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पहली नौकरी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

आपने परीक्षा, इंटरव्यू आदि तमाम बाधाओं को पार करते हुए अपनी पसंद की नौकरी हासिल कर ली। यह मौका संतुष्ट होकर बैठ जाने का नहीं है, बल्कि आपसे यह अपेक्षा है कि आप पहले ही दिन अपने बॉस व साथियों से अपना लोहा मनवा लें और फिर लगातार स्वयं में सुधार लाते जाएं। अपनी पहली नौकरी में अच्छा काम कर दिखाना सफल करियर बनाने के लिए बहुत जरूरी है। आपको खूब मेहनत करनी होगी। पढ़ाई के दिनों की आदतें छोड़नी होंगीं। यह समझना होगा कि अब आप स्टूडेंट नहीं, प्रोफेशनल हैं। जानिए कि अपनी पहली नौकरी में आपको किन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। टाइम मैनेजमेंट इस बात का खास ध्यान रखें कि आप तय समय से कुछ पहले ऑफिस पहुंच जाएं। कॉलेज में पहला पीरियड निकल जाने के बाद पहुंचना चल जाता था लेकिन ऑफिस में यह रवैया नहीं चल सकता। स्कूल-कॉलेज में साल के अंत में आपको परीक्षा देनी होती थी मगर यहां आपको रोज-रोज परीक्षा देनी है और उसमें पास भी होना है। तय समय से पहले ऑफिस न छोड़ें। जो भी काम आपको सौंपा गया है, उसे समय-सीमा के अंदर पूरा कर दें। इसके लिए टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। ऑफिस का माहौल जानें हर ऑफिस का अपना खास माहौल, अपनी खास संस्कृति होती है। पहले दिन से ही इसका अध्ययन कर इसे समझने की कोशिश करें। यह देखें कि क्या कर्मचारी कैजुअल कपड़े पहनकर आते हैं या फिर फॉर्मल। यह भी कि वे ईमेल के जरिये संवाद करते हैं या रूबरू मिलकर। कुछ काम बच जाए, तो उसे घर से करने का चलन है या नहीं…। जानें आपसे क्या चाहा गया है आपको स्वयं पहल करके अपने बॉस के साथ बातचीत करनी होगी। उनसे जानें कि आपकी जिम्मेदारियां ठीक-ठीक क्या हैं। यह भी कि कंपनी के लक्ष्यों को पाने की प्रक्रिया में आप कहां ठहरते हैं। अच्छे दिखें फर्स्ट इंप्रेशन का अहम पहलू यह है कि आप दिखते कैसे हैं। स्मार्ट और प्रोफेशनल तरीके से कपड़े पहनें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। आपके कपड़े आरामदायक होने चाहिए, जिनमें आप पूरा दिन काम करते हुए बिता सकें। सुनें, देखें आपको लग सकता है कि आप बहुत कुछ जानते हैं और आपके आइडिया के दम पर कंपनी का बहुत फायदा हो सकता है लेकिन यह मत भूलिए कि कंपनी में अन्य लोग आपसे बहुत पहले से काम करते आ रहे हैं। उनके पास अनुभव है। इसलिए बिन मांगे अपने सुझाव न दें, खास तौर पर डींगें हांकने वाले अंदाज में तो कतई नहीं। शुरूआत में बेहतर यही होगा कि आप दूसरों की सुनें, उनके काम को देखें। जब पूछा जाए, तो ही अपनी राय दें और वह भी विनम्रता से। यदि कोई बात समझ में न आ रही हो, तो सवाल पूछने में झिझकें नहीं। कंपनी जानती है कि आप फ्रेशर हैं। कोई यह उम्मीद नहीं कर रहा कि आपको सब कुछ आता है। सो आपका सवाल पूछना सामान्य ही माना जाएगा। इससे यह समझा जाएगा कि आपमें काम सीखने की लगन है। तमीज का रहे ध्यान भले ही ऑफिस का माहौल अनौपचारिक हो लेकिन किसी साथी की सैलरी के बारे में पूछना अच्छा नहीं माना जाएगा। इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि आप क्या बोलते हैं और किससे बोलते हैं। किसी साथी से अनबन की स्थिति आ जाए, तो भी दूसरों से सामने उसकी बुराई कतई न करें। राजनीति से दूर रहें लगभग हर दफ्तर में ऑफिस पॉलिटिक्स होती ही है। नए रंगरूट के तौर पर आप इससे जितना दूर रहें, उतना ही अच्छा है। आप नहीं जानते कि कौन किस खेमे में है। आपको नहीं पता कि किसको कही गई बात किस तक पहुंच सकती है। कोई बॉस की बुराई करके आपको भी ऐसा करने के लिए उकसा सकता है। ऐसे में सबकी सुन लें लेकिन किसी के बहकावे में न आएं। अपने काम से काम रखें। अपना आकलन करें पहला महीना खत्म होने पर अपने इमिडिएट बॉस से पूछें कि आपका काम उन्हें कैसा लग रहा है और आपको स्वयं में क्या बदलाव लाने की जरूरत है। स्वयं में सुधार लाने की प्रक्रिया कभी बंद न होने दें।  

