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राज्यपाल श्री डेका ने शिवाजी महाराज की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि, उनके आदर्शों पर चलने का दिया संदेश

रायपुर राज्यपाल  डेका ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन राज्यपाल  रमेन डेका ने आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने समस्त देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने आज रायपुर के तात्यापारा में शिवाजी की प्रतिमा के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।       राज्यपाल  डेका ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने सीमित संसाधनों के बावजूद अदम्य साहस, दूरदृष्टि और संगठन क्षमता के बल पर एक सुदृढ़ एवं लोककल्याणकारी राज्य की स्थापना की। उनका प्रशासनिक ढांचा न्याय, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व पर आधारित था। आयोजन समिति द्वारा इस अवसर पर राज्यपाल को मराठा योद्धा सम्मान स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा,  सुनील सोनी एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।

देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क की दी जा रही जानकारी

रायपुर भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट: छत्तीसगढ़ का स्टॉल बना आकर्षण केंद्र भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ द्वारा स्थापित स्टॉल देश-विदेश से आए निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और आगंतुकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।  “छत्तीसगढ़ ड्रिवन बाय इंटेलिजेंस” थीम पर आधारित इस स्टॉल में राज्य की उभरती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षमता, अत्याधुनिक डिजिटल अधोसंरचना और निवेश संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है। स्टॉल में डिजिटल प्रस्तुति, सूचना पैनल और इंटरैक्टिव माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी हब के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे निवेशकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। स्टॉल में विशेष रूप से नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क की जानकारी प्रमुखता से दी जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 1000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है तथा इसमें एक लाख तक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) स्थापित किए जाने की क्षमता विकसित की जाएगी। यह परियोजना देश में एआई आधारित सेवाओं, उच्च क्षमता डाटा प्रोसेसिंग और डिजिटल नवाचार को नई गति प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ को भविष्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ का स्टॉल देश-विदेश के निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बनना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क के माध्यम से राज्य को डिजिटल नवाचार, उच्च तकनीकी निवेश और भविष्य की अर्थव्यवस्था का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊर्जा प्रदान करने तथा छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नीति के साथ छत्तीसगढ़ को नए भारत की डिजिटल क्रांति के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जाएगा। स्टॉल पर औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत एआई, रोबोटिक्स और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए उपलब्ध विशेष प्रोत्साहनों, अनुदानों और निवेश-अनुकूल वातावरण की जानकारी भी निवेशकों को दी जा रही है। राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, विकसित हो रहा नवा रायपुर स्मार्ट सिटी, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और उद्योग-हितैषी नीतियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल पर मौजूद अधिकारियों द्वारा निवेशकों और आगंतुकों को राज्य में उपलब्ध अधोसंरचना, निवेश अवसरों और नीतिगत प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। इस दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों तथा तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में एआई और डाटा सेंटर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में विशेष रुचि दिखाई तथा राज्य सरकार की दूरदर्शी पहल की सराहना की। यह सहभागिता न केवल निवेश संभावनाओं को सशक्त करने वाली है, बल्कि छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी और इनोवेशन इकोसिस्टम के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

प्लेटफॉर्म विस्तार के चलते उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर छह दिन बदलेगा ट्रेनों का शेड्यूल

