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महंगाई की मार: सिलिंडर की कमी से थाली महंगी, छात्रों और छोटे कारोबारियों का बजट बिगड़ा

आगरा आगरा में एलपीजी संकट बरकरार है। गैस सिलिंडर की किल्लत ने महंगाई का तड़का लगा दिया है। चाय, समोसा से लेकर रेस्तरां में खाना तक महंगा हो गया है। महिलाओं और व्यापारियों से लेकर छात्र तक सभी का बजट बिगड़ रहा है। व्यावसायिक सिलिंडर में 40 और घरेलू सिलिंडर में 30 प्रतिशत की कटौती से आम आदमी पर दोहरी मार पड़ रही है। जिले में 13 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। प्रतिदिन करीब 150 टन एलपीजी खपत है। प्रतिदिन करीब 40 हजार व्यावसायिक सिलिंडर की खपत है। 88 गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम गैस आपूर्ति करती हैं। कंपनियों की लापरवाही और प्रशासन के ढुलमुल रवैये से डिस्ट्रीब्यूटर्स से लेकर उपभोक्ता तक कटौती की मार झेल रहे हैं। करीब एक लाख से अधिक सिलिंडर का बैकलॉग है। व्यावसायिक सिलिंडर 935 रुपये और पांच किलो का छोटू सिलिंडर 230 रुपये महंगा हो गया है। इसके बावजूद भी उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद डिलीवरी नहीं मिल रही।   पीजी से लेकर छात्रावास तक प्रभावित छात्र गुरुप्रसाद ने कहा कि एलपीजी के व्यावसायिक और छोटू सिलिंडर महंगा होने से पीजी से लेकर छात्रावास तक प्रभावित हैं। छात्रों पर महंगाई की मार पड़ रही है। उनके लिए खाना बनाना महंगा हो गया है। किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों को पांच किलो सिलिंडर ब्लैक में 2000 रुपये तक खरीदना पड़ रहा है। उठानी पड़ रही परेशानी छात्र सचिन का कहना है कि पीजी में रहने वालों को ब्लैक में सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। सिलिंडर बहुत महंगा है। पढ़ाई करने वाले छात्रों का बजट गड़बड़ा रहा है। रसोई गैस की कमी के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।   हॉकर करते हैं मनमानी छात्र अतुल ने बताया कि रसोई गैस सिलिंडर ब्लैक में मिल रहे हैं, हॉकर मनमानी करते हैं। बाहर खाना खाना मजबूरी बन गया है। वहां भी दाम बढ़ गए हैं। गैस एजेंसियों में पांच किलो वाला गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।   थाली पर बढ़े 40 रुपये छात्र यश का कहना है कि 120 रुपये की थाली अब 160 रुपये तक पहुंच गई है। छोटा सिलिंडर भी करीब 2000 रुपये में मिल रहा है। इतने महंगे सिलिंडर लेने से अच्छा है कि चूल्हे पर लकड़ियां जलाकर खाना बना लें। करना पड़ रहा लंबा इंतजार खंदारी निवासी शालू ने बताया कि सिलिंडर बुक कराने के बाद 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। पड़ोस से चूल्हा मांगना पड़ता है तो कभी आधा पका खाना छोड़ना पड़ता है।   महंगे दाम पर खरीदना मजबूरी नेहरू नगर कृतिका गौर का कहना है कि गरीब परिवार छोटा सिलिंडर वहन नहीं कर पा रहे हैं। मिलता भी आसानी से नहीं। ब्लैक में महंगे दाम पर खरीदना उनकी मजबूरी है। बड़े परिवारों में ज्यादा परेशानी दयालबाग निवासी सुंदरी ने बताया कि बड़े परिवारों में सिलिंडर की किल्लत और ज्यादा परेशानी खड़ी कर रही है। उनके घर में 10 से 12 सदस्य हैं, लेकिन एक ही सिलेंडर है। एक सिलेंडर 15-20 दिन भी नहीं चल पाता।  

गैस सिलेंडर की कीमत में वृद्धि का खतरा, सरकारी सब्सिडी पर असर की संभावना, रिपोर्ट ने किया चिंता का इज़ाफा

