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टेलीग्राम को राहत नहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने बैन हटाने से किया इनकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर बैन हटाने से इनकार कर दिया है. भारत सरकार ने टेलीग्राम पर RE-NEET एग्जाम के चलते अस्थाई बैन लगाने का फैसला लिया था, जिसको टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.   दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सरकारी के पास पावर है. कोर्ट ने कहा है कि आईटी एक्ट सरकार को पूरे प्लेटफॉर्म/ऐप पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है. सरकार के पास यह आदेश जारी करने की शक्ति थी.हाई कोर्ट के इस फैसले के मायने उन सभी मैसेजिंग ऐप के लिए हैं, जो भारत में काम करते हैं. हाई कोर्ट के फैसले से समझ आता है कि भारत में काम करने वाले सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप के प्लेटफॉर्म को भारतीय कानून के बाहर नहीं रखा जा सकता है और उन्हें भारतीय संविधान के तहत काम करना होगा. 21 जून को भारत में NEET एग्जाम भारत में 21 जून को भारत में NEET 2026 का एग्जाम दोबारा होने जा रहा है, जिसके चलते भारत सरकार ने सावधानी के तौर पर टेलीग्राम पर अस्थाई प्रतिबंध लगाया था. इसके बाद टेलीग्राम ने सरकार के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और बैन हटाने से इनकार कर दिया है. टेलीग्राम पर लगते रहे हैं गंभीर आरोप टेलीग्राम पर अक्सर पेपर लीक और फेक पेपर सर्कुलेट होने के आरोप लगते रहे हैं. दिल्ली हाई कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल ने दलील देते हुए बताया गया है कि टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कई आतंकवादी गतिविधी में भी हुआ है. ये ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसको कई लोग गैर कानूनी सामान बेचने आदि में भी इस्तेमाल करते हैं. टेलीग्राम पर ढेरों फीचर्स ऐसे हैं, जिसकी वजह से इसपर अस्थाई बैन लगाने का फैसला लिया गया है. इसपर बिना फोन नंबर के भी अकाउंट तैयार किया जा सकता है. साथ ही एक वर्चुअल ग्रुप में मैक्सिमम 2 लाख तक लोगों को शामिल किया जा सकता है. व्हाट्सऐप भी जा चुका है कोर्ट भारत में यह कोई पहला सोशल मीडिया ऐप नहीं है, जो भारतीय न्यायपालिका गया है. इससे पहले मेटा भी वॉट्सऐप पर लगाए गए एक पैनल्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा चुका है. साल 2024 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा व्हाट्सऐप पर 213 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.

घर पर बनाएं मुल्तानी मिट्टी का नेचुरल साबुन, स्किन रहे साफ और ग्लोइंग

नहाते वक्त बॉडी वॉश और साबुन का इस्तेमाल तो हम सभी करते हैं. कोई साबुन अपनी खुशबू के लिए पसंद किया जाता है तो कोई चेहरे को अच्छी तरह साफ करने के लिए. लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर साबुन और बॉडी वॉश में कई तरह के केमिकल्स होते हैं जो हर किसी के स्किन को सूट नहीं करते. ऐसे में अगर आप नेचुरल चीजों से बने स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं तो घर पर मुल्तानी मिट्टी का साबुन बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. मुल्तानी मिट्टी, नीम, चंदन जैसे नेचुरल चीजों से तैयार यह साबुन आपकी स्किन को साफ रखने के साथ-साथ उसे ताजगी और नमी देने में भी मदद कर सकता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है. तो आइए जानते हैं मुल्तानी मिट्टी से हर्बल साबुन बनाने का आसान तरीका. इंग्रेडिएंट्स (Ingredients) 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी 2 बड़े चम्मच चंदन पाउडर 1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल थोड़ी-सी नीम की पत्तियां 1 छोटी चम्मच हल्दी जरूरत के अनुसार पानी घर पर मुल्तानी मिट्टी से साबुन कैसे बनाएं?  घर पर मुल्तानी मिट्टी का साबुन बनाने के लिए सबसे पहले मिक्सर में मुल्तानी मिट्टी, नीम की पत्तियां और एलोवेरा जेल डालें.     इसके बाद इसमें चंदन पाउडर, हल्दी और थोड़ा-सा पानी मिलाएं. अब सभी चीजों को अच्छी तरह पीसकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें.     ध्यान रखें कि पेस्ट न ज्यादा गाढ़ा हो और न ही ज्यादा पतला.     तैयार मिश्रण को हाथों की मदद से साबुन का आकार दें या किसी सांचे में भर दें.     इसके बाद इसे तेज धूप में कुछ दिनों तक अच्छी तरह सुखाएं.     जब मिश्रण पूरी तरह सख्त हो जाए तो आपका घर का बना नेचुरल मुल्तानी मिट्टी का साबुन इस्तेमाल के लिए तैयार है. मुल्तानी मिट्टी से बना यह साबुन क्यों है इतना खास? नेचुरल चीजों से तैयार किया गया यह साबुन स्किन से जुड़ी समस्याओं, जैसे पिंपल्स और दाग-धब्बों को कम करने में मदद कर सकता है. साथ ही यह स्किन पर नेचुरल ग्लो लाने में भी मदद करेगा.

