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प्रदूषण से बेहाल दिल्ली: खतरनाक स्तर पर AQI, स्मॉग में छिपी राजधानी की पहचानें

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में सर्दी की शुरुआत के साथ ही हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। शनिवार सुबह दिल्ली के कई हिस्सों में घना स्मॉग छाया रहा, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सीने में घुटन महसूस हुई। इंडिया गेट पर विजिबिलिटी घटी दिल्ली के पॉपुलर प्लेस इंडिया गेट पर सुबह की सैर के लिए आने वाले लोगों को घने स्मॉग के कारण निराशा हाथ लगी। शनिवार सुबह इंडिया गेट स्मॉग की मोटी चादर में लगभग ओझल हो गया। सुबह 8 बजे यहां AQI 369 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। हॉटस्पॉट में हवा 'गंभीर' श्रेणी के करीब CPCB के आंकड़ों के मुताबिक प्रदूषण के हॉटस्पॉट माने जाने वाले इलाकों में स्थिति काफी चिंताजनक है। आनंद विहार में सुबह 8 बजे AQI 424 दर्ज हुआ, जो 'गंभीर' श्रेणी की तरफ इशारा करता है। वजीरपुर की हवा का स्तर 447 तक पहुंच गया, जो किसी भी शहर के लिए बेहद खतरनाक है। इसके अलावा लोधी रोड, नजफगढ़, करोल बाग और आईजीआई एयरपोर्ट के पास भी हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई है। हवा में धूल कणों, धुएं और नमी के मिश्रण ने एक मोटी स्मॉग की परत बना दी है, जिससे विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई है। NCR के हाल भी चिंताजनक दिल्ली से सटे NCR क्षेत्रों में भी हालात बेहतर नहीं हैं। नोएडा सेक्टर-1 में AQI 387 दर्ज किया गया। वहीं गुरुग्राम सेक्टर-51 में AQI 285 रहा। सेहत के लिए गंभीर खतरा इस जहरीली हवा का सबसे बुरा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय रोग से पीड़ित मरीजों पर पड़ रहा है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी शिकायतें हो रही हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक इतनी खराब हवा में रहने से फेफड़ों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है और कैंसर जैसे गंभीर रोगों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों के लिए जारी की सलाह दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के लिए कच्चे ईंधन वाले वाहनों पर रोक, निर्माण स्थलों पर धूल-नियंत्रण के कड़े उपाय, एंटी-स्मॉग गन का उपयोग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम उठा रही है। आम जनता के लिए जारी की ये सलाह ·         सुबह और शाम के समय (जब प्रदूषण सबसे अधिक होता है) बाहर निकलने से बचें। ·         घर से बाहर निकलने पर N-95 मास्क का उपयोग करें। ·         घरों में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और शरीर को हाइड्रेट रखें। सरकारी एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन दिल्ली और एनसीआर में हवा की यह गुणवत्ता यहां के निवासियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।

