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मकर संक्रांति पर ग्रह दोषों से छुटकारा पाने काले तिल के करें 6 उपाय!

आमतौर पर मकर संक्रांति का पर्व हर साल 14 जनवरी के दिन मनाया जाता है। यह पर्व हिंदू धर्म के बड़े पर्वों में से एक है। ज्योतिष गणना के मुताबिक मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य देवगुरु बृहस्पति की धनु राशि से निकल कर अपने पुत्र की राशि मकर में प्रवेश करते हैं। इस दिन के बाद से उनकी चाल उत्तर की तरफ हो जाती है। इसे ही सूर्य का उत्तरायण कहते हैं। यह दिन दान, पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खास माना जाता है। खासकर इस दिन काले तिल का विशेष महत्व होता है। इस दिन काले तिल का दान और इसका सेवन करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन तिल से जुड़े उपाय करने से व्यक्ति की किस्मत भी बदल सकती है। मकर संक्रांति के दिन अगर तिल से जुड़ा कुछ खास उपाय किया जाए तो शनि दोष, सूर्य दोष और पितृ दोष के प्रभाव से मुक्ति मिलती है। चलिए इन उपायों के बारे में जानते हैं। शनि मंदिर में तिल का दीया जलाएं मकर संक्रांति के दिन शनि मंदिर में तिल के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष में राहत मिलती है। इस दिन स्नान करने के बाद तिल का दान भी अच्छा माना जाता है। गंगाजल में मिलाकर स्नान करें मकर संक्रांति के दिन भिगोए हुए काले तिल को गंगा जल में मिलाएं। इसके बाद इस जल से स्नान करना चाहिए। इस उपाय से रोग-दोष दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है व आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। सूर्य को अर्घ्य दें मकर संक्रांति के दिन सूर्य की उपासना की जाती है। ऐसे में सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना जाता है। अर्घ्य देने के लिए तांबे के लोटे में काले तिल और फूलों के साथ अक्षत डालकर भगवान सूर्य के मंत्र का जाप करते हुए जल अर्पित करें। पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं मकर संक्रांति के दिन पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं और पूर्वजों का स्मरण करें। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और दोष का प्रभाव भी कम होता है। मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न मकर संक्रांति के दिन काला तिल और गुड़ का दान करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इस दिन जरूरतमंद लोगों को ठंड कपड़े देने से भी माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और धन आगमन होता है।

13 जनवरी को शुक्र का गोचर, इन 3 राशियों के लिए रह सकती है मुश्किलें, जानें क्या करें

 द्रिक पंचांग के अनुसार, जनवरी 2026 में शुक्र ग्रह अपना पहला बड़ा गोचर करने जा रहे हैं. 13 जनवरी को शुक्र धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. चूंकि शुक्र को धन, ऐश्वर्य, सुख-सुविधा और संबंधों का कारक माना जाता है, इसलिए उनका यह राशि परिवर्तन सभी राशियों के जीवन को प्रभावित करेगा. इस गोचर का असर हर किसी के लिए समान नहीं रहेगा. जहां कुछ लोगों को इससे सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं, वहीं तीन राशियों के जातकों के लिए यह समय आर्थिक दबाव बढ़ाने वाला साबित हो सकता है. इस दौरान अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, पैसों की कमी महसूस हो सकती है और नौकरी या कारोबार में नुकसान की स्थिति भी बन सकती है. ऐसे में निवेश से जुड़े फैसलों और खर्चो को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी होगा. मेष राशि मेष राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर सावधानी भरा समय लेकर आ सकता है. धन से जुड़े मामलों में रुकावटें महसूस हो सकती हैं. अचानक खर्च बढ़ने से बजट बिगड़ सकता है. निवेश या बड़े आर्थिक फैसले लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार जरूरी रहेगा. नौकरी या व्यापार में लाभ की गति धीमी रह सकती है, वहीं कुछ मामलों में नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है. पारिवारिक माहौल में भी तनाव की स्थिति बन सकती है, जिससे मानसिक दबाव बढ़ेगा. इस समय संयम बनाए रखना. जल्दबाजी से बचना फायदेमंद रहेगा. कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर आर्थिक उतार-चढ़ाव लेकर आ सकता है. आय और खर्च के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो सकता है. कार्यक्षेत्र में देरी, रुकावट या विरोध का सामना करना पड़ सकता है, जिससे मन थोड़ा परेशान रह सकता है. रिश्तों में भी छोटी-छोटी गलतफहमियां उभर सकती हैं. इस दौरान फिजूलखर्ची पर रोक लगाना और नए निवेश से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा. आत्मविश्वास बनाए रखें और भावनाओं में बहकर कोई निर्णय न लें. परिवार के वरिष्ठ सदस्यों या करीबी लोगों से सलाह लेना आपको सही दिशा दिखा सकता है. धनु राशि धनु राशि वालों के लिए यह गोचर आर्थिक और मानसिक दोनों स्तर पर सतर्क रहना होगा. अचानक पैसों की कमी हो सकती है. पहले से बनी योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है. नौकरी और व्यापार में अपेक्षित परिणाम न मिलने से निराशा हो सकती है, इसलिए धैर्य रखना बेहद जरूरी होगा. स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें, खासकर तनाव और थकान से बचना जरूरी है. इस समय बड़े खर्च, उधार या नए निवेश से दूरी बनाए रखना समझदारी होगी.

