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बाघों की सुरक्षा बनाम गांवों का अस्तित्व: क्या खाली कराए जाएंगे जंगल के किनारे बसे गांव?

उमरिया मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में इजाफा तो हो रहा है, लेकिन उनके प्राकृतिक आवास यानी जंगल सिकुड़ते जा रहे हैं। कारण है जंगल के भीतर बसे सैकड़ों गांव, जो न सिर्फ जगह घेर रहे हैं, बल्कि जंगल के संतुलन को भी प्रभावित कर रहे हैं। अब तक राज्य के टाइगर रिजर्व क्षेत्रों से 200 से अधिक गांवों को विस्थापित किया जा चुका है। बावजूद इसके, इतने ही गांव अभी भी जंगलों के भीतर बसे हुए हैं। इनके कारण बाघों को उनके लिए जरूरी क्षेत्रफल नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, इन गांवों की वजह से घास के मैदान विकसित नहीं हो पा रहे हैं, जो शाकाहारी वन्य जीवों के लिए जरूरी हैं।   घास के मैदान क्यों जरूरी हैं? जंगल के अंदर जब घास के मैदान नहीं बनते, तो शाकाहारी प्राणियों की संख्या कम हो जाती है, जिससे बाघ जंगल के कोर जोन से बाहर आकर गांवों की ओर बढ़ते हैं। वहां वे मवेशियों का शिकार करते हैं, जिससे मानव-पशु संघर्ष बढ़ता है। वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट डॉ. राकेश शुक्ला के अनुसार, जब तक जंगल के अंदर बसे गांवों को पूरी तरह से हटाया नहीं जाता, तब तक बाघों को उनका आवश्यक क्षेत्र नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी हाल ही में यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विस्थापन प्रक्रिया को तेज करेगी और इसके लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। सबसे ज्यादा प्रभावित टाइगर रिजर्व पन्ना टाइगर रिजर्व में सबसे ज्यादा गांव बसे हैं। बांधवगढ़ के कोर जोन में 10 गांव हैं। पेंच टाइगर रिजर्व में 44, संजय टाइगर रिजर्व में 34, वीरांगना रानी दुर्गावती में 81 और कान्हा में 8 गांव अब भी मौजूद हैं। क्या कहते हैं आंकड़े? प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश की कोर और बफर जोन में गांव बसे हैं। उदाहरण के तौर पर, बांधवगढ़ में 165, कान्हा में 129, पेंच में 123 और सतपुड़ा में 62 बाघ हैं। 

