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पंजाब पुलिस की बड़ी कामयाबी, विदेश भागने से पहले पकड़े गए 2 कुख्यात गैंगस्टर

मुंबई/चंडीगढ़. पंजाब पुलिस को आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुंबई पुलिस ने एयरपोर्ट से देश छोड़कर भाग रहे 2 वांटेड खतरनाक गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों गैंगस्टरों की पहचान जसवंत सिंह उर्फ जस्सा और करन कीड़ा के रूप में हुई है। दोनों गैंगस्टरों पर फिरौती, डराने-धमकाने, हत्या सहित अन्य कई संगीन मामले दर्ज हैं। देश छोड़ने की फिराक में थे आरोपी जानकारी के अनुसार दोनों गैंगस्टर देश छोड़कर भागने की फिराक में थे। जैसे ही पुलिस को खुफिया सूचना मिली तो सुरक्षा एजेंसियों ने मुंबई पुलिस के सहयोग से मुंबई एयरपोर्ट से दोनों गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी नकली दस्तावेजों और अन्य तरीकों से देश छोड़ने की फिराक में थे लेकिन मौके पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जाल बिछाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों पर दर्ज हैं कई संगीन मामले जानकारी के अनुसार आरोपी करन कीड़ा एक अकाली पार्षद की हत्या के मामले में नामजद था। उक्त अकाली पार्षद की दिनदहाड़े हत्या की गई थी। जांच दौरान करन कीड़ा का नाम भी सामने आया था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसके अलावा पकड़े गया गैंगस्टर जसवंत सिंह उर्फ जस्सा बंबीहा गैंग से जुड़ा हुआ है। उस पर फिरौती मांगने, हत्या के प्रयास सहित अन्य कई संगीन मामले दर्ज हैं। पंजाब पुलिस को लंबे समय से दोनों गैंगस्टरों की तलाश थी। आरोपियों से बड़े खुलासे होने की संभावना जानकारी के अनुसार पंजाब पुलिस की एक टीम जल्द ही आरोपियों की कस्टडी लेने के लिए रवाना होने वाली है। इसके बाद आरोपियों को मुंबई कोर्ट में पेश कर उनका रिमांड हासिल किया जाएगा। पंजाब पुलिस ने उम्मीद जताई है कि आरोपियों से रिमांड दौरान पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।

चुनाव ड्यूटी में लापरवाही भारी, 70 गैरहाजिर कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

तलवंडी/चंडीगढ़. ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। दरअसल रिटर्निंग ऑफिसर-कम-उप-मंडल मजिस्ट्रेट फिरोजपुर द्वारा ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले 70 कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के लिए एक पत्र सीनियर कप्ताल पुलिस फिरोजपुर को भेजा गया है। पत्र में उन्होंने बताया कि नगर परिषद फिरोजपुर के चुनाव करवाने के लिए  माननीय एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (V)-कम- एडिशनल डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, फिरोजपुर द्वारा स्टाफ की नियुक्ती की गई थी। पोलिंग स्टाफ द्वारा 25.05.2026 को MLM सीनियर सेकेंडरी स्कूल फिरोजपुर कैंटोनमेंट से पोलिंग बूथों के लिए पोलिंग मटीरियल लेकर निकलना था, लेकिन अटैच्ड लिस्ट में शामिल पोलिंग स्टाफ के न आने की वजह से पोलिंग पार्टियों की रवानगी पर बुरा असर पड़ा। उन्होंने अटैच्ड लिस्ट में शामिल अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।

