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अब घर पर बनाएं Hair Spray, बालों को मिलेगा शाइन और वॉल्यूम

अगर आप भी अक्सर 'Bad Hair Day' से परेशान रहते हैं, तो अब आपको महंगे सैलून ट्रीटमेंट या केमिकल से भरे प्रोडक्ट्स पर पैसे बर्बाद करने की जरूरत नहीं है। आज हम आपको एक ऐसा मैजिकल नुस्खा बताने जा रहे हैं, जो आपके बालों को सिर्फ स्टाइल ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें अंदर से पोषण भी देगा। जी हां, यह एक ऐसा सीक्रेट हेयर स्प्रे है जिसे आप सिर्फ 5 मिनट में घर पर बना सकते हैं और इसका असर पहली बार में ही दिखेगा। आइए, इस आसान और असरदार नुस्खे के बारे में जानते हैं। हेयर स्प्रे बनाने के लिए जरूरी सामग्री     पानी: 1 कप     समुद्री नमक: 1 चम्मच (यह बालों को टेक्सचर और वॉल्यूम देगा)     एलोवेरा जेल: 1 चम्मच (यह बालों को मॉइस्चराइज़ करेगा और शाइन देगा)     नारियल तेल या आर्गन ऑयल: 5-6 बूंदें (यह रूखेपन को खत्म करेगा और बालों को पोषण देगा)     एक स्प्रे बोतल हेयर स्प्रे बनाने की विधि     सबसे पहले एक बर्तन में पानी गर्म करें, लेकिन इसे उबालें नहीं।     गर्म पानी में समुद्री नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं, जब तक कि वह पूरी तरह घुल न जाए।     अब इसमें एलोवेरा जेल और नारियल या आर्गन ऑयल मिलाएं।     सभी सामग्री को अच्छी तरह से मिला लें ताकि कोई गांठ न रह जाए।     मिश्रण को ठंडा होने दें।     ठंडा होने के बाद, इसे स्प्रे बोतल में भर लें। इस्तेमाल करने का तरीका     अपने बालों को थोड़ा गीला करें।     बालों को अलग-अलग हिस्सों में बांट लें।     इस हेयर स्प्रे को बालों की जड़ों से लेकर सिरों तक स्प्रे करें।     अब अपनी उंगलियों या कंघी से बालों को स्टाइल दें।     अगर आप बालों को कर्ल करना चाहते हैं तो स्प्रे करने के बाद कर्लिंग आयरन का इस्तेमाल करें। इस हेयर स्प्रे का नियमित इस्तेमाल आपके बालों को नेचुरल शाइन और घनापन देगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कोई हानिकारक केमिकल नहीं है, जिससे आपके बालों को कोई नुकसान नहीं होगा।  

