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दुकानदारों से ऑनलाइन ठगी, फर्जी रसीद दिखाकर हो रहा फ्रॉड

बिलासपुर ऑनलाइन पेमेंट लेने वाले दुकानदारों को अब और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि ठगों ने ऑनआइन ठगी का एक नया तरीका इजात कर लिया है। जिसमें ठग ऑनलाइन पेमेंट की नकली रसीद दिखाकर व्यापारियों को ठग रहे हैं। बिलासपुर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। जिसके बाद व्यापारियों ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज करायी है। बिलासपुर में दुकान में खरीदी के बाद फोन पे से फर्जी पेमेंट की रसीद दिखाकर कई व्यापारियों से ठगी का मामला सामने आया है। एक ही व्यापारी के तीन रिश्तेदारों की दुकान से इस तरह की ठगी का मामला सामाने आने के बाद व्यापारियों को इसकी जानकारी हुई। जब व्यापारियों ने अन्य व्यापारियों से बातचीत की तब पता चला कि मेडिकल स्टोर, किराने की दुकान समेत अन्य दुकानों में इस तरह ठगी की जा रही है। व्यापारियों ने ठगी की शिकायत सरकंडा थाने में की है। साथ ही संदेही की तस्वीर पुलिस को सौंप दी है। इसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। व्यापारियों को बना रहे शिकार सरकंडा क्षेत्र के मोपका स्थित राधा विहार में रहने वाले संतराम साहू व्यवसायी हैं। उनकी बहतराई रोड प्रथम अस्पताल के पास किराने की दुकान है। व्यवसायी ने बताया कि 9 जून की रात करीब 8 बजे उनकी दुकान पर एक व्यक्ति पर आया। उसने घरेलू सामान की खरीदारी की। इसका बिल एक हजार 639 रुपये बना। उसने ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कही। साथ ही उसने दुकान में लगे पेटीएम के स्कैनर को अपने मोबाइल से स्कैन किया। स्कैन करते ही उनके संस्थान का नाम आ गया। इसके बाद उसने बिल की रकम डालकर पेमेंट किया। कुछ देर बाद उसने पेमेंट की रसीद दुकान संचालक को दिखाया। उनके साउंड बाक्स में पेमेंट का एनाउंस नहीं हुआ था। दुकान संचालक ने बैंक सर्वर डाउन होने की बात सोचकर उसे जाने दिया। रकम बड़ा होने के कारण उन्होंने रात में स्टेटमेंट चेक किया। दूसरे दिन भी उनके एकाउंट में पेमेंट नहीं आया। तब उन्होंने अपने परिचित से बात की। इसमें पता चला कि कई दुकानों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। व्यापारी ने इसकी शिकायत सरकंडा थाने में की है। ऑनलाइन पेमेंट लेते समय रहे सावधान पुलिस ने बताया कि मोबाइल पर किसी दुकान पर फर्जी पेमेंट की स्क्रीनशाट दिखाकर ठगी के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामले में सावधानी जरूरी है। इस तरह के मामले में व्यापारियों के पास किसी तरह के ट्रांजेक्शन का कोई रसीद नहीं रहती। इसके कारण ठगी करने वालों तक पहुंचना कठिन होता है। इस तरह की ठगी से बचने के लिए सतर्कता रखना जरूरी है। जब तक उनके मोबाइल पर ट्रांजेक्शन की रसीद नहीं आती, तब तक सामान नहीं देना चाहिए। अगर बैंक की कोई समस्या या अन्य परेशानी हो तो व्यक्ति दूसरे दिन दुकान आकर सामान ले जा सकता है। वहीं, अगर ठगी हो जाए तो व्यापारी उस व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकते। व्यापारियों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान सावधान रहने की जरूरत है।  

मुख्यमंत्री नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के 03 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में हुए शामिल

