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कड़िया मुंडा के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित सीएम हेमंत, की मुलाकात और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना

  रायपुर सीएम हेमंत ने इलाजरत लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कड़िया मुंडा के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। वहीं, बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी मेडिका अस्पताल पहुंचकर मुंडा का कुशलक्षेम जान चुके हैं। मरांडी के साथ अस्पताल जाने वालों में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह भी शामिल थे। सिंह ने भी मुंडा के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बता दें कि सोमवार की शाम को खूंटी लोकसभा क्षेत्र से 8 बार सांसद रहे और पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष पद्मभूषण कड़िया मुंडा की तबीयत अचानक खराब हो गई। इसके बाद उन्हें नियमित जांच के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। कड़िया मुंडा का इलाज वरिष्ठ चिकित्सक डॉ विजय मिश्रा की देखरेख में चल रहा है। डॉ निर्मल सिंह ने बताया कि फिलहाल उनकी हालत स्थिर है, लेकिन दो दिनों तक अस्पताल में रखकर सभी आवश्यक जांच की जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि कड़िया मुंडा को फिलहाल विशेष देखरेख की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश में फिर करवट लेगा मानसून, 26 तारीख को बारिश का यलो अलर्ट

कानपुर/ मेरठ बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र और परिसंचरण से बारिश होगी। इसके लिए इंतजार करना होगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश में 25 जुलाई तक बारिश की संभावना नहीं है। शनिवार से मानसून फिर सक्रिय हो जाएगा। कानपुर समेत ज्यादातर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बारिश होगी। 26 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार के बाद से अब तक शहरी क्षेत्र में बारिश नहीं हुई है। तेज धूप और नमी के कारण उमस बढ़ गई है। शहर में अधिकतम तापमान 35.4 और न्यूनतम 26 डिग्री रहा। नमी का प्रतिशत कम होने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र 24 जुलाई तक बन जाएगा। 25 जुलाई तक अपवाद छोड़ किसी भी जनपद में बारिश की संभावना नहीं है। इस बीच उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश के दोनों संभागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन और भारी बारिश भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 23 जुलाई को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। 23 जुलाई के लिए दोनों संभागों में कोई चेतावनी नहीं दी गई है। मेरठ में 56 फीसदी पर अटका जुलाई में बारिश का ग्राफ एक हफ्ते से उमस और गर्मी से बेहाल मेरठ में जुलाई महीने में बारिश का ग्राफ 56 फीसदी पर ठिठक गया है। जुलाई बीतने में मात्र नौ दिन बाकी हैं और अगले दो-तीन दिन अच्छी बारिश की उम्मीद बेहद कम हैं। मौसम विभाग की अच्छी बारिश की भविष्यवाणी के बावजूद मेरठ सहित वेस्ट यूपी के अधिकांश हिस्से गर्मी से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग ने अब 25 जुलाई के बाद अच्छी बारिश का अनुमान लगाया है। मौसम विभाग के अनुसार मेरठ में जुलाई महीने में औसत बारिश 226.4 मिमी है और 22 जुलाई तक 128.1 मिमी बारिश हो चुकी है। औसत बारिश के सापेक्ष यह आंकड़ा 56.6 फीसदी है जो बीते एक हफ्ते से इसी स्तर पर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 24 जुलाई तक वेस्ट यूपी के अधिकांश हिस्सों में छुटपुट बौछारों को छोड़कर अच्छी बारिश के आसार नहीं हैं। बारिश में कमी से किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। वहीं, मंगलवार दिन-रात का तापमान क्रमश: 34.5 एवं 26.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। सोमवार के सापेक्ष दिन में 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई जबकि रात में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट। मेरठ का एक्यूआई 59 दर्ज हुआ जो संतोषजनक श्रेणी में है।

Raipur से Rajim तक दौड़ेगी ट्रेन, शहरवासियों को जल्द मिलेगी नई मेमू ट्रेन की सौगात

