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शराब घोटाले केस: 10 आबकारी अफसरों को सुप्रीम कोर्ट की राहत, दो डायरेक्टर भेजे गए रिमांड पर

रायपुर छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए 32,00 करोड़ के शराब घोटाला केस में 28 आबकारी अफसरों में से दस को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टीस सूर्यकांत,जायमाला बागची और विपुल पंचोली की बेंच ने मामले की सुनवाई की। जिसमें दस आबकारी अधिकारियों को निचली अदालत (ईओडब्ल्यू-एसीबी की विशेष कोर्ट) में अगली पेशी में 23 सितंबर को उपस्थित होकर व्यक्तिगत जमानत बांड पेशकर अग्रिम जमानत प्राप्त करने निर्देशित किया है, जबकि शेष 18 आबकारी अधिकारियों की जमानत पर सोमवार एक सितंबर को सुनवाई नियत की गई है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर 10 अक्टूबर तक जवाब मांगा है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो(ईओडब्ल्यू) ने शराब घोटाला केस में आबकारी विभाग के 29 अफसरों के खिलाफ पिछले महीने विशेष न्यायालय में चालान पेश किया था। इनमें से छह रिटायर हो चुके हैं जबकि एक की मृत्यु हो गई है। शेष 22 अधिकारियों को सरकार ने निलंबित कर दिया था। इन पर वर्ष 2019 से 2023 के बीच 15 जिलों में पोस्टिंग के दौरान 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली करने का आरोप है। सभी अधिकारियों ने गिरफ्तारी के डर से 11 दिन पहले बिलासपुर हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। जहां सभी की जमानत याचिका खारिज हो गई थी। इसके बाद सभी ने सुप्रीम कोर्ट में रूख किया। याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पैरवी की। इन अधिकारियों को मिली राहत सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित आबकारी अधिकारी अरविंद कुमार पाटले,जनार्दन सिंह कौरव,विकास कुमार गोस्वामी,नोहर सिंह ठाकुर,इकबाल एहमद खान,अनंत कुमार सिंह,नीतू नोतानी ठाकुर,विजय सेन, दिनकर वासनिक, अनिमेष नेताम को निचली अदालत में जमानत बांड पेश कर जमानत लेने के निर्देश दिए गए है। वहीं जबकि सहायक आयुक्त आबकारी रामकृष्ण मिश्रा, मोहित कुमार जायसवाल, जीएस नुरूटी, नितिन कुमार खंडुजा, एके अनंत, सोनल नेताम, सौरभ बख्शी, गरीबपाल सिंह दर्दी, जेआर मंडावी, प्रमोद कुमार नेताम, एलएल ध्रुव, जनार्दन सिंह कौरव, नवीन प्रताप सिंग तोमर, देवलाल वैद्य, राजेश जायसवाल, मंजू श्री कसेर, आशीष कोसन और प्रकाश पाल की जमानत पर एक सितंबर को सुनवाई होगी। डायरेक्टर अतुल और मुकेश को कोर्ट ने 8 दिन की रिमांड पर भेजा छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 32,00 करोड़ के शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने जांच तेज कर दी है। झारखंड के रांची की जेल में बंद ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को ट्रांजिट रिमांड पर शुक्रवार को रायपुर लाकर ईओडब्ल्यू-एसीबी की विशेष न्यायाल में पेश किया गया। जांच एजेंसी ने दोनों से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को आठ दिन यानि छह सितंबर तक राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के अफसरों की रिमांड में भेजने का आदेश सुनाया। केस की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी घोटाले का पैसा पता करने के लिए अब दोनो आरोपितों से पूछताछ करेंगे। विवेचना अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में इस केस से संबंध रखने वाले और भी आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है। दो महीने पहले हुई थी गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में हुए शराब घोटाला मामले में झारखंड की ईओडब्ल्यू ने करीब दो महीने पहले श्री ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल कुमार सिंह व मुकेश मनचंदा को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन जब उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले तो दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर रांची जेल भेज दिया गया तब से दोनों जेल में बंद थे। अतुल-मुकेश घोटाले के अहम कड़ी ईओडब्ल्यू के अनुसार होलोग्राम आपूर्ति करने वाली प्रिज्म कंपनी के एमडी विधु गुप्ता का नेटवर्क कई राज्यों में है। इस नेटवर्क के जरिए शराब ठेकेदारोंअधिकारियों और सप्लायरों को प्रभावित किया जाता था। वहीं छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा इस पूरे नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि इनकी मदद से ही छत्तीसगढ़ के घोटाले जैसा पूरा सिस्टम झारखंड में खड़ा किया गया। पूछताछ और दस्तावेजी जांच में एजेंसी को कई अहम सुराग मिले हैं। दोनों से पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

