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एसीबी को मिला नया महानिदेशक: गोविंद गुप्ता ने संभाली जिम्मेदारी, कहा– ईमानदारी ही बनेगी पहचान

जयपुर राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में नए नेतृत्व के रूप में गोविन्द गुप्ता ने सोमवार को महानिदेशक का कार्यभार ग्रहण किया। झालाना डूंगरी स्थित मुख्यालय में आयोजित इस औपचारिक समारोह में अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके पश्चात गुप्ता को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। कार्यक्रम में एसीबी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे। पदभार ग्रहण करने के बाद महानिदेशक गुप्ता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती से लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार उन्मूलन की लड़ाई पारदर्शिता, त्वरित जांच कार्रवाई और टीम वर्क के सिद्धांतों पर आधारित रहकर आगे बढ़ाई जाएगी। गुप्ता के अनुसार आमजन का विश्वास एसीबी की सबसे बड़ी शक्ति है और इसे और अधिक मजबूत बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने ब्यूरो की कार्यप्रणाली को और अधिक जन-केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया। गुप्ता ने कहा कि एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 और व्हाट्सएप नंबर 94135-02834 का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि हर नागरिक बिना किसी भय के शिकायत दर्ज करा सके। महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई के दौरान किसी निर्दोष को नुकसान न पहुंचे, इसकी पूरी सतर्कता बरती जाएगी। साथ ही भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर तथा त्वरित दंडात्मक कदम सुनिश्चित किए जाएंगे। उन्होंने इसे प्रदेश की सुशासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने का अनिवार्य तत्व बताया। गुप्ता ने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण में जन-सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ इस जनआंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा एसीबी के हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर पर शिकायतें भेजकर भ्रष्टाचार दूर करने में सहयोग प्रदान करें।

सब्जी मंडी में लगी भीषण आग से मचा हाहाकार

बलौदाबाजार भाटापारा की सब्जी मंडी में सोमवार सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर पूरे मंडी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया. बताया जा रहा है कि मंडी में रखे प्लास्टिक के बास्केट और अन्य सामान के कारण आग तेजी से फैल गई. देखते ही देखते धुआं आसमान में फैल गया, जिससे पूरा इलाका काले गुब्बार से ढक गया. घटना की सूचना मिलते ही नगरपालिका भाटापारा और जिला मुख्यालय से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गईं. आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है. आग की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, नगरपालिका अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. इस घटना में व्यापारियों को लाखों रुपए के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है. फिलहाल दमकल कर्मी आग को पूरी तरह बुझाने के प्रयास में लगे हुए हैं.

CM फ्लाइंग स्क्वाड से ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की सख्त जांच, मान सरकार सुधार में जुटी

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य के गांवों को जोड़ने वाली लिंक सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष सीएम फ्लाइंग स्क्वाड का गठन किया है। यह अनूठी पहल पंजाब के ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस स्क्वाड में पंजाब मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो निर्माणाधीन और मरम्मत के दौरान सड़कों का सक्रिय निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी सोच और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इस योजना में साफ झलकती है, जो यह सुनिश्चित करती है कि हर रुपया जनता की भलाई में सही तरीके से खर्च हो। सीएम फ्लाइंग स्क्वाड में दोनों विभागों के अधीक्षण इंजीनियर शामिल हैं और इसका प्राथमिक उद्देश्य मालवा, माझा और दोआबा सहित सभी क्षेत्रों में ग्रामीण लिंक सड़कों की मरम्मत और उन्नयन कार्य का निरीक्षण, सत्यापन और गुणवत्ता बनाए रखना है। यह टीम पूरे पंजाब में सक्रिय रूप से काम करेगी ताकि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर होने वाले खर्च में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इस पहल से न केवल सड़कों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि ठेकेदारों पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी। पंजाब सरकार का यह फैसला दर्शाता है कि भगवंत मान की सरकार जनता के हर पैसे की कीमत समझती है और उसे सही जगह इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुज़र रहा है, जहां 19,491 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण लिंक सड़कों की मरम्मत और उन्नयन का काम चल रहा है, जिसकी लागत 4,150.42 करोड़ रुपये है। यह परियोजना राज्य भर में लगभग 7,373 लिंक सड़कों को कवर करती है और सबसे खास बात यह है कि ठेकेदारों को अगले पांच वर्षों तक इन सड़कों का रखरखाव करना होगा, जो पंजाब के इतिहास में पहली बार हो रहा है। पंजाब में लिंक सड़कों का कुल नेटवर्क लगभग 64,878 किलोमीटर है, जिसमें मंडी बोर्ड 33,492 किलोमीटर और लोक निर्माण विभाग 31,386 किलोमीटर सड़कों का प्रबंधन करता है। यह विशाल परियोजना दिखाती है कि मान सरकार ग्रामीण पंजाब के विकास को कितनी गंभीरता से ले रही है।  

