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अयोध्या: राम मंदिर में आज ध्वजारोहण, विशेष मुहूर्त चयनित, मोबाइल फोन पर प्रतिबंध

अयोध्या राम मंदिर में 25 नवंबर को होने वाला ध्वजारोहण समारोह स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह की गरिमा के साथ संपन्न होगा। वैदिक परंपराओं और आधुनिक शिष्टाचार के बीच सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित शुभ मुहूर्त में ध्वजारोहण की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इसी अवधि के भीतर चुने गए 30 मिनट के श्रेष्ठ मुहूर्त में ध्वज फहराया जाएगा। यह मुहूर्त दोपहर 12 से 12:30 बजे तक होगा। समारोह की सबसे महत्वपूर्ण घड़ी वह क्षण होगा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत स्वतंत्रता दिवस के अनुरूप ही ध्वज फहराने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। ध्वज को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सलामी दी जाएगी। शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और मंगल वाद्य की ध्वनि पूरे परिसर में गूंजेगी। ध्वज फहराते ही मंदिर परिसर में घंटे-घड़ियाल बजने लगेंगे। समारोह को उसी शिष्टाचार के साथ आयोजित किया जा रहा है जैसा राष्ट्रीय पर्वों पर देखने को मिलता है। ध्वजारोहण की पूरी प्रक्रिया सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी की जाएगी। परिसर को पारंपरिक ध्वजों, पुष्प और दीप से सजाया जा रहा है। शहरभर में सुरक्षा, यातायात और आगंतुकों की सुविधा की विशेष व्यवस्था की गई है। रोड शो भी कर सकते हैं ध्वजारोहण समारोह में आ रहे पीएम मोदी राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह में 25 नवंबर को आगमन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में रोड शो भी कर सकते हैं। सोमवार या मंगलवार को एसपीजी के आने पर पीएम मोदी के एयरपोर्ट से राम मंदिर तक का रूट फाइनल होने के बाद इस बारे में अंतिम निर्णय किया जाएगा। पीएम मोदी के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक रूप से दो रूट तय किए हैं। पहला विकल्प एयरपोर्ट से महोबरा बाजार होते हुए राम मंदिर तक सड़क मार्ग से जाना प्रस्तावित है। यह मार्ग करीब 12 किमी लंबा है। दूसरे विकल्प के रूप में एयरपोर्ट से हेलीकाप्टर से साकेत कॉलेज में बने हेलीपैड पर उतर कर राम मंदिर तक जाना प्रस्तावित किया गया है। यह मार्ग सिर्फ एक किमी लंबा है। इन दोनों मार्गों पर पीएम के संभावित आवागमन के लिए सुरक्षा व अन्य व्यवस्था से जुड़ी सभी तैयारियां की जा रही हैं। साकेत कॉलेज में तीन हेलीपैड बन कर तैयार हो गए हैं।प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकरी कई चरणों में इन दोनों प्रस्तावित मार्गों का निरीक्षण कर चुके हैं। एसपीजी के आने के बाद इन दोनों में से कोई एक मार्ग पीएम मोदी के लिए फाइनल किया जाएगा। इसके बाद मार्ग के दोनों लेन पर बैरिकेडिंग करवाई जाएगी। आसपास के घरों और अन्य भवनों पर पीएम के काफिले की मूवमेंट के दौरान सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे। सड़क मार्ग पर भी फोर्स मुस्तैद रहेगी। रोड शो पर भी अंतिम निर्णय एसपीजी की सहमति मिलने के बाद ही किया जाएगा।  

