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24×7 हेल्पलाइन और परामर्श व्यवस्था से लोगों को मिल रही मदद

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मद्यनिषेध विभाग के जरिए नशा मुक्त भारत अभियान को नई गति मिली है। योगी सरकार नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने और युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरण अभियान चला रही है। इसके तहत जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ हेल्पलाइन, परामर्श और पुनर्वास सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान संचालित किया जा रहा है। स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया जा रहा है। कई स्थानों पर लोगों को नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई जा रही है। 37 हजार से अधिक लोगों तक पहुंचाई गई सहायता  केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्त भारत अभियान के तहत योगी सरकार लगातार प्रयासरत है। 24×7 हेल्पलाइन नंबर 14416 और अन्य परामर्श सेवाओं के माध्यम से नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों और उनके परिवारों को मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, हेल्पलाइन और परामर्श व्यवस्था के जरिए प्रदेश में अब तक 37 हजार से अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा चुकी है। इससे जरूरतमंद लोगों को समय पर मार्गदर्शन और विशेषज्ञों की सलाह मिल रही है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025- 26 में 4 लाख से अधिक मोबाइल नंबरों पर एसएमएस तथा आकाशवाणी के एफएम रेनबो चैनल पर 232 स्पॉट्स प्रसारित किए गए हैं। सीएम योगी के निर्देश पर कराया गया वीडियो वैन का संचालन यूपी में वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सोनभद्र और प्रयागराज के माघ मेला-2026 में वीडियो वैन का संचालन, 829 सांस्कृतिक कार्यक्रम, 1800 वालपेंटिंग, 1767 गोष्ठियां और नशा छोड़ने/ उपचार के लिए 3026 प्रेरित किया है चूंकि नशे के खिलाफ जनभागीदारी आवश्यक है इसलिए राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नशा छोड़वाना नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देकर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।  नशामुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रयास  उत्तर प्रदेश में नशामुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योगी सरकार की मंशा के अनुरूप नशा मुक्ति केंद्रों और पुनर्वास सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं, ताकि नशे की लत से बाहर आए लोग सम्मानपूर्वक समाज में पुनः स्थापित हो सकें। इन केंद्रों में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मदद से मरीजों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।     आर.एल. राजवंशी, राज्य मद्यनिषेध अधिकारी

नशामुक्त भारत अभियान के 5 वर्ष: छत्तीसगढ़ जुटा जनभागीदारी से नया रिकॉर्ड बनाने में

रायपुर, देशभर में 18 नवम्बर को नशामुक्त भारत अभियान की पाँचवीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर का मुख्य कार्यक्रम अमृतसर, पंजाब में होगा, जिसमें  प्रधानमंत्री  श्री नरेंद्र मोदी का संदेश वर्चुअल माध्यम से पूरे देश में प्रसारित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय आयोजन से राज्य के हर हिस्से को जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ में भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, स्कूलों, विभागीय संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों तथा आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सामूहिक रूप से नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। राज्यभर में नशा छोड़ने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 70 स्थानों से वर्चुअल जुड़ाव की व्यवस्था की गई है, जिससे व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित होगी। जिला स्तर पर कलेक्टोरेट, जिला मुख्यालय सहित विभिन्न स्थानों से लगभग 26 हजार 190 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा संस्थानों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य के 25 विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग 4 लाख 48 हजार 995 प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान है। वहीं अन्य विभागों के अधीन आने वाले 2,131 संस्थानों में 3 लाख 37 हजार 890 प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। स्वयं सहायता समूहों एवं आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रहेगी। प्रदेश के 28 हजार 753 स्वयं सहायता समूहों एवं आशा समूहों के माध्यम से लगभग 2 लाख 50 हजार 234 लोगों को नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। इसके अलावा 46 हजार 842 प्रतिभागियों के अन्य स्थानों से वर्चुअल रूप से जुड़ने की भी उम्मीद है। राज्यभर में अधिकारियों, जिला कलेक्टरों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों और अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति इस राष्ट्रीय अभियान को और प्रभावी बनाएगी। समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण करने एवं सफल संचालन हेतु सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।राज्य सरकार का मानना है कि इस सामूहिक संकल्प के माध्यम से नशामुक्त और स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन को नई गति मिलेगी।