नंगे पैर या जूते पहनकर वॉक करें? जानें सही तरीका और अधिक फायदा

वॉक करना सेहत के लिए सबसे अच्छी और आसान एक्सरसाइज मानी जाती है। इससे पूरे शरीर की एक्सरसाइज होती है, जिससे वजन कम करने, पाचन दुरुस्त रखने, बेहतर हार्ट हेल्थ और मूड अच्छा करने जैसे कई फायदेमिलते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वॉक करने का सही तरीका क्या है? नंगे पांव चलना या फिर जूते पहनकर वॉक करना , दोनों में से क्या ज्यादा फायदेमंद है। आइए जानें इस बारे में। नंगे पैर चलने के फायदे     चाल में सुधार- जब आप नंगे पैर चलते हैं, तो आपके पैर की मांसपेशियों, टेंडन और लिगामेंट्स को पूरी तरह से काम करने का मौका मिलता है। इससे पैर की नेचुरल आर्च मजबूत होती है और चाल में सुधार होता है। आप जमीन को बेहतर तरीके से महसूस करते हैं और पैर जमीन पर ज्यादा नेचुरल तरीके से पड़ते हैं।     बैलेंस और स्टेबिलिटी में सुधार- नंगे पैर चलने से पैर की उंगलियों को जमीन को पकड़ने का मौका मिलता है, जिससे शरीर का बैलेंस बेहतर होता है। इससे गिरने का खतरा कम हो सकता है।     मूड अच्छा होता है- नंगे पांव हरी घास पर वॉक करने से मूड में सुधार हो सकता है। प्रकृति में टहलने और घास के कॉन्टेक्ट से हमें बेहतर महसूस होता है और मूड में सुधार होता है। नंगे पैर चलने के नुकसान     चोट लगने का खतरा- कांच के टुकड़े, नुकीले पत्थर, कीलें, या गर्म सतहों से पैरों में चोट लग सकती है या इन्फेक्शन हो सकता है।     इन्फेक्शन- सार्वजनिक स्थानों पर नंगे पैर चलने से फंगस, बैक्टीरिया या वायरस के संपर्क में आने का जोखिम रहता है।     पैरों में दर्द- जो लोग हमेशा जूते पहनते आए हैं, वे अगर अचानक ज्यादा देर तक नंगे पैर चलने लगें, तो इससे एड़ी में दर्द या टेंडन में खिंचाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जूते पहनकर चलने के फायदे     सुरक्षा- जूते पैरों को चोट लगने, कटने, छिलने और बाहरी तत्वों से बचाते हैं। यह सुरक्षा कंक्रीट और एस्फाल्ट जैसी सख्त सतहों पर चलते समय खासतौर से जरूरी है।     सपोर्ट और कुशनिंग- अच्छे जूते पैर के आर्च को सपोर्ट देते हैं, झटके कम करते हैं और जोड़ों पर पड़ने वाले दबाव को कम करते हैं। इससे लंबी दूरी तक चलना आरामदायक हो जाता है।     मूवमेंट में स्टेबिलिटी- स्पोर्ट्स एक्टिविटीज जैसे दौड़ना, ट्रेकिंग करना या जिम वर्कआउट करने के लिए डिजाइन किए गए जूते परफॉर्मेंस को बेहतर बनाते हैं और खास मूवमेंट्स में स्टेबिलिटी देते हैं। जूते पहनकर चलने के नुकसान     नेचुरल मूवमेंट में बाधा- ज्यादा कुशनिंग वाले या तंग जूते पैर की नेचुरल स्पीड को सीमित कर सकते हैं, जिससे पैर की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं।     गलत फिटिंग के नुकसान- ठीक से फिट न आने वाले जूते ब्लिस्टर्स, कॉर्न्स, बुनियन और पोस्चर संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। क्या है ज्यादा फायदेमंद? सुरक्षित माहौल में नंगे पैर चलना जैसे घर के अंदर या घास के मैदान में सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। इसे धीरे-धीरे शुरू करें ताकि पैरों को प्रैक्टिस करने का समय मिले। शहरी इलाकों, सख्त सतहों पर, या एक्सरसाइज के दौरान अच्छी क्वालिटी के और ठीक से फिट होने वाले जूते पहनना एक सुरक्षित विकल्प है।  

लाल सागर का इंटरनेट ब्लैकआउट: क्यों कई देशों के नेटवर्क हैं प्रभावित? जानें पूरा हाल