बिहार की जनता ने दिया संदेश—विकास सर्वोपरि: रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के बढ़त पर खुशी जाहिर की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि निसंदेह बिहार की जनता बधाई की पात्र है। यहां की जनता ने एक बार फिर से एक ऐसी सरकार का चयन करने का फैसला किया है, जो कि विकास पर विश्वास करती है। रेखा गुप्ता ने कहा कि एनडीए सरकार विकास से संबंधित किसी भी कार्य को लेकर कोई समझौता नहीं करती। पिछले दो दशकों में बिहार में एनडीए के शासनकाल में विकास से संबंधित कई काम हुए हैं और आज की जीत उन्हीं कामों का नतीजा है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। बिहार की जनता ने राजनीति से ऊपर बढ़कर विकास को तवज्जो दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि निश्चित तौर पर यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में इसी तरह से विकास से संबंधित कार्य तीव्र गति से होते रहेंगे। एनडीए ने कभी बिहार में विकास से संबंधित कामों को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया और न ही आगे कभी करेगी। हमारे लिए विकास हमेशा से ही सर्वोपरि रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि एनडीए को मिली इस अद्भुत बढ़त को लेकर मैं बिहार और दिल्ली दोनों की जनता को बधाई देना चाहूंगी। एनडीए का प्रदर्शन शानदार है। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे को प्रत्याशित बताते हुए कहा कि हमें पहले से पता था कि बिहार में एनडीए की जीत होने जा रही है। जिस दिन महागठबंधन ने ‘शहाबुद्दीन अमर रहे’ के नारे लगाए थे, जिस दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छठ पूजा को ‘ड्रामा’ करार दिया, क्या ऐसी स्थिति में कोई गुंजाइश बची थी कि बिहार के लोग किसी दूसरे विकल्प का इंतजार करते? ये लोग समझते थे कि हम कभी विकासवादी राजनीति को छोड़कर जंगलराज वाली राजनीति करेंगे, तभी मैं समझ चुका था कि प्रदेश की जनता इस बार एनडीए का साथ देने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने मिलकर बिहार की जनता का विश्वास जीता है। आज एनडीए के शासनकाल में प्रदेश में चौतरफा विकास से संबंधित काम हो रहे हैं। मुफ्त बिजली से लेकर पक्की सड़क राज्य सरकार की तरफ से सुनिश्चित की जा रही है। बिहार के लोगों ने यह बता दिया कि जो हमारे लिए काम करेगा, हम उसी को पसंद करेंगे। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपनी ही पार्टी को समाप्त करने का मन बना लिया है। बिहार का चुनाव संस्कार की भी लड़ाई थी। हमारा संस्कार ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ है, लेकिन उनका संस्कार कट्टा लेकर मारने का था। बिहार की जनता ने दिल खोलकर हमें प्यार दिया।

जितिन प्रसाद करेंगे आज 44वें इंडियन इंटरनेशनल ट्रेड फेयर का उद्घाटन