जामुन के बीज हैं फायदेमंद: घर पर बनाएं पाउडर और करें सेहत व गार्डनिंग में इस्तेमाल

 गर्मी और बारिश के मौसम में बाजार में जामुन की बहार आ जाती है और लोग बड़े चाव से भी खाते हैं. आम और तरबूज के अलावा गर्मी की दोपहर में लोग छतों पर बैठकर जामुन खाते हैं और उसके बीजों को कूड़ेदान में फेंक देते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जामुन के बीज भी कई तरह से काम आ सकते हैं, यह किसी खजाने से कम नहीं होते हैं. आयुर्वेद में भी जामुन के बीजों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है. अगर सही तरीके से इनका इस्तेमाल किया जाए, तो ये सेहत और घर-गृहस्थी दोनों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं. आइए आपको घर पर जामुन के बीजों को कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे जानने के बाद हर कोई आपकी तारीफ करेगा. जामुन के बीज का पाउडर बनाएं जामुन के बीजों का पाउडर बनाया जा सकता है, इनको बनाने के लिए आप सबसे पहले बीजों को अच्छी तरह धोकर धूप में चार से पांच दिन तक सुखा लें. जब वे पूरी तरह सूख जाएं, तो उनका बाहरी छिलका हटाकर मिक्सर में पीस लें. इस पाउडर को एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखकर महीनों तक रख लें. जामुन के बीजों के पाउडर का फायदा जामुन के बीजों के पाउडर का ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, डाइजेशन प्रोसेस को सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसे आप अपनी रोजाना की लाइफ में कई तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं. हर्बल ड्रिंक में इस्तेमाल एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच जामुन के बीज का पाउडर मिलाकर पिया जा सकता है. कई लोग इसे अपनी रोजमर्रा की हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाते हैं. हालांकि, अगर आपको डायबिटीज या कोई अन्य बीमारी है, तो इसे नियमित रूप से लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. हर्बल चाय में मिलाएं जामुन के बीज का पाउडर हर्बल चाय में भी मिलाया जा सकता है. इससे चाय का स्वाद थोड़ा अलग हो जाता है और इसमें प्राकृतिक तत्व भी जुड़ जाते हैं. पौधों के लिए खाद बनाएं अगर आप बीजों का सेवन नहीं करना चाहते, तो इन्हें सुखाकर पीस लें और गमलों की मिट्टी में मिला दें. यह जैविक खाद की तरह काम करते हैं और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं. नया पौधा उगाएं ताजे जामुन के बीजों को मिट्टी में लगाकर जामुन का पौधा भी तैयार किया जा सकता है. नियमित पानी और धूप मिलने पर कुछ हफ्तों में अंकुर निकलने लगते हैं. ध्यान रखने वाली बातें     बीजों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह साफ और पूरी तरह सूखा लें.     किसी भी घरेलू उपाय को इलाज का ऑप्शन न मानें.     गर्भवती महिलाएं, बच्चे या किसी बीमारी से पीड़ित लोग नियमित सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.     जरूरत से ज्यादा मात्रा में जामुन के बीज का सेवन नहीं करना चाहिए.  