10 जनवरी का राशिफल: इस दिन आपकी किस्मत के सितारे क्या संकेत दे रहे हैं?

मेष राशि: आज मेष राशि वालों को कामकाज में हल्का तनाव रह सकता है, लेकिन हिम्मत रखेंगे तो सब ठीक होगा। लव लाइफ में थोड़ी नोकझोंक हो सकती है, लेकिन प्यार बरकरार रहेगा। पैसों का ध्यान रखें। फालतू की खरीददारी से बचें। अनावश्यक खर्चा टालें। अपनी सेहत का थोड़ा ध्यान रखें। खानपान ठीक करें। जंक फूड ना खाएं। वृषभ राशि: आज आपका रिश्ता अच्छा रहेगा और पार्टनर के साथ क्वालिटी समय बिताने का मौका मिलेगा। ऑफिस में नए काम हाथ में लें। फोकस के साथ काम करेंगे तो सफलता मिलेगी। ऑफिस में होने वाली राजनीति का हिस्सा बनने से बचें। सेहत पर थोड़ा ध्यान दें, हल्की एक्सरसाइज करें। रात के समय में भारी भोजन करने से बचें। साथ ही देर रात तक फोन ना चलाएं। मिथुन राशि: आज आपकी लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा। पार्टनर को सरप्राइज दें। पुरानी बातें भूलकर खुश रहें। अगर बहस होती हैं तो इन बातों को बीच में ना लाएं। कामकाज में मेहनत का फल मिलेगा। पैसों के मामलों में सोच-समझकर निवेश करें। घरवालों के साथ कुछ समय साथ बैठें। सुबह की शुरुआत वॉक के साथ करेंगे तो सही होगा। खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं। कर्क राशि: आज आपकी लव लाइफ बेहतरीन होगी।। पार्टनर के साथ तालमेल बनाए रखें। ऑफिस में कामकाज के दौरान आपका मन लगेगा। पैसों के मामले में सतर्क रहें। इन्वेस्ट करने से पहले किसी जानकार की सलाह लेंगे तो सही होगा। सेहत ठीक रहेगी। हालांकि अपना रूटीन सही रखें। खानपान में लापरवाही ना करें। सिंह राशि: आज पार्टनर के साथ आपकी खटपट हो सकती है, लेकिन थोड़ी समझदारी से सब ठीक होगा। करियर में नए मौके आएंगे। नई जिम्मेदारी खुशी-खुशी स्वीकार करें क्योंकि ये आपकी ग्रोथ के लिए अच्छा होगा। खर्च पर काबू रखें। बचत की प्लानिंग करें। हेल्थ ठीक रहेगी। रात में फोन देर तक ना चलाएं। स्क्रीन टाइमिंग कम करें। कन्या राशि: आज लव लाइफ में खुशियों भरे पल रहेंगे। ऑफिस में मेहनत रंग लाएगी। सीनियर्स आपके काम की खूब तारीफ करें। आगे चलकर करियर में कोई बड़ा मौका मिलेगा, जिसकी नींव आज रख दी जाएगी। पैसों के मामलों में सोच-समझकर निवेश करें। हेल्थ सामान्य रहेगी। तुला राशि: आज आपको पार्टनर के साथ प्यार भरे पल खूब मिलेंगे। उन्हें को खुश रखने की कोशिश करें। ऑफिस में मेहनत का फायदा मिलेगा। पैसों के मामले में सोच-समझकर कदम उठाएं। सेहत ठीक रहेगी लेकिन आपको अपना रूटीन फॉलो करना है। हल्की-फुल्की एक्सरसाइज के साथ दिन की शुरुआत करें। खाने में हरी सब्जियों को शामिल करें। धनु राशि: आज पार्टनर से थोड़ी गर्मागर्म बहस हो सकती है, लेकिन समझदारी से सब सुलझ जाएगा। ऑफिस में नए काम हाथ में लें, करियर बढ़ेगा। पैसों का थोड़ा ध्यान रखें। आज के दिन इन्वेस्टमेंट करने से बचें। आज घर के बड़ों के साथ थोड़ा समय बिताएं। साथ ही आज एक्सरसाइज भी करें। मकर राशि: आज प्यार में सुख मिलेगा और पार्टनर के साथ आपका रिश्ता और भी मजबूत रहेगा। ऑफिस में कामकाज बढ़िया रहेगा, क्लाइंट्स खुश होंगे। पैसों के मामलों में थोड़ी सतर्कता जरूरी है। अचानक से होने वाली खरीददारी से बचने की कोशिश करें। आपकी सेहत ठीक रहने वाली है। बस आप बाहर का खाना ना खाएं। सुबह की शुरुआत एक्सरसाइज से करें और दिन में कभी भी मेडिटेशन जरूर करें। कुंभ राशि: आज पार्टनर के मूड का ध्यान रखें और गुस्सा कम करें। पुराने प्यार से मिल सकते हैं। करियर में मेहनत का फल मिलेगा। खर्च संतुलित रखें। हेल्थ ठीक रहेगी लेकिन आपको दिन भर रूटीन का पालन करना है। खाने में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा बढ़ा लें। साथ ही एक्सरसाइज जरूर करें। वृश्चिक राशि: आज रिश्ता थोड़ा रोमांटिक रहेगा। पार्टनर को खुश रखें और टाइम दें। हो सके तो आज डिनर का प्लान करें। ऑफिस में नए मौके मिलेंगे। नए मौकों को हाथ में लेने से ना कतराएं। पैसों पर ध्यान रखें। सेहत ठीक रहेगा लेकिन आप खानपान का ध्यान रखें। पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं और अपने आसपास अच्छी सोच वाले लोग ही रखें। मीन राशि: आज प्यार में सुख मिलेगा और पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा। उनकी बातों को ध्यान से सुनें। करियर में मेहनत का फायदा मिलेगा। पैसों के मामलों में सतर्क रहें। हेल्थ ठीक रहेगी। बस फैटी खाने से दूर रहें।