नयी दिल्ली   केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद आज शुक्रवार को यहां के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले 44वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला का उद्घाटन करेंगे।  19 नवंबर से आम लोगों के लिये खुलेगा। 14-18 नवंबर तक मेले में प्रवेश टिकट महंगे होंगे। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के सारथी मोबाइल ऐप से ऑनलाइन टिकट खरीदे जा सकते हैं। मेट्रो के 55 स्टेशनों पर ऑफलाइन टिकट बिक्री की व्यवस्था की गयी है पर भारत मंडपम के किसी भी गेट पर टिकट नहीं बेचे जाएंगे। पहले पांच दिन मेले में प्रवेश के लिए वयस्कों के लिए टिकट की दर 150 रुपये और बच्चों के लिए 60 रुपये रखी गयी है। 19 नवंबर से 27 नवंबर तक वयस्कों के लिए टिकट 80 रुपये और बच्चों के लिए 40 रुपये का होगा। वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन के लिए टिकट की आवश्यकता नहीं है। ऐसे लोग वैध पहचान पत्र के साथ मुफ्त प्रवेश कर सकते हैं। मेले की आयोजनकार्ता वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एजेंसी भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) ने बताया कि 14 से 27 नवंबर तक चलने वाले इस बार मेले का प्रधान संदेश है- " एक भारत, श्रेष्ठ भारत" । इसमें 31 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश, सरकार के 55 मंत्रालय और विभाग तथा 12 देशों के कारोबारी और कंपनियां हिस्सा ले रहे हैं। आईटीपीओ के अधिकारियों के अनुसार सेना पवेलियन मेले का एक मुख्य आकर्षण होगा होगा। देश में वायु यातायात के तीव्र विस्तार के बीच भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण भी इस बार एक मंडप लगा रहा है । कारोबारियों के लिए मेला प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम साढ़े सात बजे तक खुला रहेगा। आम दर्शक शाम साढ़े पांच बजे तक ही प्रवेश कर सकेंगे। लाल किला के पास हाल ही में हुए कार विस्फोट के मद्देनजर इस बार व्यापार मेले को लेकर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गयी है। भारत मंडपम के पूरे परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और मेटल डिटेक्टर गए हैं। साथ ही इस बार ज्यादा संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात किये जाएंगे। मेले में इस बार आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन पर खास जोर रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि यह मेला देश की आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी विविधता को एक मंच पर प्रदर्शित करेगा। इस बार दर्शन भैरों रोड स्थित द्वार संख्या और चार, तथा मधुरा रोड स्थित द्वार संख्या -छह और 10 से व्यापार मेला में प्रवेश कर सकेंगे। वहीं, व्हीलचेयर उपयोग करने वाले आगंतुकों के लिए द्वार संख्या चार और 10 से प्रवेश दिया जाएगा। मालवाहक वाहन भैरों रोड की ओर वाले द्वार संख्या एक, 5ए और 5 बी से प्रवेश कर सकेंगे। 

