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गीता और तीन बेटियों की हत्या से दहला जयपुर, सिर पर ईंट से वार कर मौत के घाट उतारने का खुलासा

 जयपुर कालवाड़ रोड स्थित गोविंद वाटिका में हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा है। एक साथ बेटी गीता और तीन नातिनों नंदिनी, राधिका व गिरिशा उर्फ गोरी की अर्थियां उठती देख गुजरात से जयपुर पहुंची गीता की मां केतकी बेन का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी और तीन नातिनों के शव देखकर उनकी चीख निकल पड़ी। वह बार-बार यही कहती रहीं कि राहुल ने मेरा पूरा परिवार उजाड़ दिया। केतकी बेन ने बताया कि वह घर पर टीवी देख रही थीं। इसी दौरान खबर के जरिए उन्हें बेटी गीता और तीन नातिनों की हत्या की जानकारी मिली। घटना की सूचना मिलते ही वह जयपुर पहुंचीं। पीहर पक्ष लगातार राहुल के भाई और अन्य परिजनों से आरोपी को पुलिस के सामने पेश करवाने की मांग करता रहा। सिर में गंभीर चोट से हुई चारों की मौत पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गीता और उसकी तीन बेटियों की मौत का कारण सिर में गंभीर चोट लगना सामने आया है। चारों के सिर पर सीमेंट की ईंट से वार किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब हत्या के पीछे की वजह और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। 23 साल पहले हुई थी गीता की शादी परिजन गीता के ससुराल में प्रताड़ित किए जाने के आरोप भी लगा रहे हैं। करीब 23 साल पहले शादी के बंधन में बंधी गीता की इस तरह हत्या से पीहर पक्ष सदमे में है। परिवार की चार जिंदगियां एक ही झटके में खत्म होने से हर आंख नम है। परिजनों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर हत्या की असली वजह सामने लाने की मांग की है। वहीं पड़ोसियों का कहना है कि परिवार यहां करीब सात साल से रह रहा था। इस दौरान कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि घर में मारपीट या किसी तरह का बड़ा गृहक्लेश चल रहा हो। ऐसे में चार हत्याओं की घटना ने आसपास रहने वाले लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है। 10 सितंबर को हुई थी मां से आखिरी बातचीत गीता के भाई सतीश ने बताया कि 10 सितंबर को नंदिनी ने वीडियो कॉल किया था। हालांकि उस समय ज्यादा बातचीत नहीं हो सकी। नंदिनी ने कुछ देर बाद बात करने की बात कहकर फोन काट दिया। इसके बाद गीता ने भी अपनी मां केतकी बेन को वीडियो कॉल किया था। गीता ने मां से कहा था कि वह खाना खाने के बाद दोबारा फोन करेगी। लेकिन इसके बाद न तो गीता का फोन आया और न ही नंदिनी का। परिजनों के मुताबिक ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। गीता जब भी खाली होती थी, अपनी मां से जरूर बात करती थी। मां को क्या पता था कि बेटी का यह वादा उनकी आखिरी बातचीत बन जाएगा। चार हत्याओं के पीछे आखिर क्या थी वजह? गीता और उसकी तीन बेटियों की हत्या के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राहुल ने ऐसा कदम क्यों उठाया? परिजन इस बात को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं कि चार लोगों की हत्या के बाद घर में मौजूद उसके पिता को क्यों छोड़ दिया गया। मां केतकी बेन बेटी और तीन नातिनों को खोने के बाद बार-बार फफक पड़ती हैं। भाइयों और अन्य परिजनों की मांग है कि पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच करे और यह सामने लाए कि आखिर इस खौफनाक वारदात के पीछे क्या वजह थी।

राजस्थान में BJP का मेगा जनसंपर्क अभियान, 1 महीने तक 13 प्रकल्पों से घर-घर पहुंचेगा मोदी का संदेश

जयपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और राजनीति में 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय जनता पार्टी राजस्थान में एक बड़ा और व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। 17 सितंबर से शुरू होकर पूरे 1 महीने तक चलने वाले इस विशेष कार्यक्रम को 'सेवा संकल्प अभियान-जन सेवा ही प्रभु सेवा' नाम दिया गया है। इस अभियान के जरिए बीजेपी कार्यकर्ता केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और पीएम मोदी के 25 वर्षों के समर्पित राजनीतिक सफर को प्रदेश के हर पोलिंग बूथ और आम जनता के घरों तक पहुंचाएंगे। इस राज्य स्तरीय अभियान की रूपरेखा और रणनीतिक तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में शनिवार को एक उच्चस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस 2 घंटे तक चली मैराथन कार्यशाला में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और अभियान की क्षेत्रीय प्रभारी व राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2.5 दशकों की राजनीतिक यात्रा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण भाव को जन-जन तक ले जाना हर बीजेपी कार्यकर्ता का दायित्व है। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि देश में बीते वर्षों में आए बुनियादी बदलावों और कल्याणकारी योजनाओं की सही जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचना बेहद जरूरी है। अभियान के तहत पूरे राजस्थान में 13 अलग-अलग प्रकल्पों के माध्यम से सांस्कृतिक, सामाजिक और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार ने कार्यशाला के दौरान 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत आयोजित होने वाले 13 विशेष प्रकल्पों की विस्तृत जानकारी साझा की। 1. आशीर्वाद का दीया: 17 सितंबर 2026 की शाम ठीक 7 बजे प्रदेशभर में कार्यकर्ता और आम नागरिक अपने-अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलन करेंगे। 2. सपनों का भारत-सेवा चित्र: स्कूली बच्चों और युवाओं के बीच देश के विकास और भावी भारत से जुड़े रचनात्मक चित्रकला और निबंध कार्यक्रम आयोजित होंगे। 3. नमो सेवा गाथा-सेवा स्मरण: राजस्थान के प्रमुख चौराहों और कस्बों में नुक्कड़ नाटकों के जरिए पीएम मोदी की 25 साल की राजनीतिक यात्रा और सेवा कार्यों को दर्शाया जाएगा। 4. आंगन का उत्सव: राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर कार्यकर्ताओं और पोषण सखियों के साथ विशेष संवाद व सम्मान कार्यक्रम आयोजित होंगे। 5. कहानी बदलाव की: देश और राजस्थान में हुए ढांचागत व सामाजिक बदलावों को ऑडियो-वीडियो और प्रस्तुतियों के जरिए जनता के सामने रखा जाएगा। 6. सेवा ज्योति यात्रा: प्रदेश के विभिन्न जिलों और ग्रामीण आंचलों में जन जागरूकता और सेवा संदेश के साथ यात्राएं निकाली जाएंगी। 7. वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा: पीएम मोदी के जन्मस्थान वडनगर और संसदीय क्षेत्र वाराणसी के जुड़ाव को दर्शाते हुए पवित्र नदियों के जल से हाटकेश्वर महादेव और काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। 8. सेवा मेरा योगदान: आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को सीधे सामाजिक और स्वच्छता अभियानों से जोड़ने के लिए यह सहभागिता कार्यक्रम चलेगा। 9. सेवा सेतु अभियान: समाज के वंचित वर्गों और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के बीच समन्वय स्थापित करने का काम किया जाएगा। 10. सेवा के रंग-राष्ट्र के संग: युवाओं और स्थानीय कलाकारों के साथ राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत सांस्कृतिक व कलात्मक प्रस्तुतियां होंगी। 11. जन सेवा महाकुंभ: जिला और मंडल स्तर पर स्वास्थ्य जांच शिविर और जन कल्याणकारी मेलों का आयोजन किया जाएगा। 12. रक्तदान महादान: प्रदेश के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। 13. विकसित भारत संकल्प यात्रा: विकसित भारत 2047 के संकल्प और केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का घर-घर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

राजस्थान में किडनी मरीजों को बड़ी राहत, मुफ्त डायलिसिस योजना के तहत पूरे हुए 1.17 लाख से अधिक सेशन

