samacharsecretary.com

इंदौर में लव जिहाद की वारदात: दोस्ती के बहाने कलमा पढ़ाया, जन्नत का दिया वादा

इंदौर मुस्लिम युवक ने सोशल मीडिया पर चैट कर हिंदू युवती को फंसाया और शादी के बहाने गुजरात ले गया। शादी के पहले उसने होटल में दुष्कर्म किया और बाद में लिखा-पढ़ी करवा ली। पूरी तरह जाल में फंस चुकी युवती का सात दिनों तक ब्रेनवाश कर इस्लाम कबूलने के लिए मजबूर किया गया। मौलवी को बुलाकर इस्लाम की तारीफ की और कहा कि तुम्हें जन्नत मिलेगी। शादी का प्रस्ताव रखा और कहा घर छोड़ दो नंदानगर निवासी पीड़िता की तीन साल पूर्व सोशल मीडिया पर फाइटर राजपूत से दोस्ती हुई थी। वह उससे चैटिंग करने लगा। कुछ दिनों बाद उसने सोहिल राजपूत नाम बताया और घंटों तक बातचीत करने लगा। वह खुद को हिंदू ही बताता था। करीब एक साल बाद उसने शादी का प्रस्ताव रखा और कहा कि तुम घर छोड़ दो। युवती 3 लाख रुपये कैश, मार्कशीट, आधार कार्ड और कपड़े लेकर घर से निकल गई। 21 जून को सोहिल रेलवे स्टेशन पर मिला और वह अहमदाबाद (गुजरात) ले गया।   होटल ले गया और शारीरिक संबंध बनाए सोहिल युवती को होटल ले गया और दो दिन तक शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह नेशनल मील चाल (अहमदाबाद) स्थित घर पर ले गया। उसने गुजराती में अनुबंध तैयार करवाया और पीड़िता से हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद उसे दोस्त सेजर के रामोल क्षेत्र स्थित प्लास्टिक कारखाना पर ले गया। 3 अगस्त को सोहिल पुन: अपने घर (नेशनल मील चाल रखियाल सोमा टेक्सटाइल) लेकर आ गया। अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं, इस्लाम कबूलों जन्नत मिलेगी सोहिल और उसकी मां शमा नाज फातिमा, पिता शाकीर इकबाल, भाई नदीम अख्तर, यासिर सहवर, शारिक, नदीम, भाभी गुलफ्शा, बहन शिवा जरीन मिली और एक सप्ताह तक इस्लाम धर्म के बारे में ब्रेनवाश किया गया। आरोपितों ने कहा कि इस्लाम बहुत खुबसूरत धर्म है। अल्लाह ही दुनिया में सबसे बड़ा है। अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं है। धर्म और नाम बदलने का दबाव इस्लाम कबूल करोगी तो जन्नत मिलेगी। जन्नत से खुबसूरत कोई जगह नहीं है। तुमको मुस्लिम बनना पड़ेगा। सोहिल इसके बाद ही तुमसे शादी करेगा। तुम्हें धर्म और नाम तो बदलना ही पड़ेगा। आरोपितों ने घर पर ही मौलवी को बुलाया और 8 अगस्त को सोहिल के चाचा-चाची सहित रिश्तेदार शोकत राजपूत, नजाकत राजपूत, गुलजार आदी ने अन्य एकत्र होकर इस्लाम कबूल करवा कर उसका नाम सना फातिमा कर दिया। जबरदस्ती कलमा पढ़ाया गया। पीड़िता के रुपयों से कपड़े-स्कूटर खरीदे पीड़िता के तीन लाख रुपयों से सोहिल ने कपड़े, स्कूटर खरीद लिया। पीड़िता को नजरबंद रखा जाता था। एक दिन उसने सोहिल के मोबाइल में अन्य लड़कियों की चैटिंग पढ़ी तो हिंदू लड़कियों से संबंध का खुलासा हुआ। सोहिल ने खुद स्वीकारा वह इसी तरह हिंदू लड़कियों से दोस्ती कर उनका शोषण करता है। परिवार से मिली खबर के बाद पुलिस गुजरात पहुंची और युवती को मुक्त करवाया। शनिवार को उसके कथन लेकर प्रकरण दर्ज कर लिया।