लुधियाना में चुनावी अवकाश पर भी लगी कक्षाएं, आदेशों की अनदेखी पर सवाल

लुधियाना. शहर के कई निजी स्कूलों को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग की पिक एंड चूज की नीति अक्सर देखने को मिलती है। जहां एक तरफ छोटी छोटी बातों को लेकर शहर के कई बड़े और नामी स्कूलों को प्रशासन और शिक्षा विभाग की नाराजगी का सामना करना पड़ता है। वहीं शहर में पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग से एफिलिएटिड और एसोसिएट ऐसे स्कूल हैं जहां सरकारी आदेशों को सिरे से अनदेखा कर स्कूल लगातार अपनी मनमर्जी कर रहे हैं लेकिन प्रशासन और शिक्षा विभाग आंखें मूंद कर उनकी मनमानियों को सहन कर रहा है। शिक्षा विभाग के दावों पर खड़े हुए सवाल ऐसा ही एक नया मामा फिर से प्रकाश में आया है। पंजाब भर में  स्थानीय निकाय चुनावों (लोकल बॉडी इलैक्शंस) के मद्देनजर सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर छुट्टी घोषित की गई थी। इस अनिवार्य अवकाश के बावजूद महानगर के कई इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर स्कूलों को खुला रखने का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय टिब्बा रोड और ताजपुर रोड पर स्थित कई स्कूल इस सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए आज आम दिनों की तरह खुले रहे, जिससे शिक्षा विभाग के प्रबंधकीय दावों पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सभी स्कूल पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) से संबंधित हैं, जिन पर सरकारी गाइडलाइंस और नियमों को सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी होती है। नियमों के मुताबिक, चुनाव वाले दिन किसी भी अप्रिय घटना से बचने, सिक्योरिटी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से सभी सरकारी व गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में पूर्ण अवकाश रहता है। लेकिन इन निजी स्कूलों ने एडमिनिस्ट्रेशन के आदेशों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया। छुट्टी के दिन भी स्टूडैंट्स स्कूल आते-जाते देखे गए इस पूरे घटनाक्रम की सबसे चिंताजनक बात यह रही कि स्थानीय सचेत नागरिकों द्वारा इस उल्लंघन की लाइव सूचना तुरंत संबंधित उच्चाधिकारियों को भी दी गई। इसके बावजूद, मौके पर स्कूलों को बंद करवाने या उनके खिलाफ तुरंत एक्शन लेने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे इन स्कूलों के संचालकों के हौसले बुलंद दिखे।  छुट्टी के दिन भी स्टूडैंट्स आम दिनों की तरह बैग उठाकर स्कूल आते-जाते देखे गए, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि स्कूलों ने नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी चलाई। इस लापरवाही को लेकर समाज सेवकों और अभिभावकों (पेरेंट्स) में भारी रोष पाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि जब सरकार और इलैक्शन कमिशन द्वारा सुरक्षा कारणों से छुट्टी का ऐलान किया गया था, तो इन स्कूलों ने किस आधार पर क्लास लगाने का फैसला किया। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी नियमों का सरेआम उल्लंघन करने वाले इन पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ क्या सख्त कार्रवाई (लीगल एक्शन) अमल में लाते हैं।

खाद्य सुरक्षा टीम का मंडी में छापा, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती के संकेत

लुधियाना. लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और कैमिकल से फल पकाने वाले धंधेबाजों के खिलाफ फूड सेफ्टी विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी के तहत आज लुधियाना की मुख्य सब्जी मंडी में फूड सेफ्टी टीम द्वारा एक बड़े स्तर पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस औचक कार्रवाई के दौरान मंडी में बिक रहे खाने-पीने के सामान, खासकर पनीर और फलों की गुणवत्ता की बारीकी से पड़ताल की गई। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से मंडी के मिलावटखोरों और फल विक्रेताओं में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी दुकानें छोड़ कर खिसकते नजर आए। इस पूरी कार्रवाई को लेकर जानकारी देते हुए फूड सेफ्टी टीम के मुख्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने बताया कि विभाग को पिछले कुछ समय से मिलावटी सामान बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के आधार पर आज पूरी टीम के साथ सब्जी मंडी में लगी स्टालों और रेहड़ियों पर बिक रहे पनीर की सघन चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान टीम को मौके पर एक डेयरी स्टाल का पनीर बेहद संदिग्ध और मानकों के विपरीत लगा। टीम ने बिना कोई ढील दिए तुरंत उस पनीर का एक फूड सैंपल कलेक्ट किया और उसे विस्तृत जांच के लिए सरकारी लैबोरेट्री भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि सैंपल भरने के साथ ही जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए मौके पर मौजूद लगभग 18 किलो संदिग्ध पनीर को तुरंत अपनी देखरेख में नष्ट करवा दिया गया, ताकि यह किसी की थाली तक न पहुंच सके। फूड सेफ्टी अधिकारियों ने मौके पर ही सभी पनीर विक्रेताओं को आड़े हाथों लिया और सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वे गैर-मानकीकृत या घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री तुरंत बंद कर दें। उन्होंने साफ लफ्जों में आगाह किया कि भविष्य में यदि कोई भी दुकानदार इस तरह की लापरवाही या उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट'  के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है और ऐसी चेकिंग लगातार जारी रहेगी। पनीर के साथ-साथ फूड सेफ्टी विभाग ने इस बार फलों को कत्रिम (आर्टिफिशियल) तरीके से पकाने वाले माफियाओं पर भी नकेल कसी है। डॉ. आशीष चावला की अगुवाई में फूड सेफ्टी अफसरों, हॉर्टिकल्चर (बागवानी) विभाग और पर्यावरण विभाग की एक संयुक्त टीम ने मंडी और आसपास के इलाकों में बने पपीता, आम और केलों के राइपनिंग सेंटरों (फल पकाने वाले केंद्रों) और कोल्ड स्टोरों पर अचानक छापा मारा। इस दौरान टीम ने विशेष रूप से इथाईलीन गैस के जरिए पकाए जा रहे केलों और अन्य मौसमी फलों के स्टॉक को चेक किया।