संक्रांति के बाद बड़ा बदलाव, मंगल देव इन राशियों को देंगे सफलता और ऊर्जा

मकर संक्रांति के बाद ग्रहों के सेनापति मंगल राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल का गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। यह गोचर कुछ राशियों के लिए भाग्योदय का संकेत देगा, वहीं कुछ को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। मंगल गोचर 2026 की तिथि और समय ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार— 16 जनवरी 2026, भोर 4 बजकर 27 मिनट पर मंगल ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल 23 फरवरी 2026, दोपहर 11 बजकर 49 मिनट तक मकर राशि में गोचर करेंगे। इसके बाद मंगल कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मकर राशि मंगल की उच्च राशि मानी जाती है, इसलिए इस गोचर का प्रभाव विशेष रूप से शक्तिशाली रहेगा। मंगल गोचर 2026 का सभी राशियों पर प्रभाव मेष राशि मंगल आपके दसवें भाव में गोचर करेगा, जो करियर और कर्म का भाव है। कार्यक्षेत्र में जबरदस्त उन्नति प्रशासनिक कार्यों में सफलता पिता के करियर में बदलाव के योग उपाय: दूध उबालते समय उसे गिरने न दें। वृष राशि मंगल आपके नौवें भाव में रहेगा। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा बड़े भाई से लाभ चिकित्सा, कृषि और शस्त्र से जुड़े व्यवसाय में मुनाफा उपाय: भाइयों की मदद जरूर करें। मिथुन राशि मंगल आठवें भाव में गोचर करेगा। जीवन सुखमय रहेगा अस्थायी मांगलिक दोष बनेगा उपाय: तवा गर्म होने पर पानी के छींटे मारकर रोटी सेंकें। कर्क राशि मंगल सातवें भाव में रहेगा। वैवाहिक जीवन में संतुलन जरूरी अस्थायी मांगलिक दोष उपाय: 23 फरवरी तक बांस से बनी वस्तुएं घर न लाएं। सिंह राशि मंगल छठे भाव में गोचर करेगा। प्रभावशाली लोगों से संपर्क भाई-बहनों और मित्रों को लाभ उपाय: मंगलवार को भाई समान व्यक्ति को उपहार दें। कन्या राशि मंगल पांचवें भाव में रहेगा। संतान सुख बुद्धि और विवेक में वृद्धि शिक्षा में सफलता उपाय: रात में सिरहाने पानी रखें और बच्चों को दूध दान करें। तुला राशि मंगल चौथे भाव में गोचर करेगा। भूमि, भवन और वाहन का सुख माता का सहयोग अस्थायी मांगलिक दोष उपाय: सुबह उठकर कुल्ला करें। वृश्चिक राशि मंगल तीसरे भाव में रहेगा। पराक्रम में वृद्धि भाई-बहनों से सहयोग ससुराल पक्ष से लाभ उपाय: मंदिर में शहद का दान करें। धनु राशि मंगल दूसरे भाव में गोचर करेगा। धन लाभ होगा लेकिन बचत कठिन संतान सुख मिलेगा  उपाय: भाइयों की मदद करते रहें। मकर राशि मंगल लग्न भाव में रहेगा। स्वास्थ्य और आत्मविश्वास में वृद्धि राजनीति और व्यापार में लाभ अस्थायी मांगलिक दोष उपाय: मंदिर में कपूर या दही का दान करें। कुंभ राशि मंगल बारहवें भाव में रहेगा। खर्च बढ़ सकता है लेकिन धन की कमी नहीं शय्या सुख में वृद्धि अस्थायी मांगलिक दोष उपाय: कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं और खाकी रंग की टोपी पहनें। मीन राशि मंगल ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा। आय में वृद्धि इच्छाओं की पूर्ति आध्यात्मिक झुकाव उपाय: बेटी के ससुराल पक्ष को चादर भेंट करें। मंगल गोचर 2026: क्या कहता है ज्योतिष? मंगल का यह गोचर कई राशियों के लिए सफलता, साहस और धन वृद्धि लेकर आएगा। वहीं जिन राशियों पर अस्थायी मांगलिक दोष बन रहा है, उन्हें उपाय अपनाकर नकारात्मक प्रभाव से बचना चाहिए।