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  राजधानी रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय आधारभूत/उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी है। यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले की तस्वीर बदल सकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोक कल्याण की भावना से जनता की सेवा करने वालों को जनता स्वयं आगे बढ़ाती है। अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने भी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत पंच के रूप में की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगा। 10 वर्ष की आयु में पिताजी के स्वर्गवास के बाद मेरे कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। मेरा पूरा जीवन संघर्ष में बीता। मैं सरपंच भी बनूंगा, यह मैंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन जनता का आशीर्वाद मिला, जिससे विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुछ कर गुजरने के लिए संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति होती है। जनहित में कार्य करने की सोच से अकेला व्यक्ति भी बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे जिन प्रेरणादायी लोगों के जनसेवा के कार्यों को निकट से देखने का अवसर मिला, उनमें ओडिशा के डॉ. अच्युत सामंत और नानाजी देशमुख का उल्लेख करना चाहूंगा। अभावों में पले-बढ़े डॉ. अच्युत सामंत ने आजीवन जनता की सेवा का संकल्प लिया और भुवनेश्वर में एक बड़ा शिक्षण संस्थान स्थापित किया। इस संस्थान में वे लगभग 25 हजार जनजातीय बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसी तरह, चित्रकूट में नानाजी देशमुख ने दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के माध्यम से 500 गांवों को गोद लेकर उनके सर्वांगीण विकास का कार्य किया। वर्ष 2006-07 में जब मैं वहां गया, तब मुझे पता चला कि अब तक 80 गांवों को उन्होंने आत्मनिर्भर बना दिया है। इन गांवों में हर परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्य किया गया। ये उदाहरण हमें यह बताते हैं कि एक व्यक्ति भी कितना बड़ा परिवर्तन ला सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यहां 44 प्रतिशत भूभाग पर वन हैं। यहां की मिट्टी उर्वरा है और किसान मेहनतकश हैं। छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा था, जिसे हम समाप्त कर रहे हैं। जो नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, उनके लिए हमने एक उत्कृष्ट पुनर्वास नीति बनाई है। जल्द ही राज्य नक्सलमुक्त होगा और बस्तर में सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर संभाग के मुलेर ग्राम का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के आदिवासियों को राशन के लिए 25 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता था, जिसमें तीन दिन लगते थे। कल्पना की जा सकती है कि यह इलाका विकास में कितना पीछे था। हमने मुलेर को अलग पंचायत बनाने का निर्णय लिया और वहां राशन दुकान खोली। जब मैं वहां गया, तो लोगों की खुशी उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों से कहा कि गांवों का विकास किए बिना हम विकसित छत्तीसगढ़ नहीं बना सकते। प्रशिक्षण के इस समय का पूरा लाभ उठाएं। यह सदैव ध्यान रखें कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें। प्रवास और निरीक्षण से प्रशासनिक कसावट आती है और विकास कार्यों को गति मिलती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में बेहतर कार्य करने के लिए स्वयं को पूरी तरह तैयार करें। पंचायती राज से जुड़े कानूनी प्रावधानों की गहन जानकारी रखें। गांव की उन्नति के लिए केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि अन्य संभावनाओं पर भी सतत विचार करें। दुग्ध उत्पादन जैसे कार्यों से गांव की आर्थिक उन्नति सुनिश्चित होती है। गांव में आर्थिक समृद्धि आने से युवाओं को नई दिशा मिलती है और वे व्यसनों से दूर रहते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आप ग्राम पंचायत के कार्य स्वरूप पर भी चिंतन करें। पंचायती राज संस्था से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को भलीभांति समझें, ताकि आप जनता के हित में बेहतर कार्य कर सकें। पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े सभी स्तर के एक लाख सत्तर हजार लोगों को यहां प्रशिक्षित किया जाएगा। आज आप सभी से इसकी शुरुआत हो रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पेसा : पंचायत उपबंध एवं छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध मार्गदर्शिका, पंचमन पत्रिका तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों हेतु पठन सामग्री का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के प्रांगण में मौलश्री पौधे का रोपण भी किया। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह, सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संचालक पी. सी. मिश्रा उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री साव बोले – वृक्षारोपण पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक

पीएम आवास के 50 हजार हितग्राहियों के परिसर में एक लाख से अधिक पौधेरोपित गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में किया गया दर्ज रायपुर, हर आंगन में हरियाली लाने ‘‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’’ वृक्षारोपण महाअभियान के तहत जिले में पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने के लिए अभिनव पहल की गई। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के 50 हजार हितग्राहियों के निवास परिसरों में 01 लाख से अधिक पौधे रोपे गए। इस अनूठे और भावनात्मक अभियान के माध्यम से ना केवल हरियाली बढ़ाने का प्रयास हुआ, बल्कि मातृत्व के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया गया। इस अभिनव पहल को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इस महाअभियान का जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम मुंगेली विकासखंड के ग्राम लोहड़िया रामपुर स्थित महात्मा गांधी आक्सीजोन परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने आम के पौधे का रोपण कर जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पाण्डेय, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, वनमंडलाधिकारी श्री अभिनव कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय ने भी पौध-रोपण किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर, मुंगेली एसडीएम श्रीमती पार्वती पटेल सहित संबंधित अधिकारी, जनद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पलता पदमिनी मोहले और गणमान्य नागरिक श्री दीनानाथ केशरवानी मौजूद रहे। श्रीमती सोनल शर्मा ने जिला प्रशासन की इस उपलब्धि के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र प्रदान कर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक है। जिले में इस वृक्षारोपण अभियान के तहत एक लाख से ज्यादा पौधे का रोपण कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया है, जिससे यह गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गया है, इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों का जीवन स्वस्थ और सुखद हो, इसके लिए पौधे लगाना अति आवश्यक है। वृक्षारोपण का यह क्रम टूटना नहीं चाहिए, पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने घटते जलस्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए जल संरक्षण के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने और वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने रामपुर में सी.सी. रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपए की घोषणा की। विधायक श्री मोहले ने वृक्षारोपण अभियान के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने के लिए जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य किसी भी क्षेत्र में नया कीर्तिमान रचने का प्रयास किया जा रहा है और इसी कड़ी में पीएम आवास हितग्राहियो के घरों में वृक्षारोपण महाभियान को गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वृक्ष परोपकार एवं पुण्य का प्रतीक होता है, पर्यावरण सरंक्षण के लिए हम सभी को पौधारोपण करना चाहिए। वनमंडलाधिकारी ने कहा कि दुनिया के समक्ष जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, जल संकट जैसी चुनौतियां हैं, इससे बचने के लिए एक पेड़ लगाना आवश्यक है, जैसे बूंद-बूंद पानी से समुद्र बनता है, वैसे एक-एक पेड़ से ही पर्यावरण संरक्षित होगा और हरीतिमा बढ़ेगी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने पर्यावरण को बचाने वृक्षारोपण पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन में योगदान देने वालों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। जिला पंचायत सीईओ ने कार्यक्रम के सफल कार्यक्रम के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य श्री उमाशंकर साहू, श्री पवन पाण्डेय, अन्य जनप्रतिनिधिगण, स्व सहायता समूह की दीदी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

राज्यपाल डेका से रेड क्रॉस जिला शाखा महासमुंद के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की

