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विकसित भारत बनाने के लिए युवा अपनी ऊर्जा का समुचित उपयोग करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वदेशी अपनायें, स्वाध्यायी बनें, समय का प्रबंधन करें और हमेशा कुछ बड़ा करने की सोचें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव खरगौन के कपास और मिर्ची आधारित रोजगारपरक उद्योगों के लिए सरकार दे रही है सहायता विकसित भारत बनाने के लिए युवा अपनी ऊर्जा का समुचित उपयोग करें रोजगार आधारित उद्योग लगाने में सरकार देगी मदद गौपालन को बढ़ावा देकर दुग्ध-उत्पादन के जरिये गौपालकों को बनाएंगे आत्मनिर्भर बड़ी गौशालाओं का प्रबंधन करेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने खरगौन में अभ्युदय विश्वविद्यालय का शुभारंभ कर विद्यार्थियों से किया संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ.  मोहन यादव ने कहा है कि भारत को विकसित बनाने में युवाओं का सबसे बड़ा योगदान होगा। इतिहास गवाह है कि क्रांतियों के सूत्रधार हमेशा युवा ही रहे हैं। भारत और मध्यप्रदेश को विकसित बनाने में हमारे युवाओं को अपनी असीम ऊर्जा का देश और समाज के नवनिर्माण में समुचित उपयोग करना सीखना होगा। यह हमारी जिम्मेदारी भी है और जरूरत भी। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने कहा कि युवाओं को चाहिए कि वे देश से प्रेम करें। अपने ज्ञान, प्रतिभा का यहीं पर प्रदर्शन कर माटी का कर्ज चुकायें। उन्होंने युवाओं को प्रगति का मार्ग बताते हुए कहा कि युवा स्वदेशी अनपाने की ओर बढ़ें, रोजाना स्वाध्याय करें। अपने समय का समुचित तरीके से प्रबंधन करें जिससे एक-एक मिनिट का उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में कुछ बनना है तो हमेशा बड़ा करने की सोचें, बड़े सपने देखें और इन सपनों को पूरा करने के लिए प्राण-प्रण से जुट जायें। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव शनिवार को खरगौन में रेनेसां ग्रुप इंदौर द्वारा स्थापित अभ्युदय विश्वविद्यालय के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं परिसर में श्रीराम दरबार की स्थापना कर विश्वविद्यालय का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ.  विक्रम परमार को उनकी समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने युवा संवाद में दिया छात्रों को मार्गदर्शन विश्वविद्यालय के छात्रों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन मांगा। कंप्यूटर साइंस के छात्र निखिल यादव ने मुख्यमंत्री से पूछा कि विकसित भारत 2047 की अवधारणा में मध्य प्रदेश के युवा अपनी क्या भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि युवा अपनी पसंद के क्षेत्र में पढ़ाई पूरी करें और आदर्श किसान, शिक्षक, उद्योगपति अथवा राजनेता बनने का सपना देखें। आपके सपने सच करने के लिए राज्य सरकार आपके साथ खड़ी है। कृषि विज्ञान की छात्रा सीमा यादव ने पूछा कि जनजातीय समुदाय में आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्या काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने बताया कि खरगोन जिले में दो कृषि विद्यालयों की स्थापना कर उन्नत खेती के गुर सिखाए जा रहे है। मिर्ची एवं अन्य स्थानीय कृषि उत्पादों के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग तथा टेक्सटाइल उद्योग लगाने में सरकार सहायता दे ही है। एमबीए के छात्र मयंक अधिकार ने मुख्यमंत्री से उनकी व्यस्त दिनचर्या के प्रबंधन