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ईमेल से मची हड़कंप: रांची DC कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी

रांची रांची में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सिविल कोर्ट को धमकी मिलने के बाद अब समाहरणालय (डीसी ऑफिस) को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गए हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा बढ़ाई रांची के समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के जरिए दी गई है। जैसे ही इसकी जानकारी प्रशासन को मिली, पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी और सुरक्षा बढ़ा दी। मौके पर बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब स्क्वॉड), डॉग स्क्वॉड और पुलिस की टीम पहुंच गई। समाहरणालय के हर कमरे, दफ्तर और आसपास के इलाके की सघन जांच की जा रही है। किसी भी संदिग्ध वस्तु की तलाश में तलाशी अभियान जारी है। मुख्य गेट पर सख्त जांच की जा रही है। बिना जांच के किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। आसपास के क्षेत्रों में भी गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की धमकी की खबर फैलते ही कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है। इधर, पुलिस की साइबर सेल टीम धमकी भरे ईमेल की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर जांच जारी है।  

बिहार में निवेश की बड़ी घोषणा: श्याम स्टील का 5,000 करोड़ का प्लांट, 8,000 लोगों को मिलेगा रोजगार

पटना बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की पहल पर श्याम स्टील ने राज्य में 5,000 करोड़ रुपए का निवेश करने पर सहमति जताई है। कंपनी गया-डोभी रोड स्थित प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे में एक अत्याधुनिक स्टील कारखाना स्थापित करेगी। यह जानकारी बृहस्पतिवार को उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने दी। उन्होंने बताया कि श्याम स्टील इस परियोजना के तहत 10 लाख टन सालाना क्षमता की स्टील विनिर्माण इकाई लगाएगी। इस परियोजना से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ-साथ लगभग 8,000 लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। डॉ. जायसवाल ने बताया कि निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने बेहतर प्रोत्साहन औद्योगिक नीति बनाई है, जिसके तहत निवेशकों को राज्य में लाने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार उन कंपनियों से सामग्री की खरीद को प्राथमिकता देगी, जिनकी उत्पादन इकाइयां बिहार में स्थापित होंगी। इसी नीति के तहत निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उद्योग विभाग के अनुसार, प्रस्तावित कारखाने के स्थापित होने से गया-डोभी औद्योगिक गलियारे के विकास को गति मिलेगी और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा। श्याम स्टील की ओर से उद्योग विभाग को दिए गए प्रस्ताव के अनुसार, इस कारखाने के लिए 500 एकड़ जमीन की मांग की गई है।  

