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शैक्षिक सत्र 2026-27 में शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ₹362.56 करोड़ और वित्तीय सहायता के लिए ₹335.70 करोड़ आवंटित

– आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 में 1.70 लाख नए प्रवेश की संभावना, इसके लिए ₹85 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का आकलन – वर्ष 2026-27 के अध्ययनरत और वर्ष 2027-28 में संभावित नए प्रवेश वाले बच्चों के लिए कुल ₹431.71 करोड़ की धनराशि का बजट प्रस्ताव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत पात्र बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने और उनकी शैक्षिक यात्रा को आर्थिक संबल देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। शैक्षिक सत्र 2026-27 की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार, शुल्क प्रतिपूर्ति और वित्तीय सहायता के लिए कुल ₹698.27 करोड़ आवंटित किए गए हैं। आरटीई के अंतर्गत बच्चों के नामांकन में बढ़ती भागीदारी के साथ आगामी वित्तीय वर्ष की आवश्यकताओं का भी आकलन किया गया है। उपलब्ध विभागीय विवरण के अनुसार, वर्ष 2025-26 तक 5,36,285 बच्चे अध्ययनरत थे। वर्ष 2026-27 में 1,57,127 नए प्रवेश होने के बाद बच्चों की कुल संख्या बढ़कर 6,93,412 हो गई है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2027-28 में लगभग 1,70,000 नए प्रवेश होने की संभावना के आधार पर ₹85 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है। वर्ष 2026-27 में अध्ययनरत बच्चों और वर्ष 2027-28 में संभावित नए प्रवेश वाले बच्चों को ध्यान में रखते हुए कुल ₹431.71 करोड़ की धनराशि का बजट प्रस्ताव तैयार किया गया है। शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ₹362.56 करोड़ आवंटित शैक्षिक सत्र 2026-27 की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार, आरटीई के अंतर्गत शुल्क प्रतिपूर्ति मद में ₹362.56 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह व्यवस्था पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की शैक्षिक निरंतरता को सहयोग प्रदान करती है। जबकि आरटीई के अंतर्गत वित्तीय सहायता मद में ₹335.70 करोड़ का आवंटन किया गया है। शुल्क प्रतिपूर्ति और वित्तीय सहायता के लिए निर्धारित कुल ₹698.27 करोड़ की राशि पात्र बच्चों की शिक्षा से जुड़ी वित्तीय व्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है। नामांकन में वृद्धि के आधार पर आगामी वर्ष की तैयारी विभागीय विवरण के अनुसार, वर्ष 2026-27 में 1,57,127 नए बच्चों का प्रवेश दर्ज किया गया है। इस बढ़ती भागीदारी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2027-28 में लगभग 1,70,000 नए प्रवेश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके लिए ₹85 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है। यह आकलन आगामी वर्ष में पात्र बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की योजना बनाने में सहायक होगा। बच्चों की शिक्षा के लिए ₹431.71 करोड़ का बजट प्रस्ताव विभागीय पत्र में वर्ष 2026-27 में अध्ययनरत बच्चों और वर्ष 2027-28 में संभावित नए प्रवेश वाले बच्चों के दृष्टिगत कुल ₹43,170.60 लाख यानी ₹431.706 करोड़ की धनराशि का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इसमें वर्ष 2025-26 तक अध्ययनरत 5,36,285 बच्चों के लिए ₹268.1425 करोड़, वर्ष 2026-27 में नए प्रवेश पाने वाले 1,57,127 बच्चों के लिए ₹78.5635 करोड़ और वर्ष 2027-28 में संभावित 1,70,000 नए प्रवेश वाले बच्चों के लिए ₹85 करोड़ की आवश्यकता पड़ेगी। इस प्रकार, बच्चों की संख्या के अनुरूप वित्तीय संसाधनों की योजना बनाकर आरटीई के अंतर्गत शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने की दिशा में तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आरटीई के अंतर्गत पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का कोई भी बच्चा गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा आरटीई के अंतर्गत नामांकन और वित्तीय आवश्यकताओं के अनुरूप जनपदवार प्रगति की समीक्षा की जा रही है। हमारा ध्यान पात्र बच्चों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने और उनकी शैक्षिक निरंतरता सुनिश्चित करने पर है। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