2026 का सत्ता योग: ग्रहों के अनुसार कौन बनेगा राजा और कौन मंत्री

अंग्रेजी कैलेंडर में नया साल 1 जनवरी से आरंभ होता है, जबकि सनातन परंपरा में नववर्ष की गणना अलग विधि से की जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार, नवसंवत्सर की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से मानी जाती है। वर्ष 2026 में हिंदू नववर्ष का आरंभ गुरुवार, 19 मार्च से होगा। इस दिन से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी, जिसे रौद्र संवत्सर कहा गया है। इस बार का नववर्ष कई मायनों में खास रहने वाला है क्योंकि यह सामान्य 12 महीनों का नहीं बल्कि 13 महीनों का होगा। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष ज्येष्ठ मास दो बार आएगा, जिस कारण इसे अधिकमास वाला वर्ष भी कहा जा रहा है। हर साल कैसे तय होते हैं राजा और मंत्री? ज्योतिष शास्त्र में हिंदू नववर्ष के राजा और मंत्री का विशेष महत्व होता है। ग्रहों की स्थिति और पंचांग की गणना के आधार पर यह निर्धारित किया जाता है कि किस ग्रह को राजा और किसे मंत्री का पद मिलेगा। ये दोनों ग्रह पूरे वर्ष की दिशा तय करते हैं और इनका असर राजनीति, अर्थव्यवस्था, मौसम, सामाजिक जीवन और वैश्विक परिस्थितियों पर देखा जाता है। 2026 में ग्रहों की चाल क्या संकेत दे रही है ? ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, वर्ष 2026 को बदलावों से भरा साल माना जा रहा है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, यह वर्ष कई बड़े परिवर्तन लेकर आ सकता है। इस साल गुरु ग्रह राजा और मंगल ग्रह मंत्री की भूमिका में रहेंगे। गुरु के प्रभाव से धार्मिक गतिविधियों, आध्यात्मिक आयोजनों और सामाजिक सुधारों को बल मिलेगा, वहीं मंगल के प्रभाव के कारण वैश्विक स्तर पर तनाव, संघर्ष और अस्थिरता की आशंका भी बनी रहेगी। गुरु के राजा बनने से क्या होगा असर ? गुरु को ज्ञान, धर्म और नीति का कारक माना जाता है। उनके राजा बनने से वर्ष 2026 में आध्यात्मिक सोच मजबूत होगी। शिक्षा, धार्मिक गतिविधियों और तीर्थ यात्राओं में वृद्धि देखने को मिल सकती है। समाज में न्याय और नैतिक मूल्यों को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। आर्थिक क्षेत्र में प्रगति भले ही धीमी रहे, लेकिन स्थिरता बनी रहने की संभावना है। गुरु का प्रभाव मंगल की उग्रता को काफी हद तक संतुलित करेगा, जिससे हालात पूरी तरह बिगड़ने से बच सकते हैं। मंगल के मंत्री बनने से बढ़ेगी हलचल मंगल अग्नि तत्व का ग्रह है, जो साहस, ऊर्जा और आक्रामकता का प्रतीक माना जाता है। मंत्री पद पर मंगल के होने से वर्ष 2026 में राजनीतिक उथल-पुथल, सत्ता परिवर्तन और बड़े फैसलों का दौर देखने को मिल सकता है। देशों के बीच तनाव, युद्ध और संघर्ष की संभावनाएं बनी रहेंगी। इसके अलावा, सेना, सुरक्षा, ऊर्जा और अग्नि से जुड़े क्षेत्रों में तेजी आ सकती है। मौसम में अत्यधिक गर्मी, सूखा और प्राकृतिक असंतुलन भी देखने को मिल सकता है। दुनिया के कई हिस्सों में अचानक घटनाएं और अप्रत्याशित बदलाव संभव हैं।  

Navratri 2026: कब हैं चैत्र, शारदीय और गुप्त नवरात्र? जानें तिथियाँ और घटस्थापना का मुहूर्त