झारखंड के रामगढ़ में हाथियों का हमला, महिला की दर्दनाक मौत

रामगढ़ झारखंड के रामगढ़ जिले के जगेश्वर ओपी क्षेत्र अंतर्गत खरकंडा गांव में रविवार देर रात हाथियों के एक बड़े झुंड ने भारी उत्पात मचा दिया। करीब आधी रात को अचानक गांव में घुसे इस झुंड ने न केवल कई घरों को तहस-नहस किया, बल्कि 45 वर्षीय सांझो देवी की कुचलकर हत्या भी कर दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश व्याप्त है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बोकारो सीमा से लगे इस गांव में देर रात हाथियों के झुंड के प्रवेश की भनक लगते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। अपनी सुरक्षा के लिए अधिकांश ग्रामीण घरों की छतों पर चढ़कर छिप गए, लेकिन सांझो देवी समय पर सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंच सकीं और हाथियों के हमले का शिकार हो गईं। हाथियों ने कई कच्चे और पक्के मकानों को तोड़ दिया तथा घरों में रखे धान सहित अन्य खाद्यान्न भी खा लिए। ग्रामीणों का कहना है कि झुंड करीब दो घंटे तक गांव में डेरा जमाए रहा, जिसके चलते भारी नुकसान हुआ। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम देर रात गांव पहुंची, लेकिन तब तक हाथी काफी तबाही मचा चुके थे। विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सुबह तक झुंड को गांव से बाहर खदेड़ने की कोशिशें जारी रखीं। अधिकारियों के अनुसार झुंड अभी भी गांव के आसपास ही मौजूद है, जिससे सभी को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सोमवार सुबह घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने लालपनिया रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के लिए स्थायी सहायता और क्षतिग्रस्त घरों की भरपाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर समय पर कार्रवाई न करने और गांव में हाथियों की बढ़ती आवाजाही पर रोक नहीं लगाने का आरोप भी लगाया है। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग स्थिति को नियंत्रित करने और ग्रामीणों को राहत देने के प्रयास में जुटे हुए हैं।  

दिव्यांगजन कल्याण एवं पुनर्वास नीति 2025: ड्राफ्ट को सशक्त बनाने हेतु 18 नवंबर को कार्यशाला

  ’राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध विशेषज्ञ का होगा विमर्श’ रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग और यूनिसेफ के विशेष सहयोग से रायपुर स्थित एक नीजि होटल में ’’छत्तीसगढ़ राज्य दिव्यांगजन कल्याण एवं पुनर्वास नीति 2025’’ के ड्राफ्ट को और सशक्त बनाने महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन करेगा। यह कार्यशाला महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न होगी। कार्यशाला का उद्देश्य है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए एक व्यापक और समावेशी नीति को अंतिम रूप देना है। दिव्यागजन अधिकार अधिनियम, 2016 एक ऐतिहासिक कानून है जो दिव्यांगता को दया के बजाय ’अधिकार’ के विषय के रूप में स्थापित करता है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा ’’छत्तीसगढ़ राज्य दिव्यांगजन कल्याण एवं पुनर्वास नीति 2025’’ का एक व्यापक ड्राफ्ट तैयार किया गया है। ड्राफ्ट को और अधिक सशक्त एवं समावेशी बनाने के लिए यह कार्यशाला यूनिसेफ के विशेष सहयोग से आयोजित की जा रही है। यह कार्यशाला ’’हमारे बिना, हमारे बारे में कुछ भी नहीं’’ के मार्गदर्शी सिद्धांत पर आधारित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य नीति को अंतिम रूप देने से पहले प्रमुख हितधारकों, विभिन्न संबंधित विभागों और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से अमूल्य सुझाव एवं व्यावहारिक फीडबैंक प्राप्त करना है। इस महत्वपूर्ण विमर्श को तकनीकी और विशेषज्ञ राय प्रदान करने के लिए देश के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल होंगे। इनमें श्री राजीव रतूड़ी (राजीव रतूड़ी बनाम भारत संघ के ऐतिहासिक मामले में मुख्य याचिकाकर्ता एवं डिसेबिलिटी राइट्स प्रमोशन इंटरनेशनल के एशिया पेसिफिक क्षेत्रीय अधिकारी), श्री समीर घोष (समावेश सलाहकार, विश्व बैंक), श्री अखिल पॉल (मुख्य संरक्षक, सेंस इंटरनेशनल इंडिया) और यूनिसेफ की विशेषज्ञ सुश्री अलका मल्होत्रा प्रमुख हैं। नीति-निर्माण में ’’समग्र शासन दृष्टिकोण’’ सुनिश्चित करने के लिए कार्यशाला में राज्य शासन के विभिन्न प्रमुख विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। कार्यशाला में गृह (पुलिस), पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण, जनसंपर्क एवं पर्यटन, सामान्य प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वित्त, वाणिज्य एवं उद्योग, परिवहन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, श्रम, खेल एवं युवा कल्याण और ग्रामोद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला में मुख्य अपेक्षित परिणाम ड्राफ्ट नीति के हर अध्याय जैसे- शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुलभता और सामाजिक सुरक्षा पर विशेषज्ञों और इन सभी विभागों से ठोस इनपुट प्राप्त करना है। कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को समाहित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अंतिम नीति न केवल व्यापक, समावेशी और सुदृढ़ बने, बल्कि प्रदेश में दिव्यांगजनों के जीवन में वास्तविक व सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