टेलीग्राम पर 22 जून 2026 तक बैन: NEET UG के चलते सरकार का बड़ा फैसला

भारत सरकार ने इंस्टेंट मैसेजिंग और सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम को 22 जून 2026 तक बैन कर दिया है. इस बैन का है कि पर लीक से जुड़ी जानकारी को फैलने से रोका जा सके, ताकि NEET UG परीक्षा के दौरान किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े. टेलीग्राम व्हाट्सऐप से अलग है, क्योंकि यह अपने यूजर्स को चैट और हेवी साइज की फाइल्स शेयरिंग का ऑप्शन देता है. मामला तब और गरमा गया जब टेलीग्राम के CEO पावेल दुरोव ने आरोप लगायाकि रिलायंस कंपनी कुछ विदेशी ऐप्स को ब्लॉक कर रही हैं, ताकि वॉट्सऐप को फायदा हो सके. आइए जानते हैं वो 5 खास फीचर्स जो अभी भी व्हाट्सऐप पर नहीं मिलते टेलीग्राम पर लगा बैन सिर्फ कुछ दिनों का है, लेकिन इस बैन की एक बड़ी वजह इसके कुछ ऐसे फीचर्स माने जा रहे हैं जो NEET UG जैसे एग्जाम के दौरान गलत जानकारी या पेपर लीक को तेजी से फैलाने में इस्तेमाल हो सकते हैं. यूजरनेम फीचर, मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं टेलीग्राम और व्हाट्सऐप दोनों मैसेजिंग ऐप हैं, लेकिन प्राइवेसी के मामले में टेलीग्राम काफी आगे है. यह यूजर्स को यूजरनेम बनाने की सुविधा देता है. इसकी वजह से ग्रुप में मौजूद लोगों को आपका मोबाइल नंबर नहीं दिखता, बल्कि सिर्फ यूजरनेम दिखाई देता है. यह छोटा सा फीचर प्राइवेसी की एक एक्स्ट्रा लेयर जोड़ देता है. अपने आप खत्म होने वाले मैसेज टेलीग्राम की मदद से आप ऐसे मैसेज भेज सकते हैं जो कुछ समय बाद अपने आप गायब हो जाते हैं. हालांकि ऐसा फीचर व्हाट्सऐप में भी डिसअपीयरिंग मैसेजेस के नाम से मौजूद है, लेकिन टेलीग्राम में यह पहले से आया था. साथ ही व्हाट्सऐप में शेड्यूल मैसेज का ऑप्शन नहीं मिलता, जबकि टेलीग्राम में आप मैसेज भेजने का समय पहले से सेट कर सकते हैं और मैसेज उसी समय डिलीवर होता है. एडवांस चैट कस्टमाइजेशन चैट कस्टमाइजेशन के मामले में टेलीग्राम काफी ज्यादा फीचर्स देता है. यूजर अपनी चैट का कस्टम थीम बना सकते हैं, रंग बदल सकते हैं, एनिमेटेड इमोजी और स्टिकर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे चैट को ज्यादा पर्सनल बनाया जा सकता है. व्हाट्सऐप भी ऐसे कुछ फीचर्स लेकर आ रहा है, लेकिन इनमें से कुछ फीचर्स पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल का हिस्सा हो सकते हैं. बॉट्स और मिनी ऐप्स यह फीचर टेलीग्राम को सबसे अलग बनाता है. ऐसे फीचर्स दूसरे ज्यादातर मैसेजिंग ऐप्स में देखने को नहीं मिलते. टेलीग्राम में आप चैट के अंदर बॉट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कई काम अपने आप कर सकते हैं. जैसे टास्क ऑटोमेट करना, ग्रुप मैनेज करना, पोल बनाना या गेम खेलना. इस वजह से टेलीग्राम सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप नहीं रह जाता, बल्कि कई तरह के काम करने वाला एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन जाता है. बड़े ग्रुप और मैसेज एडिटिंग फीचर टेलीग्राम का सबसे बड़ा फीचर इसके बड़े ग्रुप हैं. इस ऐप पर 2 लाख तक मेंबर्स वाला ग्रुप बनाया जा सकता है और एक साथ सभी लोगों तक मैसेज पहुंचाया जा सकता है. वहीं व्हाट्सऐप में ग्रुप की लिमिट काफी कम है. इसी वजह से बड़े स्तर पर जानकारी फैलाने के लिए टेलीग्राम ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. मैसेज एडिटिंग फीचर भी काफी फेमस है. इसकी मदद से भेजे गए मैसेज को बाद में एडिट किया जा सकता है, जबकि मैसेज का टाइमस्टैम्प वही रहता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने इस फीचर को लेकर टेलीग्राम से कुछ बदलाव करने की मांग की है.

