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वजन कम करने की नई उम्मीद! ओजेम्पिक से दोगुनी ताकतवर दवा विकसित

 आज की दुनिया में मोटापा सिर्फ एक हेल्थ इश्यू नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल और मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। अब तक ओजेम्पिक और वेगोवी जैसी दवाओं ने वजन कम करने के क्षेत्र में क्रांति तो लाई है, लेकिन इनके साथ उल्टी, जी मिचलाना, मांसपेशियों की कमजोरी और कभी-कभी दुबारा वजन बढ़ने जैसे साइड इफेक्ट भी देखने को मिले हैं। ऐसे में अब वैज्ञानिकों ने एक नई उम्मीद जगाई है एक ऐसी दवा जो सर्जरी जितना असरदार, लेकिन अधिक सुरक्षित और आसान हो सकती है। कैसी है नई दवा?- स्टडी अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक एक्सपेरिमेंटल दवा तैयार की है, जो एक साथ चार हार्मोन पर काम करती है GLP-1, GIP, ग्लूकागन और PYY।     GLP-1 भूख को कम करता है और पाचन को धीमा करता है।     GIP मतली को कंट्रोल करता है और फुलनेस की फीलिंग बढ़ाता है।     ग्लूकागन शरीर की एनर्जी खपत को बढ़ाता है और फैट बर्न करने में मदद करता है।     PYY पाचन की रफ्तार को और धीमा कर अतिरिक्त चर्बी को घटाने में मदद करता है।     वैज्ञानिकों का दावा है कि यह दवा 30% तक वजन घटा सकती है, जो कि आम तौर पर बैरियाट्रिक सर्जरी में देखने को मिलता है। जानिए नई दवा ओजेम्पिक से कैसे अलग है? ओजेम्पिक जैसी मौजूदा दवाएं सिर्फ GLP-1 पर काम करती हैं। नई दवा चार हार्मोन का संतुलन बनाकर असर दिखाने की कोशिश करती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इससे मतली और उल्टी जैसी शिकायतें कम होंगी, साथ ही मांसपेशियों और हड्डियों की ताकत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा और मोटापा घटने के बाद दुबारा बढ़ने का रिस्क भी कम हो सकता है। कोशिकाओं पर टेस्ट किया गया? अभी यह दवा प्रारंभिक प्रयोगशाला चरण (preclinical stage) में है। ये न तो जानवरों पर और न ही इंसानों पर इसका ट्रायल हुआ है। फिलहाल इसे कोशिकाओं पर टेस्ट किया गया है, जहां इसके अच्छे नतीजे मिले हैं। अगला कदम होगा पहले जानवरों पर, फिर इंसानों पर ट्रायल। उसके बाद ही इसे दवा के रूप में लॉन्च करने की प्रक्रिया शुरू होगी। क्यों है यह खोज अहम? भारत से लेकर अमेरिका तक लाखों लोग मोटापे से जूझ रहे हैं। वहीं मोटापा कम करने के लिए कई दवाएं बनाई गई हैं, जो काफ़ी असरदार हैं, लेकिन दवाओं के साइड इफेक्ट्स, इंजेक्शन की झंझट और महंगे दाम लोगों को परेशानी में डालते हैं।वहीं अगर नई दवा पर रिसर्च सफल रही, तो यह वजन घटाने में न सिर्फ मदद करेगी बल्कि इसके कम साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं और इस दवा को लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकेगा।

Apple ने बंद किए ये 3 iPhone मॉडल, iPhone 17 के बाद स्टॉक खत्म होने पर नहीं मिलेगा खरीदने का मौका