आजम खान और बेटे पर पैन कार्ड केस में सजा का खतरा, कोर्ट ने दोनों को दोषी माना

लखनऊ रामपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है. पैन कार्ड मामले में सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को अदालत ने दोषी करार दिया है. अब्दुल्ला आजम खान पर आरोप था कि उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु पूरी न होने के बावजूद विधायक बनने के लिए कूटरचना की.  क्या हैं आरोप? आरोपों के मुताबिक उन्होंने अपनी उम्र अधिक दिखाने के लिए दूसरा पैन कार्ड बनवाया, जिसके पीछे आजम खान पर भी साजिश रचने का आरोप लगा. अदालत ने सभी पहलुओं की सुनवाई के बाद दोनों- आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान- को इस मामले में दोषी ठहराया है.  SC ने खारिज कर दी थी FIR रद्द करने की याचिका इससे पहले 6 दिसंबर को अब्दुल्ला आजम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था. अदालत ने पासपोर्ट बनवाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और दो पैन कार्ड रखने के आरोप में दर्ज एफआईआर रद्द करने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी. बेंच ने कहा कि एफआईआर रद्द करने के लिए कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है और न ही कानूनी प्रक्रिया में दखल देने की कोई वजह दिखाई देती है. आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने पासपोर्ट के लिए गलत जन्मतिथि और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया. मुश्किल में आजम खान इसी मामले में राहत पाने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था. अब अदालत ने अब्दुल्ला आजम के साथ उनके पिता आजम खान को भी दोषी ठहराया है, जो हाल ही में जेल से बाहर आए हैं.  

बॉलीवुड सिंगर शिल्पा राव की आवाज़ पर झूमा मैदान, कल्पना सोरेन ने भी दिए सुरों का साथ

रांची बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर शिल्पा राव ने मोरहाबादी मैदान में लाइव शो किया। उनके लाइव शो में गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं। इस दौरान कल्पना सोरेन ने भी शिल्पा राव के साथ सुर मिलाए। बता दें कि बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर शिल्पा राव झारखंड की रहने वाली है। कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने उनकी उपस्थिति का स्वागत जोरदार तालियों और उत्साह के साथ किया। स्टेज पर आते ही शिल्पा राव ने रांची वासियों का अभिवादन किया और कहा कि झारखंड की धरती पर आकर वह हमेशा खुद को विशेष ऊर्जा से भरा महसूस करती हैं। इस दौरान शिल्पा ने कई सुपरहिट गाने गाए। उनकी प्रस्तुति में जोश उस समय चरम पर पहुंच गया जब उन्होंने मंच पर विधायक कल्पना सोरेन को आमंत्रित किया। शिल्पा राव के गीतों की लय और माहौल ऐसा था कि कल्पना सोरेन खुद को रोक नहीं सकीं। उन्होंने मंच पर जाकर बॉलीवुड गीतों पर शिल्पा राव का साथ दिया। कल्पना सोरेन ने भी शिल्पा के साथ सुर मिलाए। यह दृश्य दर्शकों के लिए यादगार बन गया। समारोह में केवल आधुनिक संगीत ही नहीं, बल्कि झारखंडी लोकसंगीत और लोक नृत्य की छटा भी बिखरी। दर्शकों ने कहा कि यह क्षण स्थापना दिवस समारोह के सबसे यादगार पलों में शामिल हो गया। एक और बॉलीवुड की जानी-मानी आवाज मंच पर थी, वहीं दूसरी ओर राज्य की लोकप्रिय जनप्रतिनिधि जनता के बीच खड़ी होकर कला और संस्कृति के उत्सव को और खास बना रही थीं।  