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेश में किडनी रोगियों को आसानी से और निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 16,003 मरीजों को कुल 1,17,258 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन सेवाओं के तहत मरीजों को उपलब्ध कराई गई उपचार सुविधा का कुल अनुमानित मूल्य करीब 21.11 करोड़ रुपए है। प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 35 जिला चिकित्सालयों में 149 डायलिसिस मशीनें संचालित हैं। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त 2026 तक प्रदेश में 4,265 मरीजों को 31,675 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा दी जा चुकी है। इनमें प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस कार्यक्रम के तहत 35 केंद्रों पर 3,489 मरीजों के 25,860 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिन्हित चिकित्सा संस्थानों में 776 मरीजों के 5,815 सेशन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11,738 मरीजों को 85,583 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई। इनमें प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस कार्यक्रम के 35 केंद्रों पर 8,507 मरीजों के 65,148 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिन्हित चिकित्सा संस्थानों में 3,198 मरीजों के 19,187 सेशन शामिल हैं। राठौड़ ने कहा कि राज्य बजट घोषणा वर्ष 2022-23 की अनुपालना में प्रदेश के 182 चिकित्सा संस्थानों में हीमोडायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इनमें से 102 चिकित्सा संस्थानों में सुविधा उपलब्ध है। शेष संस्थानों में चिकित्सकों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा 30 सितम्बर 2026 तक सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि सरकारी व्यवस्था के साथ सीएसआर के माध्यम से भी निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्सालय नदबई (भरतपुर) एवं उपजिला चिकित्सालय सिवाना (बालोतरा) में हंस फाउंडेशन, गुरुग्राम के सहयोग से यह सुविधा संचालित है। सिवाना में 3 मशीनों के माध्यम से 12 मरीजों के 575 सेशन तथा नदबई में 3 मशीनों के माध्यम से 21 मरीजों के 673 सेशन आयोजित किए गए हैं। राठौड़ ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों को उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़े। इसी उद्देश्य से जिला चिकित्सालयों के साथ अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी डायलिसिस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। भविष्य में सीएचसी स्तर तक डायलिसिस सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डायलिसिस किडनी रोगियों के लिए नियमित और जीवनरक्षक उपचार है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर, उनके नजदीक ही पूरी तरह निःशुल्क डायलिसिस सुविधा मिले। सरकारी व्यवस्था के साथ निजी जनसहभागिता और सीएसआर के सहयोग से इन सेवाओं को लगातार और मजबूत किया जा रहा है।

एक्सपायर्ड वीजा में रह रहीं थीं 7 थाई युवतियां, जयपुर रिसॉर्ट पार्टी में पुलिस का छापा

जयपुर जयपुर पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर एक लग्जरी रिसॉर्ट में चल रही हाई-प्रोफाइल पार्टी पर अचानक छापा मारा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस स्पेशल ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने मौके से थाईलैंड की 7 विदेशी युवतियों, 3 स्थानीय युवकों और रिसॉर्ट मालिक को डिटेन किया है। यही नहीं, पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़ी गई थाईलैंड की सभी 7 युवतियों के पासपोर्ट और वीजा की वैधता अवधि काफी समय पहले खत्म हो चुकी थी। वे भारतीय आव्रजन और नागरिकता नियमों का उल्लंघन कर जयपुर में अवैध रूप से रह रही थीं और इस प्राइवेट पार्टी में शामिल थीं। इस अचानक हुई कार्रवाई में पुलिस को मौके से संदिग्ध सामग्री और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ मिलने की सूचना है, जिसके आधार पर पुलिस अधिकारियों को शहर में सक्रिय एक बड़े विदेशी ड्रग्स और एस्कॉर्ट नेटवर्क का अंदेशा है। पुलिस की स्पेशल टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि एक्सपायर्ड वीजा के बावजूद ये विदेशी युवतियां जयपुर में इतने लंबे समय से किसके संरक्षण में ठहरी हुई थीं और रिसॉर्ट मालिक का इस अवैध गतिविधि से क्या सीधा कनेक्शन है। जयपुर पुलिस इस मामले में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के शामिल होने की आशंका जताते हुए इनसे सघन पूछताछ कर रही है। गुप्त सूचना पर छापा, रिसॉर्ट में हड़कंप पुलिस सूत्रों के अनुसार, जयपुर के आउटर एरिया में स्थित एक नामी रिसॉर्ट में बिना किसी आधिकारिक अनुमति और कमर्शियल लाइसेंस के लेट नाइट पार्टी आयोजित किए जाने की गुप्त जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही जयपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर रिसॉर्ट को चारों तरफ से घेर लिया। जब पुलिस की टीम अंदर दाखिल हुई, तो वहां विदेशी युवतियों के साथ शराब और संदिग्ध नशे की चीजें परोसी जा रही थीं। पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ लोगों ने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन सतर्क जवानों ने सभी को हिरासत में ले लिया। एक्सपायर पासपोर्ट-वीजा, अवैध रूप से रह रही थीं युवतियां हिरासत में ली गई थाईलैंड की 7 युवतियों से जब पुलिस ने उनके यात्रा दस्तावेज और पासपोर्ट मांगे, तो बेहद गंभीर मामला सामने आया।जांच में पता चला कि सभी युवतियों के टूरिस्ट वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी और उनके पास भारत में रहने का कोई वैध कानूनी आधार नहीं था। पुलिस अब फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) और विदेश मंत्रालय के समन्वय से यह पता लगा रही है कि ये युवतियां भारत कब आई थीं और जयपुर में किन-किन स्थानों पर ठहरी हुई थीं। पुलिस खंगाल रही कॉल डिटेल पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस रिसॉर्ट पार्टी के जरिए शहर में महंगे और प्रतिबंधित ड्रग्स खपाए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से गिरफ्तार 3 युवकों और रिसॉर्ट मालिक के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और सोशल मीडिया चैट्स की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जयपुर में इन विदेशी नागरिकों को लॉजिस्टिकल और फाइनेंशियल सपोर्ट कौन दे रहा था। रिसॉर्ट मालिक भी गिरफ्तार, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी में प्रशासन प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार गैर-कानूनी गतिविधियों, अवैध विदेशी नागरिकों को पनाह देने और बिना अनुमति के देर रात तक संदिग्ध गतिविधियों के संचालन के आरोप में रिसॉर्ट मालिक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रशासन अब संबंधित रिसॉर्ट का कमर्शियल और टूरिज्म लाइसेंस रद्द करने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर के आसपास के अन्य फार्महाउसों और रिसॉर्ट्स पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।  

