samacharsecretary.com

“13 मार्च 2026 राशिफल: जानें आज किस राशि का भाग्य बदलेगा, किसे मिलेगा ध्यान रखने की जरूरत”

मेष मेष राशि वालों के मन में कोई नया और अलग काम करने का विचार आ सकता है। आप तुरंत उसपर काम करना चाहेंगे, लेकिन जल्दबाजी ना करें,बल्कि थोड़ा रुक जाएं। देखें कि जो कदम उठाने जा रहे हैं, वो भविष्य के लिए सही है या नहीं। कामकाज ठीक रहेगा। कोई भी काम ईमानदारी और अनुशासन से करेंगे तो आपको लंबे समय में बेहतर सफलता मिलेगी। अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाना ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा। वृषभ कामकाज के मामले में वृषभ राशि वालों के लिए अच्छा दिन रहेगा। नई शुरुआत कर सकते हैं, लेकिन आपकी पुरानी आदतें आपको रोक सकती हैं। ऐसे में रिलैक्स वाले मूड से बाहर निकलें और कुछ नया करने की ट्राई करें। आर्थिक स्थिति में वृद्धि हो सकती है। आज एक छोटा कदम भी आपको आगे बड़ी सफलता की ओर ले जा सकता है। सेहत का ध्यान रखें। पानी का सेवन खूब कर मिथुन मिथुन राशि वालों की जिम्मेदारी और काम दोनों बढ़ सकती है। हालांकि ज्यादा काम लेने से परेशानी हो सकती है। ऐसे में हर किसी को 'हां' कहने से बचें। एक समय में एक ही काम पर ध्यान दें, इससे काम अच्छा होगा और तनाव भी कम रहेगा। काम के बीच में ब्रेक लेते रहें। हल्की वॉक करें और खानपान का ध्यान रखें। फल और हरी सब्जियों का सेवन करें। कर्क कर्क राशि के जातकों के लिए दिन सामान्य रहेगा। कामकाज में बढ़ोतरी हो सकती है। अचानक से धन की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि आज कोई पुराना सपना या लक्ष्य फिर से याद आ सकता है। उसमें धीरे-धीरे फिर से काम शुरू करें। छोटे कदम उठाने से धीरे-धीरे आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। निवेश करने से पहले पूरी जानकारी हासिल कर लें। सिंह सिंह राशि वाले आज जल्दी परिणाम पाने की इच्छा को थोड़ा रोकें। धैर्य और अनुशासन से काम करेंगे, तो आगे अच्छा फायदा मिलेगा। बड़ी सोच रखें और सही समय का इंतजार करें। सेहत सामान्य रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। कोई भी बात हो, उसे खुलकर कहें। कन्या कन्या राशि वाले हर काम को बिल्कुल परफेक्ट बनाने की चिंता न करें। पहले काम पूरा करें, बाद में सुधार किया जा सकता है। काम को सरल तरीके से करेंगे तो ज्यादा काम कर पाएंगे। आर्थिक स्थिति में वृद्धि हो सकती है। नए प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले उसके बारे में अच्छी तरीके से जान लें। सेहत से कोई लापरवाही ना करें। तुला तुला राशि वालों को साफ और मजबूत फैसला लेना होगा। हर बात में बीच का रास्ता न अपनाएं। आपकी स्पष्ट बात और आत्मविश्वास से लोग आपका सम्मान करेंगे। परिवार से राय लेने में कोई हर्ज नहीं है। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं। धन के मामले में जल्दबाजी ना करें। धनु धनु राशि वाले नई सोच के साथ नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। आप उस काम या पढ़ाई को फिर से शुरू कर सकते हैं, जिसे आपने बीच में ही छोड़ दिया था। खर्चों पर ध्यान दें। थोड़ी-थोड़ी बचत भविष्य में काम काएंगी। कामकाज के मामलों में आपकी तारीफ होगी। शुभ समाचार मिल सकता है। हालांकि सेहत का ध्यान रखें। हल्की वॉक या मेडिटेशन से दिन की शुरुआत अच्छी रहेगी। वृश्चिक वृश्चिक राशि वालों को हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है। कई बार चुप रहकर स्थिति को समझना बेहतर होता है। ध्यान से सुनेंगे तो सही फैसला ले पाएंगे। रिलेशनशिप की बात करें, तो पार्टनर के सामने अपनी बातें खुलकर रखें और उनकी भी सुनें। उन्हें थोड़ा समय दें। इससे रिश्ता और भी मजबूत होता है। सेहत का ध्यान रखें। काम के बीच में ब्रेक लेते रहें, वरना तनाव हो सकता है। रात में मोबाइल देर तर ना चलाएं। मकर मकर राशि वाले जातकों के लिए कुछ अचानक बदलाव हो सकते हैं, इसलिए अपने प्लान में थोड़ा लचीलापन रखें। अगर आप परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालेंगे तो दिन आसानी से निकल जाएगा। कुंभ कुंभ राशि वालों को कुछ चीजें स्पष्ट कर लेना ही उचित है। क्योंकि सिर्फ नए आइडिया सोचने से काम नहीं चलेगा, उन्हें पूरा करना भी जरूरी है। अपने विचारों को काम में बदलने की कोशिश करें। मेहनत से ही अच्छे परिणाम मिलेंगे। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। सेहत का ख्याल रखें। मीन मीन राशि वालों को आज काम से बचने की कोशिश करने से परेशानी बढ़ सकती है। बेहतर है कि अपने जरूरी काम समय पर पूरे कर लें। इससे बाद में आप आराम से अपना समय बिता पाएंगे। शाम में हल्की सैर करें और समय पर खाना खाएं। बाहर के खाने को अवॉइड करें।

