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वाणिज्य एवं उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेशवासियों को दी होली पर्व की बधाई

रायपुर वाणिज्य एवं उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने रंगों के पर्व होली पर प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि आप सभी के जीवन में होली का यह पर्व सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। केबिनेट मंत्री देवांगन ने कहा कि संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य सरकार द्वारा अपने वायदे के अनुरूप होली त्योहार के पहले प्रदेश के 25.28 लाख किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 10,324 करोड़ रूपए की आदान सहायता राशि उनके बैंक के खातों में अंतरित की है। होली त्योहार में किसानों का उत्साह दोगुना हो गया है।     केबिनेट मंत्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रह हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिक की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए डीबीटी के जरिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निमार्ण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा हितग्राहियों को अब तक लगभग 800 करोड़ रूपए की आर्थिक मदद दी जा चुकी है।          केबिनेट मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि रंगों का यह त्योहार हमारे जीवन में उमंग, उत्साह और सौहार्द्र का संचार करता है। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्यौहार नही बल्कि सामाजिक समरसता भाईचारे और भारतीय परम्पराओं की जीवंत अभिव्यक्ति का पर्व है। आइए, हम सभी मिलकर प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के रंगों से अपने समाज को और भी अधिक रंगीन बनाएं।

आस्था या चमत्कार? अंबिकापुर में अंगारों पर नंगे पांव चलकर मनाई जाती है होली

अंबिकापुर होली पर्व पर जहां एक ओर रंगों की मस्ती छाई रहती है, वहीं सरगुजा अंचल के ग्रामीण इलाकों में सदियों पुरानी परंपराएं आज भी जीवंत हैं। अंबिकापुर से लगे दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम करजी में होली की रात एक ऐसी अनोखी परंपरा निभाई जाती है, जो लोगों को आश्चर्य में डाल देती है। यहां होलिका दहन के तुरंत बाद ग्रामीण दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलते हैं और हैरानी की बात यह कि उनके पैरों में फफोले तक नहीं पड़ते। ग्रामीण इसे देवी की कृपा और अटूट आस्था का परिणाम मानते हैं। वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन और अटूट विश्वास वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग करजी पहुंचते हैं। इस वर्ष भी सोमवार की रात यहां वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन किया गया। विधिविधान से होलिका दहन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। होलिका दहन के बाद अंगारों पर लोग चले। हर वर्ष होलिका दहन के बाद जब लकड़ियां जलकर अंगारों में बदल जाती हैं, तब अंगारों की परत बिछाई जाती है। इसके बाद गांव के पुरुष श्रद्धापूर्वक नंगे पांव उन पर चलते हैं। जनजातीय संस्कृति में निशानेबाजी और लोकगीतों का उल्लास ग्रामीणों का विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा रखने वालों को कोई हानि नहीं होती। अंगारों पर चलने के बाद भी किसी के पैरों में जलन या छाले नहीं पड़ते। यह दृश्य देर रात तक लोगों की आस्था का केंद्र बना रहता है। सरगुजा अंचल की जनजातीय होली केवल अंगारों पर चलने तक सीमित नहीं है। कोड़ाकू जनजाति में होली की जली सेमर की ठूंठ पर लगभग 50 मीटर दूरी से पत्थर और तीर-धनुष से निशाना लगाने की परंपरा भी है। सफल प्रतिभागी को पुरस्कार स्वरूप महुआ के दो पेड़ दिए जाते हैं। फागुन मास में एक माह तक ‘होरी’ गीत गूंजते रहते हैं। झांझ, मंजीरा और मांदर की थाप पर पूरा गांव रंग और रस में डूबा रहता है।  

गर्मी का प्रकोप तेज: छत्तीसगढ़ में तापमान बढ़ने के आसार, फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं

रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और फिलहाल प्रदेशवासियों को बारिश से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक क्रमिक वृद्धि हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना जताई गई है। न्यूनतम तापमान की बात करें तो आगामी सात दिनों तक इसमें भी किसी बड़े परिवर्तन के संकेत नहीं हैं। यानी दिन में गर्मी बढ़ेगी, जबकि रात का तापमान लगभग स्थिर बना रहेगा। प्रदेश में पूरे दिन मौसम साफ और शुष्क बना रहा। कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिन और रात के तापमान में यह अंतर आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है, जिससे सुबह-शाम हल्की ठंडक और दोपहर में गर्मी महसूस होगी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर बांग्लादेश और उससे सटे मेघालय क्षेत्र से लेकर गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक ओडिशा और दक्षिणी छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर ऊपर बनी हुई है। हालांकि वर्तमान में इस प्रणाली का छत्तीसगढ़ के मौसम पर कोई विशेष प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस सिस्टम की सक्रियता बढ़ती है तो हल्के बादल छाने या आंशिक परिवर्तन की स्थिति बन सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेश में किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क ही रहने के आसार हैं। दिन में धूप तेज रहेगी और दोपहर के समय गर्मी का असर अधिक महसूस किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तापमान तेजी से बढ़ेगा। राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर महसूस हो सकता है, इसलिए विशेषज्ञों ने दोपहर में अनावश्यक धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।

हथियार छोड़ रंगों को अपनाया: भूपति की जिंदगी में नई शुरुआत की होली

बीजापुर कभी बस्तर के घने जंगलों में बंदूक की गूंज के बीच ’खून की होली’ खेलने वाला माओवादी नेता भूपति इस बार बारूद की जगह रंग और गुलाल में सराबोर दिखा। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित माओवादियों के साथ उसने होली मनाई। भूपति, जो कभी प्रतिबंधित संगठन की पोलित ब्यूरो व केंद्रीय समिति का सदस्य रहा और केंद्रीय वैचारिक प्रभारी के तौर पर माओवादी विचारधारा की देश भर में अगुवाई करते हुए वर्षों तक हिंसा की उस राह पर चला, जहां उत्सव की जगह जंगल की जंग थी, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद उसकी जिंदगी ने करवट ली है। इस बार उसके हाथ में हथियार नहीं, बल्कि गुलाल था। पत्नी तारक्का और अन्य पूर्व साथियों के साथ उसने रंग लगाया, गले मिला और नई शुरुआत का संदेश दिया। पुनर्वास केंद्र में होली का यह दृश्य बदलाव की कहानी भी कह रहा था। सुरक्षा बलों और प्रशासन के अधिकारियों ने भी इस अवसर को शांति और पुनर्वास नीति की सफलता के प्रतीक के रूप में देखा। दशकों से हिंसा की मार झेल रहे बस्तर अंचल के लिए यह तस्वीर उम्मीद जगाने वाली है। स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि जब कभी कठोर विचारधारा का चेहरा रहे लोग मुख्यधारा में लौटकर त्योहार मनाते हैं, तो यह समाज के लिए सकारात्मक संकेत होता है। भूपति का यह कदम उन युवाओं के लिए भी संदेश है, जो अब भी जंगलों में भटके हुए हैं। इस होली पर रंगों ने बंदूकों को पीछे छोड़ दिया। और शायद यही वह क्षण है, जब बस्तर और गढ़चिरौली शांति की असली होली की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।  

डीएमएफ खर्च को लेकर टकराव: जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर कार्य स्वीकृति से भड़के सांसद-विधायक