कौशल के बारे में जानना चाहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्याप्त नींद लेना, अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखन और प्रतिदिन पुस्तकें पढ़ कर नया सीखने की आदत डालना सफलता की कुंजी है। विद्यार्थी अपने लक्ष्यों के लिए चरणबद्ध रूप से काम करें और उन्हें समय पर पूरा करने के प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं अन्यजनों को मध्यप्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग की स्थापना करने पर निवेशकों और उद्योगपतियों को भरपूर मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के हर नागरिक को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है, इसके लिए हमने गौपालन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए वर्तमान दुग्‍ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य के लिए हमने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। इसमें किसानों और गौपालकों को डेयरी शुरू करने के लिए भरपूर अनुदान दिया जा रहा है। इन सभी प्रयासों से दुग्ध उत्पादन में तेजी लाकर हम सभी गौपालकों को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍ कि सरकार ने कामधेनु योजना में राज्य सरकार 25 से अधिक गायों पर 40 लाख के लोन पर 10 लाख रूपये का अनुदान दे रहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी बड़ी ग्राम पंचायतों एवं नगर पालिका/नगर निगमों में बड़ी गौशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन गौशालाओं का प्रबंधन सरकार अपने स्तर पर करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गंभीर मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस के साथ ही गौमाता के लिए भी गौ-एम्बुलेंस शुरू की है। अगर कोई संगठन बड़ी गौशालाएं बनाना चाहते हैं, तो उन्हें 130 एकड़ जमीन देंगे। प्रदेश में ऐसी 20 बड़ी गौशालाएं स्थापित की जा रही हैं।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अभ्युदय विश्वविद्यालय परिसर में राम दरबार स्थापित करने का मौका मिला। भारतीय परंपरा ऐसी है कि हम नदी, पहाड़, पेड़ को भी भगवान मानकर पूज लेते हैं। सरकार ने खरगौन में पहले टंट्या मामा के नाम से क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय बनाया, अब दूसरे अभ्युदय विश्वविद्यालय की शुरुआत खरगौन में हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूछा कि त्यौहार और पर्व में क्या अंतर है? जवाब भी मुख्यमंत्री ने ही दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में जब हम ईश्वर की उपवास करके आराधना करते हैं, तो उसे पर्व कहा जाता है और जब दूसरों के साथ खुशियां बांटने तथा खान-पान की पूरी छूट मिले, तो उसे त्यौहार कहते हैं। मुख्यमंत्री ने पूछा कि भगवान राम के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण कौन सा था? जवाब में उन्होंने ही बताया कि जब महर्षि विश्वामित्र ने जंगल में राक्षसों को मारने के लिए महाराज दशरथ से उनके सुकुमारों राम और लक्ष्मण को मांग लिया। विश्वामित्रजी उनके गुरु थे और उन्होंने युवाशक्ति पर ही विश्वास जताया। भगवान श्रीराम ने निशाचरों का अंत किया। विश्वामित्र ने श्रीराम को समाज के हर वर्ग और उनकी पीढ़ा से परिचय कराया। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने राजपाठ छोड़कर जंगल जाना स्वीकार किया। शबुरी के जूठे बेर खाकर उनके साथ प्रेम और निषादराज को गले लगाकर उनसे मित्रता … Read more

सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता, मेहनत और संघर्ष जरूरी है – मुख्यमंत्री डॉ यादव

सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता, मेहनत और संघर्ष जरूरी है – मुख्यमंत्री डॉ यादव 12वीं फेल फिल्म को मिला नेशनल अवार्ड मुख्यमंत्री डॉ यादव ने फिल्म निर्माण टीम को दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सफलता शार्टकट से नहीं मिलती। सफलता पाने के लिए मेहनत और संघर्ष करके तपना पड़ता है। तभी इंसान का असली व्यक्तित्व सामने आता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना जिले के निवासी आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा के संघर्ष से सफलता हासिल करने के कथानक पर आधारित फिल्म 12th Fail (12वीं फेल) को 71वें नेशनल फिल्म अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म पुरस्कार का सम्मान मिलने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि यह हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि असफलता को मात देकर, कठोर परिश्रम से आईपीएस अधिकारी बनने तक मनोज कुमार शर्मा का सफर युवाओं को लगन, परिश्रम व प्रयास से सफलता पाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने फिल्म निर्माण की पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी है।

CIMS में अस्वच्छ भोजन पर बवाल, कोर्ट ने मांगा डीन का स्पष्टीकरण

 बिलासपुर  बिलासपुर के मेडिकल कालेज सिम्स के रेजिडेंट डॉक्टर व भविष्य के डॉक्टर का खाना प्रतिबंधित पालीथीन पैकेट में अस्वच्छ जगह में रखे जाने की खबर पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है. मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने मामले में डीन से जवाब तलब किया है. दरअसल, मीडिया में आई खबरों में बताया गया, कि सिम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों और एमबीबीएस छात्रों, जो सिम्स में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए लाए जाने वाले खाद्य पदार्थों को पॉलीथीन बैग में बाहर रखा जाता है और वह भी अस्वच्छ स्थिति में. हाईकोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लेकर सुनवाई की. डीलीवरी बॉय का हॉस्टल में प्रवेश बैन, पार्किंग शेड में छोड़ते हैं पैकेट्स खबरों के मुताबिक प्रत्येक खाद्य पैकेट में एक चिट होती है जिस पर संबंधित रेजिडेंट डॉक्टर/छात्र का नाम लिखा होता है. उक्त खाद्य पैकेट बाहर इसलिए रखे जाते हैं क्योंकि डिलीवरी बॉय को हॉस्टल परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है. हालांकि CIMS में पढ़ने वाले छात्रों के लिए मेस में खाने की व्यवस्था है, लेकिन ज़्यादातर छात्र बाहर से खाना मंगवाना पसंद करते हैं, जो लोग बाहर से खाना पहुंचाते हैं. उन्हें हॉस्टल परिसर में आने की अनुमति नहीं है, इसलिए खाने के पैकेट हॉस्टल के बाहर बने वाहन पार्किंग शेड में छोड़कर चले जाते है. सिम्स के मेस में रोज़ाना खाना बनता है, लेकिन खाने की गुणवत्ता घटिया पाए जाने के बाद ज्यादातर स्टूडेंट्स बाहर से खाना मंगाकर खाते हैं. सिम्स के मुख्य वार्डन के मुताबिक मेस का संचालन सिम्स प्रबंधन द्वारा नहीं किया जा रहा है, बल्कि एक समिति गठित की गई है. रेजिडेंट डॉक्टर और एमबीबीएस छात्र CIMS के मेस/हॉस्टल में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन को ले सकते हैं. मामले को लेकर सिम्स बिलासपुर के डीन अगली सुनवाई से पहले अपना व्यक्तिगत हलफनामा दायर करने कहा गया है. जिसमें यह बताया जाएगा कि इस संबंध में क्या वैकल्पिक व्यवस्थाएँ की गई हैं.

टेमपर-प्रूफ नंबर प्लेट अनिवार्य, अब वाहन मालिकों को हाई-सिक्योरिटी प्लेट लगवाने का सख्त अभियान

भोपाल प्रदेश के पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) अनिवार्य रूप से लगाए जाने के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को इस आशय के आदेश दिये है। प्रदेश में एक अप्रैल 2019 के बाद पंजीकृत वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए है। केन्द्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राज्यमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना 4 दिसम्बर 2018 के अनुसार एक अप्रैल 2019 के बाद सभी पंजीकृत वाहनों में एचएसआरपी प्लेट लगाई जाना अनिवार्य है। वाहन पोर्टल में डाटा अपडेट करने के काम में तेजी लाई जा रही है। परिवहन विभाग ने परिवहन आयुक्त को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए है। प्रदेश भर में दल गठित कर संबंधित वाहन डीलर के माध्यम से एनआईसी वाहन पोर्टल पर अद्यतन स्थिति दर्ज की जायेगी। इसके लिये एक विशेष अभियान चलाया जायेगा। तीन माह में हो नम्बर प्लेट बदलने का कार्य परिवहन विभाग ने एचएसआरपी प्लेट बदलने का कार्य आगामी 3 माह में पूर्ण करने के निर्देश जिला परिवहन अधिकारियों को दिए है। निर्देश में कहा गया है कि अपने जिले के समस्त डीलरों से निरंतर सम्पर्क में रहते हुए वाहनों में एचएसआरपी नम्बर प्लेट लगाई जाए। जिन वाहनों में एचएसआरपी नहीं है उन्हें पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सेंटर द्वारा प्रमाण पत्र, डुप्लीकेट पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी) जारी करने, पंजीकरण प्रमाण पत्र में पता बदलना, शुल्क देकर आरसी विवरण देखना संभव नहीं हो सकेगा। साथ ही वाहनों के स्वामित्व बदलने, हाइपोथिकेशन जोड़ना और हटाना, नवीन-डुप्लीकेट परमिट जारी करना, परमिट का हस्तांतरण और नवीनीकरण, कराधान प्राधिकार के साथ अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करना और वाहन का पंजीयन निरस्तीकरण करना संभव नहीं हो सकेगा। निर्देश में कहा गया है कि वाहन की स्थाई-अस्थायी अनुज्ञाएं जारी करने, डुप्लीकेट फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने, वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करना, वाहनों के पंजीयन नवीनीकरण करने के साथ ही वाहन पोर्टल के माध्यम से दी जाने वाली सभी सुविधाएं मोटर मालिकों को नहीं मिल सकेंगी। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि एचएसआरपी नंबर प्लेट होने से इन्फोर्समेंट के तहत लगाए गए कैमरे में दर्ज हो पायेंगी। इससे रोड सेफ्टी का भी पालन हो पायेगा। जिला परिवहन अधिकारियों को इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग के लिये भी कहा गया है।  