बेरोजगारों के लिए सुनहरा मौका: रेलवे में निकली 3000 से अधिक अपरेंटिस वैकेंसी, जानें डिटेल्स

मुंबई   भर्ती प्रकोष्ठ (RRC) ने भारतीय रेलवे के वर्कशॉप और डिवीजनों में 3000 से अधिक अपरेंटिस पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इच्छुक उम्मीदवार प्रकोष्ठ की आधिकारिक वेबसाइट rrcer.org के माध्यम से इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. इच्छुक लोगों को 13 सितंबर, 2025 से पहले इस पद के लिए आवेदन करना होगा. शैक्षिक योग्यता ऑनलाइन आवेदन 14 अगस्त, 2025 से शुरू होंगे और उम्मीदवारों को इसके लिए एक आवेदन पत्र भरना होगा. उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष होनी चाहिए. प्रकोष्ठ अनुसूचित जाति (SSC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) जैसी श्रेणियों के उम्मीदवारों को आयु में छूट प्रदान कर सकता है. भर्ती के लिए 10वीं पास होना जरूरी उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ कक्षा 10 उत्तीर्ण होना चाहिए. उम्मीदवार को स्वास्थ्य जांच से गुजरना पड़ सकता है, जिसके आधार पर पद के लिए उनकी पात्रता पर विचार किया जाएगा. उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि चयन किसी लिखित परीक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि कक्षा 10वीं और आईटीआई परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा.

रायपुर का नया शैक्षिक मॉडल: वीकली टेस्ट + मोबाइल ऐप, होनहार विद्यार्थियों के लिए विशेष पुरस्कार

रायपुर शैक्षणिक गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार लाने के उद्देश्य से रायपुर जिले में मिशन उत्कर्ष 2025 के अंतर्गत व्यापक कार्ययोजना लागू की गई है। इस योजना के तहत जिले की समस्त शालाओं में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए साप्ताहिक मूल्यांकन प्रारंभ कर दिए गए हैं। 29 जुलाई से 1 अगस्त 2025 तक प्रथम मासिक परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी स्कूलों को मानकीकृत प्रश्न पत्र प्रदान किए गए हैं। इन प्रश्न पत्रों का निर्माण विषय विशेषज्ञों द्वारा किया गया है, जिससे परीक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। डिजिटल प्लेटफॉर्म से मूल्यांकन और विश्लेषण  परीक्षा परिणामों की प्रविष्टि एवं विश्लेषण हेतु एक विशेष मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। इस ऐप के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर कमजोर प्रदर्शन वाले छात्रों की पहचान की जाएगी और उन्हें लक्ष्य आधारित सहायक कक्षाएं प्रदान की जाएंगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिलेगा विशेष पुरस्कार  जो विद्यार्थी शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें जिला कलेक्टर एवं उच्च अधिकारियों के साथ डिनर में शामिल होने का अवसर मिलेगा। यह सम्मान विद्यार्थियों को आगे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा। यह संपूर्ण अभियान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। मिशन उत्कर्ष 2025 का मुख्य उद्देश्य आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले के परिणामों को उत्कृष्ट बनाना है।