अंडे में खून की बूंद क्यों दिखती है? जानिए इसका वैज्ञानिक कारण

अंडे को प्रोटीन और न्यूट्रिएंट्स का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है इसलिए कई लोग रोजाना अंडे का सेवन करते हैं. लेकिन कई बार जब अंडे को पैन में तोड़ने के लिए फोड़ते हैं तो योक (पीला भाग) या एल्ब्यूमेन (सफेद भाग) पर लाल रंग की खून की बूंद या धब्बा दिखाई देता है. इसे देखकर अक्सर लोग डर जाते हैं और पूरा अंडा फेंक देते हैं. लोग सोचने लगते हैं कि क्या यह अंडा खराब है या फिर फर्टिलाइज्ड (जिससे चूजा बनता है) हो चुका है? अब ऐसे में हर किसी के मन में सवाल उठता है कि ये ब्लड स्पॉट कैसे आता है और क्या उससे कुछ नुकसान हो सकता है? तो आइए इस बारे में जानते हैं. क्यों आ जाती है अंडे के अंदर खून की बूंद? हेल्थलाइन का कहना है, अंडे में दिखने वाले ये ब्लड स्पॉट्स पूरी तरह से नेचुरल होते हैं और इन्हें देखकर घबराने की जरूरत नहीं है. दरअसल, अंडे में खून का धब्बा दिखाई देने के पीछे एक सिंपल बायोलॉजिकल प्रोसेस है. जब मुर्गी के शरीर के अंदर अंडा बन रहा होता है तो योक उसके ओवरी (अंडाशय) से रिलीज होता है. ओवरी में कई छोटी-छोटी ब्लड वेसल्स होती हैं और अंडा रिलीज होने के दौरान अगर इनमें से कोई भी बारीक ब्लड वेसल फट जाती है तो खून की एक छोटी सी बूंद योक पर लग जाती है. यूएसयू डिजिटल कॉमन्स पर पब्लिश्ड यूटा स्टेट यूनिवर्सिटी एक्सटेंशन गाइड के अनुसार, यदि ब्लड वेसल ओवरी में फटती है तो धब्बा योक पर दिखता है और यदि अंडा आगे बढ़ने के बाद ओविडक्ट (अंडवाहिनी) में ब्लीडिंग होती है तो यह धब्बा अंडे के सफेद भाग में आ जाता है. यह मुर्गी की उम्र, जेनेटिक्स, विटामिन A की कमी या अचानक बढ़े स्ट्रेस के कारण हो सकता है. क्या ब्लड स्पॉट वाले अंडे को खाना सुरक्षित है? आम जनता के बीच यह सबसे बड़ा कन्फ्यूजन है कि क्या इस अंडे को खाने से कोई बीमारी हो सकती है. यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) का कहना है, ब्लड स्पॉट वाले अंडे खाने के लिए पूरी तरह से सेफ हैं. USDA अंडा ग्रेडिंग मैनुअल के नियमों के अनुसार, ऐसे अंडों को ग्रेड-बी कैटेगरी में रखा जाता है लेकिन ये अनसेफ नहीं होते. यदि आपको यह धब्बा देखने में अच्छा नहीं लग रहा है तो आप चाकू की नोक या चम्मच से उस लाल हिस्से को निकालकर अलग कर सकते हैं और बाकी बचे अंडे को आराम से पकाकर खा सकते हैं. बस ध्यान रखें कि अंडे को अच्छी तरह से कुक किया गया हो.

