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शादी में दिखी मिसाल, बेटे के विवाह पर 3500 ग्रामीणों को मिला बीमा सुरक्षा का गिफ्ट

 नांदेड महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के कंधार तालुका स्थित बहादरपुरा गांव में एक शादी सामाजिक सरोकार और मानवता की मिसाल बन गई. आमतौर पर शादी समारोहों में लाखों रुपये सजावट, आतिशबाजी और भव्य आयोजनों पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन बहादरपुरा के पेठकर परिवार ने अपने बेटे सिद्धेश्वर पेठकर के विवाह को समाज सेवा से जोड़ते हुए एक अनोखी पहल की।  पेठकर परिवार ने पूरे गांव का कराया बीमा सिद्धेश्वर पेठकर और मंजुषा के विवाह समारोह के अवसर पर परिवार ने पूरे गांव के करीब 3500 लोगों का दुर्घटना बीमा कराने का निर्णय लिया. इस पहल का उद्देश्य गांव के लोगों को भविष्य में किसी भी दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है. परिवार का मानना है कि शादी केवल व्यक्तिगत खुशी का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम होना चाहिए।  गांव में जैसे ही इस पहल की जानकारी सामने आई, लोगों में खुशी और गर्व का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी शादी में ऐसा सामाजिक संदेश देखा है. गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह पहल आने वाले समय में अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।  पेठकर परिवार ने बताया कि आज के समय में अचानक होने वाली दुर्घटनाएं कई परिवारों को आर्थिक संकट में डाल देती हैं. ऐसे में यदि पहले से बीमा जैसी सुविधा उपलब्ध हो तो कठिन समय में लोगों को सहारा मिल सकता है. इसी सोच के साथ विवाह समारोह को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ने का निर्णय लिया गया।  चर्चा में बनी ये पहल परिवार के इस कदम की इलाके में व्यापक चर्चा हो रही है. सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की है. लोगों का कहना है कि अगर समाज के सक्षम लोग अपने निजी आयोजनों को सामाजिक हित से जोड़ें, तो कई जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है।  बहादरपुरा गांव में अब यह शादी केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं रही, बल्कि सामाजिक चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन गई है. “वधू का आगमन हुआ और गांव सुरक्षित हो गया”. यह संदेश अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. पेठकर परिवार की इस अनोखी पहल ने यह साबित कर दिया कि खुशियों के अवसर पर समाज के बारे में सोचने से बदलाव की नई शुरुआत की जा सकती है। 

नई नवेली दुल्हन का बड़ा खेल! शादी के दो दिन बाद सामने आया चौंकाने वाला सच

छतरपुर  छतरपुर जिले में एक बार फिर “लुटेरी दुल्हन” का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शादी की चाह में बिजावर का एक युवक कथित दलालों के जाल में फंस गया और डेढ़ लाख रुपए गंवाने के बाद अब पुलिस के चक्कर काट रहा है। मामला बिजावर निवासी 35 वर्षीय सोनू पाठक से जुड़ा है, जिसकी शादी उड़ीसा की रहने वाली मनीषा नाम की युवती बताकर कराई गई थी। आरोप है कि उड़ीसा के सम्बलपुर निवासी दलाल काशीराम पल्लवी ने यह पूरा सौदा कराया। पीड़ित युवक के मुताबिक दलाल ने उसे तीन लड़कियां दिखाई थीं, जिनमें से उसने मनीषा को पसंद किया। इसके बाद 13 मई 2026 को मुंह दिखाई की रस्म कराई गई। अगले दिन 14 मई को छतरपुर स्थित नरसिंह मंदिर में दोनों ने वरमाला पहनाकर शादी की। शादी के बाद परिवार में खुशी का माहौल था और नवविवाहिता का गृह प्रवेश भी धूमधाम से कराया गया। परिजनों का कहना है कि 16 मई को सुहागरात के बाद अगले दिन सुबह नवविवाहिता ने अचानक तबीयत खराब होने की शिकायत की। 18 मई को उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान वह बाथरूम जाने का बहाना बनाकर फरार हो गई। जाते समय वह सोने-चांदी के जेवर और नकदी भी अपने साथ ले गई। घटना के बाद दूल्हा सोनू पाठक अपने परिजनों के साथ देर रात सिटी कोतवाली पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कथित दलालों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। यह पहला मामला नहीं हैं छतरपुर जिले में इससे पहले भी शादी के नाम पर युवकों को ठगने वाली “लुटेरी दुल्हन गैंग” के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में पुलिस कई बार गिरोह का खुलासा कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद शादी के नाम पर ठगी का नेटवर्क लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है।

