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खाटूश्यामजी मंदिर के पास बवाल, श्रद्धालुओं के साथ पुलिस की झड़प

राजस्थान राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी एक बार फिर हिंसा और अव्यवस्था की खबरों के चलते सुर्खियों में है। ताजा मामला सीकर जिले के रींगस स्थित खाटूश्याम मंदिर का है, जहां श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच हुई झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में लाठी-डंडों से की गई मारपीट और भगदड़ के दृश्य सामने आए हैं, जो मंदिर की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। वायरल वीडियो में दिखी बर्बरता वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह भीड़ के बीच युवकों और दुकानदारों ने एक-दूसरे पर लाठियां बरसाईं। महिलाएं चीखती-चिल्लाती रहीं लेकिन बर्बरता नहीं रुकी। लाठी-डंडे हवा में लहरते रहे और जो भी सामने आया, उसे पीटा गया। कुछ लोगों के सिर फूटने और चोटिल होने की भी बात सामने आई है। मारपीट इतनी भीषण थी कि श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से FIR दर्ज नहीं हुई है। स्थानीय पुलिस ने सिर्फ यह बताया कि मामले की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है। लेकिन एक के बाद एक ऐसी घटनाओं का सामने आना यह दर्शाता है कि मंदिर प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह विफल नजर आ रहे हैं। कुछ दिन पहले भी हुआ था बड़ा अपराध यह पहली बार नहीं है जब खाटूश्याम मंदिर की व्यवस्था सवालों के घेरे में आई हो। कुछ दिन पहले चिड़ावा निवासी भगवती प्रसाद सोनी की लाखों रुपये की चोरी भी इसी परिसर में हुई थी। वे अपने परिवार के साथ शादी की 50वीं सालगिरह मनाने आए थे, लेकिन इसी दौरान ढाई लाख नकद और 25 ग्राम सोना अज्ञात युवकों ने उनके बैग से उड़ा लिया। सीसीटीवी फुटेज में घटना की कुछ झलकियां कैद होने के बावजूद अब तक आरोपियों का सुराग नहीं मिला। क्राइम के केंद्र में धार्मिक स्थल? पिछले कुछ महीनों में खाटूश्यामजी मंदिर परिसर अपराध और अव्यवस्था का नया गढ़ बनता जा रहा है। जहां एक ओर लाखों श्रद्धालु भगवान श्याम के दर्शन के लिए आते हैं, वहीं दूसरी ओर जेबकतरे, झगड़े, चोरी और हिंसा जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। प्रशासन की लापरवाही, मंदिर ट्रस्ट की निष्क्रियता और पुलिस की सुस्त कार्यशैली इस पवित्र स्थल को अपराधियों के लिए सुरक्षित जगह बना रही है। अब क्या? इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि मंदिर जैसी आस्था की जगह पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं आखिर क्यों हो रही हैं? क्या यह सिर्फ आपसी विवाद है या फिर इसके पीछे संगठित अपराध या दबंगई का एंगल भी हो सकता है? यह जानना और जांचना पुलिस के लिए जरूरी है। अगर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं। आस्था के केंद्र को अपराध का अड्डा बनने से रोकना होगा – नहीं तो न भगवान बचाएंगे, न कानून।  

नरेश मीणा को हाईकोर्ट से राहत, रिहाई का रास्ता साफ

जयपुर देवली-उनियारा आगजनी प्रकरण में लंबे समय से जेल में बंद नरेश मीणा को आखिरकार राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश प्रवीण भटनागर ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए नरेश मीणा की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इससे पहले, इसी प्रकरण से जुड़े थप्पड़कांड मामले में भी मीणा को जमानत मिल चुकी है। नरेश मीणा पिछले करीब आठ महीनों से न्यायिक हिरासत में थे। उन्हें 13 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वे जेल में बंद थे। अब कोर्ट के फैसले के बाद नरेश मीणा की सोमवार को टोंक जिला जेल से रिहाई संभावित है। मीणा के संघर्ष के साथी सरपंच मुकेश मीणा ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि नरेश मीणा को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है और सोमवार को वे रिहा होंगे। जेल से बाहर आने के बाद नरेश सबसे पहले समरावता गांव आएंगे, जहां समर्थक उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वे अपने गृह जिले बारां जाएंगे। नरेश मीणा की रिहाई को उनके समर्थक एक 'संघर्ष की जीत' के रूप में देख रहे हैं और कई जगहों पर उनके स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मामले में अगली कानूनी प्रक्रिया क्या दिशा लेगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।  