दिल्ली नगर निगम में घोटाला उजागर: CBI ने JE को 10 लाख की रिश्वत संग पकड़ा

नई दिल्ली  सीबीआई ने गुरुवार को दिल्ली नगर निगम के नजफगढ़ क्षेत्र के एक कनिष्ठ अभियंता को बिल पास करने के एवज में दस लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। सीबीआई ने इस बाबत 11 नवंबर को नजफगढ़ जोन के कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता एक ठेकेदार है, जिसके लगभग तीन करोड़ रुपए के बिल लंबित थे। आरोपियों ने इन बिलों को पास करने के लिए कुल 25.42 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलते ही सीबीआई ने जाल बिछाया और कनिष्ठ अभियंता को शिकायतकर्ता से दस लाख रुपए की किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद सीबीआई ने आरोपियों के घरों और कार्यालयों पर छापे मारे। तलाशी में भारी मात्रा में कैश, सोने-चांदी के आभूषण और संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। इन दस्तावेजों से पता चलता है कि आरोपी लंबे समय से गलत तरीके से धन कमा रहे थे। जांच अभी जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है। यह मामला दिल्ली नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर पेश करता है। ठेकेदारों से बिल पास करने के नाम पर रिश्वत लेना आम बात हो गई थी। शिकायतकर्ता ने हिम्मत दिखाकर सीबीआई से संपर्क किया, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। सीबीआई का कहना है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सीबीआई ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगे या भ्रष्टाचार करे तो बिना डरे शिकायत करें। सीबीआई की इस सख्त कार्रवाई से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और ईमानदार काम करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। जांच पूरी होने पर दोषियों को कड़ी सजा मिलने की संभावना है।

कार ब्लास्ट की गुत्थी सुलझी? डॉक्टर मोहम्मद आरिफ यूपी ATS की गिरफ्त में

नई दिल्ली/कानपुर  दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में एक और संदिग्ध, डॉक्टर मोहम्मद आरिफ, को हिरासत में लिया गया है। मोहम्मद आरिफ कार्डियोलॉजी से पढ़ाई कर रहा था। उत्तर प्रदेश एटीएस ने उसे कानपुर से पकड़ा है। सामने आया है कि डॉक्टर परवेज से कड़ी पूछताछ के बाद एटीएस ने कानपुर में दबिश दी और मोहम्मद आरिफ को हिरासत में ले लिया। वहीं, देर रात एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम डॉक्टर परवेज को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई। उत्तर प्रदेश एटीएस ने मंगलवार शाम को डॉक्टर परवेज को हिरासत में लिया था। वह संदिग्ध आतंकवादी डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी का भाई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान डॉक्टर परवेज से तीन कीपैड फोन मिले। जांच एजेंसियों को डॉक्टर परवेज के पास से कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और धारदार हथियार भी बरामद हुए, जिससे आतंकी मॉड्यूल में उसकी अहम भूमिका की आशंका जताई गई है। फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड के समय डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी हुई थी। जांच एजेंसियों ने 10 नवंबर को बड़ी कार्रवाई के दौरान लगभग 2900 किलो विस्फोटक बरामद किया था। इसी आतंकी मॉड्यूल के तार दिल्ली कार ब्लास्ट से जुड़े हैं। यह शक्तिशाली विस्फोट सोमवार शाम लगभग 6:52 बजे हुआ। यह विस्फोट भारत के सबसे प्रतिष्ठित स्मारकों में से एक लाल किले के पास हुआ। फिलहाल, आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथों में है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को यह जांच सौंपी थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि कार में उच्च-स्तरीय इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लगे थे। जांच टीमें अब विस्फोटकों के स्रोत का पता लगा रही हैं और विस्फोट से पहले के दिनों में उमर उन नबी की गतिविधियों का पता लगाने की भी कोशिशें जारी हैं। आतंकी उमर उन नबी दिल्ली कार ब्लास्ट में मारा जा चुका है। डीएनए परीक्षण से पुष्टि हुई है कि लाल किले के पास विस्फोट करने वाला व्यक्ति उमर उन नबी ही था।