नेचुरोपैथी : करियर की संजीवनी, कर सकते हैं ये कोर्स

एक नेचुरोपैथ यानी प्राकृतिक चिकित्सक का वेतन काफी हद तक उसकी लोकेशन, विशेषज्ञता, योग्यता और अनुभव पर निर्भर करता है। वैसे शुरूआती तौर पर एक नेचुरोपैथ दस हजार से बीस हजार रूपए आसानी से कमा सकता है। एक बार अनुभव प्राप्त करने के बाद आपको आकर्षक वेतन मिल सकता है। आज के समय में लोगों का लाइफस्टाइल जिस तरह का है, उसके कारण हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से ग्रस्त रहता ही है। लेकिन हर समस्या के लिए दवाइयों का इस्तेमाल करना उचित नहीं माना जाता। अगर आप भी लोगों का इलाज प्राकृतिक तरीके से करने में विश्वास रखते हैं तो नेचुरोपैथी में अपना भविष्य बना सकते हैं। यह एक ऐसी वैकल्पिक चिकित्सा है, जिसमें प्रकृति के पांच तत्वों की सहायता से व्यक्ति का इलाज किया जाता है। यह इलाज की एक बेहद पुरानी पद्धति है। स्किल्स इस क्षेत्र में कॅरियर देख रहे व्यक्ति को सामान्य चिकित्सा व मानव शरीर रचना विज्ञान के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त एक सफल नेचुरोपैथ बनने के लिए आपके भीतर धैर्य, कम्युनिकेशन और लिसनिंग स्किल्स, आत्मविश्वास, मरीज की जरूरतों को समझना, मोटिवेशनल्स स्किल्स व रोगियों के भीतर विश्वास पैदा करने का भी कौशल होना चाहिए।   क्या होता है काम एक नेचुरोपैथ का मुख्य काम सिर्फ रोगी का इलाज करना ही नहीं होता, बल्कि वह अपने पेशेंट के खानपान और उसके लाइफस्टाइल में भी बदलाव करता है, ताकि व्यक्ति जल्द से जल्द ठीक हो सके। इतना ही नहीं, एक नेचुरोपैथ को मनोविज्ञान का भी ज्ञान होना चाहिए ताकि वह रोगी की स्थित किो समझकर उसे बेहतर उपचार दे सके। योग्यता इस क्षेत्र में कॅरियर देख रहे छात्रों का भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान में कम से कम 45 प्रतिशत अंक होने चाहिए। इसके बाद आप बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी और यौगिक साइंस कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें डिप्लोमा कोर्स भी अवेलेबल हैं। संभावनाएं एक नेचुरोपैथ वेलनेस सेंटर्स, न्यूटिशन सेंटर, हॉस्पिटल, हेल्थ केयर सेंटर आदि में जॉब तलाश सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप एकेडमिक्स, कम्युनिटी हेल्थ सर्विस केयर, सोशल वेलफेयर, मैन्युफैक्चरिंग और नेचुरल प्रॉडक्ट्स कंपनी आदि में भी काम कर सकते हैं। भारत में प्राकृतिक चिकित्सक सरकारी और निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त किए जाते हैं। वैसे लग्जरी होटल व हेल्थ रिसॉर्ट में भी नेचुरोपैथ सर्विसेज दी जाती हैं, वहां पर भी जॉब की जा सकती है। इसके अतिरिक्त आप विभिन्न अखबार, मैगजीन में लिख सकते हैं या फिर खुद का यूट्यूब चैनल चलाकर भी अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। एक अनुभवी प्राकृतिक चिकित्सक खुद का सेंटर भी खोल सकता है।   आमदनी एक नेचुरोपैथ यानी प्राकृतिक चिकित्सक का वेतन काफी हद तक उसकी लोकेशन, विशेषज्ञता, योग्यता और अनुभव पर निर्भर करता है। वैसे शुरूआती तौर पर एक नेचुरोपैथ दस हजार से बीस हजार रूपए आसानी से कमा सकता है। एक बार अनुभव प्राप्त करने के बाद आपको आकर्षक वेतन मिल सकता है। प्रमुख संस्थान इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ योगा एंड नेचुरोपैथी, नई दिल्ली। महर्षि पतंजलि इंस्टीटयूट फॉर योगा नेचुरोपैथी एजुकेशन एंड रिसर्च, गुजरात। बोर्ड ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगा सिस्टम ऑफ मेडिसिन, मेरठ। सीएमजे यूनिवर्सिटी, मेघालय। प्रज्ञान इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, रांची। एसडीएम कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगा सांइस, कर्नाटक। हिमालयन यूनिवर्सिटी, ईटानगर। महावीर कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योग, छत्तीसगढ़।  