जिला कलेक्टर ने किया स्टेडियम व स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का बारीकी से निरीक्षण

कोटा कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम, जेके पवेलियन एवं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने खेल मैदानों, विभिन्न खेलों की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक निर्देश प्रदान किए। जिला कलेक्टर ने खेल मैदानों, बैडमिंटन कोर्ट, कुश्ती,कराटे,बॉक्सिंग रिंग, एरोबिक्स, जिम आदि का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। इन गतिविधियों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या की जानकारी ली और निर्देश दिए कि खेलों में रुचि रखने वाले आधिकाधिक लोगों को जोड़ा जाए ताकि उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों का पूरा लाभ मिल सके। जिला कलेक्टर ने महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम का भी निरीक्षण किया और इसके रखरखाव के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर समारिया ने विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों से भी मुलाकात कर परिचय प्राप्त किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर खेल संकुल के विकास एवं उन्नयन की प्रस्तावित योजना की प्रगति के संबंध में उन्होंने कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से जानकारी ली। अधिशासी अभियंता सुमित चित्तौड़ा ने बताया कि अपग्रेडेशन कार्य की डीपीआर तैयार करने हेतु आवश्यक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इस योजना का प्रेजेंटेशन तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। जिला खेल अधिकारी वाई वी सिंह ने खेलों की व्यवस्थाओं के संबंध में जिला कलेक्टर को जानकारी दी। विभिन्न खेल गतिविधियों से अवगत कराया। महिला फुटबॉल अकादमी की प्रभारी मधु चौहान ने अकादमी के संबंध में जानकारी दी और समस्याओं से अवगत कराया।  

सोशल मीडिया और चैटिंग ऐप्स पर लड़कियों के नाम से आईडी बनाकर युवतियों को ब्लैकमेल करने वाला आरोपी गिरफ्तार

सीकर सीकर पुलिस ने ब्लैकमेल करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी शमीम सोशल मीडिया पर युवतियों से दोस्ती कर उन्हें ब्लैकमेल करता था। आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया और चैटिंग ऐप्स पर लड़कियों के नाम से आईडी बनाकर युवतियों से दोस्ती करता था और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठता था। कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग आईडी बनाकर युवतियों को झांसे में लेता था। दोस्ती होने के बाद वह चैट, वॉयस कॉल और वीडियो कॉल को रिकॉर्ड कर लेता था। इन्हीं रिकॉर्डिंग, युवतियों की तस्वीरों और नंबरों का इस्तेमाल कर उनसे पैसे वसूल करता था। गिरफ्तार आरोपी शमीम के मोबाइल से कई संदिग्ध चैट भी मिली हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। लड़की को ऐसे पता चली सच्चाई हाल ही में 9 जुलाई को लोसल पुलिस थाने में एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी उसे पिछले 2 साल से परेशान कर रहा है। पीड़िता ने बताया कि वह एक ऐप का इस्तेमाल करती थी, जहां आरोपी शमीम ने खुद को लड़की बताकर उससे दोस्ती की। बाद में उसने उसका फोन नंबर हासिल कर लिया और उसके फोन से तस्वीरें व अन्य नंबर हैक कर लिए। इसके बाद आरोपी ने रोहन नाम से लड़के की आईडी बनाकर बताया कि वह ही लड़की के रूप में उससे बात कर रहा था। अगर वह उससे बात नहीं करेगी तो वह उसके घर फोन करके बता देगा कि वह एक ऐप चलाती है और लड़कों से बात करती है। वीडियो कॉल की धमकी, फिर पैसे की मांग करने लगा आरोपी आरोपी की धमकी के बाद युवती डर गई और युवक से बात करने लगी। इसके बाद आरोपी ने उसे वीडियो कॉल करने के लिए मजबूर किया और मना करने पर उसके पति को फोन कर दिया। जब पीड़िता ने फिर मना किया तो उसने पैसे की मांग की और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी शमीम को गिरफ्तार कर लिया है।  

