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नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ी: 2024 से अब तक 14 नए कैंप स्थापित, तुमालभट्टी में भी हुआ नया कैंप

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित ग्राम तुमालभट्टी में पुलिस प्रशासन ने नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया है। यह कदम छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना से क्षेत्र की ग्रामीणों को लाभान्वित करने उद्देश्य से उठाया गया है। सुरक्षा बलों ने भारी चुनौतियों के बीच हासिल की सफलता कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भारी मानसून के बावजूद सुरक्षा बलों ने डटकर सभी चुनौतियों का सामना किया और सुरक्षा कैंप की स्थापना की। इसके साथ ही कोंटा से किस्टाराम को सीधा जोड़ने की दिशा में यह एक अहम कदम साबित होगा। आगामी दिनों में दोनों इलाकों के बीच दूरी घटकर लगभग आधी हो जाएगी। कैंप की स्थापना से ग्रामीणों को योजनाओं का मिलेगा लाभ सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा का वातावरण सुदृढ़ होगा और ग्रामीणों को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित होने का अवसर प्राप्त होगा। यह कदम माओवादियों के विरुद्ध एक बड़ी रणनीतिक सफलता है, जो ग्रामीणों के जीवन में शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा प्रदान करेगा। इस कैंप की स्थापना से क्षेत्र में माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, नक्सल विरोधी अभियान में तेजी आएगी तथा आसपास के ग्रामीणों को सड़क, पुल-पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं, पीडीएस दुकानें, शिक्षा और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नए सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र के आमजन में उत्साह का माहौल है। 2024 से अब तक 14 नए सुरक्षा कैंप स्थापित, 518 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में सुरक्षा बलों द्वारा कुल 14 नए कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन सुरक्षा कैंपों की स्थापना से नक्सल उन्मूलन अभियान में तेजी आई है। इसी अवधि में नक्सल विचारधारा को त्यागकर 518 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 63 माओवादियों को मार गिराने और 447 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई स्थापना यह सुरक्षा कैंप पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक (परि.) राजेश पांडेय और सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में स्थापित किया गया। साथ ही सीआरपीएफ 217, 212, 207 कोबरा बटालियन और स्थानीय पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। अब तक स्थापित किये गए 14 नए सुरक्षा कैंपों की सूची बता दें कि वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के अंतर्गत कुल 14 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। इनमें टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुड़े़म, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा, मेटागुड़ेम, उसकावाया, नुलकातोंग और तुमालभट्टी शामिल हैं।

‘द बंगाल फाइल्स’ देखने के बाद विजय शर्मा का बड़ा बयान: यह कहानी सत्य पर आधारित है

रायपुर ‘द बंगाल फाइल्स’ में विभाजन के दौरान की घटनाओं को दिखाया गया है. फिल्म देखने के बाद क्रोध और दुख हुआ. फिल्म में सत्य घटना को दिखाया गया है, जो हकीकत में घटी है. यह बात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ‘द बंगाल फाइल्स’ देखने के बाद कही. छत्तीसगढ़ सर्व बंग समाज की ओर से पंडरी स्थित मॉल में ‘द बंगाल फाइल्स’ फिल्म का प्रदर्शन देखने बुधवार रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा पहुंचे थे. शो में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. उप मुख्यमंत्री ने फ़िल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री को बधाई देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में फिल्म को अवश्य दिखाया जाना चाहिए. नेटफ्लिक्स के माध्यम से बंगाल में फिल्म को दिखाने की कोशिश करेंगे.

घरेलू प्रार्थना सभा की सुरक्षा नहीं मिलने पर ईसाई समाज ने आंदोलन की दी चेतावनी

रायपुर राजधानी रायपुर में आज बड़ी संख्या में संयुक्त ईसाई समाज के लोग ईसाई धर्मानुसार घरेलू नियमित प्रार्थना सभा संचालन करने के पक्ष में कार्यवाही करने की मांग को लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ईसाई समाज पर प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण और जबरन बुलाए जाने के आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि उन्हें प्रार्थना सभा में सुरक्षा दी जाए। मांग पूरी नहीं होने पर आगे अर्धनग्न प्रदर्शन, रैली और सभा जैसे बड़े प्रदर्शन के लिए उतारू होंगे। संयुक्त ईसाई समाज की ओर से कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि हम सभी रायपुर छत्तीसगढ़ के हैं, जिसमें रायपुर शहर के समस्त पादरी फेलोशिप, लीडर संगठन और विभिन्न ईसाई संस्थाएं सम्मिलित हैं। जिनके द्वारा हम विगत कई वर्षों से घरेलू प्रार्थना सभा संचालित करते आ रहे हैं। ईसाई धर्म में अपनी आस्था के अनुसार एक जगह इकट्ठा होकर शांतिपूर्वक प्रार्थना आराधना करने की परंपरा है, जिसका हम पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पवित्र धर्मशास्त्र बाइबिल में भी घरों में प्रार्थना सभा किए जाने का उल्लेख मिलता है, जो कि आज तक अनवरत हर जगह चलती आ रही है। पवित्र धर्मग्रंथ बाइबिल में प्रेरितों के काम 2:46 में लिखा है- वे प्रतिदिन एक मन होकर मंदिर में इकट्ठे होते थे और घर-घर रोटी तोड़ते हुए आनंद और मन की सिधाई से भोजन किया करते थे। पवित्र बाइबिल में रोमियों 16:5, 1 कुरिन्थियों 16:19, कुलुस्सियों 4:15, फिलेमोन 1:2 आदि कई स्थानों पर घरेलू प्रार्थना सभा के संचालन का वर्णन मिलता है। प्रार्थना सभा में नहीं दिया जाता किसी भी प्रकार का प्रलोभन घरेलू चर्च में प्रार्थना हम सभी ईसाई धर्म के मानने वालों की संस्कृति एवं परंपरा है। हमारे द्वारा किसी भी प्रकार के प्रलोभन, डर, दायाव, कपट आदि नहीं दिया जाता है। सभी व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार घरेलू प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए आते हैं। हमारे द्वारा किसी को भी जबरन बुलाया नहीं जाता है। इस सभा में ईसाई धर्म में आस्था और विश्वास रखने वाले लोग ही शामिल होते हैं। मांग पूरी न होने पर करेंगे आंदोलन ईसाई धर्मानुसार घरेलू नियमित प्रार्थना सभा संचालन करने के पक्ष में कार्यवाही करने की मांग को लेकर आज हम रायपुर शहर के धार्मिक पुरोहित, पादरी, धर्म सेवक-सेविका कलेक्टर को ज्ञापन सौंप रहे हैं ताकि हमें प्रार्थना सभा में सुरक्षा दी जाए। मांग पूरी नहीं होने पर आगे अर्धनग्न प्रदर्शन, रैली और सभा जैसे बड़े प्रदर्शन के लिए उतारू होंगे।

‘बिजली बिल बढ़ाकर जनता से 5 हजार वसूले जा रहे’ – महंगी बिजली को लेकर कांग्रेस करेगी बड़ा आंदोलन

रायपुर महंगी बिजली को लेकर कांग्रेस फिर बड़ा प्रदर्शन करेगी. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा, सरकार महतारी वंदन के नाम पर सिर्फ 1 हजार रुपए दे रही है और बिजली बिल बढ़ाकर महतारी वंदन के बदले जनता से 5 हजार रुपए वसूल रही. जनता की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही. बैज ने कहा, महतारी वंदन का पैसा बिजली बिल और नकली, महंगी शराब बेचकर वसूला जा रहा. इसके खिलाफ कांग्रेस फिर से बड़ा आंदोलन करेगी. धमतरी के अछोटा गांव के भाजपा कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यालय के दीवार पर सामूहिक इस्तीफा पत्र चिपकाया. इस मामले में पीसीसी चीफ बैज ने कहा, बीजेपी कार्यकर्ताओं का पार्टी से मोहभंग हो गया है. साय सरकार का ढिंढोरा पीटने वाले कार्यकर्ता अब खुद विरोध कर रहे. इससे पहले नारायणपुर में भी विरोध दिखा. बीजेपी कार्यकर्ता असंतुष्ट हैं, आने वाले समय में भगदड़ मचेगी. बैज ने कहा, बीजेपी अपने कार्यकर्ताओं को नहीं संभाल पा रही. जो कार्यकर्ता कांग्रेस में आना चाहें उनका स्वागत है. ‘बस्तर जाकर सिर्फ ठगने का काम कर रहे सीएम’ बस्तर में इन्वेस्टर मीट को लेकर दीपक बैज ने कहा, मुख्यमंत्री अन्य राज्यों सहित जापान, दक्षिण कोरिया में जाकर कार्यक्रम कर चुके हैं. छत्तीसगढ़ के लिए कौन सा प्रोजेक्ट, कौन सा MOU किया? स्पष्ट नहीं है. रोजगार के लिए कोई ठोस योजना नहीं बताई. अब बस्तर जाकर सिर्फ ठगने का काम कर रहे. बाढ़ पीड़ित आज भी परेशान हैं, 1.20 लाख से उनका क्या होगा? ये तो पीएम आवास का पैसा है, नया कुछ नहीं है. भाजपा सरकार ने 15 साल सत्ता में रहकर बस्तर के लिए क्या किया? सीएम बस्तर में जाकर बड़ा झूठ बोल रहे हैं. ‘भाजपा अपने कार्यकर्ता को घर में भेजकर ओछी राजनीति कर रही’ पीसीसी चीफ बैज ने अपने घर में BJYM कार्यकर्ता के घुसने के मामले में कहा, भाजपा स्पष्ट करे कि वह व्यक्ति अंजान था या साजिश के तहत घर में घुसा? क्या वो घर का वीडियो बनाकर असंवैधानिक गतिविधियों में देना तो नहीं चाहता था? क्या राजनीति में अब रेकी कर ओछी राजनीति करना रह गया है? हम तो ऐसे काम नहीं कराएंगे, सबकी अपनी प्राइवेसी होती है. भाजपा अपने कार्यकर्ता भेजकर ओछी राजनीति कर रही. भाजपा इसे गलत मानती है तो कार्रवाई कराए, हमने थाने में शिकायत की है. राजनांदगांव में 48 घंटे में तीन हत्याएं हुई है, इस मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा, घटना की जांच के लिए कांग्रेस जांच दल का गठन कर रही. जांच टीम घटना स्थल का दौरा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी.

मवेशी तस्करी पर पुलिस का शिकंजा: रायगढ़ में वाहन पकड़ा, चालक मौके से भागा

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी छिपे आधे दर्जन से अधिक मवेशियों के पैरो में रस्सी बांधकर उन्हें क्रुरता पूर्वक बुचडखाना लेकर जा रहे वाहन को रायगढ़ पुलिस ने पकड़कर बेजुबान मवेशियों की जान बचाई है। आरोपी चालक के खिलाफ पुलिस अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। मामला पुसौर थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, पुसौर थाने की पुलिस टीम पेट्रोलिंग में निकली थी। इसी दौरान टीम जब नावापारा चौक के पास पहुंची थी तब उन्हें रात करीब 3:30 बजे के आसपास पुसौर की तरफ से तेज रफ्तार से आ रहे एक सफेद रंग की पिकअप आती दिखी। संदेह के आधार पर जब वाहन को नवापारा चौक में रोकने का प्रयास करने पर भी उसके नहीं रुकने पर उसका पीछा किया गया तो ग्राम बासनपाली चौक के पास पिकअप चालक अपने वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। जिसके बाद वाहन की जांच करने पर उन्हें दिखा कि पिकअप में मवेशी थे। आरोपी वाहन चालक अशदरजा, निवासी, बस्ती खटकुरबहाल जिला सुन्दरगढ़ ओड़िसा के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

लैंडिंग में दिक्कत, कई फ्लाइट्स कैंसिल: रायपुर एयरपोर्ट पर मौसम का कहर

रायपुर  बिजली गिरने से राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) में सिग्नल देने वाले तकनीकी उपकरण खराब हो गए हैं, जिसके चलते विमान सेवा ठप है. विजिबिलिटी कम होने के कारण आज सुबह की कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई है. वहीं कल 5 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया था. इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा. तकनीकी उपकरणों के मरम्मत का काम जारी है. रायपुर एयरपोर्ट पर सुबह 10 बजे से विमानों का संचालन सामान्य होने की संभावना है. जानकारी के मुताबिक, विजिबिलिटी क्लियर होने के बाद विमान रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड कर सकेंगे. विमानों के टेक ऑफ में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन फाइनल कॉल पायलट का रहेगा. सीएम विष्णुदेव साय भी आज जगदलपुर जाने वाले हैं, लेकिन इस पर भी फैसला 10 बजे के बाद ही होगा. बताया जा रहा कि विजिबिलिटी कम होने के कारण लैंडिंग में दिक्कत हो रही है. आज सुबह की 6 फ्लाइट कैंसिल कर दी गई है. कल 5 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया था. रायपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों का कहना है कि विजिबिलिटी क्लियर नहीं होने के चलते कुछ फ्लाइट को रद्द किया गया है. हम लोग इंदौर जाने वाले थे, लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने से परेशानी हो रही. अब सबसे पहले भोपाल जाना पड़ेगा, क्योंकि यहां से डायरेक्ट फ्लाइट अब इंदौर नहीं जा रही है. भोपाल से डेढ़ सौ किलोमीटर का बायरोड सफर करके इंदौर जाना पड़ेगा. तकनीकी सिस्टम को सुधारने का काम चल रहा : एयरपोर्ट अथॉरिटी एयरपोर्ट अथॉरिटी के प्रभारी डायरेक्टर किशोर कुमार लहरे ने बताया, आकाशीय बिजली गिरने से एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम खराब हुआ है. नेवीगेशन इक्विपमेंट खराब हुआ है. अभी भी स्थिति वैसे ही है. सेकंड हाफ के बाद ठीक होने की उम्मीद है. फ्लाइट्स का परिचालन चालू हो चुका है. अभी आकलन करना मुश्किल है कि कहां क्या खराबी है. काम अभी प्रगति पर है. इसमें समय लग सकता है. तकनीकी उपकरण खराब होने के कारण बुधवार शाम को 5 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया था. आज एक फ्लाइट रायपुर आ चुकी है. दो और फ्लाइट आने वाली है. इन फ्लाइट्स को कल किया गया था डायवर्ट बता दें कि रायपुर एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी के चलते बुधवार को हैदराबाद से रायपुर आने वाली फ्लाइट और कोलकाता से रायपुर आने वाली फ्लाइट को भुवनेश्वर भेजा गया था. वहीं दिल्ली से रायपुर आने वाली फ्लाइट को भोपाल डायवर्ट किया गया था. मुंबई से रायपुर की फ्लाइट को नागपुर भेजा गया था. इसके अलावा पुणे से रायपुर आ रही फ्लाइट को भी डायवर्ट किया गया था.

रमन सिंह बेंगलुरु पहुंचे: राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन में करेंगे शिरकत

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 11 से 13 सितम्बर तक कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र के 11वें सम्मेलन में भाग लेंगे. बेंगलुरु स्थित विधान सौध में आयोजित इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे. सम्मेलन के दौरान डॉ. रमन सिंह “विधायी संस्थानों में संवाद और चर्चा – जन विश्वास का आधार, जन आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे. उनके संबोधन में लोकतंत्र की नींव माने जाने वाले संवाद, बहस और सहमति की प्रक्रिया को जन आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम कैसे बनाया जा सकता है, इस पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा. सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों के सभापति, अध्यक्ष, पीठासीन अधिकारी एवं सचिवगण भाग ले रहे हैं. तीन दिवसीय इस आयोजन के दौरान सभी प्रतिनिधि संसदीय महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे, अनुभवों का आदान-प्रदान करेंगे और सर्वोत्तम संसदीय प्रथाओं को साझा करेंगे. तय कार्यक्रम के अनुसार, डॉ रमन सिंह आज शाम 7 बजे बेंगलुरु के लिए प्रस्थान करेंगे और 12 व 13 सितंबर को बेंगलुरु विधानसभा में आयोजित CPA की बैठक में शामिल होंगे. इसके बाद 13 सितंबर की शाम को रायपुर वापस लौटेंगे.

खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी: अरुण साव ने CSCS स्टेडियम को लेकर किया बड़ा ऐलान

रायपुर नया रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की जिम्मेदारी अब छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है. राज्य के खेल और पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव ने कहा कि स्टेडियम का दस्तावेजी काम पूरा होने के बाद संघ को स्टेडियम सौंप दिया जाएगा. CSCS के पदाधिकारियों ने बुधवार की शाम उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव से मुलाकात की. उप मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि सरकार का रुख खेलों के प्रति सकारात्मक है, और आने वाले महीनों में न सिर्फ क्रिकेट, बल्कि हर खेलों को बढ़ावा देने ठोस कदम उठते नजर आएंगे. संघ पदाधिकारियों ने चर्चा के दौरान नवा रायपुर में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट एकेडमी बनाने के लिए मंत्री विष्णुदेव साय द्वारा दी गई जमीन को लेकर आभार जताया. साथ ही दिसंबर-जनवरी में BCCI द्वारा आवंटित अंतरराष्ट्रीय मैचों की तैयारी पर भी चर्चा हुई. फिलहाल, ग्राउंड का मेंटेनेंस क्रिकेट संघ कर रहा है, जबकि मरम्मत और निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग देख रहा है. संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों के लिए स्टेडियम को तैयार करने में करीब 15 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. संघ को स्टेडियम मिलने पर BCCI से मिलने वाली राशि से यह कार्य किया जाएगा. गौरतलब है कि क्रिकेट स्टेडियम पूरा रखरखाव और संचालन CSCS को सौंपने की मांग लंबे समय से की जा रही है. डिप्टी सीएम साव से मुलाकात के दौरान संघ के अध्यक्ष जुबिन शाह, विजय शाह, राजेश दवे समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.

प्रेशर IED के धमाके में दो जवान घायल, रायपुर की गई एयरलिफ्टिंग

रायपुर दंतेवाड़ा जिला के मालेवाही थाना क्षेत्र में आज सुबह सातधार पुल से आगे नक्सलियों द्वारा लगाए प्रेशर आईईडी के चपेट में आने से दो जवान घायल हो गए. स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां से बेहतर उपचार के लिए उन्हें रायपुर एयरलिफ्ट किया जाएगा. जानकारी के अनुसार, आज सुबह सीआरपीएफ 195 वाहिनी की कम्पनी, 195 वाहिनी मुख्यालय से सातधार एवं मालेवाही के मध्य नक्सल विरोधी अभियान अंतर्गत एरिया डोमिनेशन एवं डिमाइनिंग की कार्रवाई के लिए रवाना हुए थे. इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में इंस्पेक्टर दीवान सिंह गुर्जर और आरक्षक आलम मुनेश घायल हो गए.

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी सफलता: 16 नक्सली ने थामा शस्त्र और जुड़ गए मुख्यधारा से

रायपुर नक्सल उन्मूलन अभियान और अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार और भेदभाव से त्रस्त होकर घोर नक्सल प्रभावित लंका और डूंगा पंचायत में सक्रिय जनताना सरकार सदस्य (सीएनएम अध्यक्ष), पंचायत मिलिसिया डिप्टी कमांडर, पंचायत सरकार सदस्य, पंचायत मिलिसिया सदस्य और न्याय शाखा अध्यक्ष सहित 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वालों में ज्यादातर छोटे ओहदे वाले हैं, लेकिन ये नक्सलवाद को पोषित करने और बनाए रखने के लिए अहम किरदार निभाते हैं ये माओवादी लड़ाकू माओवादी नक्सलियों के लिए राशन और मेडिसन जैसे मूलभूत सामग्री उपलब्ध कराने का काम अवैतनिक तरीके से करते हैं. ये नक्सलियों के हथियार और सामग्रियों का परिवहन करते हैं, यही नहीं आईईडी लगाने, फोर्स मूवमेंट कि सूचना देने और फोर्स की रेकी करने जैसे कार्य प्रमुखता से करते हैं. स्पष्ट शब्दों में कहें तो ये नक्सलियों के लिए स्लीपर सेल की तरह भी काम करते हैं. नारायणपुर पुलिस अधीक्षक (IPS) रोबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को अच्छी जिंदगी जीने के लिये 50-50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया. आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाई जाएगी. इस दौरान नारायणपुर एसपी आईपीएस रोबिनसन गुरिया ने कहा कि अबूझमाड़ दुर्गम जंगल एवं विकट भौगोलिक परिस्थतियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें माओवादी सिद्धांतों के आकर्षण से बाहर निकालना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है, ताकि क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके. उन्होंने कहा कि हम सभी नक्सलियों से अपील करते हैं कि बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्म समर्पण पुर्नवास नीति को अपनाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर हथियार एवं नक्सलवाद विचारधारा का पूर्णतः त्याग एवं विरोध करें. अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों को सौंप देने का है, जहां वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सके. वहीं पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस सुन्दरराज पी. ने कहा कि वर्ष 2025 में माआवेादी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षा बलों के द्वारा भारी क्षति पहुंचाई गई है. प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादियों संगठन के पास अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा और कोई विकल्प नही बचा है. अतः माओवादी संगठन से अपील है कि वे तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में जुड़ें.