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव का असर अब सीधे भारत के आम लोगों और कंपनियों की जेब पर दिखने लगा है। रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुसार, अगर मौजूदा हालात ऐसे ही बने रहते हैं, तो वित्त वर्ष 2027 तक एलपीजी (LPG) पर होने वाला अंडर-रिकवरी यानी घाटा करीब ₹80,000 करोड़ तक पहुंच सकता है। अंडर-रिकवरी का मतलब होता है कि तेल कंपनियां गैस सिलेंडर को जिस कीमत पर बेच रही हैं, वह उसकी वास्तविक लागत से कम है और यह अंतर उन्हें खुद वहन करना पड़ता है। इसका सीधा असर तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की कमाई और मुनाफे पर पड़ रहा है। दरअसल, कच्चे तेल की कीमतें वैश्विक स्तर पर काफी ऊंची बनी हुई हैं, जबकि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखा गया है। इससे कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ गया है। अनुमान है कि अगर कच्चा तेल 120-125 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहता है, तो पेट्रोल पर करीब ₹14 प्रति लीटर और डीजल पर ₹18 प्रति लीटर तक का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा पश्चिम एशिया से एलपीजी की सप्लाई में आई बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। हालांकि, भारत ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से एलपीजी आयात बढ़ाकर सप्लाई को कुछ हद तक संतुलित किया है, लेकिन फिर भी कंपनियों का घाटा कम नहीं हो पा रहा है। इसका असर केवल गैस सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद (फर्टिलाइजर), केमिकल और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन जैसे कई सेक्टर भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। खासकर उर्वरक उद्योग में अमोनिया और सल्फर जैसे कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है। इसी वजह से सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी बढ़ने की संभावना है। ICRA का अनुमान है कि FY2027 में फर्टिलाइजर सब्सिडी ₹2.05 लाख करोड़ से ₹2.25 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है, जो मौजूदा बजट से काफी ज्यादा है। वहीं, केमिकल और पॉलिमर सेक्टर में भी लागत बढ़ने से कंपनियों के मार्जिन पर दबाव रहेगा, हालांकि कुछ स्पेशलिटी केमिकल कंपनियां अपेक्षाकृत सुरक्षित रह सकती हैं। बढ़ती ऊर्जा कीमतें और सप्लाई में अनिश्चितता आने वाले समय में कई सेक्टर्स की कमाई पर असर डाल सकती हैं। हालांकि, सरकार और कंपनियां स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसका असर आम उपभोक्ता तक भी पहुंच सकता है।

एमपी में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत ₹993 बढ़ी, 20 हजार से ज्यादा शादियों पर पड़ेगा असर

भोपाल  दो महीने की किल्लत के बीच मध्य प्रदेश में कमर्शियल LPG सिलेंडर 993 रुपए महंगा हो गया है। भोपाल में 3074 रुपए, इंदौर में 3179 रुपए, जबलपुर में 3290 रुपए, ग्वालियर में 3296 रुपए और उज्जैन में 3241 रुपए में सिलेंडर मिलेगा। दो महीने में रेट 1248 रुपए बढ़ चुके हैं। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। कमर्शियल सिलेंडर के रेट ऐसे समय बढ़े हैं, जब होटल, रेस्टोरेंट-ढाबों को जरूरत की 50 प्रतिशत गैस ही मिल रही है। जुलाई तक प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा शादियां होनी हैं, ऐसे में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 500 लोगों के खाने पर 50 हजार रुपए खर्च बढ़ेगा मध्य प्रदेश टेंट कैटर्स एसोसिएशन के रामबाबू शर्मा ने बताया कि सिलेंडर के रेट बढ़ने से होटल और कैटर्स में 10 प्रतिशत तक कॉस्टिंग का फर्क पड़ेगा। 500 लोगों के 5 लाख रुपए के खाने का बजट अब 45 से 50 हजार रुपए तक बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सिलेंडर पर 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी ठीक थी, लेकिन करीब 50 प्रतिशत बढ़ोतरी न्याय संगत नहीं है। सरकार को फैसला वापस लेना चाहिए। होटल संचालक बोले- खाना महंगा करना पड़ेगा भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर 2 महीने में साढ़े 12 सौ रुपए तक महंगा हुआ है। यानी पहले की तुलना में 60% रेट बढ़े हैं। फरवरी तक सिलेंडर 1800 रुपए में मिल जाता था, लेकिन अब 50 प्रतिशत आपूर्ति ही हो रही है। कमर्शियल गैस नहीं मिलने से डीजल भट्‌टी और इंडक्शन का उपयोग हो रहा है। इससे डीजल और बिजली का खर्च बढ़ा हुआ है। अब खाने के रेट बढ़ाने पड़ेंगे। 3323 रुपए में रीवा में मिलेगा सबसे महंगा सिलेंडर प्रदेश में सबसे महंगा सिलेंडर रीवा में 3323 रुपए में मिलेगा। सिंगरौली और सतना-नरसिंहपुर में 3321 रुपए, कटनी में 3320 रुपए, बालाघाट में 3319 रुपए, पन्ना में 3318 रुपए, शहडोल में 3317 रुपए, अनूपपुर, सीधी, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में 3315 रुपए, सिवनी में रेट 3308 रुपए हो गए हैं। भोपाल में रेट सबसे कम 3074 रुपए है। शाजापुर-सीहोर में 3081 रुपए, हरदा में 3104 रुपए, सागर में 3105 रुपए, विदिशा-नर्मदापुरम में 3109 रुपए में सिलेंडर मिलेगा। रेस्टोरेंट में खाने का रेट 10 से 20 प्रतिशत बढ़ेगा नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के एमपी हेड अभिषेक बहेती ने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें हर महीने बढ़ रही हैं। पहले 60 रुपए, फिर 195 रुपए और अब 993 रुपए तक रेट बढ़े हैं। इससे रेस्टोरेंट में खाने का रेट 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा। यह आम लोगों पर बोझ डालेगा।