इंदौर  Navratri 2026 Dates: नवरात्र देवी दुर्गा को समर्पित सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्वों में से एक माना जाता है. इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं. हर साल भक्त चैत्र नवरात्र, शारदीय नवरात्र और दो गुप्त नवरात्र की तिथियों का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि इनका विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में चारों नवरात्र शुभ समय पर पड़ रही हैं, जिससे भक्तों को साधना, व्रत और देवी पूजा के कई अवसर मिलेंगे. इस नए वर्ष में श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से घटस्थापना कर सकते हैं और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त कर सकते हैं. यहां नवरात्र 2026 का पूरा कैलेंडर दिया गया है, जिसमें सभी नवरात्र की तिथियां और घटस्थापना का सही मुहूर्त शामिल है.  चैत्र नवरात्र 2026 तिथियां और घटस्थापना का मुहूर्त  द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्र 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक समाप्त होंगे. चैत्र नवरात्र के पहले दिन का घटस्थापना मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. 19 मार्च, प्रतिपदा तिथि- घटस्थापना, मां शैलपुत्री 20 मार्च, द्वितीया तिथि- मां ब्रह्मचारिणी 21 मार्च, तृतीया तिथि- मां चंद्रघंटा 22 मार्च, चतुर्थी तिथि- मां कुष्मांडा 23 मार्च, पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता 24 मार्च, षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी 25 मार्च- सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि 26 मार्च, अष्टमी तिथि- मां महागौरी, रामनवमी 27 मार्च, नवमी तिथि- मां सिद्धिदात्री, व्रत का पारण शारदीय नवरात्र 2026 तिथियां और घटस्थापना का मुहूर्त  द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 20 अक्टूबर 2026 तक समाप्त होगी. शारदीय नवरात्र के पहले दिन का घटस्थापना मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा.  11 अक्टूबर, प्रतिपदा तिथि- घटस्थापना, मां शैलपुत्री 12 अक्टूबर, द्वितीया तिथि- मां ब्रह्मचारिणी 13 अक्टूबर, तृतीया तिथि- मां चंद्रघंटा 14 अक्टूबर, चतुर्थी तिथि- मां कुष्मांडा 15 अक्टूबर, पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता 16 अक्टूबर, षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी 17 अक्टूबर- सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि 18 अक्टूबर, अष्टमी तिथि- सप्तमी तिथि ही रहेगी 19 अक्टूबर, महाअष्टमी- मां महागौरी 20 अक्टूबर, महानवमी- मां सिद्धिदात्री, व्रत का पारण, विजयादशमी  माघ गुप्त नवरात्र 2026  गुप्त नवरात्र का विशेष आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्व होता है. इस दौरान साधक और भक्त दस महाविद्याओं की विधि-विधान से पूजा और साधना करते हैं. साल 2026 में इसकी शुरुआत 19 जनवरी 2026 से होगी और समापन 27 जनवरी 2026 को होगा.  आषाढ़ गुप्त नवरात्र 2026    साल 2026 की दूसरी गुप्त नवरात्र आषाढ़ मास में शुरू होगी. इसकी शुरुआत 15 जुलाई 2026 से होगी और इसका समापन 23 जुलाई 2026 को होगा. इसका घटस्थापना मुहूर्त सुबह 5 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 39 मिनट तक रहेगा.