बिल्डिंग-17 की गुत्थी: आखिर क्यों सुर्खियों में आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का रूम-13?

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार (10 नवंबर) की शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाका मामले की जाँच कर रही एजेंसियों ने अल फलाह यूनिवर्सिटी स्थित डॉ. उमर नबी और डॉ. मुजम्मिल के कमरों से उनकी डायरियाँ बरामद की हैं। फरीदाबाद में करीब 70 एकड़ में फैला यह यूनिवर्सिटी अब आतंकी धमाके का केंद्र बनकर उभरा है, जहां आतंकियों ने न केवल प्लानिंग की बल्कि आतंक को अंजाम देने के लिए कई गुप्त बैठकें की औंर फंड की व्यवस्था की। एक पुलिस सूत्र ने बताया, "ये डायरियाँ मंगलवार और बुधवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी कैम्पस के अंदर से बरामद की गईं। इनमें से एक डॉ. उमर के कमरा नंबर चार से और दूसरी डॉ. मुजम्मिल के कमरा नंबर 13 से बरामद की गईं हैं। डॉ. मुज़म्मिल का कमरा नंबर 13 अब सील कर दिया गया है, जहाँ से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और पेन ड्राइव भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने डॉ. मुजम्मिल द्वारा इस्तेमाल किए गए एक अन्य कमरे से भी एक डायरी ज़ब्त की हैं। यह वही जगह है जहाँ से पहले 360 किलोग्राम विस्फोटक ज़ब्त किया गया था। यह कमरा यूनिवर्सिटी से लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। रूम नंबर 13 का रहस्य पुलिस सूत्रों ने बताया, "बरामद डायरियों और नोटबुक्स में कोड शब्द हैं, जिनमें 8 नवंबर से 12 नवंबर के बीच की तारीखों का ज़िक्र है। डायरियों में 'ऑपरेशन' शब्द कई बार लिखा गया है।" पुलिस सूत्रों ने बताया कि डॉ. उमर और उनके साथी अल फलाह यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग नंबर 17 में गुप्त रूप से मिलते थे। इसी बिल्डिंग का कमरा नंबर 13 डॉ. मुज़म्मिल का था, जहाँ आतंकवादी अक्सर मिलते थे। पुलिस को शक है कि इसी कमरे में उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में विस्फोट करने की योजना बनाई थी। यूनिवर्सिटी की लैब से जुटाए केमिकल सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों ने सबसे पहले यूनिवर्सिटी की लैबोरेटरी से बम बनाने के लिए रसायनों की तस्करी करने की योजना बनाई थी। यह लैब मुज़म्मिल के कमरे से कुछ ही मीटर की दूरी पर है। विश्वविद्यालय के दोनों फैकल्टी मेंबर डॉ. उमर और डॉ. शाहीन, रसायनों का प्रबंध करने में कामयाब रहे। फिर उन्हें फरीदाबाद के धौज और तागा गाँवों में किराए के मकानों में रखा गया। 26 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई सूत्रों ने यह भी बताया है कि ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों ने लाल किले के पास विस्फोट में इस्तेमाल की गई सामग्री खरीदने के लिए 26 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई थी। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि चार संदिग्धों – डॉ मुजम्मिल गनई, डॉ अदील अहमद राथर, डॉ शाहीन सईद और डॉ उमर नबी ने मिलकर नकद राशि जमा की थी, जिसे सुरक्षित रखने और आगे इस्तेमाल के लिए डॉ उमर को सौंप दिया गया था। डॉ. उमर चला रहा था आई20 कार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी और और अल फलाह में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत डॉ. उमर सोमवार की शाम को लाल किले के व्यस्त इलाके में हुए विस्फोट में इस्तेमाल हुंडई आई20 कार चला रहा था। जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि यह धनराशि एक बड़ी आतंकी साजिश के लिए थी। जमा की गई इस राशि से आतंकियों ने कथित तौर पर गुरुग्राम, नूंह और आसपास के शहरों से लगभग 3 लाख रुपये मूल्य का लगभग 26 क्विंटल एनपीके खाद खरीदा था। आतंकियों के बीच धन के लेन-देन को लेकर थे मतभेद अधिकारियों ने बताया कि अन्य रसायनों के साथ मिश्रित इस उर्वरक का इस्तेमाल आमतौर पर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बनाने में किया जाता है। सूत्रों ने पहले बताया था कि दिल्ली विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट और ईंधन तेल युक्त विस्फोटक यौगिक एएनएफओ की एक अनिर्दिष्ट मात्रा का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि समूह द्वारा इतनी बड़ी मात्रा में खाद की खरीद, जांच में एक अहम सुराग बन गई है। उन्होंने बताया कि वित्तीय लेन-देन और आपूर्ति रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। सूत्रों ने यह भी बताया कि विस्फोट से पहले के दिनों में उमर और मुजम्मिल के बीच धन के लेन-देन को लेकर मतभेद था। जांचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इस विवाद की वजह से इस समूह की योजनाओं या हमले के समय पर असर पड़ा?  