जोधपुर में पंचायत चुनाव से पहले 20 करोड़ के 100 विकास कार्यों को हरी झंडी

जोधपुर  नगरीय निकाय चुनाव के बाद पंचायत राज चुनावों की तैयारियां तेज होने के साथ ही पंचायती राज विभाग अंतिम समय में विकास कार्यों को जमीन पर उतारने में जुट गया है। संभावित आचार संहिता लागू होने से पहले विभाग ने प्रदेशभर में 2800 से अधिक विकास कार्यों के टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं। इनमें जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 100 से ज्यादा कार्य शामिल हैं, जिनकी अनुमानित लागत करीब 20 करोड़ रुपए है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अधिकांश कार्यों में गांवों में ट्यूबवेल निर्माण, पेयजल पाइपलाइन विस्तार, टिन शेड निर्माण, सामुदायिक सुविधाओं का विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े काम शामिल हैं। लक्ष्य है कि अगले 20 दिन से एक माह के भीतर सभी कार्यों का शिलान्यास और निर्माण शुरू करा दिया जाए, ताकि पंचायत राज चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद इन पर रोक का असर न पड़े। चुनाव से पहले गांवों में विकास परियोजनाओं ने पकड़ी रफ्तार ग्रामीण क्षेत्रों में केवल पंचायती राज विभाग ही नहीं, बल्कि वाटर रिसोर्स डिपार्टमेंट भी जल संरक्षण और जलापूर्ति से जुड़े कई निर्माण कार्यों की प्रक्रिया तेज कर रहा है। इससे चुनाव से पहले गांवों में विकास परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन कार्यों के टेंडर और वर्क ऑर्डर समय रहते जारी हो जाएंगे, उन्हें नियमानुसार आगे बढ़ाया जा सकेगा। यही कारण है कि विभाग इन दिनों स्वीकृत परियोजनाओं की प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर रहा है। जोधपुर में प्रस्तावित प्रमुख कार्य जोधपुर जिले में करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से 100 विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ट्यूबवेल और पाइपलाइन विस्तार के काम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा गांवों में टिन शेड का निर्माण कराया जाएगा। सामुदायिक स्तर पर जरूरी आधारभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं। विभाग की ओर से इन कार्यों की प्रक्रिया तेज की जा रही है, ताकि आचार संहिता लागू होने से पहले टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराए जा सकें। इसलिए जल्दबाजी निकाय चुनाव के बाद अब सरकार और विभाग का फोकस पंचायत राज चुनावों की तैयारियों पर है। माना जा रहा है कि अगले 20 से 30 दिनों में संभावित आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में विकास कार्यों को मंजूरी देने, टेंडर जारी करने और वर्क ऑर्डर देने का काम तेजी से किया जा रहा है। विभाग की कोशिश है कि आचार संहिता लागू होने से पहले अधिक से अधिक कामों की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद निर्माण कार्यों को मौके पर शुरू कराने पर जोर रहेगा, ताकि स्वीकृत विकास कार्यों में देरी न हो और समय पर धरातल पर काम दिखाई दे।