गरियाबंद जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) समिति की बैठक सोमवार को लंबे अंतराल के बाद आयोजित हुई, लेकिन शुरुआत से ही माहौल गरमा गया। अफसरों द्वारा पिछली कार्ययोजना का एजेंडा प्रस्तुत किया जा रहा था कि इसी दौरान सांसद रूप कुमारी चौधरी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए बैठक में नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अफसरों पर आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना कार्य आबंटन किया जा रहा है। सांसद ने बैठक में यहां तक पूछ लिया कि जिन कार्यों को स्वीकृति दी गई, वे आखिर किस समिति के अनुमोदन से पारित हुए। उनके तेवर देख बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। भाजपा विधायक रोहित साहू भी इस मुद्दे पर मुखर नजर आए। उन्होंने पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रस्तावित व्यवस्थाओं की अनदेखी पर नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बोर खनन के लिए 500 फीट खुदाई बताई जा रही है, जबकि कई स्थानों पर 700 फीट से अधिक खुदाई की आवश्यकता है। भारी क्षमता वाली मशीनें लगाने की मांग भी अनसुनी की गई, जिससे पेयजल समस्या जस की तस बनी हुई है। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर ने भी आदिवासी बहुल गांवों की सड़क और पुल कनेक्टिविटी की मांगों की अनदेखी का मुद्दा उठाया। बैठक में कलेक्टर भगवान सिंह उइके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। जनप्रतिनिधियों की तीखी प्रतिक्रिया के बीच बैठक का माहौल असहज हो गया। सूत्रों के मुताबिक, डीएमएफ के लगभग 22 करोड़ रुपये के बजट में से अब तक करीब 7 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत और निष्पादित किए जा चुके हैं। इनमें बोर खनन, शौचालय निर्माण, स्प्रिंकलर और पावर स्पेयर जैसे कार्य शामिल हैं। आरोप यह भी है कि जेम पोर्टल की आड़ में कुछ बड़े कार्यों की मंजूरी और आवंटन में प्रभावशाली हस्तक्षेप रहा, जबकि समिति सदस्यों की प्राथमिकताओं को अपेक्षित महत्व नहीं मिला। हालांकि जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने स्वीकार किया कि जनप्रतिनिधियों की मांग के अनुरूप कार्यों को मंजूरी नहीं मिलने से नाराजगी की स्थिति बनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में अब तक इस मद से कोई नया कार्य स्वीकृत नहीं हुआ है। बजट शेष है और आगामी दिनों में मांग के अनुरूप कार्यों को स्वीकृति देने की बात कही गई है। कलेक्टर भगवान सिंह उइके से पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। वहीं सांसद रूप कुमारी चौधरी की प्रतिक्रिया के लिए भी प्रयास किए गए, परंतु उनका जवाब नहीं आया। उनके निज सहायक सौम्य रंजन ने अधिकृत मीडिया प्रभारी के माध्यम से प्रेस नोट जारी करने की बात कही है। होली से ठीक पहले जिला पंचायत सभागार में उठे इस हंगामे ने डीएमएफ फंड के उपयोग और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद कार्य अनुमोदन सूची में किस प्रकार के बदलाव किए जाते हैं।

त्योहार से पहले कानून-व्यवस्था मजबूत: रायपुर ग्रामीण में 223 वारंट तामील, 119 पर केस

रायपुर होली पर्व के मद्देनज़र जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रायपुर ग्रामीण पुलिस ने व्यापक विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर राजपत्रित अधिकारियों के मार्गदर्शन और संबंधित थाना प्रभारियों के नेतृत्व में यह सघन कार्रवाई की गई। अभियान में संवेदनशील और प्रमुख थाना क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई। थाना माना, मंदिर हसौद, आरंग, धरसींवा, अभनपुर, गोबरानवापारा, राखी, विधानसभा, खरोरा और तिल्दा नेवरा क्षेत्रों में एक साथ समन्वित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने लंबित वारंटों की तामिली, निगरानी बदमाशों की जांच, संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की। 223 वारंट तामील, 119 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई अभियान के दौरान कुल 223 वारंटों की तामिली कर न्यायालयीन आदेशों का पालन सुनिश्चित किया गया। संभावित शांति भंग की आशंका को देखते हुए 119 आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। विभिन्न अधिनियमों के तहत सख्ती विशेष अधिनियमों के अंतर्गत भी प्रभावी कार्रवाई की गई—     1 आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज।     12 आरोपियों पर आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज।     99 मामलों में कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई।     158 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई।     6 आरोपियों पर जुआ/सट्टा अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज। इसके अलावा 49 गुंडा एवं निगरानी बदमाशों तथा 18 चाकूबाज प्रवृत्ति के व्यक्तियों की सघन चेकिंग कर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई, ताकि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस विशेष अभियान के तहत विभिन्न धाराओं और अधिनियमों में कुल 613 व्यक्तियों/प्रकरणों पर कार्रवाई की गई। नागरिकों से अपील पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से होली को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की है। साथ ही अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्व की जानकारी तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को देने का आग्रह किया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