रायपुर  राजधानी रायपुर और इसके आसपास के इलाके जल्द ही स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में विकसित होंगे। खास बात यह है कि रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सेवा की भी सुविधा मिलेगी। इसके सर्वे और डीपीआर तैयार करने के लिए सरकार ने पांच करोड़ रुपये का बजट प्रविधान किया है। इस पहल को राज्य के विकास का नया ग्रोथ इंजन माना जा रहा है। विधानसभा में स्टेट कैपिटल रीजन संबंधी छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक- 2025 पारित होने के बाद काम ने रफ्तार पकड़ ली है। रायपुर, दुर्ग, भिलाई, नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र एससीआर के दायरे में आएंगे। इसे दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित है और व्यापार, उद्योग व वाणिज्य का केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव की पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर एससीआर के तहत योजनाबद्ध और शहरी विकास की योजना तैयार की गई है। इससे राजधानी व आसपास के शहरों में प्लानिंग के साथ विकास होगा। ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, नागरिक सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। 2031 तक 50 लाख पहुंचेगी आबादी राजधानी क्षेत्र में 2031 तक 50 लाख से अधिक की आबादी का अनुमान है। बढ़ती आबादी और शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाया जाएगा। यह प्राधिकरण दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की तरह काम करेगा। पांच करोड़ से बनेगा डीपीआर 2024-25 के बजट में एससीआर कार्यालय की स्थापना, सर्वे और डीपीआर बनाने के लिए पांच करोड़ का प्रविधान किया गया है। प्राधिकरण के लिए कार्यकारी समिति भी बनेगी, जिसके अध्यक्ष सीईओ होंगे। इसमें नगर एवं ग्राम निवेश, नगरीय प्रशासन, शहरी योजनाकार, अभियंता, पर्यावरण व वित्त विभाग के अधिकारी, एससीआर अंतर्गत जिलों के कलेक्टर सदस्य रहेंगे। 400-500 करोड़ रुपए का खर्च वहीं, रायपुर शहर में लाइट मेट्रो चलाने में 400-500 करोड़ रुपए का खर्च हो सकता है। एमओयू साइन होने के बाद बजट की स्वीकृति सरकार से लेनी होगी। साथ ही विदेशी निवेश भी हो सकता है। रूस में लाइट मेट्रो बैट्रियों से चलती है। इसमें आठ कोच होते हैं। विकास निधि बनेगी, खास उपकर लगाने का अधिकार एससीआर के विकास के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि बनाई जाएगी। साथ ही एक अलग पुनरावृत्ति निधि भी होगी। प्राधिकरण को अवसंरचना परियोजनाओं के लिए विशेष उपकर लगाने का अधिकार होगा। यह वार्षिक बजट बनाएगा और हर साल राज्य सरकार को प्रगति रिपोर्ट सौंपेगा। प्राधिकरण का व्यापक उद्देश्य एससीआर प्राधिकरण न केवल विकास योजनाएं बनाएगा, बल्कि निवेश को आकर्षित करने, आर्थिक योजनाओं को लागू करने, सरकारी व निजी हितधारकों के बीच समन्वय बनाने और अधोसंरचनात्मक विकास को बढ़ावा देने का काम भी करेगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह राजधानी और आसपास के क्षेत्रों को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री साय होंगे प्राधिकरण के अध्यक्ष एससीआर विकास प्राधिकरण का नेतृत्व मुख्यमंत्री करेंगे। इसमें नगरीय प्रशासन, पर्यावरण, लोक निर्माण मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव और चार विधायक शामिल होंगे। चार निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया जाएगा। प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईटो) संयोजक होंगे। भूमि उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना इसकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी।