पापमोचनी एकादशी व्रत रख रहे हैं? इन गलतियों से रहें सावधान, नहीं मिलेगा पूरा फल

चैत्र का महीना चल रहा है. इस माह में कई व्रत और त्योहार पड़ते हैं. इन्हीं में शामिल है पापमोचनी एकादशी का व्रत. हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाता है. ये व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. साथ ही व्रत किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि पापमोचनी एकदाशी का व्रत करने से जाने अनजाने में किए गए सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. भगवान विष्णु की कृपा से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है, लेकिन अगर इस व्रत के नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो इसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता. यही कारण है इस एकादशी के नियमों का कठोरता से पालन किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पापमोचनी एकादशी के दिन कौन सी गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए? कब है पापमोचनी एकादशी? दृक पंचांग के अनुसार, चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च को सुबह 8 बजकर 10 मिनट से शुरू हो रही है. इस तिथि का समापन 15 मार्च 2026 को सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा. व्रत का पारण 16 मार्च को सुबह 6 बजकर 54 मिनट से लेकर 9 बजकर 18 मिनट के बीच किया जा सकता है. पापमोचनी एकादशी के दिन न करें ये गलतियां चावल खाना: एकादशी के दिन चावल खाना मना है. पौराणिक कथाओं में चावल का संबंध रेंगने वाले जीव से बताया गया है. मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से चंचलता बढ़ती है और व्रत का सात्विक प्रभाव कम होता है. क्रोध और वाद-विवाद: इस दिन किसी पर क्रोध करने, अपशब्द बोलने या किसी की बुराई करने से बचें. ऐसा करने से संचित पुण्य नष्ट हो जाते हैं. तुलसी तोड़ना: एकादशी के दिन तुलसी की पत्तियां तोड़ना वर्जित होता है. ऐसे में पूजा के लिए तुलसी एकादशी के एक दिन पहले तोड़कर रख लें. दिन में सोना: व्रत के दौरान दिन में सोने से बचें. क्योंकि इससे व्रत का प्रभाव कम होता है. इसके बजाय इस समय भगवत गीता का पाठ या मंत्र जाप करें. तामसिक भोजन: पापमोचनी एकादशी के दिन लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन भूलकर भी न करें.