धार्मिक नगरी खजुराहो को बड़ी सुविधा: 28 अक्टूबर से इंडिगो उड़ाएगी सीधी फ्लाइट, किराया सिर्फ 2989 रु.

छतरपुर  रविवार से दिल्ली, खजुराहो और वाराणसी के बीच इंडिगो एयरलाइंस की नई हवाई सेवा शुरू हो गई है. मध्य प्रदेश के हवाई यात्रियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण सुविधा है. खजुराहो पहुंचने पर विमान का वाटर कैनन से स्वागत किया गया. खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा इसी फ्लाइट से खजुराहो पहुंचे. खजुराहो एयरपोर्ट पर राजनगर विधायक और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. सांसद शर्मा ने विदेशी पर्यटकों के साथ केक और रिबन काटकर इस हवाई सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया. खजुराहो एयरपोर्ट पर एक लाइब्रेरी का भी उद्घाटन इस अवसर पर सांसद शर्मा ने खजुराहो एयरपोर्ट पर एक लाइब्रेरी का भी उद्घाटन किया. उन्होंने एयरपोर्ट पर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना. उन्होंने खजुराहो से जयपुर के लिए जल्द ही हवाई कनेक्टिविटी शुरू होने की संभावना जताई और खजुराहो-वाराणसी वंदे भारत ट्रेन की सौगात के लिए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया. दिल्ली खजुराहो फ्लाइट की एडवांस बुकिंग जारी इंडिगो की यह उड़ान केवल एक घंटा 15 मिनट में दिल्ली से खजुराहो पहुंचाएगी. यह विमान सुबह 10:00 बजे दिल्ली से उड़ान भरेगा और 11:15 बजे खजुराहो पहुंचेगा. इस रूट पर एडवांस बुकिंग जारी है और किराया डायनामिक रखा गया है. शुरुआती पांच दिनों के लिए किराया इस प्रकार है: 26 अक्टूबर को 6561 रुपए, 27 अक्टूबर को 5674 रुपए, 28 अक्टूबर को 2989 रुपए, 29 अक्टूबर को 4092 रुपए और 30 अक्टूबर को 4776 रुपए. एयरपोर्ट डायरेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि, ''उद्घाटन के दिन 126 यात्री खजुराहो पहुंचे और 109 यात्रियों ने यहां से प्रस्थान किया. यह उड़ान सेवा 28 मार्च 2026 तक जारी रहेगी, जिसकी अवधि 29 अप्रैल तक बढ़ाई जा सकती है. सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि, ''उन्हें UNGA के 80वें सत्र में शामिल होने के लिए 15 सांसदों में चुना गया था, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. हालांकि, उन्होंने बिहार चुनाव में अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए इस सत्र में शामिल होने से इनकार कर दिया है. शर्मा ने कहा कि, ''चुनाव उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और संगठन के हिसाब से चल रहे काम को बीच में छोड़कर जाना उचित नहीं है, इसलिए उन्होंने इस जिम्मेदारी से मुक्त करने के लिए पत्र लिखा है.''

