samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बन रहा टेक्नोलॉजी हब : नवा रायपुर में कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को मिली मंजूरी

इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में आत्मनिर्भर बनेगा राज्य, युवाओं को मिलेगा नवाचार और रोजगार का नया मंच रायपुर छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी  उपलब्धि मिली है। अब राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्टिंग या प्रोटोटाइपिंग के लिए बेंगलुरु, पुणे या नोएडा जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि और आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस परियोजना से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, स्टार्टअप और युवाओं के लिए नया युग प्रारंभ होगा। यह परियोजना छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति के अनुरूप निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रदान करेगी। कॉमन फैसिलिटी सेंटर नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 3.23 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें से 75.00 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भारत सरकार के MeitY मंत्रालय द्वारा EMC 2.0 योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। शेष 33.43 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे तथा भूमि की उपलब्धता नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने हेतु एक साझा एवं अनुकूल वातावरण निर्मित करेगा, जहां प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग, EMC परीक्षण और वुड वर्कशॉप जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह केंद्र अर्धचालक (सेमीकंडक्टर), माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एलईडी लैंप, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) समाधान, ऑटोमेशन समाधान और SCADA पैनल जैसी इलेक्ट्रॉनिक्स आधारित उत्पादन इकाइयों को विशेष लैब और परीक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा। यह सेंटर क्षेत्र के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उदाहरण के तौर पर, एक छोटी एलईडी लाइट निर्माण इकाई अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए CFC की परीक्षण लैब का उपयोग कर सकेगी। इसी प्रकार, एक स्टार्टअप जो सोलर चार्ज कंट्रोलर डिज़ाइन कर रहा है, वह बड़े पैमाने पर उत्पादन से पूर्व अपने डिज़ाइन को इस केंद्र की प्रोटोटाइपिंग सुविधा में परख सकेगा। एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) घटक निर्माता अपने उत्पादों की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक संगतता (EMC) का परीक्षण कर सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रणालियाँ सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। साथ ही, 3D प्रिंटिंग सुविधा कंपनियों को विशेष जिग्स या कस्टम एन्क्लोज़र बनाने में सहायता करेगी, जबकि PCB प्रोटोटाइपिंग सेवा सर्किट बोर्डों के त्वरित विकास और परीक्षण में मदद करेगी, जिससे उत्पाद निर्माण की गति तेज होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पहले से ही कई आकर्षक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को राज्य की उद्योग नीति के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों से और भी बल मिलेगा, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बाहरी और स्थानीय निवेश को गति मिलेगी। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा संचालित यह परियोजना राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण एवं निवेश को प्रोत्साहित करेगी। इसके माध्यम से राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को टेक्नोलॉजी क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से समृद्ध बनाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि उद्योगों को विश्वस्तरीय परीक्षण और प्रोटोटाइपिंग सुविधाएं भी सुलभ होंगी, जिससे छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक पावरहाउस बनकर उभरेगा। आवास और पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी। इससे स्थानीय स्टार्टअप्स, युवाओं और उद्यमियों को अत्याधुनिक संसाधन मिलेंगे, जो पहले बड़े शहरों तक ही सीमित थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह पहल डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी बनाएगी।

निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण करने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए निर्देश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की विभिन्न लंबित परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में प्रगति लाने हेतु ठोस रणनीति अपनाई जाए और निर्माण की गति में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशभर में निर्माणाधीन जल परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 2015 से पूर्व की अपूर्ण जल परियोजनाओं सहित सभी लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य किसानों का राज्य है, और जल परियोजनाओं के अधूरे रहने से सिंचाई क्षमता प्रभावित होती है, जिससे कृषकों को योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, तो प्रदेश का सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोत्तरी संभव होगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इन परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण करना अनिवार्य है ताकि किसान लाभान्वित हो सकें। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने एक पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदेश में संचालित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने लंबित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से भी सभी अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उईके सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रदेश के सबसे बड़े वाटर पार्क का वर्चुअल उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य का जल से गहरा संबंध है। पृथ्वी की उत्पत्ति से ही जीव जन्तु और मनुष्य जल के साथ जीवन व्यतीत करते हैं। स्नान से भी वही सुख मिलता है, जो माता-पिता के सानिध्य से प्राप्त होता है। हताशा और निराशा या कष्ट की स्थिति में मनुष्य के दु:ख जल के संपर्क से दूर हो जाते हैं। आज वाटर पार्क न केवल मनोरंजन का माध्यम है, अपितु फिटनेस और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह लोगों को उमंग और ऊर्जा से भर देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को  इंदौर में  220 करोड़ रुपए  की लागत से 25 एकड़ क्षेत्र में निर्मित प्रदेश के सबसे बड़े वाटर पार्क 'इमेजिका एक्वा' का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, श्री ओमप्रकाश सकलेचा आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर स्वच्छता की राजधानी है। इंदौर में यह वृहद् वाटर पार्क बदलते दौर में अनुपम उपहार होगा। इंदौर अद्वितीय और आदर्श नगर है। वॉटर पार्क यहां की नई पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वॉटर पार्क प्रारंभ करने के लिए मालपानी समूह को बधाई दी। श्री राजेश संजय और मालपानी समूह के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम में भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया।  

