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सेहत सुधारने के नाम पर जहर! भोपाल में ड्रग्स रैकेट में डॉक्टर और जिम संचालक शामिल

भोपाल भोपाल क्राइम ब्रांच ने ड्रग तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपित युवाओं को एमडी ड्रग्स (मेथामफेटामिन) की लत लगाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाते थे। वे वजन कम करने से लेकर अवसाद से जूझ रहे लोगों को एमडी ड्रग्स दवा के रूप में दिलवाते थे। इसके लिए वे डॉक्टरों का सहारा भी लेते थे। बाद में नशे के आदी हो चुके यही युवा उनके स्थायी ग्राहक बन जाते थे तो उन्हें महंगे दामों पर ड्रग्स बेचते थे। इसके अलावा तस्कर शहर के क्लब-पबों में होने वाली नाइट पार्टियों और कालेजों में भी लंबे समय से एमडी ड्रग्स खपा रहे थे। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि तस्कर शुक्रवार रात गोविंदपुरा स्थित सब्जी मंडी टीन शेड के पास एमडी ड्रग्स लेकर किसी ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बुधवारा निवासी 28 वर्षीय सैफुद्दीन पिता रफीकउद्दीन व ऐशबाग स्थित बाग फरहत अफजा निवासी 28 वर्षीय आशू उर्फ शाहरूख की तलाशी ली तो उनके पास से 15.14 ग्राम एमडी ड्रग्स मिला। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर ड्रग्स, स्कूटी और मोबाइल जब्त कर लिया है। इनमें से एक आरोपित सैफुद्दीन पांच हजार का इनामी बदमाश था, जो क्राइम ब्रांच के ही एनडीपीएस के एक मामले में फरार था। एसआइ नितिन पटेल के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे लंबे समय से ड्रग्स तस्करी के गिरोह से जुड़े हैं। सनव्वर नामक तस्कर से वे एमडी ड्रग्स खरीदते हैं। इसके बाद आरोपित उस एमडी ड्रग्स को महंगे दामों पर भोपाल के पबों और क्लबों में बेचते थे। डॉक्टर और जिम ऑपरेटर करते थे उनकी मदद साथ ही कॉलेजों में नशे के आदी युवाओं को भी सप्लाई करते थे। आरोपितों का कहना है कि वे ड्रग्स की लत लगाने के लिए नए ग्राहकों को भी तैयार करते थे। इनमें कुछ डॉक्टर भी उनकी मदद करते थे। वे अवसाद से जूझ रहे लोगों को एमडी ड्रग्स दवाई के रूप में देते थे, ताकि वे इसके आदी हो जाएं और फिर महंगे दामों पर खरीदें। इसके अलावा जिम संचालक एक्सरसाइज करने वाले लोगों को मोटापा कम करने की दवाई के रूप में ड्रग्स देते थे। आरोपितों ने पूछताछ में ड्रग्स की बात भी कबूली है। आरोपितों ने इस गिरोह से जुड़े करीब दस संदिग्ध लोगों के नाम लिए हैं, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी भी संदिग्ध की पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि जांच के घेरे में डाक्टर, जिम और पब संचालक हैं। उनकी जांच की जा रही है, जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

शहडोल में ब्रेक फेल बस को रोकने बना मानव ढाल, ट्रक ड्राइवर ने दिखाई बहादुरी

शहडोल शहडोल जिले के पथखई घाट में शनिवार की शाम एक बड़ा  हादसा उस समय टल गया, जब रायपुर से कांवड़ियों को लेकर मैहर जा रही एक बस का ब्रेक फेल हो गया। बस अनियंत्रित होकर घाटी की ओर तेजी से बढ़ रही थी, लेकिन सामने से आ रहे ट्रक चालक की सूझबूझ से सभी यात्रियों की जान बच गई। घटना सिंहपुर थाना क्षेत्र के पथखई घाट पर हुई। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के रायपुर से मैहर देवी के दर्शन के लिए जा रही बस (क्रमांक CG-07-BW-2738) में 50 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। जैसे ही बस पथखई घाट पर पहुंची, उसका ब्रेक अचानक फेल हो गया और वह अनियंत्रित होकर घाटी की ओर लुढ़कने लगी।   इसी दौरान रीवा से छत्तीसगढ़ की ओर जा रहा एक ट्रक सामने से आ रहा था। ट्रक चालक ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अपनी जान की परवाह  किए बिना ट्रक को बस के सामने सटा दिया। इससे बस ट्रक से टकराकर रुक गई और खाई में गिरने से बच गई। हादसे में बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित हैं। मौके पर पहुंची सिंहपुर पुलिस ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिली थी और तत्काल टीम को रवाना किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पथखई घाट पर आए दिन हादसे होते रहते हैं क्योंकि यहां वाहन तेज गति से चलते हैं और मोड़ काफी खतरनाक हैं। इस बार ट्रक चालक की सूझबूझ और साहस से एक बड़ी त्रासदी टल गई। 