ओपीएम फैक्ट्री में गंभीर दुर्घटना, कर्मचारी गंभीर रूप से घायल

शहडोल ओरियंट पेपर मिल अमलाई के टीशू प्लांट-3 में बीती रात एक बड़ा हादसा हो गया। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी मनीष सिंह का हाथ मशीन में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें शहडोल अस्पताल लाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जबलपुर रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीष सिंह निवासी पानी टंकी के पास, ओपीएम कॉलोनी, बीती रात ड्यूटी के दौरान टीशू प्लांट-3 में कार्यरत थे। इसी दौरान एक मशीन में उनका हाथ फंस गया। कुछ ही सेकेंड में उनका शरीर भी मशीन की ओर खिंच गया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। मोबाइल प्रतिबंध बना बाधा हादसे के वक्त ड्यूटी पर तैनात अन्य कर्मचारियों के पास मोबाइल रखने की अनुमति नहीं थी, जिससे तत्काल किसी को सूचना नहीं दी जा सकी। मनीष काफी देर तक घायल अवस्था में वहीं पड़े तड़पते रहे। काफी समय बाद जब अन्य कर्मचारियों को घटना की जानकारी मिली, तब उन्हें मिल के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद शहडोल जिला अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन स्थिति गंभीर होने पर कुछ ही देर में उन्हें जबलपुर भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि घायल मनीष सिंह को होश नहीं आया है और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल मिल कर्मचारियों के अनुसार, मिल परिसर में आए दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं, जिनका मुख्य कारण प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी है। पहले इन घटनाओं की जानकारी और तस्वीरें आम लोगों तक पहुंच जाती थीं, लेकिन कुछ समय पहले मिल प्रबंधन ने कर्मचारियों के ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन रखने पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके चलते अब हादसों की सूचना समय पर न तो परिवारजनों को मिल पाती है और न ही अन्य कर्मचारियों को।

CM डॉ. यादव ने ग्वालियर सड़क हादसे पर जताया गहरा शोक, की आर्थिक मदद की घोषणा

CM यादव ने ग्वालियर में सड़क दुर्घटना में चार कांवड़ियों के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया, 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता ग्वालियर हादसे पर CM यादव ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता CM डॉ. यादव ने ग्वालियर सड़क हादसे पर जताया गहरा शोक, की आर्थिक मदद की घोषणा मृतकों के परिजन को दी जाएगी 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता  ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में 4 कांवड़ियों के आकस्मिक निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतक कावड़ियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं श्रीचरणों में स्थान देने के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हुए चारों मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2025 की अर्द्धरात्रि लगभग 12:30 से 1 बजे के मध्य ग्वालियर के शीतला माता मंदिर चौराहा, शिवपुरी लिंक रोड पर घाटीगांव निवासी छह कांवड़ियों को एक अनियंत्रित कार द्वारा टक्कर मारे जाने से 4 कांवड़ियों की मृत्यु हो गई और 2 कांवड़िये घायल हो गए थे। कार चालक मौक़े से फ़रार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। जिला प्रशासन ग्वालियर द्वारा चिकित्सकों को बेहतर एवं नि: शुल्क इलाज करने के निर्देश दिए है। पीड़ितों को प्रशासन की ओर से हर संभव मदद भी उपलब्ध कराई जा रही है। उल्लेखनीय है कि सड़क दुर्घटना में घाटीगांव निवासी मृतकों में श्री वकील पुत्र गिरवर (40 वर्ष), श्री रमेश पुत्र पांडेय (38 वर्ष), श्री दिनेश पुत्र बेताल (21वर्ष) एवं श्री छोटू पुत्र अंतराम (18 वर्ष) शामिल हैं तथा दो कांवड़िये घायल हैं।  