दूसरी बार दूल्हा बनेंगे Hardik Pandya? जानें महिका शर्मा संग शादी की चर्चाओं का सच

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से दावा किया जा रहा है कि आईपीएल 2026 के बीच हार्दिक पांड्या दूसरी बार शादी करने जा रहे हैं और उनका नाम एक्ट्रेस माहिका शर्मा के साथ जोड़ा जा रहा है। वायरल पोस्ट्स में यहां तक कहा जा रहा है कि दोनों जल्द ही सात फेरे लेने वाले हैं। हालांकि अब तक हार्दिक पांड्या या महिका शर्मा की ओर से इस खबर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में फैंस के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर महिका शर्मा कौन हैं और हार्दिक संग शादी की खबरों में कितनी सच्चाई है? आइए जानते हैं वायरल दावों के पीछे का पूरा सच। आखिर कौन हैं महिका शर्मा? हार्दिक पांड्या की शादी को लेकर सोशल मीडिया पर बज बना हुआ है। हार्दिक का नाम महिका शर्मा के साथ जोड़ा जा रहा है। हालांकि पहले भी कई बार दोनों को साथ में देखा गया है। वर्ल्ड कप की जीत के जश्न में तो क्रिकेट के मैदान पर हार्दिक और महिका के बीच की नजदीकियों ने दोनों के बीच के रिश्ते को हवा दे दी और खुद हार्दिक ने महिका को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बताया। इसी बीच लोगों के मन में जानने की इच्छा है कि आखिर कौन हैं महिका शर्मा जो बनने वाली हैं हार्दिक की जीवनसाथी? बता दें कि महिका टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री और मॉडल हैं। उन्होंने कई टीवी शोज, म्यूजिक वीडियोज और फिल्मों में काम किया है। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है। पिछले कुछ समय से उनका नाम कई चर्चित सेलिब्रिटीज के साथ जोड़ा जा चुका है। हार्दिक कब लेंगे सात फेरे? सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के अनुसार, हार्दिक और महिका की शादी 22 मई 2026 को होने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कपल उदयपुर में सात फेरे लेने वाले हैं। बता दें कि इससे पहले अपनी एक्स वाइफ नताशा स्टेनकोविक से लॉकडाउन के दौरान गुपचुप शादी की थी। फिर उदयपुर में दोबारा रॉयल शादी की जिसमें कई जानी-पहचानी हस्तियां शामिल हुई थीं। हालांकि उनका रिश्ता लंबा न चला और साल 2204 दोनों का तलाक हो गया। एक्स कपल का एक बेटा भी है जिसका नाम है अगस्त्य पांड्या। IPL 2026 के बीच क्यों उड़ी शादी की अफवाह? दरअसल, सोशल मीडिया पर X हैंडल पर एक यूजर ने जानकारी दी है कि हार्दिक और महिका जल्द सात फेरे लेने वाले हैं। इसके बाद से ही दोनों की शादी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। ये तो आप जानते ही हैं कि हार्दिक पांड्या और महिका शर्मा एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि दोनों जल्द शादी कर सकते हैं। हालांकि इन खबरों को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। क्या सच में दूसरी शादी करेंगे हार्दिक पांड्या? बेशक सोशल मीडिया पर हार्दिक और महिका की शादी की खबरें तेज हो रही हैं लेकिन अभी तक न तो हार्दिक की ओर से और न ही महिका की ओर से किसी भी प्रकार की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वायरल हो रही खबरों को लेकर न तो क्रिकेटर की तरफ से और न ही महिका शर्मा की ओर से कोई प्रतिक्रिया दी गई है। ऐसे में इसे फिलहाल सिर्फ अफवाह या सोशल मीडिया चर्चा माना जा रहा है। फैंस कर रहे हैं सच जानने का इंतजार आईपीएल 2026 के दौरान हार्दिक पांड्या लगातार क्रिकेट और पर्सनल लाइफ दोनों वजहों से चर्चा में बने हुए हैं। अब फैंस इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर इन वायरल खबरों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।

