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पी.एम. सूर्य घर योजना: रायगढ़ का एक गांव अब पूरी तरह सोलर एनर्जी से रोशन

जिला स्तरीय चयन समिति ने शुरू की चयन प्रक्रिया, 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों में अगले छह माह चलेगी प्रतिस्पर्धा रायुपर,  केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। कलेक्टर  की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के उन्हीं ग्रामों को प्रतिस्पर्धा में शामिल किया जाएगा, जिनकी जनसंख्या 5 हजार  से अधिक है। चूंकि जिले में इस श्रेणी के ग्राम सीमित संख्या में हैं, इसलिए प्रशासन ने सर्वाधिक जनसंख्या वाले 10 ग्रामों का चयन कर उन्हें छह माह की प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया है।          उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर  राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके।        रायगढ़ जिले में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में प्रतियोगिता के लिए चयनित 10 ग्राम ग्राम पंचायतों में घरघोड़ा विकासखंड का ग्राम कुडुमकेला, तमनार विकासखंड का ग्राम तमनार, रायगढ़ विकासखंड का ग्राम खैरपुर, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम विजयनगर, तमनार विकासखंड का ग्राम तराईमाल, लैलूंगा विकासखंड का ग्राम गहनाझरिया, पुसौर विकासखंड का ग्राम गढ़मरिया, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम छाल, पुसौर विकासखंड का ग्राम सिसरिंगा, और पुसौर विकासखंड का ग्राम कोडातराई। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज बनेगा।           जिले के सभी विकासखंड से ग्राम  पंचायतों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में अब अगले छह माह तक सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जनजागरूकता अभियान चलाने, घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना, तथा योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों की सतत समीक्षा की जाएगी।           इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए  प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है, जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, कृषि विस्तार अधिकारी तथा संबंधित शासकीय अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पी.एम. कुसुम योजना, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रदान करेगी।          क्रेडा के सहायक अभियंता विक्रम वर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।  छह माह की अवधि पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन ग्रामीणों द्वारा स्थापित सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं के लिए किए गए आवेदनों, सामुदायिक सहभागिता, उपलब्ध ऊर्जा सुविधाओं और सौर संसाधनों के उपयोग की आधारशिला पर किया जाएगा। इसी मूल्यांकन के आधार पर जिले के पहले सोलर मॉडल विलेज का चयन किया जाएगा और चयनित ग्राम का विस्तृत डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2025 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा, ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्रा निहारिका नाग बनी राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता

राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में छत्तीसगढ़ राज्य का किया नाम रोशन मिट्टीकला में निहारिका ने बढ़ाया प्रदेश का मान रायपुर,  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शंकरगढ़ की होनहार छात्रा निहारिका नाग ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना हर विद्यार्थी देखता है। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली यह बाल प्रतिभा आज अपने हुनर से न सिर्फ जिले का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय मानचित्र पर रोशन किया है। मिट्टीकला में मिला नया आयाम       शंकरगढ़ की कक्षा 11वीं की छात्रा निहारिका नाग को एकलव्य विद्यालय में प्रवेश के बाद अपनी मिट्टी कला सामर्थ्य को निखारने का सुनहरा अवसर मिला, जहां विद्यालय के बेहतर माहौल, उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञों के प्रशिक्षण ने उनके सपनों को मजबूती दी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक से मिली नई उड़ान           निहारिका ने पहले जगदलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने कला कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह जीत उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने में सहायक साबित हुई। उद्भव 2025 में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक से हुई दोहरी जीत        इसके बाद निहारिका ने आंध्र प्रदेश में आयोजित 6 वीं ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। लगातार दोहरा स्वर्ण पदक जीतकर निहारिका ने अपने विद्यालय और छत्तीसगढ़  राज्य का मान बढ़ाया है। शिक्षकों का मार्गदर्शन बना सफलता की नींव        निहारिका के इस सफलता के पीछे उनके कला शिक्षक श्री राहुल जंघेल की प्रेरणा और विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार तिर्की का सतत सहयोग और मार्गदर्शन रहा। निहारिका ने साबित कर दिखाया कि प्रतिभा को बस सही मंच की जरूरत होती है। निहारिका की बचपन से ही मिट्टी कला के प्रति गंभीर रुझान रखती थीं और विद्यालय ने उनकी इस प्रतिभा को ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेहनत और मार्गदर्शन से बनती है नई पहचान        निहारिका की इस उपलब्धि से  बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में उत्साह का माहौल है। निहारिका की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद ऊंचे सपने देखते हैं।  निहारिका नाग की तरह मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी विद्यार्थी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकता है।