जयपुर नगर निगम चुनाव में बड़ा फैसला, वार्ड 62 के बूथ पर कल दोबारा मतदान

जयपुर जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए शुक्रवार को मतदान पूरा हो गया था। मतदान खत्म होने के बाद अलग-अलग बूथों से जुड़ी तस्वीरें और वोंटिग के आंकड़े सामने आ रहे हैं। इसी बीच बगरू विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 62 के एक बूथ को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। यहां हुए मतदान को रद्द कर दिया गया है और अब कल यानी 13 सितंबर को इसी बूथ पर दोबारा वोटिंग होगी। दोबारा वोंटिंग की क्या है वजह? मामला यह है कि नगरनिगम जयपुर के वार्ड संख्या 62 के भाग संख्या 23 हेतु निर्धारित मतदान केन्द्र राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कमरा नम्बर 4, टीलावाला, सांगानेर पर 11 सितंबर को हुए मतदान को निरस्त कर दिया गया है। दरअसल, इस बूथ की मतदाता सूची में 110 लोगों के नाम हटाने के लिए दर्ज थे, यानी ये नाम विलोपन सूची में शामिल थे। इसके बावजूद इन लोगों ने शुक्रवार को हुए मतदान में वोट डाल दिया। इसकी जानकारी सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने पहले हुए मतदान को रद्द करने का फैसला लिया। अब इसी वजह से बूथ पर फिर से मतदान कराया जा रहा है। इस बार जिन लोगों ने पहले वोट दिया था, उन्हें दोबारा मतदान की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा और बाएं हाथ की मध्यमा उंगली पर नई अमिट स्याही लगाई जाएगी। वार्ड 62 में 13 प्रत्याशी मैदान में वार्ड नंबर 62 में इस बार बहुत दिलचस्प और बहुकोणीय मुकाबला है। इस वार्ड में मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है। बता दें, भाजपा से रामअवतार शर्मा, कांग्रेस से हजारीलाल शर्मा, आम आदमी पार्टी (AAP) से योगेश गोयल और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) से नरेश कुमार चुनाव मैदान में हैं। इनके अलावा कई निर्दलीय प्रत्याशी भी मुकाबले में हैं। वार्ड में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 9 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। 14 सितंबर को आएंगे नतीजे राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में कराए गए। 9 सितंबर को पहले चरण में जयपुर जिले की 18 अन्य नगर निकायों में वोट डाले गए, जबकि जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में 11 सितंबर को दूसरे चरण के तहत मतदान हुआ। यानी जयपुर शहर में चुनाव एक ही दिन में पूरा हो गया। अब दोनों चरणों में इस्तेमाल हुई ईवीएम को सुरक्षित रख दिया गया है। 14 सितंबर को मतगणना के बाद सभी वार्डों के नतीजे एक साथ जारी किए जाएंगे।  

