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रायपुर रेलवे स्टेशन पर जनरल टिकट काउंटर बदला, अब यहां मिलेगा टिकट

रायपुर रेलवे स्टेशन पर अनारक्षित टिकट काउंटर को रेलवे आरक्षण केंद्र में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. यानी अब कुछ दिनों बाद यात्रियों को मिलने वाली जनरल टिकट आरक्षण केंद्र के अंदर से ही मिलेगी. तब तक यात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए रेलवे के वाणिज्य विभाग ने व्यापक व्यवस्था की है. वाणिज्य विभाग के अधिकारियों, निरीक्षकों और सुपरवाइजरों द्वारा भीड़ की लगातार निगरानी की जा रही है. जानकारी के मुताबिक अब तक एक काउंटर को शिफ्ट किया गया है, जिसके बदले तीन अतिरिक्त ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) और चार मोबाइल टिकट सुविधा प्रदान करने वाले कर्मचारियों को तैनात किया गया है. अगले 24 घंटों में एक और एटीवीएम शिफ्ट किया जाएगा, जबकि 48 घंटों में दूसरा एटीवीएम और 48 से 72 घंटों के भीतर सभी अनारक्षित टिकट काउंटर रेलवे आरक्षण केंद्र में पूरी तरह स्थानांतरित हो जाएंगे. यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य विभाग के कंट्रोल रूम में हर घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है. इसके अलावा, 24×7 मुख्य वाणिज्य निरीक्षक और चीफ सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी स्वयं स्थिति का जायजा ले रहे हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ हर घंटे समीक्षा कर रहे हैं.

हाई कोर्ट का फैसला: कांकेर सांसद की आपत्तियां खारिज, चुनाव याचिका पर सुनवाई जारी

रायपुर/बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग की ओर से दायर उस अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को प्रथम दृष्टया निरस्त करने की मांग की थी. न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास ने 11 सितंबर को आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना में हुई कथित अनियमितताओं के पर्याप्त तथ्य पेश किए हैं, इसलिए मामला मेरिट पर सुनवाई योग्य है. क्या है पूरा मामला? कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग के खिलाफ कांकेर निवासी बिरेश ठाकुर ने 18 जुलाई 2024 को चुनाव याचिका दायर की थी. इसमें उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव परिणाम रद्द करने, कई बूथों की पुनः मतगणना और 15 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान की मांग की थी. याचिका में आरोप है कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी व छेड़छाड़, वोटिंग डेटा के प्रसारण में देरी और वोटों की गिनती में गंभीर अनियमितताएं हुईं. कई मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान और गई. गिनती की मांग की याचिकाकर्ता ने गोंडरदेही, डोंडी लोहारा और कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों के बूथों पर वोटों के अंतर और डेटा ट्रांसमिशन में हेरफेर की आशंका जताई है. सांसद नाग ने जताई आपत्ति निर्वाचित सांसद भोजराज नाग ने दलील दी कि याचिका में भ्रष्ट आचरण का कोई ठोस आरोप नहीं है, इसलिए यह रिपजेंटेशन आफ पीपुल एक्ट, 1951 की धारा 81, 82 और 83 का उल्लंघन है और इसे खारिज किया जाना चाहिए. साथ ही चुनाव आयोग को पक्षकार नहीं बनाया गया, इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. याचिका वकील के जरिए दाखिल की गई, जबकि कानून के मुताबिक उम्मीदवार को खुद याचिका दाखिल करनी चाहिए. तीन नवंबर को होगी अगली सुनवाई हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर 2025 को निर्धारित की है. अब अदालत याचिकाकर्ता के आरोपों और साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर यह तय करेगी कि कांकेर लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम बरकरार रहेगा या नहीं. क्या कहा कोर्ट ने कोर्ट ने कहा कि याचिका में सभी आवश्यक तथ्य और साक्ष्य मौजूद हैं. याचिकाकर्ता ने स्पष्ट रूप से ईवीएम में गड़बड़ी, डेटा ट्रांसमिशन में देरी और मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का जिक्र किया है, जो विस्तृत सुनवाई योग्य हैं. न्यायालय ने साफ किया कि चुनाव आयोग को पक्षकार बनाने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है और याचिका धारा 81, 82, 83 के अनुरूप है. याचिका बीरेश ठाकुर ने विधिवत रूप से दाखिल की है, सभी पन्नों पर उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं. सांसद भोजराम की आपत्ति में दम नहीं, इसलिए याचिका खारिज नहीं की जा सकती.