उदयपुर उदयपुर शहर के रेलवे यात्रियों के लिए अहम खबर है। भारतीय रेलवे ने उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म विस्तार का कार्य 19 फरवरी से शुरू कर दिया है। यह काम 24 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान नॉन-इंटरलॉकिंग ब्लॉक लिया गया है, जिससे कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे द्वारा प्लेटफॉर्म नंबर 9 और 10 को उमरड़ा साइड से जोड़ने का काम किया जा रहा है। अभी प्लेटफॉर्म 9 केवल राणा प्रताप नगर साइड से जुड़ा है, जबकि प्लेटफॉर्म 10 सीधे किसी दिशा से कनेक्ट नहीं है। कार्य पूरा होने के बाद प्लेटफॉर्म 9 पर दोनों दिशाओं से ट्रेनें आ-जा सकेंगी और प्लेटफॉर्म 10 पर उमरड़ा की ओर से ट्रेनें खड़ी हो सकेंगी। इससे स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी। ब्लॉक के दौरान अधिकांश ट्रेनें राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन और मावली जंक्शन रेलवे स्टेशन से संचालित होंगी। 19 से 24 फरवरी के बीच कई ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द रहेंगी या उनका स्टेशन बदला गया है। इनमें 59610 (चित्तौड़गढ़–उदयपुर), 59606 (बड़ी सादड़ी–उदयपुर), 59607 (उदयपुर–बड़ी सादड़ी), 19606 (उदयपुर–मदार जंक्शन) शामिल हैं। 23 फरवरी को 12963 (निजामुद्दीन–उदयपुर) और 20473 (दिल्ली–उदयपुर) राणा प्रताप नगर तक ही आएंगी। 24 फरवरी को 09721/09722 (जयपुर–उदयपुर), 20474 (उदयपुर–दिल्ली), 12964 (उदयपुर–निजामुद्दीन) सहित कई ट्रेनें उदयपुर सिटी स्टेशन नहीं आएंगी। 59835 (मंदसौर–उदयपुर) और 59836 (उदयपुर–मंदसौर) 24 फरवरी को केवल मावली तक चलेंगी। ब्लॉक के अंतिम दिन 24 फरवरी को सबसे ज्यादा असर रहेगा। 20987 (उदयपुर–असारवा) ट्रेन करीब 4 घंटे 20 मिनट की देरी से रवाना होगी, जबकि 69243 (असारवा–चित्तौड़गढ़) ट्रेन लगभग 3 घंटे 30 मिनट की देरी से चलेगी। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें। प्लेटफॉर्म विस्तार कार्य पूरा होने के बाद स्टेशन पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम हो जाएगा।

AI की दुनिया में राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं

रायपुर नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित “AI इंपैक्ट समिट” में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  रायपुर के प्रतिभाशाली सिबलिंग अनुराग मानिक और आस्था मानिक को इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि 40,000 से अधिक प्रतिभागियों के बीच तीन कठिन चरणों को सफलतापूर्वक पार करते हुए शीर्ष स्थान हासिल करना उनकी असाधारण प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार क्षमता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ के युवाओं की क्षमता, आत्मविश्वास और उभरती तकनीकी शक्ति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में प्रस्तुत उनका “कर्तव्य” AI ऐप विशेष रूप से सराहना का केंद्र रहा। यह एप्लिकेशन AI-जनित आवाज और वास्तविक आवाज में अंतर पहचानकर लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में सहायक होगा। तकनीक को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का यह प्रयास आज के डिजिटल युग में अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में शिक्षा, नवाचार और अवसरों के विस्तार की दिशा में हो रहे समग्र विकास का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के युवा इसी प्रकार नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करते हुए छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाएंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