समितियों पर बड़ी कार्रवाई: धान खरीदी रोकने पर 250 दुकानों की मान्यता रद्द, 12 पर मामला दर्ज

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने रायपुर जिले की राशन दुकानों का आवंटन निरस्त करने का बड़ा फैसला लिया है. रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद धान खरीदी में सहयोग नहीं करने वाली सहकारी समितियों द्वारा संचालित 250 राशन दुकानों का आवंटन निरस्त किया गया है. अब इन दुकानों के संचालन का जिम्मा ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है. पंचायतों से कहा गया है कि वे अपने लोगों की मदद से राशन दुकानों का संचालन करें.   जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह को लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि सहकारी समितियां धान खरीदी करने में बिना वजह व्यवधान पैदा कर रही हैं. किसानों को धान बेचने से भी रोक रहे थे. इतना ही नहीं मंडियों में पहुंचने वाले किसानों को कई तरह की बातें बताकर वापस किया जा रहा था. लगातार इस तरह की शिकायत मिलने के बाद ही कलेक्टर ने आदेश जारी किया कि अब रायपुर जिले में जिन 250 राशन दुकानों का संचालन सहकारी समितियां कर रही थी, उनका संचालन अब ग्राम पंचायत वाले करेंगे. 12 कंप्यूटर ऑपरेटरों पर एफआईआर राज्य में हड़ताल पर गए सहकारी समितियों के कर्मचारियों पर सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है. सभी कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर धान खरीदी के लिए मंडियों में लौटने के निर्देश दिए गए हैं. ड्यूटी में कर्मचारियों को वापस नहीं लौटने पर सरकार ने एक्शन लेना शुरू किया. रायपुर के पुरानी बस्ती, खरोरा, धरसींवा और तिल्दा-नेवरा थानों में दर्जनभर कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अति आवश्यक सेवा संधारण व विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के तहत केस दर्ज किया गया है. जानकारी के मुताबिक पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में राजू दास, ओमप्रकाश माहले, विजय गुप्ता, सुवेश, आनंद सहित अन्य पर केस दर्ज किया गया है. धरसींवा में बृज मोहन देवांगन, तिल्दा में रामकुमार वर्मा और पोषण लाल धुरंधर, जबकि खरोरा में कौशल वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. सभी कर्मचारी मंडियों में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं. हड़ताली समिति प्रबंधकों को लगा बड़ा झटका कलेक्टर के इस फैसले के बाद हड़ताल करने वाले सहकारी समिति प्रबंधकों को बड़ा झटका लगा है. समिति प्रबंधकों ने भी आरोप लगाया है कि हड़ताल तोड़ने के लिए ये फैसला लिया गया है. इस फैसले के बाद भी अभी तक हड़ताल खत्म करने की कोई सूचना जारी नहीं की गई है. ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से दुकानों का संचालन सहकारी समितियां ही कर रही थी.

