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रिश्तों का कत्ल: लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के बाद गला दबाकर उतारा मौत के घाट

 कोरबा जिले में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 23 दिनों से लापता महिला की तलाश करते हुए पुलिस ने अपराध की गुत्थी सुलझा ली है। जिसके आधा पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह पूरी घटना जिले के कोरबी पुलिस चौकी की है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने 23 दिनों से लापता महिला का कंकाल लालपुर जंगल में ठेंगुनाला से बरामद किया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं घटना में एक फरार आरोपी की पतासाजी की जा रही है। मामले में खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला का प्रेमी था। महिला के साथ प्रेमी ने शारीरिक संबंध बनाया, साथ ही अपने दो साथियों के साथ जबरन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। जब महिला द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की धमकी दी गई तो, आरोपियों ने गमछा से महिला का गला घोंट कर शव बोरे में भर नाले में फेंक दिया और फरार हो गए। राशन लेने गई महिला नहीं लौटी 27 जुलाई 2025 को चोटिया निवासी सविता राजवाड़े राशन लेने शक्कर सोसायटी गई थी, पर वह वापस नहीं लौटी। इस पर उसके पति समेलाल राजवाड़े ने पुलिस में अपनी पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला की तलाश शुरू कर दी। जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ। चौकी प्रभारी सहायक निरीक्षक सुरेश कुमार जोगी ने बताया कि पति की शिकायत पर महिला की तलाश जारी की जा रही थी, जांच में यह सामने आया कि मृतका राशन लेने के लिए सोसायटी आई थी। जिसके बाद मृतका सविता ने अपने पूर्व प्रेमी उमेंद्र प्रसाद को बुलाया। महिला अपने पूर्व प्रेमी के साथ चली गई। दोस्तों के साथ संबंध बनाने के लिए किया मजबूर इस जानकारी के आधार पर मृतका के पति की मदद से पुलिस ने उमेंद्र को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। जिसमें उसने चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह राशन दुकान से सविता को लेकर जंगल गया, जहां उसने सविता के साथ शारिरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी ने अपने दो दोस्तों को वहां बुलाया और जबरन सविता को उनके साथ संबंध बनाने पर मजबूर किया। सामूहिक दूष्कर्म के बाद जब पीड़िता ने पुलिस में घटना की शिकायत करने की बात कही, तो आरोपियों ने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। जिसके बाद सबने मिलकर लाश को ठीकाने लगाने के लिए उसे बोरे में भरकर नाले में फेंक दिया। एक आरोपी अब भी फरार आरोपी के बयान के आधार पर पुलिस ने उसके साथी संतराम को भी गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि वारदात में शामिल एक अन्य अब भी फरार है। वहीं पुलिस ने आरोपी की बाइक भी जब्त कर ली है। आरोपी की निशानदेही पर मृतका का कंकाल लालपुर जंगल में ठेंगुरनाला से बरामद किया है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 70, 103(1), 238 व 3-5 के तहत जुर्म दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने कहा कि जल्द ही फरार तीसरे आरोपित को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मनी लॉन्ड्रिंग केस: चैतन्य बघेल से पूछताछ के लिए ईडी को मिली 5 दिन और

 रायपुर प्रदेश में हुए 32 सौ करोड़ के शराब घोटाला और मनी लांड्रिंग मामले में कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। अब 23 अगस्त तक ईडी चैतन्य से नए तथ्यों पर पूछताछ करेगी। कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भी बेटे से मिलने पहुंचे थे। मंगलवार को न्यायिक रिमांड खत्म होने पर चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान ईडी ने नए साक्ष्यों के आधार पर कस्टोडियल रिमांड की मांग की। कोर्ट में इस पर लंबी बहस हुई। बचाव पक्ष ने रिमांड की मांग को अवैधानिक बताया। वकीलों ने तर्क दिया कि दर्ज एफआईआर आइपीसी की धाराओं के तहत हुई है, जिसमें केवल प्रथम न्यायिक रिमांड तक ही कस्टडी मांगी जा सकती है। वहीं, ईडी के वकील ने पंजाब और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए रिमांड को वैधानिक ठहराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष कोर्ट ने ईडी की मांग स्वीकार कर ली। 16.70 करोड़ मिलने का दावा ईडी के मुताबिक, शराब घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग केस में चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपये मिले हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से निकली ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में लगाया गया। पैसे को सफेद करने के लिए फर्जी निवेश दिखाया गया और सिंडिकेट के साथ मिलकर करीब 1,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। जांच में सामने आया कि चैतन्य बघेल के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में भी घोटाले की रकम का निवेश हुआ। ईडी ने प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज व डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। मामले में ईडी की पूछताछ जारी है।