22,419 बेटियों के घर बजी शहनाई, फिजूलखर्ची और कुरीतियों पर लगी लगाम

शत-प्रतिशत पात्र परिवारों तक लाभ पहुंचाने में जुटा समाज कल्याण विभाग लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का घर बसाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के अपने संकल्प को निरंतर सिद्ध कर रही है। प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना निर्धन व जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। प्रदेश भर में इस कल्याणकारी योजना के तहत अब तक कुल 22,419 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। सरकार की पारदर्शी कार्यप्रणाली और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी इस पहल ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता पूरी तरह दूर कर दी है। 22,419 बेटियों के घर बजी शहनाई, पीलीभीत ने मारी बाजी प्रदेश में कुल 22,419 जोड़ों का विवाह सामूहिक आयोजनों के माध्यम से धूमधाम व विधि-विधान से कराया गया है। इस अभियान में तराई का जिला पीलीभीत सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 1,271 बेटियों का विवाह संपन्न कराया गया। योजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल फिजूलखर्ची और दहेज जैसी कुरीतियों पर लगाम लग रही है, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल भी देखने को मिल रही है। बेटी का विवाह अब चिंता नहीं, निर्धन परिवारों को मिला आर्थिक संबल योगी सरकार ने इस योजना के माध्यम से गरीब कन्याओं के विवाह में आने वाली आर्थिक अड़चनों को जड़ से समाप्त किया है। योजना के अंतर्गत नवदंपति को गृहस्थी स्थापित करने के लिए आवश्यक उपहार, वधू के बैंक खाते में सीधी आर्थिक सहायता तथा भव्य आयोजन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है। सीधे बैंक खाते में राशि जाने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी है और बिचौलियों की भूमिका शून्य हो गई है। पात्र परिवारों तक शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना ही प्राथमिकता समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पष्ट मंशा है कि प्रदेश का कोई भी निर्धन परिवार अपनी बेटी के विवाह को लेकर आर्थिक तंगी का सामना न करे। शासन के निर्देशानुसार सभी जनपदों में पारदर्शी तरीके से सत्यापन कर पात्र कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026- 27 में अब तक 22,419 शादियां सफलता पूर्वक संपन्न कराई जा चुकी हैं। जिन जिलों में कार्यक्रम शेष हैं, वहां भी तिथियां निर्धारित कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

रामलीला स्थलों, दशहरा मेलों और शोभायात्रा मार्गों पर खंभे होंगे दुरुस्त

दशहरा-दीपावली पर गांव से लेकर महानगर तक रोशन रहेंगे घर और बाजार, यूपीपीसीएल ने तेज की तैयारियां बिजली सुरक्षा के लिए उपभोक्ताओं से अपील, गुणवत्तापूर्ण लाइट्स के इस्तेमाल और ओवरलोडिंग से बचने पर जोर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार आगामी दशहरा, दीपावली सहित अन्य त्योहारों पर प्रदेशवासियों को निर्बाध, सुरक्षित और सुचारु विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए तैयारियों में जुट गई है। त्योहारों के दौरान घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने, उपकरणों के अनुरक्षण और आपूर्ति की निरंतर निगरानी के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। योगी सरकार की मंशा है कि प्रदेशवासी त्योहारों का उल्लास के साथ मना सकें। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जनपदों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बिजली विभाग के अधिकारी दिन के साथ-साथ रात में भी विद्युत आपूर्ति की निगरानी करें, ताकि किसी क्षेत्र में अनावश्यक व्यवधान होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। गांवों से लेकर महानगरों तक निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप विद्युत आपूर्ति बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रामलीला स्थलों और शोभायात्रा मार्गों पर विशेष अभियान त्योहारों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग प्रदेशभर में विशेष अभियान चला रहा है। इसके तहत रामलीला स्थलों, दशहरा मेलों, शोभायात्राओं और विसर्जन यात्राओं के मार्गों के आसपास ढीले अथवा झूलते बिजली तारों और झुके हुए विद्युत पोलों को चिन्हित कर समय से दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही ट्रांसफार्मरों की सुरक्षित घेराबंदी और विद्युत उपकरणों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप रखने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके। सेवा संकल्प अभियान 2026 से मजबूत हो रहा बिजली नेटवर्क प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत अनुरक्षण माह में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। यूपीपीसीएल की टीमें फील्ड में बिजली उपकरणों, ट्रांसफार्मरों और विद्युत नेटवर्क की आवश्यक देखरेख में जुटी हैं। विभिन्न जनपदों में बिजलीकर्मी रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान भी तत्परता से अनुरक्षण कार्य कर रहे हैं, ताकि त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति में व्यवधान की आशंका को कम किया जा सके। इस अभियान के तहत विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच, संभावित तकनीकी खामियों की पहचान और जरूरी सुधार कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय टीमों को निर्देशित किया गया है कि त्योहारों से पहले आवश्यक अनुरक्षण कार्य पूरे कर लिए जाएं और आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। बिजली सुरक्षा के लिए उपभोक्ताओं से भी सहयोग की अपील प्रदेशवासियों से त्योहारों के दौरान सजावट करते समय बिजली सुरक्षा के नियमों का पालन करने की अपील की गई है। विभाग के अनुसार घरों और बाजारों को रोशन करने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली लाइट्स और तारों का इस्तेमाल किया जाए। एक ही कनेक्शन पर जरूरत से अधिक विद्युत भार डालने से बचें और खराब कनेक्शन अथवा क्षतिग्रस्त तारों को नजरअंदाज न करें। बिजली से संबंधित मरम्मत का कार्य हमेशा प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन से ही कराया जाए। त्योहारों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता- एमडी, यूपीपीसीएल यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेशवासियों को दशहरा, दीपावली सहित सभी त्योहारों पर निर्बाध, सुरक्षित और सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को समय से आवश्यक तैयारियां पूरी करने तथा दिन-रात विद्युत आपूर्ति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कसारी-मसारी की पहचान बदलेगी, योगी का बड़ा एलान

