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मंदिर का अनोखा झंडा: हवा के विपरीत दिशा में लहराने का रहस्य

जगन्नाथ मंदिर की महिमा कौन नहीं जानता. पुरी का जगन्नाथ मंदिर अपनी भव्यता और आस्था के लिए विश्व प्रसिद्ध है, लेकिन इससे जुड़े कई रहस्य और परंपराएं भी हैं, जो आपको हैरान कर देंगी. इन्हीं में से एक है इस मंदिर का झंडा जो हवा की दिशा के विपरीत लहराता है. आम तौर पर झंडा हवा के साथ उड़ता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं होता. यही बात इस मंदिर को रहस्यमयी और अद्भुत बनाती है. आज तक कोई पता नहीं लगा पाया है कि मंदिर का झंडा हवा के विपरीत दिशा में क्यों लहराता है. स्थानीय लोग इसे भगवान जगन्नाथ की दैवीय शक्ति का संकेत मानते हैं. कहा जाता है कि मंदिर के ऊपर लहराता झंडा नकारात्मक ऊर्जाओं को खत्म करता है और पूरे वातावरण में सकारात्मकता फैलाता है. इस झंडे को हर दिन बदला जाता है, लेकिन यह काम कोई साधारण नहीं है, बल्कि भगवान के प्रति भक्ति और विश्वास का प्रतीक माना जाता है. हर शाम लगभग सूर्यास्त के समय पुराना झंडा उतारकर नया त्रिकोणीय झंडा लगाया जाता है. सर्दियों में यह काम करीब 5 बजे और गर्मियों में 6 बजे के आसपास किया जाता है. ऐसा भी है कि अगर किसी दिन झंडा नहीं बदला गया, तो मंदिर 18 सालों तक बंद हो सकता है. इसलिए चाहे बारिश हो या तूफान, यह परंपरा एक दिन के लिए भी नहीं रुकती. झंडा बदलने का यह कार्य एक विशेष परिवार, जिसे चुनरा सेवक या चोला परिवार कहा जाता है, के हाथों से ही होता है. इस परिवार के लोग लगभग पिछले 800 सालों से यह पवित्र जिम्मेदारी निभा रहे हैं. सबसे हैरानी की बात यह है कि वे बिना किसी सुरक्षा उपकरण के 214 फुट ऊंचे मंदिर के शिखर पर चढ़ते हैं और वहां झंडा बदलते हैं. कहा जाता है कि आज तक इस परिवार के किसी भी सदस्य को इस काम के दौरान कोई चोट नहीं लगी. पुराने झंडे को नकारात्मक ऊर्जा को सोखने वाला माना जाता है, इसलिए हर दिन नया झंडा लगाकर भगवान जगन्नाथ के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है. यह झंडा केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है. जगन्नाथ मंदिर का यह रहस्य भले ही विज्ञान से परे हो, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए यह भगवान की शक्ति और कृपा का जीवंत प्रमाण है.

4 नवम्बर 2025 राशिफल: मकर राशि के लिए दिन रहेगा खास, बाकी राशियों पर कैसा रहेगा असर

मेष: 4 नवंबर के दिन आपका पार्टनर सुख-दुःख, दोनों में आपके साथ रहेगा। ऑफिस में अपनी मेहनत का परिचय दें। आर्थिक रूप से आज आप अच्छे रहेंगे। सेहत भी पॉजिटिव रहेगी। ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के आपके प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। धन मिलने का भी योग है। आप ट्रैवल कर सकते हैं। वृषभ: 4 नवंबर के दिन अपने प्रेम जीवन में मधुरता बनाए रखने पर ध्यान दें। आज प्रोफेशनल जीवन में स्टेबिलिटी बनी रहेगी। आपको बातचीत के मामले में अधिक रुचि दिखाने की जरूरत है। कोई बड़ी आर्थिक समस्या आपको परेशान नहीं करेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेमी की पसंद के प्रति सेंसिटिव रहें। मिथुन: 4 नवंबर के दिन प्रेम जीवन में शानदार पलों की तलाश करें। दफ्तर को रचनात्मक और उत्पादक बनाएं। अपने दोस्तों के साथ आर्थिक मसले सुलझाएं। ज्यादा बचत करने पर विचार करें। आज तेल युक्त भोजन से बचें और खूब पानी पिएं। कर्क: 4 नवंबर के दिन साथ समय बिताते हुए अपने पार्टनर को नाराज न करें। ऑफिस में होने वाली समस्याओं को लेकर भी आपको सतर्क रहना चाहिए। आर्थिक समस्याएं हो सकती हैं। आज बेफिजूल में खर्च करने से बचें। आपका स्वास्थ्य नॉर्मल रहेगा। सिंह: 4 नवंबर के दिन अपने प्रेम जीवन में अनबन दूर करें और साथ में ज़्यादा समय बिताएं। ऑफिस में आने वाली समस्याओं को समझदारी से सॉल्व करें। आर्थिक फैसलों में सावधानी बरतें। सेहत और फिटनेस पर गौर करें। कन्या: 4 नवंबर के दिन दयालु बने रहें और जो आपके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है, उसकी ओर लगातार कदम बढ़ाएं। बातचीत के माध्यम से लव लाइफ को मजबूत बनाए रखें। काम पर चुनौतियों पर विचार करें। तुला: 4 नवंबर के दिन प्रेम-संबंधी हर मुद्दे को बेहद सावधानी से संभालें। दफ्तर में नई चुनौतियां आपकी सिचूऐशन को मजबूत करेंगी। निवेश से जुड़ी दिक्कतें आ सकती हैं। आज हेल्थ नॉर्मल रहेगी। वृश्चिक: 4 नवंबर के दिन ध्यान केंद्रित करें, कार्यों की लिस्ट बनाएं। हर दिन लिए गए छोटे-छोटे विकल्पों से प्रगति होती है। आज आपको ऐसे आसान उपाय मिलेंगे, जो छोटे-छोटे दरवाजे खोल सकते हैं। खुद पर भरोसा रखें। धनु: 4 नवंबर के दिन तनाव पर फोकस करें। मेडिटेशन करें। एक मजबूत प्रेम संबंध बनाएं, जहांआप दोनों एक साथ ज्यादा समय बिताएं। पेशेवर चुनौतियों का समाधान करें। आज स्वास्थ्य और धन दोनों आपके साथ रहेंगे। मकर: 4 नवंबर के दिन स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। नए प्रेम संबंध को अपना सकते हैं। प्रोफेशनल चुनौतियों से उबरें। आर्थिक रूप से आप अच्छी स्तिथि में रहेंगे। हेल्दी रहने के लिए आप एक सुरक्षित लाइफस्टाइल पसंद करते हैं। कुंभ: 4 नवंबर के दिन धन को मैनेज सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। नौकरी में जोखिम उठाने से बचें और अपने प्रेमी/प्रेमिका के साथ मधुर संबंध बनाए रखें। सुरक्षित वित्तीय निर्णय लें। मीन: 4 नवंबर के दिन एक शांत और केंद्रित रवैया आपको अवसरों को पहचानने में मदद करता है। छोटे-छोटे एफर्ट्स अब अपना असर दिखाएंगे। अपने साथ नरमी से पेश आएं। क्लियर एक्शन प्लान बनाएं।