जैश की महिला विंग का खुलासा — डॉक्टर शाहीन ने कैसे गरीब लड़कियों को बनाया हथियार?

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. दिल्ली ब्लास्ट आतंकी हमला है और इसका फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से कनेक्शन है. सरकार अब दिल्ली बम ब्लास्ट को आतंकी घटना मान चुकी है. अब जांच एजेंसियां भी इसी एंगल से जांच में लगी हैं. आतंकी डॉक्टर उमर और फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में अरेस्ट आतंकियों के तार जुड़ते जा रहे हैं. डॉक्टर बनकर आतंकी साजिश रचने वाले आतंकियों की कुंडली खंगाली जा रही है. इस बीच जैश की लेडी कमांडर डॉ. शाहीन को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. जी हां, आतंकी डॉ. शाहीन की कहानी अब बहुत दिलचस्प हो गई है. जानकारी के मुताबिक, आतंकी डॉक्टर शाहीन श्रीलंका के LTTE की तर्ज पर काम करना चाहती थी. उसके इरादे बहुत खौफनाक थे. वह भारत में मौजूद मुस्लिम लड़कियों को जिहादी बनाना चाहती थी. वह गरीब लड़कियों को शिकार बनाना चाहती थी और उनके नाम पर टेरर फंडिंग लेना चाहती थी. उसे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से फंडिंग भी मिल रही थी. दरअसल, जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक की जांच में पांच ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्हें जानकर डॉक्टरों के टेरर मॉड्यूल का खतरनाक इरादा पता चल जाएगा. आतंकी डॉक्टर शाहीन को लेकर पांच चौंकाने वाले खुलासे:     डॉक्टर शाहीन श्रीलंका की आतंकी संगठन लिट्टे (LTTE) की तर्ज पर जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग खड़ी करने की योजना में लगी हुई थी. वह लिट्टे से सम्बंधित लेख को भी पढ़ चुकी थी. जांच एजेंसी डॉक्टर शाहीन को बहुत हार्ड कोर रेडिकलाइज मान करके आगे बढ़ रही है. ताकि उसके असल इरादे का पता चले.     डॉ. शाहीन दिखावे के लिए दवाखाना भी खोलना चाहती थी. उसकी मुस्लिम लड़कियों को जिहाद की ओर ढकेलने की साजिश थी. इसके लिए वह रिक्रूट सेंटर के लिए तहखाना बनाना चाहती थी. वह गरीब लड़कियों के नाम पर टेरर फंडिंग ले रही थी.     भारत में आतंकी ट्रेनिंग के लिए डॉक्टर शाहीन सीक्रेट जगह ढूंढ रही थी. रिक्रूट-कमांड सेंटर के लिए आंतकी शाहीन यूपी के सहारनपुर और हापुड़ में जगह की तलाश कर रही थी. पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश से डॉ. शाहीन को फंडिंग मिली थी.     डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज को जांच एजेंसी फरीदाबाद-दिल्ली ले गई है. जांच एजेंसी उसके लखनऊ स्थित घर से बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल फ़ोन और हार्ड डिस्क को खंगाल रही है. उसके कांटेक्ट में रहने वाले लोग भी राडार पर हैं.     डॉक्टर शाहीन के संपर्क में रहने वाले एक डॉक्टर से यूपीए ATS पूछताछ कर रही है. डॉक्टर शाहीन ने जिन जिन लोगों से मुलाकात की और लोकेशन पर गई थी, वो सभी UP ATS के राडार पर हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में डॉक्टर शाहीन और उसके नापाक इरादों को लेकर और भी कई खुलासे हो सकते हैं. कौन है डॉक्टर शाहीन दरअसल, डॉक्टर शाहीन को फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के भंडाफोड़ के तहत ही गिरफ्तार किया गया है. कहा जाता है कि डॉक्टर शाहीन दिल्‍ली ब्‍लास्‍ट के आरोपी आतंकी मुजम्मिल की कथित गर्लफ्रेंड है. वह लखनऊ की रहने वाली है. उसकी उम्र 46 साल है. घरवालों के मुताबिक वह बचपन से ही पढ़ाई में तेज थी. वह अपने क्लास में टॉप करती थी. सरकारी स्कूलों से शुरू हुई उसकी पढ़ाई ने उसे एक सफल एमबीबीएस डॉक्टर और प्रोफेसर बना दिया. उसने मेडिसिन के फील्ड में कई साल काम किया. स्टूडेंट्स को पढ़ाया और प्रैक्टिकल नॉलेज दी. फरीदाबाद में क्या हुआ दिल्ली ब्लास्ट से पहले हरियाणा के फरीदाबाद में बड़ा खुलासा हुआ. जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच के तार जब हरियाणा के फरीदाबाद पहुंचे तो पूरी दुनिया के होश उड़ गए. हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से 2,900 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक और गोला-बारूद बरामद हुए. इसके साथ कई आतंकी डॉक्टरों की गिरफ्तारियां भी हुईं. इनमें शाहीन भी है. इसके बाद उसी शाम को यानी सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में विस्फोट हुआ. फरीदाबाद वाली रेड से बच निकले आतंकी डॉक्टर उमर ने यह धमाका किया. लाल किले वाली विस्फोट में बारह लोग मर गए, जिनमें आतंकी उमर भी था. फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी से डॉक्टरों से जुड़े एक आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया, जो कथित तौर पर अखिल भारतीय हमलों की योजना बना रहे थे.