प्रयागराज   मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर पद्म लोक आवास योजना के लिए भूमि पूजन किया। सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब यह क्षेत्र कसारी मसारी के नाम से नहीं बल्कि कृष्ण पुरी के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर पद्म लोक आवास योजना के लिए भूमि पूजन किया। सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब यह क्षेत्र कसारी मसारी के नाम से नहीं बल्कि कृष्ण पुरी के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में अब कोई भी माफियागिरी का दुस्साहस नहीं करेगा। अगर करेगा तो मिट्टी में मिला दिया जाएगा और वह अपनी बाप-दादा की संपत्ति भी गंवाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद प्रयागराज के कसारी-मसारी में माफिया से मुक्त कराई 9,811 वर्ग मीटर भूमि पर पद्म लोक आवास योजना के अंतर्गत ₹191 करोड़+ से 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत पीपलगांव में निर्मित 556 आवासों के लाभार्थियों को चाबियों का वितरण कार्यक्रम  में सम्मलित हुए। उन्होंने कहा कि एक साल में यहां करीब 1200 परिवार यानी 6500 लोगों का निवास इस 10 बीघे के कैंपस में होगा। उनके लिए यहां अलग से टाउनशिप बनेगी। मार्केट भी बनेगा। स्पोर्ट्स पार्क और जिम की सुविधा भी मिलेगी। उनकी जो भी जरूरत होगी वह प्रयागराज विकास प्राधिकरण यहां पर मुहैया कराएगा। पहले की सरकारों ने यूपी में पहचान का संकट खड़ा हो गया था। पहले लोग यूपी का नाम सुनने के बाद 100 मीटर दूर भागते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। यूपी वालों का नाम सुनकर लोग पास आते हैं। महाकुंभ के चलते सड़कें चौड़ी हुईं हैं। पहले कसारी मसारी और चकिया इलाके में कोई घुसने का प्रयास नहीं करता था। सामान्य व्यक्ति की तो बात दूर है पुलिस की गाड़ी तक नहीं आती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। कहा कि अब कोई भी माफियागिरी नहीं करेगा। करेगा तो बाप और दादा की संपत्ति भी गंवाएगा।

विंध्याचल में गंगा नदी किनारे निर्माणाधीन घाटों का किया निरीक्षण

मीरजापुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विंध्याचल पहुंचकर मां विंध्यवासिनी के दरबार में विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच दर्शन-पूजन किया। उन्होंने माता रानी से लोक कल्याण और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने विंध्याचल स्थित पक्का घाट पहुंचकर गंगा नदी के किनारे निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माणाधीन घाटों का जायजा लेते हुए मौके पर चल रहे कार्यों की स्थिति देखी। उन्होंने जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार से घाट निर्माण से संबंधित विभिन्न पहलुओं और अब तक हुई प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे कराए जाएं। कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। साथ ही निर्धारित मानकों और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। विंध्याचल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में गंगा तट पर घाटों का निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्र की धार्मिक महत्ता के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के लिए नियमित निगरानी की जाए, ताकि निर्माण कार्यों का लाभ लोगों और श्रद्धालुओं को समय पर मिल सके।

मीरजापुर में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने भरी हुंकार, भाजपा प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन

जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर है सपा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   मीरजापुर में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने भरी हुंकार, भाजपा प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन   शिक्षकों को पांच लाख का स्वास्थ्य कवर, दुर्घटना पर डेढ़ करोड़ तक की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी   सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा, अब साढ़े नौ लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी   जो कभी माफिया के सामने नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर दे रहे उपदेश : मुख्यमंत्री योगी   पीडीए का ढोल पीटने वालों ने राज्यसभा में चाचा और धन्ना सेठ को चुना, दलित-पिछड़ों को नहीं दिया मौका   चुनाव के बाद फिर बंटेंगे टैबलेट, अब तक 62 लाख युवाओं को मिले, दो करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य   मीरजापुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी को विकास और जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर करार दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने से आधी से अधिक समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल जाता है, जबकि गलत प्रतिनिधि चुनने से समाधान के मार्ग में बाधा खड़ी हो जाती है। समाजवादी पार्टी ऐसा ही बैरियर है। सपा ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, पुलों और घाटों के निर्माण में रोड़े अटकाए। इनका काम ही विकास में बाधा डालना है। ऐसे लोगों को बैरियर ही बने रहने दीजिए, चुनकर मत भेजिए। इनके बैरियर को एक झटके में उखाड़कर बाहर कर देंगे।   मुख्यमंत्री योगी मीरजापुर में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछला चुनाव नहीं जीतने के बावजूद शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को लेकर लगातार उनके पास आते रहे। उन्होंने 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में भागीदारी का आह्वान किया। कहा कि इनके माध्यम से आने वाली शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं के समाधान का रास्ता सरकार निकालेगी।   पीडीए का नारा, टिकट परिवार और धन्ना सेठ को मुख्यमंत्री योगी ने सपा के पीडीए के नारे पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में इसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया। दो प्रत्याशी बनाने थे तो एक टिकट अपने चाचा को और दूसरा मुंबई के धन्ना सेठ को दे दिया। न दलित को टिकट दिया, न पिछड़े को और न ही मुसलमान को। दूसरी ओर भाजपा ने आठ टिकटों में तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति को दिए। सभी आठ प्रत्याशी जीते। सपा ने परिवार और धन्ना सेठ को प्राथमिकता दी तो पीडीए की हवा निकल गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने खुद को नेहरू परिवार और सपा ने सैफई परिवार तक सीमित रखा। दोनों ने प्रदेश को बेगाना बनाया तो जनता ने भी इन्हें बेगाना बना दिया।   माफिया के सामने नाक रगड़ने वाले दे रहे उपदेश मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाते, घुटने टेकते और नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं। सपा शासन में न सड़क थी, न बिजली, न पानी और न शिक्षा की समुचित व्यवस्था। नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी श्रद्धालुओं को मशक्कत करनी पड़ती थी। मंदिरों में गंदगी और अव्यवस्था रहती थी। आज सरकार जनता के साथ खड़ी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिविर लगाकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया।   सैफई सिंडिकेट के कब्जे से मुक्त हुई नौकरियां मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। जिसे सिंडिकेट चाहता था, उसी को नौकरी मिलती थी। तत्कालीन आयोग अध्यक्ष अनिल यादव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया, जिसे हाई कोर्ट ने पद से हटाया। नौजवान सड़कों पर आंदोलन करते थे और अखिलेश सरकार उनकी आवाज अनसुनी करती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। 65 लाख लोगों को रोजगार मिला और एक जिला एक उत्पाद योजना से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित हुए। अब युवा स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी देने वाला भी बन रहा है।   चुनाव के बाद फिर शुरू होगा टैबलेट वितरण मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद बड़े कार्यक्रम आयोजित कर स्नातक युवाओं को फिर टैबलेट वितरित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराना है। अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। डिजिटल अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है। युवा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इसका लाभ उठा सकते हैं।   15 लाख शिक्षकों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षकों को न सम्मान मिलता था, न स्वास्थ्य सुविधाएं। अब बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर दिया गया है। दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है। प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और सपा को शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा कि इनके शासन में शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा हुई और युवाओं को पलायन करना पड़ा।   तीन जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा को चार बार प्रदेश में सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन विकास उसके एजेंडे में नहीं था। वर्ष 2017 से पहले मीरजापुर मंडल के तीनों जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय। अब मीरजापुर और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्र आर्थिक समृद्धि का माध्यम बन रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ, काशी … Read more

UP Startup Policy 2026: स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार का नया रोडमैप तैयार