खड़े डंपर में घुसी कार, तीन की मौत, 7 घायल

बालोतरा नागौर-लाडनूं सड़क पर गुरुवार रात को दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। चूरू जिले के सुजानगढ़ सदर थाना क्षेत्र में मगरासर फांटा के समीप एक कार सड़क किनारे खड़े डंपर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार चार मासूम बच्चों समेत कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही सुजानगढ़ सदर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस के अनुसार हादसा गुरुवार रात करीब आठ बजे का है। हादसे में मृतक पचपदरा (जिला बालोतरा) के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं, जो खाटू श्यामजी के दर्शन कर वापस अपने घर लौट रहे थे। मगरासर फांटा के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़े डम्पर से भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें बैठे लोग बुरी तरह फंस गए। हादसे में पचपदरा निवासी महावीर (25) पुत्र अजाराम माली, सुरेश (35) पुत्र बाबूलाल माली तथा सुरेश माली की पत्नी उषा (32) की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने तीनों के शवों को कानुता के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। वहीं हादसे में घायल हुए सात अन्य लोगों को तुरंत कानुता अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर देखते हुए नागौर के जेएलएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। जेएलएन अस्पताल चौकी पुलिस के अनुसार हादसे में घायल हुए लोगों में हिमांशी (11) पुत्री सुरेश माली, धापू (23), अनुष्का (13) पुत्री सुरेश माली, रिंकू पुत्री किशनाराम, लक्षित (2) पुत्र महावीर माली, दिवांशु (9) पुत्र सुरेश माली तथा रवीना (18) शामिल हैं। इनमें से कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें देर रात हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। इधर, हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क किनारे खड़े डम्पर पर रिफ्लेक्टर या कोई चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे, जिस वजह से हादसा हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसी गाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जो सड़कों पर जानलेवा तरीके से खड़ी रहती हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया है। खाटू श्यामजी जैसे आस्था के तीर्थ से लौट रहे परिवार की यह दुर्घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

सातवें आसमान से जमीं पर आया दर्द, लोकेंद्र की खुशियां क्रैश में हो गईं राख

चुरू राजस्थान के चुरू में बुधवार को क्रैश हुए जगुआर लड़ाकू विमान में सवार देश के दो बहादुर पायलट की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें से एक स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिद्धू की खुशियां इन दिनों सातवें आसमान पर थी। क्योंकि पिछले महीने ही वह पिता बने थे। नवजात बच्चे के साथ खुशियों के पल बिताकर वह 30 जून को ही वह दोबारा ड्यूटी पर लौटे थे। 32 साल के एयरफोर्स के पायलट हरियाणा के रोहत जिले में खेरी साध गांव के रहने वाले थे। पेशे से डॉक्टर उनकी पत्नी सुरभि सिंधु ने हिसार स्थित अपने मायके में 10 जून को बेटे को जन्म दिया। बुधवार को जब दुघद हादसे की खबर आई सुरभि मायके में ही थीं। रोहतक के देव कॉलोनी में रहने वाले परिवार के मुताबिक पायलट लोकेंद्र ने 30 जून को ही ड्यूटी जॉइन की थी। लोकेंद्र के पिता जोगिंदर सिंह महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से 2023 में सुपरिंटेंडेंट के पद से रिटायर हुए थे, जबकि मां स्कूल टीचर हैं। बड़े भाई एक एमएनसी में जॉब करते हैं। लोकेंद्र की बहन अंशी ने भी एयरफोर्स हाल ही में शॉर्ट सर्विस कमिशन के रूप में कार्यकाल पूरा किया है, उनके पति भी विंग कमांडर हैं। आखिरी मिशन से पहले पिता से की थी बात भाई ज्ञानेंद्र ने बताया कि लोकेंद्र ने जगुआर विमान से अपनी आखिरी उड़ान से पहले पिता से बात की थी। उन्होंने परिवार के वॉट्सऐप ग्रुप में बेटे की तस्वीर भी शेयर की थी। जोगिंद्र सिंधू कहते हैं कि उनका बेटा बचपन से ही बहुत अच्छा स्टूडेंट था। वह हमेशा से एयरफोर्स का पायलट बनकर आसमान छूना चाहता था। परिवार को उस पर गर्व है। उन्होंने कहा, 'लोकेंद्र ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और 2011 में एयरफोर्स में शामिल हुए थे। राजस्थान के सूरतगढ़ में उनकी मौजूदा पोस्टिंग थी।' राजस्थान केऋषि की भी गई जान बुधवार दोपहर चुरू में क्रैश हुए जगुआर विमान में लोकेंद्र के अलावा फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषि राज सिंह भी थे, जो राजस्थान के पाली के रहने वाले थे। उनकी भी इस हादसे में जान चली गई। इस साल मार्च से अब तक यह तीसरा जगुआर विमान हादसा है। एयर फोर्स ने हादसे का कारण पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया है।  