राजस्थान SET 2026: 13 सितंबर को परीक्षा, सुबह 10 बजे बाद नहीं मिलेगा प्रवेश

 कोटा कोटा विश्वविद्यालय की ओर से 13 सितम्बर को सहायक आचार्य के लिए राज्य पात्रता परीक्षा (सेट)-2026 आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा 7 संभाग जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, अजमेर व भरतपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक एक पारी में ऑफलाइन मोड पर होगी। इसमें 37 विषयों में इस वर्ष 1 लाख 77 हजार 901 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए हैं। सात संभागीय मुख्यालयों में कुल 429 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जयपुर में सबसे अधिक 78 हजार तो भरतपुर में सबसे कम 8 हजार से अधिक अभ्यर्थी बैठेंगे। इसके अलावा जोधपुर में 22,609, बीकानेर 22,281, उदयपुर 17,320, कोटा 14839, अजमेर संभाग में 13,753 अभ्यर्थी शामिल होंगे। कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत ने बताया कि परीक्षा का आयोजन यूजीसी-नेट के नवीनतम मानकों के अनुरूप किया जाएगा। परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कोटा विश्वविद्यालय में केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। परीक्षा की सुरक्षा, गोपनीयता और संवेदनशीलता से जुड़े सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने और परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने की अपील की। प्रवेश के लिए ये दस्तावेज जरूरी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश-पत्र की रंगीन प्रति, मूल फोटोयुक्त पहचान-पत्र के रूप में केवल आधार कार्ड तथा ऑनलाइन आवेदन के समय अपलोड की गई फोटो से मेल खाती एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लानी होगी। अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग सुबह 9 से 10 बजे तक होगी। 10 बजे बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा समन्वयक प्रो. घनश्याम शर्मा ने बताया कि प्रवेश-पत्र पर अंकित परीक्षा केंद्र और रोल नंबर के कोड को केवल सांकेतिक न मानते हुए परीक्षा केंद्र की वास्तविक लोकेशन पहले से सुनिश्चित कर लें। इसके लिए परीक्षा से एक दिन पूर्व केंद्र पर जाकर स्थान की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की परेशानी न हो। मोबाइल, स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित 1- परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, पुस्तक, नोट्स आदि ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 2- अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के हल्के रंग के कपड़े तथा कम हील वाली चप्पल या सैंडल पहनकर आने की सलाह दी गई है। 3- धार्मिक, पारंपरिक अथवा सांस्कृतिक पोशाक में आने वाले अभ्यर्थियों की सुरक्षा जांच के दौरान विशेष रूप से तलाशी ली जाएगी। अभ्यर्थी अपने साथ केवल काले या नीले बॉल पेन लेकर आएं। 4- ओएमआर शीट पर व्हाइटनर, ब्लेड अथवा किसी अन्य वस्तु का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। 5- अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने वाले अभ्यर्थियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

शेयर बाजार के भारी नुकसान और आर्थिक तंगी ने उजाड़ा जयपुर का एक हंसता-खेलता परिवार