नई दिल्ली लाल सागर से बड़ी खबर सामने आई है। समुद्र के नीचे बिछी ऑप्टिक केबल्स क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके कारण वैश्विक स्तर पर इंटरनेट की गति धीमी हो गई है। इससे यूजर्स को देरी और धीमी गति का सामना करना पड़ रहा है। माइक्रोसॉफ्ट के Azure पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है। लाल सागर में बिछी ये केबल्स यूरोप और एशिया के बीच इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वैश्विक इंटरनेट ट्रैफिक का 17% हिस्सा इन्हीं केबल्स से होकर गुजरता है। क्षतिग्रस्त केबल्स में SEACOM/TGN-EA, AAE-1 और EIG जैसे प्रमुख सिस्टम शामिल हैं, जिससे महाद्वीपों के बीच डेटा ट्रांसफर बाधित हुआ है। माइक्रोसॉफ्ट के Azure पर प्रभाव रिपोर्ट्स के अनुसार, केबल्स के क्षतिग्रस्त होने से माइक्रोसॉफ्ट के Azure पर बड़ा असर पड़ा है। कंपनी ने बताया कि Azure उपयोगकर्ताओं, खासकर एशिया और यूरोप के बीच डेटा ट्रैफिक में समस्याएं आ सकती हैं। इन केबल्स को ठीक करने में समय लग सकता है, और फिलहाल डेटा को वैकल्पिक मार्गों से भेजकर काम चलाया जा रहा है। यूजर्स पर प्रभाव को कम करने के लिए कंपनी लगातार प्रयास कर रही है। केबल्स के क्षतिग्रस्त होने का कारण केबल्स के टूटने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। लाल सागर में पहले हुई घटनाओं में अक्सर कॉमर्सियल वेसल्स को इसका कारण माना गया है, लेकिन कुछ मामलों में जानबूझकर तोड़फोड़ की आशंका भी जताई जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण डिजिटल ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया जा सकता है ताकि वैश्विक कनेक्टिविटी प्रभावित हो। इसके अलावा, आशंका है कि यमन के हूती विद्रोही लाल सागर में इंटरनेट केबल्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। माना जा रहा है कि यह कदम गाजा युद्ध को समाप्त करने के लिए इजरायल पर दबाव बनाने के लिए हो सकता है। इंटरनेट कनेक्टिविटी पर प्रभाव इंटरनेट एक्सेस पर नजर रखने वाली कंपनी नेटब्लॉक्स ने बताया कि लाल सागर में केबल्स की कई रुकावटों ने भारत और पाकिस्तान सहित कई देशों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को प्रभावित किया है। इसने सऊदी अरब के जेद्दा के पास SMW4 और IMEWE केबल सिस्टम में खराबी को जिम्मेदार ठहराया है। केबल्स का संचालन दक्षिण पूर्व एशिया-मध्य पूर्व-पश्चिमी यूरोप 4 (SMW4) केबल का संचालन टाटा कम्युनिकेशंस द्वारा किया जाता है, जो एक भारतीय समूह का हिस्सा है। वहीं, भारत-मध्य पूर्व-पश्चिमी यूरोप (IMEWE) केबल का संचालन अल्काटेल-ल्यूसेंट की देखरेख में एक अन्य कंसोर्टियम द्वारा किया जाता है। हालांकि, अभी तक किसी कंपनी ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हूती विद्रोहियों पर शक 2024 की शुरुआत में यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त निर्वासित सरकार ने आरोप लगाया था कि हूतियों ने लाल सागर में समुद्र के नीचे बिछी केबल्स पर हमले की योजना बनाई थी। कई केबल्स काटे गए, लेकिन हूतियों ने इसके लिए जिम्मेदारी लेने से इनकार किया। रविवार सुबह हूतियों के अल-मसीरा उपग्रह समाचार चैनल ने नेटब्लॉक्स का हवाला देते हुए केबल्स कटने की बात स्वीकारी। हूतियों के हमले नवंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक हूतियों ने गाजा पट्टी में इजरायल-हमास युद्ध के संदर्भ में मिसाइलों और ड्रोनों से 100 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया। इस दौरान उन्होंने चार जहाज डुबो दिए और कम से कम आठ नाविकों की जान ली। ईरान समर्थित हूतियों ने युद्ध में एक संक्षिप्त युद्धविराम के दौरान अपने हमले रोके थे। वर्तमान में इजरायल-हमास युद्ध में नए युद्धविराम की अनिश्चितता के बीच हूतियों के नए हमले हो रहे हैं।

अब फर्जी कॉल्स की छुट्टी, जानें DoT-TRAI की इस बड़ी पहल की डिटेल

नई दिल्ली  मोबाइल यूजर्स को रोजाना आने वाले फर्जी कॉल्स और स्कैम से राहत देने के लिए DoT और TRAI कॉलर नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सर्विस लागू करने की तैयारी में हैं। इस सर्विस से हर कॉल पर कॉलर का नाम दिखेगा, जिससे धोखाधड़ी रोकी जा सकेगी। मोबाइल फोन पर फर्जी कॉल्स और स्कैमिंग की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) और TRAI अब कॉलर नेम प्रजेंटेशन (CNAP) सर्विस लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। यह सर्विस लागू होते ही हर इनकमिंग कॉल पर कॉलर का नाम डिस्प्ले होगा, जिससे धोखाधड़ी और फाइनेंशियल फ्रॉड के मामलों पर लगाम लगाई जा सकेगी।   क्या है CNAP सर्विस? CNAP यानी कॉलर नेम प्रेजेंटेशन, एक ऐसी सुविधा है जिसमें आने वाले कॉल पर कॉलर का वही नाम दिखाई देगा, जो उस सिम कार्ड की रजिस्टर्ड आईडी पर दर्ज है। यह सर्विस ट्रू-कॉलर जैसे एप्स से अलग होगी क्योंकि इसमें असली नाम ही दिखेगा। हालांकि, इसके साथ प्राइवेसी और तकनीकी चुनौतियों के मुद्दे भी सामने आ रहे हैं।   ट्रायल शुरू, लेकिन कंफ्यूजन बरकरार रिपोर्ट्स के मुताबिक, Airtel, Jio, Vi और BSNL जैसी बड़ी टेलीकॉम कंपनियां CNAP सर्विस का इंटर और इंट्रा-सर्किल में ट्रायल शुरू कर चुकी हैं। टेस्टिंग में कॉल रिसीव करने वाले यूजर को कॉलर का नाम स्क्रीन पर दिख रहा है। इसके बावजूद ऑपरेटर्स का मानना है कि बिजनेस और फैमिली कनेक्शन में नाम डिस्प्ले करने को लेकर अब भी स्पष्ट दिशा-निर्देश की जरूरत है। ऑपरेटर्स का कहना है कि बिजनेस कनेक्शन में सैकड़ों सिम कार्ड कंपनी के नाम पर खरीदे जाते हैं। ऐसे में कॉल करने पर क्या कंपनी का नाम दिखेगा या किसी कर्मचारी का? इसी तरह फैमिली पोस्टपेड प्लान्स में एक आईडी पर कई सिम जारी होते हैं, तो ऐसे मामलों में किसका नाम डिस्प्ले होगा, यह अब भी तय नहीं है।   TRAI की सिफारिशें TRAI का कहना है कि कॉलर का नाम कंज्यूमर एप्लिकेशन फॉर्म (CAF) के आधार पर डिस्प्ले किया जाएगा। इससे यूजर्स को तुरंत पहचानने में मदद मिलेगी कि कॉल असली है या स्कैम। खासतौर पर इंटरनेट बेस्ड VoIP कॉल्स को ट्रैक करने और स्कैमिंग रोकने में यह सर्विस गेमचेंजर साबित हो सकती है। DoT इस सर्विस को सभी नेटवर्क्स पर लागू करना चाहता है, लेकिन 2G नेटवर्क पर इसे इंप्लिमेंट करना फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती है। इसके समाधान के बाद ही CNAP को पूरे देश में लागू किया जा सकेगा।   सरकार का रुख केंद्रीय संचार राज्यमंत्री पेम्मासानी चंद्र शेखर ने संसद में बताया कि टेलीकॉम कंपनियों द्वारा किए गए ट्रायल और असेसमेंट के बाद CNAP सर्विस को लागू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। DoT ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स से इसे जल्द से जल्द शुरू करने के लिए तैयारी तेज करने को कहा है। 