बांका में मार्केट वैल्यू रेट का रिवीजन से जमीन रजिस्ट्री होगी महंगी

बांका. नए वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से जमीन रजिस्ट्री में नया मार्केट वैल्यू रेट (एमवीआर) लागू हो जाएगा। इसके लिए जिला मूल्यांकन समिति की ओर से बांका नगर परिषद, बौंसी नगर पंचायत, अमरपुर नगर पंचायत और कटोरिया नगर पंचायत सहित सभी राजस्व ग्रामों में इलाके वार एमवीआर रेट के रिविजन की पूरी तैयारी कर ली गई है। साथ ही इससे संबंधित प्रस्ताव भी विभाग के पास भेज दिया गया है। विभागीय स्वीकृति मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। जिससे रजिस्ट्री दर चार से पांच गुणा तक बढ़ जाएगा। शहर के आसपास के इलाकों का भी शहरी क्षेत्र के अनुसार दर निर्धारित किया जा रहा है। अभी जो दर है उसमें एमवीआर और बाजार दर में काफी अंतर है। जमीन की रजिस्ट्री का रेट सबसे अधिक बांका नगर परिषद क्षेत्र में बढ़ेगा। शहर के गांधी चौक के पास अभी प्रति डिसमल साढ़े छह लाख रुपए एमवीआर है, लेकिन अप्रैल से गांधी चौक के पास की जमीन का एमवीआर 25 लाख रुपए प्रति डिसमल तक हो जाएगा। इसी तरह कटोरिया और चांदन में खेतिहर जमीन का एमवीआर प्रति डिसमल दो से चार हजार रुपए डिसमल है, जो बढ़कर 15 से 20 हजार रुपए प्रति डिसमल तक पहुंच जाएगा। जमीन निबंधन से हर साल सरकार को लगभग 90 से सौ करोड़ रुपए राजस्व की प्राप्ति होती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 95.31 करोड़ का लक्ष्य जिला को मिला है। इसमें से 80 फीसद राजस्व का लक्ष्य हासिल हो चुका है। मार्केट रेट और एमवीआर में काफी अंतर जिला सब रजिस्ट्रार हेमंत कुमार ने बताया कि अभी जो एमवीआर है, वह बाजार दर से काफी कम है। जमीन के साथ-साथ भवन और संरचना में भी यही स्थिति है। व्यावसायिक भूखंड में पक्के निर्माण का मूल्य हाइवे और मुख्य मार्ग के किनारे तीन हजार रुपए प्रति वर्गफीट निर्धारित है, जबकि आवासीय भवन के लिए एमवीआर 1650 रुपए प्रति वर्गफुट है, लेकिन बाजार मूल्य तीन से चार गुणा से भी अधिक है। आरसीसी रोड के किनारे व्यावसायिक भूखंड में पक्का निर्माण का मूल्य 2600 रुपए प्रति वर्गफुट है जबकि आवासीय उपयोग वाली संरचना का दर औसतन 1200 रुपए प्रति वर्गफीट है। जिला सब रिजिस्टार ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष में 50 फीसद तक एमवीआर में बढ़ोतरी हो जाएगी। 2013 के बाद हो रहा एमवीआर पुनरीक्षण एमवीआर का पुनरीक्षण करीब 13 साल बाद हो रहा है। पिछली बार साल 2013 में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों का किया गया था। इसके तीन साल बाद 2016 में केवल बांका शहरी क्षेत्र के लिए एमवीआर पुनरीक्षण किया गया था। ऐसे में करीब एक दशक से अधिक समय से एमवीआर पुनरीक्षण नहीं होने के कारण राजस्व संग्रहण कार्य एवं आधारभूत संरचना विकास कार्य में परेशानी हो रही थी। साथ ही जिले में अब जमीन की वर्गीकरण प्रक्रिया में भी बदलाव होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के जमीन का वर्गीकरण आवासीय भूमि, कृषि भूमि तथा सड़क की दोनों तरफ की भूमि, सिंचित भूमि, असिंचित भूमि तथा व्यावसायिक, औद्योगिक एवं विशेष श्रेणी क्षेत्र के रूप में किया गया है। यानी ग्रामीण क्षेत्र में जमीन का वर्गीकरण सात प्रकार में किया गया है, जबकि शहरी क्षेत्र में जमीन का वर्गीकरण छह तरह से किया गया है नए साल में बढ़ेगा राजस्व एमवीआर रिवाइज होने से सरकार को राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। अभी जमीन निबंधन से हर साल सरकार को लगभग 90 से सौ करोड़ रुपए राजस्व की प्राप्ति होती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 95.31 करोड़ का लक्ष्य जिला को मिला है। इसमें से 80 फीसद राजस्व का लक्ष्य हासिल हो चुका है। एमवीआर पुनरीक्षण होने से जमीन का वैल्यू बढ़ेगा। इससे राजस्व में बढ़ोतरी होगी। शहरी क्षेत्र और सभी राजस्व ग्रामों के लिए इलाके वार एमवीआर रेट में संशोधन की तैयारियां पूरी कर ली गई है। विभागीय निर्देश मिलने के बाद डीएम से आदेश लेकर इसे लागू कर दिया जाएगा। – हेमंत कुमार, जिला अवर निबंधक पदाधिकारी

बाछा-बाछी बयान पर बवाल: राहुल गांधी को लेकर गिरिराज सिंह क्यों हुए आगबबूला?