तरबूज की खट्टी-मीठी शिकंजी: गर्मी में ताजगी और एनर्जी का फ्रूटी ड्रिंक

जून की इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और तपती धूप में घर से बाहर निकलते ही शरीर की पूरी एनर्जी खत्म हो जाती है. ऐसे में बॉडी को तुरंत हाइड्रेट करने के लिए हम अक्सर नींबू पानी या सोडा शिकंजी का सहारा लेते हैं. लेकिन रोज-रोज वही पुराना स्वाद पीकर अगर आपका मन भर गया है तो इस बार अपने समर ड्रिंक को एक फ्रूटी और मजेदार ट्विस्ट दें. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं तरबूज की खट्टी-मीठी शिकंजी. तरबूज के नैचुरल मीठे स्वाद के साथ नींबू की खटास, पुदीने की ताजगी और खास मसालों का यह मेल मुंह में जाते ही स्वाद का ऐसा बम फोड़ेगा कि आप बाजार के सारे मॉकटेल भूल जाएंगे. यह न सिर्फ आपके शरीर को अंदर से बर्फ जैसा ठंडा रखेगी, बल्कि आपको लू से भी बचाएगी. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान विधि. सामग्री (Ingredients) तरबूज के टुकड़े: 2 कप (बीज निकाले हुए) नींबू का रस: 2 बड़े चम्मच ताजा पुदीना पत्ती: 10-12 काला नमक: 1/2 छोटी चम्मच भुना जीरा पाउडर: 1/2 छोटी चम्मच चाट मसाला: 1/4 छोटी चम्मच सादा नमक: एक चुटकी बर्फ के टुकड़े: आवश्यकतानुसार ठंडा पानी या सोडा वॉटर: 1 गिलास चीनी या शहद: 1 चम्मच अगर तरबूज कम मीठा हो तो शहद न मिलाएं बनाने का तरीका सबसे पहले तरबूज के टुकड़ों को मिक्सर जार या ब्लेंडर में डालें. साथ में पुदीने की पत्तियां और नींबू का रस डालकर बिना पानी मिलाए इसे अच्छी तरह ब्लेंड कर लें ताकि एक स्मूथ जूस तैयार हो जाए. तैयार हुए तरबूज के जूस को एक बड़ी छलनी की मदद से छान लें, ताकि अगर कोई छोटा बीज या रेशा रह गया हो तो वह निकल जाए. अगर आपको पल्प पसंद है तो आप बिना छाने भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अब इस छाने हुए जूस में काला नमक, सादा नमक, भुना जीरा पाउडर और चाट मसाला डालकर अच्छी तरह चम्मच से मिक्स करें. अगर तरबूज थोड़ा फीका है, तो आप इस स्टेज पर थोड़ा सा शहद या पिसी चीनी मिला सकते हैं. सर्विंग ग्लास में 2-3 पुदीने की पत्तियां हाथ से तोड़कर डालें, साथ में एक नींबू की पतली स्लाइस और ढेर सारे बर्फ के टुकड़े डालें. अब गिलास में आधा तैयार किया हुआ मसालेदार तरबूज का जूस डालें और ऊपर से चिल्ड पानी या सोडा वॉटर डालकर मिक्स करें. ऊपर से थोड़ा सा भुना जीरा पाउडर स्प्रिंकल करें और पुदीने की पत्ती से गार्निश करके गरमा-गरम धूप से आए मेहमानों को तुरंत परोसें.

वीकेंड थेरेपी से पाएं मेंटल और फिजिकल रिलैक्सेशन, जानें तनाव दूर करने के आसान और असरदार तरीके

