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महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही प्रदेश का नाम रोशन: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

रायपुर : लोकपरंपराएं एवं संस्कृति समाज को जोड़ने का बेहतर माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही प्रदेश का नाम रोशन: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तीजा महिलाओं का मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा राजस्व मंत्री निवास में तीजा मिलन, गीत-संगीत और लोकनृत्य से गूंजा वातावरण रायपुर सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं मायका में उपवास करती है। महिलाओं को मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व होता है। तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव,पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, श्रीमती कमलेश जांगड़े और विधायक अनुज शर्मा, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

पशुहानि व फसल क्षति के लिए 02 लाख 57 हजार रुपये की सहायता राशि की प्रदान

रायपुर बलरामपुर जिले में लुत्ती डैम टूटने से हुए हादसे के बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम स्वयं घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। मंत्री नेताम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है। मौके पर ही उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर पशुहानि व फसल क्षति की जानकारी ली और तत्काल मुआवजा राशि का चेक प्रदान किया। इस दौरान कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे। मंत्री नेताम ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस आपदा से हुए क्षति की भरपाई भले ही पूरी तरह संभव नहीं है, लेकिन राज्य सरकार हर संभव मदद सुनिश्चित करेगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि मकान क्षति, फसल हानि और पशु हानि का विस्तृत सर्वे कर नियमानुसार शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य में लगातार जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीम लगी हुई हैं। साथ ही घायलों के बेहतर ईलाज का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास, भोजन, पानी, चिकित्सकीय सुविधा प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं इस घटनाक्रम की जानकारी ली है और स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि पीड़ि़त परिवार को हर संभव सहयोग व सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में आपके साथ खड़ी है। इस दौरान मंत्री नेताम के द्वारा प्रभावित परिवार देवंती, संदीप, फुलमतिया को सहयोग राशि प्रदान किया गया। साथ ही उन्होंने पशुहानि के लिए गांगरेल को 64 हजार रुपये, कन्हाई को 37,500 हजार रुपये, खिलबानुस को 32 हजार एवं फसल क्षति के लिए राजेश्वर सिंह को 8,500 रुपये, सुखदेव को 7,520 रुपये, सुरेश को 7,520 रुपये संदीप को 01 लाख रुपये, कुल 02 लाख 57 हजार 40 रुपये का मुआवजा राशि प्रदान किया। आवागमन बहाल करने शुरू हुआ कार्य हादसे से न केवल ग्रामीणों की फसल और पशुधन को नुकसान पहुंचा, बल्कि आधारभूत संरचना भी प्रभावित हुई है। बांध का पानी बहने से बांध के नीचे डाउनस्ट्रीम साइड में वर्ष 2014 में निर्मित मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बने दो पुल एवं सड़क को भारी क्षति पहुंची है। दोनों पुल बह जाने से क्षेत्र के आवागमन को सुचारू बनाए रखने कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के आदेशानुसार दोनों पुलों के स्थान पर अस्थायी डायवर्सन निर्माण का कार्य  प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान में यह कार्य तेजी से प्रगतिरत है और प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द आवागमन को सुचारू किया जा सके ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

CM विष्णुदेव साय का संकल्प: हर नागरिक को मिले विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प: आदिवासी अंचलों सहित सभी नागरिकों तक पहुँचे विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर बस्तर में शुरू होगा 200 करोड़ की लागत से 240 बिस्तरों का हाई-टेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अब मरीजों को इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा रायपुर और बिलासपुर रायपुर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है। इस अवसर पर वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधिकारी जयदीप दास गुप्ता एवं श्रीनिवास राव तथा कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल हैदराबाद के अध्यक्ष डॉ. गुरुनाथ रेड्डी, डॉ. रघुनाथ रेड्डी और के.वी. रेड्डी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित प्रदेश के हर नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस अस्पताल के निर्माण की शुरुआत की गई थी और आज जब छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब इस एमओयू का होना ऐतिहासिक महत्व रखता है। गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर हुआ यह समझौता प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहे हैं, किंतु अब यह अस्पताल उनके लिए वरदान साबित होगा। विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए यह जीवनरक्षक सिद्ध होगा। पहले घायल जवानों को एयर एंबुलेंस से रायपुर भेजना पड़ता था, अब जगदलपुर में ही उन्हें अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। बस्तर अंचल में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना राज्य और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है। पहले ये सेवाएँ केवल रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध थीं, लेकिन अब बस्तर के लोग भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगा। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने जानकारी दी कि इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें से 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने वहन किए हैं। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने भी इस परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल 11 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और अत्याधुनिक मशीनों एवं उपकरणों से सुसज्जित है। यह 10 मंजिला अस्पताल 240 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। इसमें हृदय रोग (कार्डियोलॉजी), किडनी रोग (नेफ्रोलॉजी), मस्तिष्क रोग एवं न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे विभाग संचालित होंगे। ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सरकारी दर पर उपचार प्रदान करेगी। सरकारी दर पर उपलब्ध इन सेवाओं का लाभ न केवल बस्तर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के मरीज उठा सकेंगे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक पहल को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया। इससे बस्तर अंचल के लाखों लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और बड़े शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी। यह अस्पताल न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के मरीजों के लिए नई आशा और जीवनदायी सुविधा साबित होगा।