राजनाथ सिंह का डोनाल्ड ट्रंप पर तगड़ा पलटवार, बोले- सबके बॉस तो हम ही हैं

रायसेन मध्य प्रदेश के रायसेन में रेल कोच फैक्ट्री की आधारशिला रखने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला बोला। इशारों में ही सही, राजनाथ सिंह ने टैरिफ वॉर के चलते बढ़ती टेंशन के बीच कहा कि कुछ लोग खुद को दुनिया का बॉस समझते हैं लेकिन उन्हें नहीं पता कि सबके बॉस तो हम हैं। ट्रंप का नाम लिए बगैर रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को भारत की तरक्की पसंद नहीं आ रही है। रायसेन में अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें भारत की तेजी से हो रही तरक्की पसंद नहीं आ रही है। वे इसे पसंद नहीं कर रहे हैं। 'सबके बॉस तो हम हैं'। वो सोच रहे हैं कि भारत इतनी तेजी से कैसे आगे बढ़ रहा है और कई लोग यह कोशिश कर रहे हैं कि भारत में बनी, भारतीयों के हाथों से बनी चीजें उन देशों में बनी चीजों से ज्यादा महंगी हो जाएं, ताकि जब चीजें महंगी होंगी तो दुनिया उन्हें नहीं खरीदेगी। यह कोशिश की जा रही है। लेकिन भारत इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है, मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि अब दुनिया की कोई भी ताकत भारत को दुनिया की एक बड़ी शक्ति बनने से नहीं रोक सकती। राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि जब 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, उस समय भारत के रक्षा उत्पाद की चीजें जो एक्सपोर्ट होती थीं,उनकी कीमत 600 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि आपको जानकर खुशी होगी कि हम लोग अब 24000 हजार करोड़ से ज्यादा के डिफेंस के उत्पाद दूसरे देशों को भेज रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है। यही भारत की ताकत है, यही नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है और निर्यात लगातार बढ़ रहा है। पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद उन्होंने मान लिया था कि भारत शांत बैठ जाएगा। प्रधानमंत्री का संकल्प था कि हम इसका मुंह तोड़ जवाब देंगे। ऐसी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि धर्म पूछकर मारेंगे। हम किसी की हत्या में विश्वास ही नहीं करते हैं। हमने ठान लिया था कि हम धर्म पूछकर नहीं मारेंगे हम उनका कर्म देखकर मारेंगे और हमने कर्म देखकर मारा।  

सीएम मोहन यादव ने बाढ़ प्रभावितों का हाल-चाल लिया, कहा सरकार और जनता का पारिवारिक संबंध है

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 अगस्त को आपदा प्रभावित लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चर्चा कर हालचाल जाना। उन्होंने भोपाल में मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से बाढ़ प्रभावितों को 30 करोड़ रुपये की राहत राशि दी। उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों से कहा कि सरकार हर संकट में उनके साथ खड़ी है। सरकार और जनता का पारिवारिक रिश्ता है। यही वजह रही कि इतने बड़े संकट का भी सब ने मिलकर सामना किया और जिंदगियां बचा ली गईं। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सभी जिलों को आपदा से निपटने से लिए अग्रिम राशि भी दी गई है। ताकि, संकट के समय जनता को सरकार का साथ महसूस हो। उन्होंने जनता से बारिश में सावधान रहने की अपील भी की। सीएम डॉ. यादव ने जनता से कहा कि आने वाले सभी त्योहार खासकर स्वतंत्रता दिवस, हर घर तिरंगा को हर्षोल्लास के साथ मनाएं। उन्होंने कबीर दास के दोहे के साथ अपनी बात समाप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे यहां कहा गया है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। मेरे लिए भी आपकी सेवा ही ईश्वर की सेवा के समान है। सरकार और समाज अलग-अलग नहीं हैं। हम सब संकट की घड़ी में बंधु भाव के साथ एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं। आपको अगर कोई तकलीफ आएगी तो हम चैन से नहीं बैठ सकते। हमारे मन में भी समान पीड़ा होती है। मैंने कल्पना नहीं थी कि इतनी असामान्य बाढ़ आएगी। हम सभी ने बाढ़ के अलग-अलग रूप देखे हैं। इस संकट की घड़ी में कोई जिला ऐसा नहीं है, जो छूट गया हो। हम लगातार जनता के संपर्क में रहे। जहां-जहां जरूरत महसूस हुई वहां-वहां एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना के जवानों को सक्रिय किया गया। 24 हजार बाढ़ प्रभावितों के लिए राशि जारी सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज हमने सिंगल क्लिक के जरिये 24 हजार बाढ़ प्रभावितों के लिए 30 करोड़ की राशि जारी की है। मैंने खुद भी शिवपुरी-गुना-अशोकनगर सहित बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी हम 28 करोड़ की राशि बाड़ पीड़ितों के लिए जारी कर चुके हैं। इस तरह हमने 58 करोड़ की राशि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जारी की है। साल 2025-26 में अभी तक हम 123 करोड़ से ज्यादा की राशि आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए जारी कर चुके हैं। हमारा और आपका पारिवारिक रिश्ता है। इस आपदा की घड़ी में जिन-जिन सामाजिक संगठनों ने जनता की मदद की है, मैं उनका भी आभार मानता हूं। इस बार सामान्य से 37 फीसदी से ज्यादा बारिश हुई है। हमारी सरकार संकट की इस घड़ी में जनता के साथ खड़ी है। सीएम डॉ. यादव ने सुनाए दौरे के किस्से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी दौरे का किस्सा सुनाते हुए कहा कि वहां पिता-पुत्र 36 घंटों तक छत पर फंसे रहे। जब हम उनसे मिले तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि हमें लग नहीं रहा कि हम जिंदा हैं। हम बहनों को भी धन्यवाद देते हैं। गुना में उनका पूरा सामान खराब होने के बावजूद जब हम उनसे मिलने गए तो वे राखी लेकर तैयार थीं। इससे पता चलता है कि हमारे संस्कार और आत्मीय भाव कितने गहरे हैं। बहनों ने राखी बांधी, तिलक लगाया और फिर जरा सा कष्ट बताया। इस संकट का हम सभी ने मिलकर सामना किया।  