नई दिल्ली ऐपल ने iPhone 17 सीरीज के चार मॉडल लॉन्च कर दिए हैं। नए फोन के डिजाइन, कलर्स और फीचर्स लोगों को आकर्षक लग रहे हैं। ऐपल स्टोर पर नए लॉन्च हुए मॉडल्स के फीचर्स की जानकारी दे दी गई है। इसी बीच ऐपल ने अपने ऑनलाइन स्टोर से कुछ पुराने मॉडल हटा दिए हैं। इसका यह मतलब नहीं है कि फोन पूरी तरह से बंद हो गए हैं, बल्कि ऐपल के ये फोन अभी अधिकृत रिटेलर, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बाकी दुकानों पर उपलब्ध हैं। ये तब तक तो मार्केट में रहेंगे, जब तक स्टॉक खत्म नहीं हो जाता। ऐपल ने कौनसे iPhone वेबसाइट से हटाए? ऐपल ने अपनी वेबसाइटी से iPhone के तीन मॉडल हटा दिए हैं। इनमें iPhone 16 Pro, iPhone 16 Pro Max और बेस iPhone 15 शामिल हैं। ये फोन अब ऐपल की आधिकारिक वेबसाइट पर नहीं मिलेंगे, लेकिन आप इन्हें ऐपल के अधिकृत रिटेलर्स, ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट से खरीद सकते हैं। ये तभी तक उपलब्ध रहेंगे, जब तक इनका स्टॉक है। यह ऐपल की स्ट्रैटेजी है कि पुराने मॉडल्स को धीरे-धीरे हटाकर नए मॉडल्स को बढ़ावा दिया जाए।   iPhone 16 Pro और iPhone 16 Pro Max में ऐपल इंटेलिजेंस सपोर्ट था ऐपल ने अपनी वेबसाइट से जो मॉडल्स हटाए हैं, उनमें iPhone 16 Pro और iPhone 16 Pro Max में ऐपल इंटेलिजेंस का सपोर्ट था। यह ऐपल की नई तकनीक है, जो जेनरेटिव मॉडल्स और यूजर के पर्सनल डेटा को मिलाकर स्मार्ट एक्सपीरियंस देती है। यदि अब आप नया iPhone खरीदना चाहते हैं, जिसमें ऐपल इंटेलिजेंस तकनीक हो, तो आपको नए मॉडल्स में से ही कोई एक खरीदना होगा। iPhone 17 Series में नए और पावरफुल प्रोसेसर हैं iPhone 17 सीरीज और iPhone Air में नए और पावरफुल प्रोसेसर हैं। बेस iPhone 17 मॉडल में A19 चिपसेट दिया गया है, जो पिछले A18 चिपसेट के मुकाबले में 20% तेज बताया जा रहा है। iPhone Air और iPhone 17 Pro मॉडल्स में A19 Pro प्रोसेसर है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि यह पिछले मॉडल से 40% अधिक तेज है। iPhone Air की खूब चर्चा, बेहद पतला है ये फोन आईफोन एयर की थिकनेस 5.6mm है, यह सैमसंग एस25 ऐज से भी पतला है, क्योंकि उसकी मोटाई वह फोन 5.8mm है। ऐपल ने इस फोन को लाइटवेट बताया है। इसे बनाने में 5 ग्रेड टाइटेन‍ियम फ्रेम का इस्‍तेमाल हुआ है। यह इतना पतला है, फिर भी इसमें एक्‍शन बटन दिया गया है।

