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जिला एम सी बी के स्काउट्स एवं गाइड्स साहसिक शिविर जलकी सिरपुर में हुए शामिल

एमसीबी भारत स्काउट्स एवम गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ सोमनाथ यादव एवम राज्य सचिव कैलाश सोनी के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़  शासन स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से साहसिक प्रशिक्षण संस्थान सिरपुर ग्राम जलकी जिला महासमुंद  में पर्वतारोहण,  व्यक्तित्व विकास एवं आपदा प्रबंधन शिविर 28  से 31 जुलाई 2025 तक आयोजित की गई जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी सह पदेन जिला आयुक्त स्काउट आर.पी.मिरे के आदेशानुसार ,राज्य प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट शैलेन्द्र मिश्रा के मार्गदर्शन एवम  जिला संगठन आयुक्त स्काउट दान बहादुर सिंह  के नेतृत्व में एमसीबी जिला के तीनों विकास खंड खड़गवां, मनेन्द्रगढ़ ,भरतपुर से 15 स्काउट 15 गाइड एव प्रभारी गाइडर सुमित्रा यादव के साथ सम्मिलित हुए। इस साहसिक प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत स्काउट्स एवम गाइड्स ने जलकी  में स्थित एडवेंचर पॉइंट्स मंकी ब्रिज,सस्पेंसन ब्रिज,बैलेंसिंग रोप,नौका विहार आदि   साहसिक गतिविधियां किये।  साथ ही सिरपुर संग्रहालय का भ्रमण  करके पुरातात्विक धरोहरों का अवलोकन किये,,लक्ष्मणेश्वर मंदिर,गंधेश्वर मंदिर ,युधिष्ठिर मंदिर का भ्रमण करते हुए स्थानीय निवासियों के जीवन शैली के बारे में जानकारी प्राप्त किये।शिविर में   सेजेस खड़गवां से अजय,महेश,सतेंद्र,साहित्य हाई स्कूल मझौली से सरसती,अंशिका हायर सेकंडरी स्कूल उधनापुर से विनोद कुमार,आकाश कुजूर शा  कन्या उ मा विद्यालय चिरमिरी से गौरी मनहर,सीमा प्रजापति ,हाई स्कूल बंजारीडाँड़ से संजना राजवाड़े,प्रीति सिंह, शा उ मा विद्यालय बुंदेली से हर्षित टोप्पो,कुलदीप सिंह ,शा उ मा विद्यालय नागपुर से ओम जायसवाल, दुर्गेश साहू ,शा हाई स्कूल भल्लोर से प्रिया,दुर्गावती ,शा कन्या उ मा विद्यालय (शिवि) मनेन्द्रगढ़ से  नंदनी सिंह, सुलोचनी सिंह ,सिमरन एक्का सेंट जोसेफ झगराखण्ड से प्रिंस जांगड़े,आदित्य मोहन बियानी उ मा विद्यालय कलम बड़ेरी से लालिमा सिंह, रेशमा वर्मा, लक्ष्मण सिंह न्यू लाइफ उ मा विद्यालय जनकपुर से सत्येंद्र यादव,कमलेश चौधरी,काजल पांडेय,रुचि यादव  शामिल हुए।  इस शिविर में  छत्तीसगढ़ राज्य से कुल 97 प्रतिभागी शामिल हुए जिसमें सफलता पूर्वक शिविर सम्पन्न करके सभी प्रतिभागियों के वापसी होने पर जिले के  तीनों विकास खंड शिक्षा अधिकारी खड़गवां,मनेन्द्रगढ़ एवम भरतपुर  बलविंदर सिंह,  श्री गोपाल कृष्णा दुबे एवं  इस्माइल खान ,सहायक राज्य संगठन आयुक्त  जेरमिना एक्का जिला संघ एम सी बी के जिला मुख्य आयुक्त राजकुमार गुप्ता, जिला सचिव अशोक साहू जिला आयुक्त गाइड रश्मि रानी गुप्ता,जिला संगठन आयुक्त गाइड सोनम कश्यप जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट शान्तनु कुर्रे ,प्राचार्य गण ,पालकों सभी यूनिट लीडर्स श्री सत्येंद्र सिंह व टी विजय गोपाल राव ने बधाई एवम शुभकामनाएं प्रेषित की।