संवेदनशील फैसला: हाथियों के झुंड के कारण रोकी गईं 6 ट्रेनें, बड़ा हादसा टला

चक्रधरपुर हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर रेलवे ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए हाथियों की जान बचाने के लिए देर रात ट्रेनों का परिचालन रोक दिया। चक्रधरपुर रेल मंडल की सतर्कता से एक हाथी के बच्चे समेत पूरे झुंड को सुरक्षित जंगल की ओर जाने का मौका मिला। मंगलवार देर रात चक्रधरपुर रेल मंडल ने बड़ा और संवेदनशील फैसला लेते हुए हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन करीब आधे घंटे के लिए पूरी तरह रोक दिया। जानकारी के अनुसार, भालूलता–जरायकेला रेलखंड के महपानी गेट (किमी 389/5-7) के पास रेलवे ट्रैक पर पांच हाथियों का झुंड घूमता हुआ देखा गया। इस झुंड में एक छोटा बच्चा भी शामिल था। रात करीब 2:50 बजे ट्रैक पर हाथियों की सूचना मिलते ही रेलवे ने तुरंत कार्रवाई की। मुंबई मेल, हावड़ा मेल, बिलासपुर–टाटानगर एक्सप्रेस समेत छह मालगाड़ियों को रोक दिया गया। इससे किसी भी बड़े हादसे को टाल दिया गया। पेट्रोलमैन की सतर्कता से बची जान रेल मंडल के एलीफेंट जोन में तैनात कोल्ड वेदर ट्रैक पेट्रोलमैन नियमित गश्त पर थे। गश्त के दौरान उन्होंने ट्रैक पर हाथियों को देखा और तुरंत वरीय अनुभाग अभियंता को सूचना दी। सूचना मिलते ही ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। पेट्रोलमैन की सतर्कता के कारण हाथियों, खासकर बच्चे की जान बच सकी। हालांकि अचानक ट्रैक पर हाथियों के आने से ट्रैकमेंटनर, गेटमैन और की-मैन में डर का माहौल है। रेलकर्मियों ने रात में ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। चार घंटे तक धीमी रफ्तार से चली ट्रेनें हाथियों के ट्रैक से हटने के बाद भी एहतियात के तौर पर रेलवे ने कॉशन ऑर्डर जारी किया। रात 12:20 बजे से सुबह 4:00 बजे तक इस रेलखंड पर सभी ट्रेनों को 20 किमी प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से चलाया गया। लोको पायलट लगातार हॉर्न बजाते हुए और सतर्क नजर रखते हुए ट्रेनें चलाते रहे। हाथियों की मौजूदगी के कारण महपानी गेट को रात में बंद कर दिया गया, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित रहा। गेट पर तैनात रेलकर्मी भी सुरक्षित स्थानों पर चले गए। सुबह होते-होते हाथियों का झुंड पास के जंगल में चला गया। रेलवे की इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। यह घटना दिखाती है कि रेल परिचालन और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है।  

नागौर में 2.5 KM लंबी निकासी में शामिल होंगे 10,000 बाराती

जयपुर. सैनिक क्षत्रिय माली समाज सामूहिक विवाह समिति के तत्वावधान में बुधवार को माली समाज संस्थान परिसर में पारंपरिक घृतपान रस्म के साथ पंचम सामूहिक विवाह सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सुबह सात बजे से वर-वधू अपने परिजनों के साथ समारोह स्थल पर पहुंचने लगे। करीब पांच बीघा में फैला माली समाज भवन परिसर वैवाहिक उल्लास और पारंपरिक सज्जा से सुसज्जित नजर आया। समिति ने प्रत्येक जोड़े को अधिकतम 15-15 परिजन साथ लाने के निर्देश जारी किए थे। जिसका व्यवस्थाओं में सकारात्मक प्रभाव नजर आया। सुबह सवा आठ बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडित सुनील दाधीच के नेतृत्व में पहले 70 वधुओं और बाद में 70 वरों को अलग-अलग घृतपान कराया गया। करीब तीन घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में समाज की परंपरानुसार सभी वैवाहिक रस्में विधिवत संपन्न हुईं। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, सादगी और सामूहिकता का संदेश दिया। परिवारजनों ने इस पल को मोबाइल में कैद किया। करीब तीन घंटे चली धार्मिक प्रक्रिया में सभी पारंपरिक रस्में विधिवत संपन्न हुईं। शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से वातावरण आध्यात्मिक बना रहा। दोपहर बाद महिलाओं के सानिध्य में विनायक पूजन हुआ। ढोलक की थाप पर गूंजते पारंपरिक मंगल गीतों ने वातावरण में उल्लास भर दिया। सुव्यवस्थित भोजन व्यवस्था में स्वयंसेवक लगातार मार्गदर्शन करते रहे। आज माली समाज भवन निकलेगी निकासी फुलरिया दूज पर गुरुवार सुबह आठ बजे माली समाज भवन से 70 दूल्हों की एक साथ घोड़ी पर निकासी निकाली जाएगी। चार बैंडों की अगुवाई में करीब 2.5 किलोमीटर लंबी बारात राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चेनार में बनाए गए विवाह स्थल पर पहुंचेगी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। समिति के अनुसार निकासी में करीब 10 हजार बाराती शामिल होंगे। यज्ञ वेदी पर होंगे पाणिग्रहण संस्कार विवाह स्थल पर यज्ञ वेदी सजाई गई है। पंडित सुनील दाधीच के मार्गदर्शन में पूर्ण विधि-विधान से पाणिग्रहण संस्कार कराएंगे। भामाशाह रामवल्लभ भाटी, बलदेवराम भाटी, समिति के अध्यक्ष कृपाराम देवड़ा, रामपाल देवड़ा, देवकिशन सोलंकी, मनीष कच्छावा, सूरजमल भाटी, कैलाश गहलोत, अर्जुनराम कच्छावा, रामचंद्र सांखला, पाबूराम सांखला आदि मौजूद रहे। गैर-डांडिया में झूमे समाज बंधु बुधवार को शाम सात बजे शुरू हुए गैर-डांडिया नृत्य ने माहौल में उत्सव का रंग भर दिया। नागौर, ताऊसर, चेनार, रोल, सालवा सहित विभिन्न गांवों से आए समाज बंधुओं ने पारंपरिक परिधानों में नृत्य किया। देर रात तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन ने सामूहिक विवाह महोत्सव का उल्लास बढ़ा दिया।

छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व बना बदलाव की ताकत, विकास के नए सोपान गढ़ रही साय सरकार

रायपुर. छत्तीसगढ़ की खूबसूरत वादियों में स्थित जशपुर जिला के ग्राम बगिया में 21 फरवरी को जन्म लेने वाले मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय सज्जनता और सहृदयता की एक मिसाल है। दो वर्ष के अपने मुख्यमंत्रित्व काल में छत्तीसगढ़ राज्य में विकास का एक नया आयाम गढ़ने वाले तथा प्रदेश के नागरिकों के दिलों में राज करने वाले मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अपनी लोकप्रियता के शिखर पर विद्यमान है।  विष्णुदेव साय जनता के बीच के एक ऐसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं जिनकी सदाशयता और दूरगामी योजनाओं से प्रदेश में विकास और प्रगति का राह आसान हुआ है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आदिवासी पृष्ठभूमि से आते हैं।  केबिनेट बैठक में राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं एक किसान पुत्र हैं वे किसानों की पीड़ा को भलीभांति जानते हैं।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की की गई है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षों में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी। किसान हितैशी सरकार के इस निर्णय से बाजार भी गुलजार होंगे, जिससे शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिखाई देगा, ट्रैक्टर आदि की बिक्री में वृद्धि होगी।  प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति से राज्य में अब तक 7 लाख 83 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अपने दो साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेश की जनता के बीच जाकर जनता का न केवल विश्वास जीता है बल्कि उनके हित को ध्यान में रखकर उन्होंने ऐसी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है जिससे छत्तीसगढ़ का समग्र विकास सम्भव हो पाया है। यह केवल और केवल  विष्णुदेव साय जैसे एक संवेदनशील, कर्मठ तथा ऊर्जावान मुख्यमंत्री ही सम्भव कर सकते हैं। विष्णु देव की सुशासन में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष घोषित किया गया है। राज्य सरकार ने मातृशक्ति का सम्मान करते हुए 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश के 42 हजार 878 महिला स्व- सहायता समूहों को आसान ऋण से अब तक 129.46 करोड़ रूपए का लाभ दिया गया है। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के अंतर्गत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रूपए की सहायता राशि दी गई है। राज्य की 19 लाख से अधिक महिलाओं को पूरक पोषण आहार सुनिश्चित की गई है। महिला सुरक्षा के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन 181 की स्थापना की गई है। महिलाओं को रोजगार मूलक कार्यों के जरिए स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंचायत स्तर पर 52.20 करोड़ की लागत से 179 महतारी सदनों का निर्माण कराया जा रहा है। महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री हेतु 200 करोड़ की लागत से नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री की पहल पर दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार द्वारा आवास और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रख कर अब तक 26 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति किए गए हैं। स्वच्छ पेयजल सबका अधिकार है। प्रदेश के 41 लाख से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति के लिए राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई है। 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं से प्रदेश के 3208 गांव लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा राज्य के शत्-प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण किया जा रहा है।   डबल इंजन की सरकार में रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना के साथ रेल नेटवर्क मैप से बस्तर जुड़ रहा है। जगदलपुर-विशाखापट्नम और रायपुर-विशाखापट्नम नई सड़क परियोजनाओं से विकास की नई राहें खुल रही है। प्रदेश के 32 नगरीय निकायों में नॉलेज बेस्ड सोसाइटी हेतु लाइट हाउस निर्माण की पहल की जा रही है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेश के हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने प्रदेश के हर वर्ग की बुनियादी सुविधाओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पीएम आवास योजना, कृषक उन्नति योजना, नियद नेल्ला नार, अखरा निर्माण योजना जैसी योजनाओं का शुभारम्भ किया है और जनता के बीच अपनी एक अलग छवि निर्मित की है। मुख्यमंत्री  साय जनता के बीच और हर समुदाय के बीच एक ऐसा पुल बनाना जानते हैं जिससे सभी एक दूसरे से जुड़ सके और सभी प्रदेश के हित में अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह भी कर सके। उन्होंने अपने जीवन का बहुमूल्य समय पद्रेश की जनता को समर्पित कर यह सिद्ध कर दिया है कि उनका जीवन केवल उनका नहीं है अपितु प्रदेश की जनता की निः स्वार्थ सेवा के लिए समर्पित है। वे सही मायने में एक ऐसे जननेता हैं जिनके लिए जनता ही सब कुछ हैं। ऐसे सेवाभावी और लोकप्रिय जनसेवक बहुत कम होते हैं जिनके लिए जनता का विकास और जनता का साथ ही सबसे महत्वपूर्ण होता है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का अब तक का कार्यकाल इस बात का प्रमाण है कि यदि नेतृत्व ईमानदार, समर्पित और जनता की आकांक्षाओं से जुड़ा हो तो विकास की राह कठिन नहीं होगी।