iPhone 17 सीरीज लॉन्च: Pro और Pro Max में 48MP कैमरा, बाकी दमदार फीचर्स भी शामिल

नई दिल्ली मंगलवार को Apple के 'Awe Dropping' इवेंट में नए iPhone 17, iPhone 17 Pro और 17 Pro Max को लॉन्च कर दिया। जैसा कि उम्मीद थी, iPhone 17 Pro मॉडल्स में Apple की A19 Pro चिप दी गई है, जो कि ऐपल का टॉप टियर चिपसेट होगा। iPhone 16 Pro मॉडल्स के अपग्रेड ये नए मॉडल्स कई नए फीचर्स और अपग्रेड के साथ आए हैं। सभी डिवाइस Apple Intelligence के सभी AI फीचर्स को सपोर्ट करेंगे। इस बार लॉन्च हुए सभी मॉडल्स की खास बात है कि इनमें 128GB वाला मॉडल देखने को नहीं मिलेगा। इस इवेंट में लॉन्च हुए हर एक मॉडल की शुरुआत 256GB वाले मॉडल से होगी। iPhone 17 के फीचर और स्पेक्स iPhone 17 एक ड्युअल सिन फोन है जो कि आउट ऑफ द बॉक्स iOS 26 के साथ आएगा। अमेरिका में इसका सिर्फ ई-सिम वाला मॉडल ही मिलेगा जबकि बाकी दुनिया में यह Nano+eSIM के कॉम्बिनेशन के साथ आएगी। इसमें 6.3-इंच का Super Retina XDR OLED डिस्प्ले मिलेगा जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। यह पहली बार है कि ऐपल ने iPhone 17 में 120Hz का रिफ्रेश रेट दिया है। बता दें कि यह एक नया ProMotion पैनल iPhone 16 Pro models से लिया गया है। इस फोन की स्क्रीन 3,000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करेगी।इस बार Apple ने iPhone 17 में Ceramic Shield 2 प्रोटेक्शन दिया है। साथ ही इसमें ऑलवेज ऑन डिस्प्ले का फीचर भी मिलेगा। बता दें कि iPhone 17 में IP68 रेटिंग भी दी गई है।कैमरा की बात करें तो iPhone 17 में ड्युअल रियर कैमरा सिस्टम मिलेगा। इसका मेन कैमरा 48MP का होगा और यही सेंसर 2X टेलिफोटो कैमरा के तौर पर भी काम करेगा। इसके साथ इसमें 48MP का फ्यूजन अल्ट्रा वाइड कैमरा भी मिलेगा। इसकी मदद से यूजर मैक्रो शॉट्स भी क्लिक कर पाएंगे। iPhone 17 के फ्रंट में नया सेंटर स्टेज कैमरा भी दिया गया है। iPhone 17 में A19 चिपसेट दिया गया है। कुल मिलाकर इस फोन की CPU परफॉर्मेंस iPhone 16 से 40% तेज होगी। साथ ही इस बार ऐपल ने फोन्स की स्टोरेज भी बढ़ाई है और अब बेस वेरिएंट 256GB का होगा। यह प्रो मॉडल्स की तरह ऐपल इंटेलिजेंस फीचर को सपोर्ट करेगा। ऐपल के अनुसार iPhone 17 की बैटरी लाइफ iPhone 16 से आठ घंटे ज्यादा होगी। इस बार फोन की चार्जिंग स्पीड भी बढ़ाई गई है। अब यह सिर्फ 20 मिनटों में 50% चार्ज हो जाएगा। iPhone 17 की कीमत iPhone 17 शुरुआती कीमत 799 डॉलर है। यह भारतीय रुपयों में लगभग 70,400 रुपये होता है। इस बार iPhone 17 का बेस वेरिएंट 256GB का होगा। इसके अलावा इसका 512GB वेरिएंट भी खरीदा जा सकेगा। प्री ऑर्डर 12 सितंबर से शुरू होंगे और फोन बिक्री के लिए 19 सितंबर से उपलब्ध होंगे। iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max के स्पेक्स iPhone 17 Pro models इस बार एल्युमिनियम बिल्ड के साथ आए हैं, जिसका मतलब है प्रो मॉडल्स में ऐपल ने टाइटेनियम बॉडी को ड्रॉप कर दिया है। खास बात यह है कि नया iPhone Air टाइटेनियम बॉडी के साथ लॉन्च किया गया है। Apple ने इसमें यूनीबॉजी डिजाइन को अपनाया है जिसके पीछे पिछली बार से अलग और बड़ा कैमरा मॉड्यूल मिलता है। iPhone 17 Pro में पहली बार वेपर चेंबर कूलिंग सिस्टम दिया गया है जो कि हैवी वर्कलोड के दौरान बेहतर परफॉर्मेंस देने के लिए डिजाइन किया गया है। iPhone 17 Pro में 6.3 इंच का Super Retina XDR डिस्प्ले दिया गया है जो ProMotion के साथ 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है, जबकि 17 Pro Max में 6.9 इंच का डिस्पले मिलेगा। दोनों में Ceramic Shield 2 प्रोटेक्शन दिया गया है जो कि Apple के अनुसार स्क्रैच से 3 गुना बेहतर सुरक्षा देता है। इसमें पीक ब्राइटनेस 3,000 निट्स की मिलेगी। iPhone 