गैस उपभोक्ताओं के लिए नई गाइडलाइन: OTP डिलीवरी और eKYC अनिवार्य होने के संकेत

 जयपुर LPG गैस को लेकर आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है. कुछ परेशानी इसलिए भी हुई की लोगों को गैस बुकिंग और डिलिवरी के नियमों की जानकारी नहीं थी. ऐसे में अब 1 मई 2026 से LPG गैस सिलेंडर से जुड़े बदलाव होने वाले हैं तो आपको इसके बारे में जानकारी जरूर होनी चाहिए. इसके तहत LPG की बुकिंग से लेकर डिलिवरी तक कई नियम बदल रहे हैं. अगर आप इसे समझ लेगें तो आपको परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. बता दें घरेलू गैस की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. वहीं 1 मई 2026 को गैस के कीमतों में बदलाव किया जा सकता है. साथ ही कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी लगातार बढ़े हैं तो इसकी कीमत भी बदल सकती है. बदलेगा बुकिंग का नियम नए नियम के तहत LPG सिलेंडर बुक करने का समय अंतराल 25 दिन कर दिया गया है. जो पहले 21 दिन था. जबकि ग्रामीण इलाकों में 45 दिन का समय होगा. यानी 45 दिन बाद ही गैस की बुकिंग की जा सकेगी. ऐसे में अगर आप गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको बुकिंग के समय को ध्यान रखना होगा. आप गैस सिलेंडर कई तरीकों से बुक कर सकते हैं. व्हाट्सऐप, मिस्ड कॉल, SMS, मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए आसानी से बुकिंग की जा सकती है. बस ध्यान रखें कि बुकिंग हमेशा अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही करें. साथ ही ध्यान रखें कि किसी अनजान लिंक या नंबर से बुकिंग न करें और पेमेंट करने से पहले डिटेल्स जरूर चेक करें. बदलेगा डिलिवरी का नियम गैस की होम डिलिवरी का नियम भी बदला गया है. गैस की डिलिवरी सुरक्षित तरीके से हो इसके लिए OTP सिस्टम लागू किया गया है. यानी अगर आपके घर पर सिलेंडर आता है तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा जिसे आपको डिलिवरी बॉय को बताना होगा. OTP के जरिए डिलिवरी होने से गैस सिलेंडर सही व्यक्ति को मिलेगा और इसमें गड़बड़ी नहीं होगी. PNG हो सकता अनिवार्य सरकार लगातार PNG कनेक्शन को बढ़ावा दे रही है. ऐसे में जिन क्षेत्रों में PNG पाइपलाइन उपलब्ध है वहां लोगों को तय समय में कनेक्शन लेना अनिवार्य किया जा सकता है. ऐसा नहीं करने पर LPG गैस सिलेंडर की डिलिवरी बंद की जा सकती है. अब गैस सिलेंडर के लिए eKYC जरूरी होगा. ऐसा नहीं करने पर सिलेंडर की डिलिवरी रूक सकती है, जबकि सब्सिडी का लाभ भी मिलना बंद हो सकता है. यह एक वित्त वर्ष में एक बार करना जरूरी होता है.