प्रायोगिक परीक्षा के आज अंक अपलोड न करने पर देना होगा तगड़ा जुर्माना

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने की अंतिम तिथि वीरवार को समाप्त हो जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय तक अंक अपलोड नहीं करने वाले विद्यालयों पर प्रति विद्यार्थी 500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। जबकि देरी की स्थिति में विद्यालय मुखिया को जिम्मेदार मानते हुए उनसे पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। 19 फरवरी तक वेबसाइट पर अंक भरना अनिवार्य किया गया है। यदि कोई विद्यालय निर्धारित तिथि तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है तो उसे जुर्माने के साथ 20 से 23 फरवरी तक अंक अपलोड करने का अंतिम अवसर दिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया का कहना है कि किसी स्कूल के बच्चों के अंक अपलोड नहीं किए गए है तो उन्हें तय समय में अपलोड करवा दिया जाएगा।

रेलवे कर्मचारी की बेरहमी से हत्या: छुट्टी पर घर लौटते ही बदमाशों ने बरसाईं गोलियां

रांची बिहार में अपराधियों के बढ़ते मनोबल ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला लखीसराय जिले के पीरी बाजार थाना अंतर्गत घोंघी गांव का है, जहां बुधवार शाम बेखौफ बदमाशों ने रेलवे के एक कर्मचारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। छुट्टी पर गांव आए रेलकर्मी को बनाया निशाना मृतक की पहचान 35 वर्षीय संतोष कुमार के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के अंडाल में रेलवे ग्रुप डी विभाग में कार्यरत थे। संतोष इन दिनों छुट्टी लेकर अपने गांव आए हुए थे। घटना के समय वे अपने खेत में सरसों की फसल की कटाई की देखरेख कर रहे थे। इसी बीच घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम परिजनों और ग्रामीणों ने लहूलुहान स्थिति में संतोष को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन घाव गहरे होने के कारण उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार होने में सफल रहे।    

2 लाख बिजली खपतकारों की मीटर किराया राशि लौटाई

चंडीगढ़. चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने शहर के करीब 2 लाख बिजली खपतकारों को राहत देते हुए मीटर किराय के रूप में वसूली गई राशि वापस कर दी है। जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन और बिजली लोकपाल के निर्देशों की पालना करते हुए कंपनी ने ये रिफंड सीधा खपतकारों के बिजली खातों में जमा कर दिया है। यह फैसला रेगुलेटरी अथॉरिटीज द्वारा मीटर किराया खत्म किए जाने के बावजूद लंबे समय तक की गई वसूली के विरोध में आया है। उन्होंने कहा कि कंपनी खपतकारों के हितों की रक्षा करने और बिलिंग प्रणाली में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है। इस कदम से शहर के लाखों लोगों को आर्थिक राहत मिली है, जिससे बिजली विभाग और नई कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का भी निपटारा हो गया है।