इन 3 राशियों की बजेगी शहनाई! ब्रह्मांड दे रहा है शादी के संकेत

जब भी कोई जन्म लेता है तो कहा जाता है कि वह ईश्वर के यहां से जन्म, विवाह और मृत्यु लिखवाकर लाता है, जिसे कोई टाल नहीं सकता है. हालांकि लोगों को यह नहीं पता होता है कि उनके जीवन में कब किस तरह की घटनाएं घटित होने वाली हैं, लेकिन वैदिक ज्योतिष ग्रह-नक्षत्रों की चालों से जरूर इशारा करता है कि किस समय क्या योग बन रहे हैं. इस बीच ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की कुछ ऐसी चालें और बदलाव हो रहे हैं जो कुछ राशियों के लिए एक सकारात्मक वर्ष का संकेत दे रहे हैं. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इनमें से कुछ लोग 2026 में शादी के बंधन में बंध सकते हैं या उनकी सगाई हो सकती है. ऐसा माना जा रहा है कि बृहस्पति के शुभ भावों में गोचर और शुक्र के कृपापूर्ण प्रभाव से कुछ राशियों के लोगों को उनका लाइफ पार्टनर मिल सकता है और वे शादी के बंधन में बंध सकते हैं. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि ग्रहों के ये बदलाव ‘साझेदारी के 7वें भाव’ के अनुकूल हो जाएंगे, जिससे बेहतर रिश्ते, विवाह के प्रस्ताव, सगाई और शादियों के योग बनेंगे. आइए जानते हैं कि इस साल कि राशि के लोगों के शादी में बंधने की संभावना ज्यादा है. वृषभ राशि वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 2026 में भविष्यवाणी की गई है कि यह साल इस राशि में जन्मे लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है. ऐसा माना जाता है कि वृषभ राशि के जातकों को जून तक शुक्र का प्रबल सहयोग और बृहस्पति की सातवें भाव पर दृष्टि का लाभ मिलेगा, जिससे परिवार की सहमति से विवाह के प्रस्ताव आने की संभावना बढ़ रही है. इस वर्ष विवाह या सगाई होने की संभावना 26-27 अप्रैल के आसपास शुभ मुहूर्तों के दौरान अपने चरम पर रहने वाली है. यह वर्ष भावनात्मक स्थिरता लेकर आएगा, जो रिश्तों की दीर्घकालिकता सुनिश्चित करती है. कर्क राशि ज्योतिष के मुताबिक, माना जाता है कि यह साल कर्क राशि वालों के लिए सकारात्मकता और बदलाव का साल होगा क्योंकि इस राशि में जन्मे लोगों पर ब्रह्मांड से कृपा बरसने वाली है. साल की शुरुआत से बृहस्पति के प्रभाव से कर्क राशि वाले अपने रिश्तों में ज्यादा तालमेल महसूस कर रहे हैं. यह समय भावनात्मक जुड़ाव और लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते बनाने के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है. इस राशि के लिए शुभ समय 3 फरवरी से शुरू हुआ है और 19 जून के आस-पास तक रहने वाला है. इस समय परिवार के बड़े-बुजुर्ग बेहतर रिश्ते तय करवाने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं. इन लोगों के लिए सगाई के बाद प्रेम-संबंधों में सफलता मिलने की संभावना है. कन्या राशि इस साल शुक्र के गोचर के कारण कन्या राशि वालों को अपने रिश्तों में आखिरकार स्पष्टता का अनुभव होने वाला है. माना जा रहा है कि 2 जून तक विवाह के लिए एक प्रबल योग बन रहा है. भविष्यवा की जा रही है कि इस राशि के लोगों की मुलाकात 26 जून या 3 दिसंबर जैसी तारीखों के आसपास अपने जीवनसाथी से हो सकती है, जिससे राहु के कारण होने वाली देरी से बचते हुए उनके विवाह का मार्ग प्रशस्त हो सकता है. हालांकि, आपसी तालमेल से उनके दीर्घकालिक रिश्ते और भी गहरे होंगे.