बांस का पौधा लगाने की सही दिशा क्या है? गलत दिशा में लगाया तो फायदे की जगह बढ़ सकती हैं समस्याएं

आजकल हम अपने घरों और ऑफिसों को सुंदर बनाने के लिए तरह-तरह के शो-प्लांट्स लगाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आपके ड्रॉइंग रूम के कोने में रखा वह प्यारा सा बांस का पौधा केवल हरियाली नहीं, बल्कि आपकी तरक्की और सुख-शांति का एक शक्तिशाली स्रोत हो सकता है? वास्तु शास्त्र में इसे नकारात्मक ऊर्जा को सोखने और घर में खुशहाली लाने वाला एक जादुई फिल्टर माना जाता है। क्या होनी चाहिए सही दिशा? वास्तु के अनुसार, बांस के पौधे को रखने की सबसे उत्तम दिशा पूर्व (East) मानी गई है। यह दिशा नई शुरुआत और परिवार में प्रेम का प्रतिनिधित्व करती है। अगर आप अपने करियर या व्यापार में ग्रोथ चाहते हैं, तो इसे उत्तर दिशा (North) में रखना बेहद लाभकारी होता है। वहीं, आर्थिक तंगी दूर करने के लिए दक्षिण-पूर्व दिशामें बांस का पौधा लगाना आपके जीवन में धन के प्रवाह को बढ़ा सकता है। रिश्तों में मिठास और शांति अगर घर में छोटी-छोटी बातों पर तनाव रहता है, तो बांस का पौधा आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। इसे घर के लिविंग रूम या ड्रॉइंग रूम में रखने से परिवार के सदस्यों के बीच सौहार्द और प्रेम बना रहता है। इसकी मौजूदगी मात्र से वातावरण शांत और संतुलित महसूस होने लगता है। भूलकर भी यहां न रखें इस पौधे को लेकर वास्तु शास्त्र कुछ सख्त चेतावनी भी देता है। बांस के पौधे को कभी भी बाथरूम या टॉयलेट के पास नहीं रखना चाहिए। साथ ही, इसे रसोईघर (Kitchen) में रखने से भी परहेज करना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि यहां इसका शुभ प्रभाव खत्म हो जाता है। यह पौधा हमेशा साफ-सुथरी जगह पर होना चाहिए। धूल-मिट्टी या गंदगी वाले स्थान पर रखने से इसके परिणाम नकारात्मक भी हो सकते हैं। सौभाग्य के लिए देखभाल जरूरी बांस के पौधे की जड़ों को बांधने के लिए लाल रंग के धागे या रिबन का उपयोग करना इसके सौभाग्य को और बढ़ा देता है। इसके अलावा, इसके पानी को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए ताकि पौधा ताजा बना रहे। फेंगशुई के अनुसार, यह पौधा जितना स्वस्थ रहेगा, आपकी किस्मत का सितारा उतना ही चमकता रहेगा।  

