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केन्द्रीय मंत्री ने आदि कर्मयोगी मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण कार्यशाला का किया शुभारंभ

रायपुर : जिनका व्यक्तित्व और कर्तृत्व उत्कृष्ट है, उन्हें आने वाली पीढ़ी भी याद रखती हैं: केन्द्रीय जनजातीय मंत्री उइके जिनका व्यक्तित्व और कर्तृत्व उत्कृष्ट है, उन्हें आने वाली पीढ़ी भी याद रखती हैं: केन्द्रीय मंत्री ने आदि कर्मयोगी मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण कार्यशाला का किया शुभारंभ विकसित भारत की संकल्पना में छत्तीसगढ़ न रहे पीछे: मंत्री रामविचार नेताम राज्य के 28 जिलों के 138 विकासखंडो में संचालित होगा आदि कर्मयोगी अभियान 1.33 लाख आदि कर्मयोगी जनजातियों के विकास में बनेगी सहभागी   रायपुर केन्द्रीय जनजातीय मामले के मंत्री दुर्गादास उइके ने आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित आदि कर्मयोगियों के लिए राज्य स्तरीय उन्नमुखीकरण एवं जिला मास्टर टेªनर्स के चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। केन्द्रीय मंत्री उइके ने शुभारंभ सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें केवल स्वहित के लिए ही नहीं, बल्कि परहित और विकास की राह में पीछे छूट गए लोगों के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। ऐसे लोगों के लिए काम करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि जिनका व्यक्तित्व और कर्तृत्व उत्कृष्ट होता है, उन्हें आने वाली पीढ़ी याद रखती हैं। जिसके मन में मानवीय संवेदना का चिंतन होता है, वे सबको साथ लेकर चलते है, सबके विकास में सहभागी बनते हैं। उन्होंने कहा कि भोग, भौतिकी, पेट और प्रजनन के साथ ही मानवता के प्रति अपने मूल दायित्वों को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करना चाहिए।  केन्द्रीय मंत्री उइके ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि आदि कर्मयोगी को विशेष तौर पर यह ध्यान देना चाहिए कि जनजातीय संस्कृति और परंपरा को कायम रखते हुए उनके उत्पाद को उचित बाजार और अच्छा दाम मिले। इन वर्गों के कल्याण के लिए हम सबको पावन और पवित्र भाव से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कार्यशाला में कहा कि वैश्विक भाव रखते हुए हमें विश्व भारती पर चिंतन करने की जरूरत है। साथ ही केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे यह भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि हम पिछड़े हुए वर्गों के विकास के लिए निच्छल भाव काम करेंगे तो अभियान को सफलता अवश्य मिलेगी।   आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने आदि कर्मयोगी अभियान के प्रशिक्षण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परिकल्पना पर आदि कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किए गए हैं। यह अभियान विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका समाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना में छत्तीसगढ़ पीछे न रहे इस उद्देश्य से संवेदनशीलता और समर्पण भाव से जनजातीय वर्गों के विकास में भागीदारी बनने की जरूरत है।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना एवं सोच से जनजातीय वर्गों की समस्याओं के निराकरण का राष्ट्रव्यापी अभियान चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ही परिकल्पना से पीएम जनमन एवं धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान संचालित हो रहे है, इससे राज्य के जनजातियों विशेषकर पिछड़े जनजातियों के विकास निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इस अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में भी जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ हैं, उनकी पहचान करेंगे। स्थानीय प्रशासन के माध्यम से इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त होगा। मंत्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदि कर्मयोगी अभियान को 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 के मध्य जोर-शोर के साथ सेवा पर्व के रूप में संचालित करने का आह्वान किया है।  केन्द्रीय ट्राईफेड के प्रबंध संचालक हृदेश कुमार ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा समर्पण और संकल्प के भाव से आदि कर्मयोगी अभियान को आगे लेकर चलना है। पीएम जनमन एवं धरती आबा, ग्राम उत्कर्ष अभियान की तरह ही इस अभियान की सफलता के लिए समर्पण भाव होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ट्राईफेड की ओर छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के विकास के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान जनभागीदारी से सुशासन लाना है। उन्होंने कहा कि सेवा, समर्पण और संकल्प की भावना को आत्मसात करते हुए आजादी के अमृतकाल में वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में सबकी सहभागिता जरूरी है। इस अभियान के तहत प्रदेश के 28 जिलों के 138 विकासखंडो में 1 लाख 33 हजार वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि हमें कर्मयोगी बनना है। सबकी सहभागिता से समाज के पिछड़े तबके के विकास के लिए भी हमें संवेदनशीलता के साथ काम करने की जरूरत है। गीता में भी कर्मयोगी, भक्तियोगी की महत्ता प्रतिपादित है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।  आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने प्रशिक्षण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रोग्राम के तहत रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के जिला स्तरीय प्रशिक्षणार्थियों को पहले चरण में 11 से 14 अगस्त तक मास्टर ट्रेनरों द्वारा विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। वहीं बस्तर और सरगुजा संभाग के प्रशिक्षणार्थियों को 18 से 21 अगस्त तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर ब्लॉक स्तर और ग्रामीण स्तर पर आदि सहयोगी व आदि साथी को प्रशिक्षित करेंगे। इन्हीं प्रशिक्षित आदि कर्मयोगियों द्वारा जनजातियों के घर-घर जाकर एवं उनसे चर्चा कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ने एवं उनके विकास की दिशा में कार्य करेंगे। प्रशिक्षण कार्यशाला में बस्तर और सरगुजा संभाग के प्रशिक्षाणर्थी शामिल थे।

रायपुर: स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने अम्बेडकर अस्पताल के नव निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया

रायपुर : स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने किया अम्बेडकर अस्पताल के प्रस्तावित नव निर्माण स्थलों का निरीक्षण रायपुर: स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने अम्बेडकर अस्पताल के नव निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया अम्बेडकर अस्पताल के प्रस्तावित निर्माण स्थलों का जायजा, स्वास्थ्य सचिव और आयुक्त ने किया निरीक्षण स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने किया अम्बेडकर अस्पताल के प्रस्तावित नव निर्माण स्थलों का निरीक्षण रायपुर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और भी बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। इसी तारतम्य में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा मंत्रालय में अंबेडकर अस्पताल के नवनिर्माण कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। इसी के तारतम्य में आज स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने अम्बेडकर अस्पताल परिसर के विभिन्न प्रस्तावित निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ट्रॉमा केयर सेंटर एवं क्रिटिकल केयर यूनिट के प्रस्तावित स्थलों का जायजा लिया तथा स्थल के चयन एवं उसकी उपयोगिता पर अम्बेडकर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों व निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों से चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने एकीकृत मातृ-शिशु अस्पताल के प्रस्तावित स्थल का भी अवलोकन किया।  अधिकारियों ने आगामी निर्माण कार्यों और विशेष रूप से 700 बेड क्षमता वाले एकीकृत अस्पताल के कार्य की प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। स्वास्थ्य सचिव ने संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, लोक निर्माण विभाग एवं सीजीएमएससी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

किसानों को अब तक 3.37 लाख मीट्रिक टन यूरिया खाद का वितरण: मंत्री केदार कश्यप

रायपुर : कम स्टॉक वालें जिलों में प्राथमिकता के साथ यूरिया खाद के उपलब्धता सुनिश्चित हो: मंत्री केदार कश्यप किसानों को अब तक 3.37 लाख मीट्रिक टन यूरिया खाद का वितरण: मंत्री केदार कश्यप सहकारिता मंत्री ने विभागीय काम-काज की समीक्षा की, सहकारी समितियों में 30 हजार 442 टन यूरिया शेष रायपुर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर खाद-बीज वितरण एवं भंडारण  की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि राज्य के किसानों को सुविधा के अनुरूप खाद-बीज उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। डीएपी खाद की कमी को देखते हुए यूरिया और एनपीके खाद की निर्धारित लक्ष्य में बढ़ोत्तरी भी की गई है। मंत्री कश्यप ने कहा कि किसानों को समय पर रासायनिक खाद उपलब्ध कराने कम स्टॉक वाले जिलों में प्राथमिकता के साथ यूरिया खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।   बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025 में यूरिया खाद हेतु 4.53 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समितियों में 3.67 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है एवं भंडारण के विरूद्ध प्रदेश के किसानों को 3.37 लाख मीट्रिक टन यूरिया खाद का वितरण किया गया है। सहकारी समितियों में वर्तमान में 30 हजार 442 टन यूरिया खाद शेष है तथा विपणन संघ ने 12 हजार 119 टन यूरिया खाद उपलब्ध है।  अधिकारियों ने बताया कि महासमुंद, बालोद, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोण्डागांव, कांकेर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, कोरबा, सांरगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़ और सक्ती जिलों में यूरिया खाद का स्टॉक कम है। मंत्री कश्यप ने कहा कि इस वर्ष डीएपी एवं एनपीके खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए आगामी खरीफ सीजन में रासायनिक खाद की अग्रिम भंडारण ज्यादा से ज्यादा मात्रा में सुनिश्चित किया जाए, जिससे राज्य में किसानों को उनकी मांग के अनुरूप रासायनिक खाद उपलब्ध कराया जाए।  गौरतलब है कि सहकारिता के अंतर्गत इस वर्ष 10.72 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया है। 18 अगस्त 2025 की स्थित में 8.14 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण हो चुका है, जिसके विरूद्ध अभी तक 7.34 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है तथा सहकारी समितियों में 69 हजार 562 टन रासायनिक खाद शेष है। इसी तरह इस वर्ष 4.42 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज भंडारित कर 4.07 लाख क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके है। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि किसानों को इस वर्ष 7 हजार 800 करोड़ रूपए अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 14.30 लाख किसानों को 6 हजार 366 करोड़ रूपए के अधिक की अल्पकालीन ऋण राशि वितरित की जा चुकी है।  मंत्री कश्यप ने बैठक के दौरान आगामी 23 और 24 अगस्त को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय बुनकर अधिवेशन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जोरशोर के साथ सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने बताया कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन में 28 प्रदेशों के 650 से अधिक के जिलों में दक्ष प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। वहीं देश भर के 1200 से अधिक सहकारी कुशल बुनकर प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।  बैठक में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पीसीसीएफ अनिल साहू, अपेक्स बैंक के एमडी के.एन. कांडे, राज्य हाथकरघा विपणन एवं व्यापार संघ के एमडी सहित अन्य संबंधित अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

सरकार का संकल्प: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित

रायपुर : ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार दृढ़संकल्पित– साय सरकार का संकल्प: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित मुख्यमंत्री साय ने अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन का किया शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल में स्पाइन चिकित्सा हेतु अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मात्र 20 माह के इस अल्प समय में राज्य सरकार ने गांव से लेकर शहरों तक स्वास्थ्य क्षेत्र की बुनियादी व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया है। इसका परिणाम है कि हमारे स्वास्थ्य केंद्रों को लगातार उच्च स्तरीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ एवं अंबिकापुर में 100-100 बिस्तरों वाले नए अस्पतालों की स्थापना हेतु देश की प्रतिष्ठित संस्था अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के साथ एमओयू किया गया है। आम जनता को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए शासन लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए किसानों को खेत बेचने और कर्ज लेने की स्थिति आ जाती थी, परंतु आज आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बड़े से बड़े अस्पताल से लेकर छोटे अस्पताल तक में निःशुल्क इलाज संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए वेलनेस सेंटरों के संचालन और जेनरिक दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहे हैं, ताकि लोगों को अधिक खर्च न उठाना पड़े। मुख्यमंत्री साय ने अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन की स्थापना के लिए नारायणा हॉस्पिटल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि निश्चित ही इसका लाभ केवल छत्तीसगढ़ के मरीजों को ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से उपचार हेतु आने वाले मरीजों को भी मिलेगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और नारायणा हॉस्पिटल में शुभारंभ हुई इस अत्याधुनिक मशीन के लिए पूरी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा,  विधायक किरण देव, मोती लाल साहू, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. सुब्बीर मुखर्जी, नारायणा हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. सुनील खेमका सहित हॉस्पिटल समूह के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रायपुर : मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक – 19 अगस्त 2025

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –  1)    मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली  के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी।         इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए। 2)    मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।          इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

रायपुर: वित्तीय समावेशन में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मिली महत्वपूर्ण सफलता – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति : मुख्यमंत्री साय रायपुर: वित्तीय समावेशन में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मिली महत्वपूर्ण सफलता – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने इंद्रावती भवन नया रायपुर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा का किया शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा, एटीएम और डिपॉजिट मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन के कर्मचारियों, नवा रायपुर के आसपास निवासरत नागरिकों तथा बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पहले योजनाओं की राशि का वितरण नगद रूप में किया जाता था, जिससे लीकेज की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हितग्राहियों तक राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना के साथ-साथ बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार भी तीव्र गति से हो रहा है। सरगुजा और बस्तर अंचल के दूरस्थ गाँवों में बैंक शाखाओं की स्थापना से सरकार का “अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने” का संकल्प साकार हो रहा है। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में गुड गवर्नेंस की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश के बैंकिंग सेक्टर और अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और उन्होंने बैंकों से भी इस दिशा में अपनी सक्रिय व प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल और पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक अशोक चंद्र सहित अन्य अधिकारीगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में आज होगा कैबिनेट विस्तार, ये 3 नेता बनेंगे मंत्री

रायपुर  छत्तीसगढ़ में भारी अटकलों के बाद आखिरकार विष्णु देव साय मंत्रिमंडल का विस्तार तय हो गया है. आज सुबह 10:30 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा. जिसमें करीब तीन बीजेपी विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. बीजेपी विधायक दल के सचेतक सुशांत शुक्ला ने पत्र जारी कर इसको पुष्टि की है. सूत्रों के मुताबिक दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब नए मंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं. तीनों विधायकों को दी गई सूचना मंत्रिमंडल विस्तार के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज में तीन नए मंत्रियों के लिए तीन नए वाहन तैयार कर लिए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक मंत्री पद की शपथ लेने वाले तीनों विधायकों को भी आधिकारिक सूचना भेज दी गई है, ताकि वह समय पर शपथ ग्रहण के लिए राजभवन पहुंच सकें. इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यपाल रामेन डेका से राजभवन में मुलाकात की थी. सीएम के विदेश दौरे के पहले मंत्रिमंडल विस्तार दरअसल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर रवाना हो रहे हैं. सीएम के विदेश दौरे पर जाने के पहले मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरे करने की तैयारी पिछले 5 दिनों से चल रही थी. पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत देते हुए कहा था कि इंतजार करते रहिए, कुछ हो सकता है.

हाईकोर्ट का तलाक पर अहम आदेश: पत्नी का व्यवहार बदला, बेरोजगार पति को ताने देना क्रूरता मानी