CM विष्णुदेव साय का ऐलान: जीरो पावर कट स्टेट से अब छत्तीसगढ़ की ओर मुफ्त बिजली

CM विष्णुदेव साय का ऐलान: जीरो पावर कट स्टेट से अब छत्तीसगढ़ की ओर मुफ्त बिजली छत्तीसगढ़ बनेगा मुफ्त बिजली वाला राज्य, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया वादा रायपुर से बड़ी घोषणा: जीरो पावर कट के बाद अब हर घर को मुफ्त बिजली – CM साय मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में संयुक्त पावर कंपनीज मुख्यालय भवन की रखी आधारशिला एक पेड़ माँ के नाम अभियान में किया वृक्षारोपण रजत जयंती वर्ष पर साझा की 25 वर्षों की विकास यात्रा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। रजत जयंती वर्ष और गणेशोत्सव जैसे पावन अवसर पर सम्पन्न इस समारोह में उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और भवन का थ्री-डी मॉडल अनावृत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊँचाई देगा, तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएँ उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौल पौधरोपण किया। छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट स्टेट से अब मुफ्त बिजली की ओर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय यात्रा यह प्रमाण है कि जब संकल्प और संवेदनशीलता साथ चलें तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। वर्ष 2000 में प्रदेश केवल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन करता था, आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 1320 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह प्रगति हर नागरिक के विश्वास, मेहनत और भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न उनकी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा ने यह अनुभव कराया कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक स्तर की अधोसंरचना और कार्यसंस्कृति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त मुख्यालय भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यह ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बने। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत पावर सेक्टर में हाल ही में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की ज़रूरतें भी पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ को मुफ्त बिजली की ओर तेजी से अग्रसर कर दिया है और अब दूरस्थ अंचलों तक इस योजना का लाभ पहुँच रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण में उनके योगदान के लिए नमन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट स्टेट से अब मुफ्त बिजली की ओर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट स्टेट से अब मुफ्त बिजली की ओर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उल्लेखनीय है कि संयुक्त मुख्यालय भवन 10,017 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नौ मंजिला स्वरूप में निर्मित होगा। इसमें  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, कर्मचारियों के लिए जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह भवन बीईई की पाँच सितारा और गृहा की फाइव स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप निर्मित होगा तथा भवन प्रबंधन प्रणाली से इसका संपूर्ण संचालन होगा। नवा रायपुर में बन रहा यह अत्याधुनिक भवन मंत्रालय, संचालनालय और पुलिस मुख्यालय के समीप होने से अंतर्विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ करेगा तथा प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊँचाई प्रदान करेगा।

17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक BJP मनाएगी सेवा पखवाड़ा, होंगे सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को भाजपा सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाएगी. इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी की प्रेसवार्ता हुई, जिसमें राष्ट्रीय महामंत्री राधा मोहन दास ने 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़ा की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि, 17 सितंबर को पूरे देश के हर एक जिले में रक्तदान शिविर का आयोजन होगा. 18 से 2 अक्टूबर तक हर मंडलों में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा. इस मौके पर पूरे देश में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा. राष्ट्रीय महामंत्री राधा मोहन दास ने कहा, 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक भाजपा सेवा पखवाड़ा मनाएगी. प्रधानमंत्री के जन्मदिन से गांधी जयंती तक कई कार्यक्रम होंगे. सेवा पखवाड़ा के तहत देशभर में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा. हर स्थानीय निकाय के क्षेत्र में नमो पार्क को विकसित करेंगे. 7 दिनों का निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी होगा, जिसमें अलग-अलग संस्थाओं की मदद ली जाएगी. हर जिलों में होगी संगोष्ठी, मोदी के जीवन पर लगाई जाएगी प्रदर्शनी उन्होंने बताया, 17 सितंबर को सभी जिलों में संगोष्ठी का आयोजन होगा. प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी. अधिक से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं में प्रधानमंत्री मोदी की जीवनी दिखाएंगे. दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा. देश के एक हजार 33 जगहों पर नागरिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान स्व. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को जनता के बीच लेकर जाएंगे. स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी कार्यक्रमों का आयोजन होगा.