कहीं आपकी कुंडली में तो नहीं बिगड़ा यह ग्रह? ये लक्षण देते हैं बड़ा संकेत

ज्योतिष शास्त्र में राहु ग्रह को छाया ग्रह माना जाता है. यह ग्रह भ्रम, मायाजाल, अचानक होने वाली घटनाओं और अप्रत्याशित परिस्थितियों से जुड़ा होता है. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु की स्थिति अशुभ या कमजोर हो जाती है, तो जीवन में कई तरह की परेशानियां बढ़ने लगती हैं. ज्योतिषियों के अनुसार राहु का प्रभाव व्यक्ति के मानसिक व्यवहार, निर्णय क्षमता और जीवन की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है. ऐसे में अगर जीवन में कुछ खास संकेत बार-बार दिखाई देने लगें, तो यह समझना चाहिए कि कुंडली में राहु की स्थिति ठीक नहीं है. आइए जानते हैं वे कौन-से संकेत हैं, जो राहु के अशुभ प्रभाव की ओर इशारा करते हैं. बार-बार गलत फैसले लेना अगर किसी व्यक्ति को बार-बार गलत निर्णय लेने की आदत हो जाए या वह जल्दबाजी में ऐसे फैसले लेने लगे, जिनसे नुकसान उठाना पड़े, तो यह राहु के अशुभ प्रभाव का संकेत हो सकता है. राहु भ्रम पैदा करता है, जिससे व्यक्ति सही और गलत में फर्क करने में कठिनाई महसूस करता है. मानसिक भ्रम और अनावश्यक डर राहु के खराब होने पर व्यक्ति के मन में बिना वजह डर, चिंता और अस्थिरता बढ़ सकती है. कई बार व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि कोई दबाव या तनाव लगातार बना हुआ है. मानसिक उलझन और बेचैनी भी राहु के प्रभाव से जुड़ी मानी जाती है. अचानक नुकसान या रुकावटें ज्योतिष के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के काम बार-बार बनते-बनते बिगड़ जाएं, अचानक आर्थिक नुकसान हो जाए या बिना कारण रुकावटें आने लगें, तो यह भी राहु की अशुभ स्थिति का संकेत हो सकता है. राहु अचानक बदलाव और अप्रत्याशित घटनाओं से जुड़ा ग्रह माना जाता है. गलत संगति की ओर झुकाव कुंडली में राहु के खराब होने पर व्यक्ति गलत संगत में पड़ सकता है. नकारात्मक लोगों का साथ, गलत आदतों की ओर झुकाव या ऐसे फैसले जो जीवन को गलत दिशा में ले जाएं, ये सभी संकेत राहु के प्रभाव से जुड़े माने जाते हैं. बार-बार विवाद और तनाव अगर व्यक्ति के जीवन में बिना वजह विवाद बढ़ने लगें, रिश्तों में तनाव रहने लगे या लोग अचानक विरोध करने लगें, तो ज्योतिष में इसे भी राहु के प्रभाव से जोड़ा जाता है. राहु भ्रम और टकराव की स्थितियां पैदा कर सकता है. राहु के अशुभ प्रभाव को कैसे करें कम? ज्योतिष शास्त्र में राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं.     नियमित रूप से राहु मंत्र का जाप करना, जरूरतमंद लोगों को दान देना और जीवन में सकारात्मक सोच अपनाना लाभकारी माना जाता है.     इसके अलावा सात्विक जीवनशैली अपनाना, गलत संगति से बचना और संयमित व्यवहार रखना भी राहु के प्रभाव को संतुलित करने में मददगार माना जाता है.     ज्योतिष के अनुसार जब व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों को सकारात्मक दिशा देता है, तो ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव भी धीरे-धीरे कम होने लगते हैं.  