सांध्य अर्घ्य आज: छठ व्रत की रस्मों में घाट पर श्रद्धालुओ का ताता

रायपुर उत्तर भारत के महापर्व छठ को लेकर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत पूरे प्रदेशभर में तैयार हो चुका है. नहाए खाए में सात्विक भोजन खाकर व्रतियों ने महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हो गई है. वहीं आज तीसरे दिन डूबते सूर्य को व्रती महिलाएं और पुरुष अर्ध्य देंगे. घरों में जहां आज मिट्‌टी के चूल्हे बनाए गए तो गेंहू, चावल धोकर सुखाए गए. बीते कल खरना के साथ ही तीन दिनों का कठिन व्रत भी शुरू हो चुका है. इसी कड़ी में राजधानी रायपुर का महादेव घाट भी सजकर तैयार हो गया है. बता दें कि बिलासपुर के पूर्व छठ घाट में सुबह से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. यहां छठ पूजा को लेकर समिति द्वारा भव्य तैयारी किया गया है. तो वहीं, दुर्ग जिले में भी इस पावन पर्व को लेकर शहर प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है. दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सभी घाटों में पहुंचकर वहां की तैयारियों का निरीक्षण कर जायजा लिया है. तालाबों की सफाई, घाट की रंग रोंगन के साथ ही भिलाई के 20 और दुर्ग में 10 से ज्यादा तालाबों में व्रती आज शाम डूबते सूर्य को अर्घ देंगे. वही मंगलवार की सुबह उगते सूर्यदेव की आराधाना के बाद यह व्रत पूरा होगा. इधर सुपेला, छावनी, बैंकुठधाम, सूर्य कुंड, कोहका, मुक्तिधाम तालाबों में आस्था का सैलाब उमड़ने वाला है. सुपेला के सबसे पुराने तालाब में अभी भी सफाई का दौर चल रहा है. वहीं बाजार भी दौरा, सूपा, मौसमी फल, पूजन सामग्री, पारंपरिक दीए सहित अन्य सामग्रियों से भर गया हैं. रात को भी तालाबों में विशेष रौशनी की गई है. खासकर सेक्टर-2, सेक्टर-7, राधिका नगर, बैंकुठधाम तालाबों में विशेष तैयारियां की जा रही है.

आतंकवादी नेटवर्क का खुलासा: भोपाल से गिरफ्तार शख्स ISIS सोशल मीडिया हैंडलर, जमानत के बाद समान विचारधारा वाले युवकों की भर्ती शुरू