खदान हादसा बढ़ा भयावह, सोनभद्र में मलबे में दबे मजदूरों की तलाश जारी

 सोनभद्र उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में ढही एक पत्थर खदान के मलबे से पांच और शव बरामद हुए हैं. इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या छह हो गई है. जिला मजिस्ट्रेट बीएन सिंह ने बताया कि रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात को ये शव बरामद किए गए. पिछले 48 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है.   न्यूज एजेंसी के अनुसार, मृतक की पहचान ओबरा के पनारी निवासी इंद्रजीत (30) के रूप में हुई है. अन्य मृतकों की पहचान इंद्रजीत के भाई संतोष यादव (30), रविंद्र उर्फ ​​नानक (18), रामखेलावन (32) और कृपाशंकर के रूप में हुई है. राजू सिंह (30) का शव रविवार को बरामद किया गया.  प्रदेश के मंत्री और स्थानीय विधायक संजीव कुमार गोंड ने शनिवार शाम को खदान ढहने के बाद बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में घटनास्थल का दौरा किया था. उन्होंने ने कहा, "लगभग एक दर्जन मज़दूर मलबे में दबे हो सकते हैं." वहीं, वाराणसी जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पीयूष मोर्डिया ने रविवार को कहा कि भारी पत्थरों की मौजूदगी के कारण मलबा हटाने में समय लग रहा है. सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने बताया कि उन्हें शनिवार शाम करीब 4.30 बजे ओबरा थाने में घटना की सूचना मिली. फोन करने वाले ने बताया कि कृष्णा माइनिंग वर्क्स द्वारा संचालित एक पत्थर खदान का एक हिस्सा ढह जाने से कई मजदूर मलबे में दब गए.  एसपी के मुताबिक, पुलिस ने परसोई टोला निवासी छोटू यादव की शिकायत पर कृष्णा माइनिंग वर्क्स के मालिक और उनके व्यापारिक साझेदारों मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी (दोनों ओबरा निवासी) के खिलाफ मामला दर्ज किया है. तीनों आरोपियों की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है.  उधर, समाजवादी पार्टी के रॉबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल खरवार ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से माफिया द्वारा खदान को अवैध रूप से चलाया जा रहा था. उन्होंने कहा, "पत्थरों के नीचे 12 से 15 लोगों के दबे होने की आशंका है. इस इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है. हर महीने एक-दो ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन खनन माफिया कैसे सब कुछ संभाल लेते हैं." सपा सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन किया जा रहा है. खरवार ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें फंसे खदान मजदूरों के परिजनों से मिलने से रोका. उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे और प्रत्येक परिवार के लिए एक सरकारी नौकरी की भी मांग की. 

स्कूल में ‘वंदे मातरम’ पर आपत्ति विवाद बना, शिक्षक सस्पेंड

अलीगढ़ एक प्राथमिक स्कूल में 12 नवंबर की सुबह प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम’ के उच्चारण को लेकर दो शिक्षकों के बीच विवाद हो गया. ये स्कूल में हर दिन होने वाली नियमित प्रार्थना के समय का मामला है. जानकारी के अनुसार राष्ट्रगान के बाद सहायक अध्यापक चंद्रपाल सिंह बच्चों से ‘वंदे मातरम’ का उच्चारण करा रहे थे. इसी दौरान वहीं मौजूद सहायक शिक्षक शम्सुल हसन ने इसका विरोध जताया. बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के मुताबिक हसन ने चंद्रपाल सिंह से कहा, “यह यहां नहीं चलेगा” और दावा किया कि यह उनकी मजहबी मान्यताओं के खिलाफ है. स्कूल की प्रिंसिपल सुषमा रानी ने अपनी लिखित शिकायत में कहा कि शिक्षक शम्सुल हसन ने नाराजगी में यह भी कहा कि “यहां मुस्लिम बच्चे हैं” इस पर प्रिंसिपल और अन्य शिक्षक भी मौके पर पहुंचे और ‘वंदे मातरम’ के समर्थन में अपना पक्ष रखा. घटना की सूचना खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) रामशंकर कुरील को दी गई. वे स्कूल पहुंचे और दोनों शिक्षकों सहित उपस्थित स्टाफ के बयान दर्ज किए. इस पर शम्सुल हसन को निलंबित कर दिया गया है हालांकि वह कह रहे हैं कि उन्हें फसाया जा रहा है. विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्राथमिक शिक्षा विभाग का कहना है कि तथ्य जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