कक्षा में बवाल! छोटे विवाद ने लिया खतरनाक रूप, छात्रों पर चला चाकू

बिलासपुर स्कूल में पुरानी रंजिश को लेकर छात्रों ने मिलकर एक छात्र और उसके दोस्त पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में घायल छात्रों का स्कूल प्रबंधन की ओर से इलाज कराया गया। इसके बाद घटना की सूचना स्वजन को दी गई। स्वजन की शिकायत पर पुलिस ने हमलावर छात्रों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, तारबाहर क्षेत्र में रहने वाले आवेश मिर्जा तारबाहर क्षेत्र के भारतमाता स्कूल में 11वीं के छात्र हैं। मंगलवार को वे स्कूल में थे। इसी दौरान उनके दोस्त ने किसी काम से अपनी कक्षा में बुलाया। तब आवेश स्कूल के पहली मंजिल पर स्थित अपने दोस्त के क्लास की ओर गए। क्लास के बाहर ही छह से आठ छात्र खड़े थे। उन्होंने पहले हुए विवाद को लेकर आवेश से गाली-गलौज की। इसका विरोध करने पर छात्रों ने मिलकर उसकी पिटाई की। इसी बीच किसी ने उसे चाकू से मार दिया। इस हमले में आवेश लहूलुहान हो गया। इधर मारपीट होते देख आवेश का दोस्त बीच-बचाव करने आया। तब छात्रों ने उस पर भी चाकू से मार दिया। इधर मारपीट और चाकूबाजी की जानकारी मिलते ही स्कूल के प्रबंधन और टीचर वहां पहुंच गए। आनन-फानन में घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के बाद घटना की जानकारी घायल छात्रों के स्वजन को दी गई। इस पर स्वजन भी स्कूल पहुंच गए। वे घायल छात्रों को लेकर सीधे तारबाहर थाना पहुंचे। स्वजन ने घटना की शिकायत की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।  

परिवार से ही निकला गुनहगार! युवक की हत्या का राज PM रिपोर्ट से खुला, मामा गिरफ्तार

गरियाबंद पुलिस ने सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के दर्रीपारा में युवक जयलाल की लाश मिलने के मामले में बड़ा खुलासा किया है. सोमवार को घर के बरामदे में युवक की संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिली थी. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी. डीएसपी और टीआई ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था. पीएम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने और गला घोंटकर हत्या का खुलासा हुआ. युवक का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका मामा चंद्राकुमार नायक ही निकला. आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. क्या है पूरा मामला बता दें कि 18 अगस्त को कोतवाली थाना क्षेत्र के दर्रीपारा के एक घर में युवक की संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिली थी. मृतक की पहचान जयलाल निषाद के रूप में हुई थी. जिसके चेहरे और शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान मिले थे. स्थानीय लोगों ने उस वक्त नशे में विवाद के कारण घटना की आशंका जताई थी. मामा क्यों बना भांजे का हत्यारा ? युवक जयलाल की पीएम रिपोर्ट से सर में चोंट और गला घोट हत्या करने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू किया. संदेही मामा चंद्रकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो उसने बताया कि शराबी भांजे आए दिन घर आकर विवाद करता था. दोनों एक ही गांव में रहते थे. ऐसे में रोज रोज के विवाद से छुटकारा पाने मामा ने वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने हत्यारे मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

लापरवाही की इंतहा! वैन में भेड़-बकरियों की तरह भरे बच्चे, हादसे में मची चीख-पुकार

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में आज सुबह स्कूली बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो गया. यहां एक स्कूली वैन में भेड़-बकरियों की तरह बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था. इसी दौरान वैन अंनियंत्रित होकर खेत में पलट गई. जानकारी के मुताबिक हादसा चेरा गांव पारा में हुआ और वैन में करीब 30 बच्चे सवार बताए जा रहे है. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बच्चों को वैन से बाहर निकाला. हादसे में कुछ बच्चे घायल हुए है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. यह वैन महादेवपुर स्थित मॉडल पब्लिक स्कूल की बताई जा रही है . बच्चों ने बताया कि वे स्कूल की छुट्टी के बाद घर जा रहे थे तभी ये हादसा हो गया. अब इस मामले में डिंडो चौकी पुलिस जांच कर रही है कि, ये वैन स्कूल की है या निजी ट्रेवल एजेंट की. हालांकि इस हादसे ने ट्रैफिक पुलिस पर भी सवाल खड़े कर दिए है, क्योंकि यदि एक मारूति वैन जिसमें 5-7 लोग ही बैठ सकते है ऐसे में कैसे इसमें 30-30 बच्चों को ले जाया जा रहा था ?

रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस: खेलो भारत मिशन के तहत रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन

रायपुर : खेलो भारत मिशन के तहत राष्ट्रीय खेल दिवस पर होगा विविध कार्यक्रम का आयोजन रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस: खेलो भारत मिशन के तहत रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन खेलो भारत मिशन: 29 अगस्त को होगा शुभारंभ, 31 अगस्त को होगा संडे ऑन साईकल रायपुर राष्ट्रीय खेल दिवस 29 से 31अगस्त तक पूरे देश में खेल और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। खेलो भारत मिशन के अंतर्गत यह आयोजन खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने और ओलंपिक 2036 की तैयारियों को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस संबंध में आज केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के खेल मंत्रियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।       राष्ट्रीय स्तर पर सभी स्कूल, कॉलेज और बड़े स्टेडियम में खेल गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। खेल मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि इस खेल महोत्सव के जरिए खेल भावना का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सिर्फ खेल भावना को जगाने का प्रयास नहीं, बल्कि भारत को खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में ठोस कदम है।      राज्य के सभी जिलों में 29 से 31 अगस्त तक विभिन्न खेलों का आयोजन किया जाएगा। संडे ऑन साईकल अभियान चलाया जाएगा, जिसमें आम नागरिक और खिलाड़ी एक घंटे खेल मैदान या साइकिल गतिविधि में शामिल होंगे। खेल आयोजन के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। जिला मुख्यालय स्तर पर बड़े आयोजन होंगे, जिनमें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय खिलाड़ियों की उपस्थिति रहेगी। समन्वय एवं मॉनिटरिंग के लिए फिट इंडिया पोर्टल  पर रिपोर्टिंग की व्यवस्था होगी। खेल कार्यक्रम 29 अगस्त की सुबह 7: 30 बजे हॉकी जादूगर ध्यानचंद जी को श्रद्धांजलि से प्रारंभ होगी। इसके साथ ही शपथ दिलाई जाएगी और खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ होगा।    इसी तरह 30 अगस्त को स्पिरिट ऑफ सप्पोर्टस थीम पर सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। भारत ने 2036 ओलंपिक के आयोजन को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए स्पोर्ट्स फेडरेशन और ओलंपिक एसोसिएशन को सशक्त किया जाएगा। खेलो इंडिया सेंटर को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वन कॉर्पाेरेट वन स्पोर्ट्स मॉडल लागू किया जाएगा। खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

रायपुर: छीरपानी जलाशय योजना से बैगा बाहुल्य गांवों में पेयजल संकट होगा खत्म

रायपुर : बैगा बाहुल्य ग्रामों के पेयजल संकट को दूर करेगी छीरपानी जलाशय आधारित योजना रायपुर: छीरपानी जलाशय योजना से बैगा बाहुल्य गांवों में पेयजल संकट होगा खत्म मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल तेज, कलेक्टर ने विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश रायपुर, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा को मूर्त रूप देने और विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य ग्रामों में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या को सुलझाने के लिए कबीरधाम जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने छीरपानी मध्यम जलाशय पर आधारित नई जल प्रदाय योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना से दलदली ग्राम सहित 20 से 30 गांवों और बैगा बसाहटों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर वर्मा ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को निर्देशित किया कि वे तत्काल स्थल निरीक्षण करें और विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यह देखा जाए कि कौन-कौन से गांव योजना से जुड़ेंगे और उनकी पेयजल आपूर्ति कैसे सुनिश्चित होगी। बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छीरपानी मध्यम जलाशय में हर साल पर्याप्त जल भराव होता है और इसकी जल आवक भी पर्याप्त है, सिंचाई कार्य के बाद भी पेयजल के लिए आपूति की जा सकती है। यही कारण है कि यहां से दीर्घकालीन पेयजल आपूर्ति संभव है। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को भी तकनीकी परीक्षण और व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। दलदली प्रवास से शुरू हुई पहल, मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन से चार माह पहले सुशासन तिहार के अंतर्गत कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के अंतिम ग्राम दलदली का दौरा किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें प्रमुखता से पेयजल संकट की समस्या से अवगत कराया। मुख्यमंत्री साय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्थानीय कनाई नाला से जल प्रदाय योजना की घोषणा की थी। हालाँकि, जिला प्रशासन और विभागीय टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि कनाई नाला में केवल बरसात के मौसम में ही पानी रहता है। ग्रीष्मकाल में जल प्रवाह लगभग समाप्त हो जाता है, जिससे नियमित और टिकाऊ पेयजल आपूर्ति संभव नहीं है। यही कारण रहा कि कलेक्टर वर्मा ने मुख्यमंत्री की घोषणा को व्यवहारिक रूप देने और स्थायी समाधान के लिए छीरपानी जलाशय पर आधारित नई योजना बनाने का निर्णय लिया। 65 ग्रामों के लिए 118.06 करोड़ की योजना प्रस्तावित बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि उपमुख्यंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासो से राज्य शासन को कुसुमघटा, बैजलपुर और राजा नवागांव सहित बोड़ला विकासखंड के 65 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति के लिए 118.06 करोड़ रुपए की जल प्रदाय योजना प्रस्तावित की गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव वर्तमान में स्वीकृति की अंतिम चरणों में है। इस योजना के लागू होने पर पूरे क्षेत्र के दर्जनों गांवों को राहत मिलेगी। कलेक्टर ने अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा बैठक में कलेक्टर वर्मा ने पेयजल योजनाओं के साथ-साथ जिले की अन्य प्रमुख योजनाओं की भी समीक्षा की। इनमें प्रमुख रूप से महतारी सदन योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और नगर पंचायतों के अधोसंरचना मद से स्वीकृत निर्माण कार्य शामिल थे। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर प्रारंभ और अप्रारंभ कार्यों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे करें। इसके साथ ही कलेक्टर ने राज्य शासन के निर्देश पर 15 अगस्त 2025 से 31 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले रजत जयंती वर्ष कार्यक्रमों की रूपरेखा का गहन मूल्यांकन किया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, डिप्टी कलेक्टर सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे।

अम्बिकापुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और धरमजयगढ़ में 100 बिस्तर अस्पताल स्थापित करेगा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन

रायपुर : प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वास्थ्य विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मध्य एमओयू सम्पादित अम्बिकापुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और धरमजयगढ़ में 100 बिस्तर अस्पताल स्थापित करेगा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप और 2500 शिशुगृह संचालित करने फाउंडेशन की योजना रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के विषय में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा सरकार द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत निजी क्षेत्र की सहभागिता से सरकार के कार्यों को बल मिलेगा। बैठक में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मध्य एमओयू सम्पादित किया गया।  बैठक में मुख्यमंत्री साय को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ में शिक्षा,स्वास्थ्य, क्रेच(शिशुगृह),आजीविका विकास सहित अन्य क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों के विषय में पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन द्वारा विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग बेहार ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा विगत 15 वर्षों से छत्तीसगढ़ में समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 9 जिलों में फाउंडेशन द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।  मुख्यमंत्री को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों  ने छत्तीसगढ़ में फाउंडेशन की भविष्य की कार्ययोजना से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा अम्बिकापुर में 200-300 बिस्तर का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और धर्मजयगढ़ में 100 बिस्तर का सर्व सुविधायुक्त अस्पताल की योजना है। इन अस्पतालों में अस्सी प्रतिशत प्रतिशत मरीजों को पूर्णतः निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसका सीधा लाभ आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को मिलेगा।  मुख्यमंत्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ में शासकीय विद्यालयों से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई करने वाली 20 हजार बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। इसके तहत बालिकाओं की ट्यूशन फीस के साथ अन्य खर्चों के लिए प्रतिवर्ष 30 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन द्वारा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने स्कॉलरशिप देने की योजना की सराहना की।  बैठक में मुख्यमंत्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षकों के प्रशिक्षण सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य संस्थागत रूप से किये जा रहे हैं। इसी क्रम में 6 महीने से 3 साल तक के छोटे बच्चों के लिए राज्य में 400 क्रश (शिशुगृह) संचालित हैं। सभी क्रश में बच्चों को दिन में 3 बार भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। फाउंडेशन की योजना प्रदेश में क्रेच की संख्या को बढ़ाकर 2500 से 3000 क्रेच तक करने की है। मुख्यमंत्री साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि क्रश के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित परिवेश में शिक्षा और पोषण मिलेगा। मुख्यमंत्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने आजीविका विकास के लिए किए जा रहे कार्यों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन धरमजयगढ़ के 42 गांवों में बागवानी,कृषि, पशुपालन सहित अन्य क्षेत्रों में कार्य द्वारा लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है। भविष्य में इस कार्य को गति देते हुए फाउंडेशन अन्य जिलों में भी आजीविका विकास के कार्य करेगा।  बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अमित कटारिया, सचिव उच्च शिक्षा विभाग डॉ एस भारतीदासन, सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती शम्मी आबिदी, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड सुनील सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राज्य स्तरीय एकलव्य स्कूल खेल प्रतियोगिताओं का किया उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एकलव्य स्कूलों के राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का किया शुभारंभ रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राज्य स्तरीय एकलव्य स्कूल खेल प्रतियोगिताओं का किया उद्घाटन एकलव्य स्कूलों की खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उद्घाटन रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग द्वारा 19 अगस्त और 20 अगस्त को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता में प्रदेशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के छात्र एवं छात्राएं भाग ले रहे हैं। विधायक धरम लाल कौशिक ने प्रतियोगिता के शुभारम्भ कार्यक्रम की अध्यक्षता की।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'खेलो इंडिया' के तहत पूरे देश में खेल के लिए जो माहौल बनाया है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में खिलाड़ियों को जो सुविधाएं मिल रही हैं, उससे पूरे प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बना है। हमने फिर से खेल अलंकरण शुरू किया है जिससे हमारे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है। साव ने खिलाड़ियों से कहा कि आप लोग जिस लगन के साथ खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, निश्चित रूप से आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सरकार आपको हरसंभव सुविधाएं मुहैया कराएगी। आपको खूब खेलना है, खूब पढ़ना है और खूब आगे बढ़ना है।  शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि अनुकूल परिस्थितियों में तो सभी अपना पराक्रम दिखाते हैं। विपरीत परिस्थितियों से जो लड़कर जीतता है वही सच्चा खिलाड़ी होता है। आपके अंदर जो जज्बा मुझे दिखाई दे रहा है वह एक सच्चे खिलाड़ी का जज्बा है और इस जज्बे को हमेशा बनाए रखिए। खेल के क्षेत्र में अपना, अपने परिवार का, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।  एकलव्य विद्यालयों की इस दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, शतरंज, जूडो, टेनिस, तैराकी, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, योग, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हैंडबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो और वालीबॉल की स्पर्धाएं होंगी। बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि प्रदेश में 75 एकलव्य आवासीय विद्यालयों से लगभग 1500 प्रतिभागी, 250 प्रशिक्षक एवं शिक्षक इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। जिला पंचायत के अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, सीईओ संदीप अग्रवाल और आदिम जाति कल्याण विभाग के अपर संचालक तारकेश्वर देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे।

लंबित राजस्व मामलों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सख्त, राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य

रायपुर : नहीं चलेगी 'पेशी पर पेशी': मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर्स और संभाग आयुक्तों को दिए स्पष्ट निर्देश लंबित राजस्व मामलों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सख्त, राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ली सभी जिलों के कलेक्टर्स की समीक्षा बैठक रजत महोत्सव की तैयारियों और विकास योजनाओं की प्रगति की गहराई से समीक्षा राजस्व मामलों में लापरवाही नहीं चलेगी, राजस्व अधिकारियों कर्मचारियों पर होगी नजर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए। राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।  हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें।  बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।  सख्ती के साथ सुधार की पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो। किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा। रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए।  सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी दयानंद, वित्त सचिव मुकेश बंसल, पीसीसीएफ सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, , संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।