 सोमवार से लेकर शुक्रवार या फिर शनिवार तक हम सभी एक भागदौड़ भरी जिंदगी जीते हैं. ऑफिस के कामों को खत्म करना और घर की जिम्मेदारियों को पूरा करने के चक्कर में हम सिर्फ फिजिकली ही नहीं बल्कि मेंटली भी पूरी तरह से थक जाते हैं. इस समय हम सिर्फ वीकेंड का इंतजार करते हैं क्योंकि इसी एक या दो दिनों के दौरान हम खुद को रिलैक्स करने के लिए कुछ कर पाते हैं. वीकेंड पर हमारे अंदर बहुत कुछ करने की इच्छा तो होती है लेकिन फिर भी हम इसे सोने या फिर सोशल मीडिया स्क्रॉल करने में ही बर्बाद कर देते हैं, जिस वजह से हमारी थकान दूर नहीं हो पाती है. अगर आप सच में इस वीकेंड खुद को रिलैक्स और रिफ्रेशिंग फील करना चाहते हैं, तो आपको वीकेंड थेरेपी जरूर अपनानी चाहिए. आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ आसान कामों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें इस वीकेंड करके आप अपने शरीर और दिमाग को पूरी तरह से रिलैक्स्ड फील करवा सकते हैं. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से. सही तरीके से पूरा करें नींद का कोटा पूरे हफ्ते सुबह जल्दी उठने के चक्कर में हमारी नींद अधूरी रह जाती है. वीकेंड पर आप अपनी इस अधूरी नींद को पूरा कर सकते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप दोपहर के 12 बजे तक सोते रहें. ऐसा करने से शरीर में सुस्ती और बढ़ जाती है और साथ ही दिमाग भी थका हुआ महसूस करने लगता है. आप रोज के समय से सिर्फ एक या दो घंटा ज्यादा सो सकते हैं. एक अच्छी और गहरी नींद आपके दिमाग के सेल्स को शांत करती है और आपको मेंटल पीस देती है. डिजिटल डिटॉक्स भी है बेहद जरूरी आज के समय में हम हर समय मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन से चिपके रहते हैं. सोशल मीडिया की रील्स और ऑफिस के ई-मेल्स हमारे दिमाग को कभी शांत नहीं होने देते. वीकेंड पर कम से कम 4 से 5 घंटे के लिए अपने फोन को खुद से दूर रखें. ऐसा करने को डिजिटल डिटॉक्स करना कहते हैं. जब आप स्क्रीन से दूरी बनाएंगे, तो आपकी आंखों को आराम मिलेगा और दिमाग का स्ट्रेस भी कम होगा. नेचर के साथ बिताएं थोड़ा समय कंक्रीट के जंगलों और बंद कमरों से बाहर निकलकर थोड़ी फ्रेश ऑक्सीजन लेना भी बहुत जरूरी है. वीकेंड की सुबह या शाम को किसी नजदीकी पार्क में जाएं. हरी घास पर नंगे पैर चलें, पौधों को देखें और लंबी सांसें लें. नेचर के बीच रहने से शरीर में हैप्पी हार्मोन्स बढ़ते हैं, जिससे डिप्रेशन और एंग्जायटी दूर होती है. यह आपके शरीर को नेचुरली रीचार्ज करने का सबसे अच्छा तरीका है. अपनी पसंद का कोई काम करना भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हम अक्सर अपनी उन हॉबीज को भूल जाते हैं जो हमें खुशी देती थीं. इस वीकेंड अपने उस पुराने शौक को फिर से जगाने की कोशिश करें. चाहे वह शौक पेंटिंग करने का हो, कोई अच्छी किताब पढ़ने का हो, गार्डनिंग करने का हो या फिर म्यूजिक सुनने का. जब आप अपनी पसंद का काम करते हैं, तो दिमाग का सारा स्ट्रेस गायब हो जाता है और अंदर से एक नई पॉजिटिव एनर्जी का अहसास होता है. खुद को दें रिलैक्सिंग मसाज या बाथ हफ्ते भर की थकान के कारण मसल्स में खिंचाव और दर्द होने लगता है. शरीर को आराम देने के लिए आप वीकेंड पर गुनगुने पानी से नहा सकते हैं या फिर हल्के तेल से शरीर की मसाज कर सकते हैं. इसके अलावा गुनगुने पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर पैर डुबोकर बैठने से भी बहुत आराम मिलता है. इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सारी फिजिकल थकावट भी पल भर में दूर हो जाती है. अपनों के साथ दिल खोलकर बातें करें अकेलेपन और काम के प्रेशर से भी आपको मेंटल स्ट्रेस हो सकती है. वीकेंड का कुछ समय अपने परिवार, बच्चों या दोस्तों के साथ बिताएं. उनके साथ बैठकर चाय पीते हुए अपनी पुरानी यादें ताजा करें या हंसी-मजाक करें. अपनों के साथ खुलकर बात करने और हंसने से मन का बोझ हल्का होता है. यह एक ऐसी थेरेपी है जो किसी भी दवाई से ज्यादा असरदार है.

भारत सरकार ने टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी बैन लगाया, NEET UG से पहले बड़ा फैसला