सेन समाज ने शादी के रीति-रिवाजों में बदलाव किया, प्री-वेडिंग शूट के बाद जूता चोरी और सगाई के फोन कॉल पर लगी रोक

 बालोद/रायपुर छत्तीसगढ़ में सामाजिक संस्थाएं अब शादियों में बढ़ते खर्च और पारिवारिक विवादों को रोकने के लिए 'रेगुलेटर' की भूमिका में आ गई हैं. साहू समाज द्वारा प्री-वेडिंग शूट पर प्रतिबंध लगाने के बाद, अब राज्य के सेन समुदाय ने बालोद में कई सख्त नियमों का ऐलान किया है। सेन समुदाय ने शादियों में पारंपरिक 'जूता चुराई' रस्म पर रोक और सगाई के बाद दूल्हा-दुल्हन के बीच निजी बातचीत पर प्रतिबंध शामिल है. ये फैसले बालोद जिले में सेन समुदाय की जिला स्तरीय बैठक में लिए गए, जहां नेताओं ने शादी के बढ़ते खर्च, पारिवारिक विवादों और सगाई टूटने के मामलों पर चिंता जताई। सबसे चर्चित फैसला ‘जूता चुराई’ रस्म पर रोक है. यह रस्म उत्तर भारत की कई शादियों में आम है, जिसमें दुल्हन की बहनें या रिश्तेदार दूल्हे के जूते छिपाकर पैसे मांगते हैं. समुदाय के नेताओं के अनुसार, यह रस्म कभी-कभी दोनों परिवारों के बीच बहस या असहज बातचीत का कारण बन जाती है. इसलिए समुदाय ने इसे हतोत्साहित कर प्रभावी रूप से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है। एक अन्य महत्वपूर्ण नियम सगाई के बाद दूल्हा-दुल्हन के बीच फोन पर निजी बातचीत पर रोक है. समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि हाल के कई मामलों में बार-बार फोन पर बातचीत से गलतफहमियां हुईं और सगाई टूट गई. नए नियम के तहत यदि बातचीत जरूरी हो तो परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में ही बात हो सकती है। बैठक में प्री-वेडिंग समारोहों को सीमित करने पर भी जोर दिया गया. दिशानिर्देशों के अनुसार, सगाई में दूल्हे पक्ष से सिर्फ 15-20 लोग ही शामिल होंगे. इससे समारोह सरल रहेंगे और परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा। समुदाय ने यह भी जोर दिया कि शादियां सही मुहूर्त में ही होनी चाहिए. साथ ही पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा दिया गया है. शादी के भोज में प्लास्टिक के बजाय पारंपरिक पत्तल पर भोजन परोसने की सलाह दी गई है। एक अन्य फैसले में कहा गया कि यदि कोई परिवार किसी अन्य धर्म में परिवर्तन करता है, तो समुदाय में सामाजिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं, जिसमें सामाजिक बहिष्कार और वैवाहिक संबंधों पर रोक शामिल है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि ये फैसले बुजुर्गों और सामाजिक नेताओं के बीच चर्चा के बाद लिए गए हैं, ताकि पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित रखा जा सके और शादियों के दौरान परिवारों के बीच विवाद न हों. इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य शादियों में अनुशासन, सादगी और सद्भाव को बढ़ावा देना है। कुछ सदस्यों ने इन फैसलों का स्वागत किया है, लेकिन युवाओं में बहस छिड़ गई है. कई का मानना है कि शादी से पहले बातचीत से एक-दूसरे को बेहतर समझने में मदद मिलती है, जबकि अन्य मानते हैं कि ये नियम गलतफहमियां रोकेंगे और सामाजिक मूल्यों को बचाएंगे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सेन समाज की आबादी लगभग 2.25 लाख है और यह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अंतर्गत आता है. फिलहाल ये नियम बालोद जिले के लिए हैं, लेकिन जल्द ही इन्हें पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है।

