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बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा: हिंदू परिवारों को निशाना, 4 बेटियां लापता

गोपालगंज बांग्लादेश के गोपालगंज जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार रात कर्फ्यू लागू होने के बाद बांग्लादेश आर्मी ने जमात-ए-इस्लामी के आतंकियों के साथ मिलकर हिंदू घरों पर हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 12 हिंदू समुदाय के लोगों की हत्या कर दी गई जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि हमला योजनाबद्ध तरीके से किया गया और हमलावरों ने कई हिंदू परिवारों के घरों को आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर  चार हिंदू लड़कियों को भी जबरन अपने साथ ले गए जिनका अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। हमले का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे लेकर कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और बड़ी संख्या में हिंदू परिवार सुरक्षित जगहों की तलाश में पलायन कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक बांग्लादेश सरकार की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। गोपालगंज वही इलाका है जो प्रधानमंत्री शेख हसीना का गृह जिला माना जाता है। हालिया दिनों में वहां नेशनल सिटिजन पार्टी और अवामी लीग के बीच टकराव के बाद पहले ही हिंसा भड़क चुकी थी, जिसके चलते प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया था।इस ताजा हमले से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय मानवाधिकार संगठनों ने सरकार से जल्द से जल्द लापता लड़कियों को ढूंढने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  बता दें कि गोपालगंज जिले में बुधवार को शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग और नेशनल सिटिजन पार्टी  के कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़पें हुईं, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत  हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हैं। सबसे अहम बात यह है कि यह इलाका शेख हसीना का गृह जनपद माना जाता है  यहीं उनके पिता शेख मुजीब-उर-रहमान का जन्म हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल सिटिजन पार्टी की रैली को रोकने के लिए अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने रास्तों में पेड़ काटकर डाल दिए और हथियारों के साथ घेराबंदी की। कई सरकारी वाहनों में आग भी लगा दी गई। आरोप है कि इसके बाद रैली स्थल पर भी हमला किया गया। झड़पों के दौरान सुरक्षाबलों की ओर से भी गोलीबारी हुई।    

