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कुकरेल शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब

रायपुर       छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में 'सुशासन तिहार' अब जन-जन की समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। 01 मई से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुँच रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के कुकरेल में आयोजित 'समाधान शिविर' में प्रशासन की संवेदनशीलता तब दिखी, जब प्राप्त 314 आवेदनों में से 250 से अधिक का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया। "जनता को मिले तुरंत राहत"-मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय       ​ मुख्यमंत्री  साय ने सुशासन तिहार को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए। हर आवेदन का रिकॉर्ड ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से रखा जाए। ग्रामीणों को तहसील या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत न पड़े, इसलिए अधिकारी खुद गाँव पहुँच रहे हैं।जो आवेदन मौके पर नहीं सुलझ पाए, उन्हें समय-सीमा (Time-limit) के भीतर निराकृत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। ​शिविर की बड़ी बातें: जनसेवा का महाकुंभ     कुकरेल सहित दरगहन, सलोनी, केरेगांव और भोथापारा जैसे 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में अपनी मांगें और समस्याएं लेकर पहुंचे। कुल 314 आवेदनों में से 306 आवेदन विकास कार्यों और व्यक्तिगत मांगों से संबंधित थे, जिनमें से 262 मांगों को तत्काल मंजूरी या प्रक्रिया में लिया गया। जल संसाधन, स्वास्थ्य,राजस्व, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टालों पर हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ सीधे लाभान्वित किया गया।     ​  शिविर का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतों का निपटारा करना ही नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना भी है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ हो गई है। प्रशासन प्रत्येक आवेदन के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सुशासन तिहार के तहत जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।सुशासन तिहार का यह अभियान 10 जून तक अनवरत जारी रहेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अगले शिविरों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, ताकि 'साय सरकार' के सुशासन का लाभ हर घर तक पहुँच सके।

अजमेर, सीकर और दिल्ली रोड पर छापेमारी में तेल माप में गड़बड़ी का खुलासा

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर में अगर आप भी गाड़ी में पेट्रोल-डीजल डलवाते समय यह सोचते हैं कि तेल कम मिला है, तो आज प्रशासन ने आपकी इसी चिंता पर मुहर लगा दी है. उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के आदेश पर जयपुर जिले के पेट्रोल पंपों की अचानक चेकिंग की गई. इस दौरान टीम को पता चला कि कुछ पंपों पर मीटर तो सही चल रहा था, लेकिन नोजल से तेल कम निकल रहा था. इस धांधली को देखते हुए विभाग ने तुरंत सख्त एक्शन लिया. हाईवे के इन तीन रास्तों पर हुई छापेमारी प्रशासन की तीन अलग-अलग टीमों ने जयपुर के सबसे व्यस्त रास्तों को निशाना बनाया. अजमेर रोड, सीकर रोड और दिल्ली रोड पर स्थित कुल 15 पेट्रोल पंपों पर टीमें अचानक नाप-तोल की मशीनें लेकर पहुंच गईं. इस औचक निरीक्षण से पंप चलाने वालों के बीच हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने बारीकी से चेक किया कि क्या ग्राहकों को उतना ही तेल मिल रहा है जितने पैसे वे दे रहे हैं?   उपभोक्ता मामलात मंत्री श्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार, जयपुर ज़िले में पेट्रोल पंपों की जाँच का, एक व्यापक जाँच अभियान चलाया गया। विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2009 एवं राजस्थान विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियम-2011 के अंतर्गत, तीन जाँच दलों ने जयपुर ज़िले में अजमेर रोड, सीकर गड़बड़ी मिलने पर 3 पंपों के नोजल सील जांच के दौरान टीमों ने पाया कि तीन पेट्रोल पंपों पर मीटर में हेराफेरी कर ग्राहकों की जेब काटी जा रही थी. इन पंपों पर तेल की मात्रा तय मानकों से काफी कम पाई गई. मामला साफ होते ही अधिकारियों ने उन तीनों पेट्रोल पंपों के नोजल तुरंत सील कर दिए. इसका मतलब है कि अब ये पंप तब तक तेल नहीं बेच पाएंगे जब तक इनकी मशीनों को दोबारा ठीक कर विभाग से पास नहीं करवा लिया जाता.