टूरिज्म बूस्ट! इंदौर-गोवा के बीच विंटर से शुरू होगी वीकली डायरेक्ट फ्लाइट

इंदौर इंदौर से गोवा जाने वाले यात्रियों को विंटर सीजन से सीधी उड़ान की सुविधा मिलने जा रही है। इंडिगो विमान कंपनी ने 26 अक्टूबर से सीधी उड़ान की घोषणा करते हुए बुकिंग शुरू की है। यह उड़ान सप्ताह में एक दिन सिर्फ रविवार को संचालित होगी। इस उड़ान के शुरू होने के साथ ही गोवा जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। देशभर के एयरपोर्ट के साथ ही इंदौर एयरपोर्ट पर विंटर सीजन की शुरुआत 27 अक्टूबर से हो रही है। इसकी शुरुआत के साथ ही इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से विमान कंपनियों ने नई उड़ानों को शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इंडिगों विमान कंपनी ने विंटर सीजन में जम्मू उड़ान के बाद अब गोवा के लिए 26 अक्टूबर से उड़ान शुरू करने की घोषणा की है।   वीकेंड पर गोवा जाने वाले यात्रियों को होगा फायदा यह उडा़न इंदौर से सुबह गोवा जाएगी और दोपहर में वापस आएगी। वीकेंड पर जाने वाले यात्रियों को इसका फायदा होगा। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन का कहना है कि गोवा के लिए साप्ताहिक उड़ान शुरू होने से यात्रियों को फायदा होगा। अतिरिक्त उड़ान विकल्प मिलने से यात्री आसानी से यात्रा कर सकेंगे। यह उडा़न सुबह 10.35 बजे गोवा पहुंचाएगी, इससे चेकइन के लिए यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। वहीं गोवा से वापस आने वाले यात्रियों को भी सुबह 11 बजे उड़ान मिलने से फायदा होगा। तीन कैटेगरी में होगी बुकिंग इंडिगो विमान कंपनी द्वारा शुरू की जा रही साप्ताहिक उड़ान का फेयर साढ़े दस हजार रुपये के करीब आ रहा है। विमान कंपनी ने तीन कैटेगरी में बुकिंग शुरू की है। सेल फेयर, फ्लेक्सी प्लस फेयर और सुपर फेयर में यह बुकिंग की जा रही है। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार बुकिंग करवा सकेंगे। दोनों एयरपोर्ट के लिए उड़ाने संचालित वर्तमान में इंदौर से गोवा के दोनों एयरपोर्ट के लिए एक-एक उड़ाना संचालित हो रही है। यह उड़ाने नियमित संचालित होती है। इंडिगो कंपनी की उड़ान इंदौर से दोपहर 12.30 बजे रवाना होती है और साउथ गोवा के डोबोलिम एयरपोर्ट जाती है। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान इंदौर से दोपहर 12.20 बजे रवाना होती है और नार्थ गोवा के मनोहर पर्रिकर एयरपोर्ट जाती है। यह रहेगा शेड्यूल इंदौर से गोवा – फ्लाईट 6ई 314 इंदौर से सुबह 8.55 बजे रवाना होगी और सुबह 10.35 बजे गोवा पहुंचेगी। गोवा से इंदौर – फ्लाईट 6ई 6738 गोवा से सुबह 11.05 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.45 बजे इंदौर पहुंचेगी।

राखी पर सीएम मोहन यादव की सौगात, लाड़ली बहनों को 250 रुपये शगुन का ऐलान

भोपाल रक्षाबंधन पर मध्यप्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। राखी पर सीएम डॉ. मोहन यादव बहनों को 250-250 रुपये का विशेष शगुन देंगे। यह शगुन लाड़ली बहना योजना के 1250 रुपये के अतिरिक्त होंगे। सीएम डॉ. यादव बहनों को यह राशि 7 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से दोपहर करीब 2:45 पर जारी करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं को अपना मान-सम्मान मानती है। इसलिए वह उनके सल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव खुद इस बात को कई बार कह चुके हैं कि उनकी सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। गौरतलब है कि इस बार राखी पर लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तरफ से शगुन का उपहार मिलेगा। सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में इस बात पर विशेष जोर दिया था कि 7 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपये की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि यह शगुन रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार स्वरूप है। 250 रुपये की यह राशि हर महीने मिलने वाली 1250 रुपये से अतिरिक्त होगी। सीएम डॉ. मोहन यादव का कहना है कि महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। इस तरह लगातार बढ़ती जाएगी राशि बता दें, मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना के तहत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से बढ़ोतरी होगी। साल 2028 तक महिलाओं को तीन हजार रुपये हर महीने मिलने लगेंगे। इस योजना के तहत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए सरकार हर महीने 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा उनके खातों में ट्रांसफर कर रही है। प्रदेश सरकार दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज पर सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपये से बढ़ाकर हर महीने 1500 रुपये देगी। पीएम मोदी के विजन को साकार कर रहे सीएम डॉ. यादव मध्यप्रदेश सरकार बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के ‍लिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों, स्थानीय-नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध करवा रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इरादों को साकार करने में अथक मेहनत कर रहे हैं। सीएम डॉ. यादव का कहना है कि जैसे मोदी सरकार लोकसभा-विधानसभा में बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है, उसी तरह हमारी सरकार भी महिलाओं के रोजगार और उनकी आर्थिक तरक्की के लिए संकल्पित है।