इंडिटेक्स ने मध्यप्रदेश के ईएसजी मॉडल और टेक्सटाइल इकोसिस्टम को सराहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा के दूसरे दिन का फोकस वैश्विक कपड़ा एवं फैशन क्षेत्र के दिग्गजों से निवेश संवाद का रहा। स्पेन के गैलिसिया स्थित इंडिटेक्स मुख्यालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को “हरित, लागत-प्रतिस्पर्धी और ट्रेसिबल उत्पादन हब” के रूप में प्रस्तुत किया। बैठक में इंडीटेक्स समूह के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापारिक साझेदारी और सतत निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार टेक्सटाइल क्षेत्र में वैश्विक साझेदारियों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इंडिटेक्स जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड की उपस्थिति से राज्य में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और हरित उत्पादन को गति मिलेगी। हम इस साझेदारी को सभी स्तरों पर समर्थन देने को तत्पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार (ईएसजी) (Environment, Social, Governance) मूल्यों को बढ़ावा देती है। वॉटर रिसायक्लिंग, वेस्ट मैनेजमेंट और डीसेंट वर्क स्टैंडर्ड्स राज्य में लागू हैं। इंडिटेक्स की जिम्मेदार सोर्सिंग नीति के साथ मध्यप्रदेश की दृष्टि पूरी तरह से मेल खाती है। प्रदेश के ईएसजी मॉडल की सराहना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विकसित किये जा रहे ईएसजी (पर्यावरण सामाजिक और सुशासन) मॉड्यूल को वैश्विक स्तर पर सकरात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इंडिटेक्स के श्री जोसे एम रोमाये और मार्था फ्रांकोस रे ने राज्य के ईएसजी मॉडल की सराहना करते हुए इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि मध्यप्रदेश का यह मॉडल स्थिर विकास, समावेशिता और सुशासन के लिये एक रोल मॉडल बन सकता है। उन्होंने प्रदेश में ईएसजी लक्ष्यों को नीति निर्माण में हो रहे प्रयासों और टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश के लिये उपलब्ध इकोसिस्टम की सराहना की। मध्यप्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर के लिए आदर्श स्थान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश देश के शीर्ष कच्चा कपास उत्पादक राज्यों में से एक है, जहाँ सालाना लगभग 18 लाख बेल्स (3 लाख मीट्रिक टन) का उत्पादन होता है। राज्य में 15 से अधिक टेक्सटाइल क्लस्टर हैं इसमें इंदौर, मंदसौर, बुरहानपुर, उज्जैन, नीमच जैसे केंद्र टेक्सटाइल उत्पादन में अग्रणी हैं। पीएम मित्रा पार्क: इंडिटेक्स के लिए सुनहरा अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धार जिले में भारत सरकार की पीएम मित्रा योजना के अंतर्गत विकसित हो रहा टेक्सटाइल मेगा पार्क इंडिटेक्स जैसे वैश्विक ब्रांडों के लिए सस्टेनेबल और इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग का आदर्श केंद्र बन सकता है।मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इस पार्क में गारमेंटिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। ऑर्गेनिक कॉटन में भागीदारी का आह्वान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश भारत का अग्रणी ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादक है। राज्य में यहां विशेषकर निमाड़ और मालवा क्षेत्रों में बहुतायत में कॉटन का उत्पादन होता है। यहाँ GOTS-सर्टिफाइड किसान समूह सक्रिय हैं, जो इंडिटेक्स की सस्टेनेबिलिटी और ट्रेसिबिलिटी नीतियों के लिए आदर्श साझेदार हो सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फार्मर-टू-फैब्रिक वैल्यू चेन पर इंडिटेक्स के साथ मिलकर काम करने का सुझाव दिया। कॉटन टू कार्बन फाइवर में भी मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। निर्यात और वैश्विक संभावनाएँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य से टेक्सटाइल और गारमेंट का वार्षिक निर्यात 7 हजार करोड़ रूपये से अधिक है, जिसमें यूरोपीय संघ प्रमुख है। उन्होंने बताया कि इंडिटेक्स जैसे ब्रांड की साझेदारी से यह आंकड़ा 10 हजार करोड़ रूपये तक पहुँच सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार और महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। नीतिगत समर्थन और लॉजिस्टिक सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की नवीन औद्योगिक एवं निर्यात नीति – 2025 की विशेषताओं को साझा किया, जिसमें भूमि पर 90% सब्सिडी, मशीनरी पर 40% पूंजी सहायता, ग्रीन टेक्नोलॉजी पर 50% सहायता और ऋण पर ब्याज सब्सिडी आदि शामिल हैं। इंडीटेक्स को साझेदारी का निमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडिटेक्स को आमंत्रण दिया कि वह पीएम मित्रा पार्क में सप्लाई चेन एंकर के रूप में भागीदारी बने। उन्होंने एक ऑर्गेनिक कॉटन ट्रेसिंग प्लेटफॉर्म और ई एस जी सर्टिफाइड एमएसएमई के साथ वेंडर डेवेलपमेंट प्रोग्राम प्रारंभ करने का सुझाव भी दिया। उल्लेखनीय है किस्पेन की Inditex (Industria de Diseño Textil S.A.) दुनिया की बड़ी फैशन रिटेल कंपनियों में से एक है। इसके अंतर्गत ज़ारा, मैसिमो दुत्ती, बेरशका, बुल एंड बीयर जैसे प्रसिद्ध ब्रांड्स हैं। कंपनी का मुख्यालय गैलिसिया के आर्तेइशो में है। यह अपने फास्ट फैशन मॉडल, ट्रेसिबल सप्लाई चेन और टिकाऊ प्रथाओं के लिए प्रसिद्ध है। भारत में इंडिटेक्स, टाटा समूह के साथ ज़ारा और मैसिमो दुत्ती ब्रांड्स के माध्यम से कार्यरत है।  