72 घंटे से भूख हड़ताल पर बैठे अरुण, रणवीर और राजवीर को प्रशासन ने अस्पताल में कराया भर्ती

भरतपुर भरतपुर के पीलूपुरा में पिछले 3 दिनों से जारी आमरण अनशन सोमवार रात गंभीर मोड़ पर पहुंच गया. रीट (REET) परीक्षा में 372 पदों की मांग को लेकर धरने पर बैठे तीन युवाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने देर रात ही तीनों आंदोलनकारियों को जबरन उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. इन युवाओं को कराया गया अस्पताल में भर्ती आमरण अनशन पर बैठे अरुण गुर्जर, रणवीर गुर्जर और राजवीर की शारीरिक स्थिति पिछले 72 घंटों से अन्न-जल त्यागने के कारण काफी नाजुक हो गई थी. जिला प्रशासन ने उनकी जान को जोखिम में न डालते हुए उन्हें मेडिकल इमरजेंसी के तहत अस्पताल शिफ्ट किया. सूचना मिलते ही तहसीलदार ने खुद जिला अस्पताल पहुंचकर तीनों युवाओं की सेहत का जायजा लिया और डॉक्टरों को उचित देखभाल के निर्देश दिए. 'प्रशासन ने जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती कराया' जिसकी तबीयत राजवीर (बड़ागांव) ने बताया कि उन्हें एक माह पहले आश्वासन दिया गया था कि सरकार से वार्ता की जाएगी. लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसी के चलते हुए दोबारा धरने पर बैठे. उन्होंने खाना नहीं खाया तो इसी के चलते उनकी तबीयत बिगड़ी. प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जबरदस्ती उठा कर अस्पताल लेकर आए. राजवीर का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं पूरी होंगी, इसी तरह धरने पर बैठे रहेंगे. पुलिस के एक्शन पर SDM ने क्या कहा? एसडीएम दीपक मित्तल का कहना है कि धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से समझाइश की. लेकिन वह नहीं माने. उनमें से तीन युवकों की तबीयत खराब हुई, जिन्हें एंबुलेंस के सहयोग से बयाना अस्पताल भर्ती कराया, जहां से उन्हें भरतपुर रैफर कर दिया. वहां उनका इलाज जारी है. युवकों की तबीयत में सुधार हो रहा है और जो धरने पर बैठे हैं उनसे वार्ता की जा रही है. हालांकि उनसे जब पूछा गया कि युवक जबरदस्ती धरने से उठाने का आरोप लगा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है. उनसे सिर्फ समझाइश की जा रही है. जिन लोगों की तबीयत खराब हुई उन्हें अस्पताल भिजवाया गया है. सहमति के बाद दोबारा क्यों शुरू हुआ अनशन? यह पूरा विवाद तब फिर से गहराया जब सरकार और युवाओं के बीच बातचीत का रास्ता बंद हो गया. दरअसल, इन युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर 31 मार्च को भी धरना दिया था, जिसे प्रशासन ने सरकार से वार्ता कराने के आश्वासन पर स्थगित करवा दिया था. लेकिन जब 1 मई को निर्धारित वार्ता नहीं हुई, तो युवाओं ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और दोबारा अनशन पर बैठने का फैसला किया. क्या है 372 पदों का पूरा मामला? युवाओं की मुख्य मांग रीट भर्ती में 372 अतिरिक्त पदों को शामिल करने की है. उनका आरोप है कि सरकार बार-बार आश्वासन देने के बावजूद उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रही है. युवाओं का कहना है कि जब तक पदों की संख्या को लेकर कोई ठोस आदेश जारी नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा. फिलहाल प्रशासन के लिए इन युवाओं की सेहत और कानून व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

पंजाब में दिल दहला देने वाली घटना: संगरूर में 10वीं के छात्र का मर्डर, सफर बना मौत का रास्ता

संगरूर/पटियाला. संगरूर के पटियाला गेट की कृष्णा बस्ती में युवकों के बीच हुई लड़ाई ने खूनी रूप धारण कर लिया। यहां कुछ युवकों ने एक 15 साल के लड़के की तेजधार हथियार से हत्या कर दी। वहीं मृतक का भाई गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मीडिया को जानकारी देते हुए परिवार के सदस्यों ने बताया कि गली में किसी बात को लेकर दो बच्चों के बीच आपसी तकरार हो गई और 2 युवकों द्वारा लड़के की तेजधार हथियार से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस दैरान लड़के की मौके पर ही मौत हो गई। उसे संगरूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरे युवक को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे नकोदर जा रहे थे, लेकिन उक्त युवकों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला हमला कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए डॉ. निकिता ने बताया कि दो लड़कों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से एक की मौत हो गई और दूसरे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पटियाला रेफर कर दिया गया है। 

