता सिक्स लेन परियोजना पकड़ेगी रफ्तार उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बिहार और झारखंड होते हुए कोलकाता तक बनने वाले महत्वाकांक्षी 'सिक्स लेन राष्ट्रीय राजमार्ग' को भी अब नई गति मिलेगी। ममता सरकार के कारण बंगाल की लगभग 285 किलोमीटर की इस परियोजना पर कोई ठोस काम नहीं हो सका था, जबकि यूपी, बिहार और झारखंड में प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। नई सरकार के आने से यह बाधा दूर होगी, जिसके बाद सड़क बनने पर बिहार से बंगाल का सफर सिर्फ 7 घंटे में तय किया जा सकेगा। अपर महानंदा सिंचाई और फरक्का बराज पर सकारात्मक पहल इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा जल बंटवारे के मामले में भी बिहार को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। 1978 के समझौते के तहत 'अपर महानंदा सिंचाई परियोजना' से जुड़ी 8 किलोमीटर लंबी नहर का काम अब रफ्तार पकड़ेगा। इससे 67 हजार एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई का पानी मिल सकेगा। वहीं, 1996 के समझौते के तहत फरक्का बराज से बांग्लादेश को पानी देने की बाध्यता पर भी राज्य सरकार ने पुनर्विचार का अनुरोध किया था। अब इस दिशा में अच्छी पहल होने की उम्मीद है, जिससे गंगा के पानी में बिहार की भागीदारी बढ़ सकेगी।

14 मई तक अंतिम मौका: पंजाब में अध्यापकों के लिए शिक्षा विभाग की कड़ी चेतावनी

अमृतसर. पंजाब के शिक्षा विभाग ने अध्यापकों, कंप्यूटर फैकल्टी और नॉन-टीचिंग स्टाफ के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। ट्रांसफर प्रक्रिया 2026 को लेकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी ने निर्धारित समय के भीतर अपना डेटा अपडेट नहीं किया, तो उसे ट्रांसफर प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। 14 मई तक रिकॉर्ड अपडेट करना अनिवार्य  जारी निर्देशों के अनुसार 4 से 14 मई तक सभी कर्मचारियों को ई-पंजाब स्कूल पोर्टल पर अपनी जनरल डिटेल परिणाम और सर्विस रिकॉर्ड अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही “अप्रूव डेटा” बटन दबाना भी जरूरी है, अन्यथा डेटा अधूरा माना जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी के डेटा में कोई त्रुटि हो, तो वह उसे रिमार्क्स में दर्ज कर सकता है लेकिन अंतिम निर्णय विभाग का ही होगा। एक बार डेटा अप्रूव हो जाने के बाद उसमें कोई संशोधन नहीं किया जा सकेगा।स्पैशल और एग्जेम्प्ट कैटेगरी से संबंधित कर्मचारियों के लिए अपने दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि दस्तावेज अपलोड नहीं किए गए तो उन्हें इस श्रेणी का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग ने अपना सख्त रुख स्टेशन चॉइस को लेकर भी विभाग ने सख्त नियम लागू किए हैं। केवल वही कर्मचारी स्टेशन चॉइस भर सकेंगे, जिनका डेटा पूरी तरह अपडेट और अप्रूव होगा। बिना डेटा अपडेट किए यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। ए.सी.आर. को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिन कर्मचारियों की 2024-25 की ए.सी.आर. भरी नहीं है, उन्हें पहले उसे पूरा करना होगा, तभी वे आगे की प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित तिथि तक डेटा अपडेट न करने वालों की कोई सुनवाई नहीं होगी और वे ट्रांसफर प्रक्रिया से वंचित रह सकते हैं। कुल मिलाकर शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर नियम पहले, राहत बाद में वाला सख्त संदेश दे दिया है। 

सविता स्मृति स्वरोज फाउंडेशन का आयोजन; विशेषज्ञों ने कहा—बच्चों का व्यक्तित्व माता-पिता के व्यवहार का प्रतिबिंब