पीएम सूर्य घर योजना का लाभ बढ़ाने सरकार का कदम, वेन्डर्स होंगे स्किल्ड

भोपाल मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में वेन्डर्स की क्षमता संवर्धन और सोलर रूफटॉप की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये प्रशिक्षण आयोजित कर रहा है। प्रशिक्षण वसुधा फाउन्डेशन के सहयोग से आयोजित किये जायेंगे। प्रदेश के 10 शहरों में अलग-अलग दिनांकों में प्रशिक्षण होंगे। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम से प्राप्त जानकारी अनुसार 11 अगस्त को भोपाल, 13 को इंदौर, 18 को जबलपुर, 20 को ग्वालियर, 22 को सागर, 25 को उज्जैन, 27 को रीवा, 29 को मुरैना, एक सितम्बर को नर्मदापुरम और 4 सितम्बर को शहडोल में निर्धारित स्थानों पर प्रशिक्षण होगा। सभी जिलों के अक्षय ऊर्जा अधिकारियों को भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा

जन-जन को जोड़ें आजादी पर्व से आयोजन और प्रबंधन में कोई कमी न रहे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। यह अवसर हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और योगदान को स्मरण करने तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह-2025 के आयोजन से जुड़ी तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में तय किया गया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रदेश की जनता के नाम संदेश का सभी जिलों में होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाईव प्रसारण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता के नाम संदेश का लाईव प्रसारण पूरा होने के बाद जिलास्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपने संबोधन में जिले में संचालित फ्लैगशिप योजनाओं, विकास कार्यक्रमों, जिले में आए निवेश, कृषि एवं सिंचाई के क्षेत्र में हुए विकास और अन्य उल्लेखनीय गतिविधियों के बारे में भी नागरिकों को जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य एवं जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन पूरे हर्ष उल्लास, गरिमा और जन सहभागिता के साथ हो। विशेष रूप से युवा वर्ग में देशभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय समारोह स्थल पर बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि समारोह में लोकतंत्र सेनानियों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वाधीनता दिवस समारोह में शामिल होकर देशभक्ति के संदेश का प्रसार करें। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल, सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मंत्रीगण द्वारा राज्य एवं जिलास्तरीय स्वाधीनता दिवस समारोह में गरिमा के अनुरूप नवाचारों के संबंध में सुझाव भी दिए गए। अधिकारियों द्वारा समारोह के सुचारु आयोजन के लिए की जा रही व्यापक तैयारियों की सिलसिलेवार जानकारी दी गई।  

बेटी के लिए 25 हजार, बेटे के लिए 20 हजार – जानें योगी सरकार की खास स्कीम और आवेदन का तरीका

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक जनकल्याणकारी पहल की है। यह पहल गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर 25 हजार और बेटे के जन्म पर 20 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। खास बात यह है कि इस योजना से दिव्यांग बालिकाओं को भी लाभ हो रहा। दिव्यांग बालिकाओं के जन्म पर सरकार 50 हजार की सावधि जमा भी कराती है। इस योजना ने हजारों श्रमिक परिवारों को आर्थिक राहत दी है। यदि आप या आपके जानने वाले इस योजना के पात्र हैं, तो तुरंत आवेदन करें और इसका लाभ उठाएं। क्या है मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना? मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संतान के जन्म पर आर्थिक राहत देना है। यह योजना खासकर उन मजदूर परिवारों के लिए लाभकारी है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत रोजाना की मेहनत-मजदूरी है। योजना की मुख्य विशेषताएं बेटे के जन्म पर 20 हजार की सहायता राशि बेटी के जन्म पर 25 हजार की सहायता राशि दिव्यांग बालिका के लिए 50 हजार की सावधि जमा महिला श्रमिक को अस्पताल में प्रसव के बाद 3 महीने की न्यूनतम वेतन राशि और 1 हजार चिकित्सा बोनस बेटियों के लिए ज्यादा मदद क्यों? सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यही वजह है कि बेटे की तुलना में बेटी के जन्म पर 5 हजार अधिक रूपये दिए जाते हैं। यदि पहली या दूसरी संतान बेटी है, या कानूनी रूप से गोद ली गई बालिका है, तब भी 25 हजार की सावधि जमा का प्रावधान है। दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष प्रावधान यदि जन्म से कोई बालिका दिव्यांग है, तो सरकार उसकी आर्थिक मदद के लिए 50 हजार की सावधि जमा करती है। यह राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने पर मिलती है।  योजना के लिए पात्रता शर्तें  श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन तक निर्माण कार्य किया होना अनिवार्य है। पंजीकरण शुल्क: 20 रूपये वार्षिक अंशदान: 20 रूपये   योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़  आधार कार्ड पासपोर्ट साइज फोटो आवेदन कैसे करें: निकटतम जन सेवा केंद्र (CSC) से आवेदन करें या www.upbocw.in पर ऑनलाइन फॉर्म भरें  