मन को काबू में कैसे रखें? नित्यानंद चरण दास ने दिया खास संदेश

जीवन में हर इंसान मुश्किल हालातों से गुजरता है। कोई वही परिस्थिति देखकर टूट जाता है, तो कोई उसी स्थिति में आगे बढ़ने का रास्ता खोज लेता है। फर्क हालात में नहीं, बल्कि मन की स्थिति में होता है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, 'जीवन पहले नहीं बदलता, मन बदलता है। और जब मन बदलता है, तो जीवन अपने आप बदलने लगता है।' भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं – ‘मनुष्य को चाहिए कि वह अपने मन के द्वारा स्वयं का उद्धार करे और स्वयं का पतन ना करे। क्योंकि मन ही मनुष्य का मित्र है और मन ही उसका शत्रु।’ यह श्लोक हमें सिखाता है कि हमारा सबसे बड़ा सहारा और सबसे बड़ी चुनौती- दोनों हमारा मन ही है। नित्यानंद चरण दास बताते हैं कि एक ही परिस्थिति दो लोगों के लिए बिल्कुल अलग परिणाम दे सकती है। इसका कारण है- मन का नजरिया।     जब मन कमजोर होता है, तब हर स्थिति समस्या लगती है।     जब मन संतुलित होता है, वही स्थिति चुनौती बन जाती है। कमजोर मन की पहचान जब मन कमजोर होता है, तो व्यक्ति छोटी-छोटी बातों से घबरा जाता है। नकारात्मक सोच हावी रहती है। डर, असुरक्षा और तुलना मन को नियंत्रित करने लगती है। ऐसे में व्यक्ति हालात को दोष देता है- कभी लोगों को, कभी किस्मत को और कभी भगवान को। कमजोर मन समाधान नहीं, सिर्फ शिकायत खोजता है। संतुलित मन की ताकत संतुलित मन हालात से भागता नहीं, बल्कि उन्हें समझता है। ऐसा मन जानता है कि हर चुनौती कुछ सिखाने आई है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, संतुलित मन वाला व्यक्ति यह नहीं पूछता कि 'मेरे साथ ही ऐसा क्यों?', बल्कि यह पूछता है कि 'इससे मुझे क्या सीख मिल सकती है?' यही सोच व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाती है। मन को कैसे बनाएं अपना मित्र?     आत्मनिरीक्षण करें: अपने विचारों को रोज देखें, परखें और सुधारें।     शास्त्रों का अध्ययन: गीता जैसे ग्रंथ मन को दिशा देते हैं।     सकारात्मक संगति: जैसा संग होगा, वैसा ही मन बनेगा।     ध्यान और प्रार्थना: ये मन को शांत और स्थिर बनाते हैं।     स्वीकार करना सीखें: हर चीज आपके नियंत्रण में नहीं होती, यह स्वीकार करना भी शक्ति है। जीवन मंत्र: जीवन की परिस्थितियां अक्सर हमारे बस में नहीं होतीं, लेकिन उन पर हमारी प्रतिक्रिया पूरी तरह हमारे हाथ में होती है। अगर मन कमजोर है, तो जीवन बोझ बन जाता है। और अगर मन संतुलित है, तो वही जीवन साधना बन जाता है। इसलिए जैसा नित्यानंद चरण दास कहते हैं- पहले मन को समझिए, जीवन अपने आप समझ में आने लगेगा।

भाग्य को दूर कर सकती हैं ये बुरी आदतें, समय रहते सुधार लें ये गलतियां

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, हमारे कुछ कार्य हमारे भाग्य को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ छोटे-छोटे काम जो हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, वे धीरे-धीरे घर में दरिद्रता और तनाव को बढ़ा देते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि हम इन कामों की पहनान कर इनसे दूरी बना लें। ताकि जीवन सुख और शांति के साथ बीते। करें इस आदत में सुधार कई लोगों की यह आदत होती है कि वह रात के समय सिंक में जूठे बर्तन छोड़ देते हैं। लेकिन वास्तु की दृष्टि से ऐसा करना बिल्कुल भी ठीक नहीं माना गया। ऐसा करने से मां लक्ष्मी आपके रुष्ट हो सकती हैं, जिससे आपको धन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अपनी इस आदत में जल्द-से-जल्द सुधार कर लें, ताकि आपके परिवार पर धन की बरकत बनी रहे। मुख्य द्वार से जुड़े नियम कई लोग घर के मेन गेट के सामने कूड़ादान या फिर जूते-चप्पल का रैक रख देते हैं। वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार से ही धन की देवी लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। ऐसे में यह जरूरी है कि आप मुख्य द्वार की साफ-सफाई का ध्यान रखें। अगर यहां गंदगी है, तो इससे आपका सौभाग्य, दुर्भाग्य में बदल सकता है। सौभाग्य को आकर्षित करने के लिए आप रोजाना शाम के समय मुख्य द्वार के पास दीपक भी जला सकते हैं। ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी अगर आपके घर में टूटा हुआ शीशा या बंद घड़ी मौजूद है, तो यह भी आपकी प्रगति में रुकावट का काम करती है। इसलिए बंद घड़ी को तुरंत ठीक कराएं या हटा दें और टूटे हुए कांच को घर से बाहर कर दें। वहीं अगर आप तुलसी के पौधे के पास झाड़ू, कूड़ेदान या जूते-चप्पल रखते हैं, तो इससे भी आपको मां लक्ष्मी की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। भूल से भी न करें ये काम हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार संध्या काल में लक्ष्मी जी का आगमन होता है। ऐसे में अगर आप इस समय घर में झाड़ू-पोछा करते हैं, तो इससे घर की बरकत बाहर चली जाती है। साथ ही बिस्तर पर खाना खाने की गलती भी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से राहु दोष बढ़ता है, जिससे व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।  