सोम प्रदोष व्रत पर भूलकर भी न करें ये गलती, करें ये पाठ और पाएं सुख-समृद्धि!

आज प्रदोष व्रत है. प्रदोष व्रत हर माह में दो बार शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है. आज सोमवार है. ऐसे में ये सोम प्रदोष व्रत है. ये कार्तिक माह का अंतिम प्रदोष व्रत है. ये दिन भगवान शिव को समर्पित है. आज शुभ अवसर पर देवों के देव महादेव और मां पार्वती का प्रदोष काल में पूजन किया जाएगा. प्रदोष व्रत और पूजन से सारे मनोरथ पूर्ण होते हैं. सनातन शास्त्रों में बताया गया है कि अगर शिव जी का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया जाए तो वो जल्द प्रसन्न होते हैं. भगवान शिव की पूजा के समय जलाभिषेक के लिए पंडितों और विद्वानों की ओर से कहा जाता है. महादेव की पूजा के समय जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से शारीरिक और मानसिक समस्याएं दूर होती हैं. जीवन के कष्टों और आर्थिक तंगी या कर्ज मुक्ति के लिए सोम प्रदोष व्रत के दिन पूजा के समय भगवान शिव का अभिषेक करते समय दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र और श्री लिङ्गाष्टकम् का पाठ जरूर करना चाहिए. श्री लिङ्गाष्टकम् ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गंनिर्मलभासितशोभितलिङ्गम्। जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गंतत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहम्करुणाकर लिङ्गम्। रावणदर्पविनाशनलिङ्गंतत् प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्॥ सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गंबुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्। सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गंतत् प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्॥ कनकमहामणिभूषितलिङ्गंफणिपतिवेष्टित शोभित लिङ्गम्। दक्षसुयज्ञविनाशन लिङ्गंतत् प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्॥ कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गंपङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम्। सञ्चितपापविनाशनलिङ्गंतत् प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्॥ देवगणार्चित सेवितलिङ्गंभावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्। दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गंतत् प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्॥ अष्टदलोपरिवेष्टितलिङ्गंसर्वसमुद्भवकारणलिङ्गम्। अष्टदरिद्रविनाशनलिङ्गंतत् प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्॥ सुरगुरुसुरवरपूजित लिङ्गंसुरवनपुष्प सदार्चित लिङ्गम्। परात्परं परमात्मक लिङ्गंतत् प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्॥ लिङ्गाष्टकमिदं पुण्यं यःपठेत् शिवसन्निधौ। शिवलोकमवाप्नोतिशिवेन सह मोदते॥ दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र विश्वेश्वराय नरकार्णवतारणाय कर्णामृताय शशिशेखरधारणाय । कर्पूरकान्तिधवलाय जटाधराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥ गौरीप्रियाय रजनीशकलाधराय कालान्तकाय भुजगाधिपकङ्कणाय । गङ्गाधराय गजराजविमर्दनाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥ भक्तप्रियाय भवरोगभयापहाय उग्राय दुर्गभवसागरतारणाय । ज्योतिर्मयाय गुणनामसुकृत्यकाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥ चर्मांबराय शवभस्मविलेपनाय भालेक्षणाय मणिकुण्डलमण्डिताय । मंजीरपादयुगलाय जटाधराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥ पञ्चाननाय फणिराजविभूषणाय हेमांशुकाय भुवनत्रय मण्डिताय । आनन्दभूमिवरदाय तमोमयाय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥ गौरीविलासभवनाय महेश्वराय पञ्चाननाय शरणागतकल्पकाय । शर्वाय सर्वजगतामधिपाय तस्मै दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥ भानुप्रियाय भवसागरतारणाय कालान्तकाय कमलासनपूजिताय । नेत्रत्रयाय शुभलक्षणलक्षिताय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥ रामप्रियाय राघुनाथवरप्रदाय नागप्रियाय नरकार्णवतारणाय । पुण्येषु पुण्यभरिताय सुरार्चिताय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥ मुक्तेश्वराय फलदाय गणेश्वराय गीतप्रियाय वृषभेश्वरवाहनाय । मातङ्गचर्मवसनाय महेश्वराय दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय ॥ वसिष्ठेनकृतं स्तोत्रं सर्व दारिद्र्यनाशनम् । सर्वसंपत्करं शीघ्रं पुत्रपौत्रादिवर्धनम् ॥ सोम प्रदोष की पूजा का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि पर शिव जी की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है. आज सोम प्रदोष व्रत पर प्रदोष काल में पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 05 बजकर 34 मिनट पर शुरू होगा. ये शुभ मुहूर्त 08 बजकर 11 मिनट रहेगा. इस समय में पूजा करने से उसका पूरा फल प्राप्त होगा.