भोपाल  भोपाल से गिरफ्तार आतंकी अदनान ISIS का सोशल मीडिया हैंडलर निकला। इससे पहले भी वह एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने के बाद से युवकों ​को खुद से जोड़ने का काम कर रहा था।वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियो सर्वे का ऑर्डर देने वाले जज को धमकी देने वाली पोस्ट (काफिरों का खून आपके लिए हलाल है…) भोपाल से गिरफ्तार आतंकी सैयद अदनान ने इंस्टाग्राम में की थी। जज की फोटो पर काफिर लिखा और उन्हें मारने के लिए उकसाया। इस मामले में लखनऊ के गोमती नगर थाने में केस दर्ज हुआ था। यूपी पुलिस ने इसके खिलाफ UAPA भी लगाया था। 12वीं के बाद ही जिहादी पेज और चैनलों को फॉलो किया अदनान को 4 जून 2024 को भोपाल से गिरफ्तार किया गया था। यूपी पुलिस ने उसे 10 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद 26 सितंबर 2024 को उसे जमानत मिल गई थी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जमानत मिलने के बाद वह चरमपंथी सामग्री पोस्ट करने और समान विचारधारा वाले युवकों को भर्ती करने की गतिविधियों में तेजी ले आया। इससे पहले वह 12वीं के बाद ही जिहादी पेज और चैनलों को फॉलो करने लगा था। इसी दौरान ISIS की विचारधारा से प्रभावित हो गया। जेहादी वीडियो इंटरनेट से जुटाने का काम करता था सीए का स्टूडेंट सैयद अदनान ISIS के लिए सोशल मीडिया हैंडलर के तौर पर काम करता था। वे आईएसआईएस से जुड़ी जेहादी वीडियो इंटरनेट से जुटाने का काम करता था। इन वीडियोज में मजहब के नाम पर मर मिटने जैसी तकरीरें होती थीं। इन्हें तोड़-मरोड़कर हदीसों से जोड़ा जाता था। इन वीडियो को तोड़ने-मरोड़ने और फर्जी तरीके से एडिट करने का काम दिल्ली का अदनान करता था। दोनों ही सिग्नल ऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सीरियाई ISIS कमांडर के संपर्क में रहते थे। वहां से मिले निर्देश के अनुसार वीडियोज को अलग-अलग सोशल मीडिया ग्रुप्स पर शेयर करने का काम किया जाता था। फर्जी पहचान से बनाए गए यूट्यूब चैनल्स पर भी इन वीडियोज को प्रचारित और प्रसारित किया जाता था। ISIS मॉड्यूल से जुड़े दोनों अदनान सोशल मीडिया पर 'सात-उल-उम्माह' और 'वॉयस ऑफ इंडिया' नाम के ग्रुप्स से जुड़े थे। इन ग्रुप्स में एक हजार से ज्यादा सीरिया स्थित अबू मेंबर्स थे। उत्तर प्रदेश का रहने वाला है दूसरा अदनान     मोहम्मद अदनान खान मूल रूप से यूपी के एटा जिले से है। एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखता है।     पिता सलीम खान दूरदर्शन में ड्राइवर का जॉब करते हैं और मां अंजुम खान होम मेकर हैं।     तीन बड़ी बहनें है, जिनकी शादी हो चुकी है। एटा में 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की। पिता का 2020 में ट्रांसफर हुआ तो फैमिली दिल्ली आ गई।     अदनान ने दिल्ली में पढ़ाई फिर शुरू करने की कोशिश की, जो विफल रहा। इस साल में डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा पूरा किया। ISIS खलीफा के प्रति निष्ठा की शपथ ली, वीडियो बनाया था भोपाल का अदनान सात महीने पहले ही दिल्ली के अदनान के टच में आया था। दिल्ली के मोहम्मद अदनान ने पुलिस को बताया कि 2023 में सादिक नगर में सरकारी फ्लैट्स में आने के बाद उसने इंस्टाग्राम पर कट्टरपंथी पेजों को फॉलो करना शुरू किया। एक ग्रुप में शामिल हो गया। शुरुआत में इस ग्रुप में 25-30 मेंबर थे। सीरिया स्थित हैंडलर अबू इब्राहिम अल कुरैशी ने आईएसआईएस से संबंधित वीडियो-फोटो और पीडीएफ उपलब्ध कराए थे। इन सामग्रियों और संपर्कों से प्रभावित होकर उसने आईएसआईएस खलीफा के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी, जिसका विडियो भी बनाया था। भोपाल वाला अदनान मिडिल क्लास फैमिली से है     मध्य प्रदेश के भोपाल के करोंद का रहने वाला अदनान खान मिडिल क्लास फैमिली से है, जिसके पिता सलाम अलग-अलग प्राइवेट फर्म में अकाउंटेंट का काम करते हैं।     मां पार्ट टाइम एक्ट्रेस है। वह 12वीं तक भोपाल में पढ़ा। फिलहाल भोपाल ईदगाह में एक व्यक्ति के मार्गदर्शन में चार्टर्ड अकाउंटेंट की तैयारी कर रहा है।     यह छह से 10 साल की उम्र तक मदरसे में पढ़ा है। इसके बाद इसका झुकाव कट्टरपंथ की तरफ बढ़ता चला गया, जिसमें 12वीं के बाद इजाफा होता चला गया। कमरे से धार्मिक कट्टरपंथ से जुड़ी किताबें भी मिली थीं अदनान को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 18 अक्टूबर की सुबह चार बजे उसके घर से गिरफ्तार किया था। उसके कमरे से धार्मिक कट्टरपंथ से जुड़ी किताबें भी मिली थीं। पुलिस उसका एक लैपटॉप भी ले गई है, अदनान ने इंस्टाग्राम पर खिलजी नाम से एक फेक आईडी भी बना रखी थी। पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीयता के साथ अंजाम दिया गया। जिसकी भनक स्थानीय पुलिस से लेकर कॉलोनी में रहने वाले अदनान के पड़ोसियों तक को नहीं लगी। 4 साल पहले भी पकड़े गए थे 4 आतंकी इससे पहले भोपाल में चार साल पहले ATS ने जमात के 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-ए-मुजाहिदीन (बांग्लादेश) के सदस्य थे। यहां रहकर आतंकी गतिविधियों के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। ताकि भविष्य में आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जा सके। इनमें से दो आतंकी ऐशबाग इलाके की फातिमा मस्जिद के पास किराए से रह रहे थे। इनकी निशानदेही पर करोंद इलाके की खातिजा मस्जिद के करीब एक घर में रह रहे 2 और आतंकियों को पकड़ा गया था।