17 Pro मॉडल्स में नई A19 Pro चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है। Apple का दावा है कि यह उनकी "most capable" चिप है जो पुराने जेनरेशन से 40% बेहतर परफॉर्मेंस देती है। कैमरा की बात करें तो iPhone 17 Pro मॉडल्स में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा। इसमें 48MP का मेन, 48MP का अल्ट्रावाइड और 48MP का टेलीफोटो लेंस मिलेगा। यह पहली बार है जब iPhone के तीनों बैक कैमरा 48MP के होंगे। फ्रंट में 18MP वाला सेंटर स्टेज कैमरा दिया गया है। यूनिबॉडी डिजाइन की वजह से इसमें बड़ी बैटरी दी गई है। Apple का दावा है कि iPhone 17 Pro Max में अभी तक की सबसे बेहतरीन बैटरी लाइफ देखने को मिलेगी। इतना ही नहीं प्रो मॉडल्स अब ज्यादा पावर वाले चार्जर को भी सपोर्च करेंगे। जो कि इन्हें सिर्फ 20 मिनट में 50% तक चार्ज कर देगा। iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max की कीमत और उपलब्धता iPhone 17 Pro यूएस में 1099 डॉलर की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकेगा। वहीं, iPhone 17 Pro Max की शुरुआती कीमत 1199 डॉलर रखी गई है। इन दोनों का ही शुरुआती वेरिएंट 256GB का होगा। ऐपल ने इनके कॉस्मिक ऑरेंज, डीप ब्लू और सिलवर कलर ऑप्शन उपलब्ध करवाए हैं। प्री ऑर्डर 12 सितंबर से शुरू होंगे और फोन बिक्री के लिए 19 सितंबर से उपलब्ध होंगे।

अब Google AI Mode आपकी भाषा में करेगा जवाब, हिंदी समेत कई भाषाओं का समर्थन

  नई दिल्ली AI का बढ़ता चलन देखते हुए गूगल ने अपने AI Mode को अपग्रेड कर दिया है। गूगल सर्च को और भी बेहतर बनाने के लिए एआई मोड लाया गया था। अब यह मोड 5 नई भाषाओं में उपलब्ध है। खास बात यह है कि हिंदी बोलने वालों के लिए गूगल सर्च के इस फीचर को यूज करना और भी आसान और उपयोगी हो गया है। अब आप हिंदी में भी सवाल पूछ सकते हैं और उनके जवाब पा सकते हैं। अब गूगल एआई मोड को इन पांच भाषाओं का मिला सपोर्ट लगभग छह महीने पहले Google ने AI Mode को केवल इंग्लिश भाषा में लॉन्च किया गया था। हालांकि, अब यह हिंदी समेत पांच और भाषाओं इंडोनेशियाई, जापानी, कोरियाई और ब्राजीलियाई पुर्तगाली को सपोर्ट कर रहा है। गूगल के ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, इस विस्तार के साथ अब ज्यादा लोग AI मोड का इस्तेमाल करके अपनी पसंदीदा भाषा में जटिल सवाल पूछ सकेंगे। साथ ही, वेब को और गहराई से एक्सप्लोर कर पाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले महीने इसे 180 से ज्यादा देशों में लाया गया था। गूगल ने Gemini 2.5 AI मॉडल का इस्तेमाल करके इसे बनाया है। गूगल का यह फीचर उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है, जो नई चीजें जानना चाहते हैं या कोई काम करना चाहते हैं, जैसे कि यात्रा की योजना बनाना या स्थानीय जगहों के बारे में जानना। कैसे काम करता है एआई मोड? AI मोड में आप टेक्स्ट, आवाज या फोटो का इस्तेमाल करके सवाल पूछ सकते हैं। गूगल का AI आपकी बात को समझ सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आप रात में खिलने वाले फूलों के बारे में जानना चाहते हैं तो AI आपको सही जानकारी देगा। आप उससे और भी सवाल पूछ सकते हैं। गूगल ने बताया कि यह सिर्फ अनुवाद नहीं है। AI को स्थानीय जानकारी को भी समझना होता है। गूगल का मकसद है कि AI सर्च दुनिया भर के लोगों के लिए उपयोगी हो। समय के साथ और होगा बेहतर गूगल का कहना है कि AI मोड अभी भी विकास के अधीन है। इसका मतलब है कि यह समय के साथ और भी बेहतर होता जाएगा। गूगल का AI मोड एक पावरफुल फीचर है, जो लोगों को जानकारी खोजने और नए चीजें सीखने में मदद कर सकता है। अब हिंदी सपोर्ट मिलने के बाद भारतीयों के लिए यह और भी उपयोगी हो गया है। वे अपनी भाषा में इससे सवाल करके आंसर मांग सकते हैं।