इन वस्तुओं से घर में आती है नकारात्मक ऊर्जा — क्या आपके घर में भी हैं ये?

वास्तु शास्त्र कहता है कि घर भाग्य का आईना होता है। अगर घर में नकारात्मक वस्तुएं होंगी तो जीवन में सुख और सफलता टिक नहीं पाएंगे। इसलिए आज ही अपने घर को देखें और इन चार दोषों को तुरंत दूर करें। याद रखें, स्वच्छ घर ही शुभता का आधार है और सकारात्मक ऊर्जा ही सच्चा सौभाग्य है। वास्तु शास्त्र क्या कहता है? वास्तु शास्त्र सिर्फ दिशा ज्ञान नहीं है, बल्कि यह आपके घर की ऊर्जा का विज्ञान है। घर में रखी हर वस्तु चाहे वह सजावट का सामान हो या पुराना कचरा आपके जीवन पर सीधा प्रभाव डालती है। अगर कुछ चीजें वास्तु के अनुसार नहीं हैं, तो वे समृद्धि, शांति और भाग्य को नष्ट कर सकती हैं। ऐसी वस्तुएं घर में नकारात्मक ऊर्जा  बढ़ाती हैं और जीवन में रुकावटें, बीमारी और असफलता लाती हैं। छत पर रखा कूड़ा-करकट बहुत से लोग पुराने या टूटे सामान को छत पर रख देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार यह सबसे बड़ा वास्तु दोष है। छत पर रखा कचरा सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है, जिससे घर में तनाव, आर्थिक संकट और मानसिक अस्थिरता बढ़ती है। घर की छत हमेशा साफ-सुथरी और हल्की रखनी चाहिए क्योंकि छत ही घर का सिर होती है और अगर सिर पर बोझ है, तो भाग्य रुक जाता है।  बंद पड़ी घड़ी वास्तु के अनुसार घड़ी समय और जीवन की गति का प्रतीक है। अगर आपके घर में बंद या टूटी घड़ी पड़ी है, तो यह जीवन की उन्नति को रोक देती है। ऐसी घड़ियां घर के सदस्यों के कैरियर, व्यापार और रिश्तों में ठहराव लाती हैं। उपाय: बंद घड़ी को तुरंत ठीक करवा लें या घर से बाहर कर दें। हमेशा चलती हुई घड़ी को उत्तर या पूर्व दिशा में रखें। मृत परिजनों के वस्त्र वास्तु और धर्म दोनों के अनुसार, मृत आत्माओं से जुड़ी वस्तुएं घर में नहीं रखनी चाहिए। मृत परिजनों के कपड़े या सामान ऊर्जा के प्रवाह को बाधित करते हैं और अशांति, डर या बीमारियों को आमंत्रित करते हैं। ऐसे कपड़ों को या तो दान कर दें या पवित्र नदी में प्रवाहित करें, ताकि आत्मा को शांति मिले और घर में सौभाग्य बना रहे। जंग लगी लोहे की चीजें वास्तु शास्त्र के अनुसार जंग लगा लोहा दरिद्रता और दुर्भाग्य का प्रतीक है। यह शनि दोष को बढ़ाता है और धन हानि या बाधाएं उत्पन्न करता है। अगर घर में टूटी या जंग लगी लोहे की वस्तुएं हैं जैसे पुराना ताला, टूटा गेट या औजार हैं तो उन्हें तुरंत हटा दें या नष्ट कर दें। स्वच्छ और चमकदार धातुएं ही घर में सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखती हैं। सकारात्मक ऊर्जा के लिए उपाय हर सुबह घर में गौमूत्र या गंगाजल का छिड़काव करें। उत्तर-पूर्व दिशा को साफ और हल्का रखें, वहीं से सुख-शांति का प्रवेश होता है। शाम के समय दीपक और कपूर जलाएं, इससे नकारात्मकता तुरंत समाप्त होती है। घर में तुलसी का पौधा उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं, यह धन और स्वास्थ्य दोनों लाता है।