मध्य प्रदेश: कुछ दिन राहत भरा रहेगा मौसम, बारिश के सिस्टम हुए निष्क्रिय

भोपाल  अवदाब का क्षेत्र अब राजस्थान की तरफ चला गया है। मानसून द्रोणिका भी ऊपर की तरफ चली गई है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने के कारण अभी दो-तीन दिन तक बारिश बारिश के आसार नहीं हैं। वातावरण में बड़े पैमाने में नमी रहने के कारण कहीं-कहीं बौछारें पड़ सकती हैं। उधर, शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सिर्फ श्योपुर में दो मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि पूर्वी राजस्थान और उससे लगे उत्तर-पश्चिम क्षेत्र पर अवदाब का क्षेत्र बना हुआ है। इसके कमजोर पड़कर गहरे कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून द्रोणिका अवदाब के क्षेत्र से होकर फतेहगढ़, मुजफ्फरपुर, बांकुरा, कोंटाई से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।   पूर्वी और उत्तरी इलाकों में हुई भारी बारिश एक पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों का प्रभाव मध्य प्रदेश पर अब नहीं है। इस वजह से दो-तीन दिन तक भारी बारिश होने की संभावना नहीं है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्र में भारी बारिश हुई है। इस वजह से उस क्षेत्र में काफी नमी बरकरार है। इस कारण तापमान बढ़ने की स्थिति में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। उधर, पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक श्योपुर में 48.2, शिवपुरी में 36, गुना एवं ग्वालियर में 33.2, नौगांव में 28, दतिया में 14.2, पचमढ़ी में 8.2, टीकमगढ़ में छह, जबलपुर में पांच, खजुराहो में चार, सिवनी में 3.2 और मलाजखंड में 2.5 मिलीमीटर बारिश हुई।

फर्जी एनकाउंटर का सच उजागर? CBI ने मारा छापा, निरीक्षक पपोला निलंबित

ग्वालियर नीमच में 16 साल पहले हुए फर्जी एनकाउंटर मामले में फरार चल रहे ग्वालियर में पदस्थ निरीक्षक मंगल सिंह पपोला की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। उन्हें निलंबित कर दिया गया है, वहीं सीबीआई की टीम उनकी तलाश में ग्वालियर के ठिकानों पर दबिश दे रही है। सूत्रों के अनुसार, ग्वालियर पुलिस के कुछ अधिकारी पर्दे के पीछे से निरीक्षक मंगल सिंह पपोला की मदद कर रहे हैं। वर्ष 2009 में नीमच पुलिस ने बंशी गुर्जर का एनकाउंटर करने का दावा किया था, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि बंशी गुर्जर जीवित है। इसके बाद यह मामला फर्जी एनकाउंटर साबित हुआ। घटना के समय जो पुलिसकर्मी और अधिकारी एनकाउंटर टीम में शामिल थे, उन पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। इसी टीम में मंगल सिंह पपोला भी शामिल थे, जो उस समय प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। जब सीबीआई ने इस मामले में गिरफ्तारी शुरू की तो मंगल सिंह फरार हो गए। वे जांच के दौरान सिक डालकर निकल गए थे। पंद्रह दिन बाद उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया, लेकिन वे पेश नहीं हुए। पुलिस अधिकारियों ने भी इस लापरवाही को नजरअंदाज कर दिया। अब जब सीबीआई ने सख्ती बढ़ाई तो पपोला को निलंबित कर दिया गया। जानकारी है कि सीबीआई को ग्वालियर के एक वाहन शोरूम पर उनकी मौजूदगी का सुराग मिला था, जिसके बाद टीम लगातार सक्रिय बनी हुई है। एनकाउंटर के बाद मिला था प्रमोशन फर्जी एनकाउंटर टीम में शामिल मंगल सिंह पपोला उस समय प्रधान आरक्षक थे और तत्कालीन टीआई पीएस परमार व मुख्तार कुरैशी के साथ ऑपरेशन में शामिल थे। एनकाउंटर के बाद पपोला को प्रमोशन भी मिला था। 