योगी सरकार की यूपी स्टार्टअप नीति-2026 को छह प्रमुख स्तंभ देंगे रफ्तार  – एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप-टेक पर जोर, फंडिंग, स्किल डेवलपमेंट, उद्योगों से जुड़ाव और वैश्विक पहचान पर फोकस – StartinUP ऑनलाइन पोर्टल बनेगा सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म, रजिस्ट्रेशन से प्रोत्साहन तक की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन – समस्याओं के समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया की मिलेगी सुविधा  –  युवाओं के आइडिया को कारोबार में बदलेगी नई स्टार्टअप पॉलिसी, एक मंच पर आएंगे स्टार्टअप, निवेशक और इन्क्यूबेटर लखनऊ  योगी सरकार ने प्रदेश को स्टार्टअप का हब बनाने के लिए स्टार्टअप नीति-2026 लागू की है। इसमें नवाचार, तकनीक और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। नई नीति का उद्देश्य प्रदेश में ऐसा मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां युवाओं को नए विचारों को कारोबार में बदलने, वित्तीय सहायता प्राप्त करने, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के अवसर मिल सकें। इसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास, वित्तीय सहायता, प्रतिभा विकास, उद्योगों से जुड़ाव, इकोसिस्टम के प्रचार और संस्थागत सहयोग को नीति के छह प्रमुख स्तंभों में शामिल किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप-टेक जैसी उभरती तकनीकों पर ध्यान देकर प्रदेश में नवाचार आधारित उद्यमों के विकास का रास्ता तैयार किया जा रहा है। छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है नई स्टार्टअप पॉलिसी यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन ने बताया कि योगी सरकार प्रदेश में युवाओं को नौकरी तलाशने वालों के साथ-साथ रोजगार देने वाले उद्यमियों के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। स्टार्टअप नीति-26 के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और नए उद्यमियों को अपने विचारों को विकसित करने के लिए जरूरी संसाधन, मार्गदर्शन, तकनीकी सुविधाएं और बाजार से जुड़ने के अवसर एक ही व्यवस्था के तहत मिलें। इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-26 को छह प्रमुख स्तंभों के आधार पर तैयार किया गया है। इनमें बुनियादी ढांचे का विकास, वित्तीय सहायता, प्रतिभा विकास एवं क्षमता निर्माण, उद्योगों से जुड़ाव, इकोसिस्टम का प्रचार-प्रसार और इकोसिस्टम को मजबूत बनाना एवं सक्षम करना शामिल हैं।  इन छह प्रमुख स्तंभ पर काम करेगी नई स्टार्टअप पॉलिसी सीईओ ने बताया कि पहले स्तंभ में बुनियादी ढांचे के तहत स्टार्टअप के लिए भौतिक और डिजिटल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर है। दूसरे स्तंभ में वित्तीय सहायता के माध्यम से सरकारी योजनाओं और निजी निवेशकों से पूंजी प्राप्त करने के अवसर बढ़ाए जाएंगे। तीसरे स्तंभ में प्रतिभा विकास एवं क्षमता निर्माण के तहत शिक्षा, कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से नवाचार आधारित कार्यबल तैयार करने का लक्ष्य है। चौथे स्तंभ में उद्योगों से जुड़ाव के जरिए स्टार्टअप, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और सरकार के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि नए उद्यमों को बाजार तक पहुंचने में मदद मिले। वहीं, पांचवे स्तंभ में इकोसिस्टम के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश की स्टार्टअप क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने, साझेदारियां विकसित करने और लक्षित प्रचार गतिविधियों पर ध्यान दिया जाएगा। छठे स्तंभ में संस्थागत क्षमता, हितधारकों की भागीदारी और सहयोग तंत्र को मजबूत करना भी नीति का अहम हिस्सा है। StartinUP ऑनलाइन पोर्टल बनेगा सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म नई स्टार्टअप नीति के तहत StartinUP ऑनलाइन पोर्टल को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा। यह स्टार्टअप, निवेशकों, इन्क्यूबेटरों, मेंटर्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) और अन्य संबंधित पक्षों को एक मंच पर जोड़ने का काम करेगा। इसे योगी सरकार के स्टार्टअप कार्यक्रम की डिजिटल पहचान के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे नीति के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और कार्यों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा मिल सके। पोर्टल पर स्टार्टअप से जुड़ी नीतियों, प्रोत्साहनों, संसाधनों, इन्क्यूबेशन सेंटरों, आगामी कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें उद्यमियों को क्षमता निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों और पाठ्यक्रमों का लाभ भी मिल सकेगा। इनमें उद्यमिता विकास, स्टार्टअप प्रबंधन, वित्तीय साक्षरता, नियामकीय अनुपालन, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर), तकनीक के व्यावसायीकरण और बाजार तक पहुंच जैसे विषय शामिल होंगे। इसके लिए विषय विशेषज्ञों और सहयोगी संस्थानों को पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इस प्लेटफॉर्म पर स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। वे प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन और अपने दावों को संबंधित नोडल एजेंसी के समक्ष जमा कर सकेंगे।  स्टार्टअप से जुड़ी समस्याओं के लिए जारी किया जाएगा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर नोडल एजेंसी की ओर से इनके मूल्यांकन और मंजूरी की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। पोर्टल पर प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) भी उपलब्ध होगी, जिससे दैनिक गतिविधियों और नीति के क्रियान्वयन की निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा पोर्टल का एकीकरण केंद्र सरकार के डीपीआईआईटी, भास्कर और मार्ग जैसे स्टार्टअप इंडिया प्लेटफॉर्म से करने की व्यवस्था है। इसमें भविष्य में नई सुविधाओं और अन्य पोर्टलों के साथ एकीकरण की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा गया है। स्टार्टअप से जुड़ी शिकायतों और सवालों के समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन तथा सोशल मीडिया आधारित सहायता की भी सुविधा मिलेगी। यह मंच स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर, एक्सेलेरेटर, मेंटर्स, निवेशकों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच नेटवर्किंग, साझेदारी और सहयोग को प्रोत्साहित करेगा।

दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, नई पार्टी ‘जननीति भारत’ लॉन्च; जनता के लिए बताए तीन वचन

लखनऊ  आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखने वालीं दिव्या मित्तल ने आज सोशल मीडिया पर लाइव आकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। साथ ही अपनी नई पार्टी ‘जननीति भारत’ की घोषणा की। उन्होने कहा कि राजनीति आप पर राज करती है, लेकिन ये दल आपके राज के लिए बना है। पार्टी के तीन वचन बताते हुए कहा कि नई राजनीतिक पहल के तहत देश की नीतियों के केंद्र में आम लोगों को रखने पर जोर दिया गया है। नीतियां जनता की वास्तविक जरूरतों के आधार पर तय करने की बात कही गई है। किसानों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान उनके अनुभवों और सुझावों के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों में जाति, धर्म या पहचान के बजाय लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। महिलाओं की सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। स्थानीय स्तर पर होने वाले विकास कार्यों में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि लोगों की जरूरतों के अनुरूप योजनाएं बनाई जा सकें और उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनी रहे। दिव्या मित्तल ने बनाई जननीति भारत पार्टी दिव्या मित्तल ने वीडियो संदेश में बताया कि राजनीति में आने की बात कहने के बाद उन्होंने लोगों को एक नंबर दिया था, जिस पर इतने संदेश आए कि व्हाट्सएप ने उसे रोक दिया। उन्होंने इसके लिए माफी मांगते हुए लोगों के समर्थन पर आभार जताया। दिव्या ने कहा कि वह उम्मीद का दीया लेकर निकली थीं, लेकिन लोगों के संदेशों ने उन्हें सूरज के सामने खड़े होने जैसा एहसास कराया। उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान करते हुए कहा कि देश में पार्टियों की कमी नहीं, बल्कि सबकी सुनवाई नहीं होने की समस्या है। गंगा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां हर बूंद बराबर है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी पार्टी का नाम ‘जननीति भारत’ रखा है इससे पहले रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की जनसत्ता दल की ओर से दिव्या मित्तल को पार्टी से जुड़ने का प्रस्ताव दिए जाने की भी चर्चा उठी थी। वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक सवाल के जवाब में दिव्या मित्तल को सपा में शामिल होने का ऑफर दिया था। और कहा थी कि वो भी अब उन्हें तय करना पड़ेगा कि हरा गमछा और लाल गमछा डाल लें। आपको बता दें आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद नौकरी छोड़ने के बाद राजनीति में आने का फैसला किया। वे मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान दिव्या मित्तल की पहचान सख्त प्रशासनिक कार्यशैली और फैसलों को लेकर चर्चा में रहने वाली अधिकारी के रूप में बनी। हालांकि, उनकी तैनाती के दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ मतभेदों की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। मिर्जापुर में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय नेताओं के साथ उनके टकराव की बात कही जाती रही है। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नौकरी से त्यागपत्र देने की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा कि 13 वर्षों की अविस्मरणीय सेवा यात्रा को अपनी इच्छा से विराम दिया है। साधारण परिवेश में पली-बढ़ीं दिव्या ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई के बाद लंदन में नौकरी की, लेकिन अपने देश के लिए कुछ करने की इच्छा उन्हें भारत वापस ले आई। उन्होंने आईएएस अधिकारी बनने को सौभाग्य बताया। दिव्या ने लिखा कि वह देश को कुछ देने आई थीं, लेकिन उन्हें लोगों से इतना प्यार, सम्मान और अपनापन मिला कि उनकी झोली भर गई। उन्होंने अपने कार्यकाल में साथ देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों के प्रति भी आभार जताया था।  

सीएम योगी का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- मसुरियादीन पासी भी गए थे जेल योगी आदित्यनाथ ने किया स्वतंत्रता सेनानी मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण ‘सिर्फ नेहरू ही नहीं, मसुरियादीन पासी ने भी जेल में बिताए दिन’, सीएम योगी का बयान