आज का राशिफल 12 मार्च 2026: किन राशियों के लिए शुभ दिन, किसे बरतनी होगी सावधानी

मेष राशि मेष राशि वालों के लिए समय अभी खास है, आपको इस समय किसी भी तरह का गुस्सा नहीं करना है। इस समय आपको नौकरी के कारण विदेश यात्रा भी करनी पड़ सकती है या फिर नौकरी में बदलाव के साथ परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। खर्चों में वृद्धि भी संभव है। वृषभ राशि वृषभ रासि वालों के लिए शैक्षिक और बौद्धिक कार्यों में आपका मन लगेगा। इस समय वृषभ राशि के लोगों को अपना काम ईमानदारी और आत्मविश्वास से करना होगा। आपकी इनकम भी इस समय बढञ सकती है। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। लाभ के मौके भी आपके पास आ सकते हैं। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए आपके पास कई ऐसे मौके आ रहे हैं, जब आपकी जिम्मेदारियां प्रोफेशनल लाइफ में बढ़ सकती हैं। इस समय आपको अपने इमोशंस को भी काबू में रखना है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु संयत रहें। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में दिक्कतों वाला समय रहेगा, धन हानि के संकेत हैं। इस समय कोशिश करें कि किसी भी तरह के निवेश करने से बचें। अगर आपकी फैमिली में तू-तू,मैं-मैं की स्थिति है, तो जुबान पर कंट्रोल रखें। सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए अच्छा समय रहेगा। आपको इस समय बिजनेस और हेल्थ दोनों पर ध्यान देना चाहिए। फैसले सोच समझकर लें। हेल्थ भी थोड़ी दिक्कत दे सकती है। लवलाइफ अच्छी रहेगी। संतान की तरफ से अच्छी खबर मिल सकती है। कन्या राशि कन्या राशि के लोगों को पर्सनल लाइफ में इस समय दिक्कतें आ सकती हैं। आपको बीपी के लिए खास ध्यान देना चाहिए। बीपी लो और हाई हो सकता है।लेकिन घबराएं नहीं, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। बिजनेस आज ठीकठाक रहेगा। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए मेंटली स्थिति परेशान करने वाली हो सकती है। आप बहुत लो फील करेंगे। हेल्थ आपकी मीडियम रहेगी। बिजनेस भी आपका मीडियम दिख रहा है। कुल मिलाकर आपको आज आराम करना चाहिए। धनु राशि धनु राशि के लोगों को खास तौर पर ध्यान देना है और आपके लिए यह समय पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ दोनों में खास रहेगा। आपको हर तरह से सपोर्ट दिखाना है, अपने पार्टनर को लेकर। पर्सनल लाइफ आपकी अच्छी है। वृश्चिक राशि वृश्चिक वालों के लिए समय अभी अनुकूल है। आपको खास तौर पर पार्टनर की हेल्थ पर ध्यान देना है। नोकरी में भी समस्याएं आ सकती है। प्रेम-संतान लगभग ठीक रहेगा। मकर राशि खर्च की अधिकता के कारण आप परेशान हो सकते हैं, लेकिन इसका बहुत अधिक असर आपकी लाइफ परनहीं होगा। घर में लाइफ पार्टनर से लड़ाई के संकेत हैं। हेल्थ, लव और बिजनेस आपके लिए सही है। कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों की इनकम में बहुत अधिक वृद्धि होगी। आपका मन इस समय परेशानी दे सकता है। लो फील करेंगे। स्वास्थ्य ठीक है। लवलाइफ और व्यापार अच्छा है। पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मीन राशि मीन राशि : मीन राशि के लोगों के लिए परिस्थितियां प्रतिकूल होने वाली हैं। आपको अपनी हेल्थ पर ध्यान देना होगा। आपकी लवलाइफ भी आज लगभग ठीक है। कुल मिलाकर आपको इस समय हेल्थ और पर्सनल लाइफ पर खास ध्यान देना है।