रांची धुर्वा डैम त्रासदी: एक और पुलिसकर्मी का शव मिला, पूरे विभाग में मातम

रांची झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा डैम में हुए भीषण हादसे में लापता चल रहे चौथे पुलिसकर्मी सत्येंद्र सिंह का शव सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया। इससे पूर्व तीन अन्य पुलिसकर्मियों-उपेंद्र कुमार सिंह, रोबिन कुजूर और चालक अनिल सिंह-के शव कार के अंदर से मिल चुके थे। सोमवार को चौथे शव की बरामदगी के साथ ही घटना में मौत का आंकड़ा चार तक पहुंच गया है। चारों मृतक जमशेदपुर के जगसुलाई इलाके के रहने वाले थे और जमशेदपुर के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज (पीडीजे) की सुरक्षा टीम में तैनात थे। हादसा 14 नवंबर की देर रात हुआ, जब सुरक्षा में तैनात ये चारों पुलिसकर्मी एक सरकारी वाहन से यात्रा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि धुर्वा डैम के पास वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे पानी में जा गिरा। घटना के समय रात होने के कारण किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। अगले दिन 15 नवंबर की सुबह स्थानीय लोगों ने डैम में कार जैसी कोई वस्तु दिखाई देने की आशंका जताई और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रांची पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया। गोताखोरों ने पानी के भीतर से डूबी हुई कार को ढूंढ़ निकाला। कार खोलने पर उसके अंदर तीन पुलिसकर्मी मृत पाए गए, जो डूबने से अपनी जान गंवा बैठे थे। हालांकि चालक सत्येंद्र सिंह कार के अंदर नहीं मिले, जिससे यह आशंका जताई गई कि वाहन के पानी में गिरते ही उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की होगी, लेकिन तेज बहाव और गहराई में फंसकर वे भी डूब गए। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों द्वारा जारी तलाशी अभियान के चौथे दिन सोमवार सुबह सत्येंद्र सिंह का शव भी डैम के एक हिस्से से बरामद कर लिया गया। शव की पहचान होते ही पुलिस बल में शोक की लहर दौड़ गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमॉटर्म के लिए भेज दिया गया है और विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हादसे ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए डैम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेतों को और मजबूत करने की मांग की है।  

नशामुक्त भारत अभियान के 5 वर्ष: छत्तीसगढ़ जुटा जनभागीदारी से नया रिकॉर्ड बनाने में

रायपुर, देशभर में 18 नवम्बर को नशामुक्त भारत अभियान की पाँचवीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर का मुख्य कार्यक्रम अमृतसर, पंजाब में होगा, जिसमें  प्रधानमंत्री  श्री नरेंद्र मोदी का संदेश वर्चुअल माध्यम से पूरे देश में प्रसारित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय आयोजन से राज्य के हर हिस्से को जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ में भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, स्कूलों, विभागीय संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों तथा आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सामूहिक रूप से नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। राज्यभर में नशा छोड़ने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 70 स्थानों से वर्चुअल जुड़ाव की व्यवस्था की गई है, जिससे व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित होगी। जिला स्तर पर कलेक्टोरेट, जिला मुख्यालय सहित विभिन्न स्थानों से लगभग 26 हजार 190 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा संस्थानों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य के 25 विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग 4 लाख 48 हजार 995 प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान है। वहीं अन्य विभागों के अधीन आने वाले 2,131 संस्थानों में 3 लाख 37 हजार 890 प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। स्वयं सहायता समूहों एवं आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रहेगी। प्रदेश के 28 हजार 753 स्वयं सहायता समूहों एवं आशा समूहों के माध्यम से लगभग 2 लाख 50 हजार 234 लोगों को नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। इसके अलावा 46 हजार 842 प्रतिभागियों के अन्य स्थानों से वर्चुअल रूप से जुड़ने की भी उम्मीद है। राज्यभर में अधिकारियों, जिला कलेक्टरों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों और अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति इस राष्ट्रीय अभियान को और प्रभावी बनाएगी। समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण करने एवं सफल संचालन हेतु सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।राज्य सरकार का मानना है कि इस सामूहिक संकल्प के माध्यम से नशामुक्त और स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन को नई गति मिलेगी।