स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने के आसान टिप्स

मॉडर्न स्मार्टफोन यूजर्स के सामने अभी सबसे बड़ा इश्यू है-बैटरी लाइफ। वे दिन गए जब आप बिना चार्जिंग के कुछ दिन तक फोन को साथ रख सकते थे। इन दिनों विशेष तौर पर जब बाजार में मॉडर्न एंड्रायड स्मार्टफोंस उमड़ रहे हंा तो आपको चार्जर या माइक्रोयूएसबी केबल के आस-पास ही रहना होता होगा। यदि नहीं तो आपको बैटरी पैक या बैटरी केस को अपने साथ रखना होता होगा। वास्तव में आप ऐसा चाहते नहीं होंगे पर मजबूरी है फोन को बार-बार चार्ज करना। पर आपको इस चार्जर वाले झंझट से छुटकारा दिलाने को पेश हैं कुछ टिप्स जो आपके स्मार्टफोन को कम से कम एक दिन बिना चार्ज के रख सकती है। -अपना लोकेशन सेटिंग्स ऑफ करें। आपके फोन का जीपीएस हमेशा आपके पोजिशन पर लॉक-इन की कोशिश करेगा और इसमें काफी पावर खर्च होता है। कभी-कभी लोकेशन शेयरिंग ऑटोमैटिक ही ऑन होता है, इसलिए एंड्रायड फोन पर आपको सेटिंग मेन्यू में जाकर इसे ऑफ कर देना चाहिए। -अपने फोन के ब्राइटनेस लेवल को कम रखें। स्क्रीन जितना अधिक ब्राइट होगा, उतना ही अधिक बैटरी खर्च होगा। ब्राइट स्क्रीन अच्छा दिख सकता है लेकिन यह ज्यादा पावर खर्च करता है। आपको ऑटोमैटिक ब्राइटनेस लेवल कुछ इस तरह कनफिगर करना चाहिए जिससे कंटेंट स्पष्ट रूप से दिख पाएं, लेकिन यह ज्यादा ब्राइट न हो। -उपयोग में नहीं आने वाले एप्स को स्विच ऑफ रखें। एंड्रायड फोन पर यदि आप मल्टीपल एप्स पर स्विच कर रहे हैं जैसे कैमरा तो बैकग्राउंड में अन्य एप्स ऑन रहते हैं। ये सभी एप्स अधिक पावर कंज्यूम करते हैं और इसलिए आपके फोन की बैटरी लाइफ कम हो जाती है। -सेटिंग्स मेन्यू में आपको हमेशा एप्स या प्रोसेस पर हमेशा टैब रखना चाहिए, जो ढेर सारा बैटरी तो लेता ही है साथ में डाटा भी। यहां तक कि यदि कोई एप ज्यादा बैटरी नहीं ले रहा तो यह पूरी तरह से 3जी नेटवर्क का उपयोग कर रहा होगा, जो अंततः बैटरी की खपत तेजी से करेगा। फेसबुक एप व गूगल नाउ अच्छे उदाहरण हैं इसलिए अपनी बैटरी बचाने के लिए इन्हें ऑफ कर दें। -जब भी संभव हो वाई-फाई का उपयोग करें। ढेर सारे फोंस पर यह ऑटोमैटिक ही शुरू होता है लेकिन यदि ऐसा न हो तो आपको वाई-फाई नेटवर्क पर स्विच करना चाहिए, इससे बैटरी की खपत कम होती है। -मोबाइल नेटवर्क सेटिंग्स में जाकर 2जी पर स्विच करें। यदि आप डाटा का उपयोग नहीं करते हैं और कॉल व मैसेज के लिए फोन का उपयोग करते हैं तो 2 जी नेटवर्क आपके लिए बेहतर है। -यदि आप क्वालकॉम प्रोसेसर वाला फोन उपयोग करते हैं तो आप एंड्रायड के लिए क्वालकॉम बैटरी गुरु एप डाउनलोड कर सकते हैं। यह एप आपके उपयोग का विश्लेषण करेगी और फोन के सेटिंग को आप्टिमाइज करेगी। -आप अपने डिस्प्ले को हमेशा 15 सेकेंड के बाद स्लिप की सेटिंग पर रखें। कभी यदि आप फोन का उपयोग नहीं कर रहे तो इसका लाइट अप होना भी बैटरी की खपत करता है। -यदि आप सोनी एक्सपीरिया जेड 3, एचटीसी वन एम8 या सैमसंग गैलेक्सी नोट 4 जैसे हाई-एंड फोन का उपयोग करते हैं तो इनबिल्ट सॉफ्टवेयर पर आधारित बैटरी एंहांसमेंट मोड का उपयोग करें।  