9 जनवरी राशिफल: जानिए इस दिन आपके राशि के लिए सितारे क्या संकेत दे रहे हैं

मेष राशि: आज आपका कॉन्फिडेंस एकदम अलग लेवल पर होगा। ऑफिस में आपके काम की तारीफ की जाएगी। कोई नया प्रोजेक्ट या जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आगे चलकर लाभ ही मिलेगा। आज आपके खर्चे थोड़े से बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट का ध्यान रखें। आज आपके परिवार का माहौल सही रहेगा। साथ ही आपको अपने किसी करीबी से मन की बात शेयर करने का अच्छा मौका मिलेगा। वृषभ राशि: आज आपको धैर्य और समझदारी से फैसले लेने की जरूरत है। नौकरी में स्लो ग्रोथ हो सकती है, लेकिन प्रयास जारी रखें। पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी, हालांकि अचानक से कोई खर्च सामने आ सकता है। सेहत को लेकर सतर्क रहें और आराम के लिए समय निकालें। मिथुन राशि: ऑफिस में मीटिंग या बातचीत के जरिए कोई महत्वपूर्ण बात आपके पक्ष में जा सकती है। आज आपको अपनों का फुल सपोर्ट मिलेगा। लव लाइफ में क्लैरिटी आएगी और गलतफहमियां दूर होंगी। पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा। मानसिक रूप से खुद को हल्का और उत्साहित महसूस करेंगे। कर्क राशि: आज फीलिंग्स में उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन परिस्थितियां आपके नियंत्रण में रहेंगी। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर इन्वेस्ट या खर्च करें। कामकाज में स्थिरता रहेगी और सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन को सुकून मिलेगा और पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। सिंह राशि: आज आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। आज ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिलने के योग हैं, जिन्हें आप सफलतापूर्वक निभाएंगे। मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है। आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। रिश्तों में तनाव आने के चांस हैं। ऐसे में चीजों को बिगड़ने ना दें। खानपान का ध्यान रखें। कन्या राशि: आज का दिन मेहनत और सलीके से काम करने का है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी के संकेत मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिरता रहेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। अपनी सेहत को लेकर बिल्कु भी लापरवाही ना करें। आज परिवार के किसी सदस्य से जरूरी बात कर सकते हैं। तुला राशि: आज आपको संतुलन बनाकर चलने की जरूरत है। रिश्तों में सामंजस्य बढ़ेगा और पुराने मतभेद खत्म हो सकते हैं। ऑफिस में लोगों का सपोर्ट मिलेगा, जिससे आगे के काम थोड़े से आसान हो जाएंगे। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा। क्रिएटिव काम और कला में रुचि बढ़ सकती है। धनु राशि: आज का दिन नए मौके और एक्सपीरियंस लेकर आ सकता है। ट्रैवल और एजुकेशन से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। करियर को लेकर कोई सकारात्मक सूचना मिल सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और भविष्य को लेकर उत्साहित रहेंगे। आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। मकर राशि: आज जिम्मेदारियों का दबाव थोड़ा अधिक रह सकता है, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। ऑफिस में स्टेबिलिटी बढ़ेगी और ग्रोथ के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और बचत पर ध्यान देंगे। परिवार से इमोशनल सपोर्ट मिलेगा, जिससे तनाव कम होगा। कुंभ राशि: आज आपके नए विचार और योजनाएं लोगों को प्रभावित करेंगी। दोस्तों या सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। सोशल एक्टिविटी में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। वृश्चिक राशि: आज आपकी मेहनत और लगन का अच्छा परिणाम मिलेगा। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। गुप्त शत्रुओं या ईर्ष्यालु लोगों से सावधान रहें। प्रेम जीवन में भावनात्मक गहराई आएगी। आर्थिक रूप से दिन सामान्य से बेहतर रहेगा। मीन राशि: आज आप इमोशनल तौर पर मजबूत महसूस करेंगे। पुराने तनाव और उलझनें दूर हो सकती हैं। ऑफिस में धीरे-धीरे प्रगति होगी। परिवार और करीबी लोगों का सहयोग मिलेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन अपनी मानसिक शांति पर ध्यान दें क्योंकि ये सबसे जरूरी है।