राजधानी में हड़कंप! दिल्ली पुलिस लाल कार की तलाश में, विस्फोट मामले की जांच तेज

नई दिल्ली  दिल्ली में सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए ब्लास्ट की घटना में जांच तेज हो गई है। जांच के क्रम में पुलिस अब एक लाल रंग की गाड़ी की तलाश में है। जानकारी के अनुसार, यह कार उमर के नाम पर रजिस्टर्ड है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि जिस लाल रंग की गाड़ी की तलाश की जा रही है, वह उमर नामक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है। यही उमर वह शख्स है, जिस पर ब्लास्ट से जुड़ी आई20 कार चलाने का शक जताया गया है। सूत्रों के मुताबिक, कई सीसीटीवी फुटेज में उमर को आई20 कार चलाते हुए देखा गया है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि उमर की कार दिल्ली के ही एक पते पर रजिस्टर्ड है। पुलिस की टीमें अब उस गाड़ी की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने अलर्ट जारी कर दिया है और दिल्ली पुलिस की पांच टीमें लाल रंग की कार की तलाश में जुटी हुई हैं। दिल्ली के सभी पुलिस थानों, पुलिस चौकियों और सीमा चौकियों को इस कार की तलाश के लिए अलर्ट कर दिया गया है। इसी तरह, उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस को भी लाल रंग की कार के बारे में अलर्ट भेजा गया है। इससे पहले, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट की जांच के लिए 10 अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन किया था। सूत्रों ने बुधवार को बताया कि 10 सदस्यीय विशेष टीम का नेतृत्व एनआईए के एडीजी विजय सखारे करेंगे और इसमें एक आईजी, दो डीआईजी, तीन एसपी और बाकी डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। बता दें कि लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास खड़ी एक कार में यह धमाका हुआ था। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों घायल हो गए थे। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसियां 1 हजार से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही हैं। उन्हें संदेह है कि कार विस्फोट ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के इरादे से किया गया एक आत्मघाती हमला हो सकता है। जांच ​​एजेंसियां सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं और दिल्ली भर के कई स्थानों से मोबाइल फोन डंप डेटा एकत्र कर रही हैं। साथ ही, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मुंबई में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

दिल्ली ब्लास्ट में विदेशी कनेक्शन? तुर्की ट्रिप से मिले अहम सबूतों ने बढ़ाई जांच की रफ्तार

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में हुए धमाके के तार अब तुर्की से जुड़ते नजर आ रहे हैं। खबर है कि डॉक्टर मोहम्मद उमर और डॉक्टर मुजम्मिल शकील के पासपोर्ट में तुर्की यात्रा का पता चला है। हालांकि, पुलिस या जांच एजेंसियों की तरफ से इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। जिस i20 कार में सोमवार शाम धमाका हुआ, उसे तब उमर ही चला रहा था। उमर के तार हरियाणा के फरीदाबाद से पकड़े गए टेरर मॉड्यूल से जोड़े जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सूत्र बताते हैं कि जांचकर्ता दिल्ली धमाके के संभावित तुर्की कनेक्शन की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उमर और मुजम्मिल कुछ टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के कुछ समय बाद ही तुर्की गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि एक हैंडलर ने पूरे भारत में डॉक्टर मॉड्यूल फैलाने के निर्देश दिए गए थे। खास बात है कि उस दौरान टारगेट लोकेशन भी सौंपी गई थी, जिसमें फरीदाबाद और सहारनपुर शामिल थे। टेलीग्राम से खुलेगा राज रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं को दो टेलीग्राम समूहों का पता चला है, जिनके जरिए डॉक्टर मॉड्यूल तैयार किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से एक को जैश-ए-मोहम्मद का ऑपरेटिव उमर बिन खत्तब पाकिस्तान से चलाता है। अधिकारी जानकारी जुटा रहे हैं कि हैं कि वो हैंडलर्स से कहां पर मिले होंगे। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर पुलिस की ओर से जानकारी नहीं दी गई है। लाल किला की टोह ले रहा था डॉक्टर मुजम्मिल पीटीआई भाषा के मुताबिक, सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के संबंध में गिरफ्तार किए गए प्रमुख संदिग्धों में से एक डॉ. मुजम्मिल गनई ने इस साल जनवरी में लाल किला क्षेत्र की कई बार टोह ली थी। उसके मोबाइल डेटा का विश्लेषण कर रही पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि उन्हें संदेह है कि यह रेकी 26 जनवरी को ऐतिहासिक स्मारक को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी, जो उस समय क्षेत्र में गहन गश्त के कारण विफल हो गई होगी। एजेंसी के अनुसार, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि डॉ. मुजम्मिल के मोबाइल फोन से प्राप्त ‘डंप डेटा’ के विश्लेषण से पता चला है कि जनवरी के पहले सप्ताह में लाल किला क्षेत्र में और उसके आसपास उसकी बार-बार उपस्थिति थी। उन्होंने बताया कि डॉ. मुजम्मिल ने अपने साथी डॉ. उमर नबी के साथ सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ की प्रवृत्ति का पता लगाने के लिए कई बार लाल किले का दौरा कर किया। टावर लोकेशन डेटा और आसपास के इलाकों से एकत्र किए गए सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनकी गतिविधियों की पुष्टि की गई है। जांचकर्ताओं ने बताया कि वे अब डॉ. मुजम्मिल के संचार और डिजिटल फ़ुटप्रिंट का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि मॉड्यूल की गतिविधियों के लिए धन और विस्फोटकों की प्राप्ति के स्रोत का पता लगाया जा सके। वे यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या अन्य संदिग्धों ने भी इसी तरह की टोह ली थी या गिरफ्तार संदिग्धों को रसद सहायता प्रदान की थी।  