उम्र 40 के बाद प्रेग्नेंसी: जानें स्वास्थ्य और तैयारी से जुड़ी अहम बातें

एक अध्यकयन से पता चला है कि 95 फीसदी महिलाएं करियर और परिवार के बीच में परिवार को ही चुनती हैं। करियर के पीक की तरफ बढने के दौरान, महिलाओं पर मां बनने का भी दबाव होता है क्योंकि इसमें देरी करने पर उम्र बढ़ने से मां बनने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से वे अपने करियर में सहयोगियों से बेहतर होते हुए भी पिछड़ती जाती हैं।   लेकिन कुछ महिलाएं अपना करियर बीच मे नहीं छोड़तीं और 40 पार कर जाने के बाद भी मां बनने के सपने को साकार करना चाहती हैं। लेकिन महिलाओं की प्रजनन क्षमता 35 की उम्र आते-आते कम होनी शुरू हो जाती है। ऐसा नहीं है कि वे इस उम्र के बाद प्रेगनेंट नहीं हो सकतीं। आप अगर 40 पार भी मां बनने की इच्छा रखती हैं, तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आपकी प्रजनन क्षमता बरकरार रहे…   -उम्र बढने के साथ एग की क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों कम होती जाती है। 25 से 30 वर्ष की उम्र में अपना एग फ्रीज कराकर अपने मां बनने के सपने को 40 साल की उम्र में भी पूरा कर सकती हैं।   -सही प्रकार के प्रोटीन प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैंय टोफू, चिकन, अंडे, और कुछ सी-फूड्स में उच्च स्तर पर ओमेगा-3 फैटी एसिड, लोह-तत्व, सेलेनियम इत्यादि पाए जाते हैं।   -आपके विटामिन में फोलिक एसिड, कैल्शियम और लोह-तत्व मौजूद हों। इसके लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालें खाएं।   -किसी भी तरह के यौन रोग न हों, इसके लिए सेफ सेक्स पर गौर करें।   -वजन कम करें। अध्ययन बताते हैं की मोटापे से ग्रस्त महिलाओं को गर्भधारण करने में ज्यादा कठिनाई आती है और उन्हें गर्भावस्था के दौरान अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स (बी.एम.आई.) थोड़ा अधिक है, तो डाइट ठीक करें और साथ ही एक्सरसाइज भी करें या फिर योगाभ्यास शुरू करें।   -धूम्रपान त्यागें। यह न सिर्फ गर्भावस्था के लिए हानिकारक है अपितु यह गर्भ धारण करने में भी बाधा पैदा कर सकता है।   -एक कहावत है कि हंसी सबसे अच्छी दवा है। अधिकांश डॉंक्टर भी मानते हैं कि यह 100 प्रतिशत सही है। तो फिर दिल से क्यों न हंसा जाए। अगर आप जोर से हंसती हैं या मुस्कराती भी हैं तो आपके शरीर में फील गुड हारमोन्स का स्रव होता है, जो तनाव पैदा करने वाले कोर्टीसोल नामक हार्मोन को नष्ट करता है। इससे आप ज्यादा सेहतमंद रह पाएंगी। हंसने से चेहरे की माशपेशियों का भी व्यायाम हो जाता है।   -35 की उम्र के बाद समय-समय पर रैगुलर टैस्ट्स के अलावा फर्टिलिटी जांच करवाती रहें। गोनोरिया और कैलामाइडिया नामक यौन संचारित रोग हो तो जल्दी ट्रीटमेंट करवाना जरूरी है। वरना पेडू में सूजन की बीमारी हो सकती है जिससे फैलोपियन ट्यूब में घाव हो जाता है, जिससे बांझपन की संभावना बढ़ती है।  