चार जंगली हाथियों की वापसी से बुढ़ार में हड़कंप, कई घर तबाह

शहडोल शहडोल जिले के वन परिक्षेत्र बुढार में जंगली हाथियों की पुनः वापसी ने इलाके के ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गया है। हाल ही में चार हाथियों ने अनूपपुर के अहिरगवा से लौटकर बुढार के आसपास के गांवों में दस्तक दी और एक दर्जन से अधिक घरों में तोड़फोड़ की है। बुढार रेंजर सलीम खान के अनुसार, इन हाथियों की निगरानी के लिए 50 से अधिक वन कर्मचारी तैनात किए गए हैं, ताकि इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। हाथियों के इस आतंक ने दो दिनों में बुढार वन परिक्षेत्र के कई गांवों में हलचल मचा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हाथियों के हमलों के चलते उनमें भय का माहौल उत्पन्न हो गया है। रेंजर सलीम खान ने बताया कि हाथियों ने बुढार से अनूपपुर की ओर रुख किया था, लेकिन अब ये दोबारा बुढार वन परिक्षेत्र में लौट आए हैं। हमारी टीमें लोगों को सतर्क करने के लिए मुनादी करवा रही हैं और नुकसान का पंचनामा तैयार कर राजस्व टीम को सूचित किया जा रहा है। नुकसान की भरपाई की आवश्यकता जनपद सदस्य जगन्नाथ शर्मा ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, हाथियों ने हमारे क्षेत्र में कई घरों को नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन को शीघ्र इन लोगों की मदद करनी चाहिए। हमें मुआवजे की राशि दिलवाई जानी चाहिए ताकि वे लोग जो बेघर हो गए हैं, उन्हें राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि भारी बारिश के बीच हाथियों ने कई कच्चे घर तोड़ दिया है, जिससे ग्रामीणों की स्थिति और भी खराब हो गई है। रेंजर के अनुसार, हाथियों ने सिलपरी, कठई, कोल्हारू टोला, कोदवार कला समेत कई स्थानों पर घुसकर घरों को तोड़कर सामान को तहस-नहस कर दिया है। इससे पहले भी वन विभाग ने हाथियों को खदेड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। चार रेंजरों के साथ वन विभाग की टीम हाथियो की निगरानी कर रही है।

बीमा राशि के लिए 18 साल तक भटका पिता, डीईओ की लापरवाही पर कोर्ट ने सुनाया फैसला

भोपाल बैतूल जिले के सरकारी स्कूल की एक छात्रा की दुर्घटना में मृत्यु के बाद भी उसके परिवार को विद्यार्थी सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत बीमा राशि नहीं दी गई। 18 साल बाद राज्य उपभोक्ता आयोग ने छात्रा के पिता को न्याय देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को दोषी मानते हुए 35 हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश सुनाया। मामला बैतूल जिले के उड़दन ग्राम का है, जहां के निवासी कुंजीलाल कुमरे ने डीईओ और द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ आयोग में अपील लगाई थी। आयोग के सदस्य डॉ. श्रीकांत पांडेय और डॉ. मोनिका मलिक की बेंच ने यह स्पष्ट किया कि छात्रा बीमा की हकदार थी और उसकी मृत्यु के 15 दिन के भीतर बीमा राशि का भुगतान किया जाना चाहिए था। बता दें कि इससे पहले जिला उपभोक्ता आयोग ने छात्रा के पिता के खिलाफ में निर्णय सुनाया था, जिसके बाद राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की गई थी।   बीमा न मिलने का कारण डीईओ की लापरवाही बीमा कंपनी ने दलील दी कि डीईओ ने निर्धारित समय पर प्रीमियम राशि जमा नहीं की थी, इस कारण पालिसी प्रभाव में नहीं रही। कंपनी ने यह भी कहा कि पालिसी की अवधि एक अगस्त 2006 से 31 जुलाई 2007 तक थी, जबकि छात्रा की मृत्यु 19 अगस्त 2007 को हुई। वहीं, अपीलकर्ता के वकील ने तर्क रखा कि योजना का नवीनीकरण हर वर्ष होता है और एक अगस्त 2007 से 31 जुलाई 2008 तक नई पालिसी प्रभावी थी। इसके अलावा योजना के तहत डीईओ को स्थानीय निधि से प्रीमियम राशि जमा करने की सुविधा भी थी। आयोग का निष्कर्ष आयोग ने पाया कि पूरी कक्षा के लिए लगभग 2.65 लाख रुपये की प्रीमियम राशि डीईओ को जमा करनी थी, लेकिन उन्होंने लापरवाही बरती। इस कारण बीमा कंपनी की बजाय डीईओ को दोषी मानते हुए हर्जाने का आदेश दिया गया।