दिल्ली धमाका: पहली बार सामने आया वीडियो, गाड़ियों के बीच ब्लास्ट का खौफनाक दृश्य

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट का नया वीडियो सामने आया है.यह वीडियो उस वक्त का है जब ब्लास्ट हुआ था. वीडियो में एक आई 20 कार नजर आ रही है जो पार्किंग से निकलते ही ब्लास्ट हो जाती है. पुलिस जांच कर रही है और नए सीसीटीवी फुटेज सामने आ रहे हैं. माना जा रहा है कि यह पैनिक में किया गया अटैक था और टारगेट कुछ और था. ब्लास्ट का असर पूरे इलाके में देखा गया. लाल किले के पास सोमवार शाम हुए कार धमाके का वीडियो पहली बार सामने आया है। सीसीटीवी वीडियो में वह मंजर कैद हुआ है जब विस्फोटक लदे कार में जोरदार धमाके ने 12 लोगों की जिंदगी छीन ली और बहुतों को बुरी तरह जख्मी कर दिया। सीसीटीवी फुटेज पर 10 नवंबर 2025 की तारीख है तो समय 18:50:52 सेकेंड दिखता है। अंधेरा हो चुका है और चौराहे पर काफी ट्रैफिक है। बाइक, कार और ऑटो की कतारें हैं। ट्रैफिक सिग्नल भी ग्रीन हो चुका होता है और गाड़ियां धीमे-धीमे आगे बढ़ रही हैं तभी अचानक वहां एक आग का गोला उठता है और फिर अंधेरा छा जाता है। सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही कार में धमाका हुआ था। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 अन्य घायल हो गए। धमाके की चपेट में आने कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पहले कुछ वीडियो सामने आए थे जिसमें लोग धमाके के बाद इधर, उधर भागते हुए दिखे थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विस्फोटक से लदी कार को जानबूझकर व्यस्त चौराहे पर लाया गया था। जांच में ये भी पता चला है कि ये विस्फोट हड़बड़ी में हुआ। मुख्य आरोपी के रूप में डॉक्टर उमर नबी का नाम सामने आया है, जो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला एक डॉक्टर है और संदेह है कि वह ही कार चला रहा था जब धमाका हुआ। उसके परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जबकि फरीदाबाद में छापेमारी से बरामद अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक पदार्थों से इस घटना का लिंक जोड़ा जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए कश्मीर से दिल्ली-एनसीआर तक सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को केस सौंप दिया गया है, और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब संदिग्धों की तलाश में लगी हुई है।इस तरह की घटना ने राजधानी में आतंकवाद की पुरानी यादों को ताजा कर दिया है, जहां पहले भी इसी तरह के हमलों ने आम जनजीवन को प्रभावित किया था।