सड़क दुर्घटना में घायल तो घबराएं नहीं, अस्पताल करेगा फौरन इलाज, खर्च उठाएगा प्रशासन

भोपाल  सड़क दुर्घटना में घायल (road accident patients) व्यक्ति को तत्काल अस्पताल को उपचार देना होगा फिर भले ही पीड़ित की ओर से राशि जमा हुई हो या नहीं। उपचार शुल्क जमा होने या परिजनों के आने के इंतजार में अस्पताल पीड़ित का इलाज करने से इंकार नहीं कर सकता है। घायल के उपचार के एवज में उज्जैन कलेक्टर डेढ़ लाख रुपए तक अस्पताल को स्वीकृत कर सकेंगे।  कलेक्टर ने बुलाई बैठक सडक़ हादसे में घायलों की जान उपचार की कमी से न जाए, इसके लिए शासन ने दो महत्वपूर्ण योजना नकद रहित उपचार और राहवीर योजना शुरु की है। जीवन रक्षक उक्त योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार के लिए शुक्रवार को कलेक्टर रौशनकुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने स्वास्थ्य व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। कलेक्टर ने आपात स्थिति, ट्रॉमा सेंटर, एम्बुलेंस सेवा 108 के संचालकों, डायल 100 सेवा में कार्य करने वाले कर्मचारियों को संवेदनशीलता से कार्य करने और उक्त कार्य करने वाले कर्मचारियों को राहवीर योजना संबंधित जागरुक करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार पटेल, आरटीओ संतोष मालवीय, सभी बीएमओ, निजी चिकित्सालयों के प्रबंधक मौजूद थे। ई-डार पोर्टल से संचालित होती है योजना ई-डार पोर्टल बनाया गया है। इस पर सभी आवश्यक जानकारियां अपलोड करना होती है। कलेक्टर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों की ई-डार पोर्टल की लॉग इन आईडी निर्मित बनाने, साथ ही पोर्टल के उपयोग के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला करने के निर्देश दिए।   राहबीर योजना इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर (पहले 1 घंटे) में तुरंत अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले सज्जन नागरिकों को प्रोत्साहन राशि 25 हजार रुपए व प्रशंसा पत्र प्रदान करना है। योजना अंतर्गत टॉप 10 राहवीरों को राष्ट्रीय स्तर पर 1 लाख रुपए, इनाम, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र से भी सम्मानित किया जाएगा।  नकदरहित उपचार इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तुरंत और नकदरहित (कैशलेस) इलाज की सुविधा, गंभीर घायलों को शुरुआती गोल्डन ऑवर के दौरान समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना में प्रारंभिक उपचार के लिए 1.5 लाख रुपए तक की राशि का नकदरहित उपचार प्रदान किया जाएगा। तत्काल इलाज के लिए दस्तावेज जरुरी नहीं।

स्वतंत्रता दिवस पर ‘हर घर तिरंगा’ की धूम, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 2 से 15 अगस्त तक कार्यक्रम