अंतिम छोर तक पानी पहुंचने से बदलेगी तस्वीर

भोपाल अनूपपुर जिले का आदिवासी बहुल विकासखंड पुष्पराजगढ़ अब कृषि विकास की नई दिशा की ओर अग्रसर है। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत झिलमिल जलाशय की नहरों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्य से यहाँ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। वर्षों से इस क्षेत्र के किसान वर्षा आधारित खेती या सीमित जल स्त्रोतों पर निर्भर थे। नहर प्रणाली की जर्जर स्थिति के कारण जल अंतिम छोर तक नहीं पहुँच पाता था, जिससे सिंचाई में बाधा आती थी। अब जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत झिलमिल जलाशय के मुख्य नहर तथा माइनर नहर के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। करीब 19 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से यह कार्य पूर्ण होने पर 5.04 एमसीएम क्षमता वाले जलाशय का जल अंतिम छोर के खेतों तक पहुँच सकेगा। इससे सिंचाई व्यवस्था में स्थायी सुधार होगा। लगभग 905 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। करीब 11 किलोमीटर लंबा नहर तंत्र विकसित किया जा रहा है। इस योजना से सीधे तौर पर बीजापुरी, पीपाटोला, कछरा टोला और झिलमिल गाँवों के लगभग एक हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। उनकी आय में वृद्धि और आजीविका में स्थिरता आयेगी। अनूपपुर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली परियोजना की नियमित निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए हैं कि कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। स्थानीय किसानों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। किसान जगत सिंह, ठाकुर सिंह और कमलेश्वर सिंह सहित कई कृषकों का कहना है कि नहरों के सुधार से अब अंतिम खेत तक पानी पहुँचने की समस्या समाप्त हो जाएगी, जिससे वे दोनों मौसमों में बेहतर खेती कर सकेंगे। पुष्पराजगढ़ में झिलमिल जलाशय से प्रवाहित यह जल न केवल खेतों को सिंचित करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के तहत यह पहल भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।  

नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा: गोसलपुर में ट्रैक्टर और बस की जोरदार भिड़ंत, 39 घायल

जबलपुर. गोसलपुर में नेशनल हाईवे के बीच में मंगलवार सुबह ट्रैक्टर एमपी 20 ac 0372 बस क्रमांक एमपी 20 pa 9849 क्रॉसिंग के दौरान जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद यात्रियों से भरी बस और ट्रैक्टर दोनों पलट गए। बस में सवार 39 लोग घायल, जिसमें 21 लोग सिहोरा अस्पताल और 18 गोसलपुर में के सरकारी अस्‍पतासल में भर्ती किए गए हैं। वहीं पाटन थाना क्षेत्र के नुनसर चौकी के पास बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं। एक ट्रक पाटन से जबलपुर की ओर जा रहा था, जबकि यात्री बस जबलपुर से पाटन की ओर आ रही थी। दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त नुनसर तिराहे के पास दोनों वाहनों की जोरदार भिड़ंत हो गई, जिससे दोनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बस में सवार यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गंभीर रूप से घायल बच्ची को तुरंत उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही सड़क पर लगे जाम को हटाकर यातायात बहाल कराया।

दिल्ली में भगवंत मान का बड़ा बयान: ‘पंजाब में ऑपरेशन लोटस नहीं’, द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात

चंडीगढ़.  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब कोई ट्रक नहीं है, जिसकी बारी आएगी और कोई भी आकर उसे चला लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान राज्यसभा सांसदों के पार्टी बदलने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इसे “संविधान की हत्या” बताते हुए कहा कि अचानक कुछ सांसद इकट्ठे होकर खुद ही यह ऐलान कर देते हैं कि वे अब इस पार्टी में नहीं हैं और दूसरी पार्टी में मर्ज हो गए यह पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पार्टी विलय और दल-बदल के स्पष्ट नियम हैं, लेकिन यहां उन नियमों को दरकिनार कर राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे लगातार यह कह रहे हैं कि अब पंजाब का नंबर है। आखिर किस चीज का नंबर? पंजाब का कोई नंबर नहीं है। यह उनकी गलतफहमी और राजनीतिक बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हर संकट में देश का साथ दिया है और आगे भी देता रहेगा, लेकिन राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार पर एजेंसियों और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार पर एजेंसियों और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के पास पंजाब में महज दो विधायक हैं, लेकिन राज्यसभा में संख्या बढ़ना जनादेश के विपरीत है। मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा पंजाब के अधिकारों में कथित दखल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कभी बीबीएमबी (बीबीएमबी) को लेकर विवाद खड़ा किया जाता है, कभी भाखड़ा डैम पर दावा किया जाता है। पानी के बंटवारे में भी पंजाब के हक को नजरअंदाज करने की कोशिश होती है।” इसके अलावा उन्होंने चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर दिए जा रहे बयानों पर भी आपत्ति जताई। आर्थिक मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र को घेरा आर्थिक मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएचएम एनएचएम) और आरडीएफ (आरडीएफ) जैसे महत्वपूर्ण फंड रोके जा रहे हैं, जिससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक कि गणतंत्र दिवस की झांकी पर भी सवाल उठाना पंजाब की अनदेखी को दर्शाता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और पंजाब सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए। द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद बोले राघव चड्ढा  वहीं, राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने कहा कि आप अब डेंजरस गेम खेल रही है और इसका अंजाम खतरनाक होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी बदले की राजनीति कर रही है और विरोधियों को निशाना बना रही है। कुल मिलाकर, पंजाब की सियासत इस समय टकराव के चरम पर है। एक ओर मुख्यमंत्री मान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी खेमे से लगातार पलटवार हो रहा है।

महंगाई की मार: सिलिंडर की कमी से थाली महंगी, छात्रों और छोटे कारोबारियों का बजट बिगड़ा

आगरा आगरा में एलपीजी संकट बरकरार है। गैस सिलिंडर की किल्लत ने महंगाई का तड़का लगा दिया है। चाय, समोसा से लेकर रेस्तरां में खाना तक महंगा हो गया है। महिलाओं और व्यापारियों से लेकर छात्र तक सभी का बजट बिगड़ रहा है। व्यावसायिक सिलिंडर में 40 और घरेलू सिलिंडर में 30 प्रतिशत की कटौती से आम आदमी पर दोहरी मार पड़ रही है। जिले में 13 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। प्रतिदिन करीब 150 टन एलपीजी खपत है। प्रतिदिन करीब 40 हजार व्यावसायिक सिलिंडर की खपत है। 88 गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम गैस आपूर्ति करती हैं। कंपनियों की लापरवाही और प्रशासन के ढुलमुल रवैये से डिस्ट्रीब्यूटर्स से लेकर उपभोक्ता तक कटौती की मार झेल रहे हैं। करीब एक लाख से अधिक सिलिंडर का बैकलॉग है। व्यावसायिक सिलिंडर 935 रुपये और पांच किलो का छोटू सिलिंडर 230 रुपये महंगा हो गया है। इसके बावजूद भी उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद डिलीवरी नहीं मिल रही।   पीजी से लेकर छात्रावास तक प्रभावित छात्र गुरुप्रसाद ने कहा कि एलपीजी के व्यावसायिक और छोटू सिलिंडर महंगा होने से पीजी से लेकर छात्रावास तक प्रभावित हैं। छात्रों पर महंगाई की मार पड़ रही है। उनके लिए खाना बनाना महंगा हो गया है। किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों को पांच किलो सिलिंडर ब्लैक में 2000 रुपये तक खरीदना पड़ रहा है। उठानी पड़ रही परेशानी छात्र सचिन का कहना है कि पीजी में रहने वालों को ब्लैक में सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। सिलिंडर बहुत महंगा है। पढ़ाई करने वाले छात्रों का बजट गड़बड़ा रहा है। रसोई गैस की कमी के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।   हॉकर करते हैं मनमानी छात्र अतुल ने बताया कि रसोई गैस सिलिंडर ब्लैक में मिल रहे हैं, हॉकर मनमानी करते हैं। बाहर खाना खाना मजबूरी बन गया है। वहां भी दाम बढ़ गए हैं। गैस एजेंसियों में पांच किलो वाला गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।   थाली पर बढ़े 40 रुपये छात्र यश का कहना है कि 120 रुपये की थाली अब 160 रुपये तक पहुंच गई है। छोटा सिलिंडर भी करीब 2000 रुपये में मिल रहा है। इतने महंगे सिलिंडर लेने से अच्छा है कि चूल्हे पर लकड़ियां जलाकर खाना बना लें। करना पड़ रहा लंबा इंतजार खंदारी निवासी शालू ने बताया कि सिलिंडर बुक कराने के बाद 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। पड़ोस से चूल्हा मांगना पड़ता है तो कभी आधा पका खाना छोड़ना पड़ता है।   महंगे दाम पर खरीदना मजबूरी नेहरू नगर कृतिका गौर का कहना है कि गरीब परिवार छोटा सिलिंडर वहन नहीं कर पा रहे हैं। मिलता भी आसानी से नहीं। ब्लैक में महंगे दाम पर खरीदना उनकी मजबूरी है। बड़े परिवारों में ज्यादा परेशानी दयालबाग निवासी सुंदरी ने बताया कि बड़े परिवारों में सिलिंडर की किल्लत और ज्यादा परेशानी खड़ी कर रही है। उनके घर में 10 से 12 सदस्य हैं, लेकिन एक ही सिलेंडर है। एक सिलेंडर 15-20 दिन भी नहीं चल पाता।  