पूजा की अनोखी खोज से दुनिया में बजा भारत का डंका, किसानों को मिलेगा धूल से राहत

बाराबंकी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के छोटे से गांव डलइपुरवा, अगेहरा की 17 वर्षीय पूजा पाल ने अपनी प्रतिभा और जज्बे से न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच, पूजा ने एक ऐसा धूल रहित थ्रेशर मॉडल बनाया, जो किसानों को धूल, बीमारी और परेशानी से बचाने का वादा करता है। इस नवाचार ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया और जापान में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका प्रदान किया। उनकी कहानी प्रेरणा का प्रतीक है, जो यह साबित करती है कि सपने और मेहनत के सामने संसाधनों की कमी कोई मायने नहीं रखती। पूजा पाल का जन्म बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के अगेहरा गांव में हुआ। उनके पिता पुत्तीलाल दिहाड़ी मजदूर हैं, और मां सुनीला देवी एक सरकारी स्कूल में रसोइया का काम करती हैं। पांच भाई-बहनों के साथ एक छप्परनुमा घर में रहने वाली पूजा की जिंदगी चुनौतियों से भरी रही। घर में बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं, और पढ़ाई के लिए उन्हें दीये की रोशनी का सहारा लेना पड़ता था। फिर भी, पूजा ने कभी अपने सपनों को सीमाओं में नहीं बांधा। वह न केवल एक मेधावी छात्रा हैं, बल्कि घरेलू कामों में भी परिवार का सहारा बनी। पूजा की प्रतिभा तब सामने आई, जब वह कक्षा 8 में पढ़ रही थीं। उनके स्कूल, पूर्व माध्यमिक विद्यालय अगेहरा के पास खेतों में थ्रेशर मशीन से गेहूं की मड़ाई के दौरान उड़ने वाली धूल बच्चों और आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती थी। धूल से होने वाली सांस की तकलीफ और पर्यावरण प्रदूषण को देखकर पूजा के मन में एक विचार आया—क्यों न ऐसा थ्रेशर बनाया जाए, जो धूल न फैलाए? अपने विज्ञान शिक्षक राजीव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में, पूजा ने सिर्फ 3,000 रुपये की लागत से टिन, पंखे, लकड़ी और पानी के टैंक का उपयोग कर एक धूल रहित थ्रेशर का मॉडल तैयार किया। इस मॉडल में एक पंखा और जाली के साथ पानी का टैंक लगाया गया, जो धूल को थैले या टैंक में इकट्ठा कर लेता है, जिससे वातावरण स्वच्छ रहता है और किसानों को स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिलती है। पूजा के इस नवाचार को सबसे पहले 2020 में जिला स्तर पर मान्यता मिली। इसके बाद, यह मॉडल मंडल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में सराहा गया। दिसंबर 2020 में लखनऊ की राज्यस्तरीय प्रदर्शनी और दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान मेले में इस मॉडल को खूब प्रशंसा मिली। 2023 में, पूजा का मॉडल भारत सरकार की इंस्पायर अवार्ड MANAK योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर चुना गया, जिसमें पूरे भारत से केवल 60 प्रतिभागियों को विजेता घोषित किया गया था। पूजा उत्तर प्रदेश से एकमात्र विजेता थीं। इस उपलब्धि ने उन्हें भारत सरकार के साकुरा हाई स्कूल प्रोग्राम के तहत जापान यात्रा का मौका दिलाया, जहां उन्होंने टोक्यो के विश्वविद्यालयों और विज्ञान प्रयोगशालाओं का दौरा किया। उनके मॉडल को अब भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा पेटेंट कराया जा रहा है, जो उनके आविष्कार की उपयोगिता और मौलिकता को रेखांकित करता है। पूजा अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षक राजीव श्रीवास्तव और माता-पिता को देती हैं। राजीव श्रीवास्तव ने न केवल पूजा के विचार को प्रोत्साहित किया, बल्कि उनके मॉडल को इंस्पायर अवार्ड के लिए नामांकित भी किया। पूजा के माता-पिता, जो स्वयं आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, ने अपनी बेटी की पढ़ाई और सपनों को हमेशा प्राथमिकता दी। पूजा ने बताया, “मेरे माता-पिता ने मजदूरी करके भी मुझे पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मेरे शिक्षक राजीव सर ने मुझे हर कदम पर मार्गदर्शन दिया। पूजा की कहानी केवल एक आविष्कार की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी बेटी की कहानी है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। उनके घर में आज भी बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने अब इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने का वादा किया है। पूजा का सपना है कि वह अपने गांव के गरीब बच्चों को पढ़ाए और उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाए। उनकी उपलब्धियां न केवल बाराबंकी, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय हैं।

अब नहीं बच पाएंगे फरहान और साहिल! भोपाल लव जिहाद केस में पॉक्सो के तहत कार्रवाई तय