पाताल लोक या प्रकृति का चमत्कार? जानिए श्याम कुंड के पानी की अनोखी कहानी

हारे का सहारा कहलाने वाले बाबा खाटू श्याम को कलियुग का देवता माना जाता है. राजस्थान में स्थित खाटू जी का मंदिर बेहद प्रसिद्ध हैं, जहां दूर-दूर से भक्त दर्शन करने आते हैं. 1 नवंबर को खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है और इस शुभ अवसर पर सीकर में बड़ी धूम देखने को मिलती है. इस मौके पर भारी संख्या में भक्त बाबा के दर्शन करने के लिए खाटू श्याम मंदिर जाते हैं. लेकिन कहते हैं कि बिना श्याम कुंड में स्नान किए, खाटू बाबा के दर्शन अधूरे माने जाते हैं. चलिए आपको इस लेख में इस श्याम कुंड का रहस्य बताते हैं. खाटू श्याम के श्याम कुंड का रहस्य खाटू श्याम मंदिर के पास स्थित पवित्र कुंड है, जिसको लेकर बहुत सी मान्यताएं प्रचलित हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यही वह स्थान है जहां से महाभारत काल में बर्बरीक यानी बाबा श्याम का शीश प्रकट हुआ था. इस कुंड में भक्त स्नान करते हैं और खाटू जी की पूजा करते हैं. पौराणिक मान्यता है कि इस श्याम कुंड में स्नान करने से भक्तों को पुण्य मिलता है, पापों से मुक्ति मिलती है और संतान सुख की प्राप्ति होती है. श्याम कुंड की मान्यताएं शीश दान की भूमि: ऐसा माना जाता है कि इसी स्थान पर बर्बरीक ने कृष्ण की मांग पर अपना शीश दान कर दिया था, जिसके कारण उन्हें ‘शीश के दानी’ के रूप में जाना जाता है. अखंड जल स्रोत:- कहते हैं कि कुंड का पानी कभी खत्म नहीं होता, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह पाताल लोक से आ रहा है. शीश का प्रकटीकरण: श्याम कुंड वही जगह है जहां बर्बरीक का शीश प्रकट हुआ था, जिससे कुंड का नाम “श्याम कुंड” पड़ा. चमत्कारी स्नान: भक्तों का मानना है कि कुंड में स्नान करने से सभी प्रकार के पाप और रोग दूर हो जाते हैं. संतान सुख: कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इस कुंड में स्नान करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है. घर ले जाने योग्य जल: यहां आने वाले भक्त कुंड का जल बोतलों में भरकर अपने घर ले जाते हैं, क्योंकि कहते हैं कि इसे घर में छिड़कने से बुरी शक्तियां दूर होती हैं. कैसे प्रकट हुआ शीश? पौराणिक मान्यता के अनुसार, श्याम कुंड पहले एक प्राचीन खेत था जहां एक गाय रोजाना अपना दूध देने आती थी. जब लोगों ने इसकी खुदाई शुरू की, तो उन्हें 30 फीट नीचे बर्बरीक का शीश मिला. तभी से इस कुंड में स्नान करना बहुत पुण्यदायी माना गया है.