पापों से मुक्ति दिलाने वाली पापमोचनी एकादशी: जानें 15 मार्च के व्रत की पूजा विधि और महत्व

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. हर महीने में दो एकादशी पड़ती हैं और इन दिनों भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने का विशेष फल बताया गया है. माना जाता है कि एकादशी का व्रत रखने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में 15 मार्च को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. यह एकादशी विशेष रूप से पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान श्रीहरि की पूजा करने और व्रत रखने से व्यक्ति के जाने-अनजाने पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है. ऐसे करें भगवान श्रीहरि की पूजा पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है. पूजा करते समय इन बातों का ध्यान रखें. सबसे पहले घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें. फिर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर उन्हें पीले फूल, तुलसी दल और फल अर्पित करें. इस दिन भगवान विष्णु को पंचामृत या दूध से अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें फिर विष्णु सहस्रनाम या श्रीहरि की आरती का पाठ करें. दिनभर व्रत रखकर भगवान का ध्यान करें और जरूरतमंद लोगों को दान दें. व्रत के दिन इन बातों का रखें ध्यान पापमोचनी एकादशी के दिन कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी माना जाता है.     इस दिन सात्विक भोजन करें या फलाहार करें.     क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहें.     लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन का सेवन न करें.     जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें. पापमोचनी एकादशी का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप मिट जाते हैं. पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि इस व्रत के प्रभाव से ब्रह्महत्या जैसे घोर पापों से भी मुक्ति मिल सकती है. जो भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन्हें मानसिक शांति और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है.

वास्तु के अनुसार रामा vs श्यामा तुलसी: घर के लिए कौन सी है सबसे लाभकारी?

घर के आंगन में तुलसी का एक पौधा होना हमारी संस्कृति का सबसे सुंदर हिस्सा है। हम सब जानते हैं कि तुलसी शुभ होती है, लेकिन अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि घर के लिए रामा या श्यामा में से कौन सी तुलसी बेहतर है? साथ ही, इस बात से कई लोग अंजान रहते हैं कि क्या इन दोनों को एक साथ लगा सकते हैं? और इनका वास्तु से क्या लेना-देना है? रामा और श्यामा तुलसी में फर्क क्या है? रामा तुलसी: इसकी पत्तियां हल्के हरे रंग की होती हैं और इसका स्वाद थोड़ा मीठा होता है। इसे 'उज्ज्वल तुलसी' भी कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, यह घर में सुख और शांति का प्रतीक है। श्यामा तुलसी: इसकी पत्तियां थोड़ी बैंगनी या गहरे रंग की होती हैं। क्योंकि, इसका रंग भगवान कृष्ण (श्याम) से मिलता-जुलता है, इसलिए इसे श्यामा या कृष्ण तुलसी कहते हैं। आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। वास्तु के नियम और सही दिशा वास्तु शास्त्र के मुताबिक, तुलसी का पौधा सही दिशा में हो, तभी वह घर में खुशहाली लाता है। सबसे बेहतर दिशा: तुलसी को हमेशा उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। यह दिशा कुबेर और मां लक्ष्मी की मानी जाती है। पूर्व: अगर ऊपर वाली जगह न हो, तो आप इसे पूर्व दिशा में भी रख सकते हैं। यह घर में सूर्य की तरह सकारात्मक ऊर्जा भरती है। कहां न लगाएं: भूलकर भी तुलसी को दक्षिण दिशा में न रखें। इसे यमराज की दिशा माना जाता है और यहां रखी तुलसी फायदे की जगह नुकसान कर सकती है। क्या कहते हैं हमारे शास्त्र? पद्म पुराण के अनुसार, तुलसी का दर्शन ही मनुष्य के पापों का नाश कर देता है। जिस घर में तुलसी की सेवा होती है, वहां नकारात्मकता कभी नहीं टिकती। स्कंद पुराण पुराण के अनुसार, तुलसी को जल देने और उसकी परिक्रमा करने से स्वास्थ्य और समृद्धि मिलती है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, तुलसी को 'वास्तु दोष' दूर करने वाला सबसे प्रभावशाली पौधा बताया गया है। दोनों तुलसी लगाने के फायदे आप रामा और श्यामा दोनों तुलसी को एक साथ लगा सकते हैं। रामा तुलसी घर में आपसी प्रेम और मानसिक सुकून लाती है, वहीं श्यामा तुलसी स्वास्थ्य और धन-दौलत के रास्ते खोलती है।