भारत सरकार ने सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को 22 जून 2026 तक टेम्पररी बैन कर दिया है. इस बैन की मांग नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने की थी. NTA का कहना है कि इससे पेपर लीक को लेकर फैलाए जा रहे फेक मैसेज कम होंगे. NEET UG की एग्जाम 21 जून 2026 को होनी है. NTA के हेड के मुताबिक कोई नया पेपर लीक मामला सामने नहीं आया था, लेकिन सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी मैसेज की वजह से स्टूडेंट्स के बीच तनाव बढ़ रहा था. गूगल ने भारत में अपने प्ले स्टोर से टेलीग्राम को हटा दिया है और एप्पल भी जल्द ऐसा कर सकता है. जानिए इस बैन के बाद टेलीग्राम के CEO का बड़ा बयान टेलीग्राम के फाउंडर और CEO पावेल दुरोव ने भारत सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि इस बैन की वजह से 15 करोड़ रेगुलर यूजर्स को सजा मिल रही है, जबकि एक्शन उन लोगों पर होनी चाहिए जो पेपर लीक की जानकारी फैला रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस बैन का ज्यादा मतलब नहीं बनता, क्योंकि जो लोग पेपर लीक करना चाहते हैं, वे दूसरे ऐप्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इस पूरे बयान से साफ है कि पावेल दुरोव भारत सरकार के इस फैसले से खुश नहीं हैं. उनका कहना है कि पेपर लीक करने वाले लोग दूसरे प्लेटफॉर्म का भी सहारा ले सकते हैं. जानिए पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद टेलीग्राम ने क्या एक्शन लिया था NEET UG पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद टेलीग्राम ने भारत सरकार के साथ पूरा सहयोग किया था. कंपनी ने ऐसे कई चैनल और ग्रुप हटाए थे जो पेपर लीक से जुड़ी जानकारी शेयर कर रहे थे. पिछले कुछ हफ्तों में इस एक्शन की मदद से कई ऐसे ग्रुप भी सामने आए थे जो फर्जी पेपर लीक रैकेट चला रहे थे. जानिए NTA ने यह कदम क्यों उठाया NTA के मुताबिक टेलीग्राम को करीब एक महीने तक मॉनिटर किया गया. इस दौरान पता चला कि टेलीग्राम पर अभी भी Paper Leak NEET जैसे चैनल बनाए जा रहे थे, जिससे स्टूडेंट्स के बीच डर का माहौल बन रहा था. साथ ही एग्जाम के समय कई पेपर लीक माफिया टेलीग्राम पर एक्टिव रहते हैं और अपने रैकेट चलाते हैं. एजेंसी को आशंका थी कि पेपर लीक की कोशिश की जा सकती है, इसलिए NTA को यह कदम उठाना पड़ा.  

गोंद कतीरा का सेवन हर किसी के लिए नहीं है फायदेमंद, इन लोगों को हो सकता है गंभीर नुकसान

 गर्मियों के इन दिनों में अपने शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए अक्सर हम घरेलू उपाय अपनाना पसंद करते हैं. इन्हीं उपायों में से एक है गोंद कतीरा. लोग इसे काफी ज्यादा पसंद करते हैं और अक्सर इसका सेवन पानी में मिलाकर या फिर शर्बत में डालकर करते हैं. वैसे तो गोंद कतीरा को काफी फायदेमंद माना जाता है लेकिन, फिर भी इसका सेवन हर किसी को नहीं करना चाहिए. कुछ लोगों के लिए इसका सेवन करना हानिकारक भी साबित हो सकता है. आज की इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं लोगों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, ताकि आपको भी समझ में आ जाए कि किसे इसका सेवन करना चाहिए और किसे नहीं. जिन लोगों को है डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम्स अगर आपको पेट से जुड़ी प्रॉब्लम्स जैसे कि गैस, अपच या फिर कमजोर डाइजेस्टिव सिस्टम की प्रॉब्लम है, तो आपको गलती से भी गोंद कतीरा का सेवन नहीं करना चाहिए. जिन लोगों को इस तरह की प्रॉब्लम रहती है अगर वे गोंद कतीरा का सेवन कर लें, तो उन्हें भारीपन या फिर ब्लोटिंग जैसी प्रॉब्लम्स भी हो सकती है. अगर आप फिर भी गोंद कतीरा का सेवन करना चाहते ही हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरुर ले लें. लो ब्लड प्रेशर वाले लोग गोंद कतीरा सिर्फ आपके शरीर को ठंडा ही नहीं करता है, इसका काफी गहरा असर आपके ब्लड प्रेशर पर भी पड़ सकता है. अगर आप उन लोगों में से हैं जिनका ब्लड प्रेशर पहले से ही कम रहता है, तो इसके सेवन से आपको चक्कर आ सकते हैं या फिर कमजोरी भी महसूस हो सकती है. इसलिए लो ब्लड प्रेशर वालों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए. प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाएं गोंद कतीरा का सेवन उन महिलाओं को कभी नहीं करना चाहिए जो प्रेग्नेंट हैं या फिर स्तनपान करवाती हैं. इस समय आपको अपना खास ख्याल रखना चाहिए. गोंद कतीरा का असर आपके शरीर पर ठंडा होता है, जो इस समय में शरीर के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं माना जाता है. अगर आप इसका सेवन कर लेते हैं, तो हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ सकता है. अगर आप प्रेग्नेंट हैं या फिर स्तनपान करवा रही हैं, तो इसके सेवन से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें.