जयपुर करधनी की गोविंद वाटिका में शुक्रवार सुबह घटी वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। शेयर बाजार में भारी नुकसान, गृहक्लेश और कर्ज के दलदल में फंसे राहुल झा ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया कि वह अपनी पत्नी गीता और बेटियों नंदिनी, राधिका व गिरिशा का हत्यारा बन गया। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि उस आर्थिक बदहाली और सामाजिक अलगाव का वीभत्स रूप है, जिसमें घुट रहे एक परिवार की चीखें बंद दरवाजों के पार तक नहीं पहुंच सकीं। एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि राहुल ने कई लोगों से पैसे उधार ले रखे थे। गोविंद वाटिका स्थित मकान उसकी पत्नी के नाम पर है और राहुल कुछ दिनों से इसे बेचने की फिराक में था। आशंका है कि इसी बात को लेकर दंपती के बीच गृहक्लेश चल रहा था। फिलहाल जांच जारी है और आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। बेटियों के सुनहरे भविष्य का खौफनाक अंत कभी राहुल अपनी बेटियों को अच्छे से पढ़ा-लिखाकर उनका भविष्य संवारना चाहता था। पत्नी गीता घर में ब्यूटी पार्लर चलाकर आर्थिक मदद की कोशिश में थी, वहीं बड़ी बेटी नंदिनी भी पढ़ाई के साथ हाथ बंटा रही थी। बेटी राधिका और गिरिशा भी पढ़ाई में जुटी थीं। लेकिन आर्थिक तंगी व गृहक्लेश ने परिवार को ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया, जहां राहुल का दिमागी संतुलन ढह गया। उसने एक पड़ोसी से 50 हजार रुपए मांगे थे, पर 25 हजार की मदद मिल पाई। तनाव गहराता गया, लेकिन पड़ोसियों या रिश्तेदारों को भनक तक नहीं लगी कि यह घबराहट हत्या के पागलपन में बदल जाएगी। एफएसएल जांच के मुताबिक वारदात तड़के 4 से 5 बजे के बीच हुई। आशंका है कि राहुल ने पहले पत्नी व बेटियों को कोई नशीला पदार्थ सूंघाया और फिर सीमेंट की भारी ईंट से वार कर उनके चेहरे कुचल दिए। फूट-फूटकर रो पड़ा बड़ा भाई चाची व चचेरी बहनों की मौत की सूचना पर भतीजी सिमरन मौके पर पहुंची। सिमरन ने अपने दादा लक्ष्मीनाथ झा को संभाला, लेकिन उसके भी आंसू थम नहीं रहे थे। कुछ देर बाद सिमरन के पिता संजय और भाई भी वहां पहुंचे और फूट-फूटकर रोने लगे। परिवार के अनुसार, बिजली विभाग से सेवानिवृत्त लक्ष्मीनाथ पहले झोटवाड़ा के संजय नगर में दोनों बेटों संजय और राहुल के साथ रहते थे। लक्ष्मीनाथ की पत्नी की मृत्यु के बाद यह मकान बेच दिया गया और राहुल ने वर्ष 2021 में गोविंद वाटिका में मकान खरीदा। ग्राउंड फ्लोर पर अलग-अलग कमरों में बेटियां व हॉल में लक्ष्मीनाथ रहते थे, जबकि ऊपर की मंजिल पर राहुल व गीता रहते थे। बड़ा भाई संजय प्रेम नगर में परिवार के साथ रहने लगा। घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन व कॉलोनी के लोग राहुल के घर पहुंच गए। 'व्यवहार में बदलाव, घोर निराशा जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए' ऐसी जघन्य घटना के पीछे केवल कर्ज या गृहक्लेश को ही कारण मानना उचित नहीं होगा। लंबे समय तक बना आर्थिक दबाव, वैवाहिक तनाव, क्रोध पर नियंत्रण की कमी, निराशा और मानसिक अस्थिरता जैसे कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं। परिवारों को व्यवहार में अचानक आने वाले बदलाव, अत्यधिक चिड़चिड़ापन, हिंसक प्रवृत्ति, नींद के पैटर्न में बदलाव और घोर निराशा जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में समय रहते मनोचिकित्सक से परामर्श लिया जाना बेहद जरूरी है। -डॉ. संजय जैन, मनोरोग विशेषज्ञ

जयपुर की हॉट सीटों पर किसका कब्जा? मतदान के बाद भाजपा-कांग्रेस के दिग्गजों की किस्मत EVM में बंद

जयपुर मतदान पूरा होने के साथ ही अब शहर की निगाहें उन 'हॉट सीटों' के नतीजों पर टिक गई है, जहां से दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस के बड़े चेहरे अपनी किस्मत आजमा रहे है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि इन हॉट सीटों पर जीत दर्ज करने वालों में से किसी एक के सिर जयपुर के नए महापौर का ताज सज सकता है। वार्ड 76 भाजपा के पुनीत कर्णावट और कांग्रेस के प्रदीप जैन के बीच टक्कर है। हालांकि, यहां महज 54.85% मतदान दर्ज हुआ है। इस कम मतदान प्रतिशत ने प्रत्याशियों के गणित को उलझा दिया है। वार्ड 43 सांगानेर क्षेत्र के वार्ड 43 में भाजपा के शैलेन्द्र भार्गव और कांग्रेस के आशीष शर्मा के बीच सीधा मुकाबला है। यहां मतदाताओं का रुझान सुस्त रहा और कुल 53.65% ही वोटिंग हो सकी। वार्ड 112 : सबसे हॉट मुकाबला सबसे चर्चित वार्ड 112 में मतदाताओं ने खुलकर मतदान किया है। यहां 67.82% मतदान हुआ है। भाजपा से सुनील कोठारी और कांग्रेस से आशीष शर्मा आमने-सामने हैं। वार्ड 110 पूर्व महापौर और भाजपा की ज्योति खंडेलवाल वार्ड 110 से मैदान में हैं, जहां उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस की सुनीता मेठी से है। इस वार्ड में 64.49% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। वार्ड 135 वार्ड 135 शहर की चर्चित सीटों में से एक है। यहां भाजपा के विमल कुमार अग्रवाल का मुकाबला कांग्रेस के रवि कुमार शर्मा से है। इस सीट पर 71.13% मतदान हुआ है। इन वार्डों में 74 प्रतिशत से अधिक मतदान वार्ड संख्या    विधानसभा    कुल मतदाता    पड़े वोट    मतदान प्रतिशत वार्ड 150    आमेर    8,799    7,365    83.70% वार्ड 148    आमेर    19,234    15,762    81.95% वार्ड 149    आमेर    19,858    15,881    79.97% वार्ड 126    आदर्श नगर    14,572    11,599    79.60% वार्ड 117    आदर्श नगर    19,801    15,743    79.51% वार्ड 1    विद्याधर नगर    13,776    10,811    79.48% वार्ड 146    हवामहल    14,809    11,598    78.32% वार्ड 61    बगरू    13,686    10,617    77.58% वार्ड 51    सांगानेर    17,181    12,891    75.03% वार्ड 128    आदर्श नगर    15,977    11,688    73.16% इन वार्डों में 50 फीसदी भी नहीं पड़े वोट वार्ड संख्या    विधानसभा    कुल मतदाता    पड़े वोट    मतदान प्रतिशत वार्ड 100    सिविल लाइंस    16,607    6,714    40.43% वार्ड 66    बगरू    19,163    9,060    47.28% वार्ड 42    सांगानेर    13,325    6,369    47.80% वार्ड 90    सिविल लाइंस    23,789    11,511    48.40% वार्ड 41    सांगानेर    17,639    8,632    48.94% वार्ड 75    मालवीय नगर    11,821    6,006    50.81% वार्ड 123    आदर्श नगर    11,501    5,921    51.49%

राजस्थान सेट परीक्षा 2026: 7 संभागों के 429 केंद्रों पर 1.77 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

 कोटा  कोटा विश्वविद्यालय की ओर से 13 सितम्बर को सहायक आचार्य के लिए राज्य पात्रता परीक्षा (सेट)-2026 आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा 7 संभाग जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, अजमेर व भरतपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक एक पारी में ऑफलाइन मोड पर होगी। इसमें 37 विषयों में इस वर्ष 1 लाख 77 हजार 901 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए हैं। सात संभागीय मुख्यालयों में कुल 429 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जयपुर में सबसे अधिक 78 हजार तो भरतपुर में सबसे कम 8 हजार से अधिक अभ्यर्थी बैठेंगे। इसके अलावा जोधपुर में 22,609, बीकानेर 22,281, उदयपुर 17,320, कोटा 14839, अजमेर संभाग में 13,753 अभ्यर्थी शामिल होंगे। कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत ने बताया कि परीक्षा का आयोजन यूजीसी-नेट के नवीनतम मानकों के अनुरूप किया जाएगा। परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कोटा विश्वविद्यालय में केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। परीक्षा की सुरक्षा, गोपनीयता और संवेदनशीलता से जुड़े सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने और परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने की अपील की। प्रवेश के लिए ये दस्तावेज जरूरी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश-पत्र की रंगीन प्रति, मूल फोटोयुक्त पहचान-पत्र के रूप में केवल आधार कार्ड तथा ऑनलाइन आवेदन के समय अपलोड की गई फोटो से मेल खाती एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लानी होगी। अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग सुबह 9 से 10 बजे तक होगी। 10 बजे बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा समन्वयक प्रो. घनश्याम शर्मा ने बताया कि प्रवेश-पत्र पर अंकित परीक्षा केंद्र और रोल नंबर के कोड को केवल सांकेतिक न मानते हुए परीक्षा केंद्र की वास्तविक लोकेशन पहले से सुनिश्चित कर लें। इसके लिए परीक्षा से एक दिन पूर्व केंद्र पर जाकर स्थान की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की परेशानी न हो। मोबाइल, स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित 1- परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, पुस्तक, नोट्स आदि ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 2- अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के हल्के रंग के कपड़े तथा कम हील वाली चप्पल या सैंडल पहनकर आने की सलाह दी गई है। 3- धार्मिक, पारंपरिक अथवा सांस्कृतिक पोशाक में आने वाले अभ्यर्थियों की सुरक्षा जांच के दौरान विशेष रूप से तलाशी ली जाएगी। अभ्यर्थी अपने साथ केवल काले या नीले बॉल पेन लेकर आएं। 4- ओएमआर शीट पर व्हाइटनर, ब्लेड अथवा किसी अन्य वस्तु का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। 5- अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने वाले अभ्यर्थियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।