मानवता की मिसाल: मुश्किल वक्त में पुलिस ने संभाली जिम्मेदारी, पिता ने नम आंखों से कहा धन्यवाद

रेवाड़ी मॉडल टाउन थाना में कार्यरत कुक किशोर कुमार की बेटी निशा की शादी पुलिस विभाग के सहयोग से सम्मानपूर्वक और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार को विवाह आयोजन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन थाना प्रभारी रतनलाल और पुलिस कर्मचारियों की मदद से यह सपना साकार हो सका। इस अवसर पर कुक किशोर कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बेटी की शादी को लेकर मैं बहुत चिंतित था। समझ नहीं आ रहा था कि इतने बड़े आयोजन को कैसे कर पाऊंगा। थाना प्रभारी रतनलाल और पूरे स्टाफ ने जिस तरह से सहयोग किया, वह मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पुलिस विभाग ने हमारे परिवार की इज्जत और सम्मान दोनों को बनाए रखा, इसके लिए मैं तहेदिल से आभारी हूं। वहीं थाना प्रभारी रतनलाल ने कहा कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। जब हमें पता चला कि आर्थिक परेशानी के कारण एक परिवार बेटी की शादी को लेकर परेशान है, तो हमने तय किया कि सभी मिलकर उनकी मदद करेंगे। यह हमारा सामाजिक और नैतिक दायित्व है। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस कर्मचारियों ने स्वेच्छा से सहयोग कर आवश्यक सामान, व्यवस्थाएं और अन्य प्रबंध किए, ताकि विवाह समारोह सम्मानजनक ढंग से संपन्न हो सके। परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से समाज में सकारात्मक संदेश गया है। यह घटना पुलिस विभाग की संवेदनशीलता, सेवा भावना और सामाजिक सरोकारों का जीवंत उदाहरण है।

अलीगढ़ में शादी का तामझाम और डांसर के साथ फरार हुआ दूल्हा, कहानी में नया मोड़

अलीगढ़  अलीगढ़ के सराय इंतजाम अली इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पर एक शादी में डांस करने आई सोनी उर्फ शबनम नाम की युवती लड़की के भाई बिलाल के साथ फरार हो गई. लड़के के परिजनों का कहना है कि युवती सोनी विवाह और पार्टियों में डांस करने के दौरान युवकों से संपर्क बढ़ाती है, फिर धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसा लेती है. इसके बाद पैसों की मांग और दबाव का सिलसिला शुरू हो जाता है. परिवार का आरोप है कि युवती अपने पहले प्रेमी की भी हत्या कर चुकी है. परिवार ने युवक बिलाल के गायब होने की पुलिस में शिकायत दी है जिस पर पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली है. दरअसल, गांधी पार्क थाना इलाके के सराय इंतजाम अली के रहने वाले बिलाल की शादी 3 दिसंबर 2025 को मुस्लिम रीति रिवाज से गुलिस्ता से हुई थी. 5 दिसंबर को बिलाल की बहन की शादी थी उससे पहले 4 दिसंबर को बिलाल की बहन की शादी के मेहंदी कार्यक्रम में नाच गाने के लिए 2 डांसर को बुलवाया गया था जिसमें से एक डांसर सोनी उर्फ शबनम निवासी शाह जमाल भी थी.  कार्यक्रम के बाद जब सोनी को वापस छोड़ने की बात आई तो बिलाल भी उसको छोड़ने के लिए गया. वहां न जाने ऐसा क्या हुआ कि बिलाल और सोनी के बीच नजदीकियां बढ़ गईं. दोनों ने एक दूसरे के नंबर ले लिए और अक्सर बातचीत करते थे.  परिवार में अक्सर गृहक्लेश करने लगा. बिलाल की पत्नी गुलिस्ता ने जब उसका फोन चेक किया तो पता चला कि वह सोनी से ही घंटों घंटों बात करता था और एक दिन ऐसा आया कि बिलाल कहीं चला गया.  मामले में नया मोड़ तब आया जब 11 फरवरी की शाम जयपुर के एक होटल से जुड़ा एक वीडियो सामने आया. वीडियो में सोनी और युवक बिलाल साथ दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद युवक की पत्नी गुलिस्ता ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.  परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि बीते वर्ष डांसर सोनी के एक कथित प्रेमी का शव कब्रिस्तान में दबा हुआ मिला था, जिसे लेकर भी कई सवाल उठे थे. हालांकि उस मामले की जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. गुलिस्ता का कहना है कि उसके परिवार को तोड़ने की साजिश रची गई है और उसे इंसाफ चाहिए. वह अपने पति के साथ रहना चाहती है. उसे डर है कि सोनी उसके पति के साथ कुछ कर ना दे. उसका पति घर आ जाये. परिवार के सभी लोग सहमे हुए हैं और वह चाहते हैं कि उनका बेटा बिलाल सही सलामत घर आ जाए. पुलिस ने गुलिस्तां की शिकायत पर मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली है.  