CM हेमंत सोरेन ने झारखंडवासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं, जानें क्या कहा

रांची आज छठ पूजा का तीसरा दिन है। समापन कल यानी मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को प्रातः कालीन अर्घ्य के साथ होगा। आज छठव्रती महिलाएं डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य देंगी। वहीं, सीएम हेमंत ने छठ पूजा की सभी को शुभकामनाएं दी हैं। सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा की सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। आज छठव्रती माताएं-बहनें डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य देंगी। प्रकृति की महानता को दर्शाता छठ का हर अनुष्ठान हमें सिखाता है कि जीवन में उगते सूर्य के प्रति कृतज्ञता और अस्त होते प्रकाश के प्रति धैर्य सच्ची साधना और समर्पण का मार्ग है। छठी मैया और भगवान भास्कर आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें। जय छठी मैया! जय भगवान भास्कर!  

ग्वालियर सिरप केस में प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, ड्रग इंस्पेक्टर अनूभूति शर्मा को किया निलंबित

ग्वालियर   ग्वालियर के बहुचर्चित कफ सिरप केस एक और बड़ा एक्शन हुआ है। अब इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर अनूभूति शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला गुना रहेगा। आपको बता दें कि, दवाओं के नमूने लेने के साथ साथ अन्य कार्रवाईयों की कार्यालय प्रमुख को सूचना नहीं देने का उनपर आरोप है। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव की ओर से ये कार्रवाई की गई है। ग्वालियर में एजिथ्रोमाइसिन सिरप के मामले में ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा द्वारा सैंपल लिए गए थे। एमपी में एजिथ्रोमाइसिन बैन सिविल सर्जन डॉ. राजेश शर्मा ने मिली मौखिक शिकायत पर ड्रग इंस्पेक्टर को सूचना दी थी। ड्रग इंस्पेक्टर ने सैंपल लिए थे। सिविल सर्जन को मिली मौखिक शिकायत के आधार पर कराई गई कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश में एजिथ्रोमाइसिन पर रोक लग गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई न होते हुए ड्रग इंस्पेक्टर पर कार्रवाई हुई है।

सियासी भूचाल: BJP ने एक झटके में 4 नेताओं को दिखाया दरवाज़ा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) में अनुशासनहीनता का बम फट पड़ा है। पार्टी ने अपने चार वरिष्ठ नेताओं को निष्कासित कर यह साफ कर दिया है कि NDA के साझा उम्मीदवारों के खिलाफ जाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। चुनावी मौसम में यह कार्रवाई बीजेपी के अंदर बढ़ती असंतोष की आवाज़ों को शांत करने की रणनीति मानी जा रही है। पार्टी लाइन से हटे, तो हुई कार्रवाई सूत्रों के मुताबिक, जिन चार नेताओं पर गाज गिरी है, उनमें वरुण सिंह, अनूप कुमार, पवन यादव और सूर्य भान सिंह शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये चारों नेता NDA समर्थित उम्मीदवारों के विरुद्ध अलग-अलग सीटों से स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर गए थे। पार्टी नेतृत्व ने इसे सीधी अवज्ञा मानते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। कहां-कहां से थे उम्मीदवार वरुण सिंह बहादुरगंज, अनूप कुमार गोपालगंज, पवन यादव कहलगांव और सूर्य भान सिंह बड़हरा विधानसभा सीट से चुनावी अखाड़े में थे। इन चारों पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी के फैसले और अनुशासन का उल्लंघन करते हुए गठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ ताल ठोंकी। JDU ने भी की सख्ती इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यू) ने भी बागी सुर अपनाने वाले 16 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया था। पार्टी के प्रदेश महासचिव चंदन कुमार सिंह ने उनके निष्कासन की घोषणा की थी। JDU का कहना था कि गठबंधन के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ना या संगठन को कमजोर करना सीधे तौर पर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। कौन-कौन हुए बाहर जिन नेताओं पर कार्रवाई हुई, उनमें कई पूर्व विधायक, मंत्री और एमएलसी शामिल हैं — जैसे मुंगेर के पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, सीवान के श्याम बहादुर सिंह, भोजपुर के रणविजय सिंह, शेखपुरा के सुदर्शन कुमार, और गोपालपुर के विधायक नरेन्द्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल आदि। इन सभी को पार्टी से बाहर कर गठबंधन में एकता का संदेश देने की कोशिश की गई है। चुनावी रणनीति पर बड़ा असर बीजेपी और जेडीयू दोनों की यह सख्ती इस बात का संकेत है कि NDA इस बार बगावती सुरों को किसी भी कीमत पर दबाना चाहता है। अमित शाह के हालिया बिहार दौरे के बाद यह स्पष्ट है कि पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मज़बूत करने और विरोधी खेमे को एकजुटता का संदेश देने की रणनीति पर काम कर रही है।  