देश में कम दर पर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देना होगा : मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा है कि हमे देश में कम दर पर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में इन्टीग्रेडेट एप्रोच अपनाने से प्रोडक्टिविटी बढ़ती है और ऊर्जा की लागत तुलनात्मक रूप से कम आती है। ऐसे ही उपाय अपनाना चाहिए, ताकि कम दर पर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा मिल सके। श्री राजपूत ने नई दिल्ली में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा आयोजित ऊर्जा वार्ता बैठक में यह बात कही। केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में देश के सभी राज्यों के उद्योग एवं खाद्य मंत्री शामिल हुए। मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री राजपूत ने मध्यप्रदेश में जैव ऊर्जा योजना 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने 280 करोड़ रूपये के निवेश से 12 जैव ईधन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में लगातार नये नये उद्योग लगाने के प्रयास कर रहे हैं। श्री राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश में शहरी गैस वितरण नीति-2025 लागू की गई है। इसमें आगामी 6 से 8 वर्षों के बीच 55 जिलों में घरों तक पाईप के माध्यम से प्राकृतिक गैस और सीएनजी स्टेशनों के माध्यम से वाहनों में सीएनजी फिलिंग करने की योजना है। म.प्र. में 2028 तक हरित परियोजना प्रारंभ करने का लक्ष्य खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में हरित हाईड्रोजन के एमओयू साइन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने 2028 तक एक हरित परियोजना चालू करने का लक्ष्य रखा है। श्री राजपूत ने कहा कि हमने राज्य में 2025 तक 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रणयुक्त ईधन उपयोग करने का लक्ष्य रखा है। बीना रिफाइनरी की प्रगति से केन्द्रीय मंत्री को कराया अवगत मंत्री श्री राजपूत ने मध्यप्रदेश के सागर जिले के बीना में स्थित बीना रिफाइनरी में 50 हजार करोड़ रूपये के निवेश की राशि मिलने के बाद भी इकाई के विस्तार कार्यों की धीमी प्रगति से केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी को अवगत कराया। उन्होंने कार्य में तेजी लाये जाने का अनुरोध किया। केन्द्रीय मंत्री श्री पुरी ने मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को मजबूत करने के लिये बीना रिफाइनरी के कार्यों में गति लाने की बात कही।

अपराध पर सख्त और गठबंधन पर स्पष्ट: मुंगेर में ललन सिंह का बड़ा राजनीतिक संदेश

मुंगेर एक दिवसीय दौरे पर मुंगेर पहुंचे केंद्रीय मंत्री एवं सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने शुक्रवार को धरहरा प्रखंड के विभिन्न गांवों का भ्रमण किया और जन संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द समाधान का निर्देश दिया। ललन सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद वे पहली बार क्षेत्र में आए हैं। चुनाव और सरकार गठन के कारण वे व्यस्त रहे, लेकिन अब वे जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को समझ रहे हैं और उसका समाधान कराने की दिशा में काम करेंगे। पटना सहित अन्य जगहों पर हुई आपराधिक घटनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में ललन सिंह ने कहा कि, "पहले कितने अपहरण होते थे, कितनी हत्याएं होती थीं, सबको याद रखना चाहिए। आपसी विवाद में घटनाएं होती हैं और कार्रवाई भी तुरंत होती है।" उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस त्वरित कार्रवाई कर रही है और अपराधियों को समय पर गिरफ्तार किया जा रहा है। एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर ललन सिंह ने कहा कि यह मामला घटक दलों के बीच बैठकर आपसी सहमति से तय किया जाएगा। एनडीए की बैठक में सभी दलों की भागीदारी से सीटों का बंटवारा होगा। लखीसराय में मटन-भात को लेकर उठे विवाद पर ललन सिंह ने कहा कि, "जो भी लोग कार्यक्रम में आए थे, सभी को भोजन कराया गया। ऐसी कोई बात नहीं है जैसी अफवाह फैलाई जा रही है।"

प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के 5 केन्द्रीय पुस्तकालय संचालित, 36 जिलों में संचालित हो रहे हैं जिला पुस्तकालय