बिलासपुर, छत्तीसगढ़  श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित साईं परिसर हाउसिंग सोसायटी में “जीवन की समझ” विषय पर एक विचारोत्तेजक कार्यशाला का आयोजन सविता स्मृति स्वरोज फाउंडेशन द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सोसायटी के सदस्यों, विशेषकर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यशाला की मुख्य अतिथि सत्यभामा अवस्थी (पूर्व शिक्षिका, पूर्व सदस्य फेमिली कोर्ट एवं समाजसेविका) ने बच्चों की सोच और जीवन के प्रति उनकी समझ पर संवाद करते हुए कहा कि बड़ों और बच्चों की जीवन दृष्टि में स्पष्ट अंतर होता है। उन्होंने वर्तमान समय में मोबाइल और एआई के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी, ताकि बच्चे वास्तविक और कृत्रिम के बीच अंतर समझ सकें। विशेष अतिथि केनेथ कॉलिन्स (पूर्व अंग्रेजी शिक्षक एवं समाजसेवी) ने कहा कि बच्चों में सामाजिक व्यवहार और जीवन मूल्यों का विकास माता-पिता के आचरण पर निर्भर करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि घर और बाहर का व्यवहार अलग-अलग होगा तो इसका नकारात्मक प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। अच्छे नागरिक बनाने के लिए पहले स्वयं में सकारात्मक बदलाव लाना आवश्यक है। कार्यक्रम की शुरुआत  रितु सिंह ने फाउंडेशन की प्रणेता स्वर्गीय सविता प्रथमेश के प्रेरक प्रसंगों से की। फाउंडेशन के निदेशक प्रथमेश सविता ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी तथा स्वर्गीय सविता प्रथमेश के विचारों का वाचन किया। सोसायटी के अध्यक्ष एन. के. शर्मा ने इस सार्थक परिचर्चा के लिए फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया। अंत में फाउंडेशन की निदेशक  शिवा मिश्रा ने सभी अतिथियों और सहभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया, विशेष रूप से  स्वाति सिंह के प्रयासों को सराहा, जिनके सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हो सका। कार्यक्रम में एन. के. शर्मा, रितु सिंह, स्वाति सिंह, सरोज अग्रवाल, कंचन शर्मा, शोभा अग्रवाल, मुस्कान व महक संतानी, पूजा झा, सुनीता साहू, काव्या सचदेव, विभा महंत, स्मिता जैन, सुनीता डोडवानी, निधि जैन, निधि साहा, श्रीमती गुप्ता, ताविश सचदेव, तेजस गुप्ता सहित अनेक पालक एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

सपनों को मिले पहिए: भीमा मारकंडे की ‘बैसाखी’ से ‘आत्मनिर्भरता’ तक की प्रेरक यात्रा

रायपुर  कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो शारीरिक बाधाएं केवल एक पड़ाव मात्र रह जाती हैं, मंजिल नहीं। राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम 'हरदी' के रहने वाले भीमा मारकंडे की कहानी आज संघर्ष कर रहे हजारों युवाओं के लिए एक मिशाल बन गई है। ​  जब वक्त ने ली कठिन परीक्षा भीमा की जिंदगी तब बदल गई जब हैदराबाद में निर्माण कार्य (मजदूरी) के दौरान वे ऊंचाई से गिर गए। कमर में आई गंभीर चोट ने उनके चलने-फिरने की शक्ति छीन ली। 80 प्रतिशत दिव्यांगता के साथ 9 वर्ष और 4 वर्ष दो छोटी बेटियों की जिम्मेदारी उठाना पहाड़ तोड़ने जैसा था। बैसाखी ही उनका एकमात्र सहारा थी, लेकिन मंजिल अभी दूर थी। उम्मीद की नई किरण:समाज कल्याण विभाग की पहल भीमा ने हार मानने के बजाय स्वावलंबन का रास्ता चुना। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 'बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल' के लिए आवेदन किया। राजनांदगांव के मोतीपुर में 4 मई 2026 को आयोजित सुशासन तिहार मे मिला यह आधुनिक उपकरण उनके लिए केवल एक वाहन नहीं, बल्कि उनकी आजादी साबित हुआ। मजबूरी बनी मजबूती: भीमा की कहानी, आत्मनिर्भरता की जुबानी अब बाधाएं नहीं रोकेंगी रास्ता विभाग द्वारा प्रदान की गई बैटरी चलित ट्राइसाइकिल और बैसाखी से भीमा के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव का रास्ता मजबूत होगा। भीमा अब रोजगार की तलाश में दूर-दराज के क्षेत्रों तक बिना किसी मदद के जा सकेंगे। दूसरों पर निर्भरता खत्म होने से भीमा अब समाज की मुख्यधारा में एक सक्रिय नागरिक की भूमिका निभा सकेगा। अपनी बेटियों के भविष्य को संवारने के लिए अब वे शारीरिक बाधाओं को पीछे छोड़ चुके हैं। भीमा शासन द्वारा दिए गए मदद की प्रशंसा करते हुए कहते है कि राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपने आमजनों की समस्याओं का निराकरण सुशासन तिहार के माध्यम से कर रहे है। मैं मुख्यमंत्री का दिल से धन्यवाद करता हूँ। ​ ​भीमा की कहानी के साथ-साथ जिले के अन्य दिव्यांगों के लिए भी अच्छी खबर है समाज कल्याण विभाग की उपसंचालक सुश्री वैशाली मरड़वार ने बताया कि जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग की विशेष योजना के तहत नवाचार करते हुए 40 से 79% तक के दिव्यांगता वाले व्यक्ति भी मोटराइज्ड साइकिल के पात्र होंगे। इसके लिए ​ ऑलिम्को (ALIMCO) CSR मद से जिले के 109 पात्र दिव्यांगों को यह सुविधा प्रदान की जाएगी।   ​भीमा मारकंडे के हस्ताक्षर आज उनके अटूट संकल्प की गवाही देते हैं। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ और मन का दृढ़ निश्चय मिलकर किसी भी अंधेरी राह को रोशन कर सकता है। भीमा अब रुकने वाले नहीं हैं, वे उड़ान भरने के लिए तैयार हैं।

डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा के मुख्‍य आतिथ्‍य में NSG के सहयोग से कॉम्प्रिहेन्सिव कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम का समापन

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़, तकनीकी रूप से सक्षम तथा भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के सहयोग से आयोजित कॉम्प्रिहेन्सिव कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम का आज रवीन्‍द्र भवन में समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 07 अप्रैल से 04 मई 2026 तक स्पेशल ब्रांच ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश की विभिन्न विशेष इकाइयों के चयनित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि वर्तमान समय में ड्रोन हमलों सहित नई प्रकार की आतंरिक सुरक्षा चुनौतियां सामने आ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए इस प्रकार का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि माननीय केंद्रीय गृह मंत्री की पहल पर एनएसजी एवं मध्यप्रदेश पुलिस के मध्य एमओयू संपादित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में एटीएस, सीटीजी, बीडीएस, विशेष सशस्त्र बल एवं वीआईपी सुरक्षा से जुड़े कुल 432 अधिकारियों/कर्मचारियों ने सहभागिता की। इस दौरान 8 प्रमुख विषयों—क्लोज प्रोटेक्शन, काउंटर टेररिज्म, टैक्टिकल ड्राइविंग, बॉम्ब डिस्पोजल, एंटी ड्रोन, स्नाइपर, के-9 एवं पीएसओ पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। डीजीपी ने एटीएस एवं अन्य इकाइयों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश नक्सल उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर चुका है। साथ ही भोपाल में एक आधुनिक सिटीजी ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाने हेतु प्रयास जारी हैं, जो भविष्य में पुलिस बल के क्षमता विकास में सहायक होगा। डीजीपी श्री मकवाणा ने आगामी सिंहस्थ 2028 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विशाल आयोजन के दौरान आंतरिक सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं ट्रैफिक नियंत्रण में प्रशिक्षित बल की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने एनएसजी के प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का उपयोग राष्ट्र एवं समाज की सुरक्षा में प्रभावी रूप से किया जाए। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि NSG के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया गया यह प्रशिक्षण अत्यंत उच्च स्तर का, व्यावहारिक एवं आधुनिक तकनीकों पर आधारित रहा। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से न केवल उनकी व्यक्तिगत दक्षता एवं आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है, बल्कि टीम आधारित ऑपरेशन में समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने की क्षमता भी सुदृढ़ हुई है। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक श्री आदर्श कटियार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री ए.साईं मनोहर, श्री चंचल शेखर, श्री सोलोमन मिंज, श्री डी श्रीनिवास वर्मा, पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार, पुलिस महानिरीक्षक डॉ आशीष, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री तरुण नायक सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं एनएसजी की ओर से ब्रिगेडियर शंकर तिवारी (ऑपरेशंस एवं ट्रेनिंग प्रभारी) एवं कर्नल अभिषेक सिंह (ग्रुप कमांडर, स्पेशल ऑपरेशंस, मुंबई) सहित अन्य प्रशिक्षक दल के सदस्य उपस्थित रहे।