राज्यपाल पटेल को दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम की कप्तान राधा बढ़गुज्जर ने ‘उमंग कप’ में जीती गई ट्रॉफी भेंट की

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से मंगलवार को मध्यप्रदेश व्हीलचैयर क्रिकेट और दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम के सदस्यों ने राजभवन में  मुलाक़ात की। राज्यपाल श्री पटेल को दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम की कप्तान राधा बढ़गुज्जर ने ‘उमंग कप’ में जीती गई ट्रॉफी भेंट की। राज्यपाल श्री पटेल ने टीम के सदस्यों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। राज्यपाल श्री  पटेल ने मध्यप्रदेश व्हीचैयर क्रिकेट और दिव्यांग महिला टीम के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनकी उपलब्धियां जानी। उन्होंने दोनों टीम के सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। खिलाड़ियों के साथ सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद रहे। 

मौसम बदलने के संकेत: छत्तीसगढ़ में उमस के बाद अब बारिश और वज्रपात की चेतावनी

रायपुर अगस्त की शुरुआत में छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से प्रदेश भर में उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। तापमान में बढ़ोतरी होने से कूलर और एसी की मांग फिर से बढ़ गई है। हालांकि इस बीच राहत की खबर है कि प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है और 7 अगस्त से पूरे छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं। मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में बादल गरजने, बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई है। दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। तापमान 27 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मानसून ब्रेक की स्थिति मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार, मानसून द्रोणिका का पूर्वी छोर अब अरुणाचल प्रदेश की ओर चला गया है, जिससे 'मानसून ब्रेक' की स्थिति बनी हुई है। इसी कारण प्रदेश में केवल कुछ स्थानों पर ही हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधि में तेजी आने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में बारिश का हाल प्रदेश के सभी संभागों में बीते 24 घंटों के दौरान कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। बिलासपुर और राजनांदगांव में सबसे अधिक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ऑरेंज अलर्ट (तेज बारिश, वज्रपात और आंधी की चेतावनी – अगले 3 घंटे) जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, सुरगुजा और सूरजपुर यलो अलर्ट (बिजली गिरने और तेज हवा की संभावना) सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर और कोरिया