चूरू: जगुआर फाइटर जेट क्रैश में दोनों पायलट शहीद, जांच के आदेश जारी

चूरू राजस्थान के चूरू ज़िले में इंडियन एयरफोर्स का जगुआर ट्रेनर विमान ट्रेनिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई. इस घटना को लेकर भारतीय वायुसेना ने गहरा दुख जताया है. साथ ही हादसे की वजह का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (आंतरिक जांच) के आदेश दे दिए गए हैं. ये जांच इस बात की विस्तृत समीक्षा करेगी कि विमान दुर्घटनाग्रस्त कैसे हुआ. भारतीय वायुसेना ने X पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि वह इस कठिन समय में शोकाकुल परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है. वायुसेना ने कहा कि हम बहादुर पायलटों की शहादत को सलाम करते हैं और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं. जोरदार धमाके के बाद उठी आग की लपटें प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लेन का मलबा एक खेत में मिला है, साथ ही मानव अंग भी बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिले हैं. हादसे के तुरंत बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि एक जोरदार धमाका सुनाई दिया, इसके बाद धुआं और आग की लपटें उठती देखीं. ग्रामीणों ने खेतों में लगी आग को बुझाने की कोशिश भी की. दोपहर 1:25 बजे हुआ हादसा स्थानीय पुलिस अधिकारी कमलेश ने बताया कि विमान दोपहर करीब 1:25 बजे गिरा. हादसे के बाद जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं. साथ ही सेना की राहत और जांच टीम के भी जल्द ही घटनास्थल पर पहुंचने की उम्मीद है. वहीं, भारतीय वायुसेना ने कहा कि हादसे के वक्त विमान ट्रेनिंग पर था.  भारतीय वायुसेना ने दी ये जानकारी भारतीय वायुसेना ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक यह दुर्घटना उस समय हुई जब लड़ाकू विमान प्रशिक्षण उड़ान पर था। इस दुर्घटना में दोनों पायलटों को गंभीर चोटें आईं। किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। वायुसेना इस दुखद घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करती है और इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की गई है। हादसे के बाद कैसा था मंजर राजस्थान में वायुसेना के कई अड्डे हैं, जिनमें जोधपुर और बीकानेर में प्रमुख प्रतिष्ठान हैं। घटना के तुरंत बाद इलाके में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि आसमान से तेज़ आवाज़ सुनाई दी, जिसके बाद खेतों से आग और धुआं उठता दिखाई दिया। स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि दुर्घटना के कारण आस-पास के खेतों में आग लग गई, जिसे उन्होंने खुद बुझाने की कोशिश की। पुलिस अधिकारी ने कही ये बात जिला कलेक्टर अभिषेक सुराना और पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचे। सेना का एक बचाव दल भी घटनास्थल पर पहुंच गया है। दुर्घटना के सही कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। सेना अपनी प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद आधिकारिक बयान जारी करेगी। स्थानीय पुलिस अधिकारी राजलदेसर कमलेश ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि विमान दोपहर करीब 1.25 बजे भनोदा गांव के एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। उन्होंने बताया कि दुर्घटनास्थल के पास मानव शरीर के अंग मिले हैं। प्लेन क्रैश होने के बाद क्या होता है     बता दें कि किसी भी प्लेन क्रैश के बाद सबसे पहले इमरजेंसी सर्विस को एक्टिव कर दिया जाता है।           उस एरिया को पुलिस सील कर देती है और किसी को भी उस जगह पर जाने की इजाजत नहीं होती है। कोई भी घटनास्थल तक नहीं जा सकता है।            इसके बाद एजेंसियां विमान हादसे की जांच करती हैं और मलबे का निरीक्षण करती हैं।            इसके बाद फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर जैसे उपकरणों की खोज की जाती है, जिससे कि यह पता लगाने की कोशिश की जा सके कि विमान क्यों क्रैश हुआ था। क्रैश हुए विमान के मलबे का क्या होता है ?      विमान हादसे के बाद उसका मलबा दूर तक जाकर गिरता है।            अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में प्लेन क्रैश होकर बिल्डिंग पर जा गिरा था और उसका आधा हिस्सा बिल्डिंग पर था और बाकी का हिस्सा जमीन पर गिरा था।           मलबे में से ब्लैकबॉक्स खोजने की कोशिश की जाती है।           सबसे पहले तो मलबे का इस्तेमाल जांच में किया जाता है, लेकिन उसके बाद उसे ऐसे ही नहीं छोड़ दिया जाता है।            जो भी एजेंसियां उस विमान दुर्घटना की जांच करती हैं, वे मलबे में जो पुर्जे काम के होते हैं, उनको खोलकर अलग कर लेती हैं।           इसके बाद लैब में उनकी जांच की जाती है, जिससे कि यह देखा जा सके कि वे दोबारा इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं या नहीं।           जो भी काम का मलबा नहीं होता है, उसको नीलाम कर दिया जाता है।   5 महीने में तीसरा हादसा बता दें कि पिछले 5 महीने में तीसरी बार जगुआर प्लेन दुर्घटना का शिकार हुआ है. इससे पहले 7 मार्च को अंबाला में और 2 अप्रैल को गुजरात के जामनगर में जगुआर ट्रेनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. अंबाला में पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा था, लेकिन जामनगर हादसे में एक पायलट की मौत हो गई थी. सीएम भजनलाल ने जताया दुख राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी हादसे पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि चूरू जिले के रतनगढ़ क्षेत्र में भारतीय वायुसेना के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ. घटना के तुरंत बाद से प्रशासन अलर्ट मोड पर है और राहत-बचाव कार्य के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति दें.