घर पर बनाएं नेचुरल फेस वॉश, बेसन, एलोवेरा और ओट्स से पाएं चमकदार और हेल्दी स्किन

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बाहरी धूल-मिट्टी और पॉल्यूशन की वजह से हमारी स्किन अपनी नेचुरल ग्लो खोटी चली जा रही है. वैसे तो हम सभी अपने चेहरे की सफाई करने के लिए फेस वॉश या फिर एक क्लींजर का इस्तेमाल करते ही हैं, लेकिन कई बार इनमें मौजूद केमिकल्स हमारी स्किन को फायदा पहुंचाने की जगह पर नुकसान ज्यादा पहुंचा देते हैं. आपको भले ही एक हफ्ते या फिर एक महीने में इन केमिकल्स का असर अपनी स्किन पर देखने को न मिले, लेकिन एक समय के बाद आपको इन केमिकल्स की वजह से हुआ नुकसान जरूर दिखाई देगा. अगर आप अपने चेहरे को एक नेचुरल तरीके से साफ करना चाहते हैं, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. आज हम आपको आपके घर और किचन में ही मौजूद कुछ चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल करके आप एक नेचुरल और ज्यादा सुरक्षित फेस वॉश आसानी से खुद ही तैयार कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं घर पर नेचुरल फेस वॉश बनाने और उसे इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका. बेसन और हल्दी का फेस वॉश हमारे घरों में बेसन का इस्तेमाल सदियों से चेहरे को निखारने के लिए किया जाता रहा है. बेसन स्किन की गहराई से सफाई करता है और एक्स्ट्रा ऑयल को रिमूव करने में मदद भी करता है वहीं, हल्दी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल क्वालिटीज पिंपल्स को दूर रखते हैं. इसे बनाने के लिए एक कटोरी में दो चम्मच बेसन लें और उसमें आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं. अब इसमें ड्राई स्किन के लिए जरूरत के अनुसार कच्चा दूध या ऑयली स्किन के लिए गुलाब जल मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें. यह सिंपल सा पेस्ट चेहरे की गंदगी को पूरी तरह साफ कर देता है. एलोवेरा और शहद का फेस वॉश अगर आपकी स्किन बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव या ड्राई है, तो एलोवेरा और शहद का कॉम्बिनेशन आपके लिए सबसे अच्छा साबित हो सकता है. एलोवेरा स्किन को ठंडक और फ्रेशनेस देता है, जबकि शहद मॉइस्चर को लॉक करके चेहरे को नैचुरली ग्लोइंग बनाता है. इसे बनाने के लिए दो चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल में एक चम्मच प्योर शहद मिलाएं और दोनों को अच्छी तरह से मिक्स कर लें. इस मिश्रण को आप चाहें तो एक छोटे कंटेनर में बनाकर फ्रिज में दो से तीन दिनों के लिए रख भी सकते हैं. ओट्स और दही का फेस वॉश धूप के कारण अगर चेहरे पर टैनिंग हो गई है या स्किन बेजान लग रही है, तो ओट्स और दही का फेस वॉश बेहतरीन तरीके से काम करता है. ओट्स आपकी स्किन को साफ करता है और दही में मौजूद लैक्टिक एसिड दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है. इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले ओट्स को पीसकर उसका पाउडर बना लें और फिर एक चम्मच ओट्स पाउडर में एक से दो चम्मच फ्रेश दही मिलाएं. इन दोनों ही चीजों को अच्छे से मिक्स करके पेस्ट बना लें. यह आपकी स्किन की डेड सेल्स को हटाने में बहुत असरदार है. स्तेमाल करने का सही तरीका घर पर बने इस नेचुरल फेस वॉश का इस्तेमाल करना बेहद आसान है. सबसे पहले अपने चेहरे को सादे पानी से गीला कर लें. इसके बाद तैयार किए गए पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और उंगलियों की मदद से गोल-गोल घुमाते हुए 1 से 2 मिनट तक हल्की मसाज करें. अब चेहरे को साफ पानी से धो लें और किसी साफ तौलिए से थपथपाकर सुखाएं. चेहरा धोने के तुरंत बाद चेहरे पर थोड़ा सा मॉइस्चराइजर या गुलाब जल जरूर लगाएं ताकि मॉइस्चर बनी रहे. चुरल फेस वॉश के फायदे घर के बने फेस वॉश पूरी तरह से केमिकल-फ्री और सल्फेट-फ्री होते हैं, जिससे स्किन को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. ये आपके बजट में फिट बैठते हैं और इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता. इन्हें रोजाना इस्तेमाल करने से चेहरे का नेचुरल ग्लो वापस आता है और स्किन अंदर से हेल्दी भी रहती है.