आज का राशिफल : सिंह और तुला राशि के लिए शुभ संकेत, जानें सभी राशियों का भविष्यफल

मेष  आज का दिन आपके लिए मान-सम्मान में वृद्धि लेकर आने वाला है। आपको बिजनेस में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। दान पुण्य के कार्यों में आपकी काफी रुचि रहेगी। जीवनसाथी का सहयोग और सानिध्य आपको भरपूर मात्रा में मिलेगा। आपको अपने बेवजह के कामों को लेकर कुछ टेंशन हो सकती है। आपने यदि ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से कोई लेनदेन किया, तो उससे आपका कोई नुकसान होने की संभावना है। वृषभ  आज आपको काम को लेकर टेंशन बनी रहेगी। आपकी किसी मित्र से भी खटपट हो सकती हैं। संतान के करियर को लेकर आप उन्हें कहीं बाहर भेज सकते हैं। कारोबार में आपको एक नई गति मिलेगी। आप अपने अनुभवों से काम करेंगे, तो आपको अच्छी सफलता हासिल होगी। घूमने-फिरने के दौरान आपको कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। आपके पिताजी की सेहत में उतार-चढ़ाव रहने से आप परेशान रहेंगे। मिथुन  आज का दिन आपके लिए स्वास्थ्य के लिहाज से कमजोर रहने वाला है। आपका कोई बनते-बनते काम अटक सकता है। माता जी से कुछ पारिवारिक मामलों को लेकर बातचीत कर लें, नहीं तो कोई भयंकर लड़ाई झगड़ा हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आप पर उच्च अधिकारियों की कृपा बनी रहेगी। आपका किसी पुरानी गलती से पर्दा उठ सकता है। आपको अपनी इन्कम को बढ़ाने के सोर्सो पर ध्यान दें। कर्क आज का दिन आपके लिए बढ़िया रहने वाला है। आपको किसी नए पद की प्राप्ति होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा और आपका कोई सरकारी काम यदि लंबे समय से अटका हुआ था, तो वह भी पूरा हो सकता है। आप कहीं धार्मिक यात्रा पर जाने की तैयारी कर सकते हैं। आपकी मन को आज सुकून मिलेगा, क्योंकि जीवनसाथी भी आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। आपके परिवार में पद प्रतिष्ठा बढ़ने से आज खुशी होगी। जल्दबाजी में आपसे कोई गड़बड़ी हो सकती है। सिंह राशि आज का दिन आपके लिए जिम्मेदारी से काम करने के लिए रहेगा। आप अपने लंबे समय से रुके हुए कामों को पूरा करेंगे और संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। आपका कोई विरोधी आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है। प्रेम जीवन जी रहे लोगों को अपने साथी के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। राजनीति में कार्यरत लोग किसी नए पद को पाकर काफी खुश होंगे। कन्या  आज का दिन आपके लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आपके शत्रु में प्रबल रहेंगे, लेकिन वह आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। प्रेम जीवन में चल रही समस्याओं से आपको छुटकारा मिलेगा। मन में प्रसन्नता बनी रहेगी। विद्यार्थियों ने यदि किसी परीक्षा में भाग लिया था, तो उसके परिणाम आ सकते हैं। आपको वरिष्ठ सदस्यों का पूरा सहयोग मिलेगा। आपकी एक साथ कई काम हाथ लगने से व्याकाग्रता बढ़ेगी। तुला  आज का दिन आपके लिए इनकम को बढ़ाने वाला रहेगा। आपको अपनी वाणी की सौम्यता को बनाए रखना होगा। नौकरी मे आपको कुछ समस्या चल रही थी, तो आप उसे दूर करने की कोशिश करेंगे। आपको कोई जिम्मेदारी भरा काम मिलने से आप उसको लेकर लापरवाही ना दिखाएंगे। आपके पिताजी का कोई पुराना रोग उभर सकता है, जो आपकी टेंशन को बढ़ाएगा। वृश्चिक  आज आपकी यश और कीर्ति बढ़ेगी। नौकरी में कार्यरत लोगों को अपने वाणी पर संयम रखना होगा। आपको आपका रुका हुआ धन मिलने से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन आप अपने कामों को लेकर ढील बिल्कुल ना दें।  आपका समय मौज-मस्ती में बीतेगा। आपके बॉस से आपकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो सकती है। आपको किसी दूसरे के मामले में बेवजह बोलने से बचना होगा। धनु  आज आपको अपने बढ़ते खर्च पर कंट्रोल करने की आवश्यकता है। आपका धन यदि कहीं फंसा हुआ था, तो  वह भी आपको मिल सकता है। परिवार में यदि प्रॉपर्टी को लेकर कोई मतभेद उत्पन्न हो, तो आप उसमें किसी अजनबी से कोई सलाह मशवरा ना करें। आपको अपने खर्चों को लेकर बजट बनाकर चलना होगा। व्यापार के सिलसिले में आपको यात्राएं भी करनी पड़ेगी। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी हो सकती है। मकर  आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, जो विद्यार्थी किसी प्रतियोगिता की तैयारी में लगे हैं, उन्हें अपने कामों पर पूरा ध्यान देना होगा। वाहन की अकस्मात खराबी के कारण आपका खर्चा बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपको टीमवर्क के जरिए काम करने का मौका मिलेगा। आप किसी धार्मिक स्थान पर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं। आपको अपने किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मिलकर खुशी होगी। कुंभ  आज का दिन आपके लिए किसी नई संपत्ति की प्राप्ति के लिए रहेगा। आपको आर्थिक लेनदेन मे सावधानी बरतनी होगी। आप अपने जरूरी कागजातों पर पूरा ध्यान दें। घर परिवार में सदस्यों का आपको पूरा सपोर्ट मिलेगा। परिवार में किसी नए मेहमान का आगमन हो सकता है। विद्यार्थी शिक्षा में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। आपकी कुछ नया करने की इच्छा जागृत हो सकती है। मीन आज का दिन आपके लिए एक के बाद एक खुशखबरी लेकर आने वाला है।  आपको अपनी बुद्धि से लिए गए निर्णय से फायदा होगा। आप किसी अजनबी पर भरोसा ना करें। माता-पिता का आशीर्वाद से आपका रुका हुआ काम होगा पूरा होगा। बिजनेस कर रहे लोगों के लिए दिन लाभदायक रहने वाला है। आपकी सेहत में कुछ उतार-चढ़ाव रहने से आपका मन परेशान रहेगा। दांपत्य जीवन में खुशियां रहेगी। आप कहीं घूमने-फिरने की प्लानिंग कर सकते हैं।

सोम प्रदोष व्रत 2025 नवंबर: भगवान शिव की कृपा पाने का सर्वोत्तम दिन – शुभ समय व विधि सहित