महिलाओं को मिलेगा स्वास्थ्य व पोषण का मजबूत सहारा, पीएम मोदी करेंगे ‘स्वस्थ नारी’ अभियान की शुरुआत

रायपुर महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक देशव्यापी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” शुरू करने जा रहा है. इस राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर, मध्यप्रदेश से करेंगे. यह अभियान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा मनाए जा रहे “पोषण माह” के साथ मिलकर चलाया जाएगा, जिससे मातृ, किशोरी और बाल पोषण पर व्यापक असर डाला जा सके. अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाना है, जिसमें महिलाओं के लिए उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुख कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, एनीमिया, टीबी और सिकल सेल रोग की जांच. साथ ही स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र, ईएनटी, त्वचा, मानसिक स्वास्थ्य एवं दंत विशेषज्ञ जैसी सेवाएँ दी जाएगी. मातृ एवं शिशु देखभाल के तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (ANC), परामर्श और बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा. इसके अलावा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें किशोरियों व महिलाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता और पोषण संबंधी सत्र, रसोई तेल की खपत में कमी को बढ़ावा, पोषण परामर्श व वेलनेस सत्र होगा. इसके साथ निक्षय मित्र अभियान के तहत टीबी मरीजों को सहयोग देने के लिए व्यक्तियों और संस्थाओं को जोड़ा जाएगा. 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक विशेष रक्तदान अभियान चलाया जाएगा. जिसके तहत 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर 1 लाख यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा गया है. इसमें निजी अस्पतालों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी,. जिसमें निजी स्वास्थ्य संस्थान भी महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगे. राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की भूमिका स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से इस अभियान को जनआंदोलन के रूप में सफल बनाने का आह्वान किया है. राज्यों से अपेक्षा की गई है कि वे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में करें. भारत सरकार की स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे परिवार और समाज दोनों सशक्त होंगे.

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों में उपचार : मरीजों को लगातार मिल रही है निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ

  रायपुर आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पंजीकृत निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान कार्डधारक मरीजों का उपचार लगातार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1,600–1,700 दावे प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनकी राशि प्रतिदिन 4 करोड़ रुपये से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य सरकार द्वारा अब तक रु. 375 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। इस राशि से जुलाई 2025 तक के लगभग रु. 280 करोड़ के दावे भुगतान कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार से रु. 130 करोड़ इस सप्ताह प्राप्त होने की संभावना है, जिससे निरंतर अस्पतालों के दावे भी भुगतान किये जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग लगातार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ परामर्श कर रहा है और सभी पंजीकृत अस्पताल लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोई भी गरीब अथवा कमजोर वर्ग का परिवार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत नि:शुल्क उपचार से वंचित न हो, यह सुनिश्चित किया गया है। सभी पैनल में शामिल अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि मान्य आयुष्मान कार्डधारकों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराएं और किसी भी प्रकार का शुल्क न लें। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले 118 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें 24 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट तथा 11 अस्पतालों का निलंबन शामिल है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है कि इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार बिना किसी आर्थिक बोझ के प्राप्त हो। योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार शीघ्र ही एक स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला आयोजित करने जा रही है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों के साथ योजनागत मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी। डा. सुरेंद्र शुक्ला, चेयरमैन, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ ने बताया कि विभागीय मंत्री की पहल पर 375 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने आज यह भी जानकारी दी कि इसके अतिरिक्त 130 करोड़ रुपये केंद्र से आबंटित किए जा चुके हैं, जो इस सप्ताह प्राप्त हो जाएंगे। इस प्रकार लगभग 505 करोड़ रुपये निजी अस्पतालों के लंबित बकाया भुगतान हेतु उपलब्ध हो जाएंगे। राज्य एवं जिला शाखाओं के प्रतिनिधियों ने मरीजों के हित में लिए गए इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब शासन द्वारा बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है, तो ऐसी स्थिति में मरीजों का निःशुल्क इलाज किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं किया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचे और कोई भी नागरिक आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। पारदर्शी भुगतान व्यवस्था, सख्त निगरानी और निरंतर सुधार के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश में निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सभी नागरिकों को उपलब्ध हो।

छत्तीसगढ़ मुठभेड़: गरियाबंद में सुरक्षाबलों ने मार गिराए 10 माओवादी, भारी हथियार भी कब्जे में