भोपाल गैस त्रासदी: गंभीर बीमार पीड़ितों की अनदेखी पर अब हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

भोपाल  भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े एक अहम मामले की अब सुनवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में होने जा रही है। यूनियन कार्बाइड गैस लीक से प्रभावित हजारों लोगों को गलत तरीके से मामूली चोट या अस्थायी विकलांगता बता कर मुआवजा कम दिए जाने का आरोप है। पीड़ित संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में की गई। अपील के बाद अब यह मामला जबलपुर हाईकोर्ट पहुंचा है। यहां इसकी सुनवाई 11 अगस्त को होगी। गंभीर पीड़ितों को मामूली घायल बताकर मुआवजा घटा भोपाल गैस पीड़ित महिला-पुरुष संघर्ष मोर्चा समेत कई संगठनों ने आरोप लगाया है कि हजारों पीड़ितों को, जिनकी सेहत पर गैस रिसाव का गहरा असर हुआ था, उन्हें जानबूझकर अस्थायी विकलांगता या मामूली चोट की श्रेणी में डाल दिया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि उन्हें नाममात्र का मुआवजा मिला। इससे न तो उनका इलाज ठीक से हो पाया और न ही वे अपनी पीड़ा के लिए न्याय पा सके। सुप्रीम कोर्ट ने कहा – हाईकोर्ट तय करे मामला पीड़ितों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि केंद्र सरकार यह जांच कराए कि किन पीड़ितों को गलत तरीके से वर्गीकृत किया गया है। उन्हें उचित मुआवजे की श्रेणी में रखा जाए ताकि उनका इलाज और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा था कि हाईकोर्ट इस मुद्दे का फैसला तथ्यों के आधार पर करे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि पीड़ितों को अपनी बात रखने का उचित मंच मिलना चाहिए। भोपाल गैस त्रासदी पीड़ित मुआवजा मामले पर एक नजर… भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े मामले की सुनवाई अब 11 अगस्त को जबलपुर हाईकोर्ट में होगी, जिसमें पीड़ितों को कम मुआवजा दिए जाने के आरोपों की जांच की जाएगी। गैस लीक से गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को जानबूझकर मामूली चोट या अस्थायी विकलांगता की श्रेणी में डालकर उन्हें कम मुआवजा दिया गया, जिससे उनका इलाज और पुनर्वास प्रभावित हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच हाईकोर्ट को सौंपते हुए कहा कि पीड़ितों को न्याय पाने का उचित मंच मिलना चाहिए और उचित मुआवजा मिलना चाहिए। पीड़ित संगठनों का आरोप है कि कैंसर, किडनी फेलियर जैसे गंभीर मामलों वाले लोगों को भी मामूली चोट का शिकार बताया गया, जबकि उन्हें स्थायी विकलांगता की श्रेणी में होना चाहिए था। पीड़ित संगठनों ने सरकार की चूक और सिस्टम की बेरुखी को उजागर किया, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में मुआवजा अपर्याप्त होने पर जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डाली थी। आज 6 अगस्त को यह मामला जबलपुर हाईकोर्ट की मुख्य पीठ में लिस्ट हुआ था, लेकिन चीफ जस्टिस की बेंच अनुपलब्ध होने के कारण जस्टिस अतुल श्रीधर की डिविजनल बेंच ने इसे अगली सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तारीख दे दी है। अब इसी दिन यह तय होगा कि आगे केस की सुनवाई कैसे चलेगी। कैंसर और किडनी फेलियर के मरीज भी गिनाए गए मामूली पीड़ितों में! पीड़ित संगठनों ने अदालत को बताया कि उनके पास ऐसे दर्जनों मामलों के प्रमाण हैं। इनमें मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस के कारण कैंसर, किडनी फेलियर और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को भी मामूली या अस्थायी चोट का पीड़ित बताया गया है। उनका कहना है कि इन्हें स्थायी विकलांगता की श्रेणी में शामिल किया जाना चाहिए था।   सरकार की चूक, सिस्टम की बेरुखी याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि जुलाई 2023 में जब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की सुधारात्मक याचिकाएं खारिज की थीं, तो यह स्पष्ट कर दिया गया था कि यदि मुआवजा अपर्याप्त है, तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की ही होगी। पीड़ित अब इस नई कानूनी लड़ाई में उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें देर से ही सही, लेकिन न्याय जरूर मिलेगा।