नमक वाला पानी पीने के 6 चौंकाने वाले फायदे, जानें कैसे बदल सकता है सेहत

सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है क्योंकि जान है तो जहान है। अगर आपने स्वस्थ जिंदगी जीनी है तो रोज सुबह काला नमक और पानी मिलाकर पीना शुरू कर दें। इसे सोल वॉटर कहते हैं, जिससे आपकी ब्लड शुगर, ब्लाड प्रेशर, ऊर्जा में सुधार, मोटापा और अन्य  तरह की बीमारियां झट से ठीक हो जाएंगी। लेकिन ध्यान रहे कि सादे नमक का प्रयोग नहीं करना है। यह लाभ नहीं करेगा। काले नमक में 80 खनिज और जीवन के लिए वे सभी आवश्यक प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो जरूरी हैं। नमक वाला पानी बनाने की विधि-हलके गरम पानी में एक तिहाई छोटा चम्मीच काला नमक मिलाइए। इस गिलास को प्लानस्ट्कि के ढक्कयन से ढंक दीजिए। फिर गिलास को हिलाते हुए नमक मिलाइए और 24 घंटे के लिए छोड़ दीजिए। जब आपको लगे कि पानी में नमक अब नहीं घुल रहा है तो, समझिए कि आपका घोल पीने के लिए तैयार हो गया है। पाचन दुरुस्तव करें: नमक वाला पानी मुंह में लार वाली ग्रंथी को सक्रिए करने में मदद करता है। अच्छें पाचन के लिए यह पहला कदम बहुत जरूरी है। पेट के अंदर प्राकृतिक नमक, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और प्रोटीन को पचाने वाले इंजाइम को उत्तेेजित करने में मदद करता है। इससे खाया गया भोजन टूट कर आराम से पच जाता है। नींद: नमक, कोर्टिसोल और एड्रनलाईन, जैसे दो खतरनाक सट्रेस हार्मोन को कम करता है इसलिए इससे रात को अच्छीम नींद लाने में मदद मिलती है। शरीर करे डिटॉक्स:  नमक में काफी खनिज होने की वजह से यह एंटीबैक्टींरियल का काम भी करता है। इसकी वजह से शरीर में मौजूद खतरनाक बैक्टीयरिया का नाश होता है। हड्डी की मजबूती: कई लोगों को नहीं पता कि हमारा शरीर हमारी हड्डियों से कैल्शिलयम और अन्यभ खनिज खींचता है। इससे हमारी हड्डियों में कमजोरी आ जाती है, इसलिए नमक वाला पानी उस मिनरल लॉस की पूर्ती करता है और हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है। त्वचा की समस्या: नमक में मौजूद क्रोमियम और सल्फनर त्वडचा को साफ और कोमल बनती है। इसके अलावा नमक वाला पानी पीने से एक्जिममा और रैश की समस्या् दूर होती है। मोटापा: यह पाचन को दुरुस्तद कर के शरीर की कोशिकाओं तक पोषण पहुंचाता है, जिससे मोटापा कम करने में मदद मिलती है।  