मध्यप्रदेश में 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता’ अभियान, स्कूलों में 3 चरणों में हो रहा संपन्न

भोपाल  प्रदेश के स्कूलों में देश प्रेम, एकता, देशभक्ति की भावना और राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता’ अभियान मनाया जा रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भी जारी किये हैं।  यह अभियान प्रदेश के स्कूलों में 3 चरणों में संपन्न हो रहा है। पहला चरण 2 से 8 अगस्त तक संपन्न हो चुका है। दूसरा चरण 9 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। अभियान का तीसरा चरण 13 अगस्त से 15 अगस्त तक होगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने दिये गये निर्देशों में कहा है कि जिलों में स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षकों के नेतृत्व में तिरंगे के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाये। बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जानकारी दी जाये। स्कूलों में एनसीसी और एनएसएस यूनिट के माध्यम से ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जाये। तिरंगा पर केन्द्रित बच्चों की रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की जाये। राष्ट्रीय ध्वज एवं इसके इतिहास पर स्कूलों में व्याख्यान के विशेष कार्यक्रम आयेाजित किये जायें। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि स्कूलों में होने वाली तिरंगा रैलियों में बच्चों के साथ अधिक से अधिक नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाये। दिये गये निर्देशों में कहा गया है कि विद्यार्थियों द्वारा तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर उसे www.harghartiranga.com वेबसाइट पर अपलोड भी किया जाये। 

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गोवर्धन में मलूकपीठाधीश्वर श्री राजेन्द्रदास जी महाराज का लिया आशीर्वाद

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल सपरिवार सुरश्याम गौशाला, गोवर्धन पहुंचे। उन्होंने मलूकपीठाधीश्वर श्री राजेन्द्रदास जी महाराज का दिव्य आध्यात्मिक सान्निध्य प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि महाराज जी के परम पावन सान्निध्य में बिताया गया प्रत्येक क्षण उनके जीवन की अमूल्य धरोहर है, जिसने उन्हें नव आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण किया है। उन्होंने कहा कि पूजनीय संत समाज की कृपा से वे लोकमंगल हेतु निरंतर कार्यरत हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सुरश्याम गौशाला में गौसेवा एवं धार्मिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की और उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भुजरिया पर्व की दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्नेह एवं समरसता के पर्व भुजरिया (कजरिया) पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति की अनमोल धरोहर, यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली प्रदान करे, यही प्रार्थना है।  

यूपी सरकार के रक्षाबंधन पर बस सेवा ने रचा इतिहास, 2 दिन में 50 लाख यात्रियों ने किया सफर