माओवादियों की बिछाई मौत की राह में फंसा किशोर, गंभीर रूप से घायल

 बीजापुर  छत्तीसगढ़ की जमीन से माओवाद के खातमे को लेकर प्रशासन और सुरक्षाबलों की ओर से लगातार प्रयास जारी है। इसी बीच माओवादी भी रह-रहकर कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं और निर्दोष लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। बीजापुर के भोपालपटनम थाना क्षेत्र के माओवाद प्रभावित कोंडापडगु में शनिवार की शाम माओवादियों का एक और अमानवीय कृत्य सामने आई, जिसमें जंगल में मवेशी चराने गया एक 16 वर्षीय किशोर माओवादियों के लगाए हुए प्रेशर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार शनिवार की शाम को कोंडापडगु निवासी कृष्णा गोटा पिता फकीर मवेशी चराने जंगल गया हुआ था, तभी जमीन में दबे हुए प्रेशर आइईडी पर उसका पैर पड़ गया। जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में कृष्णा के पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। इलाज जारी, स्थिति गंभीर घायल बालक को तत्काल उपचार हेतु जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, परंतु समय पर चिकित्सा मिलने से उसकी जान बच गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर तलाशी अभियान प्रारंभ कर दिया है। माओवादियों के लगाए हुए अन्य विस्फोटकों की खोज के लिए विशेष टीम भेजी गई है। माओवादी अपनी जान बचाने खतरे में डाल रहे निर्दोषों की जान बस्तर में सुरक्षा बलों के अभियान से डरे माओवादी अपनी जान बचाने जंगलों में बारूद बिछा रहे हैं, पर इसकी चपेट में निर्दोष ग्रामीण आ रहे हैं। इस वर्ष अब तक एक दर्जन से अधिक ग्रामीण माओवादियों के लगाए विस्फोटक की चपेट में आकर घायल हुए हैं, या मारे गए हैं। पुलिस ने जनता से अपील की गई है कि वे जंगल क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता बरतें तथा यदि कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या सुरक्षा कैंप को सूचित करें। सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।

माओवादी ऑपरेशन के दौरान संवेदनशील जानकारी लीक न हो इसके लिए उठाए सख्त कदम

जगदलपुर माओवादी मोर्चे पर तैनात सुरक्षा बलों की रणनीतिक गोपनीयता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक सख्त कदम उठाया गया है। माओवाद प्रभावित जिलों में तैनात सुरक्षा बल के जवानों को इंटरनेट और सोशल मीडिया से दूर रहने के लिए निर्देशित किया गया है। जिससे की किसी भी प्रकार की ऑपरेशन जानकारी लीक न हो सके। बता दें कि बस्तर संभाग के सातों माओवादी प्रभावित जिलों – दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोंडागांव, कांकेर और बस्तर में तैनात डीआरजी (जिला रिजर्व गार्ड), एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स) के जवानों के सभी इंटरनेट मीडिया अकाउंट अब डिलीट करा दिए गए हैं। जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे किसी भी प्लेटफार्म से दूरी बनाए रखें और भविष्य में कोई भी ऑपरेशनल जानकारी साझा न करें। इस निर्णय के पीछे मुख्य वजह पिछले दिनों हुए ऑपरेशन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों का इंटरनेट मीडिया के ज़रिए लीक होना, बताया जा रहा है। माओवादी कमांडर बसव राजू के मारे जाने के बाद जवानों द्वारा पोस्ट किए गए आपरेशनल वीडियो मिलियन्स में व्यूज बटोर रहे थे, जिनमें हथियार, जंगल मार्ग, मुठभेड़ स्थल और यहां तक कि घायल या मारे गए माओवादियों की तस्वीरें भी शामिल थीं। इससे मिशन की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा था। जवानों को दी जा रही काउंसलिंग जवानों को साइबर सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर विशेष काउंसलिंग भी दी जा रही है ताकि वे अनजाने में भी कोई संवेदनशील जानकारी साझा न करें। यह कदम माओवादी विरोधी अभियानों की सफलता सुनिश्चित करने और जवानों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में लिया गया निर्णायक निर्णय है। ऑपरेशन में सीमित होगा मोबाइल उपयोग ऑपरेशन के दौरान मोबाइल उपयोग भी सीमित कर दिया गया है। जवान केवल आपातकालीन या आधिकारिक संपर्क के लिए ही फोन का प्रयोग कर सकेंगे। वीडियो बनाना, फोटो लेना और रिकार्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।आपरेशन के बाद मोबाइल की जांच भी अनिवार्य कर दी गई है।

