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उप मुख्यमंत्री श्देवड़ा ने किया महर्षि वाल्मीकि एवं महर्षि वेदव्यास की प्रतिमा का अनावरण

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने तुलसी मानस प्रतिष्ठान मानस भवन भोपाल के प्रमुख प्रवेश द्वार पर रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि और महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा, श्री सुरेश पचौरी, श्री रमेश शर्मा, पदमश्री श्री विजयदत्त श्रीधर और प्रतिष्ठान के सदस्य उपस्थित थे।  

ट्रेन में बच्ची की भूख ने किया परेशान, रेलवे की मदद बनी राहत की मिसाल

भोपाल रेल यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा अनुभव भी होता है। ऐसा ही एक संवेदनशील और मार्मिक दृश्य शनिवार की सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जब रेलवे ने एक भूख से बिलखती सात माह की मासूम बच्ची को समय पर राहत पहुंचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की। फिरोजपुर छावनी से हजूर साहिब नांदेड़ जा रही साप्ताहिक एक्सप्रेस (ट्रेन 14622) के एम-4 कोच में सफर कर रहे गुरप्रीत सिंह अपनी पत्नी और सात माह की बेटी सुखमणि के साथ यात्रा पर थे। जब ट्रेन बीना स्टेशन के आसपास थी, तभी बच्ची को भूख लगी, लेकिन उनके पास जो दूध था वह खराब हो चुका था। उन्होंने बीना और विदिशा स्टेशनों पर दूध की कोशिश की, लेकिन सुबह का समय होने के कारण कहीं भी दूध उपलब्ध नहीं हो सका।   ट्विटर के माध्यम से मांगी मदद बच्ची की भूख से व्याकुल हालत को देखकर गुरप्रीत सिंह ने रेलवे मंत्रालय को ट्विटर के माध्यम से मदद की गुहार लगाई। रेलवे मंत्रालय ने तुरंत ही भोपाल रेल मंडल को इसकी सूचना दी और मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। भोपाल स्टेशन पर दोनों प्रकार का दूध उपलब्ध कराया भोपाल रेल मंडल के वाणिज्य विभाग की टीम अलर्ट मोड में आई और ट्रेन के भोपाल स्टेशन पहुंचते ही बच्ची के लिए गर्म और ठंडा दोनों प्रकार का दूध उपलब्ध करवाया गया। अधिकारियों ने बताया कि यात्री द्वारा गर्म या ठंडे दूध की स्पष्ट मांग नहीं की गई थी, इसीलिए दोनों विकल्प मुहैया कराए गए ताकि बच्ची को तुरंत राहत दी जा सके।  

इंदौर की बहू की स्मृति में सराहनीय कदम, परिवार ने मुआवजा समाज सेवा को किया समर्पित

इंदौर अहमदाबाद विमान दुर्घटना में दिवंगत हुई हरप्रीत कौर, अब उनके नाम पर होने वाले सेवा कार्यों से देवी अहिल्या की नगरी इंदौर में याद की जाएगी। सिख समाज के आठवें गुरु श्री हर किशन साहिब के प्रकाश पर्व के मौके उनके के पिता ने सेवा कार्यों के लिए राम हरप्रीत मेमोरियल ट्रस्ट का गठन कर श्री गुरु सिंघ सभा इंदौर को प्रारंभिक अंशदान के रूप में दो लाख की राशि प्रदान कर इस पुनीत कार्य की शुरुआत कर दी है। साथ ही यह भी कहा है बिटिया की बचत एवं उनका स्वयं के द्वारा दी जाने वाली राशि के अलावा बेटी को एयर इंडिया व अन्य योजनाओं से जितनी भी राशि आएगी उससे जरूरतमंदों की मदद की जाएगी। पिता ने की सेवा के कार्य की शुरुआत संत नगर स्थित गुरुद्वारे में मनाए गए गुरु हरकिशन साहिब के प्रकाश पर्व के मौके पर दिवंगत हुई हरप्रीत कौर के नाम पर सेवा के कार्य की शुरुआत पिता महेंद्रपाल सिंह होरा ने की। उन्होंने श्री गुरुसिंघ सभा के प्रधान हरपाल सिंह भाटिया के हाथों में ट्रस्ट का वो पत्र सौंपा जिसमें प्रारंभिक दो लाख रुपए के अंशदान से शुरुआत करने की लिखित सहमति दी। पिता ने बताया कि उनकी बेटी हरप्रीत की आत्मा सेवा, श्रद्धा और करुणा की प्रतीक थी।   सभी मुआवजा राशि ट्रस्ट को होगी समर्पित बचपन से ही वे गुरमुखी अध्ययन, शबद कीर्तन और सामाजिक आयोजनों में रुचि रखती थीं एवं गुरुद्वारे के सेवा कार्यों में सक्रिय रूप से सहभागी रहती थीं। ऐसे में हरप्रीत की स्मृतियो को समाज कल्याण से जोड़ने के उद्देश्य से ट्रस्ट" की स्थापना की है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और बेटियों के सशक्तिकरण हेतु कार्य करेगा। साथ ही आने वाले समय में एयर इंडिया, टाटा ट्रस्ट, बीमा कंपनियों अन्य माध्यम से कोई भी मुआवज़ा या वित्तीय सहायता प्राप्त होती है, तो वह राशि भी इसी ट्रस्ट को समर्पित की जाएगी। सहरानीय है पिता का यह कदम श्री गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष हरपाल सिंह भाटिया ने बताया कि परिजन गुरुद्वारे आए थे। उन्होंने एक पत्र देकर दो लाख की राशि से ट्रस्ट बनाने की घोषणा की है। इससे महिला एवं जरूरतममंदों बच्चों के लिए शिक्षा सहयता अन्य कार्य किए जाएंगे। उनकी यह पहल प्रेरणा दायी है। इंदौर में था ससुराल इसलिए यहां आकर बनाया ट्रस्ट 12 जून 2025 को हुए प्लेन क्रेश में हरप्रीत सदा के लिए अपने परिवार से बिछड़ गईं। उनका ससुराल इंदौर में है। इसीलिए पिता ने ट्रस्ट की शुरुआत बड़ा दिल रखकर इसी शहर से की है, जिससे अहमदाबाद की बिटिया और इंदौर की बहु की याद चिरस्थाई बनी रहे।

बलरामपुर में दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत, तेज रफ्तार कार और ई-रिक्शा की जोरदार टक्कर

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद में रविवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. यह हादसा बरहनी नेशनल हाईवे पर उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रहे सवारी से भरे ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी. पुलिस के अनुसार, ई-रिक्शा शंकरपुर चौराहे की ओर जा रहा था, जबकि कार बलरामपुर से बरहनी की ओर तेज़ गति में आ रही थी. टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए. ई-रिक्शा में सवार 45 साल के मुस्तफा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 70 साल के हुसैन ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया. इस हादसे में ई-रिक्शा चालक समेत कुल पांच लोग घायल हुए हैं, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है. तुलसीपुर के सीओ बृजनंदन राय ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.  घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक राकेश यादव मौके पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की. उन्होंने राज्य सरकार से मृतकों के आश्रितों को 10 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग की है. हादसे के बाद हाईवे पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया था, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सामान्य किया.   

बिना साइलेंसर बाइक और DJ पर रोक: कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी पुलिस का सख्त निर्देश

मेरठ  सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर इस बार यूपी पुलिस ने सख्ती दिखाने का फैसला किया है। यात्रा में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए खास तौर पर मेरठ जोन और अन्य जिलों में कांवड़ियों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। इन चीजों पर पूरी तरह बैन: – त्रिशूल, डंडा, हॉकी स्टिक या कोई भी हथियारनुमा चीज – बिना साइलेंसर वाली बाइक – तेज आवाज में डीजे बजाना और हुड़दंग मचाना कहां लागू होंगे ये नियम? ये नियम खासतौर पर उन जिलों में लागू होंगे जहां बड़ी संख्या में कांवड़िए आते हैं, जैसे: – मेरठ – मुजफ्फरनगर – शामली – सहारनपुर – बुलंदशहर – हापुड़ – बागपत सख्ती क्यों? पिछले कुछ सालों में कांवड़ यात्रा के दौरान कई जगहों पर हिंसक घटनाएं, सड़क पर हुड़दंग और सामान्य लोगों को परेशान करने की शिकायतें मिली हैं। कई कांवड़िए धार्मिक यात्रा को शक्ति प्रदर्शन में बदल देते हैं — तेज डीजे, झगड़े, मोटरसाइकिल रेसिंग और सड़क पर उत्पात आम हो गया है। इसीलिए अब पुलिस ने नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है।   एडीजी मेरठ ने क्या कहा? एडीजी (मेरठ जोन) भानु भास्कर ने कहा कि कोई भी कांवड़िया त्रिशूल, डंडा या हॉकी स्टिक जैसे प्रतीकात्मक हथियार भी लेकर नहीं चलेगा। अगर किसी ने नियम तोड़ा तो FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना साइलेंसर बाइक पर रोक पिछले वर्षों में देखा गया है कि कुछ कांवड़िए बिना साइलेंसर की बाइक लेकर तेज आवाज में चलते हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण और लोगों को परेशानी होती है। अब ऐसे वाहनों पर चालान और जरूरत पड़ी तो वाहन जब्त भी किया जाएगा। सुरक्षा के खास इंतजाम – यात्रा रूट पर ड्रोन से निगरानी – CCTV कैमरे हर संवेदनशील जगह पर – PAC और RAF की टीम तैनात – हर जिले में प्रशासन और पुलिस की सतर्क निगरानी प्रशासन की अपील प्रशासन ने सभी शिवभक्तों और कांवड़ यात्रा आयोजकों से अपील की है कि  – शांतिपूर्वक यात्रा करें – नियमों का पालन करें – किसी भी तरह के विवाद या कानून तोड़ने से बचें – प्रशासन का सहयोग करें  

कांवड़ यात्रा हमारी आस्था, एकता और शिवभक्ति का प्रतीक है, यह यात्रा पाटन की पवित्र परंपरा बन चुकी है : जितेंद्र वर्मा

रायपुर  पवित्र श्रावण मास के तीसरे सोमवार को बोल बम कांवड़ यात्रा समिति, पाटन द्वारा भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा पुराना बाजार पाटन से प्रारंभ होकर टोलाघाट तक जाएगी, जिसमें सैकड़ों शिवभक्त भगवा वस्त्र धारण कर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों के साथ सहभागी बनेंगे। कांवड़ यात्रा को भव्य और दिव्य बनाने के लिए समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन में गांव–गांव में बैठकों और तैयारियों का जोर चल रहा है। आज ग्राम सेलूद, पतोरा, पाटन एवं टोलाघाट में बैठक सम्पन्न हुआ। समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा ने बैठक में यात्रा की रूपरेखा की जानकारी दी और यात्रा को अधिक भव्य, सुरक्षित व अनुशासित रूप देने हेतु विस्तृत चर्चा की गई। पिछले वर्षों की समीक्षा करते हुए इस बार यात्रा में नए उत्साह के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं भक्तिमय वातावरण निर्माण के साथ जल संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है। टोलाघाट में प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं भक्तिमय गायिका पायल साहू की संगीतमय प्रस्तुति, जो श्रद्धालुओं को शिवभक्ति में सराबोर करेगी। यात्रा के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा जी ने कहा कि श्रावण मास में कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी आस्था, एकता और शिवभक्ति का प्रतीक है। यह यात्रा पाटन की पवित्र परंपरा बन चुकी है। मैं सभी शिवभक्तों से अपील करता हूं कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस आध्यात्मिक यात्रा को सफल बनाएं। हर हर महादेव की गूंज के साथ हम एक नई ऊर्जा, विश्वास और भक्ति का संचार करेंगे। कांवड़ यात्रा को लेकर जन–जन उत्साहित हैं। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश निक्की भाले जी,भाजपा पाटन मण्डल अध्यक्ष रानी बंछोर,विनोद साहू,दिलीप साहू,खेमलाल साहू,केशव बंछोर,निशा सोनी,रवि सिन्हा,गिरधर वर्मा,सुरेश निषाद,दिव्या कलिहारी साहू, प्रवीण मढ़रिया,राकेश आडिल,भावना निषाद,विष्णु निषाद,केवल देवांगन,अमित वर्मा,संतराम कुम्भकार,सुनील वर्मा,राजेन्द्र वर्मा,नीलमणी साहू,संतोष घिरवानी,संगीता धुरंधर, चंद्रप्रकाश देवांगन,अन्नपूर्णा पटेल,विनोद बाग,देवेन्द्र ठाकुर,मनोज वर्मा,अनुपम साहू,चन्द्रिका साहू,रेणुका बिजौरा,अवधेश ठाकुर,गुलशन सोनी,कुणाल वर्मा,घनश्याम सोनी,भुनेश्वर साहू,  देवचरण कौशल,  टीकाराम देवांगन , हर प्रसाद आडिल गोरेलाल श्रीवास , सनत वर्मा, चित्र सेन कलिहारी राजीव साहू ,शशिकांत देवांगन ,मनोज साहू ,राधेश्याम साहू ,करण साहू ,हेमचंद ठाकुर , महेंद्र साहू,श्रीमती सरस्वती साहू ,दीपक साहू, डिलेश्वरी साहू ,एकता साहू ,दीप्ति श्रीवास, कमलेश्वरी साहू ,जितेंद्र देवांगन ,लोकेश्वर ठाकुर, देवनारायण ठाकुर,कालेश्वर शुक्ला,रमेश देवांगन,तारेंद्र बंछोर,महेश्वर बंछोर,खेमिन साहू,केवरा साहू,राजू साहू,चंचल यादव,मनेंद्र वैष्णव,अतीस सपहा,रमेश वर्मा,बेनीराम साहू,विकास साहू,तिलेश्वर निषाद,गजेन्द्र निषाद, लवकुश निषाद,लक्ष्मण विनायक सहित शिव भक्त बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

स्किल इंडिया मिशन ने देश की तस्वीर बदली, अब छत्तीसगढ़ बना रहा है नया इतिहास – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और  इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।  मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है।  मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

स्किल इंडिया मिशन ने देश की तस्वीर बदली, अब छत्तीसगढ़ बना रहा है नया इतिहास – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और  इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।  मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है।  मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

पीड़ितों को राहत: मंत्री देवांगन ने वितरित किए आर्थिक सहायता के चेक

रायपुर, कोरबा विधानसभा अंतर्गत दर्री के कलमीडुग्गु, प्रगतिनगर के 10 लोगों की फरवरी माह में कुम्भ यात्रा के दौरान सड़क हादसे में दुःखद निधन हो गया था। सभी शोक संतृप्त परिवार को वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की थी। मंत्री देवांगन ने आज कोहड़िया, कोरबा निवास कार्यालय में सभी 10 परिवार को 1-1 लाख की सहायता राशि का चेक वितरण किया। उन्होंने इसके लिए सवेदनशील मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय का बहुत बहुत आभार व्यक्त किया। इस दौरान पार्षद राधा महंत जी, पार्षद मुकुंद सिंह कँवर जी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय के प्रयास रंग लाए, कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 56 पदों की मंजूरी

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। पत्थलगांव विकास खंड के कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नयन करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण करने के लिए 4 करोड़ 37 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति भी दे दी है। कोतबा में लोगों तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 56 पद स्वीकृत किए हैं। इनमें अस्पताल अधीक्षक, सर्जन, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग सिस्टर, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, स्टाप नर्स, लेखापाल, फार्मासिस्ट, सहायक ग्रेड 3, ड्रेसर, वार्ड बॉय, आया और भृतय के पद स्वीकृत किया गया है। शीघ्र ही उनकी पदस्थापना की जाएगी जिसमें लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जा सके।