किसानों के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ में रासायनिक और नैनो खाद की सुविधा

छत्तीसगढ़ में रासायनिक खाद पर्याप्त, किसानों को नैनो खाद के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक किसानों के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ में रासायनिक और नैनो खाद की सुविधा नैनो खाद से खेती में बढ़ेगा फायदा, छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को किया जागरूक रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।       कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।

रेलवे अपडेट: बिलासपुर-झारसुगुड़ा रूट पर काम, यात्रियों को झेलनी पड़ेगी 8 ट्रेनों की देरी

बिलासपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी परियोजना के तहत रायगढ़ स्टेशन को चौथी रेल लाइन से जोड़ने का काम 31 अगस्त से 15 सितम्बर तक विभिन्न तिथियों पर किया जाएगा। इस दौरान नान-इंटरकनेक्टिविटी कार्य के कारण कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। कुल आठ ट्रेनें हैं जो अलग-अलग तिथियों पर विलंब से चलेंगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए कार्य को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की रफ्तार और समय पालन में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह लाइन न केवल इस व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की गति और समयबद्धता को बेहतर बनाएगी, बल्कि नई गाड़ियों के संचालन का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। इस 206 किलोमीटर लंबे खंड में अब तक 150 किलोमीटर से अधिक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन गाड़ियों की यात्रा प्रभावित 2 सितम्बर – 18477 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 2 सितम्बर – 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस 2 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 2 सितम्बर – 20917 इंदौर-पुरी एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 12262 हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस 6 घंटे देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस 4 घंटे देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 20472 पुरी-श्री गंगानगर एक्सप्रेस 3 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 3 सितम्बर – 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 4 सितम्बर – 18478 योगनगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। देरी से रवाना होने वाली गाड़ियां आज और कल गेवरा तक नहीं जाएंगी दो ट्रेनें 12.63 किलोमीटर लंबी कोरबा बायपास लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इस लाइन को कुसमुंडा ब्लॉक स्टेशन से जोड़ने के लिए 30 और 31 अगस्त को एनआइ कार्य किया जाएगा। इस काम के कारण कुछ लोकल ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। विशेषकर कोरबा और गेवरा रोड के बीच कुछ सेवाएं दो दिनों तक बंद रहेंगी। रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार 30 व 31 अगस्त को 68734 बिलासपुर–गेवरारोड मेमू कोरबा तक ही चलेगी, कोरबा–गेवरारोड के बीच रद रहेगी। परिवर्तित मार्ग से चलेंगी ट्रेनें, सफर से पहले दें ध्यान पूर्वी तटीय रेलवे के सम्बलपुर स्टेशन में यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य चल रहा है। यह कार्य अब एक सितम्बर 2025 तक बढ़ा दिया गया है। इसके चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित कई यात्री गाड़ियों का संचालन परिवर्तित मार्ग सरला जंक्शन व सम्बलपुर सिटी होकर किया जाएगा। बिलासपुर से गुजरने वाले यात्रियों को भी इस बदलाव का ध्यान रखना होगा। यात्रा से पहले ट्रेन के मार्ग और समय की जानकारी रेलवे की वेबसाइट से ले सकते हैं।  

अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ का मौसम होगा सामान्य, फिलहाल हल्की-मध्यम बारिश की संभावना

रायपुर पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के बाद एक बार फिर प्रदेश में मौसम की स्थिति सामान्य हो गई है। शनिवार को प्रदेश में सामान्य बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को प्रदेशभर में मौसम इसी तरह का बना रहेगा। आकाश में आंशिक बादल छाए रहने के साथ उमसभरी गर्मी बनी रहेगी। रायपुर, बिलासपुर व आसपास के क्षेत्रों में भी शुक्रवार जैसा ही मौसम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने संभावना जतायी है कि शनिवार को प्रदेश भर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं राज्य के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से दी गई है। आने वाले 1-2 दिनों तक मौसम का हाल ऐसा ही बना रहेगा। गर्मी ने किया बुरा हाल राजनांदगांव में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान दुर्ग में 20 डिग्री रिकार्ड किया गया। बिलासपुर में 31 डिग्री, रायपुर में 32.8 डिग्री, पेण्ड्रारोड में 31.4 डिग्री, अंबिकापुर में 30.2 डिग्री और जगदलपुर में 29.8 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में बिलासपुर का हाल 29 अगस्त शुक्रवार को शहर का मौसम दिनभर लोगों को परेशान करता रहा। बीच-बीच में हल्के बादल जरूर छाए, लेकिन धूप तेज बनी रही। नतीजतन उमसभरी गर्मी से लोगों को खासी दिक्कत हुई। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.3 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की द्रोणिका बीकानेर, कोटा, गुना, दमोह, पेण्ड्रारोड, संबलपुर और पुरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ ही विदर्भ और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी तक फैला है और ऊंचाई पर दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तरी केरल तक एक और द्रोणिका विदर्भ व आंतरिक कर्नाटक से गुजर रही है। इनके असर से मौसम बदला हुआ है और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। बदलते मौसम का सेहत पर असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा विपरीत असर, रहें सतर्क बरसात के बीच उमसभरी गर्मी से लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है। उमस की वजह से डिहाइड्रेशन, थकान, सिरदर्द और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में चिकित्सक पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, नींबू पानी और मौसमी फलों के रस का सेवन करने की सलाह देते हैं। धूप में निकलने से बचें और यदि निकलना जरूरी हो तो हल्के कपड़े पहनें और छाता या कैप का प्रयोग करें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।  

प्रदेश में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

चालू खरीफ सीजन के लिए 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरूद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण 5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का किया गया वितरण  रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।       कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे अधोसंरचना और तकनीकी हस्तांतरण से राज्य की स्वच्छ ऊर्जा व लॉजिस्टिक्स क्षमता को मिलेगी नई गति रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. और रेल रखरखाव समाधानों की प्रमुख कोरियाई कंपनी UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश और सहयोग के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत परिवहन अधोसंरचना का निर्माण करना और रेलवे नेटवर्क को मज़बूत बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी से छत्तीसगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कर कंपनी को प्रदेश में अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024–30, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने कहा— “छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को बेहतर और आधुनिक परिवहन अवसंरचना भी उपलब्ध होगी। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोज़गार अवसर सृजित होंगे, राज्य में हरित तकनीकी कौशल का विकास होगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सतत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ModernTech Corp. का अनुभव और विशेषज्ञता छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज़ करेगी। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर घटक निर्माण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ModernTech Corp. के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि “प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट को शीघ्रता से क्रियान्वित कर सकें।” मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान UNECORAIL के सीईओ श्री डोंग पिल पार्क से मुलाकात की। यह कंपनी कोरिया की अग्रणी रेल मेंटेनेंस समाधान प्रदाता है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे  अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधान बेहद अहम हैं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि UNECORAIL के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने, रखरखाव को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को मजबूत करने में नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नीति का केंद्रीय तत्व बना रही है। उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के विकास भागीदार बनें और इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल होकर राज्य को नए शिखरों पर पहुँचाएँ।

इस दिशा में तर्पण करने से पितरों की कृपा प्राप्त, खुलेगा सुख-समृद्धि का मार्ग

श्राद्ध पक्ष, जिसे पितृ पक्ष भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा से अमावस्या तक का समय होता है। यह समय पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का होता है। इस दौरान तर्पण या श्राद्ध करने के विशेष दिशा निर्देश भी होते हैं, जो वास्तु शास्त्र के अनुसार महत्वपूर्ण होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, श्राद्ध पक्ष के दौरान तर्पण करते समय उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठना चाहिए। इसका कारण यह है कि उत्तर दिशा को पितरों और पूर्वजों की दिशा माना जाता है। उत्तर दिशा में ध्यान केंद्रित करने से पितरों को श्रद्धा और सम्मान का अहसास होता है, जो कि उन्हें आर्शीवाद देने की ओर प्रेरित करता है। उत्तर दिशा में तर्पण करने का एक महत्वपूर्ण कारण यह है कि उत्तर दिशा की ओर इशारा करते हुए तर्पण करने से पूजा स्थल की पवित्रता बनी रहती है। इस दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पितरों के प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट होती है। उत्तर दिशा को ज्ञान और समृद्धि की दिशा भी माना जाता है इसलिए इस दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करने से पितरों के आशीर्वाद के साथ-साथ पारिवारिक समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तर्पण करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पूजा स्थल स्वच्छ और पवित्र हो। इसके अलावा, तर्पण के समय सही दिशा का पालन करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और पितर भी अपने संतोष और आशीर्वाद से परिवार को लाभ पहुंचाते हैं। इसलिए उत्तर दिशा की ओर मुंह करके तर्पण करना श्राद्ध पक्ष में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज़, वसुंधरा ने ‘वनवास’ को जोड़ा जीवन से

 धौलपुर राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सुर्खियों में हैं। धौलपुर में रामकथा के दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में संबोधित करते हुए कहा कि वनवास केवल भगवान राम के जीवन का हिस्सा नहीं है, बल्कि हर इंसान के जीवन का भी हिस्सा है। राजे ने कहा कि जीवन में चाहे सुख हो या दुख, कुछ भी स्थायी नहीं होता। जिस तरह वनवास आता है, उसी तरह चला भी जाता है, इसलिए धैर्य और विश्वास के साथ हर परिस्थिति का सामना करना चाहिए।  राजे गुरुवार को धौलपुर शहर की परशुराम धर्मशाला में कई दिनों से चल रही राम कथा सुनने के लिए आई थीं। इसी कथा के मध्य में उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में राजे ने धौलपुर को अपना परिवार तथा अपने आप को इस परिवार की बहू बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार में बहू, बेटी, मां, सास आज सभी की अपनी अपनी भूमिका एवं कर्तव्य होते हैं और सभी को इस प्रकार निर्वहन करना होता है। उन्होंने भगवान राम की सीख का उल्लेख करते हुए कहा कि रामराज्य का मूल मंत्र है- सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोग मिलकर साथ रहें। परिवार और समाज को एकजुट करके आगे बढ़ाना ही रामराज्य की भावना है। राजे ने यह भी कहा कि डर तभी लगता है जब इंसान जान-बूझकर गलत करता है। यदि जीवन में धर्म और वेद विज्ञान को अपनाया जाए तो भय समाप्त हो जाता है। हालांकि वसुंधरा राजे ने यह बयान धार्मिक कथा के संदर्भ में दिया था लेकिन उनके इस भाषण के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि मौजूदा हालात में लंबे समय से राजस्थान की राजनीति में सक्रिय रहते हुए वसुंधरा पार्टी और प्रदेश संगठन के भीतर उतार-चढ़ाव का सामना करती रही हैं। ऐसे में उनके वनवास वाले कथन को राजनीतिक वनवास से भी जोड़ा जा रहा है। राजे का यह धार्मिक बयान धार्मिक मंच से उठकर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

जिले में उर्वरक वितरण होगा हाई-टेक, निजी विक्रेताओं को मिली L1 Pos मशीनें

एमसीबी जिले के निजी उर्वरक विक्रेताओं को अब उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नई पीढ़ी की L1 Pos मशीनें प्रदान की गई हैं। गुरुवार को कार्यालय उप संचालक कृषि मनेन्द्रगढ़ के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में इन मशीनों का वितरण किया गया। इस अवसर पर उप संचालक कृषि इन्द्रासन पैकरा ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से पूर्व प्रदाय Lo Pos मशीनें निष्क्रिय हो चुकी थीं, जिसके बाद आधुनिक तकनीक से युक्त  L1 Pos  मशीनों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि नई मशीन से किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में आसानी होगी, वहीं विक्रेताओं को स्टॉक और बिक्री संबंधी अद्यतन जानकारी रखने में भी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम में निजी उर्वरक विक्रेताओं सहित  IPL कंपनी के प्रतिनिधि, सहायक संचालक कृषि जयंत कुमार पैकरा और शाखा प्रभारी दीपक कुमार साहू भी उपस्थित रहे। उप संचालक कृषि ने आशा व्यक्त की कि इस तकनीकी पहल से जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित होगी।

एकलव्य छात्रावास में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन

एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ एकलव्य वनवासी बालक छात्रावास, चैनपुर में इस वर्ष गणेश उत्सव का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष गणेश अग्रवाल, छात्रावास अध्यक्ष जगदंबा अग्रवाल, सचिव प्रभात वर्मा, जिला उपाध्यक्ष आर. डी. दीवान, नगर सचिव रितेश श्रीवास्तव, छात्रावास के भैया जोग सिंह, संदीप सिंह, पीयूष सिंह, दीपक सिंह तथा जिला संगठन मंत्री हरभजन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। धार्मिक आयोजन के बीच विनोद शुक्ला ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म से जुड़ाव और संस्कार ही जीवन की वास्तविक धरोहर हैं। उन्होंने भगवान श्री गणेश जी के जीवन चरित्र एवं उनकी स्थापना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को सनातन धर्म की परंपराओं से अवगत कराया। गणेश प्रतिमा की स्थापना 27 अगस्त को की गई थी, जिसके उपरांत कल 31 अगस्त, रविवार को दोपहर 2 बजे से भजन संध्या एवं भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें नगरवासियों और श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है.