नगर परिषद चुनावों में सुरक्षा और नामांकन प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की नजर, प्रशासन को अहम आदेश

गुरदासपुर. पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरदासपुर, कादियां और दीनानगर की आगामी नगर परिषद चुनावों को ध्यान में रखते हुए चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। ये आदेश 26 मई 2026 को तीन याचिकाओं के संयुक्त निपटारे के दौरान जारी किए गए। डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस हरसिमरण सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मंचंदा शामिल थे, ने बलजीत सिंह, सुखविंदर पाल सिंह और परमिंदर सिंह द्वारा दायर याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं के वकील याजुर शर्मा ने अदालत के समक्ष दलील दी कि जून के पहले सप्ताह में होने वाले चुनावों के दौरान उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका जा सकता है या मनमर्जी से खारिज किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने उम्मीदवारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। इस पर अदालत ने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए। अदालत ने आदेश दिया कि रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय, मतदान केंद्र, मतगणना केंद्र और वोटों के भंडारण स्थलों पर निगरानी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। किसी भी उम्मीदवार को नामांकन पत्र दाखिल करने से नहीं रोका जाएगा और यदि कोई नामांकन खारिज किया जाता है तो उसके स्पष्ट कारण लिखित रूप में 48 घंटों के भीतर देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा नामांकन पत्र में छोटी गलतियों के मामले में उम्मीदवार को सुधार का अवसर देने के निर्देश भी दिए गए हैं। यदि किसी उम्मीदवार के पास नो-ऑब्जेक्शन प्रमाण पत्र नहीं है, तो वह शपथ पत्र के माध्यम से अपनी योग्यता साबित कर सकता है। अदालत ने सुरक्षा के मद्देनज़र संबंधित जिला पुलिस प्रमुख को निर्देश दिए हैं कि उम्मीदवारों की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और चुनाव स्थलों के आसपास अनधिकृत व्यक्तियों की मौजूदगी पर रोक सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही अदालत ने पंजाब राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि मशीनों या बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराने के संबंध में 7 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले जारी किए गए निर्देश भी इन तीनों नगर परिषदों पर लागू होंगे और कोई भी अधिकारी इनसे पीछे नहीं हट सकता। अदालत के इस फैसले को चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भीषण गर्मी से तड़पे लोग, जल्द बदल सकता है मौसम का मिजाज

अमृतसर. पंजाब में गर्मी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। नौतपा के बीच पंजाब का अधिकतम तापमान एक बार फिर 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार आज भी गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है।  लेकिन जल्द मौसम में फेर बदल के आसार बनते दिख रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार बठिंडा सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण गर्मी और लू के चलते लोगों का दिनभर घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। मौसम केंद्र चंडीगढ़ की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में सामान्य से करीब 2.4 डिग्री अधिक तापमान दर्ज किया गया। पटियाला में 43.4 डिग्री, फरीदकोट में 42.5 डिग्री, लुधियाना में 42.5 डिग्री और फाजिल्का में 42.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। अमृतसर और चंडीगढ़ में भी पारा 41 डिग्री से ऊपर बना रहा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस हो रहा एक्टिव नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य में राहत की आशंका जताई है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई वीरवार को राज्य में बदलाव देखने को मिलेगा। कुछ इलाकों में इस दिन लू का अलर्ट है, जकि कुछ में बारिश की आंशका भी जताई गई है। लेकिन 29 मई को पूरे राज्य में वेस्टर्न डिस्टरबेंस से मौसम में बदलाव होगा। आज पूरे राज्य में बढ़ेगी गर्मी 27 मई : मौसम विभाग ने फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बठिंडा, मोगा, बरनाला, लुधियाना, संगरूर, मानसा और पटियाला में भीषण गर्मी की लहर को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरन तारन, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में येलो अलर्ट रहेगा। 28 मई : मौसम करवट लेना शुरू करेगा। फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बठिंडा, बरनाला और मानसा में भीषण गर्मी का ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। जबकि पंजाब के कई अन्य जिलों में तेज हवाएं, बिजली चमकने और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है। 29 मई : पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और पटियाला में आंधी-तूफान, बिजली और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट रहेगा। तरन तारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला, संगरूर और मानसा में येलो अलर्ट जारी किया गया है।  30 मई : पंजाब के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाएं, बिजली चमकने और आंधी-तूफान की संभावना बनी रहेगी। पठानकोट, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि बाकी कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लू के बीच लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और गर्मी से बचाव रखने की सलाह दी है। 

बॉर्डर पार से ड्रोन में आ रहे थे हथियार, अमृतसर में बड़ा तस्करी नेटवर्क बेनकाब

अमृतसर. सीमा पार पाकिस्तान से भारत में ड्रोन के जरिए पंजाब में हथियार और नशा पहुंचाने वाले एक बड़े गिरोह को अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से आठ आधुनिक पिस्तौल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विदेश में बैठे एक तस्कर के संपर्क में था और वर्चुअल नंबरों के जरिए आपस में बातचीत करता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से भेजे गए हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप प्राप्त करता था। इसके बाद पंजाब के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय अपराधियों और असामाजिक तत्वों तक इनकी सप्लाई की जाती थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा पहले कितनी खेप पंजाब में पहुंचाई जा चुकी है।कमिश्नरेट पुलिस ने इस मामले में छेहरटा थाना में मामला दर्ज कर लिया है। मोबाइल फोन खोलेगा राज डीजीपी पंजाब गौरव यादव की तरफ से साझा की गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और कई अहम खुलासे होने की संभावना है। जांच टीम आरोपितों के मोबाइल फोन, वर्चुअल नंबर और इंटरनेट आधारित संपर्क माध्यमों की भी गहराई से जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकें। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सीमा पार बैठे तस्कर लगातार ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर पंजाब में हथियार और नशा भेजने की कोशिश कर रहे हैं। ड्रोन मूवमेंट बनी बड़ी चुनौती सुरक्षा एजेंसियों के लिए ड्रोन तकनीक  एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। हालांकि पंजाब पुलिस लगातार ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है और कई मॉड्यूल पहले भी ध्वस्त किए जा चुके हैं। पंजाब पुलिस ने साफ कहा है कि राज्य में नशे, अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि इस कार्रवाई से सीमा पार से संचालित हथियार तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

सोलर कैमरों से हाईवे की निगरानी कर PAK को भेजता था जानकारी, पांचवां जासूस दबोचा गया

पठानकोट. पंजाब पुलिस ने पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर जासूसी के लिए सोलर कैमरे लगाने के मामले में एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपित हरदीप सिंह पहले से गिरफ्तार पठानकोट निवासी बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू का बड़ा भाई है। जांच में पाया गया कि बलजीत पर मामला दर्ज होने के बाद हरदीप सिंह ने सबूत नष्ट करने में अपने भाई का साथ दिया था। इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बलजीत, हरदीप के अलावा अंकित शर्मा, बलजिंदर सिंह उर्फ विक्की और तरनप्रीत सिंह शामिल हैं। खुफिया एजेंसियों से संबंधित जानकारी साझा की एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि आरोपितों ने आर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स की गतिविधियों और मूवमेंट पर नजर रखने और जासूसी करने के उद्देश्य से सुजानपुर के पुल नंबर 4 और 5 के बीच नेशनल हाईवे -44 के किनारे स्थित अंकित शर्मा की दुकान पर सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इन कैमरों की लाइव फीड पाकिस्तान स्थित हैंडलरों और खुफिया एजेंसियों को भेजी जा रही थी और सुरक्षा बलों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा की जा रही थी। पाकिस्तानी की एजेंसी से था कनेक्शन जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित बलजीत सिंह ने जासूसी में इस्तेमाल मोबाइल फोन अपने बड़े भाई हरदीप सिंह को रखने के लिए दिया था। जब हरदीप सिंह को मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली तो उसने सबूत नष्ट करने में बलजीत सिंह का साथ दिया। एसएसपी ने बताया कि बलजिंदर सिंह उर्फ विक्की व तरनप्रीत सिंह पहले से ही पाकिस्तानी एजेंसी आइएसआइ के एजेंटों के संपर्क में थे।

सड़क पर स्टंट करना पड़ा भारी, लुधियाना पुलिस ने बाइकर्स के खिलाफ लिया एक्शन

लुधियाना. शहर के 2 बाइकर्स सड़कों पर स्टंटबाजी कर रहे थे, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। वायरल वीडियो के आधार पर विभाग के उच्च अधिकारियों ने ट्रैफिक पुलिस के जोन इंचार्ज दीपक शर्मा की ड्यूटी लगाई। दीपक शर्मा ने बाइको के रजिस्टर्ड पते के आधार पर दोनों युवकों को बुलाकर उनके खतरनाक ड्राइविंग और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के जुर्म में चालान किए है। दीपक शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षित सफर के लिए है ना की स्टंटबाजी के लिए। उक्त युवक सड़कों पर स्टंटबाजी कर अपनी व सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों की जान को खतरे में डाल रहे थे। जिसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि लोग सड़कों पर स्टंटबाजी करने से परहेज करें वरना ट्रैफिक पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

पंजाब का सैनिक असम में रहस्यमयी ढंग से गायब, आखिरी लोकेशन डिब्रूगढ़ रेलवे स्टेशन

गुरदासपुर. गुरदासपुर के जदीकी गांव दाखला का 27 साल का आर्मी जवान जसविंदर कुमार 17 मई से शकी हालात में लापता है। जसविंदर कुमार अमृतसर से ट्रेन पकड़कर असम के डिब्रूगढ़ के लिए रवाना हुआ था। उसकी यूनिट डोगरा रेजिमेंट को जानकारी मिली है कि उसे आखिरी बार डिब्रूगढ़ रेलवे स्टेशन पर देखा गया था, लेकिन उसके बाद उसका कोई पता नहीं है। यूनिट के सदस्य उसे ढूंढने के लिए गांव दाखला में उसके घर भी पहुंचे थे और पूछताछ करने के बाद चले गए। इस बीच, सैनिक के परिवार को शक है कि जसविंदर को किसी ने किडनैप कर लिया है क्योंकि 23 मई को एक दिन फोन बजा लेकिन उस पर असम का एक आदमी बात कर रहा था। लगता है, जसविंदर का फोन किसी और के हाथ लग गया है और अब बंद है। जसविंदर के पिता की मौत हो चुकी है और उसकी बूढ़ी मां रो-रोकर गुहार लगा रही है कि उसके बेटे को ढूंढा जाए। जसविंदर की मां का कहना है कि उन्होंने जसविंदर से आखिरी बार तब बात की थी जब वह दिल्ली पहुंचा था। उस समय वह पूरी तरह सेफ था और बाद में पता चला कि वह डिब्रूगढ़ भी पहुंच गया है। लेकिन उसके बाद उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली और उसका फोन भी बंद हो गया। उन्होने बताया कि 21 मई को उसका फोन फिर से काम करने लगा और उसके चाचा ने इस फोन पर बात की थी लेकिन फोन असम के किसी व्यक्ति के हाथ लग गया है। उसके बाद फोन फिर से बंद हो गया, जिससे उन्हें शक है कि जसविंदर को असम के किसी क्रिमिनल गैंग ने किडनैप कर लिया है। हालांकि परिवार को यह भी पता है कि उनकी यूनिट लगातार उसे ढूंढने की कोशिश कर रही है, लेकिन परिवार की मांग है कि इस काम में तेजी लाई जाए।