गौरेला पेंड्रा मरवाही भारतीय ध्वज तिरंगा राष्ट्र का प्रतीक है। इस 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर "हर घर तिरंगा" कार्यक्रम का आयोजन तीन चरणों में 2 से 15 अगस्त तक जाना है। प्रथम चरण 2 से 8 अगस्त, द्वितीय चरण 9 से 12 अगस्त और तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त 2025 तक किया जाना है, जो "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग थीम पर आधारित होगा। इसके अंतर्गत सभी भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि आमजन में देश भक्ति की भावना विकसित हो तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान में वृद्धि हो।           हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता कार्यक्रम अंतर्गत विभिन्न गतिविधिया संचालित करने के लिए संस्कृति विभाग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। निर्देश में कहा गया है कि जिले के अन्तर्गत सार्वजनिक उपक्रमों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों आदि के समस्त कर्मचारियों एवं उनके परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। कार्पोरेट और निजी संगठनों को भी सीएसआर संसाधनों सहित भाग लेने और योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करना। राज्य सरकार की वेबसाइटों और सोशल मीडिया का उपयोग कर जागरूकता का निर्माण करें तथा "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग" आयोजित कार्यक्रम को वेबसाइट https://harghartiranga.com/ के माध्यम से लिंक करें। शासन स्तर पर मॉनिटरिंग कर ग्राम सरपंचों एवं नगरीय निकाय के अन्य सदस्य एवं पदाधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित कर तिरंगा कोड को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त तिरंगा की मांग अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करें। शासकीय स्तर पर प्रत्येक गाँव में तिरंगा वितरण और बिक्री केन्द्र स्थापित करें। स्थानीय स्व-सहायता समूहों को तिरंगा के निर्माण के लिए प्रोत्साहित करें। ग्राम पंचायतों द्वारा बड़े पैमाने पर समूह में खरीदी को प्रोत्साहित करें। राज्य के सभी जिलों में तिरंगा के वितरक, बिक्री केन्द्र के रूप में पोस्ट आफिस, उचित मूल्य की दुकान का विशाल नेटवर्क स्थापित करें। टोल नाका, चेक पोस्ट आदि में पैम्पलेट स्टीकर वितरण सुनिश्चित करें।         भारत सरकार द्वारा  चरणबद्ध दिए गए गतिविधियों जैसे समस्त शासकीय भवनों एवं संस्थानों आवासीय भवनों में तिरंगा लाईटिंग, रंगोली, सेल्फी जोन एवं तिरंगा फहराना एवं पैम्पलेट, बैनर स्टेडिज आदि के माध्यम से "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग" कार्यक्रम को सफल बनाने स्थानीय भाषाओं में प्रमुखता से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग" कार्यक्रम अंतर्गत सतत् मॉनिटरिंग के लिए भारत सरकार एवं शासन के दिशा निर्देश अनुरूप अपने स्तर पर कार्यवाही करना सुनिश्चित कर तिरंगा वितरण की कार्यवाही एवं नोडल अधिकारी की जानकारी उपलब्ध कराए गए लिंक में अपलोड करावें।  स्वतंत्रता सप्ताह 2 से 15 अगस्त के दौरान "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता : स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग" कार्यकम के सफल कियान्वयन हेतु सभी दिशा-निर्देश का कड़ाई से पालन कराया जाना सुनिश्चित करने कहा गया है।

शिवभक्ति का महासैलाब: सीहोर से निकलेगी विशाल कांवड़ यात्रा, पुष्पवर्षा से होगा स्वागत

सीहोर  सावन मास के पावन अवसर पर सीहोर का कुबेरेश्वरधाम देश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा का साक्षी बनने जा रहा है। सीवन नदी से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक का संपूर्ण मार्ग 'बोल बम' के नारों और शिवभक्तों के जयघोष से गूंज उठा है। पं. प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस यात्रा के दौरान इस बार विशेष आकर्षण के रूप में हेलिकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की जाएगी। हर कदम पर सेवा, श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा से स्वागत यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर सेवा पंडाल लगाए गए हैं, जहां भक्तों को चाय, नाश्ता और पेयजल की सुविधा दी जा रही है। स्थानीय निवासी भी श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत कर रहे हैं। इस बार यात्रा में देशभर से दो दर्जन से अधिक हाई-टेक डीजे शामिल किए गए हैं। इनमें सीहोर का बाबा डीजे, झारखंड का सार्जन डीजे, उत्तर प्रदेश का रावण डीजे, दिल्ली का कसाना डीजे, महाराष्ट्र का प्रशांत डीजे और इंदौर का श्याम बैंड प्रमुख हैं। ये डीजे भक्ति संगीत और धमाकेदार धुनों से भक्तों को झूमने पर मजबूर कर देंगे। भारत की सबसे बड़ी भोजनशाला से बंटेगी प्रसादी विठलेश सेवा समिति के व्यवस्थापक समीर शुक्ला ने बताया कि लाखों की संख्या में कांवड़िये देश के विभिन्न राज्यों से यहां पहुंच रहे हैं। इनके लिए देश की सबसे बड़ी भोजनशाला से प्रसादी वितरित की जाएगी। यह आयोजन शिवभक्ति के महाकुंभ का स्वरूप ले चुका है। विठलेश सेवा समिति के संयोजक मनोज दीक्षित ने कहा कि यह आयोजन कलियुग में शिव युग की वापसी जैसा प्रतीत हो रहा है। बीते 20-25 दिनों में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु सीवन नदी से जल लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंच चुके हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर चुके हैं। हर आयु वर्ग में उमंग, लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल हो रहे हैं। पूरे क्षेत्र में भगवान शंकर के भजन, ढोल-नगाड़ों, डमरू और डीजे की धुनें गूंज रही हैं। 6 अगस्त को सुबह 9 बजे मुख्य यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। जिला कलेक्टर बालागुरु के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने सीवन नदी घाट और यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए होमगार्ड, मोटरबोट, फायर ब्रिगेड और सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं। यातायात सुचारु रखने के लिए पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।  