ऑनलाइन गेम के पैसे कटे, मां से डरा 12 साल का बच्चा… इंदौर में फांसी लगाकर दी जान

इंदौर  इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां 12 साल के एक बच्चे ने ऑनलाइन गेम के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक बच्चा आठवीं क्लास का छात्र था और ऑनलाइन गेम खेलने का शौकीन था. इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है. जानकारी के मुताबिक, 31 जुलाई को बच्चा अपने घर पर अपनी मां के मोबाइल पर गेम खेल रहा था. इसी दौरान उसकी मां के खाते से 3000 रुपये कट गए. जब मां को इसका पता चला, तो उन्होंने बेटे को समझाया, लेकिन बच्चे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुपचाप अपने कमरे में चला गया. काफी देर तक जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो परिजनों को कुछ संदेह हुआ. उन्होंने कमरे का दरवाजा तोड़ दिया. अंदर का नजारा देखकर चीख-पुकार मच गई। बच्चे ने पंखे से लटककर फांसी लगा ली थी. परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. 30 जुलाई को ही घर में बच्चे का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया था. इसके बाद किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही दिन घर में मातम छा जाएगा. घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी. जांच अधिकारी राजेश जैन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण ऑनलाइन गेम और पैसों का ट्रांजेक्शन सामने आया है. वहीं, मृतक के ताऊ ने सरकार से अपील की है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए ऑनलाइन गेम्स पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए.

नशे की बड़ी खेप जब्त, ट्रक में छिपाकर ले जा रहे थे 50 लाख का माल

फिरोजाबाद एएनटीएफ और फिरोजाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 लाख रुपये की अफीम डोडा की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने नशे के 2 सौदागरों को गिरफ्तार किया है. तस्कर बिहार से नशे की खेप लेकर आते थे और हरियाणा में इसकी सप्लाई करते है. आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है. फिरोजाबाद के एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना रसूलपुर पुलिस और एएनटीएफ यूनिट आगरा की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 120 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा पोस्त के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है. जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त ट्रक की कीमत 20 लाख रुपये बताई गई है. कुल बरामदगी 70 लाख रुपये है. उन्होंने बताया कि मुसलम खां पुत्र अब्दुल हई, निवासी ग्राम डाडका, थाना होडल, जिला पलवल (हरियाणा), उम्र 28 वर्ष, बलराम कुमार पुत्र सिताराम, निवासी ग्राम हरनाही, थाना बाराचट्टी, जिला गया (बिहार), उम्र 27 वर्ष को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. तस्कर कार्बन की बोरियों में ट्रक की केबिन के ऊपर छिपाकर त्रिपाल से ढ़ककर तस्करी कर रहे थे. टीम ने यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की. पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने खुलासा किया कि यह खेप उनके गिरोह के लीडर ज्ञानी सिंह द्वारा बिहार के गया से मंगवाई गई थी, जिसे हरियाणा के पलवल निवासी असलम खां को पहुंचाया जाना था. असलम फुटकर बिक्री करता है. गिरोह बिहार से सस्ते दाम पर डोडा पोस्त खरीदकर 4-5 गुना मंहगे रेट पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में बेचता था. पुलिस अब इस मामले में असलम खां पुत्र अब्दुल हई, निवासी ग्राम डाडका, होडल, पलवल (हरियाणा),ज्ञानी सिंह पुत्र गंधारी सिंह, निवासी हरनाही, बाराचट्टी, गया (बिहार) की तलाश कर रही है. उन्होंने बताया कि पुलिस अब गिरोह के बैकवर्ड व फारवर्ड लिंक की जांच कर रही है. आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना रसूलपुर पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

ऊर्जा मंत्री की ज़मीनी सख्ती: बारिश में निरीक्षण, भ्रष्ट लाइनमैन को मौके पर ही बर्खास्त