बुध की बदली चाल का असर: 21 मार्च से इन राशियों को रहना होगा सतर्क

ज्योतिष शास्त के अनुसार, जब कोई ग्रह अपनी गति बदलता है तो उसका प्रभाव सभी राशियों के जीवन पर पड़ता है. इसी कड़ी में बुध ग्रह की चाल में बदलाव फिर से कुछ राशि वालों पर अलग- अलग प्रकार से प्रभाव डाल सकता है. आपको बता दें 26 फरवरी 2026 से बुध की उल्टी चाल यानी वक्री अवस्था शुरू हुई थी, जो 21 मार्च 2026 को समाप्त होने जा रही है. इस दिन से ही बुध फिर से सीधी चाल चलेंगे यानी मार्गी होने वाले हैं. मान्यता के अनुसार, बुध का मार्गी होना सामान्य रूप से शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह कुछ राशियों के लिए चुनौतियां भी लेकर आ सकता है. आइए सबसे पहले समझते हैं बुध के व्रकी और मार्गी होने क्या राशियों पर क्या प्रभाव पड़ता है. बुध के मार्गी होने का ज्योतिषीय महत्व ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार, संचार, तकनीक और गणना का कारक ग्रह माना जाता है. जब बुध की चाल बदलती है तो इसका सीधा असर व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता, बातचीत और कामकाज पर पड़ सकता है. वक्री अवस्था में जहां कई काम अटक सकते हैं, वहीं मार्गी होने पर अक्सर चीजें धीरे-धीरे सामान्य होने लगती हैं. हालांकि यदि ग्रह की स्थिति कमजोर हो या वह अशुभ प्रभाव में हो तो मार्गी अवस्था में भी कुछ राशियों के लिए तनाव और रुकावटें बनी रह सकती हैं. इन राशियों के लिए बढ़ सकती हैं परेशानियां! तुला राशि     तुला राशि के जातकों के लिए बुध की सीधी चाल कुछ मामलों में चुनौतीपूर्ण हो सकती है.     कार्यक्षेत्र में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं.     सहकर्मियों के साथ संवाद में सावधानी रखें.     व्यापार से जुड़े लोगों को कागजी कार्यों में विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी.     आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें. कुंभ राशि     कुंभ राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है.     कामकाज में अचानक बाधाएं आ सकती हैं.     योजनाएं पूरी होने में देरी हो सकती है.     तकनीकी या ऑनलाइन कार्यों में परेशानी आ सकती है.     यात्रा से जुड़े मामलों में भी विलंब संभव है. मीन राशि     मीन राशि के जातकों को इस दौरान मानसिक दबाव महसूस हो सकता है.     निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति बन सकती है.     धन से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी है.     किसी बात को लेकर गलतफहमी या विवाद की स्थिति बन सकती है.     कामकाज में ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है.