मौत का बटन: ग्राइंडर मशीन से हार्डवेयर कारोबारी के बेटे ने ली जान

इटारसी मंगलवार बुधवार की दरम्यानी रात आदिवासी विकासखंड केसला के सुखतवा गांव में एक हार्डवेयर कारोबारी के युवा बेटे ने ग्राइंडर कटर से अपना गला काटकर आत्महत्या कर ली। इस हृदय विदारक घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई, वहीं पूरा परिवार इस घटना से स्तब्ध है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार सुखतवा निवासी हार्डवेयर व्यापारी के युवा बेटे का शव उसके कमरे में मिला है, जिसकी गर्दन पिछले हिस्से में धारदार चीज से कटी हुई है। पुलिस के अनुसार 22 वर्ष उपांशु साहू निवासी हार्डवेयर व्यवसायी अशोक साहू के बेटे थे। मंगलवार रात को उपांशु ने ग्राइंडर कटर का उपयोग कर अपनी गर्दन काट ली, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सुबह जब दुकान नहीं खुली तो स्वजनों ने कई बार कॉल किया, बाद में पड़ोसियों से भी फोन पर जानकारी ली, जब संदेह हुआ तो छत पर चढ़कर कमरे के पिछले हिस्से से अंदर प्रवेश किया, इसके बाद उनके होश उड़ गए।   दो महीने कुंभ में रहा अकेले सोता था दुकान पर केसला थाना प्रभारी उमाशंकर यादव ने बताया कारोबारी अशोक साहू के दो बेटे हैं। उपांशु उनका छोटा बेटा था। कुछ दिन पहले बाजार में उनका नया भवन बना, जिसमें आगे दुकान और पिछले हिस्से में तीन चार कमरे बनाए गए हैं। पूरा परिवार बस्ती के पुराने मकान में रहता था। उपांशु को घर की जगह दुकान पर रात रुकना अच्छा लगता था, इसलिए वह अकेला यहीं सो जाता था।   दो महीने वह प्रयाग महाकुंभ में भी रहकर आया था     यादव ने बताया कि दो महीने वह प्रयाग महाकुंभ में भी रहकर आया। रात में उसने बड़ी ग्राइंडर कटर मशीन कमरे में रखी।     उसके एक्सटेंशन का तार अपने बेड पर लगाया। इसके बाद बटन पर अंगूठा रखकर अपनी गर्दन कटर पर रखकर बटन चला दिया।     मशीन का प्रेशर इतना ज्यादा था कि एक सेकंड में उसकी गर्दन अलग हो गई।     बेड पर लगा बिस्तर तक बुरी तरह कटकर खून से लथपथ हो गया। पूरा बिस्तर खून से सना हुआ मिला।     कमरे में किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। पीएम के बाद शाम को स्वजनों ने नर्मदा घाट पर अंतिम संस्कार किया।     पुलिस उसके मोबाइल को भी जांच में लेगी, आत्महत्या के पीछे किसी तरह का मानसिक दबाव, ब्लैकमेलिंग या कोई बीमारी वजह तो नहीं थी, इसकी जांच पुलिस करेगी।

राज्य सरकार का बड़ा फैसला: अरुण चतुर्वेदी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा और विशेष अधिकार

जयपुर राजस्थान राज्य वित्त आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को राज्य सरकार ने कैबिनेट मंत्री स्तर का दर्जा दिया है और इस बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। अब चतुर्वेदी को कैबिनेट मंत्री के समकक्ष वेतन, भत्ते और अन्य सभी सुविधाएं मिलेंगी। कैबिनेट सचिवालय के आदेश के अनुसार राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को कैबिनेट स्तर का दर्जा दे दिया गया है। ओंकारसिंह लखावत के बाद उन्हें ही कैबिनेट स्तर का दर्जा मिला है। मंत्री का दर्जा मिलने के बाद उन्हें अब प्रतिमाह 65,000 रुपये वेतन के साथ 55,000 रुपये भत्ते के रूप में दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त उन्हें 2,000 प्रतिदिन के हिसाब से दैनिक भत्ता मिलेगा, जो अधिकतम 180 दिन के लिए देय होगा। चतुर्वेदी को सरकारी टेलीफोन, पोस्टपेड मोबाइल, ब्रॉडबैंड और इंटरनेट के लिए 10,000 प्रतिमाह की राशि दी जाएगी। हालांकि राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष को हर बार मंत्री का दर्जा दिया जाता है। पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार में ज्योति किरण को राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के तौर पर राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। वहीं पिछले गहलोत सरकार में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के तौर पर पूर्व वित्तमंत्री प्रद्युम्न सिंह को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। राजस्थान की मौजूदा भजनलाल सरकार को भी डेढ़ साल से ज्यादा हो गया, लेकिन अब तक 8 बोर्ड आयोगों में ही अध्यक्ष पद दिए गए हैं। पिछली सरकार में भी करीब 80 बोर्ड आयोगों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बनाए गए थे। नियुक्तियों का सिलसिला चुनाव आचार संहिता लगने तक जारी रहा और इनमें से कई तो पदभार ही ग्रहण नहीं कर सके।

जेल से छूटते ही किया शक्ति प्रदर्शन, पुलिस ने दोबारा भेजा जेल

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में आदतन बदमाश दुर्गेश महंत को जमानत में रिहा होते ही जुलूस निकलना उस वक़्त मंहगा पड़ गया। जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया। रायगढ़ पुलिस ने तत्काल एक्शन में आते हुए उसे दोबारा जेल भेज दिया है। उक्त मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक, दुर्गेश महंत 22 साल ने करीब तीन माह पूर्व थाना जूटमिल क्षेत्र के मारपीट में जेल में निरुद्ध था। हाल ही में उसे जमानत मिली थी, जिसके बाद उसने अपने साथियों के साथ शहर की सड़कों पर जुलूस निकाला। वीडियो से शहरवासियों और पीड़ित परिवार में आक्रोश की स्थिति बन गई। सोशल मीडिया में वीडियो वाइरल होते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के निर्देश में कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल सायबर सेल टीम के साथ आरोपी को पकड़ा और थाने लाकर पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह जमानत पर रिहा होने के बाद शहर में जुलूस निकाल रहा था। कोतवाली पुलिस ने धारा 170 BNSS एवं धारा 126, 135(3) BNSS के तहत मामला दर्ज करते हुए उसे एसडीएम न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी को पुनः कल शाम जिला जेल भेज दिया गया।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों पर भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।  