करोड़पति बनने का वास्तु राज़: एक सही दिशा और बदल सकती है आपकी किस्मत

वास्तु शास्त्र केवल दिशाओं का ज्ञान नहीं है, बल्कि यह हमारे आसपास की ऊर्जा को संतुलित करने का एक प्राचीन विज्ञान है। कई बार हम कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन सफलता और पैसा हमारे हाथ नहीं लगता। वास्तु के अनुसार, इसका कारण घर में मौजूद ऊर्जा का अवरोध हो सकता है। आज हम बात करेंगे वास्तु के उस सबसे बड़े सीक्रेट की, जिसे अपनाकर आप अपने जीवन में धन के प्रवाह को बढ़ा सकते हैं। वास्तु का सबसे बड़ा सीक्रेट वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना गया है। इस दिशा का सीधा संबंध आपके करियर, नए अवसरों और पैसे की आवक से होता है। यदि आपके घर की उत्तर दिशा दोषपूर्ण है, तो पैसा आएगा तो सही लेकिन टिकेगा नहीं। वह एक बदलाव जो बदल सकता है आपकी किस्मत अगर आप करोड़पति बनने का सपना देखते हैं, तो अपने घर की उत्तर दिशा में नीले रंग के पानी का फव्वारा या बहते हुए पानी की तस्वीर लगाएं। यह एक छोटा सा बदलाव धन की ऊर्जा को चुंबक की तरह खींचता है। धन वृद्धि के लिए 5 अचूक वास्तु नियम मुख्य द्वार घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से लक्ष्मी का आगमन होता है। मुख्य द्वार हमेशा साफ-सुथरा और चमकदार होना चाहिए। द्वार पर चांदी का स्वास्तिक लगाएं या दहलीज पर तांबे के सिक्के दबाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती। तिजोरी की सही दिशा आप अपना पैसा और गहने जहां रखते हैं, वह स्थान आपकी आर्थिक स्थिति तय करता है। अपनी तिजोरी या अलमारी को हमेशा घर के दक्षिण-पश्चिम  कोने में रखें लेकिन इसका मुंह उत्तर की ओर खुलना चाहिए। उत्तर की ओर खुलती हुई तिजोरी कुबेर के खजाने का स्वागत करती है। रसोई घर और अग्नि का संतुलन रसोई घर में अग्नि का वास होता है, जो समृद्धि का प्रतीक है। यदि आपकी रसोई दक्षिण-पूर्व में नहीं है, तो वहां एक लाल रंग का बल्ब जलाएं। कभी भी रसोई में जूठे बर्तन रात भर न छोड़ें क्योंकि यह लक्ष्मी को रुष्ट करता है। कबाड़ और मकड़ी के जाले वास्तु में राहु का वास गंदगी और कबाड़ में माना गया है। घर की उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे ईशान कोण कहते हैं, उसे हमेशा खाली और साफ रखें। यहाँ भारी सामान या कूड़ा रखने से बुद्धि भ्रष्ट होती है और धन का नुकसान होता है। मनी प्लांट और धातु का कछुआ  इसे हमेशा घर के अंदर दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाएं। ध्यान रहे कि इसकी बेलें जमीन को न छुएं, उन्हें ऊपर की ओर सहारा दें। उत्तर दिशा में एक पीतल के बर्तन में पानी भरकर उसमें पीतल का कछुआ रखें। यह स्थिरता और निरंतर धन लाभ का प्रतीक है।