खेत में लगी भयंकर आग से 7 एकड़ गन्ना नष्ट, किसान-ग्रामीण मिलकर कर रहे बुझाने की कोशिश

कवर्धा जिले में दामापुर के सैहामालगी गांव में आज दोपहर गन्ने की फसल वाले खेतों में अचानक लगी भयंकर आग ने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया है। घटना में करीब 7 एकड़ में खड़ी गन्ने की तैयार फसल पूरी तरह आग की चपेट में आ गई, जिससे क्षेत्र के किसानों को लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि खेतों में आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें काबू पाने का समय ही नहीं मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीण और किसान बोरिंग मोटर से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग बाल्टी और पाइप की मदद से आग की लपटों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।

62 करोड़ के धान घोटाले का बड़ा खुलासा: यमुनानगर से संदीप सिंगला गिरफ्त में, पत्नी की तलाश जारी

यमुनानगर  यमुनानगर में 62 करोड रुपए के सरकारी धान घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुलना शुरू हो गई है। धान घोटाले का मुख्य आरोपी संदीप सिंगला को यमुनानगर की सीआईए पुलिस ने गिरफ्तार किया है लेकिन उसकी पत्नी रितिका सिंगला अभी भी फरार है। दोनों पर सरकार के 62 करोड रुपए ढकारने के आरोप है।  12 नवंबर को उजागर हुआ था मामला मामला 12 नवंबर को उजागर हुआ था, जब चंडीगढ़ से फूड एंड सप्लाई विभाग के निदेशक ने खुद प्रताप नगर में सिंगला राइस मिल में चल रही भारी गड़बड़ियां की जांच की थी। धान घोटाले के लिए SIT का गठन किया गया और धीरे-धीरे धान घोटाले की रकम भी बढ़ती चली गई। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती गई संदीप सिंगला के काले कारनामे भी खुलकर सामने आए है।  जांच में खुलासा हुआ कि यमुनानगर जिले में ही संदीप सिंगला और उनकी पत्नी रितिका सिंगला के 7 राइस मिल है जो नियमों के बिल्कुल विपरीत है। फिलहाल पुलिस ने संदीप सिंगला को तो गिरफ्तार कर लिया है लेकिन उनकी पत्नी रितिका सिंगला अभी भी फरार है। संदीप सिंगला ने पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे किए हैं आशंका यह भी जताई गई है कि उन्होंने कई बड़े अधिकारियों के नाम भी उजागर किए हैं।  62 करोड रुपए के सरकारी धान में की बड़ी हेराफेरी यमुनानगर फूड एंड सप्लाई विभाग के अधिकारी जतिन मित्तल ने कहा कि संदीप सिंगला ने 62 करोड रुपए के सरकारी धान में बड़ी हेराफेरी की है जिसमें 62 करोड रुपए फूड एंड सप्लाई का है जबकि 22 करोड़ रुपए हैफड के है। पूरे मामले की एसआईटी जांच कर रही है और जो भी घोटाला संदीप सिंगला की तरफ से किया गया है उसकी प्रॉपर्टी को अटैच कर रिकवरी की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास के प्रकरण में दिए विभागीय जांच के निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले में एक मदिरा ठेकेदार द्वारा आत्महत्या के पूर्व बनाए गए वायरल वीडियो पर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रकरण प्रथम दृष्टया अत्यंत गंभीर श्रेणी का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर इस मामले में देवास की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर सहायक आयुक्त के विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ की गई है। 