बिलासपुर में बरसात का इंतज़ार, भीषण गर्मी ने बढ़ाई चिंता

बिलासपुर सावन की विदाई से पहले बिलासपुर में सूरज जमकर कहर बरपा रहा है। मंगलवार को तापमान बढ़कर 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक रहा। राज्य का सबसे गर्म शहर बनने के साथ न्यायधानी उमस और तपिश से बेहाल रही। मानसून ब्रेक के चलते बारिश की स्थिति शून्य रही, जिससे राहत की उम्मीद भी धूमिल हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में आंशिक बदलाव के संकेत दिए हैं। न्यायधानी में सूरज सिर चढ़कर बोला और धूप की चुभन ने आमजन को घरों में कैद कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक था। यह तापमान इस सीजन का रिकार्ड बन गया, जिसने बिलासपुर को प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना दिया।     शहर अधिकतम न्यूनतम     बिलासपुर 35.0 डिग्री सेल्सियस 26.4 डिग्री सेल्सियस     पेंड्रारोड 31.4 डिग्री सेल्सियस 21.6 डिग्री सेल्सियस     अंबिकापुर 32.9 डिग्री सेल्सियस 23.6 डिग्री सेल्सियस     माना 33.4 डिग्री सेल्सियस 26.5 डिग्री सेल्सियस     जगदलपुर 33.9 डिग्री सेल्सियस 24.5 डिग्री सेल्सियस सावन के अंतिम सप्ताह में इस तरह की भीषण गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया। वातावरण में बढ़ी नमी के कारण उमस और अधिक बढ़ गई, जिससे छांव भी बेअसर रही। दिनभर आसमान पूरी तरह साफ रहा और सूर्य की किरणें सीधे सिर पर पड़ीं। पूरे जिले में वर्षा नहीं हुई, जिससे मौसम और ज्यादा भारी हो गया। अरुणाचल की ओर मानसून द्रोणिका मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका का पूर्वी सिरा अरुणाचल प्रदेश की ओर खिसक गया है। इसे मानसून ब्रेक की स्थिति कहा जाता है। इस कारण प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना बनी हुई है। कुछ इलाकों में वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। गर्मी ने बदली लोगों की दिनचर्या बिलासपुर में बढ़ती तपिश और उमस ने जनजीवन को प्रभावित किया है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और अधिकांश लोग घरों से बाहर निकलने से कतराते दिखे। छोटे बच्चों को घरों में ही रहना पड़ा, वहीं ऑफिसों में उपस्थिति भी प्रभावित हुई। शहर में बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे पंखे और कूलर बेअसर नजर आए। आमजन को राहत की उम्मीद अब संभावित बारिश पर टिक गई है।

भजनलाल सरकार का रक्षाबंधन गिफ्ट: महिलाएं दो दिन कर सकेंगी फ्री सफर

जयपुर रक्षाबंधन के अवसर पर राजस्थान सरकार ने महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के बाद 9 और 10 अगस्त को प्रदेश की सभी साधारण और नॉन-एसी श्रेणी की रोडवेज बसों में महिलाओं और बालिकाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। यह योजना केवल राजस्थान राज्य की सीमा के भीतर यात्रा करने वाली महिलाओं पर लागू होगी। एसी, वॉल्वो और ऑल इंडिया परमिट वाली बसें इस योजना से बाहर रखी गई हैं। गौरतलब है कि यह योजना कई साल से चलाई जा रही है लेकिन अब तक इसे एक दिन ही चलाया जा रहा था लेकिन इस साल यह सुविधा दो दिन के लिए दी जा रही है। राजस्थान रोडवेज के प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि हर साल रक्षाबंधन पर यह योजना चलाई जाती है, जिसे इस बार भी सरकार ने मंजूरी दी है। इस साल करीब 8.5 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा और सरकार पर 14 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। महिलाओं को यात्रा के समय अपना कोई वैध पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी साथ रखना अनिवार्य होगा। पहचान की पुष्टि के बिना योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जयपुर में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक कार्यक्रम में इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि यह रक्षाबंधन की भावना को सशक्त करने वाला निर्णय है।