श्रीगणेश प्रतिमा विसर्जन की तैयारी शुरू, महादेव घाट पर सख्ती से लागू होंगे NGT निर्देश

रायपुर गणेश चतुर्थी पर्व के उपरांत 6 सितंबर अनंत चतुर्दशी को शहरभर से लाई गईं श्रीगणेश प्रतिमाओं का विसर्जन इस वर्ष भी खारून नदी के किनारे महादेव घाट पर निर्मित विसर्जन कुंड में किया जाएगा. नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने इसके लिए विस्तृत आदेश जारी किए हैं. आयुक्त ने बताया कि विसर्जन शोभायात्रा शारदा चौक से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक, कोतवाली, सदर बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती, लाखे नगर, सुन्दर नगर होते हुए महादेव घाट पहुंचेगी. लाखे नगर चौक से महादेव घाट तक वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी. नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (NGT) के निर्देशों के अनुरूप इस बार भी प्रतिमाओं का नदी में विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा. प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्मित कुंड में ही होगा ताकि नदी का जल प्रदूषित न हो. पूजन सामग्री को अलग कर उपयुक्त स्थान पर रखा जाएगा. साथ ही ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की जाएगी. नगर निगम ने गणेश विसर्जन की संपूर्ण व्यवस्था के लिए समिति गठित की है, जिसके नोडल अधिकारी अपर आयुक्त विनोद पांडेय होंगे. समिति के सदस्य विद्युत, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, सुरक्षा, चिकित्सा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे. विसर्जन स्थल पर गोताखोर, मोटरबोट, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र, अग्निशमन वाहन और पंडितों की व्यवस्था की जाएगी. आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों और संबंधित अधिकारियों को 6 से 12 सितंबर तक ड्यूटी पर रहने निर्देशित किया है. शहर के अन्य तालाबों में विसर्जन न हो, इसके लिए अस्थायी कुंड बनाए जाएंगे. विसर्जन मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, साफ-सफाई और पेयजल टैंकरों की भी व्यवस्था की जा रही है. आयुक्त ने नगर निगम रायपुर की ओर से गणेश विसर्जन स्थल महादेव घाट खारून नदी के तट पर सम्पूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था करने निगम अधिकारियों की एक समिति गठित कर दी है। इस समिति के नोडल अधिकारी अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय मो. नं. 9424264100 को बनाया गया है. समिति में प्रभारी अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर मो.नं. 9425502640, प्रभारी अधीक्षण अभियंता राजेश नायडू मो. नं. 9644000770, प्रभारी नगर निवेशक आभास मिश्रा मो. नं. 9907992294, जोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470, जोन 6 कमिश्नर हितेन्द्र यादव मो.नं. 8253087778, उपायुक्त स्वास्थ्य प्रीति सिंह मो. नं. 8319517473 को सम्मिलित किया गया है. यह प्रशासनिक समिति गणेश विसर्जन के लिए, शामियाना, लाईट, माईक, गोताखोर, चिकित्सा सुविधा आदि की व्यवस्था करेगी। इस समिति को आवश्यक सहयोग देने जोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470 को निर्देशित किया गया है.

बिलासपुर में 9 को कांग्रेस की बड़ी रैली, ‘वोट चोरी-गद्दी छोड़’ के नारे से गूंजेगा मैदान

रायपुर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित धांधली और चुनाव प्रणाली में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है. मंगलवार को राजीव भवन में आयोजित बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने 9 सितंबर को बिलासपुर में ‘वोट चोरी-गद्दी छोड़’ रैली आयोजित करने का निर्णय लिया. इस रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता भी शामिल होंगे. पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में हुई बैठक में रैली की तैयारियों पर चर्चा हुई. बैज ने जिला अध्यक्षों के साथ रणनीति बनाई और संगठनात्मक कमेटियों के गठन की प्रगति की समीक्षा की. बैठक में मतदाता सूची में अनियमितताओं की शिकायतों पर भी मंथन हुआ, जिसमें विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त रिपोर्ट्स पर विचार-विमर्श किया गया.