MP शिक्षक भर्ती 2025: TET पास उम्मीदवारों के लिए 10 हजार से ज्यादा पद खाली, जल्द करें अप्लाई

भोपाल  सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा मौका है.  अगर आप प्राइमरी स्कूल में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है. MPESB (मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल) ने तृतीय श्रेणी के प्राथमिक शिक्षक पदों पर 10,150 वैकेंसी निकाली हैं. आवेदन की लास्ट डेट 1 अगस्त 2025 है. अगर आप इस पोस्ट के लिए आवेदन करना चाहता हैं तो आपको ऑफिशियल वेबसाइट esb.mponline.gov.in पर जाना होगा.  कौन कर सकता है आवेदन?  प्राइमरी टीचर के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास TET परीक्षा पास (साल 2020 या 2024 में) की डिग्री होनी चाहिए. इसके अलावा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से D.El.Ed.की डिग्री हो. इसके साथ ही ग्रेजुएट डिग्री भी ज़रूरी है यहां चेक करें आयु सीमा प्राइमरी टीचर के लिए आवेदन करने वाले सामान्य पुरुष की उम्र 21 साल से लेकर 40 साल के बीच होनी चाहिए. वहीं, सामान्य महिला की उम्र 21 साल से लेकर 45 साल के बीच होनी चाहिए. दिव्यांग कैंडिडेट्स (PWD) के लिए उम्र सीमा 21 साल से लेकर 45 साल तक है.  कैसे होगा सेलेक्शन प्राइमरी टीचर का सेलेक्शन TET एग्जाम की मेरिट लिस्ट और रिटन एग्जाम के आधार पर होगा.  कितनी मिलेगी सैलरी  "मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्ते एवं भर्ती नियम 2018 तथा समय-समय पर किए गए संशोधनों और अधिसूचना दिनांक 24.12.2019 के अंतर्गत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार यह भर्ती की जाएगी. प्राथमिक शिक्षक को न्यूनतम वेतन ₹25,300 के साथ महंगाई भत्ता दिया जाएगा. चयनित उम्मीदवारों को प्रोबेशन अवधि के दौरान भर्ती नियम 2018 के उपनियम 13 के अनुसार वेतन प्रदान किया जाएगा. कितना लगेगा फीस प्राइमरी टीचर आवेदन के लिए  जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को 500 रुपए लगेंगे. वहीं, मध्य प्रदेश के SC, ST, EWS, OBC, दिव्यांग कैटेगरी के उम्मीदवारों को 250 रुपए देने होंगे.  कैसे करना होगा आवेदन ऐसे करें आवेदन : आवेदन करने के लिए आपको ऑफिशियल वेबसाइट esb.mponline.gov.in पर जाएं. इसके बाद आपको होम पेज पर जाकर “Apply Online” लिंक पर क्लिक करना होगा. वहां आपको “New Registration” का ऑप्शन दिखेगा, उसपर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन करें. वहां मांगी गई सभी जानकारी भरें. सबसे लास्ट में फॉर्म चेक कर पेमेंट कर दें और फॉर्म का प्रिंट आउट रख लें. 