स्कूलों पर PSEB की सख्ती तेज, 10 दिसंबर तक जवाब न देने पर होगी कार्रवाई

लुधियाना  पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) ने मार्च-2026 में होने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड ने राज्य के सभी स्कूलों की लॉगइन आई.डी. पर परीक्षा केंद्रों, उन्हें अलॉट किए गए बैंकों और उत्तर पुस्तिकाएं जमा करवाने वाले कलैक्शन सैंटर्स की विस्तृत जानकारी अपलोड कर दी है। बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जिन स्कूलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, वहां के स्कूल प्रमुख ही बतौर 'सैंटर कंट्रोलर' पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे। परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्रों के सुरक्षित रखरखाव से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं को कलैक्शन सैंटर तक जमा करवाने की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं की होगी। यदि किसी स्कूल प्रमुख को अलॉट किए गए परीक्षा केंद्रों को लेकर कोई आपत्ति या समस्या है तो उन्हें 10 दिसम्बर तक अपना आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी) के पास भेजना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 3 स्कूलों का विकल्प दर्ज करने और मंजूरी देने के बाद ही मुख्य दफ्तर में इस समस्या का समाधान किया जा सकेगा। संपर्क व्यवस्था को लेकर बोर्ड सख्त इस बार बोर्ड ने संपर्क व्यवस्था को लेकर विशेष सख्ती दिखाई है और पुराने अनुभवों से सबक लिया है। अक्सर देखा गया है कि बोर्ड के पास स्कूलों के पुराने नंबर ही दर्ज होते थे या कई बार प्रिंसीपल फोन नहीं उठाते थे जिससे परीक्षा के दौरान आपातकालीन स्थिति में बोर्ड को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इस संचार की कमी को दूर करने के लिए बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि स्कूल लॉगइन आई.डी. में प्रोफाइल के अंदर फोन नंबर वाले कॉलम-1 में प्रिंसीपल और कॉलम-2 में मोस्ट सीनियर लैक्चरर या मास्टर का मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि प्रिंसीपल किसी कारणवश सम्पर्क में नहीं आते तो दूसरे जिम्मेदार अधिकारी से तुरंत बात हो सके। सभी स्कूल प्रमुखों को हिदायत दी गई है कि वे 10 दिसम्बर तक हर हाल में यह अपडेट और कार्रवाई पूरी करना सुनिश्चित करें, ताकि मार्च-2026 की परीक्षाएं बिना किसी बाधा के सम्पन्न हो सकें।

फ्लाइट सेवाओं में अव्यवस्था को लेकर सैलजा सख्त, कहा– यात्रियों के अधिकारों पर तुरंत हो सरकारी हस्तक्षेप

चंडीगढ़  सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि देश में हवाई सेवाओं की अव्यवस्था लगातार बढ़ती जा रही है और एयरलाइंस द्वारा अचानक उड़ानें रद्द किए जाने की घटनाओं ने यात्रियों को गहरी चिंता और असुविधा में डाल दिया है। डीजीसीए और अन्य संबंधित संस्थाओं द्वारा समय रहते स्थिति की समीक्षा न करना तथा आवश्यक कदम न उठाना बेहद गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक विफलता को सामने लाती है, बल्कि करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। केंद्र सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि हवाई सेवाओं में एक प्रकार की एकाधिकार जैसी प्रवृत्ति उभरती दिखाई दे रही है, जिसका सीधा नुकसान आम यात्रियों को झेलना पड़ रहा है। बार-बार फ्लाइट कैंसिल होने की घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि यात्रियों के पास न तो कोई व्यवहारिक विकल्प बचता है और न ही एयरलाइंस की ओर से उन्हें संतोषजनक समाधान दिया जाता है। ऐसी स्थिति किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी कहा कि एयरलाइंस की पहली जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है, लेकिन जब कंपनियां अपनी मूल जिम्मेदारियों से पीछे हटने लगती हैं, तब सरकार और नियामक संस्थाओं की जवाबदेही और भी बढ़ जाती है। कुमारी सैलजा ने कहा कि केंद्र सरकार से मांग की कि वह इस पूरे मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए हवाई सेवाओं की निगरानी को मजबूत करे और एयरलाइंस को यात्रियों के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करे। सांसद ने स्पष्ट कहा कि अचानक उड़ान रद्द करने की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने, यात्री-हितैषी व्यवस्थाओं को लागू करने और उभरती एकाधिकार प्रवृत्ति की विस्तृत जांच करने की आवश्यकता है। एयरलाइंस द्वारा यात्रियों को समय पर वैकल्पिक व्यवस्था और मुआवजा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है, ताकि उनकी यात्रा योजनाओं और समय का सम्मान किया जा सके। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है, और केंद्र को इस विषय में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हालात दोबारा न बनें और हवाई यात्रा व्यवस्था में जनता का भरोसा कायम रह सके। किसानों को पानी उपलब्ध कराने का वादा नहीं हुआ पूराः सिरसा जिला के अनेक गांवों में सिंचाई के पानी की गंभीर समस्या को लेकर सांसद कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि किसानों को पानी उपलब्ध कराने का सरकार का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने मांग की है कि सरकार तुरंत इस समस्या का हल करे और पानी की आपूर्ति को बिना देरी बहाल किया जाए। सांसद ने कहा कि चौटाला सहित कई गांव लगातार पानी के संकट से जूझ रहे हैं, जिसके कारण किसान अपनी फसलों को बचाने तक में असमर्थ हो रहे हैं। सांसद ने कहा है कि इस मुद्दे को वह पहले भी लोकसभा में उठा चुकी हैं, लेकिन सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से हालात और खराब हो गए हैं। सांसद ने चेतावनी दी कि किसानों की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो बढ़ते आक्रोश के लिए वही जिम्मेदार होगी।