इन ट्रिक्स को रोज अपनाएं और बनें खूबसूरत

  हर किसी लड़की को खूबसूरत दिखना अच्छां लगता है। इसके लिए वो ना जानें कितनी ट्रिक्सा को अपनाती है लेकिन कई बार उसे असफलता ही हाथ लगती है। ये पांच ट्रिक्स् अपनाकर दिखें और खूबसूरत… हो सकता है आप अपना कंसीलर डॉट्स बनाकर यूज करते हैं लेकिन सबसे अच्छा तरीका है कि आप आंखों के नीचे एक ट्राइएंगल फॉर्म कर लें। इसे अपनी लैशलाईन के ठीक नीचे लगाएं। अब साफ फिंगर से या मेकअप ब्रश से इसे ब्लेंड कर लें। ऐसा करने से आपके चेहरे को एक लिफ्टेड लुक मिलेगा। शियर या लाईट आइशैडो आपकी आंखों में ज्यादा कलरफुल नजर आते हैं। एक वाईट आइलाइनर पेंसिल लें और अपनी लिड पर लगाएं। आपके चेहरे पर ये कलर अलग से ही नजर आएगा और बहुत खूबसूरत भी लगेगा। सुपर ईजी स्मोकी आंखों के लिए आय पेंसिल से आंखों के बाहरी कॉर्नर पर एक पाउंड सिंबल बनाएं। अब एक स्मजिंग टूल से इसे दूसरे एंड पर ब्लेंड करें। अपने लिपस्टिक के ही शेड का लिप लाइनर लें और क्युपिड्स बो पर एक्स का निशान बना लें। अब नॉर्मल तरह से अपनी लिपस्टिक लगाएं। ये परफेक्ट पाउट पाने का सबसे आसान तरीका है। मस्कारा कोट लगाने से पहले ट्रांसलूसेंट प्रेस पाउडर पलकों पर लगाएं। ऐसा करने से मस्कारा अच्छे से चिपक जाएगा।  

सस्ते में शानदार: लावा का नया 5G फोन, बड़ा स्क्रीन और पावरफुल बैटरी केवल ₹6749

नई दिल्ली भारतीय देसी ब्रैंड लावा ने एक नया स्‍मार्टफोन Lava Bold N1 5G लॉन्‍च किया है। ऑफर्स के साथ इस फोन को सिर्फ 6749 रुपये में खरीदा जा सकता है। नए लावा फोन में 4 जीबी रैम दी गई है। फोन में 5 हजार एमएएच की बैटरी है। यह फोन बड़े डिस्‍प्‍ले के साथ आता है और यूनिसॉक का प्रोसेसर इसमें दिया गया है। कंपनी का कहना है कि लावा का नया स्‍मार्टफोन देश के सभी 5जी नेटवर्क के साथ काम करेगा और यूजर्स को सुपरफास्‍ट इंटरनेट कनेक्‍ट‍िविटी मिलेगी। कंपनी का कहना है कि इस फोन के साथ 30एफपीएस पर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकेगी। Lava Bold N1 5G के भारत में प्राइस Lava Bold N1 5G स्‍मार्टफोन को शैंपेन गोल्‍ड, रॉयल ब्‍लू कलर्स में लाया गया है। इसकी सेल, एमेजॉन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल में अर्ली डील्‍स के दौरान होगी। फोन के 4GB + 64GB मॉडल के दाम 7499 रुपये हैं। इसमें 750 रुपये का बैंक डिस्‍काउंट लगा दिया जाए तो कीमत 6749 रुपये हो जाती है। यह डिस्‍काउंट एमेजॉन सेल का हिस्‍सा होगा। इसी तरह से 4GB + 128GB मॉडल जिसकी कीमत 7999 रुपये है, उसे डिस्‍काउंट के बाद 7249 रुपये में ल‍िया जा सकेगा। Lava Bold N1 5G के फीचर्स , स्‍पेसिफ‍िकेशंस Lava Bold N1 5G में 6.75 इंच का एचडी प्‍लस नॉच डिस्‍प्‍ले दिया गया है। डिस्‍प्‍ले में 90Hz का रिफ्रेश रेट मिल जाता है। परफॉर्मेंस की बात करें तो फोन में UNISOC T765 ऑक्‍टा कोर चिपसेट है। उसके साथ 4 जीबी रैम मिलती है और अधिकतम स्‍टोरेज 128 जीबी दिया गया है। Lava Bold N1 5G में 13 मेगापिक्‍सल का एआई डुअल कैमरा दिया गया है। इसकी मदद से 4K रिकॉर्डिंग 30fps पर की जा सकती है। फोन में सेल्‍फी के लिए 5 मेगापिक्‍सल का फ्रंट कैमरा मिल जाता है। कंपनी ने एसडी कार्ड लगाने का स्‍लॉट भी इसमें दिया है, जिसकी मदद से स्‍टोरेज को 1 टीबी तक एक्‍सपेंड क‍िया जा सकता है। Lava Bold N1 5G में बैटरी और ओएस Lava Bold N1 5G में 5 हजार एमएएच की बैटरी दी गई है। यह टाइप-सी पोर्ट के साथ आती है और 18 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। नया लावा फोन लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 15 पर चलता है और इसमें लगने वाले दोनों सिम 5जी नेटवर्क को सपोर्ट करते हैं। इसके अलावा Wi-Fi, ब्‍लूटूथ 4.2, ओटीजी सपोर्ट दिया गया है। Lava Bold N1 5G को आईपी54 रेटिंग मिली है, जो इस फोन को धूल और पानी से सुरक्षा दे सकती है। फोन में साइड फ‍िंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक की सुविधा भी दी गई है। कंपनी फ्री होम सर्विस के साथ 1 साल की वॉरंटी फोन पर दे रही है। साथ में 2 एंड्रॉयड अपग्रेड और 3 साल के सिक्‍योरिटी अपडेट्स दिए जा रहे हैं।