यूपी में बढ़ी कांग्रेस की हलचल, 8 से शुरू होगी ‘जय हिंद यात्रा’

लखनऊ  भाजपा के घर-घर तिरंगा अभियान के बीच कांग्रेस ने जय हिंद यात्रा निकालने का फैसला किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में भी पार्टी अपनी सक्रियता बढ़ाएगी। प्रदेश में ब्लाक स्तर पर जाने की तैयारी में लगी कांग्रेस ने अगस्त महीने को कैश कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए अपने पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास करेगी। जय हिंद यात्रा की शुरुआत आठ अगस्त को लखनऊ में काकोरी के शहीद स्मारक से होगी। पार्टी मुख्यालय में गुरुवार को प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय जोनल समन्वयकों के साथ संगठन सृजन को लेकर बैठक करेंगे।   उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अगस्त का महीना क्रांतिकारियों का महीना है। हमारे नेता महात्मा गांधी ने आठ अगस्त 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ो की घोषणा की थी। प्रदेश कांग्रेस आठ अगस्त को काकोरी स्थित शहीद स्मारक पर तिरंगा लहराने के साथ ही जय हिंद यात्रा की शुरुआत करेगी। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि 28 अगस्त तक 16 जिलों में जय हिंद यात्रा निकाली जाएगी। राय ने अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने पर भाजपा नेताओं के लोगों को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाने व बाढ़ के मुद्दे को लेकर सवाल भी उठाए। राय ने कहा कि आठ अगस्त, 1942 को महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ का नारा देकर अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत की थी। प्रदेश कांग्रेस हर वर्ष की तरह इस बार भी अगस्त माह में स्वतंत्रता सेनानियों व देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानियों को नमन करेगी। लखनऊ से अभियान की शुरूआत के बाद नौ अगस्त को प्रयागराज, 10 अगस्त को आगरा व मुरादाबाद, 11 अगस्त को अयोध्या, 12 अगस्त को आजमगढ़, 14 अगस्त को मैनपुरी, 15 अगस्त को मऊ, 16 अगस्त को चंदौली व जौनपुर, 17 अगस्त को वाराणसी, 18 अगस्त को गाजीपुर व सीतापुर, 19 अगस्त को बलिया, 23 अगस्त को गोरखपुर व 28 अगस्त सैय्यद राजा चंदौली में जय हिंद यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। राय ने स्वदेशी व बाढ़ के मुद्दे पर भाजपा पर हमला भी बोला। अजय राय ने कहा कि घर-घर तिरंगा फहराने की बात करने वाली भाजपा अमेरिका के ट्रैरिफ बढ़ाने पर अब स्वदेशी अपनाने की बात कह रही है। राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर अन्य बड़े नेता जनता को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिला रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री विदेशी ब्रांड का चश्मा पहनते हैं। योगी व उनके मंत्री विदेशी कंपनियों की गाड़ियों से चलते हैं। आरोप लगाया कि भाजपा की आइटी टीम चीनी के बने कंप्यूटर व मोबाइल फोन इस्तेमाल करती है। चीन से व्यापार में भारत का घाटा 100 बिलियन डालर तक पहुंच गया है। प्रदेश में बाढ़ पीड़ितों को राहत नहीं पहुंचाई जा रही है। भाजपा के नेताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों का साथ दिया था। अब भाजपा भारत माता के सपूत बनने का नाटक करती है। अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा के आइटी सेक्टर में चीन के बने कंप्यूटर व मोबाइल फोन इस्तेमाल हो रहा है। चीन के साथ व्यापार 100 बिलियन डालर का है और भाजपा देश को ठगने का काम कर रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस ने भाजपा के तिरंगा यात्रा के जवाब में प्रदेश में जय हिंद निकालने की योजना बना ली है। इस यात्रा में कांग्रेस के बड़े नेता भी शामिल होंगे।