फरीदाबाद में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, अवैध निर्माण ढहाकर रिकवर की गई सरकारी भूमि

फरीदाबाद फरीदाबाद के डीटीपी एनफोर्समेंट ने आज पल्ला इलाके में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को पीले पंजे से धराशाई कर दिया, इससे पहले भी 6 बार इनमें से कई जगहों पर कब्जे हटाने की कार्रवाई की गई थी, हर बार डीटीपी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इन लोगों को चेतावनी देते हैं और कई लोगों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की गई है।  डीटीपी यजन चौधरी के मुताबिक कई बार इन लोगों का नुकसान हो चुका है। बहुत से लोगों ने इस जगह पर दोबारा कब्ज़ा करने की कोशिश नहीं की, लेकिन कई करते हैं तो नुकसान उठाते हैं। अबकी बार सख्त कार्रवाई करते हुए इनको चेतावनी दी गई है। आगे कानूनी कार्रवाई भी इनके खिलाफ अमल में लाई जायेगी। 

कांग्रेस में नई नियुक्तियों पर उठे सवाल, पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा– पार्टी की पहचान खतरे में

रायपुर छत्तीसगढ़ में आज कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों ने पदभार ग्रहण किया. राजधानी के गांधी मैदान स्थित जिला कांग्रेस भवन में रायपुर शहर समेत ग्रामीण के जिला अध्यक्षों ने पदभार ग्रहण किया. इस दौरान बड़ी संख्या में जिलों के पदाधिकारी और प्रदेश के पदाधिकारी शामिल हुए. इसी के साथ ही कांग्रेस पार्टी ने सभी पूर्व जिला अध्यक्षों को पद से मुक्त कर दिया है. इस दौरान पूर्व डिप्टी सीएम TS सिंहदेव ने मीडिया से बातचीत में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा- यह नियुक्ति कांग्रेस के मूल स्वरूप को बदलने वाली है. पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने कहा कि यह नियुक्ति कांग्रेस के मूल स्वरूप को बदलने वाली है. कोशिश है कि हम भी कैडर बेस्ड पार्टी खड़ा कर सकें. कांग्रेस में लोग केवल व्यक्ति से जुड़ने लगे थे, पार्टी से नहीं. अब संगठन आगे होगा, व्यक्ति थोड़ा पीछे रहेंगे. पूरा परिवर्तन लाने में थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन जितनी देर करते उतना पीछे रहते. पदभार ग्रहण के अवसर पर पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंह देव, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पीसीसी चीफ दीपक बैज और प्रदेश सह प्रभारी विजय जांगिड़ भी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. वहीं पश्चिम बंगाल में रखी जा रही बाबरी मस्जिद की नींव को लेकर भी पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आपने किसी से कोई चीज ले ली है. देश के कानून के अनुरूप भी नहीं ली. बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने धारा 142-143 लगाकर ले ली. उन लोगों की भावना आहत हुई है. ऐसा नहीं है कि वह देश के नागरिक नहीं रह गए. सबको अपने तौर तरीकों से पूजा अर्चना करने की आजादी है.

डिजिटल निगरानी की बड़ी पहल: टेंडर जारी होते ही सरपंचों को SMS अलर्ट, गांवों में बढ़ेगी पारदर्शिता

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार अब गांवों में विकास कार्यों से जुड़ी प्रक्रियाओं को और पारदर्शी बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिया है कि विकास एवं पंचायत विभाग के एचईडब्ल्यू पोर्टल पर जैसे ही कोई टेंडर जारी हो, उसकी जानकारी संबंधित सरपंचों को तत्काल SMS के माध्यम से भेजी जाए। सीएम सैनी ने कहा कि इस व्यवस्था से ग्रामीण प्रतिनिधियों को विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति की समय पर जानकारी मिलेगी, जिससे परियोजनाओं की निगरानी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से न केवल काम की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, बल्कि भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी पर भी रोक लगेगी। बैठक में बताया गया कि 1 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में कच्ची फिरनियों को पक्का बनाने का कार्य तेज गति से चल रहा है। अब तक 639 फिरनियों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 303 स्थानों पर कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा, ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य में 480 महिला चौपालों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 274 चौपालों पर कार्य जारी है। प्रथम चरण में 994 ई-पुस्तकालयों का नवीनीकरण भी पूरा कर लिया गया है और शीघ्र ही उनमें पुस्तकें व कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे।