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वन भवन में विधिक प्रकोष्ठ का हुआ शुभारंभ

भोपाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही.एन. अम्बाडे ने शुक्रवार 27 फरवरी को वन भवन मुख्यालय में वन विभाग विधिक प्रकोष्ठ का शुभारंभ किया गया। विधिक प्रकोष्ठ वन विभाग मध्यप्रदेश की केन्द्रीय संस्थागत इकाई के रूप में कार्य करेगा। प्रकोष्ठ उन समस्त न्यायिक एवं अर्द्ध न्यायिक कार्यवाहियों का प्रबंधन, समन्वय एवं अनुश्रवण करेगा जिनमें विभाग पक्षकार है। साथ ह़ी यह विवादों के रोकथाम के लिये विभागीय कार्यों को सक्रिय कानूनी सहायता प्रदान करेगा। इस अवसर पर समस्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक उपस्थित रहे।  

सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की रूपरेखा का दस्तावेज हुआ जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश वन विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रदेश में एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-2026 के अंतर्गत की गई पक्षी गणना की राज्य स्तरीय रिपोर्ट का विमोचन शुक्रवार 27 फरवरी को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही.एन. अम्बाडे ने किया। एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-2026 अंतर्गत पक्षी गणना 3 से 8 जनवरी में प्रदेश में आयोजित की गई, जिसमें जिला स्तर पर वनमंडलाधिकारी के निर्देशन में वन विभाग के मैदानी अमले के साथ स्थानीय स्वयं सेवी संगठन, पक्षीप्रेमी एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रदेश स्तर पर पक्षियों का सर्वेक्षण किया गया। एशियन वॉटरबर्ड सेंसस-2026 की राज्य स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 45 जिलों के कुल 360 स्थलों में पक्षी सर्वेक्षण का कार्य किया गया, जिसके अंतर्गत सूचीबद्ध 412 चेकलिस्टों का विस्तृत अध्ययन किया गया। इसके आधार पर सर्वेक्षण अवधि में प्रदेश में कुल 308 पक्षियों की प्रजातियाँ तथा कुल 96 हजार 495 की संख्या दर्ज की गई। सर्वेक्षण में 24 दुर्लभ, संकटग्रस्त एवं लुप्तप्राय (RET) प्रजातियों- को देखा गया, जिनमें –इंडियन स्कीमर, सारस क्रेन, व्हाइट-रम्प्ड वल्चर, रेड-हेडेड वल्चर, पेंटिड स्टॉर्क, तथा ब्लैक-हेडेड आइबिस जैसी प्रजातियाँ शामिल हैं। साथ ही प्रवासीय पक्षियों की भी कई प्रजातीयां रिपोर्ट में सम्मिलित की गई हैं। राज्य स्तरीय रिपोर्ट में 5 से 15 फरवरी तक हुए वार्षिक चम्बल पक्षी सर्वेक्षण को भी सम्मिलित किया गया है, जिसमें चम्बल क्षेत्र में कुल 141 पक्षी प्रजातियाँ देखी गई हैं। एडब्ल्यूसी-2026 की रिपोर्ट राज्य में पक्षियों की जैव विविधता, आर्द्रभूमियों के उच्च संरक्षण एवं नवीन पहचाने गए संभावित पक्षियों के हॉट स्पॉट के महत्व को दर्शाती है। वन विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से तैयार यह प्रतिवेदन राज्य में वैज्ञानिक आर्द्रभूमि प्रबंधन, दीर्घकालिक पक्षी मॉनिटरिंग तथा संरक्षण नियोजन के लिए महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होगा। इस अवसर पर वन विभाग के समस्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, समस्त अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के सदस्य सचिव, एडब्ल्यूसी राज्य समन्वयक, बोर्ड के सहायक सदस्य सचिव एवं तकनीकी विशेषज्ञ और अधिकारी उपस्थित रहे। 