पटना नरेंद्र मोदी सरकार में कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला किया है। भाजपा नेता ने कांग्रेस नेता के लिए झूठा, लूच्चा जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने राहुल गांधी पर किसानों का नकली हितैषी होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह गेहूं और जौ के पौधे या गाय की बाछा और बाछी की पहचान नहीं कर पाएंगे। मंत्री ने उन पर विदेशों में भारत की छवि धूमिल करने का भी आरोप लगाया और कहा कि इनकी भी फाइल खुलने वाली है। गिरिराज सिंह इस सवाल पर भड़क गए कि राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर किसानों के साथ छलावा करने का आरोप लगाया है। दरअसल राहुल गांधी ने कहा था कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील में किसानों के हितों के साथ सरकार ने समझौता कर दिया। इस पर गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जैसा झूठा नेता नहीं देखा। वे कितना झूठ बोलते हैं इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है। वे किसानों के नकली हितैषी हैं। मेरे साथ खेत में चलकर गेहूं और जौ के पौधे में जरा अंतर बता देंं। वे गाय की बाछी और बछड़े को भी पहचान पाएंगे कि कौन किस लिंग का है। ऐसे नेता किसानों के बारे में बात करते हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि उनके पूरे खानदान ने किसानों को धोखा दिया। वे किसानों के हित की बात कैसे कर सकते हैं। किसानों के हित की रक्षा अगर कोई कर सकता है तो वे नरेन्द्र मोदी हैं। राहुल गांधी देश में भ्रम फैला रहे हैं। वे गृह युद्ध कराने में लगे हैं। जब कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कह दिया कि किसानों के कल्याण पर सरकार की पूरी नजर है। मंत्री पीयूष गोयल ने आश्वासन दिया है कि किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता। देश की जनता को नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है। राहुल गांधी को खती, किसानी की एबीसीडी भी पता नहीं है। अब इनका भी फाइल खुलने वाला है।  

बच्चे का मासूम जवाब—चूहे ने कॉपी खा ली, DC अजय नाथ झा का मानवीय फैसला चर्चा में

बोकारो बोकारो में निरीक्षण के दौरान डीसी अजय नाथ झा का एक मानवीय चेहरा देखने को मिला। स्कूल पहुंचे डीसी ने बच्चों से पढ़ाई के बारे में बात की और उनकी कॉपियां देखीं। इसी दौरान एक बच्चे की फटी कॉपी देखकर उन्होंने तुरंत व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। स्कूल के बरामदे में बैठकर डीसी ने बच्चों की कॉपियां देखीं दरअसल, जिले के बेरमो अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय, रिजनल हॉस्पिटल फुसरो में निरीक्षण के दौरान डीसी अजय नाथ झा अचानक पहुंच गए। वे मतदान केंद्रों के निरीक्षण पर निकले थे, तभी स्कूल भी देखने चले गए। स्कूल के बरामदे में बैठकर डीसी ने बच्चों की कॉपियां देखीं और उनसे पढ़ाई के बारे में सवाल पूछे। वे बच्चों की लिखावट भी ध्यान से देख रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक छात्र सूरज की कॉपी पर पड़ी, जिसके कई पन्ने फटे हुए थे। "चूहे ने कॉपी खा ली" डीसी ने प्यार से पूछा, “तुम्हारी कॉपी क्यों फटी है?” इस पर बच्चे ने मासूमियत से जवाब दिया, “चूहे ने खा लिया।” बच्चे की बात सुनकर डीसी ने तुरंत एसडीओ मुकेश मछुआ को सभी बच्चों के लिए नई कॉपियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को स्कूल बैग की व्यवस्था करने को कहा, ताकि बच्चे अपनी किताब-कॉपी सुरक्षित रख सकें। डीसी ने बच्चों से सामान्य ज्ञान के सवाल भी पूछे कुछ ही देर में स्कूल के सभी दस बच्चों को नई कॉपियां बांट दी गईं। निरीक्षण के दौरान स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की कमी भी सामने आई। इस पर डीसी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बीडीओ को निर्देश दिया कि बच्चों की पढ़ाई फिलहाल पास के सामुदायिक भवन में कराई जाए। साथ ही डीईओ जगरनाथ लोहरा को स्कूल की मरम्मत का प्रस्ताव जल्द जिला मुख्यालय भेजने को कहा। डीसी ने बच्चों से सामान्य ज्ञान के सवाल भी पूछे। उन्होंने पूछा कि फरवरी महीने में कितने दिन होते हैं। बच्चों ने उत्साह से सही जवाब दिया। डीसी के इस दौरे से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों में उत्साह देखने को मिला।  

दस हजार की मदद से मिली सिलाई मशीन और गाय ने बदली महिलाओं की किस्मत

छपरा. सारण में इन दिनों गांव-गांव एक नई तस्वीर उभर रही है। जिस घर में कल तक मजदूरी की अनिश्चित कमाई थी, आज वहां छोटा कारोबार चल रहा है। जिन महिलाओं को लंबे समय तक घर तक सीमित माना गया, वही महिलाएं अब कमाई की कमान संभाल रही हैं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत खाते में आए 10 हजार रुपये सारण की हजारों महिलाओं के लिए केवल रकम नहीं बने यह उनके लिए आत्मनिर्भरता का पहला कदम बन गया। दिघवारा प्रखंड की नीतू देवी,जानकी देवी और लालती देवी जैसी महिलाएं अब पूरे जिले में चर्चा का विषय हैं। इनकी कहानी बताती है कि अगर अवसर मिले, तो ग्रामीण महिलाएं भी परिवार की आर्थिक रीढ़ बन सकती हैं। आंकड़ों ने भी कहा- बदल रहा है समय सारण में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का असर अब कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की गलियों और बाजारों तक पहुंच चुका है। नवंबर 2025 तक 4,93,621 महिलाएं योजना से जुड़ीं थी, जिनमें से 17,608 महिलाओं के खाते में राशि भेजी गई।अब तक कुल 5,11,229 महिलाएं योजना के दायरे में आ चुकी हैं। यानी सारण अब इस योजना में अग्रणी जिलों में गिना जाने लगा है। रामपुर आमी की नीतू देवी टोटो बना परिवार की कमाई का सहारा दिघवारा प्रखंड के रामपुर आमी पंचायत में रहने वाली नीतू देवी कौसर जीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं।नीतू देवी के घर की हालत पहले वैसी थी, जैसी गांव के कई मजदूर परिवारों की होती है कमाई का कोई भरोसा नहीं। उनके पति मजदूरी करते थे, लेकिन काम मिला तो ठीक, नहीं मिला तो घर में चिंता। इसी बीच मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से नीतू देवी को 10 हजार रुपये की सहायता मिली। नीतू देवी ने इसे खर्च नहीं किया, बल्कि इसे पूंजी बनाया। उन्होंने कुछ अतिरिक्त राशि जोड़कर किस्त पर बैटरी चालित टोटो खरीद ली। टोटो चलाने की जिम्मेदारी उनके पति ने संभाली और कुछ ही समय में उनकी रोज की कमाई 700 से 1000 रुपये तक पहुंच गई। घर बैठे काम जानकी देवी ने सिलाई से बना ली पहचान दिघवारा की जानकी देवी जय गणेश स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। उनके पास छह महीने का छोटा बच्चा था। ऐसे में घर से बाहर जाकर काम करना संभव नहीं था। पति दिल्ली में मजदूरी करते थे, लेकिन पिछले छह महीनों से पत्नी-बच्चे की देखभाल के लिए गांव में ही रुक गए थे। इससे कमाई घट गई और घर पर आर्थिक दबाव बढ़ गया। इसी कठिन समय में योजना से मिले 10 हजार रुपये उनके लिए उम्मीद की तरह आए। जानकी देवी ने पहले से सिलाई का प्रशिक्षण ले रखा था। उन्होंने दिघवारा प्रखंड स्थित संस्कार जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ के सिलाई प्रशिक्षण केंद्र से यह हुनर सीखा था। अब जानकी देवी घर में रहकर बच्चे की देखभाल भी कर रही हैं और साथ ही अपनी आमदनी भी बना रही हैं। गांव की महिलाओं के कपड़े सिलने से उन्हें धीरे-धीरे पहचान और काम दोनों मिल रहे हैं। मजदूरी से दूध का कारोबार, लालती देवी की मेहनत रंग लाई दिघवारा प्रखंड की लालती देवी जय गणेश जीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। पहले वे खेती से जुड़ी मजदूरी पर निर्भर थीं।गांव में काम मिला तो दिन चलता, नहीं मिला तो घर में तंगी।मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिले 10 हजार रुपये से लालती देवी ने एक गाय खरीदी। यह गाय प्रतिदिन करीब 10 लीटर दूध देती है। लालती देवी अब चाहती हैं कि अगर आगे और मदद मिले, तो वे 10–12 गायें खरीदकर अपना पशुपालन बढ़ाएं। सारण में इस योजना का सबसे बड़ा असर यह दिख रहा है कि महिलाएं अब केवल सहयोगी नहीं, बल्कि कमाने वाली मुख्य ताकत बन रही हैं। कहीं टोटो की चाबी महिलाओं के हाथ में है, कहीं सिलाई मशीन की रफ्तार से घर चल रहा है, तो कहीं दूध के डिब्बे के साथ आर्थिक आजादी की नई सुबह आ रही है।

झारखंड के जंगल में नक्सली IED विस्फोट, दो ग्रामीणों की गई जान

सिंहभूम झारखंड में पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में एक आईईडी विस्फोट में 2 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में मंगलवार रात दो लोग घायल हो गए और जब सुरक्षाबल बुधवार शाम उनके पास पहुंचे तो वे मृत मिले। जेराइकेला थाना प्रभारी अमित कुमार पासवान ने कहा, ''मंगलवार रात अंधेरा होने और जंगल में अन्य आईईडी होने की संभावना के कारण पुलिस तलाशी अभियान नहीं चला सकी। हमने बुधवार सुबह तलाशी शुरू की और शाम तक हमें दोनों शव मिल गए।'' उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान सलाई चेरुवा और उनके चचेरे भाई जय सिंह चेरुवा के रूप में हुई है, जो जेराइकेला थाना क्षेत्र के तिरिलपोसी गांव के निवासी थे। पश्चिम सिंहभूम पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने कहा कि मृतकों के परिजनों को नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ''हमने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिए हैं।'' पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों व्यक्ति मंगलवार शाम जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने के लिए जंगल के अंदर गए थे और गलती से माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी पर पैर रख दिया।  

कारोबारियों के ठिकानों पर अंधाधुंध फायरिंग, पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी जारी

रामगढ़ रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात अज्ञात अपराधियों ने दो कारोबारियों के घरों पर अंधाधुंध फायरिंग कर सनसनी फैला दी। हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन पूरे इलाके में डर का माहौल है। घटना सरिया टोला की है, जहां बदमाशों ने कोयला व्यवसायी गजानंद प्रसाद के घर के पास 8 से 9 राउंड गोलियां चलाईं। इसके बाद उन्होंने सेल संचालक नीतीश कुमार के घर पर भी करीब 9 राउंड फायरिंग की। लगातार गोलियों की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के मारे अपने घरों में छिप गए।स्थानीय लोगों के अनुसार, बाइक सवार अपराधी सियाल सौंदा बस्ती की ओर से आए थे। दोनों घरों के पास फायरिंग करने के बाद वे भाग निकले। भागते समय बदमाशों ने सौंदा बस्ती के मुख्य चौक और एक दुकान के पास भी गोलियां चलाईं। सूचना मिलते ही एसडीपीओ गौरव गोस्वामी, पतरातू थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार और सशस्त्र बल की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से कई खाली खोखे बरामद किए हैं। पूरे इलाके में घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। पुलिस इस घटना को सुनियोजित हमला मानकर जांच कर रही है। इलाके में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। क्षेत्र में राहुल दुबे और अमन साहू गिरोह के सक्रिय होने की चर्चा है। पुलिस रंगदारी के एंगल से भी जांच कर रही है, क्योंकि कोयला कारोबार से जुड़े मामलों में पहले भी धमकी और वसूली की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिलहाल पुलिस ने जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। घटना के बाद से कारोबारियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।  

पप्पू यादव को कोर्ट से नहीं मिली राहत!, 2 नए केस भी हुए दर्ज

पटना. इस वक्त पूर्णिया सांसद पप्पू यादव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को फिलहाल राहत नहीं मिली है. वहीं उनके खिलाफ 2 नए केस भी दर्ज कर दिये गए हैं. दरअसल बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाना से जुड़े वर्ष 2017 के मामले में अदालत के आदेश के बाद उन्हें कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है. कोर्ट में पेशी के बाद यह कार्रवाई की गई, जिससे उनके समर्थकों में हलचल मच गई. जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव से जुड़ा यह मामला पुराने आपराधिक प्रकरणों से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इसके साथ ही पप्पू यादव के खिलाफ दो नए मामले भी दर्ज किए गए हैं, जिनकी जांच पुलिस कर रही है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दर्ज नए मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, पप्पू यादव की ओर से कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और उनके वकील कोर्ट में राहत के लिए आवेदन करने की तैयारी में हैं. एक मामले में इसी हफ्ते मिली थी जमानत वहीं इससे पहले बीते मंगलवार को पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने जमानत दे दिया. इसके बाद भी पप्पू यादव अभी जेल के बाहर नहीं निकल पाये थे. दरअसल जिस 31 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी, उसमें पटना की अदालत ने उन्हें जमानत तो दे दी, लेकिन कानूनी गलियारों की जटिलता ने उनकी राह फिर से रोक दी है. इस बार बाधा कोई पुराना मामला नहीं, बल्कि गिरफ्तारी के दौरान हुआ पटना पुलिस से बाद-विवाद है. पटना पुलिस ने उस मामले में भी पप्पू यादव को आरोपी बनाया है. समर्थकों ने लगाया आरोप ऐसे में अभी पप्पू यादव का जेल से बाहर आना मुश्किल हो गया है. क्योंकि, उस मामले में पप्पू यादव को बेल नहीं मिली है. मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान पप्पू यादव के वकीलों ने दलील दी कि 1995 का यह मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और इसमें गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं थी. कोर्ट ने तथ्यों को देखते हुए जमानत मंजूर कर ली. लेकिन, जैसे ही रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई, पटना पुलिस ने एक नया अड़ंगा लगा दिया.

JPSC खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए 25 फरवरी से साक्षात्कार

रांची. स्वास्थ्य विभाग में खाद्य सुरक्षा सेवा के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार 25 फरवरी से शुरू होगा। झारखंड लोक सेवा आयोग ने इस नियुक्ति परीक्षा के तहत प्रमाणपत्रों के सत्यापन एवं साक्षात्कार का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इससे पहले आयोग ने इसकी लिखित परीक्षा का परिणाम जारी किया था। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी साक्षात्कार में भाग लेंगे। जेपीएससी द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, साक्षात्कार के लिए सफल अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन 24 फरवरी से 26 फरवरी तक पूर्वाह्न 10 बजे से होगा। वहीं, साक्षात्कार 25 फरवरी से 27 फरवरी तक होगा। प्रमाणपत्रों के सत्यापन एवं साक्षात्कार में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी अपना कॉल लेटर 13 फरवरी से आयोग की वेबसाइट से अपना क्रमांक एवं जन्मतिथि डालकर डाउनलोड कर सकेंगे। साक्षात्कार 30 अंकों का होगा। मेधा सूची का निर्धारण लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार के अंकों के योग के आधार पर होगा। इसके लिए अभ्यर्थियों को निर्धारित न्यूनतम अंक भी लाना अनिवार्य होगा। कुल 56 पदों के विरुद्ध नियुक्ति के लिए परीक्षा बता दें कि खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के कुल 56 पदों के विरुद्ध नियुक्ति के लिए ली गई लिखित परीक्षा में 149 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। कुल 56 पदों में 22 पद अनारक्षित हैं। वहीं, 14 पद एसटी, छह पद एससी, पांच पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग, तीन पद पिछड़ा वर्ग तथा छह पद आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी के अभ्यर्थी के लिए आरक्षित हैं।