चार बड़े नेताओं पर मुकदमा, राहुल-तेजस्वी भी शामिल

रायपुर वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कथित रूप से प्रधानमंत्री की माता के लिए की गई अभद्र टिप्पणी को मानहानि एवं विद्वेष फैलाने वाला बताते हुए बिहार की राजधानी पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में एक शिकायती मुकदमा दाखिल किया गया।         मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी मनीष कुमार उपाध्याय की अदालत में यह शिकायती मुकदमा पटना उच्च न्यायालय के एक वकील अवधेश कुमार पांडे ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5),61( 1)(2),62, 356, 351 और 353 के तहत दाखिल किया है। परिवाद पत्र में राहुल गांधी, तेजस्वी प्रसाद यादव, मुकेश सहनी और मो. रिजवी उर्फ राजा को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। अदालत में यह मुकदमा परिवाद पत्र संख्या 12873/2025 के रूप में दर्ज किया गया है। परिवाद पत्र पर सुनवाई 3 सितंबर 2025 को होगी। दाखिल किए गए परिवाद पत्र में कथित रूप से राहुल गांधी, तेजस्वी प्रसाद यादव और मुकेश साहनी की उपस्थिति में मो. रिजवी उर्फ राजा के द्वारा वोटर अधिकार यात्रा के दौरान 28 अगस्त 2025 को दरभंगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी को मानहानि एवं विद्वेष फैलाने वाला बताया गया है। 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले का छत्तीसगढ़ दौरा

योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश रायपुर, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले आज छत्तीसगढ़  प्रवास पर रायपुर पहुंचे। उन्होंने राज्य अतिथि गृह पहुना में छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में अठावले ने विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन हितैषी योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ बनाने तथा समाज के वंचित वर्गों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति योजनाएँ, कौशल विकास कार्यक्रम और स्वरोजगार सहायता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव तारण प्रकाश सिन्हा एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, समाज कल्याण संचालक रोक्तिमा यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। केन्द्रीय मंत्री अठावले ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। छत्तीसगढ़ सहित देशभर में योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी है। राज्यों के साथ बेहतर तालमेल से योजनाओं की पहुंच और परिणाम दोनों बेहतर होंगे।

CM विष्णुदेव साय का संकल्प: हर नागरिक को मिले विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर बस्तर में शुरू होगा 200 करोड़ की लागत से 240 बिस्तरों का हाई-टेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अब मरीजों को इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा रायपुर और बिलासपुर रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है। इस अवसर पर वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधिकारी जयदीप दास गुप्ता एवं श्रीनिवास राव तथा कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल हैदराबाद के अध्यक्ष डॉ. गुरुनाथ रेड्डी, डॉ. रघुनाथ रेड्डी और के.वी. रेड्डी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित प्रदेश के हर नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस अस्पताल के निर्माण की शुरुआत की गई थी और आज जब छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब इस एमओयू का होना ऐतिहासिक महत्व रखता है। गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर हुआ यह समझौता प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहे हैं, किंतु अब यह अस्पताल उनके लिए वरदान साबित होगा। विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए यह जीवनरक्षक सिद्ध होगा। पहले घायल जवानों को एयर एंबुलेंस से रायपुर भेजना पड़ता था, अब जगदलपुर में ही उन्हें अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। बस्तर अंचल में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना राज्य और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है। पहले ये सेवाएँ केवल रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध थीं, लेकिन अब बस्तर के लोग भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगा। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने जानकारी दी कि इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें से 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने वहन किए हैं। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने भी इस परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल 11 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और अत्याधुनिक मशीनों एवं उपकरणों से सुसज्जित है। यह 10 मंजिला अस्पताल 240 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। इसमें हृदय रोग (कार्डियोलॉजी), किडनी रोग (नेफ्रोलॉजी), मस्तिष्क रोग एवं न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे विभाग संचालित होंगे। ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सरकारी दर पर उपचार प्रदान करेगी। सरकारी दर पर उपलब्ध इन सेवाओं का लाभ न केवल बस्तर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के मरीज उठा सकेंगे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक पहल को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया। इससे बस्तर अंचल के लाखों लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और बड़े शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी। यह अस्पताल न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के मरीजों के लिए नई आशा और जीवनदायी सुविधा साबित होगा।