Army Agniveer Result Out! मोबाइल से ऐसे करें अपना स्कोर चेक

 नई दिल्ली Agniveer CEE Result 2025: इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती परीक्षा का रिजल्ट joinindianarmy.nic.in पर घोषित कर दिया गया है। अग्निवीर सीईई लिखित परीक्षा 10 जुलाई को संपन्न हुई थी। अग्निवीर भर्ती परीक्षा के जरिए जनरल ड्यूटी (जीडी), टेक्निकल, क्लर्क व स्टोर कीपर टेक्निकल, ट्रेडसमैन, सैनिक फार्मा, सैनिक तकनीकी नर्सिंग सहायक, वोमेन पुलिस के पदों पर भर्ती होगी। इसके अलावा हवलदार एजुकेशन, हवलदार सर्वेयर ऑटोमेटेड कार्टोग्राफर, जेसीओ कैटरिंग, जेसीओ रिलिजियस टीचर के पदों पर भी बहाली की जाएगी। लिखित परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। Agniveer Result 2025: ऐसे चेक कर सकेंगे अग्निवीर रिजल्ट स्टेप-1 – जॉइन इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.com पर जाएं। स्टेप-2 – होम पेज पर अग्निवीर सेक्शन पर जाएं। स्टेप-3- CEE Result के सेक्शन पर क्लिक करें। अपने एआरओ के नाम से जुड़ी रिजल्ट की फाइल लिंक पर क्लिक करें। स्टेप-4- पीडीएफ फाइल खुलने पर आप अपना रोल नंबर तलाश सकते हैं। फिजिकल टेस्ट कैसा होगा चार कैटेगरी में दौड़ इस बार 1600 मीटर की रेस की कैटेगरी भी चार कर दी गई है। इसी के अनुसार अभ्यर्थी अलग-अलग पदों के लिए चुने जाएंगे। अग्निवीर भर्ती में दौड़ के लिए अभ्यर्थियों को आधे मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। अब छह मिनट 15 सेकंड में दौड़ पूरी करने पर क्वालीफाई किया जाएगा। दौड़ में दो की जगह चार ग्रुप होंगे। पहले पांच मिनट 45 सेकंड में दौड़ पूरी करने पर अभ्यर्थी क्वालीफाई होते थे। अब छह मिनट 15 सेकंड में दौड़ पूरी करने पर भी क्वालीफाई हो सकते हैं। पांच मिनट तीस सेकंड में दौड़ पूरी करने पर 60, पांच मिनट 31 सेकेंड से पांच मिनट 45 सेकंड में 48, पांच मिनट 46 सेकंड से छह मिनट तक 36 और छह मिनट एक सेकंड से छह मिनट 15 सेकंड में दौड़ पूरी करने पर 24 अंक मिलेंगे। यह इसलिए किया गया है कि तकनीशियन, ट्रेड के दो वर्ग और ऑफिस असिस्टेंट या स्टोर कीपर जैसे पदों के लिए काबिल अभ्यर्थी बाहर न हो सकें। ग्रुप 1 – अग्निवीरों की भर्ती के लिए होने वाले फिजिकल टेस्ट की बात करें कि ग्रुप-1 के तहत साढ़े 5 मिनट में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके लिए 60 मार्क्स दिए जाएंगे। 10 पुल अप्स लगाने होंगे जो 40 मार्क्स के होंगे। ग्रुप 2 – ग्रुप-2 के तहत 5 मिनट 45 सेकेंड में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 48 मार्क्स होंगे। 9 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 33 मार्क्स होंगे। ग्रुप 3 – ग्रुप-3 के तहत 6 मिनट में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 36 मार्क्स होंगे। 8 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 27 मार्क्स होंगे। ग्रुप 4 – ग्रुप-2 के तहत 6 मिनट 15 सेकेंड में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 24 मार्क्स होंगे। 7 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 21 मार्क्स होंगे। 6 बार पुल अप्स लगाने वाले को 16 मार्क्स मिलेंगे। उपरोक्त सभी ग्रुप में दो चीजें महज क्ववालिफाइंग होंगी – 9 फीट लंबी कूद मारनी होगी। यह केवल क्वालिफाई करना होगा। – जिग जैग बैलेंस टेस्ट महज पास करना होगा।

नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन से मार लो बाजी

  जब हम इंटरव्यू के लिए जाते हैं, तो जितना हमारा वर्बल कम्युनिकेशन मायने रखता है, उतना ही नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन भी महत्वपूर्ण होता है। आइए जानते हैं, इंटरव्यू पैनल के सामने हमारा नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन कैसा हो…। बॉडी लैंग्वेज नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन हमारे एक्सप्रेशंस के माध्यम से होता है। हमारी बॉडी लैंग्वेज, ड्रेस, बैग आदि हमारे और हमारी सोच के बारे में बहुत कुछ कह देते हैं। इंटरव्यू में सफलता के लिए इस तरह के कम्युनिकेशन की एबीसीडी को समझना बेहद जरूरी है। आई कॉन्टैक्ट इंटरव्यूअर्स से आई कॉन्टैक्ट टूटा नहीं कि इसे कॉन्फिडेंस में कमी मान लिया जाएगा। बेस्ट परफॉर्मेंस के लिए जो भी इंटरव्यूअर सवाल करे, उसकी ओर हल्की-सी गर्दन घुमाएं और जवाब दें। इस तरह आई कॉन्टैक्ट सभी से बना रहेगा। यदि कोई मेंबर सवाल करने के साथ आंखों पर जोर देते हुए तिरछी निगाह से आपको और अपने साथियों को देखे, तो समझें कि उसके इसी सवाल पर अधिकतर मार्क्स डिपेंड करते हैं। किसी जवाब पर इंटरव्यूअर्स एक-दूसरे को देखें, उनके फेस रिलैक्स हों और वे उसी से जुड़ा दूसरा सवाल कर दें, तो जान लें कि आपका जवाब सही था। फेशियल एक्सप्रेशंस इंटरव्यूअर हमारी फेस रीडिंग करते हैं। हमसे कोई सवाल पूछा जाए और उसका जवाब हमें नहीं मालूम हो, लेकिन हम इधर-उधर की बातें करके पैनल मेंबर्स को कन्फ्यूज करने की कोशिश करते हैं, तो हमारा चेहरा हमारे वर्बल कम्युनिकेशन का साथ छोड़ देता है। हमारी आंखें इधर-उधर होने लगती हैं। माथे पर बल पड़ जाते हैं और होंठ सूखने लगते हैं। न कहते हुए भी सब कुछ कम्युनिकेट हो जाता है कि हम उलझा रहे हैं। इंटरव्यू में पैनल को उलझाने से बेहतर है कि सॉरी कहकर अगले सवाल का सामना करने के लिए तैयार हो जाएं। सिटिंग पोजीशन इंटरव्यू में कैंडिडेट की सिटिंग पोजीशन भी उसके बारे में कम्युनिकेट करती है। पैनल के सामने चेयर पर बहुत आगे की ओर झुककर न बैठें। यह कम्युनिकेट करता है कि आप पूरी उम्मीद से कुछ मांगने आए हैं। बहुत-से एक्सपर्ट आराम से टेक लगाकर बैठने का मतलब फुल ऑफ कॉन्फिडेंस बट नॉट सिंसियर के तौर पर लेते हैं। उनके मन में कैंडिडेट की ऐसी इमेज बन जाती है कि शायद वह ओवर कॉन्फिडेंस में चीजों को गंभीरता से नहीं लेता। अतः चेयर पर सीधे बैठें, बस हल्का-सा बैक-सपोर्ट लें। इससे यह संदेश जाएगा कि आपमें सिंसियरिटी और कॉन्फिडेंस दोनों ही मौजूद हैं।  

नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन से मार लो बाजी

  जब हम इंटरव्यू के लिए जाते हैं, तो जितना हमारा वर्बल कम्युनिकेशन मायने रखता है, उतना ही नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन भी महत्वपूर्ण होता है। आइए जानते हैं, इंटरव्यू पैनल के सामने हमारा नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन कैसा हो…। बॉडी लैंग्वेज नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन हमारे एक्सप्रेशंस के माध्यम से होता है। हमारी बॉडी लैंग्वेज, ड्रेस, बैग आदि हमारे और हमारी सोच के बारे में बहुत कुछ कह देते हैं। इंटरव्यू में सफलता के लिए इस तरह के कम्युनिकेशन की एबीसीडी को समझना बेहद जरूरी है। आई कॉन्टैक्ट इंटरव्यूअर्स से आई कॉन्टैक्ट टूटा नहीं कि इसे कॉन्फिडेंस में कमी मान लिया जाएगा। बेस्ट परफॉर्मेंस के लिए जो भी इंटरव्यूअर सवाल करे, उसकी ओर हल्की-सी गर्दन घुमाएं और जवाब दें। इस तरह आई कॉन्टैक्ट सभी से बना रहेगा। यदि कोई मेंबर सवाल करने के साथ आंखों पर जोर देते हुए तिरछी निगाह से आपको और अपने साथियों को देखे, तो समझें कि उसके इसी सवाल पर अधिकतर मार्क्स डिपेंड करते हैं। किसी जवाब पर इंटरव्यूअर्स एक-दूसरे को देखें, उनके फेस रिलैक्स हों और वे उसी से जुड़ा दूसरा सवाल कर दें, तो जान लें कि आपका जवाब सही था। फेशियल एक्सप्रेशंस इंटरव्यूअर हमारी फेस रीडिंग करते हैं। हमसे कोई सवाल पूछा जाए और उसका जवाब हमें नहीं मालूम हो, लेकिन हम इधर-उधर की बातें करके पैनल मेंबर्स को कन्फ्यूज करने की कोशिश करते हैं, तो हमारा चेहरा हमारे वर्बल कम्युनिकेशन का साथ छोड़ देता है। हमारी आंखें इधर-उधर होने लगती हैं। माथे पर बल पड़ जाते हैं और होंठ सूखने लगते हैं। न कहते हुए भी सब कुछ कम्युनिकेट हो जाता है कि हम उलझा रहे हैं। इंटरव्यू में पैनल को उलझाने से बेहतर है कि सॉरी कहकर अगले सवाल का सामना करने के लिए तैयार हो जाएं। सिटिंग पोजीशन इंटरव्यू में कैंडिडेट की सिटिंग पोजीशन भी उसके बारे में कम्युनिकेट करती है। पैनल के सामने चेयर पर बहुत आगे की ओर झुककर न बैठें। यह कम्युनिकेट करता है कि आप पूरी उम्मीद से कुछ मांगने आए हैं। बहुत-से एक्सपर्ट आराम से टेक लगाकर बैठने का मतलब फुल ऑफ कॉन्फिडेंस बट नॉट सिंसियर के तौर पर लेते हैं। उनके मन में कैंडिडेट की ऐसी इमेज बन जाती है कि शायद वह ओवर कॉन्फिडेंस में चीजों को गंभीरता से नहीं लेता। अतः चेयर पर सीधे बैठें, बस हल्का-सा बैक-सपोर्ट लें। इससे यह संदेश जाएगा कि आपमें सिंसियरिटी और कॉन्फिडेंस दोनों ही मौजूद हैं।  