संकट के समय मन ही मन जपें यह विष्णु मंत्र, तुरंत मिलेगा शुभ फल

धर्मग्रंथ कर्म को पूजा का दर्जा देते हैं, किंतु कर्म के साथ-साथ ईश्वर भक्ति और कृपा को भी सफल जीवन का सूत्र भी माना गया है। आज की व्यस्त जिंदगी में इंसान के पास काम व दायित्वों को पूरा करने की उलझन में ईश्वर स्मरण के लिए वक्त निकालना मुश्किल है।   यही वजह है कि हम यहां बता रहे हैं धर्मग्रंथों का एक ऐसा सरल और असरदार मंत्र, जिसके लिए आस्था है कि देव पूजा के अलावा कार्य और जिम्मेदारियों के दौरान किसी भी वक्त किसी काम के अटकने या उलझने पर मन ही मन स्मरण करें, तो सारे काम बिना बाधा और परेशानी के पूरे हो जाते हैं।   यह मंत्र भगवान विष्णु के साथ उनके अवतार श्रीकृष्ण का स्मरण है। वर्तमान में चल रहे चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी कामदा एकादशी (11 अप्रैल) को भी इन दोनों देवताओं की उपासना का विशेष काल है, इसलिए इस अनूठे योग में भी इस मंत्र का स्मरण बहुत ही शुभ फल देने वाला होगा। जानिए यह मंगलकारी विष्णु मंत्र-   -सुबह स्नान के बाद यथासंभव पीले वस्त्र पहनकर देवालय में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा गंध, अक्षत, पीले फूल व धूप, दीप से करें।   -पूजा के बाद इस मंत्र का यथाशक्ति जप करें। यही मंत्र दिन में किसी भी वक्त काम के दौरान या मुश्किलों के वक्त ध्यान भी कर सकते हैं-   ‘श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव’   कर्म की अहमियत बताने वाले भगवान श्रीकृष्ण और शांतिस्वरूप भगवान विष्णु के ध्यान से आपका हर काम न केवल निर्विघ्र संपन्न होगा, बल्कि शांति और सुकून भी लाएगा।  

क्या आपके घर में है वास्तु दोष? इन सरल उपायों से तुरंत पाएं राहत

वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे घर की ऊर्जा का हमारे जीवन, स्वास्थ्य और धन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही वास्तु शास्त्र में यह भी बताया गया है कि घर में वास्तु दोष होने पर आपको कुछ संकेत मिल सकते हैं, जिन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि घर में वास्तु दोष होने पर आप किन उपायों से इससे मुक्ति पा सकत हैं। मिलता है ये संकेत     घर में बिना वजह घर में क्लेश की स्थिति बने रहना भी वास्तु दोष का ही एक लक्षण है।     कड़ी मेहनत के बाद भी तरक्की नहीं मिलती।     घर में तनाव की स्थिति बनी रहती है। जिसका कारण वास्तु दोष हो सकता है।     वास्तु दोष के कारण घर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं।     धन संबंधित समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। हो सकते हैं ये कारण वास्तु शास्त्र में टपकता हुआ नल आर्थिक नुकसान और वास्तु दोष (Vastu Dosh) की ओर इशारा करता है। घर के जिन कोनों में प्राकृतिक रोशनी नहीं पहुंचती, वहां अक्सर नकारात्मक ऊर्जा का बसेरा हो जाता है, जो वास्तु दोष का कारण बनता है। घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में टॉयलेट होने पर भी आपको वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही घर और मुख्य द्वार को गंदा रखने पर भी व्यक्ति को वास्तु दोष झेलना पड़ सकता है। कर सकते हैं ये उपाय वास्तु दोष से मुक्ति पाने के लिए आपको वास्तु शांति का पाठ करवाना चाहिए। शाम के समय घर में कपूर जलाकर घुमाएं, जो वास्तु दोष दूर करने का एक कारगर उपाय माना जाता है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार व तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं। इन कार्यों को करने से आपको वास्तु दोष से राहत मिल सकती है। अगर घर में यदि नेगेटिविटी बढ़ गई है, तो इसके लिए घर में नमक का पोछा लगाएं। साथ ही खिड़कियां और दरवाजे खोलकर रखें, वहीं शौचालय के दरवाजे को हमेशा बंद रखें।