मां दुर्गा और शिव जी की कृपा पाने के लिए नवरात्रि में अपनाएं ये पवित्र विधि
शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri) हर साल भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह समय मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्र के दौरान पूजा-पाठ करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस खास अवसर पर भगवान शिव की पूजा भी विशेष फलदायी मानी जाती है। कहा जाता है कि नवरात्र में शिव जी के 108 नामों का जाप करने से परम कल्याण और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है। ऐसे करें पूजा सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। मां दुर्गा के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद भगवान शिव के 108 नामों का श्रद्धापूर्वक जाप करें। अंत में माता रानी और भोलेनाथ की आरती करें। ऐसा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और भक्त को देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ।।भगवान शिव के 108 नाम।। ॐ महाकाल नमः ॐ रुद्रनाथ नमः ॐ भीमशंकर नमः ॐ नटराज नमः ॐ प्रलेयन्कार नमः ॐ चंद्रमोली नमः ॐ डमरूधारी नमः ॐ चंद्रधारी नमः ॐ भोलेनाथ नमः ॐ कैलाश पति नमः ॐ भूतनाथ नमः ॐ नंदराज नमः ॐ नन्दी की सवारी नमः ॐ ज्योतिलिंग नमः ॐ मलिकार्जुन नमः ॐ भीमेश्वर नमः ॐ विषधारी नमः ॐ बम भोले नमः ॐ विश्वनाथ नमः ॐ अनादिदेव नमः ॐ उमापति नमः ॐ गोरापति नमः ॐ गणपिता नमः ॐ ओंकार स्वामी नमः ॐ ओंकारेश्वर नमः ॐ शंकर त्रिशूलधारी नमः ॐ भोले बाबा नमः ॐ शिवजी नमः ॐ शम्भु नमः ॐ नीलकंठ नमः ॐ महाकालेश्वर नमः ॐ त्रिपुरारी नमः ॐ त्रिलोकनाथ नमः ॐ त्रिनेत्रधारी नमः ॐ बर्फानी बाबा नमः ॐ लंकेश्वर नमः ॐ अमरनाथ नमः ॐ केदारनाथ नमः ॐ मंगलेश्वर नमः ॐ अर्धनारीश्वर नमः ॐ नागार्जुन नमः ॐ जटाधारी नमः ॐ नीलेश्वर नमः ॐ जगतपिता नमः ॐ मृत्युन्जन नमः ॐ नागधारी नमः ॐ रामेश्वर नमः ॐ गलसर्पमाला नमः ॐ दीनानाथ नमः ॐ सोमनाथ नमः ॐ जोगी नमः ॐ भंडारी बाबा नमः ॐ बमलेहरी नमः ॐ गोरीशंकर नमः ॐ शिवाकांत नमः ॐ महेश्वराए नमः ॐ महेश नमः ॐ संकटहारी नमः ॐ महेश्वर नमः ॐ रुंडमालाधारी नमः ॐ जगपालनकर्ता नमः ॐ पशुपति नमः ॐ संगमेश्वर नमः ॐ दक्षेश्वर नमः ॐ घ्रेनश्वर नमः ॐ मणिमहेश नमः ॐ अनादी नमः ॐ अमर नमः ॐ आशुतोष महाराज नमः ॐ विलवकेश्वर नमः ॐ अचलेश्वर नमः ॐ ओलोकानाथ नमः ॐ आदिनाथ नमः ॐ देवदेवेश्वर नमः ॐ प्राणनाथ नमः ॐ शिवम् नमः ॐ महादानी नमः ॐ शिवदानी नमः ॐ अभयंकर नमः ॐ पातालेश्वर नमः ॐ धूधेश्वर नमः ॐ सर्पधारी नमः ॐ त्रिलोकिनरेश नमः ॐ हठ योगी नमः ॐ विश्लेश्वर नमः ॐ नागाधिराज नमः ॐ सर्वेश्वर नमः ॐ उमाकांत नमः ॐ बाबा चंद्रेश्वर नमः ॐ त्रिकालदर्शी नमः ॐ त्रिलोकी स्वामी नमः ॐ महादेव नमः ॐ गढ़शंकर नमः ॐ मुक्तेश्वर नमः ॐ नटेषर नमः ॐ गिरजापति नमः ॐ भद्रेश्वर नमः ॐ त्रिपुनाशक नमः ॐ निर्जेश्वर नमः ॐ किरातेश्वर नमः ॐ जागेश्वर नमः ॐ अबधूतपति नमः ॐ भीलपति नमः ॐ जितनाथ नमः ॐ वृषेश्वर नमः ॐ भूतेश्वर नमः ॐ बैजूनाथ नमः ॐ नागेश्वर नमः।।