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग नागरिकों और विद्यार्थियों की सुविधा के लिये 5 केन्द्रीय पुस्तकालय और 36 जिलों में जिला पुस्तकालय संचालित कर रहा है। इन पुस्तकालयों में पाठकों के लिये अनेक उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध हैं। विभाग द्वारा अनुदान के साथ स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी (पूर्व में ब्रिटिश लायब्रेरी) भोपाल भी संचालित की जा रही है। मौलाना आज़ाद केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल शासकीय मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल साहित्यिक पुस्तकों के भण्डार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये प्रसिद्ध पुस्तकालय है, जहाँ पाठकों को न्यूनतम शुल्क पर अधिकतम सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। वर्तमान में पुस्तकालय में लगभग एक लाख से अधिक पुस्तकें हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, अरबी, फारसी आदि भाषाओं में उपलब्ध हैं। इसके साथ ही विभिन्न मासिक पत्रिका, समाचार-पत्र, इंटरनेट सुविधा, नि:शुल्क सेमिनार आदि की सुविधा भी इस पुस्तकालय में उपलब्ध है। पुस्तकालय में 3 रीडिंग हॉल में 600 पाठक बैठकर अध्ययन कर सकते हैं। इस वर्ष मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा पुस्तकालय में मरम्मत एवं विकास कार्य किये गये हैं। पुस्तकालय में अध्ययन सुविधा के लिये 32 केबिन मॉडल स्टडी रूम का भी विकास किया जा रहा है। पुराने भोपाल में इस पुस्तकालय को सेंट्रल लायब्रेरी के नाम से भी जाना जाता है। स्थानीय नागरिकों में पुस्तक एवं पुस्तकालय के प्रति रुचि पैदा करने के उद्देश्य से नि:शुल्क पुस्तक मेले का आयोजन भी किया गया है। पुस्तकालय में महिला स्व-सहायता समूह को दीदी केंटीन के संचालन का कार्य भी दिया गया है। अहिल्यादेवी केन्द्रीय पुस्तकालय इंदौर, शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय ग्वालियर, शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय जबलपुर और शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय रीवा का भी संचालन किया जा रहा है।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया अस्पताल और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार की मध्य रात्रि ग्वालियर में सिविल अस्पताल हजीरा, बिरला नगर और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट मोतीझील का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गंदा वॉशरूम देखकर स्वयं सफाई की। साथ ही सम्बन्धित अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरस्त रखने के लिए निर्देशित किया। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने हजीरा सिविल अस्पताल में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) मेँ भर्ती मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने सिविल अस्पताल बिरला नगर का भी निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री को उप नगर ग्वालियर के अलग-अलग क्षेत्रों से गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने बुधवार देर रात अचानक मोतीझील प्लांट पहुंचकर जल आपूर्ति की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान ड्यूटी पर जिम्मेदार अधिकारियों के न मिलने पर निगमायुक्त श्री संघप्रिय से फोन पर चर्चा कर नाराज़गी व्यक्त की और कार्यवाही के निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने ड्यूटी से गायब अधिकारियों की अनुपस्थिति का पंचनामा बनाकर विभाग को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने मौजूद स्टाफ से बुधवार को की गई जल आपूर्ति के सैंपलों की जांच की जानकारी ली। इस दौरान श्री तोमर ने पानी को फिल्टर करने की प्रक्रिया को देखा। उन्होंने की जा रही जल आपूर्ति लोगों के लिए नुकसानदायक तो नहीं है की जानकारी ली। मंत्री श्री तोमर को उपस्थित कर्मियों ने बताया कि पानी के दिन में दो से तीन बार नमूने (सैंपल) लेकर जांच की जा रही है। जल आपूर्ति तय मानकों के आधार पर ट्रीटमेंट करने के बाद ही की जा रही है।