रंगों में घुले प्रेम और सौहार्द का त्योहार है होली : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दी होली की शुभकामनाएँ

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मंत्री राजवाड़े ने अपने संदेश में कहा है कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा, उल्लास और सकारात्मकता का संचार करता है तथा भेदभाव मिटाकर सभी को एक सूत्र में पिरोने का संदेश देता है।उन्होंने कामना की कि यह होली सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि त्योहार मनाते समय प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें, जल संरक्षण का ध्यान रखें तथा पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में अपना सक्रिय सहयोग दें। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाई गई होली ही सच्चे अर्थों में आनंद और सौहार्द का उत्सव बनती है तथा समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी विश्वास को और अधिक मजबूत करती है।

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार का कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2025-26 में छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं ने ईस्ट ज़ोन रीजनल प्रतियोगिता में 12 पदक और 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। यह प्रतियोगिता क्रमशः चार चरणों में जिला, राज्य, रीजनल एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को वर्ल्ड स्किल्स इंटरनेशनल के अंतर्गत भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होगा।  छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। राज्य सरकार कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक प्रशिक्षण, नवाचार और उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। यह सफलता सशक्त युवा, समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदकईस्ट जोन की रीजनल प्रतियोगिता का समापन 02 मार्च 2026 को भुवनेश्वर में हुआ, जिसमें ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के 200 से अधिक प्रतिभागियों ने 59 कौशल श्रेणियों में भाग लिया। छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदक एवं 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस सम्मान अर्जित किए, जिनमें 01 स्वर्ण, 02 रजत, 05 कांस्य पदक तथा 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस शामिल हैं।  डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया में सुनील कुमार पैतल ने स्वर्ण पदक, 3डी डिजिटल गेम आर्ट में खुशांक नायक, सीएनसी मिलिंग में पुष्कर सोनबर एवं सीएनसी टर्निंग में आत्माराम ने रजत पदक अर्जित कर राज्य को गौरवान्वित किया। इसी तरह सीएनसी मिलिंग में निखिल, इलेक्ट्रॉनिक्स में अभिषेक कुमार, प्लंबिंग एवं हीटिंग में रेशमान, वेब टेक्नोलॉजी में सतेंद्र कुमार ने कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। इसी तरह रेन्यूबल एनर्जी में नोहर लाल पटेल, मेकेनिकल इंजीनियरिंग में ओम बंजारे, हेल्थ एंड सोशल केयर में अंतरा मुखर्जी ने मेडल ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त किया।  उल्लेखनीय है कि राज्य में प्रतियोगिता का सफल आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया। 19 कौशल ट्रेड्स में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में 3327 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 381 प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु चयनित हुए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 03 एवं 04 फरवरी 2026 को रायपुर, दुर्ग एवं रायगढ़ जिलों के प्रतिष्ठित संस्थानों में संपन्न हुई। व्यावहारिक मूल्यांकन के पश्चात 38 प्रतिभागियों का चयन रीजनल स्तर के लिए किया गया। रीजनल स्तर पर सफल प्रतिभागी अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। राज्य में पहली बार कौशल तिहार 2025 एवं मोबाइल आधारित एमसीक्यू परीक्षा जैसे नवाचारों के माध्यम से प्रतियोगिता का व्यापक एवं पारदर्शी संचालन किया गया।