राहुल गांधी नोट कर लें, सिर्फ नेहरू ही नहीं, मसुरियादीन पासी भी गए थे जेलः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा के सदस्य व पूर्व सांसद मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का किया अनावरण  सीएम ने कहा, अब मसुरियादीन जी के नाम पर होगा चौराहा, सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को तेलियरगंज चौराहे पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, ब्रिटिश जरायम पेशा कानून को समाप्त कराने वाले संविधान सभा के सदस्य एवं पूर्व सांसद महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी नोट कर लें कि देश की आजादी के लिए केवल नेहरू जी ही नहीं, बल्कि मसुरियादीन जी भी जेल गए थे। इनकी आयु 66-67 वर्ष रही, जिसमें 9 वर्ष (1932-1944) वह आजादी की अलख जगाने के लिए जेल में रहे। रिहा होने पर भी वह जन-जागरण करते रहे थे।  अब मसुरियादीन जी के नाम पर होगा चौराहा सीएम ने महापौर से प्रस्ताव मांगा और कहा कि जहां मसुरियादीन जी की प्रतिमा लगी है, वह चौराहा उनके नाम पर बनेगा। प्रयागराज की किसी एक अच्छी संस्था का नाम भी महाशय मसुरियादीन के नाम पर किया जाएगा। वहां भी उनकी भव्य प्रतिमा लगेगी, क्योंकि महापुरुषों को सम्मान देकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। भूत को सम्मान देकर वर्तमान संवर सकता है और वर्तमान के संवरने से ही भविष्य उज्ज्वल होगा। महाशय का सम्मान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान है, इसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।  महापुरुषों को विस्मृत नहीं करती भाजपा सरकार सीएम योगी ने कहा कि 2 अक्टूबर 1911 को महाशय मसुरियादीन पासी का भी जन्म हुआ था। इतिहास के कालचक्र ने इन्हें विस्मृत कर दिया था, लेकिन विकास व विरासत पर विश्वास करने वाली भाजपा सरकार महापुरुषों को विस्मृत नहीं करती। हमने उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए प्रतिमा का अनावरण किया है।  पं. नेहरू व मसुरियादीन जी साथ चुनकर गए थे संसद  सीएम ने बताया कि मसुरियादीन जी 1946 में यूपी विधानसभा के सदस्य बने, फिर स्वतंत्र भारत में 1952 से 1972 तक चार बार चुनकर संसद गए। 1952 में जब एक सीट पर दो सांसद चुने जाते थे तो पं. नेहरू व मसुरियादीन जी एक साथ चुनकर गए थे। उन्होंने काले कानून के खिलाफ 1952 में ही आवाज उठाई थी। 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में मुंह की खाने के बाद अंग्रेजों ने 1871 में जरायम पेशा कानून बनाकर पासी समेत तमाम जातियों को अपमानित किया था। बाबा साहेब व मसुरियादीन जी ने उस कानून के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अंततः उसे समाप्त कर पासी, सोनकर, वंचित, दलित समाज को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।  पासी समाज के शौर्य व पराक्रम की गाथा  मुख्यमंत्री ने कहा कि पासी समाज के शौर्य व पराक्रम की गाथा को हर कोई जानता है। महाराजा बिजली पासी ने 12वीं सदी में लखनऊ व आसपास के क्षेत्र में 12 किले बनाए थे। विदेशी आक्रांताओं से लड़ने के लिए इसे रणनीति का हिस्सा बनाया था। वीर मक्का पासी आजादी की लड़ाई लड़ते वीरगति को प्राप्त हुए तो उनकी पत्नी वीरांगना ऊदा देवी ने मोर्चा संभालते हुए अंग्रेजों के छुक्के छुड़ाए। अंततः उनका भी बलिदान हो गया।  सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं  सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने लखनऊ स्थित महाराजा बिजली पासी के किले का पुनरुद्धार किया। डबल इंजन सरकार लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर पीएसी बटालियन गठित कर रही है। वहां भी उनकी अश्वारोही भव्य प्रतिमा लगाई जा रही है। सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। जिन्होंने दलितों, वंचितों की आवाज को आगे बढ़ाया और देश-समाज के लिए जीवन समर्पित किया, उन्हें सम्मान मिलना चाहिए।  इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’, महापौर उमेश चंद्र ‘गणेश केसरवानी’, फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, पीयूष रंजन निषाद, वाचस्पति पासी, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्या, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, सुरेंद्र चौधरी, मसुरियादीन जी की पुत्री कमला कुमारी, पौत्र सचिन कुमार आदि मौजूद रहे।