गुजरात में शादी से पहले माता-पिता को मिलेगा मैसेज, सरकार का नया प्रस्ताव – आप क्या सोचते हैं?

अहमदाबाद  गुजरात सरकार ने राज्य के मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट में एक ऐसा संशोधन प्रस्तावित किया है, जिसने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है. गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने एलान किया कि अब शादी का सर्टिफिकेट लेने के लिए सिर्फ दूल्हा-दुल्हन की मर्जी काफी नहीं होगी. इस प्रक्रिया में अब ‘परिवार’ को भी कानूनी रूप से शामिल किया जा रहा है. सरकार का कहना है कि इससे परिवारों के बीच होने वाले विवादों और धोखाधड़ी की घटनाओं पर लगाम लगेगी. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या बालिग युवाओं के निजी फैसलों में सरकार या परिवार का दखल होना चाहिए? आप इस बारे में क्या सोचते हैं? क्या शादी के लिए माता-पिता को जानकारी देना प्राइवेसी का उल्लंघन है? प्रस्तावित नियमों के अनुसार, अब शादी का आवेदन करते समय एक ‘डिक्लेरेशन’ देना होगा. इसमें कपल्स को यह साफ बताना होगा कि उनके माता-पिता को इस शादी के बारे में पता है या नहीं. इसके बाद असिस्टेंट रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी होगी कि वह 10 दिनों के अंदर माता-पिता को व्हाट्सएप या मैसेज के जरिए इसकी जानकारी दे. सरकार इसे पारदर्शिता का नाम दे रही है, लेकिन कई लोग इसे प्राइवेसी में सेंध मान रहे हैं. क्या आपको लगता है कि एक बालिग नागरिक को अपनी शादी की सूचना घर पर देने के लिए कानूनन मजबूर किया जाना चाहिए? 30 दिनों का लंबा इंतजार और डिजिटल वेरिफिकेशन नए सिस्टम में अब शादी का सर्टिफिकेट तुरंत नहीं मिलेगा. आवेदन जमा करने के बाद 30 दिनों का अनिवार्य गैप रखा गया है. इस दौरान शादी की तस्वीरें, इनविटेशन कार्ड और गवाहों का पूरा डेटा सरकारी पोर्टल पर अपलोड होगा. सरकार का तर्क है कि इससे फर्जी शादियों पर रोक लगेगी. लेकिन प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों के लिए यह 30 दिन भारी पड़ सकते हैं, क्योंकि इस दौरान उन पर पारिवारिक दबाव बढ़ने की आशंका रहती है. क्या यह लंबी प्रक्रिया सिस्टम को और ज्यादा जटिल नहीं बना देगी? आपकी इस पर क्या राय है? कागजी कार्रवाई का बढ़ता बोझ अब सिर्फ लड़का-लड़की के डॉक्यूमेंट्स से काम नहीं चलेगा. आवेदन के साथ दूल्हा-दुल्हन के माता-पिता के आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट भी मांगे जा सकते हैं. इसके अलावा, शादी की फोटो और गवाहों का वेरिफिकेशन भी अनिवार्य होगा. यह सब कुछ एक डिजिटल डेटाबेस का हिस्सा बनेगा. कुछ लोगों का कहना है कि इससे क्राइम रेट कम होगा, जबकि कुछ इसे गैर-जरूरी कागजी कार्रवाई बता रहे हैं. क्या आपको लगता है कि इतने ज्यादा दस्तावेजों की मांग करना सही कदम है? क्या इस फैसले से सामाजिक ताना-बाना वाकई मजबूत होगा? सरकार का दावा है कि कई कम्युनिटी ग्रुप्स ने इस बदलाव की मांग की थी ताकि माता-पिता की भावनाओं का सम्मान हो सके. गुजरात सरकार मानती है कि परिवार समाज की सबसे छोटी और अहम इकाई है, इसलिए इसे बचाना जरूरी है. हालांकि, कानून के विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का संविधान हर बालिग को अपनी मर्जी से साथी चुनने का हक देता है. ऐसे में क्या यह नया नियम संविधान के मूल अधिकारों से टकराएगा? क्या सामाजिक मूल्यों को बचाने के लिए कानून का सहारा लेना उचित है? गुजरात सरकार ने इस प्रस्ताव पर 30 दिनों के लिए जनता की राय मांगी है. एक तरफ वे लोग हैं जो मानते हैं कि माता-पिता को सूचना देने से भागकर शादी करने के बाद होने वाली अनहोनी कम होगी. दूसरी तरफ वे युवा हैं जो इसे अपनी आजादी पर हमला मान रहे हैं.