गरियाबंद जिले के मैनपुर इलाके में शुक्रवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इसमें एक करोड़ का इनामी माओवादी कमांडर मनोज उर्फ माडेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर मारा गया है। साथ ही 40 लाख का इनामी उड़ीसा स्टेट कमेटी सदस्य प्रमोद उर्फ पाड़न्ना भी ढेर हो गया। 10 माओवादियों के शव बरामद मुठभेड़ में अब तक 10 माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। जवानों को घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मिला है। इसमें एके-47, इंसास, एसएलआर और बड़ी संख्या में विस्फोटक शामिल हैं। जानकारी के अनुसार एसटीएफ, ई-30 और कोबरा बटालियन के जवान मैनपुर के मटाल जंगल में सुबह से सर्चिंग अभियान चला रहे थे।   अभी भी जारी है मुठभेड़ इसी दौरान माओवादियों से आमना-सामना हुआ और मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस ने पुष्टि की है कि इलाके में माओवादियों की बड़ी संख्या मौजूद थी। गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि अभी भी रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। वे लगातार मौके पर मौजूद जवानों से संपर्क बनाए हुए हैं।

पूर्व सीएम बघेल ने साधा निशाना: अपराध बढ़ रहे, गृहमंत्री पीछे नहीं हट रहे, फिल्म देख रहे

रायपुर राजनांदगांव में हुई तीन हत्याओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा पर निशाना साधा है. बघेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि गृहमंत्री इस्तीफा दें. राजनांदगांव में एक ही दिन में तीन हत्याएं हो गई है. ‘गृहमंत्री’ एक घटिया फिल्म देखने और उसके प्रमोशन में व्यस्त हैं. भूपेश बघेल ने कहा है कि राजनांदगांव की ‘फाइल्स’ देखने का समय गृहमंत्री के पास नहीं है. प्रदेश में भय का वातावरण बना हुआ है. जगह-जगह हत्याएं, चाकूबाजी हो रही है और गृहमंत्री फिल्म देखने में व्यस्त हैं.

नेशनल लोक अदालत का ऐलान: 13 सितंबर को आपसी समझौते से होंगे मामलों का समाधान

रायपुर आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 13 सितंबर 2025 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह कैलेंडर वर्ष 2025 की तीसरी नेशनल लोक अदालत होगी तथा 13 दिसंबर 2025 को वर्ष 2025 की अंतिम लोक अदालत आयोजित की जाएगी। लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है। नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जाएगा।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ी: 2024 से अब तक 14 नए कैंप स्थापित, तुमालभट्टी में भी हुआ नया कैंप

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित ग्राम तुमालभट्टी में पुलिस प्रशासन ने नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया है। यह कदम छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना से क्षेत्र की ग्रामीणों को लाभान्वित करने उद्देश्य से उठाया गया है। सुरक्षा बलों ने भारी चुनौतियों के बीच हासिल की सफलता कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भारी मानसून के बावजूद सुरक्षा बलों ने डटकर सभी चुनौतियों का सामना किया और सुरक्षा कैंप की स्थापना की। इसके साथ ही कोंटा से किस्टाराम को सीधा जोड़ने की दिशा में यह एक अहम कदम साबित होगा। आगामी दिनों में दोनों इलाकों के बीच दूरी घटकर लगभग आधी हो जाएगी। कैंप की स्थापना से ग्रामीणों को योजनाओं का मिलेगा लाभ सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा का वातावरण सुदृढ़ होगा और ग्रामीणों को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित होने का अवसर प्राप्त होगा। यह कदम माओवादियों के विरुद्ध एक बड़ी रणनीतिक सफलता है, जो ग्रामीणों के जीवन में शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा प्रदान करेगा। इस कैंप की स्थापना से क्षेत्र में माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, नक्सल विरोधी अभियान में तेजी आएगी तथा आसपास के ग्रामीणों को सड़क, पुल-पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं, पीडीएस दुकानें, शिक्षा और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नए सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र के आमजन में उत्साह का माहौल है। 2024 से अब तक 14 नए सुरक्षा कैंप स्थापित, 518 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में सुरक्षा बलों द्वारा कुल 14 नए कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन सुरक्षा कैंपों की स्थापना से नक्सल उन्मूलन अभियान में तेजी आई है। इसी अवधि में नक्सल विचारधारा को त्यागकर 518 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 63 माओवादियों को मार गिराने और 447 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई स्थापना यह सुरक्षा कैंप पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक (परि.) राजेश पांडेय और सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में स्थापित किया गया। साथ ही सीआरपीएफ 217, 212, 207 कोबरा बटालियन और स्थानीय पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। अब तक स्थापित किये गए 14 नए सुरक्षा कैंपों की सूची बता दें कि वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के अंतर्गत कुल 14 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। इनमें टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुड़े़म, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा, मेटागुड़ेम, उसकावाया, नुलकातोंग और तुमालभट्टी शामिल हैं।