पुरुषों में प्रजनन समस्या बढ़ी, WHO ने बताया आपकी इन आदतों और गलतियों की वजह

नई दिल्ली परिवार शुरू करने का सपना हर कपल का होता है, लेकिन हर किसी की ये राह आसान नहीं होती. हाल ही में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) और कई मेडिकल स्टडीज ने खुलासा किया है कि दुनियाभर में करीब हर 6 में से 1 पुरुष (1 in 6 men) को बांझपन यानी Infertility की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. यानी, अगर आप सोचते हैं कि प्रेग्नेंसी में दिक्कत सिर्फ महिलाओं से जुड़ी समस्या है, तो यह गलतफहमी है. रिसर्च साफ कहती है कि पुरुष भी उतनी ही बड़ी वजह बनते हैं. रिसर्च क्या कहती है? WHO और कई अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल्स के अनुसार, infertility सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं है. 40से 50 प्रतिशत मामलों में पुरुषों की वजह से गर्भधारण नहीं हो पाता. इसके पीछे कई कारण हैं. लाइफस्टाइल , खानपान की गलतियां, शराब-सिगरेट का सेवन, तनाव और समय पर टेस्टिंग न कराना. पुरुषों में Infertility की बड़ी वजह     धूम्रपान और शराब: ये आदतें स्पर्म की क्वालिटी और संख्या दोनों को कम कर देती हैं.     पोषण की कमी: विटामिन D, जिंक और फॉलिक एसिड की कमी से भी स्पर्म प्रोडक्शन पर असर पड़ता है.     तनाव और नींद की कमी: लगातार स्ट्रेस से हार्मोनल असंतुलन होता है, जिससे fertility घट जाती है.     ओवरवेट या मोटापा: रिसर्च बताती है कि मोटापा टेस्टोस्टेरोन लेवल को कम कर देता है.     टेस्टिंग से परहेज: कई पुरुष शर्म या झिझक की वजह से टेस्टिंग नहीं कराते, जिससे इलाज देर से शुरू होता है. क्यों जरूरी है फर्टिलिटी टेस्ट? डॉक्टरों के अनुसार, अगर 1 साल तक प्रेग्नेंसी की कोशिश के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है, तो पुरुष और महिला दोनों को फर्टिलिटी टेस्टिंग ज़रूर करानी चाहिए. इससे जल्दी समस्या पकड़ी जाती है और IVF, IUI जैसी एडवांस तकनीकों के जरिए इलाज की संभावना बढ़ जाती है. सपोर्ट और जागरूकता की जरूरत Infertility से जूझ रहे कपल्स अक्सर खुद को अकेला महसूस करते हैं. ऐसे में परिवार और दोस्तों का सपोर्ट बहुत मायने रखता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि infertility को लेकर जो सामाजिक स्टिग्मा (कलंक) है, उसे तोड़ना बेहद ज़रूरी है. खुलकर बातचीत करने और समय रहते डॉक्टर से सलाह लेने से समस्या का समाधान संभव है. एक्सपर्ट की राय एम्स, नई दिल्ली के एंड्रोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत सिंह कहते हैं, "आज हर 6 में से एक पुरुष infertility की समस्या से जूझ रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह गलत lifestyle है. लेकिन अच्छी बात ये है कि समय पर टेस्टिंग, सही इलाज और स्वस्थ दिनचर्या से ज्यादातर मामलों में इलाज संभव है." पुरुष बांझपन क्या है? बांझपन पुरुष और महिला दोनों को प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से, पुरुष बांझपन एक ऐसी स्थिति है जो पुरुषों को प्रभावित करती है। यह उनकी प्रजनन प्रणाली की महिला को गर्भवती करने की क्षमता में बाधा उत्पन्न करता है। यदि कोई पुरुष बांझ हो तो क्या होगा? यदि आप पुरुष बांझपन से पीड़ित हैं, तो इसका मतलब है कि आपने एक वर्ष से अधिक समय तक बार-बार असुरक्षित यौन संबंध बनाए हैं, लेकिन आपकी महिला साथी गर्भवती नहीं हुई है। पुरुष बांझपन कितना आम है? दुनिया भर में 18.6 करोड़ लोग बांझपन से प्रभावित हैं, और लगभग आधे मामलों में इसका कारण पुरुष साथी होता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में गर्भधारण करने की कोशिश कर रहे लगभग 10% से 15% पुरुष बांझपन से प्रभावित हैं। क्या गर्भधारण करना आसान है? नहीं, गर्भधारण करना आसान नहीं है। मानव प्रजाति को कम प्रजनन क्षमता वाली प्रजाति माना जाता है। एक उपजाऊ और युवा जोड़े के, हर महीने मुक्त संभोग करने पर, गर्भधारण की संभावना केवल 20-25% होती है। गर्भधारण एक जटिल प्रक्रिया है जो पुरुष और महिला प्रजनन प्रणाली के कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें शामिल हैं:     स्वस्थ पुरुष प्रजनन कोशिकाओं (शुक्राणु) और स्वस्थ महिला प्रजनन कोशिका (अंडाणु) का उत्पादन करना।     अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूब जो शुक्राणु को अंडे तक पहुंचने की अनुमति देती है।     जब शुक्राणु अंडे से मिलते हैं तो उन्हें निषेचित करने की उनकी क्षमता।     निषेचित अंडे (भ्रूण) की गर्भाशय में प्रत्यारोपित करने की क्षमता । गर्भावस्था को पूर्ण अवधि (39 से 40 सप्ताह और छह दिन) तक जारी रखने के लिए, भ्रूण का स्वस्थ होना ज़रूरी है, और भ्रूण के विकास के लिए महिला का हार्मोनल वातावरण पर्याप्त होना चाहिए। अगर इनमें से किसी एक कारक पर भी कोई असर पड़ता है, तो बांझपन हो सकता है। लक्षण और कारण अस्वस्थ शुक्राणु के लक्षण क्या हैं? पुरुष बांझपन का मुख्य लक्षण जैविक संतान पैदा न कर पाना है। लेकिन पुरुष बांझपन कई मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक लक्षणों को भी जन्म दे सकता है, जिनमें शामिल हैं:     अवसाद ।     नुकसान।     दु: ख।     अपर्याप्तता.     असफलता। यदि आप या आपका साथी इनमें से किसी भी भावना का अनुभव करते हैं, तो किसी मनोचिकित्सक या मनोचिकित्सक से बात करना अच्छा विचार है । कभी-कभी, पुरुष बांझपन अंडकोषों में टेस्टोस्टेरोन के कम उत्पादन से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में, थकान, नपुंसकता, अवसाद, वज़न बढ़ना और उदासीनता जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर आपको या आपके साथी को ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो पुरुष बांझपन के विशेषज्ञ किसी मूत्र रोग विशेषज्ञ या प्रजनन एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से बात करने से मदद मिल सकती है।  पुरुष बांझपन का क्या कारण है? कई जैविक और पर्यावरणीय कारक पुरुष बांझपन का कारण बन सकते हैं। इनमें शामिल हैं:     शुक्राणु संबंधी समस्याएं, जिनमें विकृत शुक्राणु, कम शुक्राणु संख्या ( ओलिगोस्पर्मिया ) और आपके वीर्य में शुक्राणु की अनुपस्थिति ( एज़ोस्पर्मिया ) शामिल हैं।     आनुवंशिक विकार , जिसमें क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम और मायोटोनिक डिस्ट्रोफी शामिल हैं ।     कुछ चिकित्सीय स्थितियां, जिनमें मधुमेह , कुछ स्वप्रतिरक्षी रोग जो आपके शुक्राणुओं पर हमला करते हैं और सिस्टिक फाइब्रोसिस शामिल हैं ।     संक्रमण, जिसमें एपिडीडिमाइटिस , ऑर्काइटिस और यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) शामिल हैं, जिसमें गोनोरिया या एचआईवी शामिल हैं ।     आपके अंडकोष में सूजी हुई नसें ( वैरिकोसील्स )।     कैंसर उपचार, जिसमें कीमोथेरेपी , विकिरण चिकित्सा … Read more