गैस सिलेंडर बुकिंग में बड़ी दिक्कत, कॉल्स की बाढ़ से Indane का सिस्टम हुआ क्रैश

नई दिल्ली दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे युद्ध और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव की वजह से गैस सिलेंडर की कमी हो रही है। इसी वजह से अचानक गैस बुकिंग की कॉल्स में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। मनीकंट्रोल के मुताबिक, गैस बुकिंग के लिए आने वाली कॉल्स सामान्य दिनों की तुलना में 8 से 10 गुना तक बढ़ गईं, जिससे Indane का बुकिंग सिस्टम कुछ समय के लिए क्रैश हो गया। इसका असर यह हुआ कि कई यूजर्स फोन, ऐप या वेबसाइट के जरिए सिलेंडर बुक नहीं कर पाए और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ शहरों में तो लोग सीधे गैस एजेंसी के दफ्तर पहुंच गए, जिससे वहां लंबी लाइनें भी लग गईं। वहीं रिसर्चर्स का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और गैस सप्लाई को लेकर बनी चिंता के कारण लोगों ने एक साथ सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया, जिससे सिस्टम पर अचानक ज्यादा दबाव पड़ गया। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि आखिर LPG बुकिंग सिस्टम क्यों क्रैश हुआ और इसका यूजर्स पर क्या असर पड़ सकता है। इसी वजह से कई जगह लोगों को IVRS नंबर या मिस्ड कॉल के जरिए सिलेंडर बुक करने में दिक्कत हुई। कुछ जगहों पर तो लोग सीधे गैस एजेंसी के दफ्तर पहुंच गए, जिससे वहां लंबी लाइनें लग गईं। 8–10 गुना बढ़ी कॉल्स से सिस्टम पर पड़ा दबाव मनीकंट्रोल के अनुसार Indane के IVRS और मिस्ड कॉल नंबर पर बुकिंग के लिए अचानक कॉल्स की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई। सामान्य दिनों के मुकाबले कॉल्स लगभग 8 से 10 गुना ज्यादा आ गईं। कंपनी ने अपने डीलरों को भेजे एक message में बताया कि इतनी ज्यादा कॉल्स आने की वजह से पूरा सिस्टम भारी दबाव में आ गया और कई बार ग्राहकों को कनेक्ट होने में दिक्कत होने लगी। लोगों की हुई परेशानी सिस्टम में आई टेक्निकल दिक्कत की वजह से कई शहरों में लोग गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पाए। कुछ जगहों पर मोबाइल ऐप और वेबसाइट भी ठीक से काम नहीं कर रही थीं। ऐसे में कई लोग सीधे गैस एजेंसी के दफ्तर पहुंच गए, जिससे वहां लंबी लाइनें लग गईं और काफी भीड़ देखने को मिली। कई ग्राहकों ने शिकायत की कि उन्होंने कई बार कॉल करने की कोशिश की लेकिन बुकिंग नहीं हो सकी। सरकार ने बदला गैस बुकिंग का नियम सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग को लेकर एक नया नियम भी लागू किया है। अब एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह समय 21 दिन था। सरकार का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया है ताकि लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक न करें और सभी यूजर्स को गैस मिल सके।  

गैस सिलिंडर नहीं मिला तो भड़के लोग, लंबा इंतजार करने के बाद डीएम आवास पर किया हंगामा