नूंह में दर्दनाक घटना: रेड के दौरान हादसा, यूपी पुलिस के 4 जवान समेत 5 की जान गई

जालौन अपहरण के एक मामले में कार्रवाई करने हरियाणा गई कोतवाली उरई पुलिस टीम मंगलवार सुबह भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। नूंह जनपद के तावड़ू सदर थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे में चार पुलिसकर्मियों समेत एक वादी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली उरई में दर्ज एक अपहरण मामले में अपहृत व्यक्ति की बरामदगी के लिए पुलिस टीम हरियाणा रवाना हुई थी। टीम आरोपियों की तलाश में तावड़ू क्षेत्र पहुंची थी, तभी मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। ओवरटेक करने के चक्कर में हुआ हादसा बताया जा रहा है कि ओवरटेक के दौरान वाहन अनियंत्रित हो गया और सामने से आ रहे वाहन से टकरा गया, जिससे यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। हादसे में उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी प्रदीप कुमार (सर्विलांस सेल) और आरक्षी अशोक कुमार (कोतवाली उरई) की मौके पर ही मौत हो गई। क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला इसके अलावा मुकदमे के वादी अमरीक सिंह निवासी संगरूर (पंजाब) ने भी दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया गया। क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। क्षतिग्रस्तवाहन को सड़क से हटवाकर खड़ा कराया गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद उरई समेत पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।     एक मामले में कोतवाली की पुलिस टीम हरियाणा में दबिश देने गई थी। हादसे में चार पुलिसकर्मियों व वादी की मौत हुई है।  -विनय कुमार सिंह, एसपी जालौन सीएम योगी ने जताया शोक इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृत पुलिसकर्मियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हरियाणा सरकार से समन्वय स्थापित कर मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुंचाया जाए और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। प्रदेश में शोक की लहर एक साथ पांच लोगों की मौत से पुलिस विभाग में गहरा दुख है। जालौन समेत कन्नौज, कासगंज, रायबरेली और बांदा में मृतकों के घरों पर मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।  

भोपाल में नेक्स्ट जेन टैलेंट समिट 2026, कथक नृत्य में 9 छात्रों ने जीते पुरस्कार

भोपाल भोपाल को रविंद्र भवन के अंजलि सभागृह में राज्य सरकार की मिनिस्ट्री आफ कल्चर द्वारा हिंदुस्तान आर्ट एंड म्यूजिक समिति के माध्यम से, नेक्स्ट जेन टैलेंट समिट 2026 का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय संगीत और नृत्य कला की स्पर्धा में श्री कल्याणी नृत्य कला कौशल समिति के कथक नृत्य में पारंगत 9 छात्रों ने पुरस्कार प्राप्त किए हैं। इस उपलब्धि पर श्री कल्याणी नृत्य कला कौशल समिति की कत्थक शिक्षिका और संस्थापक श्रीमती दीक्षा अस्थाना ने सभी छात्रों को उनके इस प्रयास पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं तथा आशा व्यक्त की है भविष्य में और अधिक संख्या में यहां की छात्राएं ऐसी उपलब्धि प्राप्त करेंगी ।