एंड्रायड फोन में कैसे वापस लाए खोया हुआ डेटा

क्यार आपके फोन का डेटा खो गया है, या फिर आपकी कोई जरूरी फाइल फोन से डिलीट हो गई है इसके लिए अपना सर पकड़कर बैठने की बजाए डेटा रिकवरी सॉफ्टवेयर इंस्टॉरल कीजिए जो एंड्रायड फोन में खोई हुई फाइल दोबारा ले आएगा। इसे यूज करना बेहद आसान है। अक्स र धोखे से या फिर किसी टेक्निमकल फॉल्टा की वजह से फोन की फाइलें या तो डिलीट हो जाती हैं या फिर हमें दिखती नहीं हैं। फोन की फाइल को वापस सर्च करने के लिए आपको कई सॉफ्टवेयर मिल जाएंगे जिनमें से कुछ सॉफ्टवेयर आप खरीद सकते हैं तो कुछ फ्री यूज कर सकते हैं। हम यहां फ्री डेटा रिकवरी से फाइल सर्च करने का आसान तरीका बता रहे हैं जिससे आप किसी भी एंड्रायड फोन की फाइल रिकवर कर सकते हैं। सबसे पहले 7डाटारिकवरी डाॅट काॅम में जाकर पीसी या फिर लैपटॉप में फ्री सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें। इसके बाद अपने फोन को डेटा केबल की मदद से पीसी से कनेक्टा करिए। पीसी से कनेक्टइ करने के बाद फोन को सॉफ्टवेयर ओपेन करके उसे स्कैमन करिए। स्कै न के टाइम आपके सामने जो भी फोन का डेटा खोया होगा उसका एक प्रिवियू आ जाएगा अब आप जो डेटा रिकवर करना चाहते हैं उसके बॉक्सा के सामने टिक मार्क लगा दें। टिक मार्क लगाने के बाद नीचे दिए गए सेव ऑप्श न पर क्लि क करिए। आपके फोन में वहीं डेटा फिर से आ जाएगा।  

मात दें पेट के भारीपन को

क्या डिनर में भारी खाना खाए बिना अक्सर आपका पेट असुविधाजनक रूप से भारी लगता है? यहां बताए गए सुझाव आपको राहत दे सकते हैंः क्या आप इस समस्या से परेशान हैं कि आपका पेट आपको हॉट एयर बलून जैसा दिखाता है, तो आप अकेली नहीं हैं। न्यूट्रिशनिस्ट के पास लोगों की जो सबसे आम शिकायतें आती हैं, वो हैं बदहजमी, गैस की तकलीफ, हार्ट बर्न, एसिडिटी और ब्लॉटिंग यानी पेट का भारीपन। हमने एक्सपर्ट्स से बात की और जाना कि क्या हमारी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव इस परेशानी को कम कर सकते हैं। मसलन, शुगर फ्री गम को बार-बार चबाने से बचना। इसलिए अगली बार जब आप अपनी न्यूट्रिशनिस्ट या डॉक्टर के पास जाएं, तो इन छोटे-मोटे सुधारों के साथ पहुंचे लेकिन इससे पहले हम जानते हैं कि हमें पेट का भारीपन क्यों महसूस होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है? सही तरीके से चबाएं पेट के भारीपन का सबसे आम कारण बदहजमी है। एक ऐसी समस्या, जिसकी शुरुआत भोजन को निगलने से होती है। बचपन में हमें कहा जाता है कि हमें अपने भोजन को कम से कम 32 बार चबाना चाहिए। इसका मकसद था कि हमारा भोजन उन रसों के साथ ठीक तरह से मिल जाए, जो हमारी पचान क्रिया में सहायक हैं। लेकिन आजकल हम जल्दबाजी में भोजन को निगलते हैं, बताती हैं न्यूट्रिशनिस्ट निलांजना सिंह। वह कहती हैं, खाते समय बात करते या गम चबाने से हम हवा निगल जाते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो सकती है। धीरे धीरे खाएं और अपने दिमाग को कम से कम 20 मिनट का समय दें यह महसूस करने के लिए कि आपने पर्याप्त भोजन कर लिया है और अब आपको जायकेदार मटन करी के तीसरे चम्मच की जरूरत नहीं है। भूख से ज्यादा न खाएं अगर आप बार-बार खाती हैं, तो एसिड रीफ्लक्स (उतार-चढ़ाव) की संभावनाएं रहती हैं। यह वह स्थिति है, जहां भोजन पेट के एसिड्स और दूसरे पाचन संबंधी रस इसोफैगस यानी भोजन नलिका में बहने लगते हैं। जब एसिड रीफ्लक्स मसल्स, जो भोजन के पेट में प्रवेश करते समय खुलती हैं और फिर एसिड को पीछे की तरफ आने से रोकने के लिए बंद होती हैं, ठीक तरह से काम नहीं करती। अपनी खुराक पर नियंत्रण रखने का प्रयास करें और प्रति मील केवल एक प्रोटीन खाएं। आयुर्वेद के अनुसार, दो भोजन के बीच कम से कम पांच घंटे का अंतराल होना चाहिए, जिससे शरीर को पाचन के लिए पर्याप्त समय मिल सके। कृत्रिम मिठास को कहें न कृत्रिम मीठे में जो आम सामग्री होती है, वह है सॉर्बिटोल जो बेहद धीमी प्रोसेस से मेटाबलाइज होता है। एक और सामग्री फ्रक्टोज जो नैसर्गिंक शक्कर को पचाना मुश्किल होता है, इसे कम करें। डायट सोडा, कृत्रिम मिठास, एनर्जी बार्स और अन्य सामग्रियां जिनमें सार्बिटॉल शामिल हों, उन्हें छोड़ दें। शक्कर के बजाय चाय में एक चम्मच गुड़ मिलाएं। पैकेट वाले खाने से बचें प्रोसेस्ड फूड्स में जो प्रजर्वेटिव्स, रंग और जो ऐडिटिव्स शामिल होते हैं, वो पाचन में सहायक आंत के अच्छे बैक्टीरिया को ठीक तरह से काम नहीं करने देते। इससे पेट का भारीपन और बदहजमी जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। दरअसल, भोजन में थोड़ा बहुत पोषण होता है, उसे भी ऐडिटिव्स नष्ट कर देते हैं। भोजन को उसके नेचरल रूप में ही खाएं और प्लास्टिक में लिपटे, ललचाने वाले भोजन से ही दूर ही रहें। ढेर सारा पानी पीएं शरीर में पानी का जमाव भी ब्लॉटिंग से संबंधित हो सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से यह समस्या हो सकती है। पानी की कमी महसूस कर शरीर पानी इकट्ठा करने लगता है। पानी के अणु सोडियम के साथ मिल जाते हैं और शरीर के अंदर रह जाते हैं। शरीर में नमी का स्तर बनाए रखें, ताकि आपका शरीर पानी के साथ टॉक्सिंस भी बाहर निकाल सके। गैस को कम करें कोला और अन्य कार्बनेटेड ड्रिंक्स शरीर में गैस भरते हैं। कार्बनेटेड ड्रिंक्स के बजाय ताजा निचोड़े गए फलों के रस, नारियल पानी, छाछ या जलजीरा का एक बड़ा गिलास खाने के साथ पीएं। स्मोकिंग और ड्रिंकिंग पर लगाम अध्ययन बताते हैं कि धूम्रपान करने वाले लोग सांस में ज्यादा हवा खींचते हैं, जो उनके शरीर में गैस इकट्ठा होने की संभावनाओं को बढ़ा देता है। अगर आप स्मोकिंग और ड्रिकिंग पूरी तरह नहीं छोड़ सकते, तो इन पर लगाम कसें। नियमित व्यायाम करें जब आप कब्ज से पीड़ित होते हैं, तो निचली आंत में अपशिष्ट इकट्ठा होने लगता है, जिससे आंत में ज्यादा गैस रिलीज होती है। एक्सर्साइज या किसी भी प्रकार की गतिविधि मांसपेशियों को शिथिल कर समस्या को कम कर सकती है। पानी पीतीं रहें और फाइबर्स का सेवन खूब करें।  