लखनऊ  यूपी में रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं के लिए शुरू की गई निशुल्क बस यात्रा योजना ने इस बार यात्री संख्या के नए कीर्तिमान बनाए हैं. तीन दिनों तक चलने वाली इस सुविधा को देखते हुए रात 12 बजे तक इसके 75 लाख यात्रियों का रिकॉर्ड बनाने की संभावना है. परिवहन निगम के अनुसार इसमें 70 प्रतिशत तक वह यात्री हो सकते हैं, जिन्हें सरकार की ओर से निशुल्क यात्रा का लाभ दिया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि योगी सरकार ने रक्षाबंधन के पर्व पर प्रदेश की माताओं और बहनों को बड़ी सौगात देते हुए 8 से 10 अगस्त तक परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा का तोहफा दिया है. इसमें महिलाओं के साथ एक सहयात्री को भी यह सुविधा दी जा रही है.  3 दिनों में 75 लाख यात्रियों के सफर का अनुमान यूपी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार सामान्य दिनों में निगम की बसों में प्रतिदिन 14-15 लाख यात्री सफर करते हैं, लेकिन इस बार रक्षाबंधन पर्व के शुरुआती दो दिनों में ही यह आंकड़ा 50 लाख से अधिक पहुंच गया. इनमें लगभग 70 प्रतिशत महिला यात्री थीं, जिन्होंने मुख्यमंत्री योगी की ओर से दिए गए 66 घंटे के ‘सम्मान के तोहफे’ का लाभ लिया. एमडी सरवर ने बताया कि 8 अगस्त की सुबह 6 बजे से ही बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ रही.  पहले दिन यानी 8 अगस्त को 19.5 लाख से ज्यादा लोगों ने यात्रा की, जो सामान्य दिनों की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक था. रक्षाबंधन के दिन 9 अगस्त को तो यह संख्या 31.7 लाख के पार पहुंच गई, जो सामान्य दिनों की तुलना में 210 प्रतिशत से अधिक रही. तीसरे दिन 10 अगस्त को दोपहर 12.50 बजे तक ही 13 लाख यात्री सफर कर चुके थे और रात 12 बजे तक यह संख्या 25 लाख तक पहुंचने का अनुमान है. इस तरह तीन दिनों में 75 लाख से अधिक लोग बसों में यात्रा करेंगे, जो परिवहन निगम के इतिहास में अभूतपूर्व संख्या है. चलाई गईं अतिरिक्त बसें, तैनात रहे सभी कर्मचारी उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बार 8 अगस्त सुबह 6 बजे से 10 अगस्त मध्यरात्रि 12 बजे तक महिलाओं और बेटियों के लिए सभी श्रेणी की रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई गई. इस अवधि में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाई गईं और समस्त अनुबंधित बसों को भी संचालन में लगाया गया. प्रमुख बस स्टेशनों- गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, बरेली, लखनऊ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, कानपुर एवं इटावा- पर यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए विशेष ड्यूटी और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई.  उन्होंने यह भी बताया कि चालक-परिचालकों को प्रोत्साहन राशि देने की योजना लागू की गई है, जिसमें 1800 किलोमीटर संचालन पूर्ण करने पर ₹1200 का भुगतान और 6 दिनों तक लगातार कार्य करने पर अतिरिक्त ₹0.55 प्रति किलोमीटर दिया जाएगा. वहीं तकनीकी कर्मचारियों को भी प्रतिदिन उपस्थित रहने पर एकमुश्त ₹500 की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है. संचालन व्यवस्था बेहतर बनाए रखने वाले कार्मिकों और पर्यवेक्षकों को भी ₹5000 प्रति स्टेशन के हिसाब से सम्मानित किया जाएगा.  बहनों ने सीएम योगी को दिया धन्यवाद  इस सुविधा का लाभ पाने वाली प्रदेश की लाखों महिलाओं ने इस तोहफे के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा कि योगी सरकार की यह पहल सिर्फ एक यात्री सुविधा नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सम्मान का प्रतीक है, जिससे न केवल रक्षाबंधन पर्व की खुशियां बढ़ी हैं, बल्कि करोड़ों महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक यात्रा का भरोसा भी मिला है.  विगत 8 वर्षों में 1.23 करोड़ बहनों को मिला मुफ्त सफर का लाभ 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू हुई रक्षाबंधन पर माताओं-बहनों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की योजना बीते आठ वर्षों में नारी सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन गई है. इन 8 वर्षों में 1,23,30,194 महिलाओं को इसका लाभ मिला है, जिसके लिए सरकार ने ₹101.42 करोड़ का आर्थिक बोझ वहन किया. इन वर्षों में 2023 में सर्वाधिक 29 लाख से अधिक महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की.