बाड़मेर में भारी बारिश का असर: शहर की गलियां बनीं नदियां, मौसम हुआ सुहाना

बाड़मेर थार नगरी बाड़मेर में मानसून जमकर मेहरबान नजर आ रहा है। शनिवार रात को जिले में मूसलधार बारिश से शहर की सड़कें पानी का दरिया बनी गईं। शहर की सड़कों पर करीब एक से डेढ़ फीट पानी का बहाव रहा। जिसके चलते पैदल राहगीरों ओर वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामान करना पड़ा। शनिवार रात को चले बारिश के दौर के कारण शहर के कई कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी का भराव हो गया। पिछले दो दिनों को हुई अच्छी बारिश से फसलों को जीवनदान मिला। किसानों को इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद है। वहीं जिले में हुई बारिश के बाद से मौसम में ठंडक घुल गई है, जिसके कारण लोगों को गर्मी को उमस से भी राहत मिली है। शनिवार देर शाम को अचानक बाड़मेर के आसमान में काले घनघोर घटाएं छा गई और कुछ ही देर बाद अचानक तेज बारिश का दौर शुरू हुआ जो कि रुक-रुक कर देर रात तक जारी रहा। मेघ गर्जना के साथ हुई मूसलाधार बारिश के चलते कुछ ही देर में शहर की सड़क पानी से दरिया बनी नजर आई सड़क पर एक-डेढ़ फीट तक पानी के बहाव चलना शुरू हो गया। जिसके चलते राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, बारिश के चलते शहर की बिजली कई घंटे तक गुल रही, इसके कारण भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शनिवार रात को रुक-रुक कर चले बारिश के दौर के कारण शहर में सिणधरी रोड ओवरब्रिज के पास, कृषि मंडी आवासीय कॉलोनी, सब्जी मंडी परिसर, किसान भवन परिसर, रोडवेज बस स्टैंड परिसर, बलदेव नगर , शास्त्री नगर अंडरब्रिज सहित कई स्थानों पर में जल भराव की समस्या के कारण आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, रविवार सुबह से बाड़मेर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं और रिमझिम बारिश का दौर चल रहा है। ऐसे में फिलहाल थार का मौसम सुहाना बना हुआ है।  

श्रीराम पर बयानबाज़ी: शेखावत ने उठाए सवाल, बोले- गहलोत कांग्रेस से अलग सोच क्यों रखते हैं?

जोधपुर केन्द्रीय पयर्टन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत अपने एक दिवसीय दौरे पर जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया गया। केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाजपा द्वारा राम पर कब्जा करने के बयान पर पलटवार किया। कहा कि गहलोत की सरकार द्वारा राम और रामसेतु को लेकर जो शपथपत्र सुप्रीम कोर्ट में दिया गया था। उस पर विचार साझा करते हुए बताना चाहिए पार्टी और उनके स्टैंड अलग-अलग कैसे हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले जयपुर में राम और हिन्दू धर्म को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने आरएसएस और भाजपा पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था भाजपा के लोग ऐसा दिखाते हैं, जेसे राम पर उनकी ठेकेदारी है। केवल वहीं हिन्दू हैं। क्या हम हिन्दू नहीं, हमारे तो नेताओं के नाम में भी राम लगा है। नाथूराम मिर्धा परसराम मदेरणा। उन्होंने आगे कहा कि राम तो हमारे हैं। भाजपा ने सड़कों पर उतरकर, दंगे भड़काकर, राम पर कब्जा कर रखा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशभर में पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश को लेकर कहा कि कांग्रेस और काल की एक ही राशि है। उनके समय काल पड़ता है। हमारे समय भाजपा, भगवान भरोसे भजनलाल, भाग्य और अच्छे जमाने सब की एक ही राशि है। केन्द्रीय मंत्री शेखावत एयरपोर्ट से सीधे सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल के साथ जिलेभर की व्यवस्था को लेकर एवं बारिश को लेकर आवश्यक चर्चा करते हुए निर्देश दिए। वहीं, सर्किट हाउस में भाजपा शहर की नई कार्यकारिणी के सदस्यों ने भी उनसे मुलाकात की। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी जोधपुर प्रवास पर आए हुए उन्होंने भी केन्द्रीय मंत्री शेखावत से मुलाकात की।