भोपाल राजधानी भोपाल के एक निजी कॉलेज की छात्राओं को दोस्ती के नाम पर जाल में फंसाकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के संगीन मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड फरहान और उसके साथी साहिल के खिलाफ भोपाल जिला अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप तय कर दिए हैं। आरोपियों पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने और उसका अश्लील वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप है। अदालत में पेश चालान के अनुसार, पीड़िता ने अपनी नाबालिग बहन को आरोपियों से बचाने के लिए इंदौर भेजा था। इसके बावजूद फरहान इंदौर पहुंच गया और किराए के कमरे में घुसकर उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया। प्रेम-प्रसंग का दिखावा कर रहा था आरोपी मामले की जांच में यह भी सामने आया कि फरहान पीड़िता से प्रेम-प्रसंग का नाटक कर उसे अपने साथ रखने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहा था। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी गई। इंदौर में हुई घटना की शिकायत पीड़िता की नाबालिग बहन ने पुलिस से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह भोपाल में अपनी बड़ी बहन के पास आई और दोनों बहनों ने अप्रैल 2025 में इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराई। इसी के बाद फरहान और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आए।  विज्ञापन 25 जुलाई को गवाहों की सूची पेश होगी पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत की न्यायाधीश नीलम मिश्रा ने फरहान और साहिल के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही चालान प्रस्तुत कर चुकी है। साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट भी अदालत में दाखिल की जा चुकी है। 25 जुलाई को गवाहों की सूची पेश की जाएगी। कानूनी जानकारों के मुताबिक, पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़िता के बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपियों को सजा मिलना लगभग तय माना जा रहा है, भले ही कुछ गवाह अदालत में उपस्थित न हों। आधा दर्जन छात्राएं बनीं थीं शिकार इस साल अप्रैल में भोपाल के बागसेवनिया, जहांगीराबाद और अशोका गार्डन थानों में फरहान, साहिल, अबरार, नबील और साद सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ कई लड़कियों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। आरोप है कि इन युवकों ने पहले दोस्ती की, फिर विश्वास जीतकर दुष्कर्म किया, अश्लील वीडियो बनाए और फिर धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक दबाव बनाया।भोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। इसके अलावा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और राज्य सरकार को सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपी है। आयोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने इस गंभीर मामले में शुरुआत में लापरवाही बरती। दीदी के दोस्त ने किया नाबालिग से दुष्कर्म पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि फरहान उसकी बड़ी बहन का कॉलेज मित्र था और बहाने से उसके कमरे पर आता-जाता था। एक दिन वह बहन के कॉलेज चले जाने के बाद आया और उसे घुमाने के बहाने बाहर ले गया। वहीं अशोका गार्डन क्षेत्र में उसने जबरन दुष्कर्म किया और घटना का वीडियो बना लिया। इसके बाद जब पीड़िता भोपाल से बाहर गई, तो वहां भी फरहान पहुंच गया और धमकाकर वीडियो दिखाते हुए दबाव बनाया। साहिल ने भी उसी वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर दुष्कर्म किया। फरहान ने माता-पिता और भाई को जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को मजबूर कर दिया। जब अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ गया, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। भोपाल लव जिहाद केस tit  कॉलेज मामले में अब तक क्या हुआ   चालान में मुख्य आरोपी के रूप में फरहान खान का नाम सामने आया है, जो छोटा चंबल इलाके का निवासी है। फरहान को इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया गया है। उसके साथ साहिल खान, सैयद अली अहमद, साद उर्फ शम्सउद्दीन, मोहम्मद नबील और अबरार को भी आरोपी बनाया गया है। सभी पर छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाकर नशीली चीजें पिलाकर गैंगरेप, मारपीट, वीडियो रिकॉर्डिंग और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के संगीन आरोप हैं। कॉलेज में प्रेमजाल और दरिंदगी की शुरुआत चालान में बताया गया है कि फरहान वर्ष 2017 में कोकता क्षेत्र के एक निजी कॉलेज में एमबीए की पढ़ाई के लिए दाखिल हुआ था। यहीं से उसने कॉलेज में पढ़ने वाली बाहर से आई गरीब हिंदू छात्राओं को टारगेट करना शुरू किया। जो लड़कियां अकेली रहती थीं या किराये पर दूसरे छात्रों के साथ रहती थीं, उन्हें गिरोह के सदस्य प्रेमजाल में फंसाते और फिर नशा देकर शारीरिक शोषण करते। चालान में यह भी उल्लेख है कि फरहान और उसके साथी पीड़िताओं के साथ यौन शोषण की रिकॉर्डिंग करते और फिर वीडियो के जरिए उन्हें धमकाते थे। आरोपी ये कहते थे कि यदि वे चुप नहीं रहीं या धर्मांतरण के लिए राजी नहीं हुईं तो उनके जीवन को बर्बाद कर दिया जाएगा।   पीड़िताओं के साथ अमानवीय बर्ताव पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों ने कई युवतियों के साथ ऐसी दरिंदगी की जिसकी कल्पना तक मुश्किल है। एक मामला ऐसा भी सामने आया है जहां फरहान तीन युवतियों को एक साथ निर्वस्त्र कर शारीरिक शोषण करते हुए न केवल उन्हें पीट रहा था, बल्कि हिंदू धर्म के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां भी कर रहा था। फरहान के मोबाइल से यह वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत पुलिस ने जब्त कर कोर्ट में चालान के साथ पेश किए हैं।   वीडियो बना कर बनाया जाता था दबाव फरहान और उसके गिरोह का काम करने का तरीका बेहद सुनियोजित था। वे पहले युवतियों को प्रेमजाल में फंसाते, फिर उन्हें नशे में धुत कर यौन शोषण करते और वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करते थे। किसी भी पीड़िता द्वारा विरोध करने पर उन्हें वीडियो वायरल करने और उनके करियर व सामाजिक जीवन को तबाह कर देने की धमकी दी जाती थी।   एक पीड़िता ने बताया कि जब उसकी छोटी बहन पर भी फरहान बुरी नजर रखने लगा तो उसने उसे इंदौर भेज दिया। लेकिन फरहान वहां भी पहुंच गया और उसे कमरे में बंद कर बुरी तरह से पीटा।    आरोपियों की वीसी के जरिए पेशी मामले की गंभीरता … 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हीरे ने चमकाई किस्मत: छतरपुर के मजदूर को एक साथ मिले 8 हीरे, बना लखपति