नागौर में 2.5 KM लंबी निकासी में शामिल होंगे 10,000 बाराती

जयपुर. सैनिक क्षत्रिय माली समाज सामूहिक विवाह समिति के तत्वावधान में बुधवार को माली समाज संस्थान परिसर में पारंपरिक घृतपान रस्म के साथ पंचम सामूहिक विवाह सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सुबह सात बजे से वर-वधू अपने परिजनों के साथ समारोह स्थल पर पहुंचने लगे। करीब पांच बीघा में फैला माली समाज भवन परिसर वैवाहिक उल्लास और पारंपरिक सज्जा से सुसज्जित नजर आया। समिति ने प्रत्येक जोड़े को अधिकतम 15-15 परिजन साथ लाने के निर्देश जारी किए थे। जिसका व्यवस्थाओं में सकारात्मक प्रभाव नजर आया। सुबह सवा आठ बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडित सुनील दाधीच के नेतृत्व में पहले 70 वधुओं और बाद में 70 वरों को अलग-अलग घृतपान कराया गया। करीब तीन घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में समाज की परंपरानुसार सभी वैवाहिक रस्में विधिवत संपन्न हुईं। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, सादगी और सामूहिकता का संदेश दिया। परिवारजनों ने इस पल को मोबाइल में कैद किया। करीब तीन घंटे चली धार्मिक प्रक्रिया में सभी पारंपरिक रस्में विधिवत संपन्न हुईं। शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से वातावरण आध्यात्मिक बना रहा। दोपहर बाद महिलाओं के सानिध्य में विनायक पूजन हुआ। ढोलक की थाप पर गूंजते पारंपरिक मंगल गीतों ने वातावरण में उल्लास भर दिया। सुव्यवस्थित भोजन व्यवस्था में स्वयंसेवक लगातार मार्गदर्शन करते रहे। आज माली समाज भवन निकलेगी निकासी फुलरिया दूज पर गुरुवार सुबह आठ बजे माली समाज भवन से 70 दूल्हों की एक साथ घोड़ी पर निकासी निकाली जाएगी। चार बैंडों की अगुवाई में करीब 2.5 किलोमीटर लंबी बारात राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चेनार में बनाए गए विवाह स्थल पर पहुंचेगी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। समिति के अनुसार निकासी में करीब 10 हजार बाराती शामिल होंगे। यज्ञ वेदी पर होंगे पाणिग्रहण संस्कार विवाह स्थल पर यज्ञ वेदी सजाई गई है। पंडित सुनील दाधीच के मार्गदर्शन में पूर्ण विधि-विधान से पाणिग्रहण संस्कार कराएंगे। भामाशाह रामवल्लभ भाटी, बलदेवराम भाटी, समिति के अध्यक्ष कृपाराम देवड़ा, रामपाल देवड़ा, देवकिशन सोलंकी, मनीष कच्छावा, सूरजमल भाटी, कैलाश गहलोत, अर्जुनराम कच्छावा, रामचंद्र सांखला, पाबूराम सांखला आदि मौजूद रहे। गैर-डांडिया में झूमे समाज बंधु बुधवार को शाम सात बजे शुरू हुए गैर-डांडिया नृत्य ने माहौल में उत्सव का रंग भर दिया। नागौर, ताऊसर, चेनार, रोल, सालवा सहित विभिन्न गांवों से आए समाज बंधुओं ने पारंपरिक परिधानों में नृत्य किया। देर रात तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन ने सामूहिक विवाह महोत्सव का उल्लास बढ़ा दिया।

