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बसंत पंचमी के दिन नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचा शिक्षक

सरगुजा. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सरकारी टीचर बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा में नशे में धुत होकर स्कूल पहुंच गया। शराब के नशे में टीचर ने हाथ जोड़कर कहा- वह आज सरस्वती पूजा में आया था। सब पूजा-पाठ में लगे हैं, उसने भी पूजा में नारियल चढ़ा दिया। एक ग्रामीण पूछता है कि क्या-क्या पीए हो तो जवाब में टीचर कहता है- कुछ नहीं। मध्यान्ह भोजन में दाल-भात खाएं हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने टीचर का वीडियो बना लिया, जो अब वायरल हो रहा है। यह घटना गुमगरा के जूनापारा प्राइमरी स्कूल की है। शराब के नशे में टीचर स्कूल पहुंचा और बहकी-बहकी बातें कर रहा था। टीचर की हरकतों से परेशान लोगों ने ग्राम सभा बुलाई और उसे हटाने का प्रस्ताव पारित किया। मामले में लखनपुर बीईओ ने टीचर को सस्पेंड करने की सिफारिश कर रिपोर्ट डीईओ सरगुजा को भेज दी है। जानकारी के अनुसार गुमगरा के जूनापारा प्राइमरी स्कूल में पोस्टेड शिक्षक बुद्धेश्वर दास आदतन शराबी है। बसंत पंचमी के दिन शुक्रवार को स्कूल में सरस्वती पूजन का आयोजन हुआ। पूजा में शामिल अभिभावकों ने शिक्षक को नशे की हालत में देखा और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। नशे में धुत टीचर का वीडियो रिकॉर्ड करते हुए टीचर से शराब पीने के बारे में पूछा गया तो पहले उसने शराब पीने से इनकार करते हुए कहा कि प्राइमरी स्कूल में मध्यान्ह भोजन खाया है। जब टीचर से उसका नाम पूछा गया तो टीचर ने कहा कि क्यों नाम बताऊंगा, नहीं बताऊंगा। टीचर ने वीडियो बनाने वालों से कहा कि वे मैनपाट के पहाड़गांव में पोस्टेड हैं। बाद में बताया कि गुमगरा खुर्द में पोस्टेड हैं। टीचर ने कहा कि आज सरस्वती पूजा है तो हमने भगवान को दूसरा प्रसाद चढ़ा दिया है। टीचर ने बताया कि संकुल प्रभारी विनोद गुप्ता हैं, लेकिन उन्हें कॉल करने से मना कर दिया और कहा कि उनका नंबर मेरे पास नहीं है। पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि गुड्डू सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक बुद्धेश्वर दास आदतन शराबी है। आए दिन स्कूल में शराब का सेवन कर पहुंचते हैं। कई बार ग्रामीणों को समझाइश के बाद भी उनकी आदत में सुधार नहीं हुआ है। टीचर के शराब पीकर स्कूल आने की सूचना पर सरपंच रुपमनिया मरावी, पंचायत प्रतिनिधियों के साथ स्कूल पहुंची और ग्राम सभा बुलाकर शिक्षक बुद्धेश्वर दास को स्कूल से हटाए जाने प्रस्ताव पारित किया गया। लखनपुर बीईओ डीके गुप्ता ने बताया कि टीचर बुद्धेश्वर दास का वीडियो आज मिला है। संकुल प्रभारी से मामले की जांच कराई गई। संकुल प्रभारी ने टीचर के शराब पीकर स्कूल आने की रिपोर्ट दी है। टीचर को सस्पेंड करने की सिफारिश के साथ प्रतिवेदन सरगुजा डीईओ को भेज दिया गया है।

जशपुर जिले में 914 करोड़ से दूरस्थ अंचलों तक पहुंच रहा सड़क नेटवर्क

जशपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी एवं जनहितैषी नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास कार्यों ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। उनके मार्गदर्शन में जिले में प्रगति और समृद्धि के नए द्वार खुल रहे हैं। विशेष रूप से अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानी जाने वाली सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे जिले की तस्वीर तेजी से बदल रही है और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। पिछले दो वर्षों के दौरान जिले में कुल 914 करोड़ 94 लाख रुपए की लागत के 603 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी विकास यात्रा को और आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले में 18.26 करोड़ रुपए की लागत से 6 नई सड़कों के निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिन 6 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है, उनमें 03 करोड़ 91 लाख 68 लाख रूपए लागत के भट्ठा से सरगुजा सीमा तक सड़क मार्ग। जिसकी लंबाई 4 किलोमीटर है। इसी तरह 04 करोड़ 38 लाख 24 हजार रूपए लागत के 4.42 किमी लंबी बांसटोली से पण्डुटोली पहुंच मार्ग, 02 करोड़ 53 लाख रूपए लागत के 2.52 किमी लंबी दुर्गापारा से फरसापानी मैनी पहुंच मार्ग पुल-पुलिया सहित, 02 करोड़ 62 लाख 69 हजार रूपए लागत के 2.34 किमी लंबी सरडीह से पतरापारा पहुंच मार्ग, 02 करोड़ 36 लाख 54 हजार रूपए लागत के 1.75 किमी लंबी जरूड़ाड से टटकेला पहुंच मार्ग और 02 करोड़ 44 लाख 76 हजार रूपए लागत के 2.50 किमी लंबी बांसाटोली से अकरीकोना पहुंच मार्ग के निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार अधोसंरचना विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों से जिले के हर कोने में विकास की रोशनी पहुंच रही है। दूरस्थ क्षेत्रों में निवास कर रहे समुदायों को विद्यालयों, सेवाओं, अस्पतालों तथा मंडियों से जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण और सुधार होने से उन्हें सहूलियत मिलने के साथ ही इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने में भी आसानी होती है। अच्छी सड़कें विकास की भी कुंजी भी कही जाती है। सुरक्षित, पक्की सड़कें जिनका उपयोग मौसम के सभी हालातों में किया जा सकता है, जो पहले कभी दुर्गम रास्तों से होकर अस्पताल पहुंचते थे, देरी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी, अब आधुनिक चिकित्सा केन्द्र तक आसानी से पहुंच सकते हैं। कई शोध बताते हैं कि स्कूलों, कॉलेजों तक पहुंच मार्ग हो जाने से ड्रॉप आऊट संख्या में भी कमी आती है। बाजार तक पहुंच आसान होने से किसानों को फसल का बेहतर मूल्य भी मिल पाता है। सड़कों का यह व्यापक विस्तार न केवल आवागमन को सुगम बना रहा है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार ला रहा है। जिले के लोग इन विकास परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं।

बिलासपुर में राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के संचालक का जिला स्तरीय अधिकारियों से संवाद

बिलासपुर. लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी के संचालक श्रीराम तरणिकांति ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं शासन की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, सहायक कलेक्टर अरविंथ कुमारन, एडीएम शिवकुमार बनर्जी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में कलेक्टर ने जिले का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए। प्रशासनिक संरचना, विभागीय समन्वय एवं शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले में किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। अपने उद्बोधन में तरणिकांति ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में व्यापक, समावेशी एवं दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को केवल उन्हीं कार्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए जो प्रत्यक्ष रूप से उनके समक्ष आते हैं, बल्कि उन विषयों पर भी सक्रिय पहल करनी चाहिए जो सामान्यतः सामने नहीं आ पाते। इससे शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि वे संवेदनशीलता, नवाचार एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए जनहितकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से उतारें तथा शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

रायपुर साहित्य महोत्सव में काव्य-पाठ करने दूर-दूर से आए साहित्य प्रेमी

रायपुर. रायपुर साहित्य महोत्सव का आज दूसरा दिन है. नवा रायपुर पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित महोत्सव में आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा। बता दें कि इस महोत्सव में देशभर से 120 से अधिक ख्यातिनाम साहित्यकार हिस्सा लेंगे. आयोजन की हो रही है प्रशंसा आयोजन के दौरान राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि इस आयोजन में आकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति छत्तीसगढ़ की बोली छत्तीसगढ़ की उपलब्धि छत्तीसगढ़ के गठन वर्ष का रजत जयंती समारोह है. इस मौके पर भव्य और सुंदर कार्यक्रम देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई. दूर-दूर से आए साहित्य प्रेमी जशपुर की लेखिका अंकिता जैन ने बताया कि मुझे लगता है कि यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साहित्य का आयोजन हो रहा है, जो बेशक ही अच्छा इंपैक्ट डालने वाला है. युवाओं और लेखन पर क्योंकि उनको भी लगेगा कि दिल्ली लखनऊ मुंबई के अलावा हमारे क्षेत्र और हमारे राज्य में अच्छे कार्यक्रम हो सकते हैं. मैं एक लेखक हूं और मेरी 7 किताबें आ चुकी है. हाल ही में मुझे इफको युवा साहित्य सम्मान भी मिला है. इसके साथ ही मुझे मेदनी पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है.

रायपुर में तीन दिन चलेगा राज्य स्तरीय रोजगार मेला

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के तत्वावधान में आगामी 29, 30 एवं 31 जनवरी 2026 को शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, सेजबहार (रायपुर) में राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में निजी क्षेत्र के लगभग 15 हजार रिक्त पदों पर चयन की कार्यवाही विभिन्न नियोक्ताओं द्वारा की जाएगी। रोजगार मेले में अधिसूचित रिक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट Also Read – शिक्षा के मंदिर में शर्मनाक करतूत…वीडियो वायरल https://erojgar.cg.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक आवेदकों के लिए विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी प्रदान की गई है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रायगढ़ जिले से अब तक 2870 आवेदकों का सफलतापूर्वक पंजीयन हो चुका है। जिले के पंजीकृत आवेदकों के लिए साक्षात्कार की तिथि 31 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई है। उन्होंने जिले के अधिक से अधिक पात्र एवं इच्छुक आवेदकों से कहा है कि वे निर्धारित तिथि को रोजगार मेले में उपस्थित होकर साक्षात्कार में भाग लें एवं इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं। मिली जानकारी के अनुसार इस मेला में तकनीकी और गैर तकनीकी 15 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। जिले के इच्छुक युवा 30 जनवरी को समस्त शैक्षणिक दस्तावेजों एवं अनुभव प्रमाण पत्रों के साथ रोजगार मेला में शामिल हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मागदर्शन केन्द्र जमकोर में सम्पर्क कर सकते हैं। प्रदेश सरकार ने कई नामी कंपनियों के साथ हाथ मिलाए हैं ताकि युवाओं को योग्यता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। ऐसे में अब सरकार 15000 पदों पर भर्ती करने जा रही है। सबसे अहम बात ये है कि इन कंपनियों में नौकरी के लिए कोई परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। यानि सीधे इंटरव्यू के बाद युवाओं को नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा। गौरतलब है कि सीएम साय ने जब से सत्ता की कुर्सी संभाली है प्रदेश के गांव-गरीब और युवाओं के लिए काम कर रहे हैं। सत्ता में आते ही उन्होंने कई ऐसी योजनाएं बनाई है जो अंतिम व्यक्ति तक सीधे लाभ पहुंचा रही है। वहीं, अब सरकार ने हर ‘हाथ में रोजगार’ देने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए 15000 पदों पर भर्ती करने जा रही है। सरकार की ये पहल युवाओं के लिए संजीवनी की तरह काम करेगी।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 3 स्थानीय छुट्टियां, सरकारी दफ्तर इन दिन होंगे बंद

बलौदाबाजार-भाटापारा जिलेवासियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्ष 2026 की अवकाश सूची जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन को स्थानीय जरूरतों के अनुसार छुट्टियां घोषित करने का अधिकार दिया गया था। इसी क्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला प्रशासन ने 3 स्थानीय अवकाशों की घोषणा कर दी है, जिसका आधिकारिक आदेश भी जारी हो चुका है। इन तारीखों को रहेगा स्थानीय अवकाश जारी आदेश के मुताबिक – 29 सितंबर 2026 (शुक्रवार) – अनंत चतुर्दशी 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) – दशहरा (महाअष्टमी)   10 दिसंबर 2026 (गुरुवार) – वीर नारायण सिंह शहादत दिवस इन तीनों दिनों में जिले के सभी शासकीय कार्यालय और संस्थान बंद रहेंगे। किन्हें मिलेगा अवकाश का लाभ? घोषित अवकाशों का लाभ जिले में स्थित राज्य शासन के कार्यालयों, शासकीय संस्थानों और कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि, आपातकालीन और आवश्यक सेवाएं पूर्ववत चालू रहेंगी। 2026 में छुट्टियों की भरमार छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026 के लिए अवकाशों की गजट सूची जारी कर दी है। सरकारी आदेश के अनुसार— कुल 107 छुट्टियां 18 पब्लिक हॉलिडे 28 जनरल हॉलिडे 61 ऐच्छिक (ऑप्शनल) अवकाश इन त्योहारों पर नहीं मिलेगी अलग छुट्टी कुछ प्रमुख त्योहार इस बार रविवार के दिन पड़ रहे हैं, इसलिए उन पर अतिरिक्त अवकाश नहीं मिलेगा। महाशिवरात्रि और दिवाली रविवार को होने के कारण अलग से छुट्टी घोषित नहीं की गई है। जनवरी से दिसंबर तक सरकारी कर्मचारियों को लगभग हर महीने त्योहारों और विश्राम का अवसर मिलेगा, जिसमें गणतंत्र दिवस, होली, ईद, रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस, दशहरा और क्रिसमस जैसे बड़े पर्व शामिल हैं।  

प्रमुख सचिव निहारिका बारिक ने गरियाबंद में की समीक्षा बैठक

रायपुर.गरियाबंद  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव  निहारिका बारिक ने शुक्रवार को गरियाबंद के जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले में संचालित प्रमुख शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं तथा सेवा प्रदाय तंत्र की समग्र प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में मनरेगा आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा, एनआरएलएम के प्रबंध संचालक  अश्विनी देवांगन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव  सच्चिदानंद आलोक, जिला पंचायत सीईओ  प्रखर चंद्राकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव   बारिक ने ग्रामीण विकास से संबंधित प्रमुख योजनाओं—प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), पंचायत एवं ग्रामीण अधोसंरचना विकास, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवाओं तथा राज्यपाल द्वारा गोद लिए गए ग्राम बिजली की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिक योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुँचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागों के मध्य बेहतर समन्वय, कार्यों की नियमित निगरानी तथा लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृति, निर्माण प्रगति एवं भुगतान की स्थिति की सतत निगरानी करने के निर्देश देते हुए उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप समय पर आवास पूर्ण कराने पर बल दिया। मनरेगा अंतर्गत सृजित श्रम दिवसों, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत लाभ के कार्यों, जल संरक्षण एवं संवर्धन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पूर्ण पारदर्शिता एवं सटीक अभिलेख संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालय निर्माण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन गतिविधियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरेलू नल कनेक्शन की प्रगति, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्धता, मोटर-पंप एवं पाइपलाइन मरम्मत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही ग्रामीण सड़क निर्माण, पुल-पुलियों के रखरखाव, यातायात सुविधा विस्तार एवं पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव   बारिक ने कहा कि शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सर्वोपरि है, तथा दिए गए निर्देशों के पालन की सतत समीक्षा की जाएगी।

रायपुर साहित्य उत्सव: ओपन माइक ने प्रतिभाओं को बनाया केंद्र बिंदु

रायपुर. रायपुर साहित्य उत्सव के अंतर्गत प्रदेश के लब्ध प्रतिष्ठित कवि पद्म  स्वर्गीय सुरेन्द्र दुबे जी को समर्पित ओपन माइक मंच पर पहले दिन चार सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें 75 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी सृजनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। इस मंच पर कविता, कहानी, गायन, वादन, सामूहिक नृत्य एवं शास्त्रीय नृत्य जैसी विविध विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। ओपन माइक सत्र में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह विशेष मंच विभिन्न विधाओं के कलाकारों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सुसज्जित किया गया था, जहाँ बाँसुरी, गिटार और वायलिन वादन की प्रस्तुतियों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। नन्ही नृत्यांगनाओं ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं सरगुजा से लेकर बस्तर तक के युवा कवियों और ग़ज़लकारों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष   अमरजीत सिंह छाबड़ा, महंत कॉलेज के प्राचार्य   देवाशीष महंत तथा संयुक्त संचालक, जनसंपर्क  मती इस्मत जहाँ दानी द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ओपन माइक सत्र ने न केवल नवोदित प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया, बल्कि साहित्य, कला और संस्कृति के प्रति युवाओं के उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा को भी प्रभावी रूप से उजागर किया।

तेल की गुणवत्ता पर कड़ी नजर, खराब खाद्य सामग्री का निस्तारण

अंबिकापुर कलेक्टर  अजीत वसंत के आदेश एवं अपर कलेक्टर  सुनील नायक के निर्देशानुसार खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग हो रहे खाद्य तेल की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की जांच हेतु खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा शहर में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। जांच के दौरान भारत माता चौक स्थित एक प्रतिष्ठित होटल में तेल रिफ्रेक्टोमीटर के माध्यम से खाद्य तेल के घनत्व की जांच की गई, जिसमें तेल का घनत्व 35 मानक पाया गया, जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। टीम द्वारा मौके पर ही लगभग 22 लीटर हानिकारक तेल को नष्ट कराया गया। साथ ही उसी तेल से बनाए गए लगभग 250 नग समोसे भी तत्काल नष्ट कराए गए। इसके अतिरिक्त होटल परिसर में काकरोच पाए जाने पर होटल संचालक को नोटिस जारी किया गया। इसके पश्चात् खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम अभिहित अधिकारी के नेतृत्व में टीम द्वारा रिंग रोड स्थित होटल आरजू का निरीक्षण किया गया, जहां शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों का पृथक भंडारण नहीं पाया गया। निरीक्षण में काबुली चना, पनीर एवं हरी चटनी को एक ही डीप फ्रीजर में चिकन एवं मटन के साथ भंडारित किया जाना पाया गया। साथ ही होटल की रसोई में बड़ी संख्या में काकरोच पाए गए, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। उक्त गंभीर लापरवाही को देखते हुए दोनों होटल संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। अग्रिम कार्रवाई के तहत संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में संबंधित फर्मों के लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही की जाएगी।खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं नियमों के पालन के निर्देश दिए हैं।  

रिवायत : ग़ज़लों की खुशनुमा महफ़िल 25 जनवरी को सजेगी

 रिवायती ग़ज़लें सिर्फ़ शब्द नहीं, बल्कि रूह की आवाज़ होती हैं: सुश्री श्रुति प्रभला बिलासपुर रिवायत का अर्थ है परंपरा और रीति-रिवाज़। शताब्दियों पूर्व लिखी गई रिवायती ग़ज़लें आज भी ऐसी प्रतीत होती हैं, मानो वे हमारे ही जीवन की आपबीती हों। इन ग़ज़लों को सुनते हुए ऐसा महसूस होता है कि हर शेर श्रोता के दिल के बेहद करीब है। साहित्यिक दृष्टि से कठिन होने के बावजूद रिवायती ग़ज़लें भावपूर्ण और अर्थवान होती हैं। उर्दू भाषा से सामान्य परिचय रखने वाला श्रोता भी इनमें निहित जज़्बातों को गहराई से समझ सकता है। ऐसी ही रिवायती ग़ज़लों की एक विशेष संध्या “रिवायत” 25 जनवरी 2026, रविवार को शाम 6.30 बजे लखीराम ऑडिटोरियम, बिलासपुर में आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम में बिलासपुर की प्रसिद्ध शास्त्रीय, भजन एवं ग़ज़ल गायिका श्रुति प्रभला अपनी सुमधुर गायकी प्रस्तुत करेंगी। शुक्रवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार-वार्ता में श्रुति प्रभला ने कहा कि रिवायती ग़ज़लें केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति होती हैं। उन्होंने बताया कि आम तौर पर प्रचलित ग़ज़लें गीतनुमा होती हैं, जो सरल भाषा में लिखी जाती हैं, जबकि रिवायती ग़ज़लें गहरे भाव और गंभीर अनुभूति से उपजी होती हैं। इन ग़ज़लों के जज़्बात केवल सुनने से नहीं, बल्कि दिल से महसूस करने पर समझ में आते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने एक शेर पढ़ा “अगर तू इत्तिफ़ाक़न मिल भी जाए, तिरी फ़ुर्क़त के सदमे कम न होंगे” श्रुति ने कहा कि उर्दू ज़ुबान में रची गई ग़ज़ल का हर शेर श्रोता की आत्मकथा बनकर उभरता है। उन्होंने आगे कहा “मसर्रतों की तलाश में है मगर यह दिल जानता नहीं, अगर ग़म-ए-ज़िंदगी न हो तो ज़िंदगी में मज़ा नहीं। मूलतः शास्त्रीय गायिका श्रुति प्रभला भजन गायन में भी समान रूप से दक्ष हैं, फिर भी ग़ज़लों के प्रति उनका विशेष झुकाव है। इस पर उन्होंने कहा, भजन मैं गाती हूँ, लेकिन ग़ज़ल मेरे गले से बे-साख़्ता निकलती है। मैं स्वयं को ग़ज़लों के बेहद करीब पाती हूँ। श्रुति प्रभला, संगीत रिसर्च अकादमी, कोलकाता के गुरु एवं आगरा संगीत घराने के उस्ताद वसीम अहमद खान की शिष्या हैं। उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से मास्टर ऑफ़ परफ़ॉर्मिंग आर्ट्स की उपाधि प्राप्त की है। अपने संगीत-प्रशिक्षण काल में श्रुति देश के अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी गायकी की छाप छोड़ चुकी हैं। वे अंतरराष्ट्रीय गायन प्रतियोगिता “द वॉयस ऑफ़ वर्ल्ड” की विजेता रह चुकी हैं। इसके अतिरिक्त इस्कॉन नेल्लोर द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय भजन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान व गोल्ड मेडल, पेंड्रा में स्व. माधवराव सप्रे स्मृति महोत्सव में कबीर गायन के लिए मुख्यमंत्री सम्मान एवं नव्या सम्मान से भी उन्हें नवाज़ा गया है। उन्होंने डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के युवा बसंत महोत्सव, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ राज्योत्सव सहित अनेक मंचों पर शास्त्रीय, ग़ज़ल एवं कबीर गायन की ओजस्वी प्रस्तुतियाँ दी हैं। श्रुति ने एनटीपीसी, सीपत का आधिकारिक गीत भी गाया है तथा ऑल इंडिया रेडियो के लिए विशेष ग़ज़ल कार्यक्रम प्रस्तुत किया है। कार्यक्रम “रिवायत” में अहमद फ़राज़, फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, बहज़ाद लखनवी, मिर्ज़ा ग़ालिब और अल्लामा इक़बाल जैसे महान शायरों की रचनाएँ प्रस्तुत की जाएँगी। साथ ही वर्तमान दौर की प्रसिद्ध ग़ज़ल गायिका डॉ. राधिका चोपड़ा की गाई हुई कुछ ग़ज़लें भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी। श्रुति ने बताया कि डॉ. राधिका चोपड़ा ग़ज़ल गायन के क्षेत्र में उनकी गुरु समान हैं। ग़ज़लें केवल प्रेम और विरह तक सीमित नहीं होतीं—इस प्रश्न पर श्रुति ने दार्शनिक अंदाज़ में कहा कि मनुष्य का सम्पूर्ण जीवन प्रेम से ही जुड़ा है। प्रेम केवल प्रेमी-प्रेमिका तक सीमित नहीं, बल्कि माता-पिता, परिवार, समाज और ईश्वर से जुड़ा भाव भी है। रिवायती ग़ज़लें जीवन की पूरी यात्रा प्यार, पीड़ा, सम्मान और स्मृतियों को उजागर करती हैं। ये ग़ज़लें दिल की डायरी की तरह होती हैं, जहाँ हर शेर एक एहसास और एक अनकहा सच समेटे रहता है। इसी कड़ी में श्रुति प्रभला ने ग़ज़लों के शौकीन सभी श्रोताओं से 25 जनवरी 2026, रविवार शाम 6.30 बजे लखीराम ऑडिटोरियम में आयोजित “रिवायत” कार्यक्रम में उपस्थित होने की अपील की।