‘द बंगाल फाइल्स’ देखने के बाद विजय शर्मा का बड़ा बयान: यह कहानी सत्य पर आधारित है

रायपुर ‘द बंगाल फाइल्स’ में विभाजन के दौरान की घटनाओं को दिखाया गया है. फिल्म देखने के बाद क्रोध और दुख हुआ. फिल्म में सत्य घटना को दिखाया गया है, जो हकीकत में घटी है. यह बात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ‘द बंगाल फाइल्स’ देखने के बाद कही. छत्तीसगढ़ सर्व बंग समाज की ओर से पंडरी स्थित मॉल में ‘द बंगाल फाइल्स’ फिल्म का प्रदर्शन देखने बुधवार रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा पहुंचे थे. शो में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. उप मुख्यमंत्री ने फ़िल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री को बधाई देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में फिल्म को अवश्य दिखाया जाना चाहिए. नेटफ्लिक्स के माध्यम से बंगाल में फिल्म को दिखाने की कोशिश करेंगे.

घरेलू प्रार्थना सभा की सुरक्षा नहीं मिलने पर ईसाई समाज ने आंदोलन की दी चेतावनी

रायपुर राजधानी रायपुर में आज बड़ी संख्या में संयुक्त ईसाई समाज के लोग ईसाई धर्मानुसार घरेलू नियमित प्रार्थना सभा संचालन करने के पक्ष में कार्यवाही करने की मांग को लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ईसाई समाज पर प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण और जबरन बुलाए जाने के आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि उन्हें प्रार्थना सभा में सुरक्षा दी जाए। मांग पूरी नहीं होने पर आगे अर्धनग्न प्रदर्शन, रैली और सभा जैसे बड़े प्रदर्शन के लिए उतारू होंगे। संयुक्त ईसाई समाज की ओर से कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि हम सभी रायपुर छत्तीसगढ़ के हैं, जिसमें रायपुर शहर के समस्त पादरी फेलोशिप, लीडर संगठन और विभिन्न ईसाई संस्थाएं सम्मिलित हैं। जिनके द्वारा हम विगत कई वर्षों से घरेलू प्रार्थना सभा संचालित करते आ रहे हैं। ईसाई धर्म में अपनी आस्था के अनुसार एक जगह इकट्ठा होकर शांतिपूर्वक प्रार्थना आराधना करने की परंपरा है, जिसका हम पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पवित्र धर्मशास्त्र बाइबिल में भी घरों में प्रार्थना सभा किए जाने का उल्लेख मिलता है, जो कि आज तक अनवरत हर जगह चलती आ रही है। पवित्र धर्मग्रंथ बाइबिल में प्रेरितों के काम 2:46 में लिखा है- वे प्रतिदिन एक मन होकर मंदिर में इकट्ठे होते थे और घर-घर रोटी तोड़ते हुए आनंद और मन की सिधाई से भोजन किया करते थे। पवित्र बाइबिल में रोमियों 16:5, 1 कुरिन्थियों 16:19, कुलुस्सियों 4:15, फिलेमोन 1:2 आदि कई स्थानों पर घरेलू प्रार्थना सभा के संचालन का वर्णन मिलता है। प्रार्थना सभा में नहीं दिया जाता किसी भी प्रकार का प्रलोभन घरेलू चर्च में प्रार्थना हम सभी ईसाई धर्म के मानने वालों की संस्कृति एवं परंपरा है। हमारे द्वारा किसी भी प्रकार के प्रलोभन, डर, दायाव, कपट आदि नहीं दिया जाता है। सभी व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार घरेलू प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए आते हैं। हमारे द्वारा किसी को भी जबरन बुलाया नहीं जाता है। इस सभा में ईसाई धर्म में आस्था और विश्वास रखने वाले लोग ही शामिल होते हैं। मांग पूरी न होने पर करेंगे आंदोलन ईसाई धर्मानुसार घरेलू नियमित प्रार्थना सभा संचालन करने के पक्ष में कार्यवाही करने की मांग को लेकर आज हम रायपुर शहर के धार्मिक पुरोहित, पादरी, धर्म सेवक-सेविका कलेक्टर को ज्ञापन सौंप रहे हैं ताकि हमें प्रार्थना सभा में सुरक्षा दी जाए। मांग पूरी नहीं होने पर आगे अर्धनग्न प्रदर्शन, रैली और सभा जैसे बड़े प्रदर्शन के लिए उतारू होंगे।