बदलते पुलिसिंग परिदृश्य में तकनीक और साइबर दक्षता की आवश्यकता – डीजीपी

भोपाल भौंरी स्थित मध्‍यप्रदेश पुलिस अकादमी के परेड ग्राउंड में शुक्रवार को मध्‍यप्रदेश पुलिस के 43 वे बैच के 17परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षकों के दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। राष्‍ट्रगीत एवं राष्‍ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मध्‍यप्रदेश पुलिस के महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने बतौर मुख्‍य अतिथि सलामी ली। पुलिस महानिदेशक  कैलाशमकवाणा ने सभी प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पुलिसिंग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए अधिकारियों को निरंतर साइबर फील्ड में अपनी स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देना होगा तथा तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग में दक्ष बनना होगा।  मकवाणा ने ‘सिंहस्‍थ 2028’ के परिप्रेक्ष्य में आने वाली संभावित सुरक्षा, साइबर एवं संगठित अपराध संबंधी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से आह्वान किया कि वे भविष्य की परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार रखें तथा बदलते अपराध परिदृश्य के प्रति सजग एवं सक्षम बनें। उन्होंने कहा कि आज धार्मिक आयोजन से संबंधित या सामुदायिक मुद्दे तथा  कानून-व्यवस्था से जुड़ा कोई भी विषयहो , सोशल मीडिया के माध्यम से तुरंत व्यापक रूप ले लेता है। जनता की अपेक्षा रहती है कि पुलिस द्वारा तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। अतः प्रत्येक अधिकारी को अपने चरित्र, अनुशासन और निर्णय क्षमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सेवा काल में की गई एक छोटी सी लापरवाही भी पूरे जीवन पर दाग बन सकती है, इसलिए नियमों के अनुरूप ही कार्य करें।”सोशल मीडिया की सक्रियता के इस दौर में छोटी सी घटना भी वायरल हो सकती है, इसलिए सजगता, संवेदनशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया अत्यंत आवश्यक है। डीजीपी ने कहा कि एक अधिकारी में संवेदनशीलता, सुनने की क्षमता तथा तकनीक के प्रभावी उपयोग की योग्यता होनी चाहिए। प्रत्येक अधिकारी को सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखते हुए स्वयं को समयानुकूल निरंतर विकसित करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा किवर्तमान समय में मादक पदार्थों की समस्या एक गंभीर चुनौती के रूप में सामने आई है, जिसे नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है। यह केवल अपराध का विषय नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। जिस प्रकार संगठित प्रयासों और दृढ़ संकल्प से नक्सल प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है, उसी प्रकार नारकोटिक्स के विरुद्ध भी सुनियोजित रणनीति, कड़ी कार्रवाई और सतत अभियान चलाकर इसे जड़ से समाप्त करना समय की आवश्यकता है। उन्‍होंने अपने 37 साल की पुलिस सेवा के अनुभव से सभी को अवगत कराते हुए बताया कि यदि आप अच्छा कार्य करेंगे वो कहीं न कहींअच्‍छे कर्म आपकी सहायता करते ही हैं, अतः आप ईमानदारी एवं पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा से अपने कार्य को करते हुए एक कुशल पुलिस अधिकारी एवं एक अच्छे नागरिक बनें जिससे कि पुलिस विभाग एवं आपके परिजनों को गर्व की अनुभूति हो। डीजीपी  मकवाणा ने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी वर्दी पर गर्व करें तथा गरीब, पीड़ित, भयभीत और असहाय लोगों की सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। दूसरों की सहायता करने में ही वास्तविक आनंद है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि उत्तरदायित्वपूर्ण सेवा है। इस मार्ग में चुनौतियाँ आएँगी, किन्तु निराश हुए बिना दृढ़ निश्चय, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना ही सफलता का मूल मंत्र है। अधिकारियों को सदैव एक अच्छा एवं संवेदनशील इंसान बने रहने का प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान 43वें उप पुलिस अधीक्षक बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशिक्षण काल के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में प्राप्त कठोर शारीरिक प्रशिक्षण, विधिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता एवं नेतृत्व विकास से उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने हेतु आत्मविश्वास एवं संकल्प शक्ति प्राप्त हुई है। मध्‍यप्रदेश पुलिस अकादमी के उप निदेशक  संजय कुमार अग्रवाल ने प्रशिक्षण का प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया।उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी वर्ष 2013 में स्थापित राज्य की शीर्ष प्रशिक्षण संस्था है, जहाँ उप पुलिस अधीक्षकों एवं उप निरीक्षकों के लिए फाउंडेशन कोर्स संचालित किया जाता है। अब तक सात बैच प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं तथा 43वाँ बैच आठवाँ पासआउटबैच है।इस बैच में कुल 17 उप पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षु अधिकारी (10 पुरुष, 7 महिला) शामिल हैं। प्रशिक्षण अवधि में अधिकारियों को नवीन आपराधिक कानून, साइबर अपराध, अपराध विवेचना, फॉरेंसिक साइंस, लॉ एंड ऑर्डर, आधुनिक पुलिसिंग, नैतिकता, सॉफ्ट स्किल्स एवं इमोशनल इंटेलिजेंस के साथ ड्रिल, दंगा नियंत्रण, योग एवं शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षुओं को प्रयागराज महाकुंभ की अध्ययन यात्रा कराई गई, जो वर्ष 2028 में उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ आयोजन की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होगी।कार्यक्रम में 43वें बैच की प्रशिक्षण यात्रा पर आधारित एक विशेष फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। अंत में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने प्रशिक्षण में उत्कृष्ट रहे प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को शील्ड व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक  रवि कुमार गुप्‍ता, पुलिस आयुक्‍त  संजय कुमार, पीएसओटू डीजीपी  विनीत कपूर सहित अन्‍य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।  इन श्रेष्‍ठ प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों को मिले पुरस्‍कार पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने संपूर्ण परीक्षा के लिए  आनंद कुमार राय को प्रथम व सु रोशनी कुर्मी को द्वितीय स्‍थान की शील्‍ड व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। आंतरिक परीक्षा में संपूर्ण विषयों मेंसर्वोच्‍च अंक प्राप्‍त करने पर  आनंद कुमार राय को प्रथम तथा  ऋषभ छारी को द्वितीय स्‍थानप्राप्‍त करने परशील्‍ड प्रदान की गई। 

त्योहार पर सेहत से खिलवाड़ नाकाम, 45 किलो पनीर समेत भारी मात्रा में मावा पकड़ा

भोपाल खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अमले ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए 27 क्विंटल मावा और 45 किलोग्राम पनीर जब्त किया है। अधिकारियों को शंका है कि होली पर्व के पहले मिलावटी मावा व पनीर बाजार में ठिकाने लगाने लाया जा रहा है। ऐसे में अमले ने नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। बीते एक महीने में अमले ने कार्रवाई करते हुए खाद्य पदार्थों के करीब 234 नमूने लिए हैं, जिनकी भी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि होली पर्व से पहले आमजनों को शुद्ध व गुणवत्ता पूर्ण दूध और उससे बने पदार्थों मिले। इसके लिए अमले ने शुक्रवार को खाद्य खजूरी सड़क रोड स्थित टोल प्लाजा के पास से एक वाहन रोककर उसकी तलाशी ली। इस दौरान वाहन में रखा करीब 27 क्विंटल मावा और 45 किलोग्राम पनीर जब्त किया है। मावा की कीमत करीब छह लाख रुपये बताई जा रही है। दोनों में मिलावट की शंका के आधार पर मावा व पनीर के पांच-पांच नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि एक महीने में अमले ने अलग-अलग दुकानों पर कार्रवाई करते हुए नमकीन, मिठाई, पनीर, तेल, मैदा बेसन आदि के करीब 234 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।इन सभी की रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।  

प्रदेश की धरती पर नवागत चीतों का होगा स्वागत

भोपाल  श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीकी महाद्वीप से चीतों का तीसरा बड़ा जत्था पहुंचने वाला है। बोत्स्वाना से एयरलिफ्ट किए गए 8 चीते (6 मादा और 2 नर) विशेष विमान से मध्यप्रदेश लाए जा रहे हैं। कूनो एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। अफ्रीका की धरती से आए फर्राटेदार धावक अब कूनों के जंगलों में वन पारिस्थितिकी को समृद्ध करेंगे। ट्रांसलोकेशन की विस्तृत कार्ययोजना बोत्स्वाना से चीतों की सुरक्षित अनलोडिंग इमिग्रेशन, कस्टम, पशु-चिकित्सा एवं सुरक्षा औपचारिकताएं पूर्ण किये जाने के बाद 28 फरवरी को सुबह 8:30 बजे ग्वालियर से भारतीय वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों से चीतों को कूनो नेशनल पार्क के लिए रवाना किया जाएगा। चीते प्रातः 9:30 बजे कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगे। उनकी सुरक्षित लैंडिंग के लिए पार्क में 5 हेलीपैड बनाये गये हैं। पूरा अभियान अत्यंत सावधानी और वैज्ञानिक प्रोटोकॉल के तहत संपन्न किया जाएगा। पार्क में बाड़े तैयार किए गए हैं, जहां चीते लगभग एक महीने तक क्वारंटाइन में रहेंगे। ‘प्रोजेक्ट चीता’ अब अपने प्रारंभिक चरण से आगे बढ़कर स्थायी स्थापना और सफल प्रजनन के चरण में प्रवेश कर चुका है। दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों में से 8 वर्तमान में कूनो में पूर्णतः स्थापित और स्वस्थ हैं। इनमें से 3 चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया है। दक्षिण अफ्रीकी माताओं से जन्मे 10 शावक जीवित और स्वस्थ हैं। भारत में जन्मी पहली वयस्क मादा चीता ‘मुखी’ ने 5 शावकों को जन्म दिया है, जो इस परियोजना की ऐतिहासिक उपलब्धि है। ‘गामिनी’ दूसरी बार माँ बनी है। उसकी पहली गर्भावस्था से जन्में 3 सब-एडल्ट शावक स्वस्थ हैं और हाल ही में उसने 3 नए शावकों को जन्म दिया है। ‘वीरा’ अपने 13 माह के शावक के साथ खुले जंगल में विचरण कर रही है, जबकि ‘निर्वा’ अपने 10 माह के तीन शावकों के साथ संरक्षित बाड़े में है। एशिया से लुप्त हो चुके चीतों का मात्र तीन वर्षों में सफल पुनर्स्थापन भारत के वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक सशक्त उदाहरण बन चुका है। प्रजनन करती मादा चीतों, स्वस्थ दूसरी पीढ़ी के शावकों और नए आवासों में विस्तार के साथ यह स्पष्ट है कि चीता अब भारत की वन पारिस्थितिकी का पुनः अभिन्न अंग बन गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्चुअली होंगे शामिल 3माह तक चलेगा अभियान

भोपाल  महिलाओं का स्वास्थ्य परिवार, समाज एवं राष्ट्र की प्रगति का आधार है। सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे जानलेवा कैंसर है। इस गंभीर बीमारी की रोकथाम के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा राष्ट्रव्यापी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी 28 फरवरी को प्रातः 11:30 बजे राजस्थान के अजमेर जिले से इस राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह अभियान आगामी तीन माह तक पूरे देश में संचालित किया जाएगा। सभी राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे और राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ करेंगे। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल डॉ. कैलाशनाथ काटजू अस्पताल भोपाल में अभियान का शुभारंभ करेंगे। अभियान के अंतर्गत 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी एवं 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाएँ टीकाकरण के लिए पात्र होंगी। साथ ही, अभियान प्रारंभ होने के 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष की होने वाली बालिकाएँ भी पात्र मानी जाएँगी। यह टीकाकरण पूर्णतः स्वैच्छिक है तथा अभिभावक की सहमति अनिवार्य होगी। निर्धारित अनुसार 0.5 मि.ली. की एकल खुराक इंट्रामस्कुलर इंजेक्शन के माध्यम से दी जाएगी। एचपीवी टीकाकरण केवल शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल और शासकीय मेडिकल कॉलेज जिनमें चिकित्सा अधिकारी उपलब्ध हैं, में किया जायेगा। टीकाकरण के पश्चात बालिका को 30 मिनट तक अवलोकन में रखा जाएगा। अभियान अवधि के दौरान प्रतिदिन टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।  

बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने सरकार गंभीर, समिति की सिफारिशों पर होगा अमल

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में सदस्यों द्वारा दिये गये सुझावों पर अधिकारी 5 दिवस में रिपोर्ट तैयार करें। साथ ही प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार कर अमल में लाने के प्रयास किये जायेंगे।  तोमर ने कहा मध्यप्रदेश में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। उद्योगों से लेकर किसानों तक सभी को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। बैठक में समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र में जंगली जानवरों से खतरे के मद्देनजर सिंचाई के लिये दिन में ही विद्युत आपूर्ति करने पर विचार किया जाये। इस दौरान सचिव  विशेष गढ़पाले ने विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की हानियां वर्ष 2024-25 में 2.60 प्रतिशत रहीं, जो न्यूनतम में से एक है। अमरकंटक विद्युत गृह द्वारा कंपनी के इतिहास में अब तक सर्वाधिक 512 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन किया गया। बिजली कंपनियों की उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिये लगभग 52 हजार स्थायी पदों का सृजन किया गया है। भर्ती प्रक्रिया चालू कर दी गई है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान अंतर्गत जनजातीय समुदाय के 26 हजार 909 घरों को विद्युतीकृत किया गया है। स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से प्री-पेड उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 25 पैसे प्रति यूनिट की छूट दी जा रही है। उन्होंने विभिन्न नवाचारों के बारे में भी जानकारी दी। बैठक में समिति के सदस्य विधायक  यादवेन्द्र सिंह,  गौरव सिंह पारधी,  ठाकुर दास नागवंशी,  घनश्याम चंद्रवंशी और  सुरेन्द्र सिंह बघेल एवं अधिकारी उपस्थित थे।  

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा चार सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को भावभीनी विदाई

भोपाल  पुलिस मुख्‍यालय की विभिन्‍न शाखाओं से माह फरवरी में सेवानिवृत्‍त चार कर्मचारियों को विशेषपुलिस महानिदेशक  अनिल कुमार नेशुक्रवार को भावभीनी विदाई दी। वरिष्‍ठ अधिकारियों ने सभी को प्‍लांट एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को उनके विभिन्‍न स्‍वत्‍व (क्‍लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये। नवीन पुलिस मुख्‍यालय भवन कॉन्‍फ्रेंस हॉल में आयोजित विदाई समारोह मेंअतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  विवेक शर्मा, उप पुलिस महानिरीक्षक  तरूण नायक, मती किरणलता केरकेट्टाएवं अन्‍य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे। पुलिस मुख्‍यालय से सेवानिवृत्‍त कार्यवाहक निरीक्षक पीटीआरआई  उत्‍तम सिंह जाटव, स.उ.नि. महिला सुरक्षा शाखा  वचन सिंह,कार्यवाहक स.उ.नि. विशेष शाखा  भंवर लाल पंवारतथा प्रधान आरक्षक अ.अ.वि. शाखा  वीरभान सिंह को पुलिस मुख्‍यालय परिवार ने शुक्रवार को भावभीनी विदाई दी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक सु इरमीन शाह ने सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के कार्यकाल पर प्रकाश डाला। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।  

हरित भविष्य का रोडमैप तैयार, मुख्यमंत्री ने वन विभाग का विजन डॉक्यूमेंट लॉन्च किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन विभाग द्वारा प्रकाशित "विजन 2047- रीइमैजिनिग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर ए क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर" पुस्तक का मुख्यमंत्री निवास में विमोचन किया। "विजन@2047" राज्य में जैव विविधता समृद्ध, सामुदायिक सहभागिता आधारित वन प्रबंधन की दीर्घकालिक रूपरेखा प्रस्तुत करता है। प्रमुख सचिव वन श्री संदीप यादव ने बताया कि प्रदेश के वनों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु-सहिष्णु तथा जैव-विविधता से समृद्ध आदर्श वनों के रूप में स्थापित करना विजन@2047 का लक्ष्य है। दृष्टि पत्र में वनों के संरक्षण और प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। दृष्टि पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आजीविका को सुरक्षित करने में सक्षम, समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में प्रदेश के वनों का संरक्षण किया जाएगा। दृष्टि पत्र में प्रदेश के वन क्षेत्र में स्थित प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए किए जाने वाले प्रयासों को भी रेखांकित किया गया है। उन्होंने बताया कि वन विभाग का यह दृष्टि पत्र भारत के पर्यावरणीय तथा विकास लक्ष्यों में निर्णायक योगदान देगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही एन अम्बाड़े, ⁠प्रबंध संचालक राज्य वन विकास निगम श्री एच यू ख़ान, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं विस्तार) श्री विभाष कुमार ठाकुर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री शुभरंजन सेन,⁠ प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ श्रीमती समीता राजौरा तथा संचालक वन विहार श्री विजय कुमार इस अवसर पर उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक सुलोचना रावत के स्वास्थ्य का जाना हालचाल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व विधायक मती सुलोचना रावत के निवास स्थल पहुँचकर स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने मती रावत के परिजनों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पूर्व विधायक के गृह निवास पहुंचने पर परिजनों द्वारा उनका तिलक लगाकर पुष्प-गुच्छ से आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को आलीराजपुर जिले की जोबट तहसील के ग्राम कानाकाकड़ में पूर्व विधायक मती रावत के निवास पहुंचे। उन्होंने परिजनों से उपचार की विस्तृत जानकारी ली। उनके पुत्र  विशाल रावत व परिजनों ने बताया कि उनके स्वास्थ्य में सुधार हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मती रावत के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से खड़ी है। इस अवसर पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री  नागरसिंह, पूर्व सांसद  गुमानसिंह डामोर, संभागायुक्त इंदौर डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर मती नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।