ग्वालियर में फार्म हाउस से पकड़ी गई नकली शराब, महिला सहित 5 आरोपी दबोचे गए

ग्वालियर  ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में आबकारी विभाग ने हाईवे किनारे स्थित दो मंजिला फार्म हाउस में चल रही नकली देशी-विदेशी शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। आबकारी विभाग और पुलिल की संयुक्त टीम ने दबिश देकर यहां से लगभग 4 करोड़ रुपये की नकली शराब और 1 करोड़ की मशीनें व सामग्री जब्त की है। इसके साथ ही एक महिला सहित पांच आरोपी पकड़े गए हैं। इनमें हरियाणा के तस्कर भी शामिल हैं। यह फार्म हाउस ग्वालियर के पुराने कांग्रेस नेता सुरेंद्र तोमर का बताया जा रहा है, जिन्होंने बाद में बसपा से विधानसभा चुनाव लड़ा था। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री किराये पर लेकर चलाई जा रही थी। कौन-कौन गिरफ्तार एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में सुनीता जाट, मोहित उर्फ मोनू तोमर, सुमित जाट, प्रीतम जाट और दीपक जाट शामिल हैं। फैक्ट्री से 25 हजार लीटर कच्ची शराब, 429 पेटियां रेडी ब्रांड की शराब, 7 लाख रुपए नकद और यूपी नंबर की लोडिंग गाड़ी जब्त की गई है। बताया गया है कि यहां बनने वाली शराब की सप्लाई हरियाणा में की जाती थी। एएसपी ने बताया फार्म हाउस में पुलिस को जो दस्तावेज मिले हैं उनमें 16 अगस्त 2025 से हिसाब मिला है। यह एग्रीमेंट मोहित तोमर, सुरेंद्र तोमर व अमित कुमार के बीच है।इन दस्तावेज में 16 अगस्त से हिसाब मिला है। फैक्ट्री में पकड़ी महिला सुनीता ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसे डेढ़ माह पहले ही खाना बनाने के लिए लाए थे। यह फार्म हाउस सुरेंद्र तोमर का है। उनके संबंध प्रदेश के सभी प्रमुख दलों से हैं। पहले वह बसपा से विधानसभा का चुनाव लड़े फिर कांग्रेस में चले गए और अब खुद को भाजपा नेता बताते हैं। उन्होंने अपना रसूख दिखाने के लिए फेसबुक आईडी पर विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और जहां नकली शराब पकड़ी गई वहां दीवार पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का फोटो लगा रखा था। घाटीगांव हाईवे पर आबकारी विभाग की कार्रवाई में पकड़ी गई अवैध शराब की यह फैक्ट्री बड़े स्तर पर चल रही थी। इस क्षेत्र में आबकारी की टीम पहले भी कंजरों के डेरे पर लगातार कार्रवाई करती रही है, लेकिन यह फैक्ट्री अब तक आबकारी व पुलिस की निगाह में क्यों नहीं आई यह जांच का विषय है।