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच ने तलाक केस में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि, बेरोजगार पति को ताना मारना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए पत्नी फटकारा।  दरअसल, भिलाई निवासी अनिल कुमार सोनमणि उर्फ अनिल स्वामी पेशे से वकील है। उनकी शादी 26 दिसंबर 1996 को हिंदू रीति रिवाज से हुई थी। शादी के बाद सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। इस दौरान उनके दो बच्चे भी हो गए। अब उनकी बेटी 19 साल और बेटा 16 साल का है। इसी दौरान पति ने अपनी पत्नी को पीएचडी कराया। जिसके बाद वो प्रिंसिपल की नौकरी जॉइन की। वकील पति का आरोप है कि, प्रिंसिपल बनने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। वो अक्सर छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने लगी। कोरोना काल में बेरोजगार हो गया पति कोरोना काल में जब कोर्ट बंद हो गए थे। तब पति की वकालत से आय भी बंद हो गई। ऐसे में प्रिंसिपल पत्नी ने बेरोजगार पति को ताने मारना शुरू कर दिया। बात-बात पर झगड़ा कर पति को अपमानित भी करने लगी। जिससे पति मानसिक तनाव में आ गया। पत्र लिखकर पति-बेटे से तोड़ दी रिश्ता पति का आरोप है कि, अगस्त 2020 में विवाद के बाद वो बेटी को लेकर अपनी बहन के पास चली गई। कुछ दिनों बाद लौटी, लेकिन 16 सितंबर 2020 को फिर से चली गई। उसने एक पत्र भी छोड़ा, जिसमें लिखा था कि वो अपनी मर्जी से पति और बेटे से सारे रिश्ते तोड़ रही है। पति बोला- रिश्ता जोड़ने की कोशिश हुआ नाकाम पति ने कोर्ट को बताया कि, पत्नी को वापस लाने कई प्रयास किए, लेकिन वो नहीं लौटी। उन्होंने रिश्ता जोड़ने की कोशिश भी की। लेकिन, सफलता नहीं मिली, जिससे परेशान होकर पति ने दुर्ग फैमिली कोर्ट में तलाक का मामला पेश किया। इसमें तर्क दिया कि पत्नी ने जानबूझकर और बिना कारण वैवाहिक घर छोड़ा। कई बार मनाने के प्रयास के बावजूद वह नहीं लौटी। बेटे को उसके पास छोड़ दिया और बेटी को अपने साथ ले गई। घर में रहते हुए पत्नी ने गाली-गलौज, ताने और अपमानजनक शब्द कहकर मानसिक क्रूरता की। लेकिन फैमिली कोर्ट ने अक्टूबर 2023 में तलाक की अर्जी को खारिज कर दिया। फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील पति ने फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। इस मामले की सुनवाई के दौरान नोटिस और अखबार में प्रकाशन के बावजूद पत्नी हाईकोर्ट में पेश नहीं हुई। हाईकोर्ट ने पति और गवाहों के बयान, पत्नी का छोड़ा हुआ पत्र और दस्तावेजों के आधार पर फैमिली कोर्ट का फैसला निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि, पत्नी ने बिना किसी वैध कारण के पति को छोड़ा है। उसके व्यवहार से मानसिक क्रूरता साबित होती है। इसके अलावा अब दोनों के बीच पुनर्मिलन की कोई संभावना नहीं है। इसलिए पति की तलाक की अर्जी मंजूर की जाती है।

लंबित राजस्व मामलों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सख्त, राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य

रजत महोत्सव की तैयारियों और विकास योजनाओं की प्रगति की गहराई से समीक्षा राजस्व मामलों में लापरवाही नहीं चलेगी, राजस्व अधिकारियों कर्मचारियों पर होगी नजर रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए। राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।  हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें।  बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।  सख्ती के साथ सुधार की पहल मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो। किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा। रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए।  सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री पी दयानंद, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, पीसीसीएफ श्री सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, , संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव : जिला स्तरीय यश यात्रा- विरासत के 25 वर्ष का हुआ शुभारंभ

छत्तीसगढ़ राज्य पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सौगात- श्री भईया लाल राजवाड़े महोत्सव-गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर केंद्रित होगी-कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी कोरिया प्रदेश में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत आज कोरिया जिले में जिला स्तरीय यश यात्रा- विरासत के 25 वर्ष का शुभारंभ जिला पंचायत ऑडिटोरियम परिसर में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े रहे। श्री राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सौगात है। यहां प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है, जिनका लाभ यहां के निवासियों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य ने विकास के नए प्रतिमान गढ़े हैं और सड़कों, बिजली, पानी, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने बताया कि रजत जयंती समारोह 15 अगस्त से प्रारंभ होकर मार्च 2026 तक चलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार इस महोत्सव की मुख्य टैगलाइन ‘ज्ञान’ अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों में कोरिया ने जो यात्रा शुरु की उसका साक्षी आप सब हैं।पहले यहाँ कई विभागों के कार्यालय नहीं रहे होंगे, लेकिन अब शासकीय संस्थानों व विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति की है। आडिटोरियम परीसर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, विधायक श्री राजवाड़े ने अवलोकन किया साथ ही उन्होंने इस प्रदर्शनी को सराहा। जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने स्वागत भाषण में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों व इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, वहीं स्वामी आत्मानन्द अंग्रेजी माध्यम स्कूल, महलपारा की कक्षा बारहवीं की छात्रा उन्नति जायसवाल और कक्षा दसवीं के छात्र कुणाल दुबे ने विगत 25 बरस की छत्तीसगढ़ यात्रा को धाराप्रवाह अंग्रेजी में जानकारी देकर सभी को प्रभावित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित राम पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य, जनपद व नगरीय निकाय प्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।