किसानों के लिए अहम खबर! ‘कृषक उपहार योजना’ में संशोधन, लाभार्थियों की नई सूची जारी

जयपुर राज्य सरकार ने किसानों को पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से कृषि जिंसों की बिक्री हेतु प्रोत्साहित करने के लिए संचालित ‘कृषक उपहार योजना’ में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। अब इस योजना का लाभ उन किसानों को ही मिलेगा जो ई-नाम पोर्टल के माध्यम से बिक्री करते हुए ई-पेमेंट (इलेक्ट्रॉनिक भुगतान) प्रणाली से भुगतान प्राप्त करते हैं।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को कृषि विपणन विभाग द्वारा भिजवाए गए प्रस्ताव के अनुसार अब उन्हीं किसानों को उपहार कूपन जारी किया जाएगा, जिनकी जिंसों की बिक्री ई-नाम पोर्टल पर दर्ज हुई हो और उसका भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से प्राप्त किया गया हो। योजना के वर्तमान स्वरूप में देखा जा रहा था कि ई-नाम पर कृषि जिंस के विक्रय पर्चियों पर जारी कूपन की तुलना में ई-पेमेंट पर जारी कूपन की संख्या काफी कम है। अब केवल ई-पेमेंट पर ही उपहार कूपन जारी किए जाने से ई-नाम पोर्टल पर बिक्री के साथ-साथ किसान और व्यापारी तत्काल एवं सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के लिए प्रेरित होंगे।  संशोधित योजना में ई-पेमेंट से प्राप्त कृषि उपज विक्रय की प्रति 10 हजार रूपये की राशि एवं इसके गुणकों में उपहार कूपन ई-नाम सॉफ्टवेयर द्वारा जारी किए जा सकेंगे। प्रत्येक 6 माह में मंडी स्तर पर ड्रॉ निकालकर 50,000 रूपये का प्रथम पुरस्कार 30,000 रूपये का द्वितीय पुरस्कार और 20,000 रूपये का तृतीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

MP में बहन ने दिखाई भाई के लिए अपार मोहब्बत, दिया ऐसा उपहार जो बदल दे जिंदगी

जबलपुर रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर 14 वर्षीय बहन ने अपने पांच वर्षीय भाई को जीवनरक्षक स्टेमसेल का उपहार दिया है। दो साल की उम्र में उसका भाई सिकल सेल (अनुवांशिक रक्त विकार) जैसी घातक बीमारी की चपेट में आ गया था। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों ने नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा निवासी किशोरी का स्टेम सेल लेकर बोन मैरो ट्रांसप्लांट के माध्यम से मासूम को नई जिंदगी दी है। पूरा इलाज आयुष्मान योजना से निश्शुल्क किया गया। एफेरेसिस तकनीक के माध्यम से स्टेम सेल प्राप्त कर ट्रांसप्लांट बीएमटी यूनिट की प्रभारी डॉ. श्वेता पाठक ने बताया कि रोहन (परिवर्तित नाम) को दो वर्ष की उम्र में सिकल सेल की बीमारी की पुष्टि हुई थी और वह नियमित रूप से खून चढ़वाने के लिए अस्पताल में उपचाररत था। संस्थान में सुविधा प्रारंभ होते ही उसके बोन मैरो ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू की गई। रोहन के बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए उसकी बहन से स्टेम सेल मैचिंग की गई और एफेरेसिस तकनीक के माध्यम से स्टेम सेल प्राप्त कर ट्रांसप्लांट किया गया।   चिकित्सकों ने टीमवर्क से किया कार्य ट्रांसप्लांट में कालेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना के नेतृत्व में चिकित्सकों ने टीम वर्क से कार्य किया। इसमें अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा, उप अधीक्षक डॉ. ऋचा शर्मा, डॉ. लक्ष्मी सिंगौतिया सुपरिटेंडेंट, कैंसर अस्पताल, डॉ. मोनिका लाजरस (एचओडी पीडियाट्रिक्स) सहित नर्सिंग स्टाफ से पूनम, एलिजाबेथ, रिंकी का विशेष सहयोग रहा। बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट की ऐसी पड़ी नींव महत्वपूर्ण है कि इसी साल फरवरी में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (एससीआइ) के दूसरे फ्लोर पर करीब चार हजार वर्गफीट क्षेत्र में अत्याधुनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट की शुरुआत हुई थी। इसमें 10 निजी वार्ड बनाए गए हैं जो कि पूरी तरह वातानुकूलित हैं और इस रोग से पीड़ित बच्चों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की दिशा में एक सफल प्रयास की शुरुआत माना जाता है। यूनिट की प्रभारी डॉ. श्वेता पाठक ने इसको आकार-प्रकार देने में विशेष भूमिका का निर्वाह किया है। 