मुज्जफरपुर मुजफ्फरपुर में घरेलू गैस नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार को कई उपभोक्ता खाली गैस सिलिंडर लेकर जिलाधिकारी सुब्रत सेन के आवास और समाहरणालय परिसर पहुंच गए। इस दौरान लोगों ने गैस एजेंसी के वितरक पर मनमानी और कालाबाजारी करने का आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी जताई। उपभोक्ताओं का कहना है कि जिला प्रशासन लगातार यह कह रहा है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन एजेंसियों की मनमानी के कारण लोगों को समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। उनका आरोप है कि तीन-चार दिन पहले नंबर लगाने के बावजूद उन्हें गैस नहीं दी जा रही है और बार-बार एजेंसी से लौटा दिया जा रहा है। गुरुवार की सुबह से ही कई उपभोक्ता एजेंसी पर लाइन में लगे हुए थे। घंटों इंतजार के बाद भी जब सिलिंडर नहीं मिला तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एजेंसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा गैस सिलिंडर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं और वास्तविक उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। जब एजेंसी स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर जिला समाहरणालय पहुंच गए, ताकि वरीय अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया जा सके। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि शहर की ईडन गैस सिलिंडर एजेंसी के वितरक द्वारा लगातार उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। कई दिनों पहले नंबर लगने के बावजूद जब वे गैस लेने पहुंचते हैं तो उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो उनके घरों में चूल्हा कैसे जलेगा। उपभोक्ता राजकुमार ने बताया कि वे कई दिनों से घरेलू गैस के लिए भटक रहे हैं। उनका आरोप है कि एजेंसी वाले सिलेंडर ब्लैक में बेच रहे हैं और उपभोक्ताओं को गैस नहीं दी जा रही है। इसी शिकायत को लेकर वे डीएम के पास पहुंचे हैं। वहीं, पूरे मामले पर एडीएम पूर्वी तुषार कुमार ने कहा कि जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर शिकायत दर्ज कराई जा सके। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी पर प्रशासन की नजर है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। गैस वितरण ओटीपी और फर्स्ट-कम-फर्स्ट-सर्व के आधार पर किया जा रहा है तथा किसी भी उपभोक्ता को लौटने नहीं दिया जाएगा।

LPG की कमी से बढ़ी चिंता: पंजाब में 10 हजार शादियों पर असर, सरकार लाई एक्शन प्लान

लुधियाना. खाड़ी देशों में बने युद्ध के हालात के मद्देनजर पंजाब में भी रसोई गैस की किल्लत गहरा सकती है। इसी के चलते सूबे के विभिन्न जिलों में लोगों के बीच खलबली का माहौल है। पंजाब सरकार हरकत में आ गई है। इसी स्थिति के मद्देनजर सरकार ने कालाबाजारी पर निगरानी और कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। सीएम भगवंत मान ने भी बारे में खाद्य आपूर्ति मंत्री से हालता पर चर्चा कर वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट ली। इस युद्ध का असर पंजाब में रसोई गैस सिलिंडरों की उपलब्धता पर पड़ता दिख रहा है। विभिन्न जिलों में लोगों की भीड़ रसोई गैस एजेंसियों के बाहर लगनी शुरू हो गई है। विधानसभा में मंत्री कटारूचक्क ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि आने वाली दिनों में पंजाब में करीब 10 हजार शादियां होनी वाली हैं और लोगों को यह चिंता सता रही है कि बिना रसोई गैस सिलिंडर ये शादियां कैसे निपटेंगी। प्रदेश में संभावित बिगड़ते हालात के चलते बुधवार को मंत्री कटारूचक्क् ने इंडियन ऑयल कंपनी, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के आला अफसरों और महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान तेल कंपनियों से रसोई गैस व व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की स्थिति संबंधी जानकारी मांगी गई। मंत्री ने बताया कि तेल कंपनियों ने फिलहाल आश्वस्त किया है कि अभी किसी तरह की कोई किल्लत नहीं है। मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और न ही सिलिंडरों व तेल का स्टॉक करने का प्रयास करें। नंगल, बठिंडा प्लांट में आपूर्ति प्रभावित कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने सदन में आरोप लगाते हुए बताया कि केंद्र सरकार हरियाणा के पानीपत स्थित प्लांट को 100 प्रतिशत सिलिंडरों की आपूर्ति कर रहा है लेकिन पंजाब के नंगल और बठिंडा प्लांटों की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। यहां अब न के बराकर आपूर्ति हो रही है, आगे हालात बिगड़ सकते हैं। मंत्री कटारूचक्क ने बताया कि आप सरकार इस बाबत केंद्र को पत्र लिखकर देश और पंजाब में सिलिंडरों की उपलब्धता संबंधी स्थिति स्पष्ट करने की अपील करेगी। उपलब्धता घटी तो स्टॉक घटेगा पंजाब सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वर्तमान स्थिति के मद्देनजर जो भी पंजाब में तेल और रसोई गैस की कालाबाजारी करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य आपूर्ति मंत्री लालचंद बताते हैं कि इस बाबत सीएम भगवंत मान ने आदेश दे दिए हैं। इसके बाद सभी जिलों के डीसी और डीएफएससी को भी निर्देशित कर दिया है कि वे फील्ड में टीमें उतारकर कालाबाजारी पर निगरानी रखें। यदि उपलब्धता कम होगी तो निश्चित तौर पर स्टॉक भी घटेगा इसलिए लोग संयम बरतें और केंद्र सरकार जल्द स्थिति स्पष्ट करे। जालंधर में गैस सिलेंडर, डीजल-पेट्रोल का जरूरी स्टॉक मौजूद- डीसी जालंधर के डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने जिला वासियों को भरोसा दिलाया कि एलपीजी सिलेंडरों, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि जिले के पास जनता की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सप्लाई चेन उचित ढंग से काम कर रही है और जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जिले में एलपीजी, डीजल और पेट्रोल के स्टॉक पर निगरानी रखी जा रही है ताकि जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने इस संबंध में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड के अधिकारियों तथा गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मौजूदा स्टॉक का जायजा लिया।  उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की और कहा कि सक्षम अथॉरिटी से पुष्टि किए बिना किल्लत के बारे में गलत जानकारी फैलाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जमाख़ोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए डा. अग्रवाल ने कहा कि अगर कोई ऐसा मामला सामने आता है तो जरूरी वस्तुएं अधिनियम-1955 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप एसोसिएशनों से भी कहा कि अगर कोई ऐसा मामला सामने आए तो तुरंत जिला प्रशासन के ध्यान में लाया जाए। बैठक के दौरान गैस एजेंसी अधिकारियों ने बताया कि एल.पी.जी. सिलेंडर की रिफिल बुकिंग के लिए समय 25 दिन का होता है।  बैठक में सहायक कमिश्नर (यू.टी.) मुकिलन आर, डीएफएससी नरिंदर सिंह के अलावा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड के अधिकारी तथा गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप एसोसिएशनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