छतरपुर  कहते हैं जब किस्मत खराब होती है तो ऊट पर बैठे इंसान को भी कुत्ता काट लेता है और जब किस्मत अच्छी होती है तो पत्थर भी हीरे बन जाते हैं. ऐसा ही कुछ किस्मत का खेल छतरपुर जिले के रहने वाले मजबूर यादव परिवार के साथ हुआ है. लगातार मेहनत ने ऐसा भाग्य का ताला खोला की मजदूर परिवार को एक साथ 8 हीरे मिल गए हैं. अब इस परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. परिवार को ये हीरे खुदाई के दौरान मिले हैं. मजदूर दंपति को एक साथ मिले 8 हीरे दरअसल यह मामला छतरपुर जिले की तिलवा पंचायत के कटिया गांव का है. यहां रहने वाले मजदूर दंपति हरगोविंद यादव और उनकी पत्नी पवन देवी यादव पन्ना की उथली खदान में पिछले 5 सालों से हीरा खदान पर खुदाई कर रहे थे. दोनों पति पत्नी पूरी मेहनत और लगन से हीरे की खोज में लगे रहे और जब किस्मत पलटी तो एक साथ 8 हीरे निकले, जिसमें कुछ कच्चे कुछ पक्के हैं. जिसकी कीमत लगभग 10 से 12 लाख बताई जा रही है. मजदूर दंपति द्वारा आठों हीरों को पन्ना के हीरा संग्रहालय में जमा करा दिया जाएगा. इसके बाद हीरो की कीमत का आकलन होगा और नीलामी के बाद टैक्स काटकर मजदूर को पैसे दे दिए जाएंगे. पिछले साल भी मजदूर को मिला था हीरा पिछले साल भी पन्ना जिले की हीरा खदान में 19.22 कैरेट का हीरा एक मजदूर को मिला था, जिसकी कीमत 80 लाख थी. पन्ना जिले के अहिरगंवा गांव में रहने वाले चुनवादा गौंड ने सिर्फ 200 रुपये की रसीद कटवा कर हीरा कार्यालय से 20 मई 2024 को कृष्ण कल्याणपुर के पटी क्षेत्र में हीरा खदान ली. पट्टा बनवाया उसे 8×8 मीटर की जगह उत्खनन के लिए दी गई थी. चुनवादा ने पत्नी और बच्चों के साथ मिलकर खदान में हीरा तलाशना शुरू किया. करीब 2 महीने की मेहनत के बाद उसे 19.22 कैरेट का हीरा मिला, जिसकी कीमत करीब 80 लाख थी. पिछली बार वाली गलती अब नहीं करेंगे मजदूर हरगोविंद यादव ने बताया, "हम पिछले 5 सालों से हीरे के लिए खुदाई कर रहे थे. इस बार भगवान ने सुन ली और एक साथ 8 कच्चे पक्के हीरे मिले हैं. जिनकी कीमत लगभग 10 से 12 लाख है. पिछली बार भी हीरा मिला था, लेकिन जानकारी के अभाव के कारण उस हीरे की कीमत मात्र एक लाख रुपए मिली थी. इस बार ये गलती नहीं करेंगे और इन हीरों को विधिवत जमा करेंगे, ताकि उन्हें हीरों की सही कीमत मिल सके.