बड़ी खबर: नेपाल के बाद इस देश में भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन, यूजर्स को लगा झटका

नेपाल सरकार ने हाल ही में 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया है। इसमें YouTube, Instagram और WhatsApp से लेकर X समेत कुल 26 ऐप्स के नाम शामिल हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगने के बाद से नेपाल की सरकार पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। लोग इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सुरक्षाकर्मी और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 8 लोगों की जान भी चली गई है। नेपाल के बाद अब तुर्की सरकार ने भी ऐसा ही फैसला ले लिया है। जी हां, इस्तांबुल में पुलिस और विपक्षी समर्थकों के बीच झड़प के बाद तुर्की सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगा दी। हालांकि, यह रोक अभी अस्थायी रूप से लगाई गई है। सरकार ने YouTube, X (पहले ट्विटर), Instagram और WhatsAppजैसी साइटों पर एक्सेस को सस्पेंड कर दिया है। आइये, पूरी खबर जानते हैं। 12 घंटे तक नहीं चला इंटरनेट TOI की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की में अस्थायी रूप से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगा दी गई है। देश भर में व्यापक इंटरनेट प्रतिबंध लागू किया गया, जो लगभग 12 घंटे तक चला। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) के मुख्यालय पर एक ट्रस्टी नियुक्त किया है। इसे कंट्रोल लेने से रोकने के लिए हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद इस प्रतिबंध को लागू किया गया। सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद सरकार द्नारा ये प्रतिबंध लगाए गए। इस प्रतिबंध से बचने के लिए कई ने वीपीएन सेवाओं का सहारा लिया।