हायर सेकेण्डरी परीक्षा परिणाम घोषित

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश ने शुक्रवार को हायर सेकेण्डरी परीक्षा वर्ष 2025 की द्वितीय परीक्षा का परीक्षाफल घोषित कर दिया है। परीक्षार्थी अपना परीक्षाफल मण्डल की वेबसाइट www.mpbse.mponline.gov.in पर देख सकते हैं।  

पीएससी इंटरव्यू की निःशुल्क तैयारी का मौका, एससी-एसटी उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग 4 अगस्त से

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य सेवा परीक्षा-2024 में होने वाले साक्षात्कार की तारीख घोषित कर दी। 18 अगस्त से साक्षात्कार रखे हैं। मगर साक्षात्कार की तैयारी कर रहे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए निश्शुल्क प्रशिक्षण रखा गया है। परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र ने साक्षात्कार के लिए चार अगस्त से निश्शुल्क प्रशिक्षण रखा है। इसके लिए 28 जुलाई तक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र की प्राचार्य आशा चौहान ने बताया कि इस विशेष प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को साक्षात्कार की तैयारी करवाई जाएगी। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में उम्मीदवारों को साक्षात्कार से जुड़ी बारीकियां बताएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा मॉक इंटरव्यू, संचार कौशल, करंट अफेयर्स और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। योजना का लाभ लेने के इच्छुक उम्मीदवार 28 जुलाई तक परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर केंद्र पर पहुंचना जरूरी है। इधर… डीएवीवी में इंटरनल अंक नहीं मिलने से रुका रिजल्ट इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में कई छात्र रुके हुए (विथहेल्ड) रिजल्ट को लेकर परेशान हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिकायत दर्ज करवा रहे हैं। उनका कहना है कि इंटरनल परीक्षा देने के बावजूद रिजल्ट रोक दिया गया है। इंटरनल परीक्षा में अनुपस्थिति दर्शाई जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुराने परीक्षा परिणामों की समीक्षा की, जिसमें सामने आया कि कुछ कॉलेजों ने समय पर इंटरनल असेसमेंट (आंतरिक मूल्यांकन) के अंक नहीं भेजे, जिस कारण रिजल्ट रोका गया है। अधिकारियों के मुताबिक जिले के छह कॉलेज ऐसे हैं जिन्होंने तय समयसीमा में इंटरनल मार्क्स विश्वविद्यालय को नहीं भेजे। इन्हें नोटिस दिया गया है। विद्यार्थियों का रिजल्ट ‘विथहेल्ड’ रहने के दो मुख्य कारण हैं। पहला, कुछ छात्र देर से असाइनमेंट और जरूरी दस्तावेज कॉलेज में जमा कर पाए। इस कारण कॉलेज समय पर मूल्यांकन नहीं कर सका और अंक नहीं भेजे गए। विश्वविद्यालय का कहना है कि इस मामले में गलती छात्रों की है। इसलिए रिजल्ट में संशोधन नहीं होगा। रिजल्ट अपडेट किए जाएंगे दूसरी ओर कुछ ऐसे कॉलेज भी हैं जिन्होंने समय पर इंटरनल मार्क्स तैयार तो कर लिए थे, लेकिन उन्हें विवि को नहीं भेजा। इससे रिजल्ट रुका। ऐसे मामलों में अधिकारियों का कहना है विवि ये रिजल्ट अपडेट किए जाएंगे। शैक्षणिक संस्थानों की लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी दोषी छह कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। उनसे जवाब मांगा गया है कि आखिर क्यों इंटरनल मार्क्स नहीं भेजे गए। विश्वविद्यालय ने निर्देश दिए हैं कि तय समयसीमा के भीतर सभी इंटरनल अंक भेजे जाएं। यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित कॉलेजों पर आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।