लखनऊ उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि वे प्रदेश में विद्युत सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। जब राजधानी लखनऊ में तेज बारिश हो रही थी, उस समय बिना किसी पूर्व सूचना, बिना छाते, बिना सुरक्षा एस्कॉर्ट और बिना प्रोटोकॉल के मंत्री स्वयं निरीक्षण पर निकल पड़े। मंत्री शर्मा सीधे पहुंचे 1912 शिकायत नियंत्रण कक्ष, जहां वे बिना किसी औपचारिकता के अंदर गए और व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखा। निरीक्षण के दौरान जब वे नियंत्रण कक्ष में मौजूद थे, उसी समय बहराइच जिले के रणजीतपुर सब स्टेशन के अंतर्गत गंडेरियन पुरवा गाँव से एक उपभोक्ता का महिला कर्मी ने टोल फ्री के अंतर्गत कॉल रिसीव किया गया। उपभोक्ता ने बताया कि उनके यहाँ का बिजली कनेक्शन एक लाइनमैन ने काट दिया है और दो हजार रुपये की मांग कर रहा है। इस पर मंत्री ने तुरंत पूछताछ की और स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। संबंधित लाइनमैन नेपाली को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। शिकायतों के निस्तारित में अनावश्यक विलंब इसके उपरांत ऊर्जा मंत्री विधानसभा क्षेत्र के 33/11 केवी उपकेंद्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने वहां तैनात कर्मियों से बातचीत की और जाना कि क्षेत्र में कितनी शिकायतें लंबित हैं, उनका किस तरह से निस्तारण हो रहा है और किन स्तरों पर बाधाएं आती हैं। उन्होंने पाया कि कई शिकायतों को निस्तारित करने में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। मंत्री ने निर्देश दिया कि दुर्घटना, भ्रष्टाचार, बार-बार की शिकायत, संवेदनशील उपभोक्ता, वीआईपी कॉल या तकनीकी बाधाओं से जुड़ी समस्याओं को ‘विशेष फ्लैगिंग कैटेगरी’ में चिन्हित किया जाए और उनका समाधान तत्काल प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर होनी चाहिए ताकि कोई भी उपभोक्ता उपेक्षा का शिकार न हो। कंट्रोल रूम प्रभारी से विस्तार से चर्चा 1912 टोल फ्री सेवा की समीक्षा करते हुए मंत्री ने वहाँ कार्यरत अधिकारियों, कॉल रिसीवरों और कंट्रोल रूम प्रभारी से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह सेवा आम जनता और विभाग के बीच सेतु है और इसका जवाबदेह, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि “हमारे लिए उपभोक्ता सर्वोपरि हैं। मैं यह संकल्प ले चुका हूं कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार, ढिलाई और उपेक्षा को खत्म करके एक उत्तरदायी और पारदर्शी प्रणाली तैयार करूंगा। जब तक यह विभाग जनहित की भावना से नहीं चलेगा, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।

किसानों को मिली राहत! पीएम मोदी ने ट्रांसफर की 20वीं किस्त, ऐसे करें स्टेटस चेक

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानि शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एकदिवसीय दौरे पर रहेंगे, जहां वे कुल 2183.45 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. यह उनका काशी का 51वां दौरा होगा. वहीं इस दौरान वह पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत देश भर के 9.70 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. PM मोदी ने आज बनारस से पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त को योग्य किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। इन सभी किसानों के खाते में 2000 रुपये भेज दिए गए हैं। बता दें, सरकार की तरफ से 9.7 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। आधार कार्ड के जरिए चेक कर सकते हैं बैलेंस पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी सबसे पहले PM Kisan की वेबसाइट पर जाएं। उसके बाद वहां Beneficiaey Status पर क्लिक करें। अब आपका आधार नंबर और अकाउंट नंबर माना जाएगा। आप दोनों में से किसी एक को भर कर आगे बढ़ें। Get Data पर क्लिक करते ही लाभार्थी की सूची दिख जाएगी। साथ ही पेमेंट्स के डीटेल्स सामने आ जाएंगे। नहीं आया है पैसा तो क्या करें? जिन किसानों के खाते में पैसा नहीं आया है उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं। सबसे पहले वो चेक कर लें कि उन्होंने ई-केवाईसी करवाई है या नहीं। अगर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है तो सबसे पहले इसे पूरा करें। बता दें, सरकार की तरफ से ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। हर साल मिलते हैं 6000 रुपये पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की योजना है। इसकी पहली किस्त 2019 में ट्रांसफर की गई थी। उसके बाद से ही योग्य किसानों के खाते में 2000-2000 रुपये की तीन किस्त एक साल में ट्रांसफर की जाती है। इन किसानों को हर साल सरकार की तरफ से 6000 रुपये मिलते हैं। कौन-कौन से किसान उठा सकते हैं इसका फायदा 1- भारतीय नागरिक होना चाहिए। 2- खेत होना चाहिए। 3- छोटे या फिर सीमांत किसान होने चाहिए। 4- 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने नहीं होने चाहिए। 5- इनकम टैक्स फाइल नहीं करते हों। कैसे करें पीएम किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन 1- सबसे पहले https://pmkisan.gov.in 2- New Farmer Registration पर क्लिक करें। 3- अपना आधार नबंर और Captcha लिखें। 4- डीटेल्स भरने के बाद YES पर क्लिक करें। 5- पूरे फॉर्म को भरें उसके बाद Submit पर क्लिक करें। किसी भी सहायता या शिकायत के लिए पीएम किसान की हेल्प लाइन नंबर 155261 या फिर 011-243300606 पर फोन करें।