रायपुर, राज्यपाल एवं पदेन अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी (राज्य शाखा, रायपुर) रमेन डेका गत दिवस पिथौरा आगमन पर कलेक्टर एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा महासमुंद के अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में रेड क्रॉस जिला शाखा महासमुंद के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर जिला शाखा के सभापति संदीप दीवान, रेड क्रॉस जिला प्रबंध समिति के सदस्य राजेश्वर खरे, जिला संगठक एवं राज्य प्रतिनिधि डॉ. अशोक गिरि गोस्वामी एवं प्रतिनिधि मंडल  ने राज्यपाल  से मुलाकात कर जिले में रेड क्रॉस द्वारा संचालित विभिन्न मानवीय और सामाजिक सेवा गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल डेका ने रेड क्रॉस सोसाइटी की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि समाज में मानवीय सहायता एवं आपातकालीन सेवा कार्यों में रेड क्रॉस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिले में चल रही गतिविधियों को विस्तार देने और अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किए। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी का प्रमुख उद्देश्य आपदा प्रबंधन, रक्तदान प्रोत्साहन, प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य जागरूकता, गरीबों एवं जरूरतमंदों की सहायता और मानवीय सेवा के कार्यों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करना है। जिले में इन कार्यों को सतत रूप से संचालित किया जा रहा है। इस अवसर पर तेजलाल देवांगन, दिनेश कुमार साहू (रेडक्रॉस प्रशिक्षक एवं जू.रे.क्रॉ. सचिव, पिथौरा), शासकीय कन्या शाला, पिथौरा से रेडक्रॉस काउंसलर्स ज्योति पटेल एवं विमला नायक, वालेंटियर्स मोनिका निषाद, प्रिया साहू, मुस्कान यादव, कसिस सिन्हा, तथा शासकीय आर.के. स्कूल, पिथौरा से वालेंटियर्स ओम मिर्धा, दिवाकर निषाद, मुस्कान यादव, सुजल बाग शामिल थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सभी वर्गों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। बगैर सर्वे, बगैर तैयारी, आरक्षण देने की बात करके फैलाए गए भ्रम के कारण यह मामला कोर्ट में लंबित रहा। आरक्षण के संबंध में तथ्यात्मक आंकड़ों के आधार पर विधानसभा में बिल प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार 14 प्रतिशत आरक्षण से शेष बचे लोगों को आरक्षण का लाभ दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। ऐसे विद्यार्थी जो न्यायालयीन प्रक्रिया के कारण ज्वाइनिंग नहीं दे पाए, उनको ज्वाइन कराने के भी प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अधिकारियों- कर्मचारियों की पदोन्नति के लंबित प्रकरणों का निराकरण किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर जातिगत जनगणना की प्रक्रिया भी आरंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समन्वय भवन में मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए।  

बरेली में 20 प्रतिशत तक बढ़ेंगे जमीन के रेट , एक अगस्त से नया डीएम सर्किट रेट प्रभावी

बरेली बरेली जिले की जमीनों की कीमतों में इजाफा होने वाला है। डीएम सर्किल रेट की दरों के पुनर्निधारण का काम शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि पिछली दरों की अपेक्षा इस बार सर्किल रेट 20 प्रतिशत तक महंगा हो जाएगा। दरों के पुनर्निधारण के लिए टाइम-लाइन भी जारी हो गई है। शुक्रवार को एडीएम राजस्व एवं वित्त ने उप निबंधकों के साथ बैठक भी कर ली है। नए सर्किल रेट को एक अगस्त से प्रभावी किया जाना है। एडीएम राजस्व एवं वित्त संतोष कुमार सिंह के चेंबर में हुई बैठक में सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी) तेज सिंह यादव और उप निबंधकों के बीच में सर्किल रेट बढ़ाने के संबंध में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। बताया कि कौन-कौन से गाटे आबादी के 200 मीटर के दायरे में हैं। इस संबंध में तहसीलों से रिपोर्ट मांगी गई है, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। एडीएम ने बताया कि इस बार तय हुआ है कि छह से 12 मीटर और इससे अधिक चौड़ाई वाली सड़कों के आसपास की जमीनों को सर्किल रेट वृद्धि की श्रेणी में लाया जा रहा है। विकसित एवं विकासशील क्षेत्रों को भी चिह्नित कर वहां की जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की योजना बनी है। जून में कम हुए बैनामे बैठक में उप निबंधकों ने बताया कि लक्ष्य के हिसाब से जून महीने में सदर तहसील में स्टांप शुल्क से आय में गिरावट आई है। बैनामे कम संख्या में हुए हैं। जबकि, शहरी क्षेत्र में 80 और ग्रामीण क्षेत्र में 20 प्रतिशत स्टांप शुल्क की आय का लक्ष्य है। इसका एक कारण बीडीए की तरफ से निजी भू-स्वामियों की जमीनों के नक्शे न स्वीकृत किए जाने की बात सामने आई है। उप निबंधकों ने कहा कि बीडीए अपने प्लाटों को बेचने के चक्कर में निजी भूमियों के नक्शे पास नहीं कर रहा है। सर्किल रेट के संबंध में जारी समय-सारिणी संशोधन के लिए प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण 15 जुलाई को होगा। संशोधित दर सूची के प्रस्ताव का प्रकाशन 16 जुलाई को किया जाएगा। फिर 22 जुलाई तक आपत्ति एवं सुझाव मांगे जाएंगे। इनके निस्तारण के उपरांत एक अगस्त से जिले में नया डीएम सर्किल रेट प्रभावी हो जाएगा।  