पीएम जनमन योजना में जनजातीय बसाहटों में बढ़ी आधारभूत सुविधाएं

सहरिया, बैगा, भारिया परिवारों को मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभ भोपाल  जनजातीय बसाहटों को आधारभूत सुविधाओं से संपन्न बनाने और जनजातीय परिवारों में खुशियां लाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करते हुए मध्यप्रदेश ने पीएम जनमन योजना में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में पीएम जनमन योजना में 5800 जनजातीय बसाहटों में रह रहे 2 लाख 62 हजार से ज्यादा सहरिया, बैगा और भारिया परिवारों को विभिन्न विभागों की योजनाओं का सीधा लाभ मिला है। आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, राशन कार्ड देने में 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। वे हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ लेने में इन दस्तावेज का उपयोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, बहुउद्देशीय केंद्र, हर घर नल से जल, हर घर बिजली, सबको पोषण, सबको स्वास्थ्य, सबको शिक्षा, गांव-गांव मोबाइल नेटवर्क, वन धन विकास केंद्र बनाने जैसी परिवर्तनकारी योजनाओं को इन बसाहटों में क्रियान्वित किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी योजनाओं से संबंधित विभागों को दी गई है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है। जनजातीय परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराने में शिवपुरी जिला न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में आगे है। यहां 16 हजार से ज्यादा आवास बन चुके हैं। शहडोल में 10711, श्योपुर 7639, उमरिया में 6410, छिंदवाड़ा में 5479 मंडला में 5446 आवास बने हैं। अन्य जिलों में विभिन्न स्तरों पर तेजी से काम चल रहा है। सड़क सुविधा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 1570 बसाहटों में 2265 किमी सड़कें बनाने का लक्ष्य है। राष्ट्रीय ग्रामीण अधोसंरचना विकास ऐजेंसी को 269 किमी की 117 सड़कें बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। हाल में 739 किमी लंबाई की 377 सड़कों की स्वीकृति मिल गई है। इनके निर्माण के लिये टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा 17 जिलों में 125 बहुउद्देशीय केंद्रों के निर्माण का काम चल रहा है। सबसे ज्यादा 33 शिवपुरी और 24 श्योपुर में बन रहे हैं। हर घर नल से जल हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए 4843 बसाहटों में रह रहे 12 लाख 30 हजार घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है। अब तक 8,43,258 घरों में नल से जल पहुंच रहा है। शेष घरों में दिसंबर माह तक पहुंच जाएगा। सबको स्वास्थ्य सबको स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से 3132 गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं और 1268 में मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित हैं। इस प्रकार 4400 गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच गई हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक 4 लाख से अधिक रोगियों का परीक्षण किया गया है। विशेष रूप से टीबी और सिकल सेल की जांच की गई है। करीब 27000 रोगियों की फिजियोथैरेपी कराई गई। विद्युत सुविधा जनजातीय परिवारों को ग्रिड के माध्यम से हर घर बिजली देने में 24,800 घरों में विद्युत सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। दुर्गम क्षेत्रों में आफग्रिड के माध्यम से नवकरणीय ऊर्जा विभाग के सहयोग से 11 जरूरतमंद जिलों के 2060 गांवों में विद्युत सुविधा देने का काम तेजी से चल रहा है। सभी बसाहटों में पोषण देने के लिए 704 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 628 बन गये हैं और शेष अगले दो महीनों में बन जायेंगे। इसके अलावा 76 नये आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने का भी प्रस्ताव है। इन केन्द्रों में बच्चों के पोषण का स्तर लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। सबको शिक्षा सबको शिक्षा सुविधा देने के लिए जिन जनजातीय बसाहटों के पास प्राथमिक शाला की सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में 16 जिलों में 106 छात्रावास स्वीकृत किए गये हैं। मोबाइल सुविधाओं को सुदृढ़ बनाते हुए 15 जिला में उपयुक्त स्थान पर 4जी मोबाइल नेटवर्क दिया जा रहा है। टावर के लिये स्थान चिन्हित कर लिये गये हैं। इसके अलावा वन एवं तकनीकी शिक्षा विभागों द्वारा 11 जिलों में 83 वन-धन विकास केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इससे 5000 जनजातीय हितग्राही जुड़े हैं। सभी को उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम और उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत वन-विकास केंद्र का बिजनेस प्लान बनाने में प्रशिक्षण दिया गया है।