हाथियों से बचाव के लिए तकनीक का सहारा, MP सरकार ने लॉन्च किया ‘गजरक्षक’ ऐप

उमरिया जंगली हाथियों से जंगलों के नजदीकी गांवों की सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश वन विभाग ने गजरक्षक एप तैयार कराया है। इसे लांच कर दिया गया है। एप बताएगा कि हाथियों की लोकेशन कहां है। इससे मानव-हाथी द्वंद्व टाला जा सकेगा। बाघ दिवस (29 जुलाई) पर जारी एप को ग्रामीणों के साथ ही विभागीय अमले के मोबाइल फोन में डाउनलोड कराया जा रहा है। एप से आम लोगों को भी हर पल हाथियों की लाइव लोकेशन के साथ ही नोटिफिकेशन मिलेंगे। इससे उस क्षेत्र के लोग सतर्क हो सकेंगे। बता दें कि नवंबर 2024 में मप्र में पहली बार दो जंगली हाथियों को रेडियो कालर पहनाई गई थी। ये हाथी दल में शामिल रहते हैं। वन विभाग का दल इनकी लाइव लोकेशन भेजेगा। ग्रामीणों पर हमले की हो चुकी हैं घटनाएं यह भी बता दें कि पिछले कुछ दिनों में गांवों और ग्रामीणों पर हमले की तमाम घटनाएं हो चुकी हैं। हाथियों के हमले में कई लोग जान गंवा चुके हैं। इससे लोगों में हाथियों के प्रति गुस्सा है। अक्टूबर 2024 में उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिनों के अंदर दस हाथियों की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत का मामला देशभर में सुर्खियों में रहा था। तब इस घटना को मानव-हाथी द्वंद्व का परिणाम कहा गया था। बाद में जांच में पता चला था कि हाथियों की मौत विषाक्त कोदो खाने से हुई थी। यही कारण है कि वन विभाग चाहता है कि द्वंद्व न हो। ग्रामीण और हाथी दोनों सुरक्षित रहें। इसके लिए अब एप का सहारा लिया जा रहा है। सात साल पहले झारखंड और छग से आया था 60 हाथियों का दल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अगस्त 2018 में झारखंड और छत्तीसगढ़ से आया 60 हाथियों का दल अब यहीं का हो गया है। दल के यहीं बसने से उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिलों के जंगली क्षेत्र से लगे गांवों में आए दिन इनकी दहशत की खबरें आती रहती हैं। खासकर कच्चे घरों में रहने वाले ग्रामीणों को हर समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जब हाथी घर के पास पहुंच जाते हैं तब इनकी मौजूदगी पता चलती है। हाथी दल अनाज खाने के साथ ही घरों को तोड़कर भी चले जाते हैं। अब एप में आए नोटिफिकेशन के मिलते ही खतरे का आकलन हो सकेगा और बचाव के उपाय किए जा सकेंगे। इससे मानव-हाथी द्वंद्व की स्थिति से बचा जा सकेगा। मप्र के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वाइल्ड लाइफ) सुभरंजन सेन का कहना है कि गजरक्षक एप न सिर्फ उन क्षेत्रों में रहने वालों की सुरक्षा के लिए है जहां जंगली हाथियों का ज्यादा प्रभाव है, बल्कि हाथी-मानव द्वंद्व में कमी लाने और हाथी-मानव सुरक्षा के लिए भी है। अब तक हुए यह प्रयास सोलर पावर फेंसिंग, सेंसर अलार्म, हाथी मित्र दलों का गठन, वॉट्सएप ग्रुप बनाकर मॉनीटरिंग, जागरूकता के लिए स्थानीय स्तर और राष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाएं की जा चुकी हैं।