वाराणसी में 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी, कब्जाई जमीन पर गरीबों की बनेंगी हवेलियां: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   वाराणसी में विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय की व्यवस्था   परिवार को ही प्रदेश मानने वालों की दुर्गति तय, मुख्यमंत्री योगी का सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज   403 विधानसभा क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि चलाएं ऐसा अभियान, जनता से संवाद कर समस्याओं का कराएं समाधान   2014 से पहले गंदगी, जाम और भू-माफिया से परेशान थी काशी, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ कायाकल्प   वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी में है। जिन जमीनों पर कभी माफिया का कब्जा था, वहां अब गरीबों की हवेलियां बनेंगी। प्रयागराज में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बहुमंजिला आवासीय इमारतों के निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'अब माफिया नहीं, माफिया की जगह मिट्टी में है, अब गरीबों के लिए बड़ी-बड़ी हवेलियां बनेंगी।' मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों के हितों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में कटौती करने वालों को भी चेताया। कहा कि उत्तर प्रदेश में तय कर दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।   मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अभियान के चौथे संस्करण की सराहना करते हुए इसे अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहकर उसकी समस्याओं का समाधान करें, सरकारी निर्माण कार्यों का संरक्षण सुनिश्चित करें और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दस स्वच्छता कर्मियों को अंगवस्त्र पहनाकर और बैग भेंटकर सम्मानित किया।   परिवार को ही प्रदेश मानने वालों की दुर्गति तय मुख्यमंत्री योगी ने जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का उल्लेख करते हुए परिवारवाद पर तंज कसा। उनका इशारा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि ही दोपहर 12 बजे सोकर उठेगा, नेतृत्व देने वाला भी 12 बजे सोकर उठेगा, अपने परिवार के बीच मस्त रहेगा और परिवार को ही समाज व प्रदेश मानने की भूल करेगा तो दुर्गति होनी ही है। उन्होंने कहा कि जो समाज, प्रदेश और देश को अपना परिवार मानते हैं, वही परिवर्तन ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उन जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा, जो एक बार चुने जाने के बाद लखनऊ में पड़े रहते हैं और दोबारा अपने क्षेत्र में झांकने नहीं पहुंचते।   स्वच्छता कर्मियों का मानदेय काटा तो होगी कड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले स्वच्छता कर्मियों से काम लेने के बाद उनकी मजदूरी और मानदेय में कटौती कर दी जाती थी। कई बार पूरा पैसा भी नहीं दिया जाता था। अब ऐसी मनमानी नहीं चलेगी। सरकार ने मानदेय में कटौती पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स कॉरपोरेशन के माध्यम से कर्मियों को न्यूनतम 16 हजार रुपये मानदेय देने की व्यवस्था की गई है। उन्हें ईएसआई के तहत अस्पतालों में उपचार, सुरक्षा बीमा और पीएफ का लाभ भी मिलेगा। दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। पीएफ की व्यवस्था से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मियों के पास अपनी पूंजी होगी और उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।   स्वच्छता मित्र नींव के पत्थर, उन्हीं पर टिकी भव्य व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वच्छता कर्मी तब सड़कों और मोहल्लों की सफाई करते हैं, जब अधिकांश लोग सो रहे होते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी और त्योहारों में भी वे पहले दूसरों के लिए स्वच्छ वातावरण तैयार करते हैं। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद स्वच्छता की प्रशंसा हुई। इसके पीछे स्वच्छता कर्मियों का परिश्रम था। उन्होंने कहा कि नींव का पत्थर दिखाई नहीं देता, लेकिन पूरी भव्य इमारत उसी पर खड़ी होती है। स्वच्छता कर्मियों का योगदान भी ऐसा ही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नगर निगमों के कार्यक्रमों में स्वच्छता मित्रों का सम्मान कराने पर विशेष जोर देते हैं।   403 विधानसभा क्षेत्रों में चले ऐसा अभियान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डॉ. नीलकंठ तिवारी का 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है। प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जनप्रतिनिधि इसी जागरूकता के साथ कार्य करें तो जनता के मन में नकारात्मकता पैदा नहीं होगी। लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही है, जिसकी पहुंच हर घर तक हो। शासन की योजनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कई पात्र लोगों को उनकी जानकारी तक नहीं होती। ऐसे में जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि शिविर लगवाकर वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान गाली-गलौज या मारपीट से नहीं, संवाद से निकलता है। प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जनहित के काम कराए जा सकते हैं।   प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदली काशी की तस्वीर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले काशी की गलियों में गंदगी, सड़कों पर जाम और बिजली का संकट आम बात थी। निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमते थे। भू-माफिया गरीबों और व्यापारियों की जमीन-मकान पर कब्जा कर भय का वातावरण बनाते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हुआ है। अब यह अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए नई आभा के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य सरकार करा सकती है, लेकिन उनके संरक्षण की जिम्मेदारी जागरूक समाज की है। समय पर सफाई और मरम्मत से सार्वजनिक सुविधाओं की उपयोगिता बढ़ती है।   76 दिनों में 24 वार्डों तक पहुंचा अभियान विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि लगातार चौथे वर्ष आयोजित वार्ड प्रवास अभियान में दक्षिणी विधानसभा के सभी 24 वार्ड शामिल किए गए। 19 जुलाई से दो अक्टूबर तक चले अभियान में प्रत्येक वार्ड में तीन से चार दिन प्रवास किया गया। … Read more