जिम्मेदारी के साथ कार्य करें अधिकारी : राज्यमंत्री गौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि शासकीय धन का उपयोग सोच-समझकर और योजनाबद्ध तरीके से होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाएं धरातल पर उतरें, जिससे जनता को सुविधाएं मिल सकें। राज्यमंत्री श्रीमती गौर गुरुवार को मंत्रालय में राजधानी के वार्ड क्रमांक 52, 53 और 54 में हो रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने निर्देश दिए कि समयसीमा में सभी कार्य पूर्ण करें और लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करें। सीवेज लाइन और पेयजल नेटवर्क को दुरुस्त करें राज्यमंत्री ने वार्ड 52 के कम्फर्ट पाम कॉलोनी, रोहित नगर फेज 2 और आकृति नींव कॉलोनी में सीवेज लाइन और ट्रंकलाइन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अमृत 2.0 योजना के कार्यों को मानसून के बाद प्रारंभ करने पर जोर दिया। नारायण नगर कॉलोनी के बंद पड़े सम्पवेल को पुनः चालू करने तथा आंतरिक पेयजल पाइपलाइन को अमृत योजना की डीपीआर में शामिल कराने के निर्देश दिए। सीवेज, पेयजल और पार्क विकास पर जोर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 53 की अंजलि विहार, प्रोसपेरा कॉलोनी, रामेश्वरम डीलक्स, यशोदा गार्डन, पार्थ सारथी कॉलोनी, गुलाबी नगर और जाटखेड़ी गांव में सीवेज कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। बल्क कनेक्शन वाली कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति बढ़ाकर 60 हजार लीटर करने, पार्कों का विकास और नालों के सीमांकन एवं चैनलाइजेशन के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश भी दिए। नाला सुधार और सौंदर्यीकरण की दिशा में पहल राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 54 के कुंजन नगर फेज 1 और 2, अग्रवाल नगर, बागसेवनिया बस्ती और अमराई क्षेत्र में बारिश से पहले सीवेज लाइन मरम्मत और नई लाइन डालने के निर्देश दिए गए। सुरेंद्र गार्डन क्षेत्र में नाले की सफाई, बाउंड्रीवाल निर्माण और अतिक्रमण हटाकर फेंसिंग कराने के निर्देश दिये। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बागसेवनिया में निर्माणाधीन नई सब्जी मंडी का कार्य भी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री यादव से की भेंट

भोपाल  जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। मंत्री श्री सिलावट ने केंद्रीय मंत्री से प्रदेश की आठ सिंचाई परियोजनाओं की वन एवं पर्यावरण स्वीकृति के लिए अनुरोध किया। केन्द्रीय मंत्री श्री यादव ने सहमति देते हुए तत्संबंधी कार्रवाई करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री श्री सिलावट ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री श्री यादव को धन्यवाद दिया। मंत्री श्री सिलावट ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने का जो सपना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने देखा है उसको पूरा करने और प्रदेश के  हर किसान के खेत तक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश की जिन सिंचाई परियोजनाओं को केंद्र द्वारा वन एवं पर्यावरण संबंधी सहमति प्रदान की गई है उनमें मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना डबरा (दतिया), लोअर ओर वृहद परियोजना अशोक नगर एवं शिवपुरी, चेंटीखेड़ी  परियोजना श्योपुर, मुंझिरी वृहद परियोजना श्योपुर, कोपरा मध्यम सिंचाई परियोजना सागर, छिंदवाड़ा कांप्लेक्स बैलेंसिंग रिजर्वॉयर छिंदवाड़ा, सोनखेड़ी लघु सिंचाई परियोजना बड़वानी और दामखेड़ा लघु सिंचाई योजना खरगोन शामिल है। 