मुख्यमंत्री ने दिवंगत निखिल कश्यप को किया नमन, परिजनों के दुःख में हुए सहभागी

रायपुर,    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी में आयोजित शोक सभा में शामिल होकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्व. निखिल कश्यप की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी तथा शोकाकुल परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री साय ने इस दुःखद अवसर पर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

आशुतोष राणा से मुलाकात में क्या हुआ खुलासा? ओपी चौधरी और पत्नी अदिति ने खोले राज

रायपुर Rise & Shine कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे अभिनेता और मोटिवेशनल स्पीकर आशुतोष राणा से प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी और उनकी पत्नी अदिति पटेल चौधरी ने होटल में मुलाकात की. इस दौरान होटल की लिफ्ट से नीचे उतरने के दौरान आशुतोष राणा ने अपना एक राज मंत्री ओपी चौधरी के सामने खोला. ओपी चौधरी की मुलाकात से पहले आशुतोष राणा के फैन्स और रोटरी कॉस्मो डीवाज़ क्लब की अध्यक्ष और सदस्यों ने भी उनसे मुलाकात की और उन्होंने खूब सारे सवाल उनसे पूछे. कुछ सवाल आशुतोष और उनकी पत्नी से जुड़े हुए भी थे. आशुतोष राणा, मंत्री ओपी चौधरी, उनकी पत्नी अदिति पटेल जब लिफ्ट से उनके साथ नीचे उतर रहे थे, तब उनकी मैनेजर ने मंत्री को बताया कि ‘सर ने जितनी भी किताबें लिखी है वो ज्यादातर रात में ही लिखी गई है’. इसके बाद आशुतोष ने हंसते हुए कहा कि- हां, मुझे देर रात तक जागने की आदत हो गई है… फिर उन्होंने हंसते हुए मंत्री से कहा कि- ओपी जी… हमने ‘फिट रहने के लिए नींद जरूरी’ के फार्मूला को फेल कर दिया है, जिसमें ये कहा जाता है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूरी है. आशुतोष राणा ने बताया कि वो मात्र 4-5 घंटे की रोजाना नींद लेते है और फिर भी वे पूरी तरह से फीट है. इसके बाद मंत्री ओपी चौधरी की पत्नी अदिति पटेल को भी ये कहना पड़ा कि जब से वे मंत्री बने है, तब से उनकी भी नींद चंद घंटे की ही रह गई है. इस दौरान मंत्री और उनकी पत्नी ने आशुतोष राणा को अगली बार छत्तीसगढ़ दौरे में आने के दौरान अपने घर आने का न्योता भी दिया.