लापता हुईं दो नाबालिग बहनें, पुलिस ने दर्ज किया मामला

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में दो बहनें अचानक लापता हो गई हैं. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है. दोनों की उम्र 9 और 11 साल बताई जा रही है. काफी देर तक खोजबीन के बाद कुछ पता नहीं लगने पर परिजनों ने पुलिस थाने पहुंचकर अपहरण की शिकायत दी. पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, मामला बिल्हा थाना क्षेत्र के वार्ड 9 का है, जहां रहने वाली दो बच्चियां अचानक लापता हो गई. 9 साल की बालिका चौथी कक्षा के बाद से स्कूल छोड़ चुकी है. गुरुवार को वह अपने रिश्ते के भाई के 6 साल के बेटे को स्कूल छोड़ने के लिए गई थी. इस दौरान उनके साथ लड़के के 11 साल की बड़ी बहन भी थी. दोनों भाई को स्कूल छोड़कर घर वापस नहीं लौटी. खेत से लौटकर परिजनों ने दोनों बच्चियों को ढूंढने की कोशिश की तो उनका कुछ पता नहीं चला और देर शाम हो गई. परिजनों ने बिल्हा थाने पहुचंकर शिकायत दर्ज कराई. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस जांच में जुट गई. जीआरपी से भी सहयोग माँगा गया है. लगातार क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.

नई जिम्मेदारी: अरुण चतुर्वेदी राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नियुक्त, ठकराल को सचिव पद

जयपुर राजस्थान में राज्य वित्त आयोग के पद पर पूर्व बीजेपी अध्यक्ष तथा वसुंधरा सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहे अरुण चतुर्वेदी को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है। चतुर्वेदी के साथ एक पूर्व ब्यूरोक्रेट नरेश ठकराल को भी राजनीतिक नियुक्ति मिली है। वित्त विभाग में लंबे समय तक रह चुके ठकराल को राज्य वित्त आयोग में सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग ने देर रात अधिसूचना जारी कर दी। राज्य वित्त आयोग का कार्यकाल एक अप्रैल 2025 से अगले डेढ़ वर्ष के लिए किया गया है। इस अवधि में यह राज्य की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा। हालांकि डेढ़ वर्ष बाद भी सरकार आयोग का कार्यकाल बढ़ा सकती है। हर सरकार में आयोग के कार्यकाल की समय सीमा बढ़ाई जाती रही है। ये होंगे आयोग के काम राज्य वित्त आयोग मुख्य रूप से पंचायतों के लिए ग्रांट निर्धारित करता है। इसकी सिफारिशों के आधार पर ही सरकार पंचायतों को ग्रांट जारी करती है। इसके अलावा इसके अलावा पंचायतों में वित्तीय संसाधनों को विकसित करने के लिए टोल, शुल्क और टैक्स की दरें निर्धारित करने की सिफारिश भी कर सकता है। शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने का काम भी राज्य वित्त आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके अलावा 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्थानीय निकायों को दी जाने वाली सहायता राशि का समायोजन भी राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर ही किया जाता है। भजनलाल सरकार में यह पहली राजनीतिक नियुक्ति नहीं है, इससे पहले आरपीएससी, किसान आयोग, सैनिक कल्याण बोर्ड सहित कई अन्य बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियां हुई हैं लेकिन अब तक किसी भी राजनीतिक नियुक्ति वाले पदाधिकारी को मंत्री का दर्जा नहीं दिया गया है। जबकि इससे पहले की सरकारों में राजनीतिक नियुक्तियों के साथ नियुक्त होने वाले पदाधिकारियों को मंत्री का दर्जा दिए जाने के आदेश भी जारी किए जाते थे। क्या कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा? राज्य वित्त आयोग एक संवैधनिक संस्था है, यहां पर नियुक्ति होने वाले अध्यक्ष को लगभग हर सरकर में मंत्री का दर्जा दिया जाता रहा है। इससे पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाकर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। इसके साथ ही बीजेपी नेता अशोक लाहोटी को राज्य वित्त आयोग में सदस्य नियुक्त किया गया था। हालांकि मौजूदा सरकार ने चतुर्वेदी को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है लेकिन उनके दर्जे को लेकर अभी कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।

परमार ने लॉन्च की ‘वैद्य आपके द्वार’ योजना, अब ई-संजीवनी पोर्टल से मिलेगी आयुष सेवा

आयुष मंत्री परमार ने वैद्य आपके द्वार योजना ई-संजीवनी पोर्टल का किया शुभारंभ आयुष मंत्री परमार ने 'वैद्य आपके द्वार' योजना और ई-संजीवनी पोर्टल का किया उद्घाटन परमार ने लॉन्च की 'वैद्य आपके द्वार' योजना, अब ई-संजीवनी पोर्टल से मिलेगी आयुष सेवा पोर्टल से आमजन के लिए निःशुल्क चिकित्सा परामर्श की सुविधा भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय में आयुष विभाग की "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल (स्वस्थ भारत) का प्रदेश स्तरीय वर्चुअल शुभारम्भ किया। भारत सरकार के निर्देशानुसार यह सुविधा पूरे देश में एक साथ ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से संचालित हैं और अब सुविधा मध्यप्रदेश में भी प्रारंभ की गई है। आयुष मंत्री परमार ने ई-संजीवनी पोर्टल के शुभारम्भ अवसर पर पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध डॉक्टर से बात कर स्वास्थ्य परामर्श भी प्राप्त किया। उन्होंने आयुष विभाग को शुभकामनाएं एवं बधाई दीं। परमार ने कहा कि आमजन "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क आयुष चिकित्सा परामर्श लेकर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। ज्ञातव्य है कि "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत बेहतर जनस्वास्थ्य के लिए टेलीमेडिसिन ऐप द्वारा मोबाइल पर घर बैठे आयुर्वेद, होम्यापैथी और यूनानी चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) से जुड़ा है और बहुभाषी सहायता प्रदान करता है। डॉक्टर-टू-डॉक्टर मॉडल का उपयोग करते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को उच्च-स्तरीय या विशेषज्ञ डॉक्टरों से वास्तविक समय में परामर्श करने में सक्षम भी है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा एवं आयुक्त आयुष सुउमा आर माहेश्वरी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

अजमेर में प्रशासन का बड़ा कदम, 250 अवैध दुकानों पर चलेगा बुलडोजर, सुरक्षा के लिए भारी फोर्स मौजूद

अजमेर  अजमेर के तारागढ़ पहाड़ियों पर वन विभाग की जमीन पर बने अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. शनिवार को वन विभाग ने तारागढ़ क्षेत्र में लगभग 250 अवैध निर्माणों को चिन्हित किया है, जिनमें करीब 200 केबिननुमा दुकानें शामिल हैं. इन निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए वन विभाग की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई शुरू कर दी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन क्षेत्र में शांतिपूर्ण रूप से अतिक्रमण हटाया जा रहा है. ध्वस्तीकरण की ये कार्रवाई सेक्टर बनाकर की जा रही है. हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं. वहां वन विभाग के भी अधिकारी मौजूद है. बताया जा रहा है कि अब तक प्रशासन ने 40% के आसपास अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि तारागढ़ क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर सालों से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं. इन्हीं शिकायत के आधार पर प्रशासन ने पहले 300 से अधिक अवैध निर्माणों को चिन्हित किया था, जिनमें से कुछ अतिक्रमणकारियों ने हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया है. हालांकि, जिन निर्माणों पर कोई कानूनी स्थगन नहीं है, उन्हें ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. प्रशासन ने बताया कि हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त करने वाले अतिक्रमण को अलग से चिन्हित किया गया है. जारी है अभियान अजमेर की पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने बताया कि ये अभियान वन विभाग की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए चलाया जा रहा है. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विभिन्न थानों के थानाधिकारी और विशेष कार्य बल (STF) की टीमें शामिल हैं. प्रशासन ने इस दौरान मीडिया की एंट्री पर भी पाबंदी लगा दी है, ताकि कार्रवाई में किसी तरह की बाधा न आए.

आकाशवाणी स्टूडियो स्थापित होगा उज्जैन में, केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी

भारत सरकार ने उज्जैन में आकाशवाणी के लिए स्टूडियो सेटअप की दी मंजूरी उज्जैन को मिली नई सौगात: आकाशवाणी स्टूडियो सेटअप को भारत सरकार की मंजूरी आकाशवाणी स्टूडियो स्थापित होगा उज्जैन में, केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी उज्जैन में आकाशवाणी के लिए स्टूडियो निर्माण को केंद्र की मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सूचना प्रसारण सचिव संजय जाजू ने केंद्रीय सूचना प्रसारण राज्य मंत्री का स्वीकृति पत्र सौंपा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना भारत सरकार का आभार उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार की शाम केन्द्रीय सूचना प्रसारण सचिव संजय जाजू ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में भेंट कर उज्जैन में आकाशवाणी स्टूडियो सेटअप स्थापित करने का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस स्वीकृति के लिए भारत सरकार का आभार मानते हुए कहा कि मालवा क्षेत्र की समृद्ध कला और सांस्कृतिक परम्पराएं हैं। आज के सूचना युग में अन्य जन माध्यमों के साथ प्रसारण माध्यमों का विशेष महत्व है। आकाशवाणी की अपनी प्रामाणिकता है। इस नाते मालवा अंचल में इंदौर के साथ ही उज्जैन एक महत्वपूर्ण केंद्र है जहां आकाशवाणी के स्टूडियो सेटअप की आवश्यकता थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने गत 8 जुलाई को केन्द्रीय सूचना प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल मुरूगन से भेंट की थी। भारत सरकार से उज्जैन में आकाशवाणी केंद्र एवं स्टूडियो सेटअप का आग्रह किया गया था। भारत सरकार द्वारा इसे स्वीकृत किया गया है। इस प्रक्रिया के पूरा होने तक आकाशवाणी इंदौर से सप्ताह में छह दिन अल्पकालिक प्रसारण की व्यवस्था की गई है। सुदूर अंचलों तक पहुंचेंगी जनहितैषी निर्णयों की सूचनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत जहां अन्य प्रकार की व्यवस्थाएं की जा रही हैं, वहीं ऑफीशियल मीडिया के विस्तार की दिशा में उज्जैन में आकाशवाणी सेटअप स्वीकृत किए जाने की उपलब्धि महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन एवं मालवा क्षेत्र के स्थानीय कलाकारों के प्रोत्साहन की दृष्टि से भी सर्वसुविधायुक्त रेडिया स्टेशन की आवश्यकता थी। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ही ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लिए यह विशेष आउटरीच सपोर्ट होगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार ओर सामुदायिक रेडियो नेटवर्क का विस्तार उपयोगी सिद्ध होगा। जनहितैषी निर्णयों की सूचनाओं को सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने में विशेष सहायता मिलेगी। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत प्रसार भारती ने मध्यप्रदेश में उज्जैन को एक महत्वपूर्ण धार्मिक आध्यात्मिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रस्ताव को बिना विलंब के स्वीकृति प्रदान की है। उल्लेखनीय है कि प्रसार भारती ने पूरे भारत में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर प्रसारण सेवाएं बढ़ाने की पहल की है। आकाशवाणी के लोकप्रिय चैनल अब स्मार्टफोन, टैबलेट और पर्सनल कम्प्यूटर पर गुणवत्तापूर्ण आडियो के साथ सुने जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय सूचना प्रसारण सचिव की भेंट के अवसर पर जनसम्पर्क आयुक्त और सचिव डॉ. सुदाम खाड़े उपस्थित थे।