ताजमहल की सैर के लिए बुजुर्ग को किया कैद, कार में छोड़कर चला गया पूरा परिवार

आगरा  आगरा में संवंदेनहीनता और अमानवीयता की हदें पार करने वाला मामला सामने आया है। ताजमहल देखने आया एक परिवार बुजुर्ग को कार में ही हाथ-पैर बांधकर छोड़ गया था। जब कुछ लोगों की नजर कार मे बंधे बुजुर्ग पर पड़ी तो हैरान रह गए। गाइडों की मौके पर भीड़ जुट गई। पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई। जब तक पुलिस पहुंचती गाइडों ने ही कार का लॉक तोड़कर बुजुर्ग को बाहर निकाल लिया। उनकी हालत भी काफी खराब थी। पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल के लिए रवाना किया गया। इसी बीच परिवार भी पहुंच गया। परिवार बुजुर्ग को अपने साथ लेकर चला गया। गुरुवार ताजमहल की पश्चिमी गेट पार्किंग में कुछ गाइडों ने कार के अंदर एक बुजुर्ग को बंद देखा। उनके हाथ पैर बंधे हुए थे। कार बंद होने के कारण उनकी हालत खराब हो रही थी। इस पर गाइडों ने वहां के पार्किंग कर्मचारियों को जानकारी दी। इसके साथ ही सभी ने मिलकर कार का लॉक तोड़ा और उन्हें बाहर निकाला। बुजुर्ग कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थे। सूचना पर्यटन पुलिस को दी गई। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से बुजुर्ग को इलाज के लिए भेजा। उनके परिवार की तलाश भी शुरू की गई। बताया जा रहा है कि अगर थोड़ी देर और बुजुर्ग कार में रहते तो शायद उनका दम घुट जाता और मौत हो जाती। उनके एंबुलेंस से रवाना होते ही परिवार भी पहुंच गया। बुजुर्ग के किले तक पहुंचने तक बुजुर्ग के परिवार वाले आ गए। उन्होंने बुजुर्ग को अपने साथ ले लिया। परिवार ने बताया कि वह पहले से पैरालाइज हैं। इसलिए बांध के गए हुए थे। बुजुर्ग को परिवार वाले अपने साथ लेकर चले गए। कार में इस तरह से किसी इंसान को बांधकर ताजमहल देखने की पहले घटना सामने आई है। इससे पहले कई बार पर्यटक अपने साथ लाये गए कुत्तों को कार में बंद कर जाते हैं। कुछ समय पहले इसी तरह बांधे गए एक कुत्ते की मौत हो गई थी।

स्पोर्ट कॉम्पलेक्स निर्माण की सतत निगरानी के लिये होगा अधिकारी नियुक्त

भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने निर्देश दिये हैं कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण के अधोसंरचना कार्यों की सतत निगरानी के लिए विभागीय स्तर पर एक अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता, समयबद्धता तथा उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक कदम होगा। मंत्री श्री सारंग गुरुवार को भोपाल के बरखेड़ा नाथू स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के प्रथम एवं द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रगतिशील निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति तथा निर्माण कार्यों की वर्तमान प्रगति की समीक्षा भी की गई। संपूर्ण परिसर में हो साइनेजेस की स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि संपूर्ण परिसर में साइनेजेस की स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए एक समर्पित प्रोजेक्ट प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि कॉम्पलेक्स के सुचारु संचालन एवं विभिन्न राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए प्रशासनिक भवन, सर्वर रूम, आईटी रूम तथा एक आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण की ठोस कार्य-योजना तैयार की जाए। मंत्री श्री सारंग ने बिजली, जल आपूर्ति, स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित उपकरणों की खरीदी के पहले विभागीय अनुमोदन अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के निर्देश भी दिए। परिसर के अंदर ही हो उपयुक्त स्थान पर कैफेटेरिया मंत्री श्री सारंग ने द्वितीय चरण के अंतर्गत निर्माण गतिविधियों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि खिलाड़ियों एवं आगंतुकों की सुविधा के लिये परिसर के अंदर ही एक उपयुक्त स्थान पर कैफेटेरिया का निर्माण किया जाए। मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसी द्वारा किसी भी संबद्ध एजेंसी को देय भुगतान से पहले खेल विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा। उन्होंने विद्युत व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, साइनेजेस, प्रशासनिक भवन एवं परिसर में किए जाने वाले हॉर्टिकल्चर कार्यों के लिए अलग से प्रोजेक्ट प्लानिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिये। परिसर में होगी समुचित पॉर्किंग व्यवस्था बैठक में बताया गया कि कॉम्पलेक्स परिसर के सभी ब्लॉकों में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की समुचित पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थापना मानकों के अनुरूप की जा रही है। परिसर में एक अतिरिक्त प्रवेश द्वार का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आमजन, फायर ब्रिगेड तथा पार्किंग क्षेत्रों तक सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। इस द्वार से शूटिंग अकादमी की दिशा में बाउंड्री वॉल के समांतर सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, खेल एवं युवा कल्याण संचालक श्री राकेश गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।