आरएएस के बाद अब अन्य सेवाओं से IAS बनने की प्रक्रिया शुरू, 23 और 24 जुलाई को होंगे इंटरव्यू

जयपुर राजस्थान में अन्य सेवाओं के अफसरों के लिए आईएएस में विशेष चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद राजस्थान को 4 आईएएस और मिल जाएंगे। यूपीएससी की अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन को लेकर चयन समिति की बैठक 23 और 24 जुलाई को होगी। चयन समिति की इस बैठक के लिए केन्द्र में संयुक्त सचिव स्तर तक के दो आईएएस नामित किए जाएंगे। बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत भी शामिल होंगे। पूर्व आईएएस वीनू गुप्ता की अध्यक्षता वाली स्क्रूटनी कमेटी ने पिछले साल ही प्रदेश की अन्य सेवाओं के 20 अफसरों के नाम इंटरव्यू के लिए तय कर दिए थे। अब चयन समिति की बैठक में इन अफसरों के इंटरव्यू होंगे, जिसके बाद 20 में से 4 नाम फाइनल होंगे। 23 जुलाई को जिन अफसरों के इंटरव्यू होने वाले हैं उनमें- लेखा सेवा से नरेश कुमार गोयल, सांख्यिकी सेवा से नीतीश शर्मा, जल संसाधन सेवा से अनिल अंबेश, सहकारिता सेवा से भोमाराम, पीएचईडी से भूपेंद्र सिंह देथा,परिवहन सेवा से धर्मेंद्र कुमार, कृषि विपणन से केशर सिंह, सांख्यिकी सेवा से मुकेश मीणा, नरेंद्र कुमार मेघनानी व अमिता शर्मा शामिल हैं। 24 जुलाई को चिकित्सा सेवा से डॉ. पूनम प्रसाद, परिवहन सेवा से प्रवीणा चारण, कृषि सेवा से राजेन्द्र सिंह, विधि सेवा से रमजान अली, कृषि सेवा से राशिद खान, पीडब्ल्यूडी सेवा से संगीत कुमार, सहकारिता सेवा से शुधोधन उज्ज्वल, कॉलेज शिक्षा से श्यामसुंदर ज्यानी, लेखा सेवा से सुरेश वर्मा, आईटी व संचार सेवा से योगेंद्र कुमार जैन के इंटरव्यू लिए जाएंगे।

काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन को लेकर तैयारियों को अंतिम दिया जा रहा रूप, एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना

वाराणसी सावन में श्रद्धालुओं को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार, नंदू फारिया, सिल्को गली, ढुंढिराज और सरस्वती फाटक से प्रवेश दिया जाएगा। गंगा में बाढ़ की वजह से ललिता घाट से श्रद्धालुओं का प्रवेश अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है। दर्शन के लिए आने वाले वृद्ध, अशक्त, दिव्यांगजन और बच्चों के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक निशुल्क ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा। सावन में श्री काशी विश्वनाथ धाम में एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्री काशी विश्वनाथ धाम में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने बताया कि इस बार सावन में बाबा के दरबार में कोई भी वीआईपी या वीवीआईपी नहीं होगा। सावन भर प्रोटोकॉल दर्शन नहीं होंगे। इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। दर्शन के लिए सभी श्रद्धालु कतार में लगकर ही आएंगे। कोई श्रद्धालु दलालों के झांसे में न आए। यदि कोई व्यक्ति विशेष दर्शन के नाम पर रुपये मांगता है या अपनी दुकान से प्रसाद लेने पर दर्शन में सहायता का दावा करता है, तो वह आपको ठगने का प्रयास कर रहा है। इसकी जानकारी निकटतम पुलिस या फिर मंदिर के कर्मी को दी जा सकती है। उधर, मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे खाली पेट कतार में न लगें। पहले सोमवार को चल प्रतिमा, तो दूसरे सोमवार गौरी-शंकर शृंगार इस सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं। हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ के अलग-अलग शृंगार किए जाएंगे। 14 जुलाई को पहले सोमवार को चल प्रतिमा शृंगार, दूसरे सोमवार (21 जुलाई) को गौरी-शंकर (शंकर-पार्वती) शृंगार, तीसरे सोमवार (28 जुलाई) को अर्धनारीश्वर शृंगार और चौथे व अंतिम सोमवार (चार अगस्त) को रुद्राक्ष शृंगार होगा। वहीं, नौ अगस्त को पूर्णिमा पर झूला शृंगार होगा। मंडलायुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी के सहयोग से धाम परिसर और शहर के अलग-अलग स्थानों पर बाबा विश्वनाथ की आरती और शृंगार के डिजिटल दर्शन की व्यवस्था की गई है। साथ ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी दर्शन की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की जाएगी। व्यवस्था प्रबंधन के लिए संपूर्ण धाम में केंद्रीयकृत लोक सूचना प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) और आवश्यक स्थानों पर स्थानीय लोक सूचना प्रणाली (लोकल पब्लिक एड्रेस सिस्टम) की व्यवस्था रहेगी। मंडलायुक्त ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुल पांच स्थानों पर चिकित्सकीय टीम की तैनाती की जाएगी। हेल्थ डेस्क पर तीन पाली में डॉक्टरों की ड्यूटी लगेगी। प्रत्येक पाली में दो डॉक्टरों की टीम रहेगी। मंदिर में दो एंबुलेंस रहेगी। इनमें एक एंबुलेंस में एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा होगी, जो किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तत्पर रहेगी। छह स्थानों पर खोया-पाया केंद्र मंडलायुक्त ने बताया कि विश्वनाथ धाम में छह स्थानों पर खोया-पाया केंद्र की स्थापना की जाएगी। इसमें मंदिर प्रांगण, शंकराचार्य चौक, गेट नंबर एक (गंगा निकास द्वार), गेट नंबर दो (सरस्वती फाटक), गेट नंबर चार (मुख्य प्रवेश मार्ग) और ललिता घाट पर बने खोया पाया केंद्र पर भीड़ में अपने परिवार से बिछड़े लोग सहायता प्राप्त कर सकेंगे।   पेयजल काउंटर की रहेगी सुविधा मंडलायुक्त के मुताबिक, धाम में समय-समय पर ग्लूकोज/ओआरएस घोल, सूक्ष्म जलपान, बिस्किट, टॉफी, चॉकलेट आदि का वितरण किया जाएगा। इससे वृद्ध और बच्चों को सहूलियत मिलेगी। अतिरिक्त पेयजल काउंटर और गुड़ की व्यवस्था भी रहेगी।