एनीमिया मुक्त भारत की ओर कदम, दंतेवाड़ा में स्वास्थ्य मंत्री ने किया रथ का शुभारंभ

रायपुर, प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टरेट परिसर से “एनीमिया मुक्त रथ” को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। यह रथ जिले में एनीमिया की रोकथाम एवं जन जागरूकता के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, जो ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों को एनीमिया के लक्षण, कारण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देगा। इस अवसर पर अध्यक्ष सीजीएमएससी दीपक महस्के, विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं प्रियंका शुक्ला, कलेक्टर कुणाल दुदावत, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा तथा स्वास्थ्य एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने पर चर्चा, मंत्री परमार ने की बैठक की अगुवाई

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में बुधवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई। बैठक में विधायक सर्वश्री हरिबब्बू राय, इंजीनियर श्री नरेंद्र प्रजापति, श्री अशोक रोहाणी, डॉ तेज बहादुर चौहान, डॉ राजेंद्र पाण्डेय (राजू भैया), प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार श्री मनीष सिंह, संचालक कौशल विकास श्री गिरीश शर्मा और आयुक्त तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार श्री अवधेश शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में शासकीय योजनाओं, गतिविधियों एवं कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के सुझाव विधायकों ने दिये। विधायकों ने स्थानीय उद्योग जगत की मांग एवं स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप संस्थान एवं पाठ्क्रमों के संचालन के सम्बन्ध में भी महत्वपूर्ण परामर्श दिए। इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक एवं आईटीआई संस्थानों में अधिकाधिक सीट भरने के लिए आवश्यक सुझाव भी विधायकों ने दिए। तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री परमार ने विधायकगणों से प्राप्त विभिन्न सुझावों के अनुरूप आवश्यक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन के लिए सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पिछली बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक एवं आईटीआई महाविद्यालयों में प्रवेश का अद्यतन परिदृश्य, तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार संचालनालय अंतर्गत संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं ग्लोबल स्किल्स पार्क की गतिविधियों, संस्थान एवं पाठ्यक्रम, विभिन्न छात्रवृत्ति, पदपूर्ति की प्रकिया एवं भर्तियों की अद्यतन स्थिति, विभागीय कार्यों एवं नवाचारों पर क्रियान्वयन, संकल्प पत्र के अनुरूप विभागीय क्रियान्वयन की प्रगति, विभिन्न बोर्ड अंतर्गत संचालित योजनाओं, विभिन्न इंटर्नशिप योजनाओं, स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन, रोजगार मेला एवं विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन और रोजगार से जुड़े विविध विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। स्थानीय एवं उद्योग जगत की मांग एवं आवश्यकतानुरूप संस्थान एवं पाठ्यक्रमों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।