90 वर्षीय चाका बाई पुनः सुन सकती है जीवन की मधुर ध्वनि

रायपुर  90 वर्षीय चाका बाई की चेहरे से झलकती मुस्कराहट बता रही है कि उनके जीवन में खुशियां फिर से लौट आई है। उम्र के इस दौर में शारीरिक परेशानियों का आना स्वाभाविक है और ऐसे समय में की गई सहायता बुजुर्गों के लिए बड़ी सहारा बनती है। ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही चाका बाई मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंची। उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें उनकी परेशानियों का समाधान यहां पर अवश्य मिलेगा और हुआ भी ऐसा ही, कैंप कार्यालय से उन्हें तत्काल मदद मिली और उसे श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। जशपुर जिले के ग्राम पंचायत जामचुआं, तहसील कुनकुरी निवासी चाका बाई ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही थी। उन्होंने कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्याओं को साझा किया। कैंप कार्यालय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनके आवेदन पर त्वरित कार्यवाही की और उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया। श्रवण यंत्र पाकर चाका बाई ने अपनी प्रसन्नता जाहिर की और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को आशीर्वाद दिया है।  गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।

होली में कानून व्यवस्था चाक-चौबंद, हुड़दंग करने वालों पर रहेगी कड़ी नजर

बिलासपुर होली पर हुड़दंग और अपराध रोकने पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर शहर और ग्रामीण इलाकों में 4 एएसपी, 9 डीएसपी, सभी टीआई और एसआई सहित 800 जवान तैनात रहेंगे. 81 पेट्रोलिंग पार्टियां लगातार गश्त करेंगी. किसी भी हुड़दंग या अपराध की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी. संबंधित क्षेत्र के राजपत्रित अधिकारी से लेकर टीआई तक मौके पर पहुंचकर संज्ञान लेंगे. पकड़े गए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसएसपी ने नागरिकों से सौहार्दपूर्ण ढंग से होली मनाने की अपील की है. आपराधिक गतिविधियों की सूचना के लिए नंबर जारी होली के दौरान आपराधिक गतिविधियों की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम 9479193099 पर दी जा सकती है. इसके अलावा सिविल लाइन 9479193019, कोतवाली 9479193018, सरकंडा 9479193022, सिरगिट्टी 9479190151, सकरी 9479191721, कोनी 9479193023, तारबाहर 9479193020 और तोरवा 9479193021 से संपर्क किया जा सकता है. इन इलाकों में पुलिस का रहेगा कड़ा पहरा 7 जोन के संवेदनशील इलाकों को विशेष निगरानी में रखा गया है. इनमें जोन क्रमांक दो तिफरा में मन्नाडोल, सिरगिट्टी बन्नाक चौक, जोन क्रमांक तीन का ठेठाडबरी, मिट्टीटीला, कुदुदंड सूर्यवंशी मोहल्ला और गुरु घासीदास नगर जरहाभाठा मिनीबस्ती शामिल है. इनके अलावा जोन चार अंतर्गत मिनीमाता नगर, तारबाहर, डिपूपारा, मंझवापारा, मरीमाई मंदिर, तालापारा, मगरपारा और जोन पांच के अंतर्गत करबला तालाब, कतियापारा नदी किनारे क्षेत्र, डबरीपारा, फिश मार्केट शनिचरी सहित जोन छह का मांडवा बस्ती, पटेल पारा, चुचुहियापारा, हेमूनगर पानी टंकी के पीछे, देवरीखुर्द, कंसा चौक टिकरापारा, खटीक मोहल्ला, मामा भांचा तालाब क्षेत्र, पुराना हाई कोर्ट के पीछे और मधुबन और जोन 7 में चिंगराजपारा, डबरीपारा, अशोक नगर मुरुम खदान, बंधवापारा इंमलीभाठा, चिल्हाटी, मोपका शामिल है.