पंचांग में त्रयोदशी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करने से हर तरह के दोष दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. जब यह तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तब इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है. नवंबर महीने का पहला सोम प्रदोष व्रत इस बार 3 नवंबर 2025, सोमवार को पड़ रहा है. आइए जानते हैं इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व के बारे में. सोम प्रदोष व्रत कब है?     सोम प्रदोष व्रत तिथि: 03 नवंबर 2025, सोमवार     कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 03 नवंबर 2025, सुबह 5 बजकर 7 मिनट पर     कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी तिथि समाप्त: 04 नवंबर 2025, रात 02 बजकर 5 मिनट पर चूंकि प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल (शाम का समय) में की जाती है और त्रयोदशी तिथि 03 नवंबर को प्रदोष काल में भी रहेगी, इसलिए सोम प्रदोष व्रत 03 नवंबर 2025 को रखा जाएगा. प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा सूर्यास्त के बाद और रात्रि से पहले की जाती है, जिसे प्रदोष काल कहा जाता है. इस काल में पूजा करना ही सर्वोत्तम फल देता है. प्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5 बजकर 34 मिनट से रात 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. कुल अवधि: 2 घंटे 36 मिनट सोम प्रदोष व्रत की पूजा विधि व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए व्रत का संकल्प लें. दिनभर मन ही मन शिव जी का स्मरण करें. प्रदोष काल आरंभ होने से पहले एक बार फिर स्नान करें. पूजा के लिए एक साफ जगह पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें या शिवलिंग को रखें. फिर सबसे पहले शिवलिंग का गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करें. शिव जी को चंदन का लेप लगाएं, बेलपत्र, भांग, धतूरा, आक के फूल और शमी पत्र अर्पित करें. माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें. भोग में मौसमी फल, मिठाई और खीर चढ़ाएं. आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें. इसके बाद सोम प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें. सबसे आखिर में शिव जी और माता पार्वती की आरती करें. पूजा समाप्त होने के बाद भोग को प्रसाद के रूप में वितरित करें. सोम प्रदोष व्रत का महत्व रोग मुक्ति और चंद्र दोष निवारण: सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्र देव दोनों को समर्पित है. सोम प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है और सेहत अच्छी बनी रहती है. यह व्रत लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए विशेष फलदायी है.     मनोकामना पूर्ति: इस दिन सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से भगवान शिव और माता पार्वती शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.     सुख-शांति और वैवाहिक जीवन: इस व्रत को करने से घर में सुख-शांति आती है और वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है. अविवाहित लड़कियां मनचाहा वर पाने के लिए भी यह व्रत रखती हैं.  

देव दिवाली कब है 2025 में — 4 या 5 नवंबर? जानें सटीक तारीख और पूजा का शुभ समय

कार्तिक पूर्णिमा के दिन काशी नगरी यानी बनारस में देव दीपावली का भव्य पर्व मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन देवता खुद पृथ्वी पर उतरते हैं और गंगा मां की आरती करते हैं. इस दौरान गंगा तटों पर लाखों दीपों की रोशनी से पूरा बनारस भव्य दिखाई देता है.देव दीपावली केवल दीपों का त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय और अहंकार पर भक्ति की जीत का प्रतीक है. यह पर्व हमें सिखाता है कि जब जीवन में श्रद्धा और सेवा का दीप जलता है तभी सच्चा प्रकाश पर्व होता है. द्रिक पंचाग के मुताबिक, देव दीपावली को देव दिवाली भी कहा जाता है. यह पर्व भगवान शिव की त्रिपुरासुर नामक दैत्य पर विजय को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है. इसलिए देव दीपावली उत्सव को त्रिपुरोत्सव अथवा त्रिपुरारी पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है, जो कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मनाई जाती है. वहीं, देव दिवाली मनाने को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है क्योंकि पूर्णिमा तिथि 4 नवंबर से शुरू हो रही है. द्रिक पंचाग के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 4 नवंबर को रात 10:36 बजे से हो रही है और समापन 5 नवंबर को शाम 6:48 बजे हो रहा है, ऐसे में देव दीवाली 5 नवंबर को मनाई जाएगी. देव दिवाली मनाने का शुभ मुहूर्त शाम पांच बजे से 7:50 बजे तक है, यानी 2 घंटे 35 मिनट का समय मिलेगा, जिसमें त्योहार को शुभ घड़ी में मनाया जा सकता है. गंगा स्नान और दान से मिलता है सौ गुना फल देव दिवाली पर भक्त कार्तिक पूर्णिमा के शुभ दिन गंगा में पवित्र डुबकी लगाते हैं और शाम के समय मिट्टी के दीप प्रज्ज्वलित करते हैं. शाम के समय गंगा के तट लाखों मिट्टी के दीयों से जगमगा उठते हैं. यही नहीं, बनारस में गंगा घाट के अलावा सभी मंदिरों में भी देव दिवाली मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है. इस दिन किया गया गंगा स्नान और दान सौ गुना फलदाई होता है. जो व्यक्ति इस दिन गंगा में दीप प्रवाहित करता है, उसे समस्त पापों से मुक्ति मिलती है.  

2 नवम्बर 2025 का दैनिक राशिफल: मकर राशि को मिलेगा लाभ, अन्य राशियों की भविष्यवाणी