ऑनलाइन बुकिंग के बिना नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर

फरीदकोट. मध्य पूर्व में बढ़ रहे ईरान–इजराइल तनाव का असर अब भारत में एलपीजी गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। भारत सरकार द्वारा जारी नई हिदायतों के अनुसार. अब उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर केवल ऑनलाइन बुकिंग के बाद ही मिलेगा। उल्लेखनीय है कि नई प्रक्रिया के मुताबिक,अब सिलेंडर की डिलीवरी बुकिंग के बाद मिलने वाले डीएसी कोड के आधार पर ही की जाएगी। इसका उद्देश्य सप्लाई प्रणाली को पारदर्शी बनाना और गलत इस्तेमाल को रोकना बताया जा रहा है। दूसरी ओर कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई को लेकर भी दिक्कतें आने की संभावना जताई जा रही है। कमर्शिल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार फिलहाल 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हो रही है। फरीदकोट की गैस एजेंसियों के संचालकों ने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुसार अब हर उपभोक्ता को सिलेंडर लेने के लिए पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी और डिलीवरी के समय मिलने वाला डीएसी कोड दिखाना जरूरी होगा। गैस एजेंसी संचालक संजीव जैन ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि जब सप्लाई फिर से शुरू होगी तभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपनी ई-केवाइसी जल्द से जल्द करवा लें, ताकि भविष्य में सिलेंडर लेने के समय किसी तरह की परेशानी न हो। फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई बड़ी कमी नहीं है और बुकिंग के बाद एक से दो दिनों के भीतर सप्लाई दी जा रही है। हालांकि आने वाले दिनों में सरकार सप्लाई को लेकर कोई कोटा भी तय कर सकती है।

रसोई गैस सप्लाई नियम बदला: अब 21 दिन बाद ही कर सकेंगे अगली बुकिंग

नई दिल्ली   ईरान-इजराइल युद्ध और दुनियाभर में ईंधन की अनिश्चितता को देखते हुए घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति में बदलाव किया गया है। अब कोई भी घरेलू उपभोक्ता पिछली डिलीवरी के 21 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकेगा। 15 नहीं अब 21 दिन के अंदर ही मिलेगा सिलेंडर पहले यह अंतराल 15 दिन का था, लेकिन अस्थिर वैश्विक हालात को ध्यान में रखते हुए इसे बढ़ाकर 21 दिन कर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि सभी घरेलू उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने गैस एजेंसियों के सिस्टम (सॉफ्टवेयर) में बदलाव कर नई व्यवस्था लागू कर दी है। उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी में कोई परेशानी नहीं होगी महावीर गैस एजेंसी के संचालक देव नारायण महतो ने बताया कि अब 21 दिन के अंतराल के बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी में कोई परेशानी नहीं होगी। यह अस्थायी व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते।