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सावधान! यूपी सहित इन राज्यों में अगले हफ्ते झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली देशभर में इन दिनों भारी बारिश हो रही है। यूपी समेत उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में अगले 7 दिनों के दौरान, पूर्वी भारत में 07 जुलाई तक भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 05 जुलाई और हिमाचल प्रदेश में 06 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 06 और 07 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है। पूर्वी और मध्य भारत की बात करें तो पांच से 11 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 5-8 जुलाई, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में पांच, 8-10 जुलाई, अंडमान और निकोबार द्वीप में छह जुलाई को बहुत भारी बारिश होने वाली है। वहीं, छत्तीसगढ़ में 5-7 जुलाई, विदर्भ में 7 और 8 जुलाई, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा में 5, 6 जुलाई को भारी वर्षा होगी। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान में 5-11 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में 5, छह जुलाई, 10 और 11 जुलाई, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, 5-9 जुलाई के दौरान जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, 7 और 8 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, 5-7 जुलाई उत्तराखंड, छह और सात को पंजाब, हरियाणा, पांच, 9 और 10 जुलाई को पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश होने वाली है। पश्चिम भारत की बात करें तो अगले सात दिनों के दौरान कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों, गुजरात, पांच से सात जुलाई के दौरान सौराष्ट्र, कच्छ में अलग अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, छह और सात जुलाई को मराठवाड़ा में भारी बरसात होगी। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अगले सात दिनों के दौरान ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम व गरज के साथ तूफान, बिजली चमकने की संभावना है। पांच जुलाई को मेघालय में बहुत भारी बारिश हो सकती है।  

चमड़ा उद्योग बना स्वास्थ्य संकट! कानपुर में 157 लोगों के खून में मिला खतरनाक क्रोमियम

गोरखपुर चमड़ा उद्योग से निकलने वाला प्रदूषण कानपुर के लोगों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। लेदर में इस्तेमाल क्रोमियम की चपेट में आने वालों की संख्या में और इजाफा हुआ है। 24 जून को शहर के छह इलाकों के 157 लोगों के खून में भी क्रोमियम तय मानक से अधिक निकला है। शुक्रवार को सैंपल की जारी रिपोर्ट में 20 लोगों में मर्करी (पारा) भी तय मानक से ज्यादा पाया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर 24 जून को स्वास्थ्य विभाग ने रूमा, जाजमऊ व पनकी औद्योगिक क्षेत्र, तेजाब मिल का हाता, राखी मंडी, नौरेयाखेड़ा में शिविर लगाया गया था। छह जगह के 177 लोगों का ब्लड सैंपल राममनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ जांच के लिए भेजा गया था। इनमें महिलाएं 102 और पुरुषों की संख्या 75 थी। सीएमओ ने कहा-शासन के आदेश पर आगे बढ़ाएंगे कदम : सीएमओ डॉ. उदयनाथ ने 24 जून को छह जगह में शिविर लगाकर 177 लोगों के ब्लड सैंपल की रिपोर्ट आने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राममनोहर लोहिया अस्पताल में जांच के लिए सभी ब्लड सैंपल भेजे गए थे। 157 लोगों में क्रोमियम मानक से अधिक पाया गया है। वहीं 20 लोगों के ब्लड में मर्करी भी तय मानक से अधिक मिला है। अब इन इलाकों को लेकर क्या योजनाएं बननी हैं, इसको लेकर शासन के आदेश का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। क्या बोले विशेषज्ञ जीएसवीएम मेडिसिन के विभागाध्यक्ष बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि ब्लड में क्रोमियम या मर्करी स्तर से अधिक होना खतरनाक है। इससे शरीर के तमाम अहम अंगों के पूरी तरह खराब होने व गंभीर रोगों की चपेट में आने की आशंका काफी बढ़ जाती है। अगर क्रोमियम अधिक तो इन रोगों का हो सकता है खतरा -लिवर, किडनी के लिए बेहद खतरनाक -नसों को नुकसान पहुंचने से सुन्नता और दर्द -पेट में जलन, मतली, और उल्टी की परेशानी -हार्ट, त्वचा संबंधी रोग, कैंसर की भी आशंका हालिया सैंपलिंग रिपोर्ट में खुलासा -एनजीटी के आदेश पर 6 इलाकों से एकत्र किए थे ब्लड सैंपल -पारा भी तय मानक से ज्यादा मिला, अब शासन के आदेश का हो रहा इंतजार -मर्करी का स्तर अधिक होने से इस तरह की दिक्कतें आ सकतीं -मर्करी जमा होने से गुर्दा फेल होने का डर -मानसिक रोग को बढ़ावा, याददाश्त कम -सांस संबंधी समस्याएं, सांस लेने में दिक्कत -गर्भावस्था में स्तर अधिक तो शिशु को दिक्कत  

युवाओं को स्वावलंबी बनाने का सशक्त माध्यम हैं सहकारी समितियां: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को मिल रहे नए आयाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए कार्यों में सहकारी समितियों को दी जा रही है प्राथमिकता युवाओं को स्वावलंबी बनाने का सशक्त माध्यम हैं सहकारी समितियां युवाओं को दिए सहकारिता के मूल मंत्र किसी भी काम में सफल होने के लिए जरूरी है मजबूत आत्मविश्वास सफलता के लिए कार्य अनुभव और उसके संबंध में जानकारी आवश्यक सहकारिता को लेकर लागू है पारदर्शी व्यवस्था, अब 30 दिन में हो रहा नई समिति का पंजीयन महिलाएं समिति बनाकर सतपुड़ा टाइगर रिर्जव में चला रही हैं सफारी मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर युवाओं से किया संवाद विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का किया समाधान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के सहकारिता क्षेत्र को नए आयाम मिल रहे हैं। दुग्ध-उत्पादन, औद्योगिक विकास सहित अन्य क्षेत्रों में हो रहे नए कार्यों में सहकारी समितियों को प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता समाज को एक करने के साथ ही युवाओं को बेरोजगारी से बचाने का माध्यम है। रोजगार का अर्थ सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं है। युवाओं को स्वरोजगार और स्वावलंबन से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है और वर्ष 2025 को रोजगार एवं उद्योग वर्ष के रूप में मना रही है। उन्होंने तीन नए आपराधिक कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में न्याय की देवी की आंखों से पट्टी हटी है, क्योंकि आंख पर पट्टी रहते हुए न्याय कैसे हो सकता है। नागरिकों के मूल अधिकार संविधान में उल्लेखित हैं और इसी भावना से व्यक्तियों के आपसी स्वावलंबन और सहभागिता का समावेश सहकारिता में है। वर्तमान सरकार में सहकारिता को लेकर व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है। नई समिति की पंजीयन प्रक्रिया 30 दिन में पूर्ण की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय सहकारी दिवस के अवसर पर समन्वय भवन में म.प्र. राज्य सहकारी संघ एवं अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज की ओर से आयोजित सहकारी युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता ध्वज फहराकर समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथियों को पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारी युवा संवाद कार्यक्रम में उपस्थित महाविद्यालयीन विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता से उद्योग प्राप्त करने वाली 30 महिलाओं को सिलाई मशीन टूल किट वितरण के प्रतीक स्वरूप एक महिला को सिलाई किट प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश में सहकारिता का आंदोलन खड़ा करने के लिए गुजरात में अमूल की स्थापना की। हजारों लोगों को दुग्ध-उत्पादन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और बेरोजगारी खत्म करने का कार्य किया। राज्य सरकार भी दुग्ध-उत्पादन बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध है। अभी दुग्ध-उत्पादन में प्रदेश तीसरे स्थान पर है, जो भविष्य में शीर्ष पर पहुंचेगा। इसी उद्देश्य से दुग्ध-उत्पादन में प्रदेश का योगदान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सहकारिता क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को दिए मूल मंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें सहकारिता क्षेत्र से जुड़े मूल मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता में आने का एक सूत्र है- जब भी कोई नया काम करें तो आत्मविश्वास मजबूत रखें। युवा जिस भी क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, पहले उसका अनुभव लें और यह भी देखें कि सहकारी समिति के माध्यम से इस क्षेत्र में क्या-क्या किया जा सकता है। सहकारी समिति के नेतृत्वकर्ता का दायित्व है कि पहले वह स्वयं पूरी जानकारी रखें और दूसरे साथियों को भी बताएं। सभी क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं के जीवन की असली परीक्षा कॉलेज की शिक्षा पूर्ण होने के बाद शुरू होती है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश वन्य संपदा और जलराशियों से संपन्न है। प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार संकल्पित है। हमारे युवा सभी साधनों से संपन्न होकर प्रदेश को आग बढ़ाए, इसी भावना से राज्य सरकार कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से अलग-अलग मंचों पर युवाओं से संवाद किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में उन्हें भी नेतृत्व का अवसर मिले। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 में विकसित राष्ट्र बनेगा। सहकारिता और भारतीय दर्शन के माध्यम से हम सबके कल्याण की प्रार्थना करते हैं। आय बढ़ाने के साथ समाज को एक करने की पहल है सहकारिता सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि आज विश्व अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में देश की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आया है। उन्होंने विकसित भारत के लिए सहकारिता को आगे बढ़ाने पर बल दिया। देश में सहकारिता मंत्रालय बनाकर केन्द्रीय मंत्री अमित शाह को जिम्मेदारी सौंपी। देश का इतिहास है कि जहां व्यक्ति है, वहां सहकारिता है। जब व्यक्ति का एक-दूसरे से समन्वय होगा, तभी देश एक होगा। सहकारिता केवल आय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि देश और समाज को एक करने की पहल है। हमें रोजमर्रा की जिंदगी में सहकारिता को आत्मसात करना होगा। हमें 2047 तक विकसित भारत बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों की जिज्ञासा का किया समाधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सामने महाविद्यालय छात्र-छात्राओं ने युवा संवाद कार्यक्रम में कई जिज्ञासाएं रखीं। एक छात्रा के सहकारी समिति बनाने की प्रक्रिया और शासकीय कार्य-प्रणाली संबंधी प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में सहकारिता में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की गई है और नई समितियों का पंजीयन 30 दिन में पूर्ण हो रहा है। एक अन्य छात्रा ने सहकारिता संबंधी विषय स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर विषय पाठ्यक्रम में रखना कठिन है। लोगों को स्वयं सहकारिता की ओर पहल करनी चाहिए। सहकारिता में सबका स्वागत है, इसमें शिक्षा या आय का कोई बंधन नहीं है। … Read more

धार्मिक यात्राओं के लिए योगी सरकार की योजना, पात्र लोगों को मिलेंगे 10-10 हजार रुपए

लखनऊ यूपी की योगी सरकार लगातार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास में लगी हुई है। प्रदेश के धार्मिक स्थलों के लिए पहले ही खजाना खोला जा चुका है। अयोध्या, काशी और मथुरा के अलावा तमाम हिंदू धर्मस्थलों को सजाया और संवारा जा रहा है। अब इसी क्रम में बौद्ध और सिख श्रद्धालुओं के लिए योगी सरकार बड़ी योजना लेकर आई है। इन श्रद्धालुओं के लिए सरकार दो तीर्थ यात्राएं शुरू करने जा रही है। तीर्थ यात्रियों को दस-दस हजार रुपए अनुदान के रूप में दिया भी जाएगा। शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीर्थ यात्राएं भारतीय संस्कृति में आत्मिक उत्थान और सामाजिक समरसता का माध्यम रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व है कि वह नागरिकों को उनकी आस्था से जुड़े स्थलों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बौद्ध श्रद्धालुओं की विशष्टि तीर्थ यात्राओं हेतु 'बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना' और सिख श्रद्धालुओं के लिए 'पंच तख्त यात्रा योजना' प्रारम्भ की जाए। इन योजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वह अपनी आस्था के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा सुलभता से कर सकें। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों के चयन में बौद्ध भिक्षुओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पंच तख्त यात्रा योजना सिख श्रद्धालुओं के लिए होगी। इसके अंतर्गत प्रदेश के निवासी सिख श्रद्धालुओं को भारत के पाँच पवित्र 'तख्त साहिब' स्थल की यात्रा कराई जाएगी। बता दें कि सिख पंथ के लिए पवित्र पंच तख्त स्थलों में 'श्री आनंदपुर साहिब, पंजाब, श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर, पंजाब, श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो, पंजाब, श्री तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र, श्री हरमंदिर जी साहिब (पटना साहिब), बिहार,' शामिल हैं। प्रस्तावित दोनों ही योजनाओं में प्रति व्यक्ति न्यूनतम 10 हजार रुपये की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दोनों योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी जानी चाहिए। श्रद्धालुओं के चयन में पूरी पारदर्शिता के साथ कमजोर आय वर्ग के लोगों को वरीयता दी जानी चाहिए। दोनो ही योजनाएं आईआरसीटीसी के सहयोग से संचालित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ये दोनों योजनाएं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक आस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लागू की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि ये योजनाएं प्रदेश की समावेशी विकास नीति और 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना को और सशक्त करेंगी। प्रदेश की धार्मिक सहिष्णुता और पर्यटन को नया आयाम देंगी। इसके साथ ही 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को भी मूर्त रूप प्रदान करेंगी।  

CM साय ने पंचायत प्रतिनिधियों को दिए नेतृत्व के मंत्र, बोले – पंचायतों का विकास ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि की नींव, सेवा भाव से करें काम

रायपुर नवा रायपुर स्थित निमोरा में आज राज्य के नवनियुक्त जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सेवा भावना और ईमानदारी से काम करने पर जनता हमेशा साथ देती है। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैंने कई बार निर्विरोध चुनाव जीते हैं। विधायक और सांसद दोनों रूपों में जनता ने मुझ पर भरोसा जताया है, क्योंकि जब भावनाएं सच्ची होती हैं, तब जनता भी मजबूती से साथ खड़ी रहती है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध प्रदेश है, जहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि राज्य को अब डबल इंजन की सरकार का लाभ मिल रहा है, जिससे योजनाएं और तेज़ी से धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते वर्षों में नक्सलवाद के खिलाफ अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, जबकि अब भाजपा सरकार नक्सलवाद के समूल नाश के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा पहले बस्तर में गोलियों की आवाजें आती थीं, अब वहां विकास की गूंज सुनाई देती है। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पूरी मेहनत से काम कर रहा है और यदि पंचायतों का सशक्तिकरण होता है तो छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। हम सब भी सीखने की प्रक्रिया में हैं। हमारे मंत्रीगण भी दो-दो बार प्रशिक्षण ले चुके हैं। आगामी समय में मैनपाट में भी इस प्रकार का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की 11,000 पंचायतों में “अटल डिजिटल सेवा” की शुरुआत की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी और स्थानीय प्रशासन तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनेगा। CM ने नक्सलियों के शांति वार्ता पत्र पर दी प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री साय ने नक्सलियों द्वारा भेजे गए शांति वार्ता पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शुरू से ही नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान करती रही है। उन्होंने कहा, “हमने हिंसा छोड़ने वालों को पुनर्वास का अवसर दिया है। बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यदि कोई शस्त्र त्यागकर बात करना चाहता है, तो सरकार तैयार है, लेकिन यदि गोलीबारी की भाषा आएगी तो जवाब भी मिलेगा।” मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन के अंत में कहा कि पंचायतें यदि जागरूक और सक्रिय होंगी तो छत्तीसगढ़ के गांवों का सर्वांगीण विकास संभव होगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण के माध्यम से शासन की गहराई को समझने और अपने क्षेत्र में नवाचारों को लागू करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं और “जय हिंद, जय छत्तीसगढ़” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्वों के प्रति सजग रहने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देना चाहिए। गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए, जिनमें पंचायत संचालन, वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं के क्रियान्वयन, और डिजिटल गवर्नेंस जैसे विषयों को शामिल किया गया। इससे नवचयनित जनप्रतिनिधियों को शासन की बारीकियों को समझने और बेहतर कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन मिला।

वन विभाग पौधारोपण अभियान: इस वर्ष वन विभाग एक लाख से अधिक पौधे लगाएगा

फरीदाबाद पूरे शहर में इस वर्ष वन विभाग एक लाख से अधिक पौधे लगाएगा। सामाजिक संस्थाओं, पंचायतों, आरडब्ल्यूए, निजी व राजकीय स्कूलों तथा कालेजों की सहायता से वन विभाग पौधारोपण अभियान को सफल बनाएगा। इसके लिए लोगों को सूचित किया जा रहा है। एक आधार कार्ड पर दस पौधे निश्शुल्क दिए जाएंगे। वन विभाग की नर्सरी से कोई भी व्यक्ति पौधे प्राप्त कर सकता है। गौरतलब है कि हर वर्ष मानसून में वन विभाग की ओर से पौधारोपण अभियान चलाया जाता है। वन विभाग ने इस वर्ष पूरे शहर में एक लाख 250 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। जबकि वर्ष 2024 में एक लाख 63 हजार, वर्ष 2023 में करीब दो लाख पौधे लगाए गए थे। वन विभाग के कर्मचारी पौधारोपण कर इसकी देखभाल करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि जगह चिन्हित करके पौधे लगाए जाते हैं। अरावली वन क्षेत्र के अलावा अलग-अलग हिस्सों में बरगद, पीपल, नीम, कनेर, पापड़ी, अमरूद, गुड़हल, जामुन सहित अन्य फल व छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इसकी शुरुआत अगले सप्ताह से होगी। हालांकि विभाग लोगों को 25 जून से बाद से पौधे वितरित करने शुरू कर दिए हैं। एक दिन में तीन हजार से 15 हजार तक पौधे लोग लेकर जाते हैं। सामाजिक संस्थाएं और निजी तथा सरकारी स्कूल सबसे ज्यादा पौधे लेकर जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि लोग शुरू में पौधे तो लेकर चले जाते हैं लेकिन उनकी देखभाल करना भूल जाते हैं। जिसकी वजह से पौधे सूख जाते हैं। वर्ष वर्ष ऐसे 40 हजार से अधिक पौधे सूखते हैं। इस वर्ष यह सुनिश्चित किया जाएगा है कि जो पौधे लगाए गए वह बचे हैं या नहीं। पौधे लेकर जाने वाले लोगों और संगठनों को पौधारोपण की लोकेशन विभाग के साथ साझा करनी होगी। साथ ही हर महीने पौधों की अपडेट रिपोर्ट भी ली जाएगी। लोगों को नर्सरी से पौधे लेते समय अपना फोन नंबर और आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करनी है। इसके बाद ही पौधे दिए जा रहे हैं। वन विभाग के उपाधीक्षक राजवीर का कहना है कि वन विभाग की ओर से अगले सप्ताह से शहर के विभिन्न हिस्सों में पौधे लगाए जाएंगे। इसमें सामाजिक संगठनों, स्कूलों और कालेजों की सहायता ली जाएगी। शहर मेें हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।  

शहडोल में तेज बारिश से तबाही, दीवार गिरने की घटना में दो लोगों की जान गई

शहडोल जिले में लगातार हो रही बरसात के चलते ग्रामीण इलाकों में पानी का भराव हो गया है, जिसके चलते लोग परेशान हो रहे हैं। यहां की ग्राम पंचायत केशवाही में बरसात के कारण लोगों को आवामन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह है कि पानी के भराव के कारण लोगों के घरों के अंदर रखा सामान खराब हो रहा है वहीं बिजली के करंट का खतरा भी बना हुआ है। यह स्थिति न केवल केशवाही की है बल्कि आसपास के कई गांवों की है। यहां पर शुक्रवार शनिवार की दरम्यानी रात को मझौली क्षेत्र के महरान टोला में मकान की दीवार गिर जाने से दो लोगों की दब जाने से मौत भी हो गई है।   ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों की लापरवाही ग्राम पंचायत के जिम्मेदार लोगों की लापरवाही के कारण यहां पर बरसात का पानी गांव के अंदर भरा हुआ है और लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है। यहां की ग्रेवल रोड बनाते समय पानी का निकास व पुलिया निर्माण कार्य नहीं कराया गया जिसके चलते हालात बदतर हो गए हैं। बरसात का पानी गांव में ऐसे भरा हुआ है जैसे तालाब हो।यहां की रोजगार सहायक ने अपने प्रभार के दौरान ग्रेवल रोड का निर्माण कराया था और पानी की निकासी नहीं कराई गई। अब हालात बदतर नजर आ रहे हैं। अब यहां की हालत को सुधारने के लिए न तो सरपंच आगे आ रहे हैं और न ही सचिव। दीवार गिरने से पति पत्नी की चली गई जान केशवाही क्षेत्र के महरान टोला में जवाहर महरा और उनकी पत्नी की मृत्यु भारी बरसात के कारण मकान की दीवार के नीचे दबने से हो गई है। दो लोगों की दर्दनाक मौत के चलते ग्रामीणों में आक्रोश है। यह घटना मझौली क्षेत्र के महरान टोला गांव में शनिवार की सुबह हुई है। बताया जा रहा है कि मकान की दीवार जर्जर थी जिसके कारण वह गिर गई और इस घटना में जवाहरलाल महरा और उसकी पत्नी डोमनियां महरा की दर्दनाक मौत हो गई। मुरूम निकालने के कारण दीवार हुई थी कमजोर दोनों मृतक उसी दीवार के पास खड़े थे जिसके चलते वह उसके नीचे दब गए। मृतकों के स्वजनों व ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता दी जाए।

मंत्री केदार कश्यप बोले – एक पेड़ माँ के नाम अभियान पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक

’गौपालक किसानों व मत्स्य सहकारी किसानों को रुपे  केसीसी कार्ड एवं डेयरी सोसायटियो को माइक्रो एटीएम वितरित किया’ रायपुर, सहकारिता एवं जल संसाधन मंत्री  केदार कश्यप आज  नवा रायपुर, अटल नगर  में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक  (अपेक्स बैंक) परिसर  में अंतर्राष्ट्रीय  सहकारिता दिवस पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर  एक पेड़  माँ के नाम अभियान के तहत  पौधरोपण किया। उन्होंने इस दौरान  मंत्री कश्यप  ने गौपालक तथा मत्स्य पालक किसानों को रुपे  केसीसी कार्ड और  दुग्ध सहकारी समितियो को माइक्रो एटीएम  वितरण किया ।     मंत्री कश्यप ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है , और माँ के प्रति हमारी श्रद्ध। उन्होंने कहा कि यह अभियान  प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा तरीका भी है । माँ और प्रकृति दोनों ही जीवनदायिनी हैं, पोषण करती हैं, और बिना किसी स्वार्थ के अपनापन देती हैं ।     मंत्री कश्यप ने कहा कि माँ के नाम पर एक पेड़ लगाना माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ता है। यह एक जीवंत श्रद्धांजलि है, जो न केवल माँ के प्रति हमारी भावनाओं को व्यक्त करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक उपहार है। उन्होंने कहा कि यह अभियान, ‘सहकारिता‘ के साथ, भारत में सामाजिक और पर्यावरणीय उत्थान के लिए महत्वपूर्ण पहलें हैं। ये सामूहिक भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी पर आधारित हैं, और इनकी मूल भावना सहयोग, संरक्षण और समाज में योगदान देने की है । ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ पहल की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की गई थी । इसका उद्देश्य माताओं की स्मृति में पेड़ लगाने को प्रोत्साहित करना और पर्यावरण संहिता को बढ़ावा देना है । यह अभियान प्रकृति और मातृत्व के बीच समानता को रेखांकित करता है , क्योंकि दोनों ही जीवन का पोषण करते हैं ।     अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता ने कहा कि अभियान का संदेश है – ‘माँ के लिए एक पेड़, धरती के लिए एक कदम‘ । सभी सहकारी समितियों के साथ इस नेक कार्य में हिस्सा लेने और अपनी माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ने का आह्वान किया गया है । उन्होंने आगे कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मंशा है कि पैक्स सोसायटियो को मजबूत किया जाए।    अपर मुख्य सचिव , सहकारिता , छत्तीसगढ़ शासन सुब्रत साहू ने  राज्य स्तरीय सहकारी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में ‘सहकार से संमृद्धि‘ अंतर्गत अनेक कार्यक्रम व नवाचार सहकारिता के माध्यम से किये जा रहे है, जिसमे सहकारिता छेत्र की इकाई-समितियो को बहुउद्देशीय बनाना व इस आंदोलन को और विस्तारित करना है। सहकारिता की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 2021 में केंद्र सरकार द्वारा पृथक से सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया, जो इस आंदोलन के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।     संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ सहकारिता प्रकोष्ठ अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ सी आर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता कुलदीप शर्मा, एमडी अपेक्स बैंक के एन कांडे, अपर आयुक्त एच के दोषी, सहकारिता विभाग के अधिकारी सहित जिला सहकारी बैंको, मार्कफेड, लघुवनोपज तथा एनसीडीसी तथा बड़ी संख्या में अपेक्स बैंक, जिला सहकारी बैंकों, जिला सहकारी संघ के अधिकारी गण मौजूद थे।    

रामभुआल निषाद पर कोर्ट सख्त, गैरहाजिरी पर SSP को भेजी चिट्ठी

गोरखपुर  यूपी की सुल्तानपुर सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद रामभुआल निषाद फिर मुश्किल में हैं। फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मुकदमे में गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद सांसद के उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने सख्त रुख अपना लिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र कुमार की कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ ही रामभुआल को कोर्ट में पेश करने के लिए एसएसपी को पत्र भी लिखा है। बड़हलगंज क्षेत्र के दवनाडीह निवासी रामभुआल निषाद 2024 में सपा के टिकट पर सुल्तानपुर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए हैं। राम भुआल के खिलाफ आयुध लिपिक (असलहा बाबू) सुनील कुमार गुप्ता ने जिला मजिस्ट्रेट के 25 जनवरी 2020 के आदेशानुसार मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे के मुताबिक, आरोपित रामभुआल निषाद द्वारा गलत ढंग से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लाइसेंस संख्या 3912 डीबीबीएल गन का उपयोग किया जा रहा है। यह लाइसेंस 19 जुलाई 1996 को बेचू यादव पुत्र महेंद्र यादव निवासी मुंडेरा बाबू थाना बड़हलगंज के नाम से जारी हुआ है। लाइसेंसी बेचू यादव की मृत्यु हो चुकी है। इस मामले में विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया है। न्यायालय ने पिछली कई तिथियों पर आरोपित के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया। इसके बावजूद रामभुआल न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। जिसके बाद न्यायालय ने रामभुआल के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भी लिखा है। कोर्ट इससे पहले थानेदार और फिर एसपी नार्थ को भी पत्र लिख चुका है। जिलाधिकारी से दारा निषाद ने की थी शिकायत मामला तब खुला जब दारा निषाद ने रामभुआल के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की और बताया कि उनके पास मौजूद राइफल का लाइसेंस फर्जी है। वह लाइसेंस बेचू यादव के नाम से डीबीबीएल गन के लिए जारी है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने इसकी तस्दीक कराई तो शिकायत सही मिली। इसके बाद डीएम ने असलहा बाबू को रामभुआल निषाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। 14 अगस्त को खुला था फर्जी शस्त्र का मामला गोरखपुर में 14 अगस्त 2019 को शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ था। उसी क्रम में जांच शुरू हुई रामभुआल निषाद के लाइसेंस का भी मामला सामने आया था। जांच के दौरान शस्त्र अनुभाग में काम करने वाले दो बबुओं का नाम सामने आया था। पुष्टि होने के बाद दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ और उन्हें जेल भेज दिया गया।  

युक्तियुक्तकरण से पोड़ी खुर्द और हरापारा स्कूल में उत्साह का माहौल

रायपुर, शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया की बदौलत विद्यार्थियों में अब अध्ययन अध्यापन का माहौल दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत पोड़ी खुर्द स्थित प्राथमिक शाला पोड़ी खुर्द एवं प्राथमिक शाला हरापारा में नवीन शिक्षकों की पदस्थापना हुई है, जिससे एकल शिक्षकी समस्या से जूझ रहे इन विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियाँ सुचारु रूप से संचालित होने लगी है। ग्रामवासी श्री शोहन ने बताया कि पूर्व में इन दोनों शालाओं में केवल एक-एक शिक्षक कार्यरत थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अब शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना से इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने शासन की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्राथमिक शाला हरापारा में नवपदस्थ प्रधान पाठक श्रीमती सीमा सिंह ने बताया कि वे पूर्व में किशुननगर प्राथमिक शाला में कार्यरत थीं। शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत उन्हें स्वेच्छा से विद्यालय चयन का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने हरापारा का चयन किया। उन्होंने बताया कि पूर्व में विद्यालय में केवल एक शिक्षिका कार्यरत थीं, जिससे शिक्षण कार्य में कठिनाई हो रही थी। अब दो शिक्षकों की उपस्थिति से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव हो सकेगा। उन्होंने प्रक्रिया में अपनाई गई पारदर्शिता के लिए शासन का आभार जताया। इसी प्रकार प्राथमिक शाला पोड़ी खुर्द में नवपदस्थ सहायक शिक्षिका श्रीमती इमिला कुजूर, जो पूर्व में जोगीबांध प्राथमिक शाला में पदस्थ थीं, ने बताया कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत उन्हें विद्यालय चयन का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने पोड़ी खुर्द का चयन किया। उन्होंने अपनी नवीन पदस्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन की इस पहल से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में शिक्षकों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। इससे न केवल बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है, बल्कि शिक्षा के अधिकार को भी मजबूती मिल रही है।