कुंभ को देखते हुए उज्जैन के 5 स्टेशनों में बड़े बदलाव, कलेक्टर ने दिए निर्देश

उज्जैन  सिंहस्थ 2028 महाकुंभ के आयोजन को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। इसी क्रम में शनिवार को कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उज्जैन सहित आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और रेलवे स्टेशन से मेला क्षेत्र तक आवागमन को सुगम बनाना रहा। निरीक्षण की शुरुआत उज्जैन के मुख्य रेलवे स्टेशन से की गई। इसके बाद कलेक्टर ने निरीक्षण यान के माध्यम से विक्रमनगर, नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, चिंतामण गणेश सहित अन्य स्टेशनों का दौरा किया। उन्होंने सभी स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रियों के लिए आगमन और निर्गमन के मार्ग अलग-अलग रखने और स्टेशनों से सीधे मेला क्षेत्र तक आवागमन के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा। निरीक्षण के दौरान चिंतामण गणेश स्टेशन पर एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का विस्तार करने तथा चिंतामण से शनि मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर स्थित लेवल क्रॉसिंग पर नया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाए जाने पर चर्चा हुई। पिंगलेश्वर स्टेशन को दोनों ओर से जोड़ने के लिए 10 मीटर चौड़ी कनेक्टिविटी रोड का निर्माण किया जाएगा। वहीं, वर्तमान में निर्माणाधीन अंडरपास के पास एक और अंडरपास बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया। पंवासा फ्लैग स्टेशन को एनएचएआई मार्ग से जोड़ने के लिए स्टेशन तक सर्विस रोड बनवाई जाएगी। प्लेटफार्म क्रमांक 2 से मक्सी मार्ग तक सर्विस लेन का विस्तार भी किया जाएगा। नईखेड़ी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म का विस्तार करने के साथ यात्रियों के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट मार्ग बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त दोनों ओर एप्रोच रोड और एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है। वहीं मोहनपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ROB के दोनों ओर सर्विस रोड के निर्माण की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ जयति सिंह, नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक, ईई पीडब्ल्यूडी गौतम अहिरवार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। रेलवे विभाग से सिंहस्थ मेला अधिकारी कुंजीलाल मीना, पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमती हीना वी. केवलरामानी, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) पीयूष पांडे, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक आलोक चतुर्वेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी निरीक्षण में शामिल रहे। सिंहस्थ कुम्भ को लेकर कलेक्टर सिंह के साथ जिला पंचायत सीईओ जयती सिंह, नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक, रेलवे विभाग से सिंहस्थ मेला अधिकारी कुंजीलाल मीना, पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हीना वी. केवलरामानी और अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर रोशन सिंह सभी अधिकारियों के साथ उज्जैन के मुख्य रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण यान से विक्रमनगर, नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, चिंतामण गणेश एवं अन्य स्टेशनों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने संभावना को देखते हुए सभी स्टेशन पर यात्रियों की क्षमता वाले होल्डिंग एरिया बनाने, यात्रियों की सुविधा के लिए एंट्री और एग्जिट मार्ग को अलग-अलग रखने तथा स्टेशन से सीधे मेला क्षेत्र तक सुगम अवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के कलेक्टर में ये निर्देश भी दिए     चिंतामण गणेश स्टेशन पर एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का विस्तार किए जाने साथ ही, चिंतामण से शनि मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्थित लेवल क्रॉसिंग पर एक नया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाने।     पिंगलेश्वर स्टेशन को दोनों ओर से जोड़ने के लिए 10 मीटर चौड़ी कनेक्टिविटी रोड।     निर्माणाधीन अंडरपास के पास एक और अंडरपास का निर्माण किया जाने।     पंवासा फ्लैग स्टेशन को NHAI मार्ग से जोड़ने के लिए स्टेशन तक सर्विस रोड का निर्माण।     प्लेटफार्म क्रमांक 2 से मक्सी मार्ग तक सर्विस लेन का विस्तार किए जाने हैं।     नईखेड़ी स्टेशन पर प्लेटफार्म का विस्तार किए जाने हैं।     यात्रियों की सुविधा के लिए एंट्री और एग्जिट मार्ग अलग-अलग करने तथा दोनों ओर एप्रोच रोड और एक ROB भी बनाए जाने और मोहनपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ROB के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण सुनिश्चित किए जाने पर चर्चा की गई।  

शिकोहपुर लैंड डील केस में वाड्रा पर बढ़े दबाव, ED का दावा— ‘क्राइमिंग से हुई संपत्ति की खरीद’