रोज सुबह सिर्फ 5 मिनट, पेट हो जाए पतला और हेल्थ में बढ़ेगा सुधार—Gym की जरूरत नहीं

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खराब खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण मोटापे की समस्‍या तेजी से बढ़ रही है। वजन कम करने के लिए सुबह की आदतों में बदलाव करना जरूरी है। इससे आपका द‍िन भी अच्‍छा जाएगा और वजन कम करना भी आसान हो जाएगा। आपको ज‍िम जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। लाइफस्‍टाइल डेस्‍क‍, नई द‍िल्‍ली। आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में लाेग खराब खानपान और अनहेल्‍दी लाइफस्‍टाइल को फॉलो कर रहे हैं। अल्‍ट्रा प्रॉसेस्‍ड फूड को तवज्‍जो दे रहे हैं। ये आसानी से बनकर तैयार भी हो जाता है, साथ ही स्‍वाद से भी भरपूर होता है। लेक‍िन ये हमारे शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाता है। इससे मोटापा तो बढ़ ही रहा है, साथ ही डायब‍िटीज और द‍िल की बीमार‍ियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। मोटापे की बात करें तो ज‍ितनी तेजी से वजन बढ़ता है, इसे कम करना उतना ही मुश्किल होता है। हालांक‍ि, वजन कम करने के ल‍िए लोग ज‍िम जाकर घंटों पसीना बहाते हैं। साथ ही कई तरह की डाइट भी फॉलो करते हैं। इसके लि‍ए आपको ज्‍यादा पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं। लेक‍िन सुबह की आदतों में अगर थोड़ा बदलाव कर ल‍िया जाए तो वजन कम करना आसान हो जाता है। आज का हमारा लेख भी इसी व‍िषय पर है। हम आपको सुबह‍ की कुछ अच्‍छी आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, ज‍िसे अपनाने पर मेटाबॉल‍िज्‍म तो बूस्‍ट होगा ही, वजन भी तेजी से कम होगा। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से – सुबह जल्‍दी उठें अगर आपको अपना वजन तेजी से कम करना है तो सुबह जल्‍दी उठना होगा। इससे आपको एक्सरसाइज करने और हेल्दी नाश्ता करने का पूरा समय म‍िलेगा। रात को जल्‍दी सोएंगे और सुबह जल्‍दी उठेंगे तो इससे आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म भी तेज होता है। गुनगुना पानी प‍िएं सुबह उठकर सबसे पहले एक गिलास गुनगुना पानी पि‍एं। इससे मेटाबॉलिज्म बूस्‍ट होता है। फैट बर्निंग प्रोसेस भी तेज होता है। आप चाहें तो नींबू-पानी, जीरा पानी या अदरक-शहद वाला पानी भी पी सकते हैं। इससे डाइजेशन बेहतर होता है। मेटाबॉलिज्म तेज होता है और पेट की सूजन भी कम होती है। वजन कम करने के ल‍िए एक्‍सरसाइज करना बहुत जरूरी है। सुबह के समय योग या कार्डियो एक्सरसाइज करेंगे तो इससे तेजी से कैलोरी बर्न होती है। साथ ही मसल्‍स भी स्‍ट्रॉन्‍ग बनते हैं। इसे आपको न‍ियम‍ित रूप से करना है। हेल्‍दी नाश्‍ता करें आपको हमेशा पोषण से भरपूर नाश्‍ता करना चाह‍िए। अगर आप नाश्‍ता स्‍क‍िप कर देते हैं तो इससे मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। इस कारण वजन कम करना मुश्क‍िल हो जाता है। प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर नाश्ता मेटाबॉलिज्म को बूस्‍ट करता है। साथ ही ये ओवरईट‍िंग से भी बचाता है। अच्छी नींद लें अगर आप अच्‍छी नींद लेते हैं और स्‍ट्रेस नहीं लेते हें तो इससे भी वजन कम करना आसान हो जाता है। दरअसल, नींद न लेने से और तनाव में रहने से हमारे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है। इससे फैट जमने लगते हैं। रोजाना आठ घंटे की अच्‍छी नींद लेना जरूरी है।