मुख्यमंत्री भजनलाल बोले – अंतिम पायदान के व्यक्ति के सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से समर्पित

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के हर व्यक्ति-हर परिवार को सशक्त और समृद्ध बनाते हुए उनकी सेवा करना हमारी सरकार का सर्वोच्च ध्येय है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा इसी दिशा में हमारा एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूरे समर्पण और निष्ठा से काम कर रही है। शर्मा मंगलवार को बीकानेर में श्रीडूंगरगढ़ के गुसांईसर बड़ा गांव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल शिविर के अंतर्गत आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान से ही देश-प्रदेश का समग्र विकास संभव है। उनकी इस भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने वंचितों को वरीयता देते हुए अपनी नीति एवं कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा इसी रूपरेखा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिविर में हो रहे तत्परता से कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में 24 जून से 9 जुलाई तक चलने वाले इस पखवाड़े के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में किसान, युवा, महिला एवं मजदूर सहित सभी वर्गाें को लाभान्वित किया जा रहा है। इन शिविरों में नामांतरण, बंटवारे, रास्ते के प्रकरण, पशु टीकाकरण, पानी टंकियों की सफाई, लीकेज मरम्मत, बिजली के झूलते तारों का दुरूस्तीकरण जैसे कई जरूरत के काम तत्परता से किए जा रहे हैं। जिनसे आमजन को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं। महिलाओं-युवाओं के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार श्री शर्मा ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य की डबल इंजन की सरकार प्रदेश में हर वर्ग और हर क्षेत्र का विकास तेजी से कर रही है। महिला कल्याण को प्रमुख प्राथमिकता देते हुए नीतियों एवं योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ो प्रोत्साहन योजना, मेधावी छात्राओं को साइकिल वितरण, कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना आदि के माध्यम से महिलाओं को सशक्त किया जा रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि युवाओं के रोजगार के सपने को पूरा करने के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्पित है। हमने डेढ़ वर्ष के अल्प कार्यकाल में 69 हजार पदों पर नियुक्तियां दी है और लगभग 1 लाख 88 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में पेपरलीक का एक भी प्रकरण सामने नहीं आया है।   किसानों के कल्याण के लिए उठाए महत्वपूर्ण कदम मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए गोपाल क्रेडिट कार्ड और किसान सम्मान निधि जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाया। साथ ही, किसानों की मांग के अनुरूप मूंगफली की खरीद के लिए निर्धारित समय को भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए हम रामजल सेतु लिंक परियोजना (ईआरसीपी) और यमुना जल समझौता पर तेजी से कार्य कर रहे हैं। साथ ही, हमने इंदिरा गांधी और गंगनहर परियोजना के विकास कार्य के लिए भी 4 हजार करोड़ रुपये दिए हैं। वहीं, हम किसानों को वर्ष 2027 तक दिन के समय में बिजली उपलब्ध