मेष: आज का दिन हल्की-फुल्की भागदौड़ वाला रहेगा। सुबह से ही कुछ काम एक साथ सामने आ सकते हैं। दफ्तर या कारोबार में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। अगर किसी मीटिंग या बातचीत में हिस्सा लेना है तो आप अपनी बात मजबूती से रख पाएंगे। परिवार में किसी पुराने मुद्दे पर चर्चा होगी, लेकिन हालात संभल जाएंगे। आर्थिक मोर्चे पर स्थिति ठीक रहेगी, बस खर्चों पर थोड़ा संयम रखें। शाम को मन थोड़ा शांत रहेगा। अगर कहीं बाहर जाने का प्लान है तो समय अच्छा है। दिन की भागदौड़ के बावजूद संतोष रहेगा कि चीजें दिशा में जा रही हैं। वृषभ: आपके लिए दिन सकारात्मक रहने वाला है। सुबह का समय थोड़ा व्यस्त रहेगा, लेकिन दोपहर के बाद राहत महसूस होगी। कामकाज में आपकी मेहनत रंग लाएगी और किसी वरिष्ठ व्यक्ति की ओर से सराहना भी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति सुधरने के संकेत हैं। पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा, जीवनसाथी के साथ समय अच्छा गुजरेगा। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। यात्रा या छोटी आउटिंग का योग भी बन सकता है। सेहत के लिहाज से कोई बड़ी परेशानी नहीं दिखती। कुल मिलाकर आज का दिन स्थिर और सुकून भरा रहेगा। मिथुन: आज आपके भीतर ऊर्जा ज्यादा रहेगी। नए काम की शुरुआत के लिए दिन ठीक है। जो लोग मीडिया, शिक्षा या लेखन जैसे क्षेत्र में हैं, उन्हें अच्छे मौके मिल सकते हैं। दिमाग में कई नए विचार आएंगे, लेकिन किसी एक पर टिके रहना मुश्किल हो सकता है। घर में माहौल ठीक रहेगा, लेकिन किसी करीबी के साथ हल्का मतभेद हो सकता है। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए ज़रूरत से ज्यादा दिखावे से बचें। सेहत में पेट या नींद से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। दिन सक्रिय रहेगा लेकिन थोड़ा असंतुलन महसूस होगा। कर्क: आपका ध्यान आज परिवार और व्यक्तिगत जीवन पर रहेगा। किसी पुराने विवाद का समाधान संभव है। दफ्तर में काम थोड़ा धीमा रहेगा, लेकिन सहयोगियों का सपोर्ट मिलेगा। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। किसी पुरानी योजना से अब फायदा मिल सकता है। मानसिक रूप से थोड़ी बेचैनी रह सकती है, लेकिन शाम तक मूड बेहतर होगा। घर में किसी बुजुर्ग का सहयोग या सलाह उपयोगी साबित होगी। यात्रा टाल दें तो बेहतर है। कुल मिलाकर दिन संभलकर चलने वाला है। सिंह: दिन उत्साह से भरा रहेगा। कामकाज में प्रगति के संकेत हैं। किसी पुराने अटके काम में गति आएगी। अगर आप किसी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं तो आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। परिवार में सम्मान बढ़ेगा, और किसी नए अवसर की शुरुआत हो सकती है। आर्थिक रूप से भी स्थिति मजबूत बनेगी। सेहत अच्छी रहेगी, बस ओवरकॉन्फिडेंस से बचें। प्रेम जीवन में मिठास बनी रहेगी। आज का दिन आगे बढ़ने और खुद पर भरोसा बढ़ाने वाला है। कन्या: आपके लिए आज का दिन मेहनत और व्यावहारिकता से भरा रहेगा। कार्यस्थल पर कुछ नई जिम्मेदारियां मिलेंगी, जिन्हें आप बखूबी निभा लेंगे। आर्थिक पक्ष स्थिर रहेगा। घर-परिवार में माहौल शांत रहेगा, लेकिन किसी सदस्य की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है। जो लोग पार्टनरशिप में काम करते हैं, उन्हें फायदा होगा। शाम को मन हल्का रहेगा। सेहत में मामूली थकावट या नींद की कमी महसूस हो सकती है। दिन पूरी तरह कामकाजी रहेगा लेकिन संतोष रहेगा। तुला: आपके लिए दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। दफ्तर में काम की गति धीमी रहेगी या किसी चीज का दबाव महसूस होगा। आर्थिक मामलों में सतर्क रहना ज़रूरी है, खर्च अनावश्यक बढ़ सकते हैं। घर में किसी बात को लेकर असहमति हो सकती है, लेकिन शाम तक हालात सुधर जाएंगे। सेहत को लेकर सतर्क रहें, खासकर खानपान पर। कोई पुरानी योजना फिलहाल टाल दें। हालांकि आपके विचार साफ हैं और मेहनत जारी रखेंगे, तो परिणाम अगले कुछ दिनों में दिखेंगे। वृश्चिक: आज आपका ध्यान व्यक्तिगत रिश्तों और सहयोगियों पर रहेगा। किसी पुराने साथी से मदद मिल सकती है। काम में तेजी आएगी, लेकिन थोड़ा दबाव भी महसूस हो सकता है। आर्थिक मामलों में स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार के साथ छोटी खुशी साझा करने का मौका मिलेगा। सेहत में सुधार दिखेगा। किसी पुराने दोस्त का फोन या मुलाकात दिन को हल्का बना देगा। कुल मिलाकर दिन सकारात्मक रहेगा, बस लय बनाए रखें। धनु: आज आपको मेहनत के अच्छे परिणाम मिलेंगे। जो लोग नौकरी में हैं, उनके लिए पद या प्रतिष्ठा बढ़ने के योग हैं। व्यापारियों को भी नया अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होती दिख रही है। परिवार में सामंजस्य रहेगा। पुराने रिश्तों में गर्माहट लौट सकती है। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, पर रूटीन पर ध्यान दें। किसी दोस्त से मुलाकात या कॉल मूड बेहतर कर देगा। दिन उपलब्धियों वाला रहेगा। मकर: आज का दिन भाग्यशाली साबित हो सकता है। किसी पुराने रुके हुए काम में प्रगति दिखेगी। ऑफिस में सीनियर्स आपकी मेहनत को नोटिस करेंगे। आर्थिक लाभ की संभावना है। परिवार में शांति और सहयोग रहेगा। किसी यात्रा का योग भी बन सकता है। अगर प्रेम जीवन में कुछ उलझनें थीं, तो आज सुलझने के संकेत हैं। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, आत्मविश्वास बढ़ेगा। दिन कुल मिलाकर सफलता और संतुलन से भरा रहेगा। कुंभ: आपका ध्यान आज भविष्य की योजनाओं पर रहेगा। किसी नई जिम्मेदारी को लेकर सोच-विचार करेंगे। यात्रा का योग बन रहा है। दफ्तर या बिजनेस में थोड़ी व्यस्तता रहेगी, लेकिन काम पूरे होंगे। आर्थिक मामलों में स्थिरता आएगी। घर में किसी जरूरी विषय पर बातचीत होगी। शाम के समय कुछ राहत मिलेगी। सेहत में मामूली थकान रह सकती है। कुल मिलाकर दिन सामान्य, पर सोचने-विचारने वाला रहेगा। मीन: आज आपके लिए दिन योजनाओं और रचनात्मकता वाला रहेगा। किसी काम की शुरुआत करने का मन बनेगा। दफ्तर में आपकी राय को महत्व मिलेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। घर-परिवार में सामंजस्य रहेगा। किसी पुराने रिश्ते में फिर से बात शुरू हो सकती है। सेहत सामान्य है। शाम का समय मनचाहा बीतेगा। कुल मिलाकर दिन आसान और सुखद रहेगा।