8 करोड़ कैश उड़ाने का वीडियो वायरल, पंजाबी शादी में दूल्हे-दुल्हन पर उठा सवाल

चंडीगढ़  शादियों में पैसा उड़ाना बेहद आम बात है. लेकिन आप सोचिए अगर किसी ने अपनी शादी में 8 करोड़ रुपये से कैश उड़ा दिया हो तो… जी हां, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन दिनों पंजाबी शादी का एक वीडियो आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें कपल के ऊपर नोटों की बारिश की जा रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि दुल्हे ने दुल्हन पर करीब 8 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश उड़ा दिए हैं. लेकिन इसके पीछे की सच्चाई क्या है आइए जानते हैं… हकीकत है कुछ और… इसी बीच कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जिससे यह आयोजन कई लोगों के अनुसार कैश पार्टी में बदल गया. हालांकि, दूल्हे के भाई सिकंदर सिंह ने साफ किया है कि शादी के दौरान पैसों की बारिश तो हुई, लेकिन ऑनलाइन हो रहे दावों का आसपास नहीं. उन्होंने बताया कि मेरा भाई ऑस्ट्रेलिया में ट्रक का कारोबार करता है. शादी 14 फरवरी को हुई थी. हमने जमकर पैसे लुटाए लेकिन खर्च लगभग 2 लाख रुपये ही हुए थे. सोशल मीडिया ने इसे करोड़ों में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, जो गलत है. कार्यक्रम का आयोजन करने वाले इवेंट मैनेजर और डीजे ने भी वायरल हो रहे 8 करोड़ रुपये के दावे को खारिज कर दिया. उनके अनुसार, कुल कैश लगभग 4 लाख रुपये थी, जिसमें कुछ डॉलर के नोट भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि करोड़ रुपये का आंकड़ा कैसे सामने आया और इतना वायरल हो गया.  वीडियो में क्या दिख रहा? वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा रहा है कि पंजाबी शादी में दुल्हे ने दुल्हन पर नोटों की बारिश कर रहे हैं. ऐसे में दावा यह किया जा रहा है कि इस शादी में कम से कम 8 करोड़ रुपये से अधिक कैश उड़ाए गए हैं, जो बिल्कुल गलत है. दुल्हे के भाई ने साफ कर दिया है कि यह 8 करोड़ रुपये नहीं बल्कि 2 लाख रुपये हैं. इस वीडियो को देख सोशल मीडिया यूजर्स हैरान हो गए हैं. कपल के ऊपर नोटों की ऐसी बारिश की गई जिसे देखकर आपकी आंखें फटी रह जाएगी.