एम-आधार से होगी पहचान की जांच, फर्जी आईडी वाले रेल यात्रियों पर होगी सख्ती

भोपाल  ट्रेन यात्रा के दौरान यात्री को अपनी पहचान साबित करने के लिए मोबाइल ऐप एम-आधार का सहारा लेना होगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। एमआधार ऐप के जरिए अब ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों की पहचान तकनीकी रूप से सत्यापित की जाएगी। ट्रेनों में अक्सर देखा जाता है कि दूसरे के टिकट पर लोग यात्रा कर लेते हैं। लेकिन अब ट्रेन यात्रा के दौरान यात्री को अपनी पहचान साबित करने के लिए मोबाइल ऐप एम-आधार का सहारा लेना होगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। एमआधार ऐप के जरिए अब ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों की पहचान तकनीकी रूप से सत्यापित की जाएगी। दूसरों के नाम पर टिकट लेकर यात्रा करते हैं लोग मिली जानकारी के अनुसार रेलवे को लंबे समय से ऐसी शिकायतें मिलती रही हैं कि कुछ लोग दूसरों के नाम पर टिकट लेकर यात्रा करते हैं या फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर ट्रेन में चढ़ जाते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए रेलवे अब एमआधार ऐप का इस्तेमाल करेगा, जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने विकसित किया है। जाने कैसे काम करेगे एम आधार एप रेवले द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस ऐप में क्यूआर कोड स्कैन कर पहचान सत्यापन की सुविधा है। टीटीई इस ऐप के माध्यम से यात्री का आधार कार्ड स्कैन कर उसकी वास्तविकता को तुरंत जांच सकेंगे। इससे फर्जी आधार कार्ड की पहचान आसान हो जाएगी और टिकटों की कालाबाजारी पर भी नियंत्रण संभव होगा। रेलवे बोर्ड ने कहा है कि ऐप को जल्द ही HHT (हैंड हेल्ड टर्मिनल) डिवाइस से जोड़ा जाएगा, जिससे टीटीई को यह सुविधा सीधे उनके उपकरण में उपलब्ध होगी। इससे आरक्षित टिकटों का गलत इस्तेमाल रुकेगा और यात्रा के दौरान यात्रियों की असली पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। यात्री सुरक्षा और ट्रेनों में अनधिकृत यात्रा को रोकने का प्रयास रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कदम यात्री सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रेनों में अनधिकृत यात्रा को रोकने की दिशा में एक बड़ा सुधार है। साथ ही डिजिटल इंडिया की दिशा में भी यह प्रयास मील का पत्थर साबित हो सकता है।  

यूपी के युवाओं के लिए खुशखबरी, योगी सरकार दे रही स्थानीय स्तर पर रोजगार का मौका

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाने के साथ ही उनकी क्षमता का भी पूरा उपयोग करने का इंतजाम कर रही है। सरकार स्किल डेवलपमेंट के साथ युवाओं को स्वावाल‍ंबी बनाने के लिए हर स्तर उनकी मदद की योजना तैयार कर चुकी है। सरकार तो अब युवाओं को उनके ही जिले में रोजगार देने की कोशिश कर रही है। पहली बार जिला स्तर पर स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल विकास की कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके तहत युवाओं को उन्हीं सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनकी उनके जिले में सबसे अधिक मांग है। हर जिले में पांच प्रमुख सेक्टरों की पहचान की जा रही है। यह चयन स्थानीय उद्योगों की मांग, रोजगार की संभावनाएं और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखकर होगा। हर जिले में चुने गए पांच सेक्टरों में काम कर रही पांच अग्रणी कंपनियों या औद्योगिक इकाइयों को चिन्ह्ति किया जाएगा। इनके साथ समन्वय कर युवाओं को उनकी मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें उन्हीं कंपनियों में सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे। कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) के साथ बैठक कर योजना की रूपरेखा साझा की है। योजना को अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इस दौरान जिला प्रशासन, उद्योग प्रतिनिधियों, प्रशिक्षण संस्थानों और मिशन टीम के बीच मजबूत समन्वय किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारियों को 26 सेक्टरों की सूची सौंपी गई है, जिनमें से उन्हें अपने जिले के लिए पांच उपयुक्त सेक्टरों का चयन करना है। कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि इससे उद्योगों को स्थानीय प्रशिक्षित जनशक्ति मिलेगी, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और युवाओं को घर के पास ही नौकरी मिलेगी।