कराने के लिए दृढ़संकल्पित हैं। जरूरतमंद का हो रहा आर्थिक सशक्तिकरण श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पंडित दीनदयाल गरीबी मुक्त गांव योजना की पहल की है जिसके माध्यम से ग्रामीण परिवारों को बीपीएल श्रेणी से बाहर निकाला जाएगा। इसके अंतर्गत पांच हजार गांवों को बीपीएल मुक्त किया जा रहा है। वहीं, 10 हजार गांवों में बीपीएल परिवारों का सर्वे और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में लाभान्वितों का दायरा बढ़ाते हुए 51 लाख पात्र परिवारों को जोड़ा है। हमारी सरकार बनाएगी श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर के निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने बिना बजट के ट्रोमा सेंटर की घोषणा की थी। श्री शर्मा ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते और उन्होंने सिंधु जल समझौते को निरस्त कर कड़ा संदेश दिया। समारोह में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी, ताराचंद सारस्वत, विश्वनाथ मेघवाल, अंशुमान सिंह भाटी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता स्व. दाऊलाल वैष्णव की अंत्येष्टि में हुए शामिल

जयपुर,  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को जोधपुर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता स्व. दाऊलाल वैष्णव की अंत्येष्टि में शामिल हुए और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने जोधपुर में मोक्षधाम पहुंच कर स्व. दाऊलाल वैष्णव की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन किए और पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने और इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की। स्व. दाऊलाल वैष्णव की अंतिम यात्रा में पाली सांसद  पीपी चौधरी, राज्यसभा सांसद  राजेंद्र गहलोत, जालौर-सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी, विधानसभा के मुख्य सचेतक  जोगेश्वर गर्ग, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक अतुल भंसाली, भैराराम सियोल सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्यजन और बड़ी संख्या में आमजन भी शामिल हुए।

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाड़ा शिविर में बना वरदान

जयपुर राज्य सरकार द्वारा आयोजित पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाड़ा- 2025  के अन्तर्गत ग्राम पंचायत पँवालिया के ग्राम जयसिंहपुरा उर्फ रूपवास में मंगलवार दिनांक 08.07.2025 को आयोजित शिविर में 73 बीघा कृषि भूमि को लेकर ग्रामवासी गोपाल, दयाल व हरजीराम वगैरह में लगभग 55-60 वर्षो से पारिवारिक विवाद चल रहा था, जिसे लेकर उक्त सभी कृषक अभियान में उपखण्ड अधिकारी सांगानेर हिम्मतसिंह के समक्ष प्रस्तुत हुए। मौके पर उपखण्ड अधिकारी तथा सरपंच पँवालिया रामराज चौधरी, भू.अ.निरीक्षक विशाल सिंहल तथा पटवारी हल्का राहुल गंगावत के प्रयास स्वरूप उक्त भूमि के विभाजन के लिए सहमति बनी। सभी खातेदार सहमत हुए, जिसमे मौके पर ही सहमति विभाजन स्वीकृत कर राजस्व रिवार्ड में अमलदरामद किया गया। इस अवसर पर समस्त खातेदारों द्वारा वर्षों पुराने विवाद के निस्तारण पर प्रशासन व पंचायत को धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाड़ा- 2025 आयोजित करने पर सभी परिवादियों ने हृदय से आभार व्यक्त किया।