तुलसी विवाह कब है? देखें 2025 की सटीक तिथि, शुभ समय और विधि-विधान

सनातन धर्म में तुलसी विवाह का पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन माता तुलसी का विवाह भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप के साथ पूरे विधि-विधान से कराया जाता है. तुलसी विवाह के साथ ही चार महीने से चला आ रहा चातुर्मास समाप्त हो जाता है और विवाह, मुंडन जैसे सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है. इस वर्ष तुलसी विवाह की तिथि को लेकर कुछ लोगों में दुविधा है कि यह 2 नवंबर को है या 3 नवंबर को. आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार इसकी सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा की सरल विधि. तुलसी विवाह 2025: सही तिथि और शुभ मुहूर्त     पंचांग के अनुसार, तुलसी विवाह हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को होता है.     कार्तिक शुक्ल द्वादशी तिथि का प्रारंभ : 2 नवंबर 2025, रविवार को सुबह 7 बजकर 31 मिनट से होगा.     कार्तिक शुक्ल द्वादशी तिथि का समापन : 3 नवंबर 2025, सोमवार को सुबह 5 बजकर 7 मिनट पर होगा. इसलिए तुलसी विवाह की तिथि 2 नवंबर 2025, रविवार को पड़ रही है. कारण: चूंकि द्वादशी तिथि का सूर्योदय 2 नवंबर को हो रहा है और उदया तिथि में ही यह व्रत और पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है, इसलिए तुलसी विवाह का पर्व इसी दिन मनाया जाएगा. तुलसी विवाह की पूजा विधि तुलसी विवाह की पूजा शाम के समय की जाती है और इसमें सभी रस्में किसी सामान्य विवाह की तरह ही निभाई जाती हैं. मंडप की तैयारी: सबसे पहले घर के आंगन, बालकनी या पूजा स्थल पर तुलसी के पौधे को स्थापित करें. तुलसी के गमले को गेरू और चूने से सजाएं. पौधे के चारों ओर सुंदर रंगोली बनाकर गन्ने या किसी अन्य सामग्री से एक छोटा मंडप सजाएं. तुलसी और शालिग्राम का श्रृंगार: तुलसी माता को लाल चुनरी, चूड़ी, साड़ी और सभी श्रृंगार सामग्री (जैसे बिंदी, मेहंदी, काजल आदि) अर्पित करें. भगवान शालिग्राम (जो भगवान विष्णु का विग्रह रूप हैं) को तुलसी के गमले के दाहिनी ओर विराजमान करें. स्नान और तिलक: तुलसी माता और शालिग्राम भगवान दोनों को गंगाजल से स्नान कराएं. इसके बाद शालिग्राम जी को चंदन और तुलसी माता को रोली से तिलक लगाएं. ध्यान रहे, शालिग्राम जी पर चावल नहीं चढ़ाए जाते हैं, इसलिए उनकी पूजा में तिल का उपयोग करें. भोग और आरती: पूजा में फूल, मिठाई, गन्ना, सिंघाड़े, मूली और पंचामृत का भोग अर्पित करें. फिर धूप और दीपक जलाकर मंत्रों का उच्चारण करें. विवाह की रस्में: किसी वास्तविक विवाह की तरह ही तुलसी माता और शालिग्राम भगवान के सात फेरे कराए जाते हैं. इस दौरान भगवान शालिग्राम को गमले के चारों ओर घुमाया जाता है. विवाह संपन्न होने के बाद आरती करें और प्रसाद सभी भक्तों में बांटें. तुलसी विवाह का धार्मिक महत्व चातुर्मास के दौरान सभी मांगलिक कार्य जैसे विवाह आदि वर्जित रहते हैं. देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और इसके अगले दिन तुलसी विवाह के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है. मान्यता है कि जो दंपत्ति निःसंतान हैं और तुलसी विवाह के दिन कन्यादान की रस्म निभाते हैं, उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती है. यह भी माना जाता है कि तुलसी विवाह कराने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. तुलसी माता को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और शालिग्राम जी भगवान विष्णु का. इसलिए इस दिन उनका विवाह कराने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है.