स्टेप-बाय-स्टेप Google Maps पर अपने घर का पता ऐसे जोड़ें

नई दिल्ली ऑनलाइन डिलीवरी की गलत लोकेशन, कैब ड्राइवर का सवाल कि कहां आना है? और रिश्तेदारों को घर का पता समझाने के झंझट से अब छुटकारा मिल सकता है। दरअसल आप Google Maps का सही इस्तेमाल करें, तो आपके घर या दुकान के पते को भी मैप्स पर सर्च किया जा सकता है। इसके लिए आपको सिर्फ अपने घर का पता ऐप में जोड़ना होगा। इसके बाद कोई भी आपके घर, दुकान या ऑफिस की लोकेशन को मैप्स पर नेविगेट करके आप तक पहुंच सकता है। इसके लिए आपको एक सिंपल से प्रोसेस को फॉलो करना होगा। चलिए इसके बारे में डिटेल में समझते हैं। ऐसे जोड़ अपना एड्रेस गूगल मैप्स में अपने घर या दुकान का पता जोड़ने के लिए Google Map ऐप को खोल लें।     इसके बाद नीचे दिख रहे Contributeऑप्शन पर टैप करें।     अब Add Place के ऑप्शन पर टैप करें।     अब आपको लोकेशन के बारे में बेसिक जानकारी उपलब्ध करानी होगी। जैसे कि नाम, कैटेगरी, पूरा पता आदि।     इसके बाद मैप पर भी सही लोकेशन को चुन लें।     अगर जगह आपकी दुकान या ऑफिस है तो आप उसमें अतिरिक्त जानकारी भी जोड़ पाएंगे जैसे कि वर्किंग आवर्स या वेबसाइट आदि     इसके अलावा आप चाहें, तो अपने पते के साथ फोटो भी जोड़ सकते हैं। इससे आपके पते पर आने वाले को फोटो की मदद से पहुंचने में ज्यादा आसानी होगी।     इसके बाद Submit पर टैप करके एड्रेस को गूगल मैप पर जोड़ दें।     इस तरह से आप बेहद आसानी से अपने पते को गूगल मैप पर जोड़ सकते हैं। क्या है फायदा वैसे आप इस फीचर का इस्तेमाल किसी भी जरूरी पते को गूगल मैप्स पर जोड़ने के लिए कर सकते हैं। एक बार लोकेशन के सेव हो जाने के बाद आप इसे आसानी से किसी के साथ शेयर भी कर सकते हैं। साथ ही आपका एड्रेस मैप्स पर सर्च किए जाने पर दिखाई भी देने लगेगा। ध्यान रखने वाली बातें अगर आप Google Maps के Contribute फीचर का इस्तेमाल करके अपने घर या किसी दूसरी जगह का पता जोड़ने वाले हैं, तो ध्यान रहे कि उस समय आप उसी लोकेशन पर हों और आपके फोन की लोकेशन सर्विस ऑन हो। इससे आप मैप पर अपनी सही-सही लोकेशन को मार्क कर पाएंगे। इसके अलावा आप मैप पर पॉइंटर को थोड़ा आगे-पीछे करके मैप पर अपने एड्रेस के लिए सही लोकेशन सेट कर सकते हैं।  

iPhone 17 की लॉन्च डेट तय, सेल की तारीख भी आई सामने, जानिए कब खरीद पाएंगे

नई दिल्ली ऐपल को पसंद करने वाले यूजर्स उत्साहित हैं, क्योंकि 9 सितंबर को कंपनी आईफोन 17 सीरीज को पेश करने वाली है। Awe Dropping नाम से इवेंट रखा गया है, जिसमें यह प्रीमियम फोन लॉन्च होगा। इसके सीरीज के चार मॉडल आईफोन 17, आईफोन 17 एयर, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स लॉन्च हो सकते हैं। लगभग सभी लोग यह तो जानते हैं कि आईफोन 17 सीरीज के चार मॉडल 9 सितंबर को लॉन्च हो रहे हैं, लेकिन इसकी सेल कब शुरू हो रही है और आप कब बुकिंग कर सकते हैं, इसकी जानकारी कम लोगों को है। चलिए, जान लेते हैं विस्तार से। Pre Booking कब और Sale कब से शुरू? ऐपल पिछले दो साल के ट्रेंड को देखें तो आईफोन 17 सीरीज के लिए प्री-ऑर्डर 12 सितंबर, शुक्रवार से शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद, आधिकारिक सेल और शिपिंग 19 सितंबर, शुक्रवार से शुरू होगी। यह टाइमलाइन ऐपल के पिछले लॉन्च पैटर्न से मेल खाती है, जिसमें नए आईफोन आमतौर पर घोषणा के दस दिन बाद बाजार में आते हैं। लिहाजा, ये कहा जा सकता है कि लॉन्च 9 सितंबर, प्री-ऑर्डर शुरू 12 सितंबर से और सेल 19 सितंबर से शुरू होगा। यह टाइमलाइन अमेरिका और भारत जैसे बड़े बाजारों में लागू होगी। कुछ छोटे बाजारों में फोन कुछ दिन बाद बाजार में उपलब्ध हो सकते हैं। आईफोन 17 एयर की चर्चा खूब इवेंट को ऐपल की वेबसाइट, यूट्यूब और ऐपल टीवी पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा, ताकि दुनिया भर के फैंस इसे देख सकें। आईफोन 17 सीरीज में कई नए और रोमांचक फीचर्स होने की उम्मीद है। सबसे खास है आईफोन 17 एयर, जो प्लस मॉडल की जगह लेगा। यह फोन बेहद पतला होगा और इसमें नए A19 और A19 प्रो चिप्स होंगी। इसमें बेहतर कैमरा सिस्टम और अट्रैक्ट करने वाली डिजाइन होगी। ये सभी फोन iOS 26 पर काम करेंगे। आईफोन 17 AIR में हो सकते हैं ये फीचर्स लीक हुई जानकारी के आधार पर, आईफोन 17 एयर में कई शानदार फीचर्स हो सकते हैं। स्टोरेज 256GB, 512GB और 1TB हो सकता है। यह ऐपल का अब तक का सबसे पतला फोन होगा, जिसकी मोटाई सिर्फ 5.5 मिमी होगी। इसमें नया A18 बायोनिक चिपसेट प्रोसेसर हो सकता है। पीछे की तरफ 48 मेगापिक्सल का कैमरा होने की उम्मीद है। इसमें एक्शन बटन और कैप्चर बटन हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स यह भी कह रही हैं कि यह फोन बिना सिम कार्ड स्लॉट और चार्जिंग पोर्ट के लॉन्च हो सकता है। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। इसकी शुरुआती कीमत लगभग 1,09,900 रुपये हो सकती है।