नई दिल्ली दिल्ली की एक अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने वाड्रा का ये नोटिस शिकोहापुर जमीन मामले को लेकर दिया है. ईडी ने इस मामले कोर्ट को बताया था कि रॉबर्ट वाड्रा की स्काईलाइड कंपनी ने उच्च अधिकारियों के दबाव में व्यावसायिक आवास विकास के लिए लाइसेंस हासिल किया.  ईडी ने कोर्ट के सामने तर्क दिया कि लाइसेंस की फाइलों को जल्दबाजी में संसाधित किया गया और वित्तीय क्षमता की जांच नहीं की गई. लाइसेंस अनुचित प्रभाव और पूर्व-आवश्यकताओं को दरकिनार करके प्राप्त किया गया. ED ने वाणिज्यिक लाइसेंस जारी करने के लिए ज़िम्मेदार सरकारी अधिकारियों के बयान भी पेश किए.कंपनी ने चार स्तर पर पैसे लिए.  रॉबर्ट वाड्रा पर ED के गंभीर आरोप राउज एवेन्यू कोर्ट में जांच एजेंसी ED ने आरोप लगाते हुए कहा था कि इस मामले में जांच एजेंसी के पास रॉबर्ट वाड्रा को लेकर अहम सबूत हैं और यह मनी लॉन्ड्रिंग का एक मजबूत उदाहरण है, जहां अपराध की आय से अचल संपत्तियां खरीदी गईं. सबूत स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि अपराध की आय को प्राप्त किया गया, परत-दर-परत छुपाया गया और उसका फायदा उठाया गया. कोर्ट में वकील ने दलील देते हुए कहा कि यह अदालत इस मामले की सुनवाई करने के लिए सक्षम है क्योंकि अपराध की कुछ गतिविधियां दिल्ली में भी हुई थीं. यह मामला वर्ष 2008 में के गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर गांव में जमीन खरीद से जुड़ा है, जिसे राॅबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदा था। ईडी ने 17 जुलाई 2025 को दाखिल अपनी शिकायत में वाड्रा, उनकी कंपनी स्काइलाइट हास्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, सत्यानंद याजी, केवल सिंह वीरक समेत 11 व्यक्तियों और संस्थाओं को आरोपित बनाया है। प्रारंभिक प्राथमिकी गुरुग्राम पुलिस ने दर्ज की थी, जिसमें जमीन की धोखाधड़ी से खरीद और अवैध लाइसेंस प्राप्त करने का आरोप है। ईडी ने 37.64 करोड़ रुपये की 43 अचल संपत्तियों को 16 जुलाई को अस्थायी रूप से जब्त किया था। 2008 की जमीन डील पर मनी लॉन्ड्रिंग केस ED ने 17 जुलाई 2025 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस चार्जशीट में कुल 11 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें रॉबर्ट वाड्रा, उनकी कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, उनके सहयोगी सत्यानंद याजी, केवल सिंह विरक और उनकी कंपनी ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल हैं. मामला गुरुग्राम के सेक्टर 83, गांव शिकोहपुर की 3.53 एकड़ ज़मीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है, जो साल 2008 में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने खरीदी थी. आरोप है कि इस डील में झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ और पर्सनल इनफ्लुएंस से कमर्शियल लाइसेंस भी लिया गया. 28 अगस्त को अगली सुनवाई तय इस मामले में पहले ही FIR नंबर 288, दिनांक 01.09.2018 को गुरुग्राम पुलिस ने दर्ज की थी. अब ED ने जांच के बाद 16 जुलाई 2025 को 43 प्रॉपर्टीज (37.64 करोड़ रुपये की) अटैच की हैं और फिर चार्जशीट फाइल की गई है. फिलहाल, राउज एवेन्यू कोर्ट अब 28 अगस्त को इस मामले में सुनवाई करेगा. ED ने कोर्ट में कहा कि जांच में पता चला है कि वाड्रा की कंपनी को 42.62 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है, जो दिल्ली में स्तरीकृत थे, जिसके कारण इस न्यायालय का अधिकार क्षेत्र समाप्त हो गया. आपको बता दें कि इस इस मामले की सुनवाई 31 जुलाई को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में संक्षिप्त रूप से हुई. मामले की सुनवाई के दौरान, ईडी ने एक बड़ा दावा किया है कि स्काईलाइट ने शीर्ष स्तर के दबाव का उपयोग करके वाणिज्यिक आवासीय विकास के लिए लाइसेंस प्राप्त किया.